Tuesday, June 30, 2026
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Mother’s Day Special: ‘मां का आशीर्वाद सुपरपावर है’, अर्जुन बिजलानी से लेकर देवोलीना भट्टाचार्जी तक, मदर्स डे पर टीवी सेलेब्स ने किया रिएक्ट

मदर्स डे पर हर कोई अपनी मां के लिए स्पेशल चीजें प्लान करता है. अपनी मांओं को खास महसूस करवाता है. टीवी सेलेब्स ने भी मदर्स डे को लेकर रिएक्ट किया है. उन्होंने मां को सुपरपावर कहा.

मदर्स डे पर अर्जुन बिजलानी ने कहा, ‘ऐसा कोई एक दिन नहीं होता है जब आप अपनी मां को थैंक्यू बोलो. मांओं को डेली थैंक्यू बोलना चाहिए. उनके प्यार, त्याग और ताकत हर दिन आभार डिजर्व करता है. आप जिंदगी में कुछ भी अचीव कर लें, कितना भी दूर चले जाएं आप तब तक सच्चे दिल से खुश नहीं हो सकते हैं जब तक आपके सिर पर मां का हाथ न हो. वो आशीर्वाद, वो टच आपको ताकत देता है. मेरी मां मेरी सबसे बड़ी ताकत है. मेरे पिता के निधन के बाद उन्होंने मुझे हर मुश्किल से लड़ते हुए पाला है. उन्होंने कभी भी मुझे पिता की कमी नहीं महसूस होने दी. उनका आशीर्वाद मेरे लिए सुपरपावर है.’

एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी अब मदरहुड एंजॉय कर रही हैं. वो एक बेटे की मां हैं. उन्होंने बेटे संग पहले मदर्स डे पर रिएक्ट किया. देवोलीना ने कहा, ‘मां के तौर पर पहले मदर्स डे की एक्साइटमेंट बहुत यूनिक है. ये दिन मेरे लिए और मेरे भाई के लिए हमेशा स्पेशल रहेगा. हम हमारी मां के लिए बहुत कुछ प्लान करते थे. आज भी करते हैं. लेकिन अब जब मैं आज के दिन में अपने बच्चे के बारे में सोचती हूं तो सच में ये अमेजिंग है. जब से आप प्रेग्नेंट होते हैं तब से आप मदरहुड शुरू हो जाता है. मेरी मां के दिल में मेरी खास जगह है. मैं आज जो भी हूं उन्हीं की वजह से हूं. उनके प्यार को समझने के लिए मुझे मां बनने की जरुरत नहीं है. उनकी बेटी होना काफी है.’

श्रीमद रामायण एक्टर सुजय रेऊ ने कहा, ‘मां के साथ मेरा जो बॉन्ड है वो शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है. उन्होंने मुझे और मेरे भाई को जो परवरिश दी है उसके लिए मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं.’

ENTERTAINMENT : ऑपरेशन सिंदूर फ‍िल्म पर बोले प्रोड्यूसर वाशु भगनानी- हमारा इससे कोई लेना देना नहीं, फ‍िर कौन बना रहा?

डायरेक्टर उत्तम माहेश्वरी और नितिन कुमार गुप्ता ने प्रोड्यूसर निक्की भगनानी और विक्की भगनानी के साथ मिलकर फिल्म ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का ऐलान किया था. विक्की और निक्की भगनानी का नाम सुनकर सभी को फेमस प्रोड्यूसर वाशु भगनानी और जैकी भगनानी की याद आई थी. फिल्म के ऐलान की आलोचना सोशल मीडिया पर होने लगी.

22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने भारत को हिला दिया था. इस हमले में पहलगाम घूमने आए मासूम सैलानियों की जान गई थी. इस आतंकी हमले का को देखते हुए भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया है, जिसके तहत भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान में स्थित आतंकवादियों के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की. इस ऑपरेशन में कई आतंकवादियों को मार गिराया गया. साथ ही इससे भारत की जनता में जोश और खुशी की लहर भी दौड़ गई.

