Wednesday, July 1, 2026
Home Blog Page 713

UP : यूपी के 2.39 करोड़ ग्रामीण परिवारों को योगी सरकार की सौगात, पानी की परेशानी से मिलेगी राहत

0

यूपी में अब हर घर नल योजना के तहत ग्रामीणों को नल कनेक्शन के लिए जेब से एक रुपये भी नहीं देना होगा. नल कनेक्शन का पूरा खर्च राज्य सरकार खुद वहन करेगी. इसके लिए अलग से बजट की व्यवस्था है.

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत भरी घोषणा की है. अब ‘हर घर नल’ योजना के तहत ग्रामीणों को नल कनेक्शन के लिए सामुदायिक अंशदान यानी अपनी जेब से 10 प्रतिशत पैसा नहीं देना होगा. यह खर्च अब पूरी तरह से राज्य सरकार उठाएगी. इस फैसले से राज्य के 2.39 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा.

इस योजना को केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन के तहत लागू किया गया है, जिसका लक्ष्य है कि देश के हर ग्रामीण घर में साफ पेयजल की सुविधा नल के माध्यम से पहुंचे. अब तक इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन मिल चुका है.

इस योजना में पहले गांव वालों को पूंजी लागत का हिस्सा सामुदायिक अंशदान के रूप में देना होता था. सामान्य गांवों में यह 10% और अनुसूचित जाति/जनजाति बहुल गांवों में 5% निर्धारित था. लेकिन अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सरकार ने यह अंशदान खुद वहन करने का फैसला लिया है. इसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 4500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. पिछले वर्ष 2024-25 में यह राशि 2000 करोड़ रुपये थी, जिसे अब दोगुना से अधिक कर दिया गया है.

हालांकि नल कनेक्शन की पूंजी लागत सरकार वहन करेगी, लेकिन ग्रामीणों को नल की देखरेख और संचालन के लिए अपनी ग्राम पंचायत को हर महीने सिर्फ 50 रुपये देने होंगे. यह राशि ‘वॉटर टैरिफ’ के रूप में ली जाएगी ताकि जल स्रोत और सप्लाई सिस्टम की देखभाल नियमित रूप से हो सके.

योगी सरकार की इस घोषणा को गांवों में जल सुविधा को लेकर एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है. इससे न केवल ग्रामीणों पर आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि उनके जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा. पेयजल की कमी से जूझते कई गांवों में अब साफ और सुरक्षित पानी पहुंच सकेगा, जिससे बीमारियों से बचाव होगा और महिलाओं को दूर-दराज से पानी लाने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी.

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को जल जीवन मिशन की शुरुआत की थी. इसका उद्देश्य वर्ष 2024 तक हर ग्रामीण घर तक पाइप से पानी पहुंचाना है. योगी सरकार इस मिशन को पूरी ताकत से जमीन पर उतार रही है. पिछले कुछ वर्षों में यूपी ने इसमें देशभर में उल्लेखनीय प्रगति की है.

नमामि गंगे और जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह फैसला लिया गया है ताकि ग्रामीण परिवारों को किसी तरह की आर्थिक दिक्कत न हो और वे स्वच्छ पानी का अधिकार पूरी तरह से पा सकें. सरकार का लक्ष्य है, हर घर जल, हर घर मुस्कान.

 

UP : बाराबंकी में पकड़ी गई बांग्लादेशी महिला… टूरिस्ट वीजा पर आई थी भारत, स्थानीय से शादी कर मां बनी, वीजा खत्म होने के बाद भी नहीं लौटी

0

बाराबंकी जिले में पुलिस ने एक बांग्लादेशी महिला को हिरासत में लिया है. ये महिला अवैध रूप से यहां रह रही थी, जिसकी पहचान असमुल खान (27) के रूप में हुई है.

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में पुलिस ने एक बांग्लादेशी महिला को हिरासत में लिया है. ये महिला अवैध रूप से यहां रह रही थी, जिसकी पहचान असमुल खान (27) के रूप में हुई है. असमुल टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थी. बाद में उसने एक स्थानीय व्यक्ति से शादी कर ली थी.पुलिस अधिकारियों ने बताया कि खुफिया ब्यूरो और अन्य जांच एजेंसियों ने उससे पूछताछ की है. सलमान नामक एक स्थानीय व्यक्ति, जो वर्तमान में दुबई में है, वहां उसने एक बांग्लादेशी नागरिक से दोस्ती की थी. उस बांग्लादेशी ने बाद में अपनी बहन असमुल की शादी सलमान से तय कर दी थी.

