Tuesday, June 30, 2026
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NATIONAL : LOC पर प्राणों की आहुति देने वाले अग्निवीर मुरली नाइक को दी गई श्रद्धांजलि

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भारत-पाक तनाव के बीच सीमा पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले अग्निवीर मुरली नाइक का पार्थिव शरीर उनके गृहनगर आंध्र प्रदेश के गोरंटला मंडल पहुंचा. इस दौरान उनके कल्लिथंडा गांव में शोक की लहर दौड़ गई.

भारत-पाक तनाव के बीच सीमा पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले अग्निवीर मुरली नाइक का पार्थिव शरीर उनके गृहनगर आंध्र प्रदेश के गोरंटला मंडल पहुंचा. इस दौरान उनके कल्लिथंडा गांव में शोक की लहर दौड़ गई. देश के लिए युवा सैनिक के सर्वोच्च बलिदान पर नेताओं, अधिकारियों और नागरिकों ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी.

शिक्षा और आईटी मंत्री नारा लोकेश ने अग्निवीर मुरली नाइक के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. मंत्री ने शहीद जवान के शोकाकुल माता-पिता से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, उन्हें सांत्वना दी और आश्वासन दिया कि सरकार इस दुखद समय में उनके साथ खड़ी रहेगी.

परिवार से बात करते हुए मंत्री लोकेश ने उनसे दृढ़ रहने का आग्रह किया और इस बात पर जोर दिया कि मुरली नाइक के बलिदान को हमेशा गर्व और सम्मान के साथ याद किया जाएगा. उन्होंने कहा, “राज्य मुरली नाइक की बहादुरी के सम्मान में नतमस्तक है. राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा.”

इस दौरान मंत्री के साथ कई गणमान्य व्यक्ति भी थे, जिन्होंने शहीद नायक को अंतिम श्रद्धांजलि दी. इनमें उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, मंत्री अनगनी सत्य प्रसाद, वंगालापुडी अनिता और सविता, सांसद बी.के. पार्थसारथी, पूर्व मंत्री पल्ले रघुनाथ रेड्डी और कलावा श्रीनिवासुलु, विधायक पल्ले सिंधुरा रेड्डी, एम.एस. राजू और जे.सी. प्रभाकर रेड्डी के साथ-साथ कई अन्य जनप्रतिनिधि शामिल थे. आंध्र प्रदेश सरकार ने पुष्टि की है कि अग्निवीर मुरली नाइक का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा.

UP : कासगंज में तेज रफ्तार कैंटर ने स्कूटी सवार मामा-भांजे को मारी टक्कर, तीनों की मौके पर ही मौत

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उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में दर्दनाक सड़क हादसे में मामा और 2 भांजे की मौत हो गई. तेज रफ्तार कैंटर ने पीछे से इनकी स्कूटी पर टक्कर मार दी, जिसके बाद तीनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई.

उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई. घटना बीती रात करीब 12 बजे की है. रामजीत अपने दो भांजो रवेन्द्र और गौरव के साथ स्कूटी नंबर 8857 पर अलीगढ़ से वापस अपने गांव गंगा गढ़ लौट रहे थे. तभी वो सोरों गेट तिराहे पर रुके हुए थे और आपस में बातचीत कर रहे थे. इसी दौरान कैंटर नंबर UP25 ET 2847 ने तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए उन्हें पीछे से टक्कर मार दी.

ये सड़क हादसा कोतवाली कासगंज क्षेत्र के सोरों गेट तिराहे पर हुआ है. मृतकों में रामजीत और उनके दो भांजे रवेन्द्र और गौरव शामिल हैं. वहीं घटना के बाद पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है. पुलिस के मुताबिक टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई. हादसे में स्कूटी भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई.

