Wednesday, July 1, 2026
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NATIONAL : जनता को एक और झटका, हिमाचल में बस किराए में ‘भारी’ वृद्धि, जानें टिकटों की नई कीमतें

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आर्थिक संकट से जूझ रही हिमाचल सरकार ने जनता को महंगाई का एक और झटका दिया है. हिमाचल में अब लंबी दूरी की बसों के किराए में 15 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी गई है.हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) ने इसको लेकर अधिसूचना जारी कर दी है. किराए में ये बढ़ौतरी अचानक की गई है. हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में चलने वाली स्टेज कैरिज बस सेवाओं के किराए में संशोधन करते हुए नई दरें अधिसूचित कर दी हैं.

जिसके मुताबिक मैदानी इलाकों में पहले प्रति किमी 1.40 पैसे किराया प्रति सवारी देना पड़ता था, अब ये बढ़कर 1.60 पैसे प्रति किमी कर दिया गया है. इसी तरह पहाड़ी इलाकों में पहले किराया प्रति किमी 2.19 अब ये बढ़कर 2.50 प्रति सवारी कर दिया गया है. हाल ही में न्यूनतम किराये को बढ़ाकर पांच रुपये से 10 रुपये किया गया था. वहीं डीलक्स बस सेवाओं में मैदानों में यह दर 1.95 तथा पहाड़ों में 3.10 रुपये प्रति किलोमीटर होगी. एसी/सुपर लग्जरी बस सेवाओं के लिए मैदानों में 3.90 और पहाड़ी क्षेत्रों में 5.20 रुपये प्रति किलोमीटर किराया निर्धारित किया गया है.

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये नई दरें केवल नियमित (स्टेज कैरिज) बस सेवाओं के लिए हैं और ये लंबी दूरी की विशेष बस सेवाओं पर लागू नहीं होंगी. परिवहन विभाग की अधिसूचना के अनुसार, नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं.

आर्थिक संकट से जूझ रही सुक्खू सरकार में हिमाचल पथ परिवहन (HRTC) भी लगातार घाटे में चल रहा है. 2023 में 31 मार्च तक एचआरटीसी का कुल घाटा 1966 करोड़ था, जो 31 मार्च, 2024 तक बढ़कर 2119 करोड़ हो गया. अभी तक यह निगम 2200 करोड़ का घाटा पार कर चुका है. सरकार HRTC को 700 करोड़ से अधिक की ग्रांट हर वर्ष देती हैं.

वर्तमान में निगम के पास 3800 बस रूट हैं और 3000 बसों का फ्लीट है. एचआरटीसी के ऊपर रियायती बस सुविधा में करीब 28 कैटेगिरी हैं, जिन्हें बस किराए में छूट दी जाती है. इसमें सबसे बड़ी लागत महिलाओं को 50 फ़ीसदी बस किराया छूट देने से आ रही है.

 

ENTERTAINMENT : OTT प्लेटफॉर्म्स पर भी PAK कंटेंट बैन, भारत का एक और एक्शन

पाकिस्तानी मीडिया पर पूरी तरह रोक लगाते हुए, नेशनल सिक्योरिटी की बात को ध्यान में रखते हुए सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और मीडिया स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने एक एडवाइजरी जारी की है. इसमें कहा गया है कि इंडिया में जो भी पाकिस्तानी वेब सीरीज, फिल्म, गाने, पॉडकास्ट या अगर कोई स्ट्रिमिंग मीडिया कॉन्टेंट चल रहा है तो उसे तुरंत प्रभाव से रोक दिया जाए.

भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया, जिससे वहां खौफ का माहौल बना हुआ है. भारत पाक के बीच टेंशन बढ़ती ही जा रही है. पहले वहां के कलाकारों पर बैन तो लगा ही था, अब एक और बड़ा एक्शन हुआ है.