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, दो साल पहले सलमान ने बांग्लादेश में असमुल से शादी की और उसे टूरिस्ट वीजा पर भारत ले आया. कथित तौर पर इस जोड़े ने 29 अगस्त, 2023 को भारत में फिर से अपनी शादी की. हालांकि, असमुल का वीजा जनवरी 2024 में समाप्त हो गया था. वीजा समाप्ति के बावजूद, असमुल गांव में रहती रही और इस दौरान उसने एक बेटी को जन्म दिया.

12 जनवरी, 2025 को सलमान काम के लिए दुबई लौट गया और असमुल को उसकी सास के पास छोड़ दिया. असमुल की बांग्लादेशी पहचान तब उजागर हुई जब उसकी बेटी का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया के दौरान उसके आधार विवरण मांगे गए. अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई जिसके बाद सर्किल ऑफिसर जगतराम कन्नौजिया के नेतृत्व में पुलिस गांव पहुंची और असमुल को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया.

पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ जिसके बाद आईबी और खुफिया इकाइयां आगे की जांच के लिए पहुंचीं. पुलिस ने बताया कि असमुल बांग्लादेश के कोमिला जिले की रहने वाली है. सीओ ने बताया कि इस बीच बांग्लादेशी दूतावास को भी इसकी जानकारी दे दी गई है और राजनयिक निर्देशों के अनुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी.

Operation Sindoor: आतंकियों के लिए पाकिस्तान भी सेफ नहीं रहा, अब टेरर फैक्ट्री का क्या होगा?

0

पाकिस्तान की हालत 1971 की जंग के बाद जैसी भले न हुई हो, लेकिन मिलती जुलती ही है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद पड़ोसी मुल्क में आतंकवाद ही नहीं, मौजूदा फौजी हुक्मरानो के पैरों तले जमीन भी खींच ली है – अगर अवाम ने आगे बढ़कर संभालने की कोशिश नहीं की, तो सर्वाइवल की चुनौती भी खड़ी हो सकती है.

ऑपरेशन सिंदूर पिछले सर्जिकल स्ट्राइक के मुकाबले कहीं ज्यादा बड़ी सैन्य कार्रवाई है. टार्गेट और तबाही दोनो का दायरा बहुत बड़ा माना जा रहा है. आतंकवादियों के जो ठिकाने कई दशक से चले आ रहे थे, बहुत हद तक खत्म हो चुके हैं. नेस्तनाबूद न सही, लेकिन डैमेज तो बुरी तरह हुए हैं. मसूद अजहर का तो करीब करीब सब कुछ ही लुट गया है. घर परिवार और कई गुर्गे भी खत्म हो चुके हैं. मसूद अजहर की हालत उसी के बयान से समझा जा सकता है, ‘मैं भी मर गया होता तो ठीक रहता.’

बीते दो सर्जिकल स्ट्राइक से तुलना करें, तो ऑपरेशन सिंदूर का दायरा बहुत व्यापक है. हर मामले में. ऐसे भी समझ सकते हैं कि पहले ऐसी कार्रवाई को झुठलाने वाले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ आगे आकर कर सबूत पेश कर रहे हैं. 2016 में उरी आतंकवादी हमले के बाद सेना ने सरहद के तीन किलोमीटर अंदर तक प्रहार किया था. और, सरहद से लगे आतंकी कैंपों को टार्गेट किया था. 2019 में ये दूरी तीन से 60 किलोमीटर अंदर तक पहुंच गई थी. बालाकोट तक. जब सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकवादियों ने हमला किया था, और 40 जवान शहीद हो गये थे.

लेकिन, ताजा ऑपरेशन में एयर स्ट्राइक बहावलपुर तक हुई है, जो सरहद से 100 किलोमीटर से भी ज्यादा ही अंदर है. गौर फरमाने वाली बात ये है कि ये सब पाकिस्तानी फौज भी नहीं रोक पा रही है. अब तो पाकिस्तानी फौज की ताकत और तेवर पर भी सवाल उठेंगे. खाली जुबान चलाने और पॉलिटिकल नेतृत्व पर हावी होने से तो काम नहीं चलने वाला – फौज की जो असली जिम्मेदारी होती है, वो तो सिफर ही है.