वहीं पुलिस ने कैंटर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कैंटर को अपने कब्जे में लिया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है. इस दर्दनाक सड़क हादसे में मारने वालों में 50 वर्षीय मामा रामजीत कासगंज जिले के गांव गंगागड़ का रहने वाला था, जो दिल्ली में रहकर मजदूरी का काम करता था और गांव में रामजीत के परिवार में उसकी पत्नी संगीता और पुत्री सलोनी, पुत्र वीनेश और अरुण हरिओम रहते हैं.

रामजीत की बेटी की गांव में तबियत खराब थी, अपनी बेटी को देखने रामजीत दिल्ली से गंगागड़ गांव जा रहा था और इसी दौरान रामजीत के दो भांजे रवेन्द्र और गौरव स्कूटी से अलीगढ़ से कासगंज आ रहे थे. तभी इसी दौरान सड़क हादसा हो गया, जिसमें रामजीत और उसके दो भांजे की मौत हो गई.

 

NATIONAL : तो इसलिए पीएम मोदी ने नहीं किया सीजफायर का पोस्ट? एकनाथ शिंदे ने बताया- ‘पाकिस्तान कुत्ते की दुम की तरह…’

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एकनाथ शिंदे ने दावा किया कि पीएम मोदी पहले से जानते थे पाकिस्तान बेईमानी करेगा, इसलिए अमेरिका के पोस्ट के बावजूद उन्होंने खुद सीजफायर का पोस्ट नहीं किया.

भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर पर सहमति बनने के बावजूद पड़ोसी मुल्क अपनी ना-पाक हरकतों से बाज नहीं आया और कुछ ही घंटों बाद संघर्ष विराम का उल्लंघन कर दिया. इसपर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और शिवसेना प्रमुख का बड़ा बयान आया है. उन्होंने कहा, ”पाकिस्तान कुत्ते की दुम की तरह टेढ़ा है. अगर वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो उसकी दुम काटने का काम राष्ट्रभक्त नरेंद्र मोदी करेंगे.”

एकनाथ शिदे ने कहा, ”सीजफायर की पहल भी पाकिस्ता के DGMO ने की थी. उन्होंने भारत के DGMO से बात की थी. दोनों देशों की सहमति के बाद सीजफायर लागू हुआ था. भारत जो कमिटमेंट करता है, उसे हमेशा पूरा करता है लेकिन पाकिस्तान बेईमानी करता है. इससे पहले ही भी वह कई बार शस्त्र संधि का उल्लंघन कर चुका है.”

एकनाथ शिंदे ने आगे कहा, ”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शस्त्र संधि के जरिए पाकिस्तान को सुधरने का एक मौका दिया था, लेकिन मुझे नहीं लगता वो सुधरेंगे. उन्होंने रात को हमारे देशवासियों पर अटैक करने की जो हरकत की है, उसका मुंहतोड़ जवाब हमारी सेना ने दिया है. भारतीय सेना पूरी तरह तैयार है.”

एकनाथ शिंदे ने दावा किया, ”पीएम को पता भी था कि पाकिस्तान ऐसी हरकतें करेगा. पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता, इसलिए अमेरिका और पाकिस्तान के पोस्ट करने के बावजूद पीएम मोदी ने सीजफायर के ऐलान का सोशल मीडिया पोस्ट नहीं किया. बार-बार ऐसी हरकतें करते रहने के बाद पाकिस्तान को एक सबक सिखाएंगे. भारत और भारतीय सेना इतनी ताकतवर है कि पाकिस्तान को रात में ही मुंहतोड़ जवाब दे दिया गया.”

डिप्टी सीएम ने कहा, “पाकिस्तान यह जानता है कि भारत से लड़ना आसान नहीं है. भारत से लड़ेंगे तो हारेंगे भी और हमारा नाम-ओ-निशान भी मिट जाएगा. हालांकि, जैसे कुत्ते की दुम कभी सीधी नहीं हो सकती, हमेशा टेढ़ी रहती है, पाकिस्तान ऐसा ही है. उस दुम को काटना ही पड़ता है और पाकिस्तान अगर नहीं सुधरा तो दुम काटने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. नमकहरामी और बेईमानी करने वाले पाकिस्तान को करारा जवाब देंगे.”

