Wednesday, July 1, 2026
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Operation Sindoor: रजनीकांत-पवन कल्याण ने की सेना की तारीफ, बोले- पूरा देश आपके साथ

देश की तीनों सेनाओं ने आतंक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को खत्म कर दिया है. भारत की ओर से किए गए इस एयर स्ट्राइक पर फिल्म इंडस्ट्री के सेलेब्स ने भी रिएक्ट किया है. तीनों सेना और पीएम मोदी की तारीफ करते हुए साउथ सेलेब्स ने सभी के सुरक्षित रहने की कामना की है.

भारत ने पहलगाम हमले का करारा जवाब दिया है. देश की तीनों सेनाओं ने आतंक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को खत्म कर दिया है. भारत की ओर से किए गए सिंदूर ऑपरेशन ने फिल्म इंडस्ट्री के सेलेब्स के मन में भी जोश भर दिया है. सभी इस एयर स्ट्राइक की जमकर तारीफ कर रहे हैं.

एक्टर-पॉलिटिशियन पवन कल्याण ने प्रधान मंत्री के इस कदम की तारीफ करते हुए दीनकर की एक कविता उन्हें डेडिकेट की. उन्होंने X पर पोस्ट कर लिखा- वीरता जहां पर नहीं, पुण्य का क्षय है. वीरता जहां पर नहीं, स्वार्थ की जय है. दशकों तक सहनशीलता… सहनशीलता! अत्यधिक सहन के बाद मौन बैठी संपूर्ण भारतवर्ष को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से फिर से वीरता की भावना से भर देने वाले तीनों सेनाओं के वीर नेतृत्व को, और उनके साथ अडिग होकर खड़े रहे प्रधानमंत्री जी को हार्दिक धन्यवाद! हम आपके साथ हैं, हमेशा. जय हिन्द!

सुपरस्टार रजनीकांत ने देश के इस साहसी कदम की सराहना करते हुए लिखा कि योद्धा की जंग शुरू हो चुकी है. मिशन पूरा होने तक रुकना नहीं है. पूरा देश आपके साथ है.

वहीं साउथ एक्टर किच्चा सुदीप ने पहलगाम हमले में मारे गए लोगों के दर्द को याद किया और कहा कि भारत कभी कुछ भूलता नहीं है. वो लिखते हैं- एक भारतीय के रूप में इस पवित्र धरती का बेटा होने के नाते, मैंने पहलगाम की पीड़ा को अपने दिल में महसूस किया. आज, मैं न्याय की गूंज को महसूस कर रहा हूं. ऑपरेशन सिंदूर- सिर्फ एक मिशन नहीं, बल्कि एक पवित्र संकल्प था. भारत के सिंदूर को दाग लगा था. हमारे वीरों ने उसे आग और सटीकता के साथ फिर से सम्मान दिलाया. हमारी सेना को मेरा शत-शत नमन. आदरणीय प्रधानमंत्री और रक्षा नेतृत्व को धन्यवाद, जो अडिग, अटल और निर्भीक खड़े रहे. कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह को उनकी सटीक और गरिमामयी जानकारी के लिए सलाम. भारत न तो भूलता है, और न ही माफ करता है.

जूनियर एनटीआर ने सेनाओं की सुरक्षा की कामना की और लिखा- ऑपरेशन सिंदूर में हमारे भारतीय सैनिकों की सुरक्षा और शक्ति के लिए प्रार्थना करते हैं. जय हिंद!

एक्टर मामूटी ने गर्व जताते हुए लिखा- हमारे असली हीरो को सलाम! ऑपरेशन सिंदूर ने एक बार फिर साबित कर दिया, जब देश बुलाता है, तो भारतीय सेना जवाब देती है. जिंदगियां बचाने और उम्मीद वापस लाने के लिए आपका धन्यवाद. आप हमारे देश का गर्व हैं. जय हिंद!

प्रकाश राज ने सैन्य ताकतों की सराहना करते हुए लिखा कि भारतीय सशस्त्र बलों को सलाम, भारत आतंकवाद को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा.

रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में करीब 90 आतंकियों को मारा गया है. भारत सरकार ने अपने बयान में कहा है, ”इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया है, जहां से भारत पर आतंकी हमलों का प्लान बनाया गया था.”

MP : उन आतंकियों का भी हिसाब हो, जानवरों से भी बदतर थे… ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बोलीं पहलगाम हमले में मारे गए पर्यटक की पत्नी

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मध्य प्रदेश के इंदौर में सुशील नथानियल की पत्नी जेनिफर ने कहा कि जो कुछ भी हुआ है वह सही है, लेकिन पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों को भी खत्म किया जाना चाहिए.

भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर पहलगाम आतंकवादी हमले के शिकार सुशील नथानियल की पत्नी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. कहा कि वह चाहती हैं कि उनके पति की हत्या करने वाले 4 आतंकवादी भी मारे जाएं.

दरअसल, पहलगाम आतंकवादी हमले का जवाब देते हुए भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार तड़के पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 9 आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का ठिकाना शामिल है. इसके बाद मध्य प्रदेश के इंदौर में सुशील नथानियल की पत्नी जेनिफर (54) ने कहा, “जो कुछ भी हुआ है वह सही है, लेकिन उन चार लोगों (पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों) को भी खत्म किया जाना चाहिए.”

 

UP : बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर कार और ट्रक की जबरदस्त टक्कर, एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत

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उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर बुधवार को एक कार और ट्रक की टक्कर में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हो गये.

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के एट क्षेत्र में एक बड़ा ही दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर बुधवार को एक कार और ट्रक की टक्कर में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हो गये. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि दुर्घटना गिरथान गांव के पास तड़के करीब पांच बजे हुई जब बहराइच जिले के मोतीपुर निवासी 42 साल के बृजेश कार से अपने परिवार के साथ झांसी की ओर जा रहे थे.

उसने यह बताया कि गिरथान गांव के पास ड्राइवर गाड़ी से नियंत्रण खो बैठा और कार डिवाइडर को तोड़ते हुए सामने से आ रहे एक ट्रक से जा टकराई. पुलिस ने यह बताया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और इस घटना में मौके पर ही पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी. इस घटना के समय गाड़ी में मौजूद थे, बृजेश, उनकी 40 साल की पत्नी प्रीति, 13 साल के बेटे आशुतोष, रिश्तेदार 33 साल की संगीता और बृजेश की तीन माह की बेटी की मौके पर ही मौत हो गई.

उसने यह बताया कि मानवी और नंदा नामक दो और यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें उरई के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने यह बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पीड़ितों के परिवार को इस घटना के बार में सूचना दे दी गई है. उसने यह बताया कि संभवत: झपकी आने के कारण यह हादसा हुआ और मामले की जांच भी की जा रही है.

 

NATIONAL : कर्नल सोफिया कुरैशी और व्योमिका सिंह की तस्वीरें शेयर कर दीपेंद्र हुड्डा बोले- ‘मेरी छोरियां…’

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इंडियन एयरफोर्स की विंग कमांडर व्योमिका सिंह और इंडियन आर्मी की कर्नल सोफिया कुरैशी ने ऑपरेशन सिंदूर पर प्रेस कांफ्रेंस कर एयर स्ट्राइक की जानकारी दी. इसपर दीपेंद्र सिंह हुड्डा की प्रतिक्रिया आई है.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने 6 और 7 मई की दरमियानी रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया. इस एयर स्ट्राइक के जरिए पाकिस्तान और पीओके में आतंकियों द्वारा बनाए गए 9 ट्रेनिंग कैंप्स को खत्म कर दिया गया. भारत की जल, थल और वायु सेना ने मिलकर पाकिस्तान से 26 निर्दोष लोगों की जान का बदला ले लिया है.

ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देने के लिए देश की जांबाज महिला जवान मीडिया के सामने आईं. इंडियन एयरफोर्स की विंग कमांडर व्योमिका सिंह और इंडियन आर्मी की कर्नल सोफिया कुरैशी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में देश को विस्तृत जानकारी दी.

दोनों महिला जवानों सोफिया कुरैशी और व्योमिका सिंह की तस्वीर शेयर कर हरियाणा कांग्रेस के नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने बड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा- 140 करोड़ भारतीयों की ओर से अच्छा संदेश दिया गया. म्हारी छोरियां छोरो से कम हैं के? कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह.”

सोफिया कुरैशी इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर तैनात हैं. गुजरात से आने वालीं सोफिया कुरैशी के परिवार से कई लोग आर्मी में रहे हैं. उनके दादाजी आर्मी रिटायर्ड हैं और उनके पति मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री के अधिकारी हैं. पद पर तैनात व्योमिका सिंह हेलीकॉप्टर पायलट हैं. उन्होंने कई जोखिम भरे इलाकों में उड़ान भरी है. व्योमिका सिंह के पास 2500 से ज्यादा घंटों की फ्लाइट का अनुभव है. व्योमिका सिंह अपने परिवार की पहली सदस्य हैं, जिन्होंने आर्म्ड फोर्स जॉइन की. वे जोखिम भरे इलाकों में चेतक और चीता जैसे हेलीकॉप्टर फ्लाई कर चुकी हैं.