ऐसे में पाकिस्तानी फौज कब तक हावी रह सकेगी. वैसे भी वो फौज किस काम की, जो हर जंग हार जाती हो – अब तो ऐसे सवाल भी उठेंगे.पाकिस्तानी हुक्मरानो की सत्ता तो भारत के नाम पर ही चलती है – और अगर वे परफॉर्म नहीं कर पाएंगे तो कब तक मोर्चा संभाल पाएंगे. जिस दिन जनता को लगेगा उखाड़ फेंकेगी. और जब जनता ये तय कर लेगी तो राजनीतिक नेतृत्व हावी होने लगेगा, और फौजी हुकूमत धीरे धीरे कमजोर पड़ने लगेगी – तब आतंकवाद और आतंकियों का क्या होगा.

क्या ऐसे सवाल पाकिस्तान में नहीं उठ रहे होंगे. सरेआम न सही, किसी ग्रुप में, किसी समुदाय में – या किसी और स्तर पर, सवाल तो उठते ही होंगे. क्या पाकिस्तान में आतकंवाद फिर खड़ा हो पाएगामसूद अजहर का मामला तो सामने आ गया है. लेकिन मसूद अजहर के अलावा बाकियों को भी भारी नुकसान हुआ है, और फिर से उनका खड़ा हो पाना आसान भी नहीं है.

लाहौर के पास एयर स्ट्राइक में निशाना बनाया गया मुरिदके करीब 200 एकड़ में फैला बहुत बड़ा मदरसा है. ये जमात-उद-दावा का हेडक्वार्टर माना जाता है जिसकी स्थापना मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद ने की है. पिछले तीन दशक से ये आतंकवाद का मजबूत ठिकाना रहा है. कारगिल युद्ध से लेकर 26/11 मुंबई हमले तक तमाम हमलों की साजिशों में ये शुमार रहा है. खबर है कि हाफिज सईद का भाई और जैश का नंबर 2 आतंकी रऊफ भी एयर स्ट्राइक में जख्मी हुआ है.

एयर स्ट्राइक में बुरी तरह डैमेज ऐसे ठिकाने अब तभी खड़े हो सकते हैं, जब पाकिस्तानी फौज फिर से आतंकवादियों को मदद दे – लेकिन पाकिस्तान के मदद देने लायक होने पर ही ये सब हो पाएगा, और ये सब इतना जल्दी संभव भी नहीं है.

अब अगर पाकिस्तानी फौज आतंकवादियों की मदद नहीं कर पाएगी, तो सिर्फ जमीन और कुछ रसद के लिए तो आतंकवादी उनकी बात तो मानने से रहे.
पाकिस्तानी फौज भी आतंकवादियों के बूते ही अपनी दुकान चलाती आ रही है – एक बार दुकान का माल खत्म हो जाये, तो एक दिन दहशत की दुकान पर ताला भी लगेगा ही.

NATIONAL : ‘विनाश के कगार पर…’ भारत-PAK टेंशन पर महबूबा मुफ्ती की PM मोदी से खास अपील

0

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच लगातार बढ़ते टेंशन को लेकर जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने पीएम मोदी से खास अपील की है. महबूबा मुफ्ती ने कहा कि पहलगाम में हुए भीषण हमले ने भारत-पाक संबंधों को ‘विनाश के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है.’ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि शांति और संवाद के जरिए मामले को सुलझाएं ताकि क्षेत्र में शांति बहाल हो सके.

पाकिस्तान के खिलाफ भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद दोनों देशों में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. भारत-पाकिस्तान के बीच इस टेंशन को लेकर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने गहरी चिंता जताते हुए दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि शांति और संवाद के जरिए मामले को सुलझाएं ताकि क्षेत्र में शांति बहाल हो सके. महबूबा मुफ्ती ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, ’22 अप्रैल को पहलगाम में हुए भीषण हमले ने भारत-पाक संबंधों को ‘विनाश के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है.’