 

NATIONAL : ‘जिम्मेदारियां निभाना मैंने आपसे सीखा है’, मदर्स डे पर राबड़ी देवी की बेटी ने किया भावुक पोस्ट

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Mother’s Day 2025: मदर्स डे पर लालू यादव की बेटी ने मार्मिक पोस्ट शेयर किया है. रोहिणी आचार्य ने मां राबड़ी देवी के योगदान को याद किया. उन्होंने लिखा कि जिम्मेदारियों को निभाना आपसे सीखा है.

मई महीने के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है. भारत समेत दुनिया भर में 11 मई रविवार को धूमधाम से मदर्स डे मनाया जा रहा है. आज का दिन मां के नाम समर्पित होता है. विशेष मौके पर बच्चे मां के प्रति आभार प्रकट करते हैं. मां के प्यार, बलिदान और तपस्या को याद किया जाता है. आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) की बेटी रोहिणी आचार्य (Rohini Acharya) ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए मदर्स डे को सेलिब्रेट किया है. उन्होंने मां राबड़ी देवी के साथ एक्स पर फोटो शेयर करते भावुक पोस्ट लिखा.

रोहिणी आचार्य ने कहा, “मां.. मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती कि आप हमारे लिए क्या हैं. मैं बस इतना कह सकती हूं कि जिम्मेदारियों को निभाना मैंने आपसे ही सीखा है, आप हमारे परिवार का दिल और हमारी आत्मा हैं.” हैप्पी मदर्स डे! बता दें कि रोहिणी आचार्य की मां राबड़ी देवी बिहार की मुख्यमंत्री रही हैं. आज का दिन मां को याद कर स्पेशल बनाया जा रहा है.

माँ .. मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती कि आप हमारे लिए क्या हैं , मैं बस इतना कह सकती हूँ कि ” जिम्मेदारियों को निभाना मैंने आपसे ही सीखा है, आप हमारे परिवार का दिल और हमारी आत्मा हैं ” ..

लालू यादव की बेटी ने मां को किया याद

बच्चे ममता के आंचल में पल बढ़कर जवान होते हैं. मां बच्चों की खुशियों पर जिंदगी न्योछावर करने को तैयार रहती है. बच्चों की सफलता में मां की खुशियां छिपी होती हैं. बच्चों के जीवन में मां का योगदान अमूल्य होता है. आज मां के लिए बच्चे प्यार, आभार और सम्मान प्रकट कर रहे हैं.

चिराग पासवान ने मदर्स डे की दी बधाई

लोजपा प्रमुख चिराग पासवान ने भी मदर्स डे की बधाई दी है. आप भी मदर्स डे को खास बना सकते हैं. बिजी लाइफ में मां के साथ समय बिताकर आज का दिन खास बनाएं. समय मिलने पर मां को घूमाने ले जाएं या गिफ्ट के जरिए भी आज का दिन खास बना सकते हैं. रोहिणी आचार्य की तरफ मां की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर कर मदर्स डे की बधाई भी दी जा सकती है.

 

Mother’s Day Special: ‘मां का आशीर्वाद सुपरपावर है’, अर्जुन बिजलानी से लेकर देवोलीना भट्टाचार्जी तक, मदर्स डे पर टीवी सेलेब्स ने किया रिएक्ट

मदर्स डे पर हर कोई अपनी मां के लिए स्पेशल चीजें प्लान करता है. अपनी मांओं को खास महसूस करवाता है. टीवी सेलेब्स ने भी मदर्स डे को लेकर रिएक्ट किया है. उन्होंने मां को सुपरपावर कहा.