दोनों महिला अधिकारियों ने प्रेस कांफ्रेंस के जरिए पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में जानकारी दी और बताया कि भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला ले लिया है.

 

ENTERTAINMENT : राम कपूर की बेटी ने 38 किलो वजन किया कम, पत्नी गौतमी बोलीं- हमने बाहर जाना बंद कर दिया

राम कपूर की पत्नी गौतमी कपूर ने बताया कि उनकी बेटी ने 38 किलो वजन कम किया है. राम कपूर इसके बाद से फिटनेस को लेकर सीरियस हुए. बड़े अच्छे लगते हैं फेम एक्टर राम कपूर खबरों में बने हुए हैं. राम कपूर ने 55 किलो वजन कम किया. इसके बाद से वो अपने ट्रांसफॉर्मेशन की वजह से सुर्खियां बटोर रहे हैं. राम अपने एब्स भी फ्लॉन्ट करते नजर आते हैं. हालांकि, राम को ट्रोलिंग का भी शिकार होने पड़ा. लोगों ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने वजन कम करने के लिए कोई सर्जरी करवाई है या कोई दवा खाई है. राम कपूर ने इन खबरों पर रिएक्ट किया और कहा कि उन्होंने नैचुरली वजन कम किया.

अब राम कपूर की पत्नी गौतमी कपूर ने बताया कि उनकी बेटी ने भी वजन कम किया है. गौतमी ने कहा, ‘हम इस साल कुछ विवादों में रहे हैं. मैं बता दूं-ये वाकई बहुत मुश्किल रहा है. सिर्फ राम के लिए ही नहीं, बल्कि एक परिवार के तौर पर हम सभी के लिए ये एक जर्नी रही है. हमने मिलना-जुलना बंद कर दिया. हमने बाहर जाना बंद कर दिया. बाहर से खाना मंगवाना बंद कर दिया. हमने वो सब करना बंद कर दिया जो हमें पहले बहुत पसंद था.’

 

WORLD : ऑपरेशन सिंदूर में मसूद अजहर के परिवार के 14 लोगों का खात्‍मा, भारत का मोस्टवांटेड रऊफ असगर भी आया एयर स्ट्राइक की चपेट में

भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर में मसूद अजहर के परिवार के 14 लोगों के मारे जाने की खबर आ रही है. इसमें मसूद की पत्नी, बेटा और भाई भी शामिल हैं.

भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर में मसूद अजहर के परिवार के 14 लोगों के मारे जाने की खबर आ रही है. इसके अलावा, मसूद अज़हर का आतंकी भाई रऊफ असगर भी गंभीर रूप से घायल है. मारने वालों की लिस्ट में मसूद अज़हर के भाई और भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी रऊफ असगर का बेटा हुज़ैफ़ा भी शामिल है. इसके अलावा, रऊफ असगर के भाई की पत्नी की भी मौत की खबर आ रही है.

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर की ओर से कहा गया है कि भारत द्वारा बहावलपुर में जामिया मस्जिद सुब्हान अल्लाह पर किए गए हमले में उसके परिवार के 10 सदस्य और चार करीबी साथी मारे गए.

मसूद अजहर जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक और मोस्ट वांटेड आतंकी है. मसूद भारत के लिए सबसे खतरनाक आतंकवादियों में से एक माना जाता है. मसूद अजहर को 1999 में इंडियन एयरलाइंस को हाइजैक करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में उसे बंधकों की रिहाई के बदले छोड़ा गया. इसके बाद से वह पाकिस्तान में छिपकर कई बड़े आतंकी हमलों की साजिश रचता रहा है.

मसूद अजहर के नेतृत्व में जैश-ए-मोहम्मद ने 2001 में भारतीय संसद पर हमला किया, 2000 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा पर हमला किया, 2016 में पठानकोट एयरबेस पर हमला किया और 2019 में पुलवामा में आत्मघाती हमला जैसे कई बड़े आतंकी कांड किए.

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सेना ने मसूद अजहर के आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमला किया, जिसमें बहावलपुर में उसका मदरसा और जैश का मुख्यालय पूरी तरह तबाह हो गया. यह हमला 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का जवाब था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे.

मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 2019 में अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किया है. वह अफगानिस्तान और पाकिस्तान में आतंकियों को ट्रेनिंग देता रहा है और अपने संगठन का विस्तार करने के लिए नए मदरसे खोलने की योजना बनाता रहा है.

 

JAIPUR : अफेयर, चैट और पेट्रोल की बोतल… हत्या-आत्महत्या के बीच उलझी जयपुर की डॉक्टर भावना की डेथ मिस्ट्री!

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जयपुर के पास बहरोड़ की रहने वाली डॉक्टर भावना 21 अप्रैल को अपने गांव अनंतपुरा से दिल्ली के लिए निकली थी. फिलिपींस से डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाली भावना को दिल्ली में एमसीआई की ओर से वीकली टेस्ट के लिए दिल्ली जाना होता था. इस बीच डॉक्टर भावना ने अपनी मां को फोन कर 24 अप्रैल तक वापस आ जाने की बात भी कही थी.

जयपुर के पास बहरोड़ की रहने वाली डॉक्टर भावना 21 अप्रैल को अपने गांव अनंतपुरा से दिल्ली के लिए निकली थी. फिलिपींस से डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाली भावना को दिल्ली में एमसीआई की ओर से वीकली टेस्ट के लिए दिल्ली जाना होता था. इस बीच डॉक्टर भावना ने अपनी मां को फोन कर 24 अप्रैल तक वापस आ जाने की बात भी कही थी. लेकिन 24 अप्रैल की सुबह एक बड़ी ही अजीब और चौंकाने वाली खबर आई. उदेश नामक किसी शख्स ने बहरोड़ में डॉक्टर भावना की मां गायत्री यादव को फोन कर बताया कि उनकी बेटी बुरी तरह से जल गई है और हिसार के एक अस्पताल में भर्ती है. भावना की मां को तो इस बात पर यकीन ही नहीं हुआ. क्योंकि बेटी दिल्ली गई थी और उसे वापस राजस्थान लौटना था.

ऐसे में उसके हिसार में होने और वो भी जल जाने का सवाल ही नहीं उठता था. इसलिए उसने फोन करने वाले शख्स को बुरी तरह से फटकार दिया. लेकिन खबर बेटी के साथ हुए हादसे की थी और इधर दिल मां का था. भावना की मां गायत्री से नहीं रहा गया. अब उसने अपनी बेटी को फोन किया. लेकिन कई कॉल्स के बावजूद भावना का फोन नहीं उठा. इसके बाद गायत्री का जी घबराने लगा और उसने फिर उसी अंजान नंबर पर कॉल करना शुरू कर दिया. आखिरकार उस आदमी ने फिर से वही बात दोहराई और बताया कि उनकी बेटी हिसार के सोनी अस्पताल में भर्ती है. अब तसल्ली के लिए गायत्री ने वीडियो कॉल पर अपनी बेटी भावना को दिखाने के लिए कहा. इसके बाद एक नर्स ने वीडियो कॉल पर भावना की तस्वीरें दिखाई.

तब गायत्री अपने कुछ साथियों के साथ सीधे हिसार के लिए चल पड़ी. वहां पहुंच कर गायत्री देवी ने जो कुछ देखा वो भयानक था. उनकी बेटी पूरी तरह से जल चुकी थी और अस्पताल के बिस्तर पर तड़प रही थी. उसकी हालत ऐसी थी कि वो ठीक से बात भी नहीं कर सकती थी. उसने बस इतना कहा कि मां मुझे बचा लो. देखो तुम्हारी बेटी के साथ क्या कर दिया. गायत्री यहां अपनी बेटी के साथ हुई इस वारदात की खबर देने वाले शख्स उदेश से मिलना चाहती थी. लेकिन वो अस्पताल से नदारद था. पूछने पर पता चला कि उदेश ही भावना को जली हुई हालत में अपने साथ अस्पताल लेकर आया था. उसे इलाज के लिए छोड़ कर अस्पताल से निकल गया. उदेश की तस्वीरें भी अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई हैं.