उन्होंने कहा, ‘महिलाओं और बच्चों सहित निर्दोष लोगों की दुखद मौतें और मानवीय कीमत दिल तोड़ देने वाली है. हर पल बढ़ते तनाव के साथ और अधिक जानें खतरे में पड़ती जा रही हैं.’ उन्होंने दो टूक कहा कि इस संघर्ष का कोई सैन्य समाधान नहीं हो सकता और इससे केवल और अधिक पीड़ा ही बढ़ेगी.महबूबा मुफ्ती ने भारत और पाकिस्तान के नेतृत्व से शांतिपूर्ण सहअस्तित्व को अपनाने की अपील की. उन्होंने लिखा, ‘मैं विशेष रूप से भारत के प्रधानमंत्री से आग्रह करती हूं कि वो बातचीत का रास्ता अपनाएं और इस टेंशन को समाप्त करें. आज, पहले से कहीं अधिक, शांति और बातचीत ही हमारा एकमात्र उपाय होना चाहिए.’

उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल ‘ईमानदार और निरंतर प्रयासों से ही हम तनाव कम कर सकते हैं और शांति बहाल करने के कठिन कार्य की शुरुआत कर सकते हैं.’ बता दें कि पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत का बदला लेने के लिए भारत ने बुधवार की रात को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था. इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक की है. यह कार्रवाई रात डेढ़ बजे के आसपास की गई थी जिसमें कई आतंकी मारे गए हैं.

 

ENTERTAINMENT : 5 साल तक एक्टिंग से दूर रहा टीवी का ये मशहूर एक्टर, अब 45 की उम्र में करेगा धांसू कमबैक

‘उतरन’, ‘साड्डा हक’ और ‘बिग बॉस’ के जरिए पॉपुलैरिटी हासिल करने वाले एक्टर गौरव चोपड़ा (Gaurav Chopra) पांच साल के लंबे ब्रेक के बाद अब टीवी पर लौट रहे हैं. खबरों के अनुसार गौरव सोनी सब चैनल के नए शो ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ (Pushpa Impossible) में नजर आएंगे. इस खबर को सुनकर उनके फैंस काफी एक्साइटिड है.

सोनी सब के नए शो ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में गौरव चोपड़ा वकील का दमदार किरदार निभाने वाले हैं. शो में राजवीर शास्त्री बनकर एक बार फिर अपनी एक्टिंग का हुनर दिखाएंगी. सो की पूरी कहानी गौरव के आसपास ही घूमती है. जो बड़े वकील होते है. लेकिन एक वक्त बाद उनकी लाइफ बदल जाती है और वो नशे की लत लगवा लेते हैं.

गौरव चोपड़ा ने इस शो पर बात करते हुए कहा कि, जब मैंने शो की स्क्रिप्ट पढ़ी, तो मुझे ये करेक्टर काफी आकर्षक और चैलेंजिंग लगा. वो एक प्रतिभाशाली इंसान है, लेकिन अंदर से टूटा हुआ इं है. हालांकि, उसकी जिंदगी का सफर दर्द से भरा हुआ है. अब एक्टर के फैंस शो के टेलीकास्ट होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

बता दें कि गौरव चोपड़ा को आखिरी बार अल्ट बालाजी की वेब सीरीज ‘फोरप्ले’ और ‘वियू की लव लस्ट एंड कन्फ्यूजन’ में देखा गया था. इसके बाद एक्टर अपनी पर्सनल लाइफ में बिजी हो गए. उन्होंने 19 फरवरी 2018 को एक निजी समारोह में हितिशा चेरंडा संग सात फेरे लिए थे. वहीं साल 2020 में वो एक बेटे के पापा भी बने.

 

MP : तनाव से निपटने के लिए MP के पुलिसकर्मियों को दी जाएगी मेडिटेशन ट्रेनिंग

0

MP पुलिस की 100 तमाम इकाइयों से चुने गए कुल 350 पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों ने हैदराबाद के पास कान्हा शांति वनम में 18 से 21 अप्रैल के बीच निःशुल्क प्रशिक्षण लिया.

मध्य प्रदेश पुलिस ने अपने कर्मियों और उनके परिवारों के लिए एक अनूठा ध्यान कार्यक्रम शुरू किया है. इस निःशुल्क प्रशिक्षण पहल से एक लाख से अधिक कर्मियों वाले इस बल को अपने कर्तव्यों का पालन करते समय होने वाले तनाव से निपटने में मदद मिलने की उम्मीद है.राज्य पुलिस ने हाल ही में हैदराबाद स्थित गैर-लाभकारी आध्यात्मिक प्रशिक्षण संगठन श्री राम चंद्र मिशन के साथ इस संबंध में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया है.

अधिकारियों ने बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस की 100 तमाम इकाइयों से चुने गए कुल 350 पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों ने हैदराबाद के पास कान्हा शांति वनम में 18 से 21 अप्रैल के बीच निःशुल्क प्रशिक्षण लिया.