खबर आई थी कि लगभग 15 डायरेक्टर-प्रोड्यूसर ऑपरेशन सिंदूर पर नई फिल्म बनाने के लिए राइट्स लेने की कोशिश की. इसके बाद डायरेक्टर उत्तम माहेश्वरी और नितिन कुमार गुप्ता ने प्रोड्यूसर निक्की भगनानी और विक्की भगनानी के साथ मिलकर फिल्म ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का ऐलान किया था. फिल्म का पोस्टर भी रिलीज किया गया, जिसमें AI की मदद से एक महिला सैनिक को युद्ध के बीच हाथ में राइफल लिए और माथे पर सिंदूर लगाते दिखाया गया.

NATIONAL : गुरुग्राम में दो ड्रग्स तस्कर गिरफ्तार, 50 लाख रुपये का चरस बरामद

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गुरुग्राम में पुलिस ने दो ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार किया है. आरोपी हिमाचल प्रदेश के मनाली से चरस की तस्करी कर गुरुग्राम लाए थे. आरोपियों की गाड़ी से 1.361 किलोग्राम चरस और सात लाख रुपये नकद बरामद किए हैं. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजेश और मुकेश के रूप में हुई है. दोनों आरोपी अक्सर मनाली से नशे की खेप लाकर गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में सप्लाई किया करते थे.

दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में पुलिस ने दो ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है. दोनों आरोपी हिमाचल प्रदेश के मनाली से चरस की तस्करी कर गुरुग्राम लाए थे. पुलिस ने उनकी कार से 1.361 किलोग्राम चरस और सात लाख रुपये नकद बरामद किए हैं. जब्त की गई चरस की अनुमानित कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई पालम विहार अपराध शाखा की टीम द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर की गई. टीम ने मानेसर के पास पचगांव चौक पर एक संदिग्ध कार को रोका और तलाशी के दौरान चरस और नकद राशि बरामद की. इसके साथ ही पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार को भी जब्त कर लिया है.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजेश (48), निवासी बलभद्र सराय, और मुकेश (38), निवासी सैनी मोहल्ला, कुतुबपुर, जिला रेवाड़ी के रूप में हुई है. शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि राजेश पेशे से टैक्सी चालक है, जबकि मुकेश ऑटोमोबाइल स्पेयर पार्ट्स का व्यवसाय करता है.

NATIONAL : शहीद विनय नरवाल के पिता ने भारतीय सेना के साहस को सराहा, पाकिस्तान के साथ सीजफायर पर कही ये बात

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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में शहीद हुए नौसेना अधिकारी विनय नरवाल के पिता ने कहा कि 22 अप्रैल की आतंकवादी घटना के जवाब में सरकार और सेना ने कठोर कदम उठाया है. जवानों ने आतंकवाद, इसे फैलाने वालों और पनाह देने वालों पर ऐसी चोट की है कि उन्हें कोई भी हिमाकत करने से पहले हजार बार अंजाम सोचना होगा.

भारत-पाक‍िस्तान के बीच सीजफायर का ऐलान शनिवार को हुआ, जिस पर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए करनाल के रहने वाले नेवी अधिकारी विनय नरवाल के पिता विकास नरवाल ने कहा 22 अप्रैल को जो दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई वह हमला बुजदिली का परिचय दिया था. इसके बाद हमारी सरकार ने जो कदम उठाया और भारतीय सेना को तैनात किया, जिन्होंने दिन रात-लगकर आतंकियों को जवाब दिया है.

विनय नरवाल के पिता बोले- भारतीय सेना ने आतंकवाद, आतंकवाद फैलाने वालों, आतंकवाद को पनहा देने वालों और आतंकवाद की विचारधारा को सिजने वालों पर एक ऐसी चोट दी है जो हमेशा उनके कानों में गूंजती रहेगी.विनय नरवाल के पिता ने भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह राष्ट्राध्यक्ष का फैसला है. राष्ट्राध्यक्ष फैसला लेता है तो अपने देश की जनता के हितों को देखकर लेता है. जो फैसला लिया है उन्होंने ठीक फैसला लिया है.