एक तो अंजान शहर ऊपर से घर से सैकड़ों मील दूर कोई जानने या मदद करने वाला भी नहीं. ऐसे में गायत्री यादव ने अपनी बेटी को हिसार के सोनी अस्पताल से जयपुर ले जाने का फैसला किया. क्योंकि उन्हें लगा कि वो वहां अपनी का और बेहतर तरीके से ख्याल रख पाएगी. हालांकि अस्पताल के डॉक्टर, भावना की हालत को देखते हुए उसे अस्पताल से छुट्टी देने को तैयार नहीं थे. क्योंकि इससे उसकी जिंदगी पर भी खतरा हो सकता था. इसके बाद कई घंटे का सफर कर गायत्री आखिरकार अपनी बेटी को हिसार से जयपुर लेकर आ गई. वहां एक अस्पताल में भर्ती करवा दिया. लेकिन लाख कोशिश करने के बावजूद वो भावना को बचा नहीं सके. उसने रात करीब 11 बजकर 24 मिनट पर अस्पताल में ही इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

इस तरह 24 अप्रैल का दिन तो बेटी को बचाने की अफरातफरी में ही निकल गया और रात होते-होते गम और मातम में डूब गया. लेकिन इसके अगले दिन डॉ भावना की मां ने उदेश के बारे में पता करने की शुरुआत की. अब तक उन्होंने उदेश का नाम भी नहीं सुना था. पूछताछ करने पर पता चला कि उदेश उनके किसी दूर के रिश्तेदार का करीबी है और वो डॉ भावना को जानता था. पता ये भी चला कि उदेश नाम का ये नौजवान हिसार के ही चौधरी चरण सिंह हरियाणा एग्रिकल्चर यूनिवर्सिटी में क्लर्क के तौर पर काम करता है, जहां डॉक्टर भावना के साथ जलने की वारदात हुई थी. ऐसे में गायत्री यादव ने जयपुर के ही एसएमएस अस्पताल में उदेश के खिलाफ अपनी बेटी को जला कर मारने की जीरो एफआईआर दर्ज करवा दी.

इधर एफआईआर दर्ज हुई और उधर उदेश हिसार से ही फरार हो गया. दो दिन बाद जयपुर में दर्ज करवाई गई जीरो एफआईआर हिसार के सिविल लाइंस थाने में पहुंची और पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी. पुलिस हरियाणा एग्रिकल्चर यूनिवर्सिटी के उदेश के उस क्वार्टर में पहुंची, जहां डॉ. भावना के साथ जलने की वारदात हुई थी. यहां उदेश तो नहीं मिला, लेकिन पुलिस को एक पेट्रोल की बोतल जरूरी मिली, जिसका इस्तेमाल शायद भावना को जलाने के लिए गया था. अब तक पुलिस उदेश के बारे में पता करना शुरू कर चुकी थी. शुरुआती छानबीन में पता चला कि उदेश भावना के दूर के रिश्तेदार का रिलेटिव है और शादीशुदा है. वो हरियाणा के ही रेवाड़ी के लिलोध गांव का रहने वाला है. हिसार में यूनिवर्सिटी के क्वार्टर में रहता है.

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अब पुलिस छानबीन तो शुरू कर चुकी थी, लेकिन उदेश के पकड़े जाने के पहले तक ये पता करना मुश्किल था कि आखिर हरियाणा एग्रिकल्चर यूनिवर्सिटी के उस क्वार्टर में 21 अप्रैल की सुबह ठीक हुआ क्या था? क्योंकि एक तो जिसके कमरे में ये वारदात हुई थी यानी उदेश और दूसरा जिसके साथ ये वारदात हुई थी यानी भावना. इन दिनों के सिवाय इस वारदात का कोई भी तीसरा चश्मदीद नहीं था. दिक्कत ये थी कि डॉक्टर भावना की मौत हो चुकी थी और मौत से पहले भी उसकी हालत कुछ इतनी नाजुक थी कि वो पुलिस को अपना कोई बयान भी नहीं दे सकी. ऐसे में उदेश के क्वार्टर में हुई वारदात अब भी एक राज ही था. आखिरकार 4 दिन बाद पुलिस को कामयाबी मिली. पुलिस ने हिसार से ही उदेश को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस को उम्मीद थी कि अब भावना के कत्ल का एक-एक सच सामने आ जाएगा. लेकिन अपने गिरफ्तार होने के साथ ही उदेश ने जो कहानी सुनाई, उसने पुलिस को थोड़ा उलझा दिया. उसने ये तो माना कि डॉक्टर भावना के जलने की वारदात उसके क्वार्टर पर ही हुई, लेकिन साथ ही उसने ये भी बताया कि डॉक्टर भावना खुद ही अपने साथ पेट्रोल की बोतल लेकर आई थी और उसने खुद ही अपने शरीर में आग लगा ली. उसने भावना को नहीं जलाया, बल्कि उसकी आग बुझाई और उसे अस्पताल लेकर आया. इधर, डॉक्टर भावना के जलने और जलाने की इस थ्योरी के बीच आरोपी उदेश की पत्नी निक्की ने उदेश और डॉक्टर भावना के रिलेशन को लेकर जो कहानी सुनाई, वो चौंकाने वाली है.