प्रतिभागियों को मिशन द्वारा ‘ब्राइटर माइंड्स ट्रेनर्स’ कार्यक्रम के तहत विकसित ‘हार्टफुलनेस मेडिटेशन’ प्रशिक्षण दिया गया.ADGP (ट्रेनिंग) राजा बाबू सिंह ने न्यूज एजेंसी को बताया, “हाल ही में हैदराबाद में प्रशिक्षित किए गए लोग सभी जिलों में अन्य विभागीय कर्मचारियों को और अधिक कुशल बनाएंगे.”

1994 बैच के आईपीएस अधिकारी ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस कर्मियों के परिवारों को भी शामिल किया गया है, क्योंकि वे उनके आधिकारिक कार्यों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.

एक अधिकारी ने ध्यान पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य पुलिस बल की संख्या 1.26 लाख स्वीकृत कर्मियों के मुकाबले केवल एक लाख से अधिक है, और वे लगभग 5 करोड़ की आबादी की सुरक्षा करते हैं, जिससे उनका काम बहुत तनावपूर्ण हो जाता है.प्रशिक्षण का समन्वय करने वाली अधिकारी महानिरीक्षक रुचि वर्धन मिश्रा ने कहा कि यह ध्यान कार्यक्रम राज्य की प्रत्येक पुलिस इकाई में लागू किया जाएगा.

NATIONAL : ‘पाकिस्तानी आतंकवाद के खिलाफ भारत ने दिया कड़ा संदेश,’ सीएम रेखा गुप्ता ने भारतीय सेना पर जताया गर्व

0

सीएम रेखा गुप्ता ने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान को साफ संदेश दे दिया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर अडिग है.

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की दिल खोलकर सराहना की, जहां सेना ने पाकिस्तान और पीओके के 9 आतंकी ठिकानों को धूल में मिला दिया. बेबाक अंदाज में उन्होंने इसे देश की अटूट ताकत और एकजुटता का चमकता प्रतीक बताते हुए पाकिस्तान को दो टूक चेतावनी दी कि भारत आतंक की किसी भी साजिश को कुचल देगा.

पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी, के जवाब में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत 7 मई की रात पाकिस्तान और पीओके में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के 9 ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए. इस कार्रवाई की दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुलकर सराहना की. उन्होंने कहा, “भारत की सेनाएं हर स्थिति से निपटने को तैयार हैं. अगर पाकिस्तान ने आतंक फैलाने की कोशिश जारी रखी, तो इससे भी कड़ा जवाब दिया जाएगा.

सीएम ने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को साफ संदेश दे दिया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर अडिग है. उन्होंने कहा, “देश का हर नागरिक आज सरहद पर जाने को तैयार है हमारी सेनाएं किसी भी चुनौती से निपटने में सक्षम हैं. देशभर में इस ऑपरेशन के दौरान 90 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की खबरों ने जनता में उत्साह पैदा किया है और सीएम का यह बयान इस गर्व के माहौल को और मजबूत करता है. सीएम ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर देश की ताकत का प्रतीक है. पाकिस्तान को अब समझ आ गया है कि भारत आतंक को बर्दाश्त नहीं करेगा. अगर उन्होंने अपनी हरकतें नहीं रोकीं, तो हम और बड़ा कदम उठाएंगे.

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर देशभर में गर्व का माहौल है. रक्षा मंत्रालय ने साफ किया कि यह कार्रवाई केंद्रित और गैर-उत्तेजक थी, जिसमें किसी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया. वहीं पाकिस्तान ने इन हमलों को “कायराना” करार देते हुए जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है. लेकिन सीएम रेखा गुप्ता के बयान ने साफ कर दिया कि भारत किसी भी स्थिति के लिए तैयार है.

 

MP : प्रेग्नेंट न हो जाएं, इसलिए देते थे पिल्स… भोपाल में हिंदू लड़कियों के रेप और ब्लैकमेलिंग केस में नया खुलासा

0

पीड़िताओं ने महिला आयोग की टीम को बताया कि कई बार उन्हें जबरन गर्भनिरोधक गोलियां खिलाई गईं ताकि वे गर्भवती न हों. इन गोलियों के सेवन के बाद कई पीड़िताओं को शारीरिक तकलीफें हुईं और कुछ का मासिक धर्म चक्र भी प्रभावित हो गया.