विनय नरवाल के पिता ने कहा कि जवानों ने जो दिखाया है वो सिर्फ हमारी सरकार और हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से ही संभव हो पाया है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन में भारत को “गीदड़ भभकी” दी और भारत-पाक तनाव पर बात की. उन्होंने भारत पर पहलगाम को बहाना बनाकर युद्ध की स्थिति पैदा करने और कई बेबुनियाद आरोप लगाए. शरीफ ने चीन को एक भरोसेमंद मित्र बताया.भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद सीमा पर ड्रोन देखे गए और श्रीनगर में धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं. इन घटनाओं ने पाकिस्तान की नीयत और सेना प्रमुख की सीजफायर पर सहमति को लेकर प्रश्न खड़े कर दिए हैं, जिससे यह बात भी सामने आई कि “पाकिस्तान पर हम किसी तरह का कोई भरोसा नहीं कर सकते हैं.” आगामी डीजीएमओ बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.

MP : MP के अस्पताल में लापरवाही की इंतहा… पोस्टमार्टम के लिए लाए गए शव को कुत्तों ने नोचा, प्रबंधन पर परिजनों का फूटा गुस्सा

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मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम से लापरवाही की एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है. यहां सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, उसका शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में रखा गया था, लेकिन रात में कुत्तों ने शव को नोच डाला. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. मृतक के परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है.

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिला अस्पताल से बेहद शर्मनाक और अमानवीय घटना सामने आई है. स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी झकझोर कर रख दिया है. दरअसल, सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई थी, उसके शव को अस्पताल परिसर में खुले में छोड़ दिया गया, जहां रात के अंधेरे में आवारा कुत्तों ने उस शव को बुरी तरह से नोच डाला.

जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार रात की है. पालनपुर के पास हुए एक सड़क हादसे में युवक निखिल चौरसिया की मौत हो गई थी. इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए नर्मदापुरम जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रख दिया गया. हैरानी की बात ये है कि रात भर शव के आसपास कोई सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं था. इस लापरवाही का खामियाजा यह हुआ कि रात में आवारा कुत्तों का झुंड मॉर्च्युरी में दाखिल हुआ और शव को नोचकर क्षत-विक्षत कर दिया.

परिजनों को इस सच्चाई का तब पता चला, जब वे सुबह शव लेने अस्पताल पहुंचे. उन्होंने देखा कि शव के गले और आसपास के हिस्से को कुत्तों ने बुरी तरह से नोंच डाला है. यह देखकर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. सुधीर विजयवर्गीय ने कहा कि युवक की मौत सड़क हादसे में हुई थी और शव को पोस्टमार्टम के लिए रखा गया था. उन्होंने यह भी माना कि शव को कुत्तों ने नोचा है और यह गंभीर चूक है. उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और संबंधित सुरक्षा गार्ड को शोकॉज नोटिस जारी किया जाएगा.

 

NATIONAL : भारतीय दबदबे का नया युग… कैसे भारत की मुखर आवाज का प्रतीक बना ताजा युद्धविराम!

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भारत पाकिस्तान के बीच 2025 में हुए सीजफायर को न केवल एक संघर्ष की समाप्ति के रूप में याद किया जाएगा, बल्कि दक्षिण एशिया में एक नई रणनीतिक व्यवस्था की शुरुआत के रूप में भी याद किया जाएगा, जिसकी रचना वाशिंगटन या मॉस्को ने नहीं, बल्कि नई दिल्ली ने की है.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की पहल पर हुए युद्ध विराम के समझौते को रणनीतिक एक्सपर्ट भारत के सामरिक और कूटनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण कह रहे हैं. पाकिस्तान के साथ हुआ 2025 का युद्धविराम का समझौता जो पूरी तरह से भारत की शर्तों पर हुआ है, उसे नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है.

सरकारी सूत्रों ने आजतक को बताया, “युद्धविराम न केवल शत्रुता की समाप्ति का प्रतीक है, बल्कि यह भारत के रक्षा सिद्धांत में एक बड़े बदलाव को भी औपचारिक रूप देता है, जो दक्षिण एशिया की अस्थिर पावर डायनामिक में एक नई मिसाल कायम करता है. पिछले युद्ध विरामों के विपरीत, जो बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय दबाव या समझौतों से प्रभावित थे, यह समझौता भारत की बढ़ती मुखरता और वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है.”

1949: विभाजन के बाद पहला युद्ध विराम कराची समझौते के तहत अमेरिका की भागीदारी से हुआ था. इसके परिणामस्वरूप संयुक्त राष्ट्र निगरानी समूह की स्थापना हुई, इस युद्धविराम की शर्तें काफी हद तक बाहरी शक्तियों से प्रभावित थीं.