पाकिस्तानी मीडिया पर पूरी तरह रोक लगाते हुए, नेशनल सिक्योरिटी की बात को ध्यान में रखते हुए सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और मीडिया स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने एक एडवाइजरी जारी की है. इसमें कहा गया है कि इंडिया में जो भी पाकिस्तानी वेब सीरीज, फिल्म, गाने, पॉडकास्ट या अगर कोई स्ट्रिमिंग मीडिया कॉन्टेंट चल रहा है तो उसे तुरंत प्रभाव से रोक दिया जाए. अगर किसी ने सब्सक्रिप्शन के अंतरगत इसे लिया हुआ है तो उसके लिए भी इसे हटा दिया जाए. पाकिस्तान से जुड़ा कोई भी कॉन्टेंट इंडिया में कोई कन्ज्यूम नहीं करेगा. पाकिस्तानी कॉन्टेंट को पूरी तरह बायकॉट किया जाएगा.

भारत में पाकिस्तानी एक्टर्स के काम करने को लेकर सरकार ने बैन लगा दिया है. सिर्फ इतना ही नहीं, जब पहलगाम आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 नागरिकों की जान गई थी. उसके बाद पाकिस्तान के सभी सिंगर्स और एक्टर्स को इंस्टाग्राम से ब्लॉक कर दिया गया था. भारत में किसी भी पाक एक्टर की पोस्ट दिखाई नहीं देगी, ये अपडेट आई थी. हालांकि, इसपर भी पाकिस्तानी सेलेब्स ने नाराजगी जताई थी. रिपोर्ट्स की मानें तो हानिया आमिर ने तो इंस्टाग्राम पर दूसरा अकाउंट तक बना लिया है, जिससे भारतीय फैन्स उनकी पोस्ट्स देख सकें और उनका दिल न टूटे.

पीएम मोदी ने बीते हफ्ते से लगातार हो रही बैठकों में यह स्पष्ट किया था कि पहलगाम हमले में आतंकियों ने हिंदू पुरुषों को निशाना बनाया था, जिसके बाद कई परिवार उजड़ गए थे. ऐसे में भारत को यह कड़ा संदेश देना था कि आतंकियों को इस कदर बचकर भागने नहीं दिया जा सकता.’ऑपरेशन सिंदूर’ जब सक्सेसफुल हुआ तो भारत में हर किसी ने ‘भारत माता की जय’ और ‘जय हिंद’ के नारे लगाए. साथ ही सोशल मीडिया पर इस ऑपरेशन को लेकर खूब पोस्ट्स शेयर कीं. वीडियोज और फोटोज शेयर किए. वहीं, बॉर्डर के उस पार पाकिस्तानी सेलेब्स के बीच आक्रोश देखा गया.

माहिरा खान से लेकर फवाद खान और सिंगर जीशान अली तक ने पाकिस्तानी जिंदाबाद के नारे लगाए और इंडिया को लेकर खरी-खरी बात लिखी. जिसकी बाद सभी खूब ट्रोल भी हुए. पर अभी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थमा नहीं है. इंडिया लगातार पाकिस्तान को जवाब दे रहा है. धीरे-धीरे युद्ध की स्थिति दोनों देशों के बीच पैदा होती नजर आ रही है. अब एक और बड़ा कदम इंडिया ने पाकिस्तान के खिलाफ उठाया है.

NATIONAL : पंजाब के CM भगवंत मान का बड़ा बयान, ‘एक तरफ देश में जंग का माहौल बना है, तो दूसरी तरफ BJP…’

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भारत-पाकिस्तान में तनाव के बीच पाक ने नापाक हरकत की है. पाकिस्तान ने भारत के 15 शहरों में सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले की कोशिश की. भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने भारत की तरफ आ रहे मिसाइल और ड्रोन को समय रहते नष्ट कर दिया. पाकिस्तानी सेना ने सबसे अधिक पंजाब में 7 शहरों पर हमले की कोशिश की. इसको देखते हुए पंजाब में अलर्ट है.

इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि एक तरफ देश में जंग का माहौल बना हुआ है, तो दूसरी तरफ बीजेपी पंजाब विरोधी फैसले लेकर पंजाब के पानी पर डाका मारने की कोशिश में लगी हुई है. हम सरहदों की रक्षा करना भी जानते हैं और अपने पानी की हिफाज़त करना भी जानते हैं.

बता दें कि इन दिनों हरियाणा और पंजाब के बीच पानी को लेकर विवाद गरम है. सीएम मान ने कहा, ”भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड के अधिकारी द्वारा नंगल डैम से जबरदस्ती पानी छोड़ने की कोशिश बेहद गलत है. पंजाब के पानी पर डाका हम बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे.”

उन्होंने कहा, ”पंजाब के पास हरियाणा को देने के लिए एक बूंद भी अतिरिक्त पानी नहीं है. राज्य के ज़्यादातर दरिया और स्रोत सूख चुके हैं, इसलिए पंजाब को अपनी सिंचाई की ज़रूरतें पूरी करने के लिए और पानी की जरूरत है. पानी की कमी के बावजूद भी पंजाब देश के लिए अनाज पैदा कर रहा है ताकि पूरे देश को अन्न की कोई कमी न हो. अगर पानी के मुद्दे को लेकर पंजाब में हालात बिगड़ते हैं, तो उसकी ज़िम्मेदार BBMB और बीजेपी होगी.”

भगवंत मान ने कहा, ”हम मानवता के आधार पर हरियाणा को 4000 क्यूसेक पानी दे रहे हैं. लेकिन धन्यवाद देने की बजाय, असंवैधानिक तरीके से BBMB की बैठकें करवा कर फैसले लिए जा रहे हैं. हम किसी भी तरह की जबरदस्ती को बर्दाश्त नहीं करेंगे.”

उन्होंने कहा कि पंजाब के पानी को जबरन लूटने के लिए BBMB का इस्तेमाल पंजाब के खिलाफ किया जा रहा है. आज सुबह BBMB के चेयरमैन ने बिना पंजाब की सहमति के हरियाणा की ओर पानी छोड़ने की कोशिश की. हम किसी भी तरह की जबरदस्ती बर्दाश्त नहीं करेंगे. अगर हमारा पानी चल रहा है तभी हमारे चूल्हे जल रहे हैं.

 

NATIONAL : भारत ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, अमेरिका में भेजा इतने अरब डॉलर का सामान; क्यों आया एक्सपोर्ट में यह उछाल?

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जनवरी से मार्च 2025 तक भारत ने अमेरिका को 27.7 बिलियन डॉलर के मूल्य का सामान निर्यात किया और 10.5 बिलियन डॉलर का आयात किया.

भारत और अमेरिका के बीच कारोबार में और तेजी आ रही है. मार्च 2025 में भारत का अमेरिका को एक्सपोर्ट 11.2 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया. पहली बार अमेरिका को भारत से एक्सपोर्ट 10 बिलियन डॉलर के आंकड़े को पार किया है, जो 12 महीने के औसत से लगभग 50 परसेंट की बढ़त को दर्शाता है.

यूनाइटेड स्टेट्स सेंसस ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सपोर्ट में आई इस उछाल के कारण एक महीने में द्विपक्षीय कारोबार 15 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. दोनों देशों के बीच कारोबार में यह वृद्धि टैरिफ पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा 90 दिनों के लिए लगाई गई रोक और संभावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तेजी से आगे बढ़ने की संभावनाओं का ही नतीजा है.

मार्च में एक्सपोर्ट के सेगमेंट में जबरदस्त परफॉर्मेंस के चलते इस तिमाही द्विपक्षीय कारोबार बेहतर रहा. जनवरी से मार्च 2025 तक, भारत ने अमेरिका को 27.7 बिलियन डॉलर का सामान एक्सपोर्ट किया, और 10.5 बिलियन डॉलर का सामान इम्पोर्ट किया. नतीजतन, भारत के पक्ष में 17.2 बिलियन डॉलर का व्यापार अधिशेष हुआ.

सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज में यूएस इंडिया पॉलिसी स्टडीज के अध्यक्ष रिचर्ड रोसो ने एक्स पर लिखा है, ”भारत ने मार्च में अमेरिका को निर्यात के मामले में अपना रिकॉर्ड तोड़ दिया है- 11.2 बिलियन डॉलर, पहली बार यह 10 बिलियन डॉलर के पार पहुंचा है. 12 महीने के औसत से लगभग 50 परसेंट अधिक. कुल द्विपक्षीय वस्तु व्यापार ने भी रिकॉर्ड बनाया है- इस महीने में लगभग 15 बिलियन डॉलर.” बता दें कि इसी के साथ दोनों देशों के बीच कुल वस्तु व्यापार 2024 में 129.2 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो 2023 में 124.1 बिलियन डॉलर था.

 

NATIONAL : ‘अगर ATS चाहती तो उसी दिन मेरी…’, मालेगांव धमाके के मामले पर साध्वी प्रज्ञा का बड़ा बयान, ऑपरेशन सिंदूर पर क्या बोलीं?

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मालेगांव बम धमाके से जुड़े मामले में सभी आरोपी NIA कोर्ट में पेश हुए. कोर्ट ने फैसले की अगली तारीख 31 जुलाई तय की है. इस पर साध्वी प्रज्ञा की प्रतिक्रिया आई है.

मालेगांव बम धमाके से जुड़े बहुचर्चित मामले में सभी आरोपी मुंबई स्थित NIA कोर्ट में पेश हुए. कोर्ट ने इस मामले में फैसले की अगली तारीख 31 जुलाई तय की है. इस मामला में लगभग 1 लाख से अधिक दस्तावेज है और बीते 17 सालो से लंबित है. ऐसे में कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि अगली सुनवाई पर फैसला आ सकता है.

कोर्ट ने सभी आरोपियों को फैसले के दिन अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है. इस मौके पर बीजेपी की पूर्व सांसद और मालेगांव बम धमाके के मामले में आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने मीडिया से बात करते हुए तीखा बयान दिया. उन्होंने कहा,”अगर ATS चाहती तो उसी दिन मेरी गर्दन मरोड़ देती. लेकिन, सवाल यह है कि उन्होंने मुझे इतना बड़ा दुश्मन क्यों समझा? जो देश के विरोधी हैं, वही मेरे असली दुश्मन हैं.”

उन्होंने देश की सुरक्षा और आतंकवाद पर सरकार के रुख का जिक्र करते हुए कहा,”पहले कांग्रेस की सरकार थी, हमारे वीर सैनिक शहीद होते थे, लेकिन उन्हें सम्मान नहीं मिलता था. शव तक परिजनों को नहीं दिए जाते थे. यह स्थिति पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने बदली और अब, यह नया भारत है, पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व वाला भारत.

प्रज्ञा ठाकुर ने कहा, “हम पहले किसी को छेड़ते नहीं, लेकिन जब छेड़ते हैं तो छोड़ते नहीं. पीएम मोदी ने कहा था कि हम नहीं छेड़ते, लेकिन अगर कोई छेड़े, तो फिर जवाब देख लो. उन्होंने 26/11, पुलवामा और पहलगाम का जवाब दिया. हम नपुंसक नहीं हैं.”उन्होंने आगे कहा, “जब एक बहन की मांग का सिंदूर मिटाया गया, तो उसका बदला लिया गया. आतंकवाद को जवाब मिला. पाकिस्तान को उसी की भाषा में समझाया गया. अगर किसी के सिंदूर को धोया गया है, तो उसे धोने का काम इस देश की सरकार ने किया है और हम अपनी सरकार के साथ खड़े हैं.”

 

NATIONAL : अररिया में बम ब्लास्ट, 14 साल का बालक गंभीर रूप से घायल

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बम फटने की सूचना मिलते ही फारबिसगंज एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा, थानाध्यक्ष राघवेंद्र कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. घटनास्थल की जांच शुरू की गई.