मदर्स डे पर अर्जुन बिजलानी ने कहा, ‘ऐसा कोई एक दिन नहीं होता है जब आप अपनी मां को थैंक्यू बोलो. मांओं को डेली थैंक्यू बोलना चाहिए. उनके प्यार, त्याग और ताकत हर दिन आभार डिजर्व करता है. आप जिंदगी में कुछ भी अचीव कर लें, कितना भी दूर चले जाएं आप तब तक सच्चे दिल से खुश नहीं हो सकते हैं जब तक आपके सिर पर मां का हाथ न हो. वो आशीर्वाद, वो टच आपको ताकत देता है. मेरी मां मेरी सबसे बड़ी ताकत है. मेरे पिता के निधन के बाद उन्होंने मुझे हर मुश्किल से लड़ते हुए पाला है. उन्होंने कभी भी मुझे पिता की कमी नहीं महसूस होने दी. उनका आशीर्वाद मेरे लिए सुपरपावर है.’

एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी अब मदरहुड एंजॉय कर रही हैं. वो एक बेटे की मां हैं. उन्होंने बेटे संग पहले मदर्स डे पर रिएक्ट किया. देवोलीना ने कहा, ‘मां के तौर पर पहले मदर्स डे की एक्साइटमेंट बहुत यूनिक है. ये दिन मेरे लिए और मेरे भाई के लिए हमेशा स्पेशल रहेगा. हम हमारी मां के लिए बहुत कुछ प्लान करते थे. आज भी करते हैं. लेकिन अब जब मैं आज के दिन में अपने बच्चे के बारे में सोचती हूं तो सच में ये अमेजिंग है. जब से आप प्रेग्नेंट होते हैं तब से आप मदरहुड शुरू हो जाता है. मेरी मां के दिल में मेरी खास जगह है. मैं आज जो भी हूं उन्हीं की वजह से हूं. उनके प्यार को समझने के लिए मुझे मां बनने की जरुरत नहीं है. उनकी बेटी होना काफी है.’

श्रीमद रामायण एक्टर सुजय रेऊ ने कहा, ‘मां के साथ मेरा जो बॉन्ड है वो शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है. उन्होंने मुझे और मेरे भाई को जो परवरिश दी है उसके लिए मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं.’

ENTERTAINMENT : ऑपरेशन सिंदूर फ‍िल्म पर बोले प्रोड्यूसर वाशु भगनानी- हमारा इससे कोई लेना देना नहीं, फ‍िर कौन बना रहा?

डायरेक्टर उत्तम माहेश्वरी और नितिन कुमार गुप्ता ने प्रोड्यूसर निक्की भगनानी और विक्की भगनानी के साथ मिलकर फिल्म ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का ऐलान किया था. विक्की और निक्की भगनानी का नाम सुनकर सभी को फेमस प्रोड्यूसर वाशु भगनानी और जैकी भगनानी की याद आई थी. फिल्म के ऐलान की आलोचना सोशल मीडिया पर होने लगी.

22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने भारत को हिला दिया था. इस हमले में पहलगाम घूमने आए मासूम सैलानियों की जान गई थी. इस आतंकी हमले का को देखते हुए भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया है, जिसके तहत भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान में स्थित आतंकवादियों के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की. इस ऑपरेशन में कई आतंकवादियों को मार गिराया गया. साथ ही इससे भारत की जनता में जोश और खुशी की लहर भी दौड़ गई.

खबर आई थी कि लगभग 15 डायरेक्टर-प्रोड्यूसर ऑपरेशन सिंदूर पर नई फिल्म बनाने के लिए राइट्स लेने की कोशिश की. इसके बाद डायरेक्टर उत्तम माहेश्वरी और नितिन कुमार गुप्ता ने प्रोड्यूसर निक्की भगनानी और विक्की भगनानी के साथ मिलकर फिल्म ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का ऐलान किया था. फिल्म का पोस्टर भी रिलीज किया गया, जिसमें AI की मदद से एक महिला सैनिक को युद्ध के बीच हाथ में राइफल लिए और माथे पर सिंदूर लगाते दिखाया गया.