1965: भारत-पाक युद्ध के बाद, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 211 ने शांति के लिए जोर दिया, जिसका समर्थन अमेरिका और सोवियत संघ दोनों ने किया. ताशकंद घोषणापत्र के तहत भारत ने पाकिस्तान के साथ सैन्य मुठभेड़ के दौरान हासिल की गई सभी रणनीतिक जीत पाकिस्तान को वापस कर दीं

1971: निर्णायक जीत और 90,000 से ज़्यादा पाकिस्तानी सैनिकों के आत्मसमर्पण के बावजूद शिमला समझौता हुआ. ये समझौत वैश्विक दबाव में हुआ था. जीत के बावजूद ये समझौता भारत के लिए कोई रणनीतिक फ़ायदा नहीं दे पाया. पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू और कश्मीर (पीओजेके) पर कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ, न ही कोई युद्ध क्षतिपूर्ति हुई.

1987-1990: श्रीलंका में भारतीय शांति सेना (आईपीकेएफ) का अभियान पूरी तरह से सैन्य वापसी के साथ समाप्त हुआ, जिसे व्यापक रूप से रणनीतिक और मानवीय विफलता के रूप में देखा गया. इस अभियान में अंततः भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जान चली गई.

1999: अमेरिकी कूटनीतिक हस्तक्षेप के बाद कारगिल संघर्ष समाप्त हुआ. भारत के बढ़त हासिल करने के बावजूद, क्लिंटन प्रशासन द्वारा मध्यस्थता किए गए युद्ध विराम समझौते के तहत भारत ने पूर्ण सामरिक श्रेष्ठता हासिल करने से पहले ही अपने अभियान रोक दिए.

इसके विपरीत, 2025 का युद्धविराम टोन और कंटेंट दोनों में अलग है. यह भारत की दो नई साहसिक घोषणाओं की गूंज है जिसके आधार पर देश के नए राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत की आधारशिला तैयार की जाएगी.

1- आतंकवाद को फिर से परिभाषित करना: भारत अब आतंकवाद के किसी भी कृत्य को युद्ध की कार्रवाई (Act of war) मानता है. यह सिद्धांत भारत को अमेरिका और इजरायल जैसे देशों के साथ जोड़ता है और भविष्य में जीरो टॉलरेंस की नीति का संकेत देता है.

2- सिंधु जल समझौते में अपरहैंड: सीजफायर के बावजूद भारत ने सिंधु जल संधि को लेकर अपनी नीति में कोई बदलाव नहीं किया है. पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि अभी भी स्थगित है. गौरतलब है कि विश्व बैंक, जिसने मूल रूप से इस संधि की मध्यस्थता की थी ने गारंटर की अपनी भूमिका से खुद को अलग कर लिया है – जिससे भारत की स्थिति और मजबूत हो गई है.

आर्थिक मजबूती और रणनीतिक साफगोई का मेल

वैश्विक आर्थिक महाशक्ति के रूप में भारत के उभरने से उसका भू-राजनीतिक प्रभाव बढ़ा है. इसके विपरीत, पाकिस्तान में चल रहे आर्थिक उथल-पुथल ने मजबूत स्थिति से बातचीत करने की उसकी क्षमता को कम कर दिया है. एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने कहा, “हमने उन्हें उनकी जगह दिखा दी है”, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत का ध्यान पूरी तरह से अपने 1.4 बिलियन नागरिकों के कल्याण पर है.

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की नजर में, 2025 के सीजफायर को न केवल एक संघर्ष की समाप्ति के रूप में याद किया जाएगा, बल्कि दक्षिण एशिया में एक नई रणनीतिक व्यवस्था की शुरुआत के रूप में भी याद किया जाएगा, जिसकी रचना वाशिंगटन या मॉस्को ने नहीं, बल्कि नई दिल्ली ने की है.

MAHARASHTRA : चंद्रपुर में बाघ का कहर, पत्ते बीनने गई तीन महिलाओं को बनाया शिकार

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चंद्रपुर में बाघ ने एक ही जगह पर तीन महिलाओं को अपना शिकार बना लिया. बाघ ने हमला उस वक्त किया जब महिलाएं पत्ते बीनने जंगल गई थीं. अचानक बाघ ने उन पर हमला कर दिया और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों की पहचान कांता बाई चौधरी, उनकी बहू शुभांगी चौधरी और सरिका शेंडे के रूप में हुई है. पीड़ित महिला वंदना गजबिये इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गई हैं.