अररिया के फारबिसगंज में फारबिसगंज थाना क्षेत्र के दल्लू टोला में गुरुवार दोपहर जोरदार धमाके के साथ बम फट गया. हादसे में 14 साल का मो. मुनाजिर गंभीर रूप से घायल हो गया. उसका बायां हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया. आनन-फानन में उसे फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया. प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे अररिया सदर अस्पताल रेफर कर दिया.

घटना गुरुवार दोपहर की है. मुनाजिर स्कूल से लौटने के बाद घर के पीछे खेल रहा था. वहां ईंट के पास उसे सुतली से लिपटा बम मिला. वह उसे खेलने के लिए उठाया, तभी तेज धमाके के साथ बम फट गया. धमाके में उसका बायां हाथ चिथड़ा हो गया. मुनाजिर फारबिसगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 19 में रहने वाले अलीमुद्दीन का बेटा है.

सूचना मिलते ही फारबिसगंज एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा, थानाध्यक्ष राघवेंद्र कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. घटनास्थल की जांच शुरू की गई. वहां प्लास्टिक, जूट की सुतली और शीशे के टुकड़े मिले हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया है. एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा ने बताया कि बम घर के पीछे ईंट के पास रखा था. मुनाजिर ने जैसे ही उसे हाथ में लिया, विस्फोट हो गया. बम वहां कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है. पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है.

 

NATIONAL : ‘इस बार पाकिस्तान को…’, ऑपरेशन सिंदूर के बाद कर्नल सोफिया की बहन का PAK पर फूटा गुस्सा

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कर्नल सोफिया के पिता ताज मुहम्मद के बड़े भाई इस्माईल कुरैशी का परिवार झांसी के भट्टागांव सदर बाजार में रहता है, दोनों ही परिवारों के कई लोग फौज में हैं.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश की हीरो के रूप में उभर कर आईं कर्नल सोफिया की वीरता और पराक्रम के चर्चे हर तरफ हैं. वहीं झांसी में सोफिया की चचेरी बहन शबाना कुरैशी और उनके परिवार में भी खुशी का माहौल है. मीडिया से बातचीत में सोफिया की बहन शबाना कहती हैं कि इस बार पाकिस्तान को मिटा देना चाहिए, उसका यही इलाज है, ताकि वह कभी दोबारा ऐसी हिमाकत न कर सके.

यहां बता दें कि वैसे तो कर्नल सोफिया का परिवार छतरपुर मध्यप्रदेश के नौगांव का रहने वाला है. कर्नल सोफिया के पिता ताज मुहम्मद के बड़े भाई इस्माईल कुरैशी का परिवार झांसी के भट्टागांव सदर बाजार में रहता है. दोनों ही परिवारों के कई लोग फौज में हैं. कर्नल सोफिया की चचेरी बहन शबाना कहती हैं कि उन्हें अपनी बहन पर फक्र है. बचपन में वह लोग साथ में खेली हैं. जब से सोफिया की खबर मिली है, तभी से वह लोग बेहद खुश हैं और लोग उन्हें बधाईयां दें रहे हैं. साथ ही परिवार की लड़कियों ने कहा कि वह भी अपनी बुआ कि तरह देश की सेवा करना चाहती हैं.

6/7 मई की रात भारतीय सेना ने पहलगाम हमले का बदला लेने के उद्देश्य से ऑपरेशन सिन्दूर को अंजाम दिया था. जिसमें सेना ने पाक अधिकृत कश्मीर और पकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानो को निशाना बनाया था. बुधवार को सेना की तरफ से पैनल में कर्नल सोफिया कुरैशी ने मीडिया को ब्रीफ किया था और पूरे ऑपरेशन की जानकारी दी थी. जिसके बाद हर किसी की जुबान पर सोफिया कुरैशी का नाम है.

सोफिया के पिता भी BSF में सूबेदार हैं और उनके पति भी सेना में अधिकारी हैं. यही नहीं उनके दो चाचा इस्माइल कुरैशी और वली मुहम्मद भी BSF में सूबेदार हैं. फिलहाल इस वक्त सोफिया का परिवार गुजरात के बड़ोदरा में रह रहा है.