NATIONAL : गुरुग्राम में दो ड्रग्स तस्कर गिरफ्तार, 50 लाख रुपये का चरस बरामद

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गुरुग्राम में पुलिस ने दो ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार किया है. आरोपी हिमाचल प्रदेश के मनाली से चरस की तस्करी कर गुरुग्राम लाए थे. आरोपियों की गाड़ी से 1.361 किलोग्राम चरस और सात लाख रुपये नकद बरामद किए हैं. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजेश और मुकेश के रूप में हुई है. दोनों आरोपी अक्सर मनाली से नशे की खेप लाकर गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में सप्लाई किया करते थे.

दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में पुलिस ने दो ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है. दोनों आरोपी हिमाचल प्रदेश के मनाली से चरस की तस्करी कर गुरुग्राम लाए थे. पुलिस ने उनकी कार से 1.361 किलोग्राम चरस और सात लाख रुपये नकद बरामद किए हैं. जब्त की गई चरस की अनुमानित कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई पालम विहार अपराध शाखा की टीम द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर की गई. टीम ने मानेसर के पास पचगांव चौक पर एक संदिग्ध कार को रोका और तलाशी के दौरान चरस और नकद राशि बरामद की. इसके साथ ही पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार को भी जब्त कर लिया है.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजेश (48), निवासी बलभद्र सराय, और मुकेश (38), निवासी सैनी मोहल्ला, कुतुबपुर, जिला रेवाड़ी के रूप में हुई है. शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि राजेश पेशे से टैक्सी चालक है, जबकि मुकेश ऑटोमोबाइल स्पेयर पार्ट्स का व्यवसाय करता है.

NATIONAL : शहीद विनय नरवाल के पिता ने भारतीय सेना के साहस को सराहा, पाकिस्तान के साथ सीजफायर पर कही ये बात

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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में शहीद हुए नौसेना अधिकारी विनय नरवाल के पिता ने कहा कि 22 अप्रैल की आतंकवादी घटना के जवाब में सरकार और सेना ने कठोर कदम उठाया है. जवानों ने आतंकवाद, इसे फैलाने वालों और पनाह देने वालों पर ऐसी चोट की है कि उन्हें कोई भी हिमाकत करने से पहले हजार बार अंजाम सोचना होगा.

भारत-पाक‍िस्तान के बीच सीजफायर का ऐलान शनिवार को हुआ, जिस पर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए करनाल के रहने वाले नेवी अधिकारी विनय नरवाल के पिता विकास नरवाल ने कहा 22 अप्रैल को जो दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई वह हमला बुजदिली का परिचय दिया था. इसके बाद हमारी सरकार ने जो कदम उठाया और भारतीय सेना को तैनात किया, जिन्होंने दिन रात-लगकर आतंकियों को जवाब दिया है.

विनय नरवाल के पिता बोले- भारतीय सेना ने आतंकवाद, आतंकवाद फैलाने वालों, आतंकवाद को पनहा देने वालों और आतंकवाद की विचारधारा को सिजने वालों पर एक ऐसी चोट दी है जो हमेशा उनके कानों में गूंजती रहेगी.विनय नरवाल के पिता ने भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह राष्ट्राध्यक्ष का फैसला है. राष्ट्राध्यक्ष फैसला लेता है तो अपने देश की जनता के हितों को देखकर लेता है. जो फैसला लिया है उन्होंने ठीक फैसला लिया है.

विनय नरवाल के पिता ने कहा कि जवानों ने जो दिखाया है वो सिर्फ हमारी सरकार और हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से ही संभव हो पाया है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन में भारत को “गीदड़ भभकी” दी और भारत-पाक तनाव पर बात की. उन्होंने भारत पर पहलगाम को बहाना बनाकर युद्ध की स्थिति पैदा करने और कई बेबुनियाद आरोप लगाए. शरीफ ने चीन को एक भरोसेमंद मित्र बताया.भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद सीमा पर ड्रोन देखे गए और श्रीनगर में धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं. इन घटनाओं ने पाकिस्तान की नीयत और सेना प्रमुख की सीजफायर पर सहमति को लेकर प्रश्न खड़े कर दिए हैं, जिससे यह बात भी सामने आई कि “पाकिस्तान पर हम किसी तरह का कोई भरोसा नहीं कर सकते हैं.” आगामी डीजीएमओ बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.