निक्की ने पुलिस को बताया है कि उसका पति उदेश भावना को उनकी शादी के पहले से जानता था. भावना उदेश के मामा की साली थी. साल 2018 में दोनों के रिश्ते की बातचीत भी हुई थी, लेकिन तब भावना की मां गायत्री ने इस रिश्ते से मना कर दिया था और इसके बाद उन्होंने भावना को एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए फिलिपींस भेज दिया था. इस बीच उदेश ने जिंदगी में आगे बढ़ने का फैसला किया और उसने निक्की से शादी कर ली. इस तरह भावना के साथ उसके पति उदेश की शादी तो नहीं हो सकी, लेकिन भावना उदेश से अब भी प्यार करती थी और उदेश के शादीशुदा होने के बावजूद उससे शादी करना चाहती थी. निक्की ने अपने बातों के हक में कई सबूत पुलिस हिसार पुलिस के हवाले किए हैं.

इन सबूतों में करीब 60 पेज का व्हाट्सएप चैट भी है, जो उसके यानी निक्की के और डॉ भावना के बीच हुआ था. निक्की ने बताया है कि उदेश के शादीशुदा होने के बावजूद डॉ भावना का उदेश के प्रति कुछ इतना ज्यादा लगाव था कि वो उसका पीछा ही नहीं छोड़ना चाहती थी. यहां तक कि जब उसके पति उदेश ने भावना का नंबर ब्लॉक कर दिया तो उसने पहले उसे अलग-अलग नंबरों से कॉल करना शुरू कर दिया और फिर एक वक्त ऐसा भी आया जब भावना सीधे उदेश की पत्नी निक्की को ही कॉल करने लगी. यानी जिस आदमी से वो प्यार करती थी, उसकी बीवी से सीधे बातचीत करने लगी. निक्की की मानें तो भावना ने उससे ये कहा था कि वो इन दिनों उदेश को लेकर काफी डिप्रेशन में है.

इसलिए बस उसे कुछ दिनों तक उदेश से बात ही कर लेने दे, ताकि वो इस डिप्रेशन से बाहर निकल जाए. इसके बाद वो उदेश से बातचीत करना भी बंद कर देगी. फिलहाल उदेश की पत्नी निक्की ने हिसार पुलिस को अपने डॉ भावना के बीच हुई बातचीत का चैट सौंपा है, वो आंखें खोलने वाली हैं. इन चैट में निक्की भावना को समझाने की कोशिश करती हुई दिखाई दे रही है. जबकि भावना इमोशनली काफी कमजोर नजर आ रही है. निक्की और डॉ भावना की इस चैट से ये साफ है कि भावना उदेश के प्यार में किसी भी हद तक जाने को तैयार थी. वो कभी खुद खत्म हो जाने की बात कहती थी, तो कभी उदेश की पत्नी को ही फोन करती थी. उससे चैट करती थी, जबकि उदेश ने कथित तौर पर भावना का नंबर ही ब्लॉक कर दिया था.

इन सबूतों के हवाले से ऐसा तो नहीं लगता कि उदेश डॉक्टर भावना को परेशान कर रहा था. हालांकि पुलिस ने अपनी तफ्तीश में ये दावा किया है कि चूंकि भावना उदेश को अपनी पत्नी से तलाक लेकर खुद से शादी कर लेने की दबाव बना रही थी, इसलिए उदेश ने भावना को अपने क्वार्टर में बुला कर उसे जला दिया. फिलहाल पुलिस भावना और उदेश के पास से मिले पेट्रोल का सोर्स जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर ये कौन लेकर आया? खुद भावना या फिर उदेश? उदेश ने कहा है कि पेट्रोल खुद भावना लेकर आई थी. भावना उस दिन उसके क्वार्टर में दीवार फांद कर पहुंची थी. पुलिस क्वार्टर की दीवार के पास कुछ ईंटे भी पड़ी हुई मिली हैं, जिससे शायद दीवार में चढ़ने की कोशिश की गई. लेकिन भावना को उदेश ने बुलाया था या फिर भावना खुद उसके पास आई थी, अभी इसकी जांच चल रही है. पुलिस ने सारे ऑप्शंस खोल रखे हैं. ये मामला कत्ल या फिर खुदकुशी के बीच झूल रहा है.