 

Sonipat: घरेलू विवाद में भाई ने बड़ी बहन को मारी पांच गोलियां, मौके पर ही हुई मौत

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सोनीपत के गांव बड़वासनी में भाई-बहन के झगड़े ने खौफनाक रूप ले लिया. घरेलू कलह के चलते परमजीत नाम के युवक ने अपनी बड़ी बहन प्रीति को पांच गोलियां मार दीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है.

हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव बड़वासनी में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई. यहां एक युवक ने अपनी बड़ी बहन को पांच गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया. मृतका की पहचान प्रीति के रूप में हुई है, जबकि आरोपी उसका सगा भाई परमजीत है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू की.

जानकारी के मुताबिक, प्रीति की शादी करीब चार साल पहले पानीपत के गांव छाजू गढ़ी में हुई थी और उसका एक बेटा भी है. लेकिन पिछले एक महीने से वह अपने मायके बड़वासनी गांव में रह रही थी.मंगलवार दोपहर किसी बात को लेकर प्रीति और परमजीत के बीच झगड़ा हो गया। बहस इतनी बढ़ गई कि प्रीति खुद को बचाने के लिए गली में भागी, लेकिन पीछे से उसके भाई ने उस पर गोलियां बरसा दीं. प्रीति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया.

घटना की सूचना मिलते ही सोनीपत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, सदर थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया.इस वारदात पर डीसीपी कुशाल सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों के बीच घरेलू कलह चल रहा था. उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं. गांव में इस हत्याकांड के बाद मातम पसरा हुआ है और लोग घटना से स्तब्ध हैं.

MP : MP लैंड पूलिंग एक्ट: किसानों का दावा- 17 गांवों की जमीन छीनने की साजिश, सरकार का वादा- इससे विकास होगा

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आंदोलन करने वाली जनहित पार्टी की मांग है कि उज्जैन में यह कानून सिंहस्थ मेला क्षेत्र के 17 गांवों की 4 हजार हेक्टेयर (10 हजार एकड़) जमीन को प्रभावित करेगा, जो हर 12 साल में साधु-संतों के लिए अस्थायी डेरे बनाने के लिए ली जाती है.

मध्य प्रदेश सरकार के प्रस्तावित लैंड पूलिंग एक्ट 2025 के खिलाफ उज्जैन में किसान आक्रोशित हैं. सिंहस्थ मेला क्षेत्र की 4 हजार हेक्टेयर जमीन के स्थायी अधिग्रहण के डर से किसान सड़कों पर हैं. आंदोलन को हवा दे रही जनहित पार्टी का दावा है कि यह कानून सिंहस्थ मेला क्षेत्र को सिकोड़कर नाशिक और हरिद्वार जैसे औपचारिक मेले में बदल देगा, जिससे किसानों की आजीविका और धार्मिक परंपरा खतरे में पड़ जाएगी. जानिए क्या है पूरा विवाद…

विधानसभा में पारित मध्य प्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) अधिनियम-2025 लैंड पूलिंग स्कीम को लागू करता है. इसके तहत सरकार नगरीय निकायों, उद्योगों या शासकीय परियोजनाओं के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहण करेगी, वो भी बिना मुआवजा दिए. बदले में, अधिग्रहीत जमीन का 50% हिस्सा विकसित करके किसानों को लौटाया जाएगा.

सरकार का दावा है कि यह नीति आर्थिक समृद्धि लाएगी और भू-स्वामियों को लाभ पहुंचाएगी. हालांकि, किसानों का कहना है कि यह उनकी सहमति के बिना जमीन छीनने की साजिश है, जिसमें मुआवजा नहीं मिलेगा और विकसित जमीन कब और कहां मिलेगी, यह अस्पष्ट है.