MP : MP के अस्पताल में लापरवाही की इंतहा… पोस्टमार्टम के लिए लाए गए शव को कुत्तों ने नोचा, प्रबंधन पर परिजनों का फूटा गुस्सा

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मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम से लापरवाही की एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है. यहां सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, उसका शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में रखा गया था, लेकिन रात में कुत्तों ने शव को नोच डाला. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. मृतक के परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है.

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिला अस्पताल से बेहद शर्मनाक और अमानवीय घटना सामने आई है. स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी झकझोर कर रख दिया है. दरअसल, सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई थी, उसके शव को अस्पताल परिसर में खुले में छोड़ दिया गया, जहां रात के अंधेरे में आवारा कुत्तों ने उस शव को बुरी तरह से नोच डाला.

जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार रात की है. पालनपुर के पास हुए एक सड़क हादसे में युवक निखिल चौरसिया की मौत हो गई थी. इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए नर्मदापुरम जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रख दिया गया. हैरानी की बात ये है कि रात भर शव के आसपास कोई सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं था. इस लापरवाही का खामियाजा यह हुआ कि रात में आवारा कुत्तों का झुंड मॉर्च्युरी में दाखिल हुआ और शव को नोचकर क्षत-विक्षत कर दिया.

परिजनों को इस सच्चाई का तब पता चला, जब वे सुबह शव लेने अस्पताल पहुंचे. उन्होंने देखा कि शव के गले और आसपास के हिस्से को कुत्तों ने बुरी तरह से नोंच डाला है. यह देखकर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. सुधीर विजयवर्गीय ने कहा कि युवक की मौत सड़क हादसे में हुई थी और शव को पोस्टमार्टम के लिए रखा गया था. उन्होंने यह भी माना कि शव को कुत्तों ने नोचा है और यह गंभीर चूक है. उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और संबंधित सुरक्षा गार्ड को शोकॉज नोटिस जारी किया जाएगा.

 

NATIONAL : भारतीय दबदबे का नया युग… कैसे भारत की मुखर आवाज का प्रतीक बना ताजा युद्धविराम!

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भारत पाकिस्तान के बीच 2025 में हुए सीजफायर को न केवल एक संघर्ष की समाप्ति के रूप में याद किया जाएगा, बल्कि दक्षिण एशिया में एक नई रणनीतिक व्यवस्था की शुरुआत के रूप में भी याद किया जाएगा, जिसकी रचना वाशिंगटन या मॉस्को ने नहीं, बल्कि नई दिल्ली ने की है.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की पहल पर हुए युद्ध विराम के समझौते को रणनीतिक एक्सपर्ट भारत के सामरिक और कूटनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण कह रहे हैं. पाकिस्तान के साथ हुआ 2025 का युद्धविराम का समझौता जो पूरी तरह से भारत की शर्तों पर हुआ है, उसे नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है.

सरकारी सूत्रों ने आजतक को बताया, “युद्धविराम न केवल शत्रुता की समाप्ति का प्रतीक है, बल्कि यह भारत के रक्षा सिद्धांत में एक बड़े बदलाव को भी औपचारिक रूप देता है, जो दक्षिण एशिया की अस्थिर पावर डायनामिक में एक नई मिसाल कायम करता है. पिछले युद्ध विरामों के विपरीत, जो बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय दबाव या समझौतों से प्रभावित थे, यह समझौता भारत की बढ़ती मुखरता और वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है.”

1949: विभाजन के बाद पहला युद्ध विराम कराची समझौते के तहत अमेरिका की भागीदारी से हुआ था. इसके परिणामस्वरूप संयुक्त राष्ट्र निगरानी समूह की स्थापना हुई, इस युद्धविराम की शर्तें काफी हद तक बाहरी शक्तियों से प्रभावित थीं.