NATIONAL : ऑपरेशन सिंदूर के भारत ने दिखाए एक-एक सबूत… पाकिस्तान में कहां गिरीं मिसाइलें, कैसे उड़ाए टारगेट

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ऑपरेशन सिंदूर का एक-एक सबूत देने के लिए विदेश सचिव विक्रम मिस्री के साथ कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने संयुक्त रूप से मीडिया के बात की. उन्होंने बताया पाकिस्तान में कहां-कहां आंतकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया गया. दोनों महिला अधिकारियों ने देश को बताया कि कैसे 25 मिनट में आतंक के ठिकानों को खत्म कर दिया गया.

पाकिस्तान की सरज़मीं पर पल रहे आतंक के अड्डों को जवाब देने के लिए भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया. 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 25 भारतीय और 1 नेपाली नागरिक की बेरहमी से हत्या का जवाब भारत ने ऐसा दिया कि दुनिया ने देखती रह गई और पाकिस्तान पूरी रहत से हिल गया. क्रूर आतंकी हमले के मासूम शिकारों को न्याय दिलाने के लिए शुरू हुई ये सैन्य कार्रवाई, आतंक के हर उस गढ़ तक पहुंची जहां से खून की साजिशें रची जा रही थीं. इस ऑपरेशन का एक-एक सबूत देने के लिए विदेश सचिव विक्रम मिस्री के साथ कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने संयुक्त रूप से मीडिया के बात की. उन्होंने बताया पाकिस्तान में कहां-कहां आंतकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया गया.

भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा, 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए मासूम नागरिकों और उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉच किया गया था. इस कार्रवाई में 9 आतंकवादी शिविरों को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया. कर्नल सोफिया कुरैशी ने मीडिया को पाकिस्तान और PoJK में आतंकवादी शिविरों पर कई हमल करते हुए वीडियो भी दिखाए. विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने कहा, आतंकवादी स्थल मरकज सुभान अल्लाह, बहावलपुर, पाकिस्तान, जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय, भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा निशाना बनाया गया.

कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताया कि लॉन्चपैड, ट्रेनिंग सेंटर्स टारगेट किए गए हैं. उन्होंने बताया कि रात एक बजकर पांच मिनट और एक बजकर 30 मिनट के बीच यह ऑपरेशन हुआ. पाकिस्तान में 3 दशकों से आतंकवादियों का निर्माण हो रहा है. पाकिस्तान और पीओके में 9 टारगेट पहचाने गए थे और इन्हें हमने तबाह कर दिया. लॉन्चपैड, ट्रेनिंग सेंटर्स टारगेट किए गए. सवाई नाला मुजफ्फराबाद में लश्कर का ट्रेनिंग सेंटर था. जिसे तबाह कर दिया गया है. दोनों महिला अफसरों ने कहा- पीओके में सबसे पहले सवाई नाला मुजफ्फराबाद में लश्कर का ट्रेनिंग सेंटर था. सोनमर्ग, गुलमर्ग और पहलगाम हमले के आतंकियों ने यहीं ट्रेनिंग ली. सैयदना बिलाल कैंप मुजफ्फराबाद में हथियार, विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल की ट्रेनिंग दी जाती थी. कोटली गुरपुर कैंप लश्कर का है. पुंछ में 2023 में श्रद्धालुओं पर हुए हमले के आतंकी यहीं ट्रेंड हुए थे.

 

NATIONAL : पाकिस्तान पर Airstrike के बाद यूपी में रेड अलर्ट, DGP ने सभी जिलों की पुलिस को दिया ये निर्देश

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उत्तर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी है. उन्होंने सभी जिलों की पुलिस को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही पूरे प्रदेश में आज यानी 7 मई को ‘मॉक ड्रिल’ करवाई जाएगी.

पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना द्वारा एयरस्ट्राइक करने के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है. डीजीपी प्रशांत कुमार ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी है. उन्होंने सभी जिलों की पुलिस को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही पूरे प्रदेश में आज यानी 7 मई को ‘मॉक ड्रिल’ करवाई जाएगी.

आपको बता दें कि भारतीय सेना ने बुधवार रात डेढ़ बजे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के अंदर 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की. इसमें 50 से ज्यादा आतंकी मारे गए और दर्जनों आतंकी ठिकाने तबाह हुए. इसको लेकर अब उत्तर प्रदेश में रेड अलर्ट घोषित किया गया है.