उज्जैन में यह कानून सिंहस्थ मेला क्षेत्र के 17 गांवों की 4 हजार हेक्टेयर (10 हजार एकड़) जमीन को प्रभावित करेगा, जो हर 12 साल में साधु-संतों के लिए अस्थायी डेरे बनाने के लिए ली जाती है. किसानों को लगता है कि स्थायी निर्माण पर प्रतिबंध के बावजूद इस एक्ट से जमीनें निजी कंपनियों और भू-माफियाओं के हाथों में जाने का खतरा है, जिससे मेला क्षेत्र सिकुड़ सकता है.

लैंड पूलिंग एक्ट का विरोध विधानसभा में भी गूंजा. उज्जैन की आलोट सीट से भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय ने 18 मार्च को बजट सत्र में इस बिल का विरोध किया. उन्होंने कहा, “सिंहस्थ के लिए पहले किसानों की जमीन 3-6 महीने के लिए ली जाती थी, लेकिन अब स्थायी अधिग्रहण का नोटिस दिया गया है.” इसके बाद भाजपा ने मालवीय को कारण बताओ नोटिस जारी किया. कांग्रेस विधायक महेश परमार ने भी बिल का विरोध करते हुए कहा, “किसानों को जबरन जमीन देने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए.”

कांग्रेस ने किसानों के आंदोलन को समर्थन दिया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पाटवारी ने कहा, “लैंड पूलिंग एक्ट किसानों से जमीन छीनने की सरकारी साजिश है.”नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी सरकार से किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की. कांग्रेस कार्यालय में 27 मार्च को किसानों और पार्टी नेताओं की बैठक हुई, जिसमें स्थायी अधिग्रहण को रोकने का संकल्प लिया गया.

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दावा किया कि लैंड पूलिंग स्कीम गुजरात मॉडल से प्रेरित है और किसानों व उद्योगों के लिए लाभकारी होगी. सरकार का कहना है कि विकसित जमीन का व्यावसायिक उपयोग भू-स्वामियों को आर्थिक लाभ देगा. हालांकि, उज्जैन के किसानों का कहना है कि यह नीति भू-माफियाओं को फायदा पहुंचाएगी.

किसान आशुतोष उपाध्याय ने कहा, “सरकार दो हजार करोड़ रुपए की आध्यात्मिक सिटी बनाने की योजना बना रही है, जिसमें कंक्रीट के रोड और स्थायी निर्माण होंगे. यह किसानों की खेती को नष्ट करेगा. सरकार को किसानों की मर्जी के बिना ऐसा नहीं करना चाहिए.” किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता ने इसे ‘किसान विरोधी, सनातन विरोधी और सिंहस्थ विरोधी’ कदम बताया.

एक अन्य किसान ने बताया, मंगलनाथपुर में हमारी जमीन है. हम सिंहस्थ मेला के लिए हर बार जमीन देते हैं, लेकिन इस नए लैंड पूलिंग सिस्टम के खिलाफ हैं. हम जमीन स्थायी रूप से देने को तैयार नहीं हैं. हर बार की तरह सिंहस्थ के लिए जमीन ले सकते हैं, लेकिन अगर आप किसान की जमीन लेते हैं और उस पर होटल या अन्य निर्माण करते हैं, तो किसान क्या करेगा? आप सड़क बनाएंगे, नवीनीकरण करेंगे, तो वह स्थायी हो जाएगा. अगर नवीनीकरण हो गया, तो किसान खेती कहां करेगा? खेती नहीं करेगा, तो वह अपने बच्चों और परिवार का पालन-पोषण कैसे करेगा? जमीन के अलावा हमारे पास व्यापार या रोजगार का कोई साधन नहीं है। अगर जमीन भी छिन जाएगी, तो हम बेरोजगार हो जाएंगे.

जनहित पार्टी का दावा है कि इस एक्ट के लागू होते ही जमीन अधिग्रहण करने से पहले किसानों की सहमति नहीं ली जाएगी. कोई मुआवजा नहीं मिलेगा. विकसित जमीन का आधा हिस्सा कब और कहां मिलेगा, यह स्पष्ट नहीं. परियोजना पूरी होने तक किसान आर्थिक संकट झेलेंगे. 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ मेला लगेगा, देश के चार प्रमुख कुंभ मेलों में से एक है.