महाराष्ट्र के चंद्रपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. एक बाघ ने एक ही जगह और लगभग एक ही समय पर तीन महिलाओं को अपना शिकार बना लिया. यह घटना सिंदेवाही वन परिक्षेत्र में हुई है.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, सभी महिलाएं मेढा माल गांव की निवासी थीं और सुबह करीब 11:30 बजे तेंदू पत्ते बीनने जंगल गई थीं. इसी दौरान अचानक बाघ ने उन पर हमला कर दिया और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों की पहचान कांता बाई चौधरी (60), उनकी बहू शुभांगी चौधरी (38) और सरिका शेंडे (48) के रूप में हुई है.

सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शवों को सिंदेवाही के सरकारी अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह हमला बेहद असामान्य है, क्योंकि आमतौर पर बाघ एक ही समय पर एक से अधिक इंसानों को निशाना नहीं बनाता.

 

 

MAHARASHTRA : तीन MBBS छात्रों की दर्दनाक मौत… वैनगंगा नदी में नहाने गए थे, गहरे पानी में डूबे, तीनों के शव बरामद

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महाराष्ट्र के चंद्रपुर-गढ़चिरौली सीमा पर वैनगंगा नदी में नहाने गए MBBS के तीन छात्रों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई. ये तीनों छात्र छुट्टी के दिन दोस्तों के साथ पहुंचे थे. गहरे पानी में फिसलने के बाद तीनों छात्र बह गए, जिनके शव रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बरामद किए गए. इस घटना से कॉलेज और स्थानीय इलाके में मातम पसर गया है.

महाराष्ट्र के चंद्रपुर और गढ़चिरोली जिले की सीमा पर बेहद दर्दनाक हादसा हो गया. यहां MBBS प्रथम वर्ष के तीन छात्र नदी में डूब गए, जिससे तीनों की मौत हो गई. कल देर शाम तक रेस्क्यू चला, लेकिन अंधेरा होने की वजह से रोक दिया गया था. आज दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ, जिसके बाद शव बरामद हो गए. पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है.

जानकारी के अनुसार, यह घटना वैनगंगा नदी में उस वक्त हुई, जब गढ़चिरोली के शासकीय मेडिकल कॉलेज के आठ छात्र छुट्टी के दिन पिकनिक मनाने और नहाने के लिए नदी किनारे पहुंचे थे. पुलिस के अनुसार, नदी में नहाते समय तीन छात्र अचानक गहरे पानी में चले गए, उनके साथ में मौजूद अन्य छात्रों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन वे असफल रहे.

इसके बाद तुरंत स्थानीय प्रशासन और पुलिस को घटना की जानकारी दी गई. सूचना मिलते ही सवाली थाने के थानेदार प्रदीप पुल्लरवार अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया गया.

डूबने वाले छात्रों की पहचान 20 वर्षीय गोपाल गणेश साखरे निवासी साखरी बुलढाणा), 20 वर्षीय पार्थ बालासाहेब जाधव निवासी शिर्डी अहमदनगर और 20 वर्षीय स्वप्निल उद्धवसिंह शीरे निवासी छत्रपति संभाजीनगर के रूप में की गई है. ये तीनों छात्र गढ़चिरोली के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहे थे. इस हादसे के बाद पूरे मेडिकल कॉलेज में शोक की लहर दौड़ गई है. छात्रों के परिजनों को सूचना दे दी गई है.

बता दें कि कुछ समय पहले इसी जगह तीन बहनों की डूबकर मौत हो गई थी, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने यहां कोई चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा इंतजाम नहीं किए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जगह गहरी और खतरनाक है, बावजूद इसके यहां पिकनिक और नहाने वालों की भीड़ बनी रहती है.

BIHAR : पटना एयरपोर्ट के निर्माणाधीन टर्मिनल में पाइप से मिली महिला की लाश… मर्डर या हादसा? जांच में जुटी पुलिस

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बिहार की राजधानी पटना से सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माणाधीन टर्मिनल बिल्डिंग में एक अज्ञात महिला का शव पाइप के अंदर मिला, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया. महिला की उम्र करीब 40 वर्ष बताई जा रही है. पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है.