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हिंदू युवतियों से बलात्कार और ब्लैकमेलिंग के मामले में एक नया खुलासा हुआ है. एक पीड़ित युवती ने बताया कि कई बार उन्हें गर्भनिरोधक गोलियां दी गईं ताकि वे गर्भवती न हों.दरअसल, इस मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम तीन दिनों तक भोपाल में रही और इस दौरान पुलिस के जांच अधिकारियों, पुलिस कमिश्नर, और पीड़ित युवतियों से मुलाकात कर उनके बयान दर्ज किए.

इतना ही नहीं, पीड़िताओं ने महिला आयोग की टीम को बताया कि कई बार उन्हें जबरन गर्भनिरोधक गोलियां खिलाई गईं ताकि वे गर्भवती न हों. इन गोलियों के सेवन के बाद कई पीड़िताओं को शारीरिक तकलीफें हुईं और कुछ का मासिक धर्म चक्र भी प्रभावित हो गया.

NATIONAL : ‘SDO साहब संभल जाओ कुछ टाइम बचा है’, उत्तराखंड में खनन माफिया की धमकी से अधिकारियों में दहशत

0

एसडीओ मनीष जोशी अपने सहयोगी एसडीओ संदीप गिरी के साथ कोतवाली पहुंचे और कोतवाल अरुण कुमार सैनी को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया. उत्तराखंड में खनन माफिया के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका ताजा उदाहरण तराई पश्चिमी वन प्रभाग के एसडीओ मनीष जोशी को खुलेआम दी गई धमकी से सामने आया है. मंगलवार रात करीब साढ़े दस बजे रामनगर स्थित वन विभाग परिसर में एसडीओ के आवास पर अज्ञात हमलावरों ने पथराव कर बोलेरो वाहन के शीशे तोड़ दिए और साथ ही एक धमकी भरा पत्र भी फेंका, जिसमें लिखा था “एसडीओ साहब! संभल जाओ… कुछ टाइम बचा है, चैन से रहो.”

इस दुस्साहसिक घटना से वन विभाग और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है. माना जा रहा है कि यह हमला उन खनन माफियाओं द्वारा किया गया है, जो अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई से बौखलाए हुए हैं.

जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह ही एसडीओ मनीष जोशी को कोसी नदी क्षेत्र के खड़ंजा गेट पर अवैध खनन की सूचना मिली थी. टीम के साथ मौके पर पहुंचे एसडीओ को खनन माफियाओं ने घेर लिया. आरोप है कि माफियाओं ने एसडीओ से हाथापाई की और धक्का-मुक्की भी की. हालात बिगड़ते देख वन विभाग की टीम को हवाई फायरिंग करनी पड़ी ताकि वे खुद को सुरक्षित निकाल सकें. इस घटना के बाद एसडीओ ने कोतवाली में तहरीर देकर खड़ंजा गेट को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया.

वहीं उधर खनन से जुड़े वाहन चालकों और कारोबारियों ने भी एसडीओ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए टीम पर मारपीट का आरोप लगाया, जिससे मामला और भी उलझ गया.

इस बीच रात को अज्ञात लोगों ने एसडीओ के सरकारी आवास पर हमला बोल दिया. वन परिसर के भीतर खड़ी बोलेरो गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए और पत्थर के साथ एक पत्र लेटर फेंका गया जिसमें लिखा था. “एसडीओ साहब! ज्यादा दबंगई ठीक नहीं है. तुम नजर में हो हमारी, देहरादून से देख रहे हैं. कुछ टाइम बचा है, चैन से रहो…संभल जाओ…अब पानी सर से ऊपर जा रहा है. तुम लोग हवा में गोली चलाने को मजबूर हो, हम नहीं हैं. जंगल के बीच में कभी कुछ हो गया तो हम जिम्मेदार नहीं होंगे. यह बात अपने तक रखो तो ठीक होगा, बाकि तुम्हारी मर्जी.

एसडीओ मनीष जोशी अपने सहयोगी एसडीओ संदीप गिरी के साथ कोतवाली पहुंचे और कोतवाल अरुण कुमार सैनी को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि रात के समय हमलावरों को देख नहीं पाए, लेकिन उन्हें पूरा विश्वास है कि यह करतूत खनन माफिया की है.

कोतवाल ने आश्वासन दिया कि हमलावरों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा. वन परिसर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और हमलावरों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है.

- Advertisement -

News of the Day