1965: भारत-पाक युद्ध के बाद, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 211 ने शांति के लिए जोर दिया, जिसका समर्थन अमेरिका और सोवियत संघ दोनों ने किया. ताशकंद घोषणापत्र के तहत भारत ने पाकिस्तान के साथ सैन्य मुठभेड़ के दौरान हासिल की गई सभी रणनीतिक जीत पाकिस्तान को वापस कर दीं

1971: निर्णायक जीत और 90,000 से ज़्यादा पाकिस्तानी सैनिकों के आत्मसमर्पण के बावजूद शिमला समझौता हुआ. ये समझौत वैश्विक दबाव में हुआ था. जीत के बावजूद ये समझौता भारत के लिए कोई रणनीतिक फ़ायदा नहीं दे पाया. पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू और कश्मीर (पीओजेके) पर कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ, न ही कोई युद्ध क्षतिपूर्ति हुई.

1987-1990: श्रीलंका में भारतीय शांति सेना (आईपीकेएफ) का अभियान पूरी तरह से सैन्य वापसी के साथ समाप्त हुआ, जिसे व्यापक रूप से रणनीतिक और मानवीय विफलता के रूप में देखा गया. इस अभियान में अंततः भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जान चली गई.

1999: अमेरिकी कूटनीतिक हस्तक्षेप के बाद कारगिल संघर्ष समाप्त हुआ. भारत के बढ़त हासिल करने के बावजूद, क्लिंटन प्रशासन द्वारा मध्यस्थता किए गए युद्ध विराम समझौते के तहत भारत ने पूर्ण सामरिक श्रेष्ठता हासिल करने से पहले ही अपने अभियान रोक दिए.

इसके विपरीत, 2025 का युद्धविराम टोन और कंटेंट दोनों में अलग है. यह भारत की दो नई साहसिक घोषणाओं की गूंज है जिसके आधार पर देश के नए राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत की आधारशिला तैयार की जाएगी.

1- आतंकवाद को फिर से परिभाषित करना: भारत अब आतंकवाद के किसी भी कृत्य को युद्ध की कार्रवाई (Act of war) मानता है. यह सिद्धांत भारत को अमेरिका और इजरायल जैसे देशों के साथ जोड़ता है और भविष्य में जीरो टॉलरेंस की नीति का संकेत देता है.

2- सिंधु जल समझौते में अपरहैंड: सीजफायर के बावजूद भारत ने सिंधु जल संधि को लेकर अपनी नीति में कोई बदलाव नहीं किया है. पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि अभी भी स्थगित है. गौरतलब है कि विश्व बैंक, जिसने मूल रूप से इस संधि की मध्यस्थता की थी ने गारंटर की अपनी भूमिका से खुद को अलग कर लिया है – जिससे भारत की स्थिति और मजबूत हो गई है.

आर्थिक मजबूती और रणनीतिक साफगोई का मेल

वैश्विक आर्थिक महाशक्ति के रूप में भारत के उभरने से उसका भू-राजनीतिक प्रभाव बढ़ा है. इसके विपरीत, पाकिस्तान में चल रहे आर्थिक उथल-पुथल ने मजबूत स्थिति से बातचीत करने की उसकी क्षमता को कम कर दिया है. एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने कहा, “हमने उन्हें उनकी जगह दिखा दी है”, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत का ध्यान पूरी तरह से अपने 1.4 बिलियन नागरिकों के कल्याण पर है.

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की नजर में, 2025 के सीजफायर को न केवल एक संघर्ष की समाप्ति के रूप में याद किया जाएगा, बल्कि दक्षिण एशिया में एक नई रणनीतिक व्यवस्था की शुरुआत के रूप में भी याद किया जाएगा, जिसकी रचना वाशिंगटन या मॉस्को ने नहीं, बल्कि नई दिल्ली ने की है.

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