बिहार की राजधानी पटना में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की निर्माणाधीन टर्मिनल बिल्डिंग में एक महिला का शव पाइप के अंदर मिला है, जिससे आसपास सनसनी फैल गई. महिला की उम्र करीब 40 वर्ष बताई जा रही है. शव मिलने के बाद पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है.

जानकारी के अनुसार, यह घटना तब सामने आई, जब देर शाम करीब 7 बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने एयरपोर्ट थाने को घटना की सूचना दी. इसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. महिला के शव को पाइप को काटने के बाद बरामद किया गया, जिससे यह स्थिति और भी रहस्यमयी हो गई.

एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बीच पटना सचिवालय की एएसपी अनु ने घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने बताया कि महिला की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है. पुलिस सभी संबंधित एजेंसियों से संपर्क करके महिला की शिनाख्त की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि इस घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है.

इस मामले को लेकर सवाल है कि महिला एयरपोर्ट के निर्माणाधीन क्षेत्र में कैसे पहुंची और उसकी मौत किस परिस्थिति में हुई. पुलिस मर्डर, आत्महत्या या कोई अन्य साजिश के पहलुओं पर जांच कर रही है. फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है. इस घटना ने पटना एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, और यह जांच का विषय बना हुआ है कि कैसे और क्यों महिला उस निर्माणाधीन क्षेत्र में पहुंची.

RAJASTHAN : कोटा में तेज रफ्तार कार ने घर के बाहर बैठी महिला और 4 बच्चों को रौंदा………

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राजस्थान के कोटा में एक तेज रफ्तार कार ने घर के बाहर बैठी महिला और चार बच्चों को कुचल दिया. जिससे सभी गंभीर रूप से घायल हो गए. इस घटना का सीसीटीवी भी सामने आया है.

राजस्थान के कोटा में एक तेज रफ्तार कार ने घर के बाहर बैठी एक महिला और 4 बच्चों को रौंद दिया. हादसे में महिला के सिर में चोट लगी है, जबकि चारों बच्चे भी बुरी तरह घायल हो गए. घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है. हादसा 8 मई को अनंतपुरा थाना क्षेत्र के रंगबाड़ी स्थित अजय आहूजा नगर में हुआ. यह पूरा हादसा सामने एक मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया. हादसे का सीसीटीवी फुटेज 10 मई को सामने आया है.

अनंतपुर थाने के एएसआई घमंडी लाल ने बताया कि घायल महिला इंद्रा बाई के बेटे बंटी राठौड़, हेमंत राठौड़ और पड़ोसी मनोज मेहरा ने शिकायत दी है. जिसके बाद कार ड्राइवर चिराग जांगिड़ के खिलाफ शुक्रवार को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. फिलहाल आरोपी ड्राइवर फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है.

घायल महिला के बेटे बंटी ने बताया कि मां बाहर बैठी थी, जबकि बच्चे साइकिल लेकर खड़े थे. इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार ने सभी को रौंद दिया और 10 फीट दूर तक घसीट कर भी ले गई. चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी बाहर निकले. जिसके बाद उन्होंने गाड़ी के ड्राइवर को पकड़ा और पिटाई कर दी. लेकिन मौके का फायदा उठाकर ड्राइवर कार लेकर फरार हो गया. हादसे में मां इंद्रा बाई समेत चारों बच्चे घायल हो गए.

हादसे में घायल भतीजे विवान (7), भतीजी यशिका (11), पड़ोसी की बेटी वैशाली (8) और उसकी चचेरी बहन अनिशा (10) का इलाज चल रहा है. पड़ोसी के बच्चे साइकिल चला रहे थे. भतीजे और भतीजी को विज्ञान नगर स्थित प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया है. भतीजी यशिका के हाथ और सिर में चोट लगी है. आज उसके हाथ का 5 घंटे ऑपरेशन चला है.

मां इंद्राबाई के सिर में गंभीर चोट लगी है. उनका भी ऑपरेशन होगा. विवान के हाथ, नाक और मुंह पर गंभीर चोट है. पड़ोसी के बच्चों वैशाली (8) का हाथ फ्रैक्चर हुआ है और पीठ में भी चोट लगी है, जबकि अनिशा (10) के हाथ-पैर में चोट आई है.

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