जनहित पार्टी का दावा है कि लैंड पूलिंग से मेला क्षेत्र सिकुड़कर नाशिक और हरिद्वार जैसे औपचारिक मेले जैसा रह जाएगा. 4000 हेक्टेयर जमीन पर स्थायी निर्माण से साधु-संतों के डेरे और धार्मिक आयोजनों के लिए जगह कम हो जाएगी, जिससे मेला की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्ता खतरे में पड़ सकती है.प्रस्तावित एमपी लैंड पूलिंग एक्ट 2025 के विरोध में जनहित पार्टी ने 17 अप्रैल को इंदौर कलेक्ट्रेट पर धरना दिया. इसके बाद उज्जैन के अलग-अलग गांवों में जाकर एक्ट के खिलाफ पार्टी नेताओं-कार्यकर्ताओं ने जागरूकता अभियान चलाया. 21 अप्रैल को पुलिस ने पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. 22 अप्रैल को किसान चार धाम मंदिर पर एकत्र हुए और भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद बाबा महाकाल तक पहुंचकर ज्ञापन सौंपा. उसी दिन, प्रदेश भर से जुटे कार्यकर्ताओं ने उज्जैन में प्रदर्शन शुरू किया. दबाव में पुलिस ने बिना शर्त कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया. 27 अप्रैल को एक बार फिर जनहित पार्टी के नेता अभय जैन, मनीष काले, अरविंद भदौरिया को हिरासत में लिया गया था. हालांकि, बाद में फिर उन्हें छोड़ दिया गया. किसान संघर्ष समिति और जनहित पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर एक्ट रद्द नहीं हुआ, तो उज्जैन में बड़े पैमाने पर आंदोलन होगा.

NATIONAL : हाई अलर्ट पर ताजमहल की सुरक्षा! 9 चेकिंग बैरियर, 6 वॉच टावर, 8 बुलेट प्रूफ मोर्चे, हिमाकत की तो मुंह की खाएगा दुश्मन

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पाकिस्तान में आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद ताजमहल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने ताजमहल के यलो जोन में हाई अलर्ट जारी किया है. चप्पे-चप्पे पर निगरानी, होटल चेकिंग और पर्यटकों की जानकारी LIU को भेजी जा रही है. नौ चेकिंग बैरियर, छह वॉच टावर और दो क्यूआरटी तैनात हैं.

उत्तर प्रदेश के आगरा में मौजूद ताजमहल की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर हाई अलर्ट जारी किया गया है. हाल ही में पाकिस्तान में हुए आतंकी हमले और ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के बाद केंद्र से सुरक्षा को लेकर खास निर्देश आए हैं. इसके बाद ताजमहल के यलो जोन में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है.आगरा पुलिस कमिश्नरेट की ताज सुरक्षा इकाई ने पूरे ताज परिसर और उसके आसपास सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया है. एसीपी अरीब अहमद ने बताया, ताजमहल के यलो जोन में हाई अलर्ट कर दिया गया है. नौ चेकिंग बैरियर, छह वॉच टावर और आठ बुलेट प्रूफ मोर्चे 24 घंटे एक्टिव हैं. इसके अलावा दो क्यूआरटी लगातार गश्त कर रही हैं.

परिसर के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है. ताजमहल के चारों तरफ बने चेकिंग प्लाइंट्स पर अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है. सुरक्षा एजेंसियों ने आसपास के होटलों की भी जांच शुरू कर दी है.पर्यटकों से सहयोग की अपील की गई है और कहा गया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी. विदेशी और देसी पर्यटकों की जानकारी स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) को दी जा रही है ताकि कोई बिना रजिस्ट्रेशन के न ठहरा हो. ताजमहल की सुरक्षा अब 24 घंटे सातों दिन चौकस नजरों के घेरे में है.

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