‘ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम हमले में हमारे भाइयों की हत्या का जवाब’, अमित शाह की पाकिस्तान को दो टूक
बकौल यूपी डीजीपी- ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद उत्तर प्रदेश में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है. भारतीय सेना द्वारा आतंकी ठिकानों पर लक्षित हमला किया गया है. पुलिस की सभी फील्ड संरचनाओं को रक्षा इकाइयों के साथ समन्वय करने और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को मजबूत करने का निर्देश दिया गया है. उतर प्रदेश पुलिस हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सतर्क, सुसज्जित और पूरी तरह तैयार है. जय हिंद.

इससे पहले डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा था कि 7 मई को सिविल डिफेंस के मॉक ड्रिल के संबंध में भारत सरकार से निर्देश प्राप्त हुए हैं. 19 जिलों की पहचान की गई है, जिसमें एक जिला ए श्रेणी में है, दो जिले सी श्रेणी में हैं और बाकी बी श्रेणी में हैं. इन सभी जिलों में सिविल प्रशासन, पुलिस प्रशासन, अग्निशमन सेवा, आपदा प्रतिक्रिया बल के साथ मिलकर मॉक ड्रिल की जाएगी ताकि आकस्मिकता की स्थिति में हर हालत से निपट सकें.

आज होने वाली मॉक ड्रिल में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन की टेसटिंग, क्रैश ब्लैकआउट एक्सरसाइज, नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिये भी ए रिहर्सल और आपात स्थिति के दौरान सुरक्षा उपायों में आम जनता को ट्रेनिंग देना शामिल है.

 

NATIONAL : नैनीताल में दुष्कर्म की घटना से संकट में पर्यटन उद्योग, जून तक की होटल बुकिंग रद्द

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नैनीताल में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म की घटना के बाद के यहां पर्यटन उद्योग पर इसका तगड़ा असर पड़ा है. पर्यटकों ने होटल्स की बुकिंग्स रद्द कर दी है.उत्तराखंड का प्रमुख पर्यटन स्थल नैनीताल इन दिनों एक गंभीर संकट से गुजर रहा है. हाल ही में शहर में एक नाबालिग बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म की दर्दनाक घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है. इस शर्मनाक वारदात ने न केवल शहर की सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि इसका सीधा असर पर्यटन उद्योग पर भी पड़ा है, जो यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है. घटना के बाद से नैनीताल आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है.

होटल कारोबारियों के अनुसार, अप्रैल से जून तक चलने वाले पीक पर्यटन सीजन की लगभग सभी बुकिंग्स रद्द कर दी गई हैं. कई होटलों में 80 से 90 प्रतिशत तक की बुकिंग कैंसिल हो चुकी हैं, जिससे उन्हें करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका है.

नैनीताल झील, स्नो व्यू पॉइंट, टिफिन टॉप और चाइना पीक जैसे लोकप्रिय स्थलों पर आमतौर पर इस समय पर्यटकों की भीड़ रहती है, लेकिन हालिया घटना ने लोगों का भरोसा डगमगा दिया है. होटल मालिकों और टूर ऑपरेटरों का कहना है कि घटना के बाद से देशभर से आने वाले पर्यटक अपनी यात्राएं स्थगित कर रहे हैं, जिससे पूरा पर्यटन उद्योग प्रभावित हुआ है.

पर्यटन पर संकट के बीच शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं. हालांकि प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है. शहर में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है, प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे सक्रिय किए जा रहे हैं और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी की जा रही है.

इसी बीच नैनीताल के सांसद अजय भट्ट ने शहर का दौरा किया और घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पर्यटन व्यवसाय को हुए नुकसान पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने जनता से अपील की है कि नैनीताल एक शांत और सुरक्षित शहर है, प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है. सांसद ने पर्यटकों से शहर पर विश्वास बनाए रखने और पूर्व नियोजित यात्राएं रद्द न करने की अपील की है.

स्थानीय लोगों और व्यापारियों को उम्मीद है कि प्रशासनिक प्रयासों और जनप्रतिनिधियों की अपील के बाद पर्यटकों का विश्वास बहाल होगा और नैनीताल फिर से अपनी रौनक लौटाएगा. फिलहाल, शहर की फिजा में डर और सन्नाटा है, लेकिन यहां के लोग एक बार फिर से अपने शहर को पर्यटकों की पहली पसंद बनाने के लिए एकजुट हैं.

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