Wednesday, July 1, 2026
Home Blog Page 721

NATIONAL : सिंधु जल संधि निलंबन के बाद मोदी सरकार का बड़ा कदम, जम्मू-कश्मीर में रुके हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स को मिलेगी रफ्तार

0

इस हफ्ते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक अहम बैठक होने की संभावना है, जिसमें जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल, ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और अन्य संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. इससे पहले सिंधु जल संधि निलंबन के बाद अमित शाह और जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल की दो उच्चस्तरीय बैठकें हो चुकी हैं.

पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित करने के बाद मोदी सरकार अब जम्मू-कश्मीर में वर्षों से रुके पड़े हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने की दिशा में बड़े कदम उठाने जा रही है. इस हफ्ते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक अहम बैठक होने की संभावना है, जिसमें जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल, ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और अन्य संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे.

इससे पहले सिंधु जल संधि निलंबन के बाद अमित शाह और जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल की दो उच्चस्तरीय बैठकें हो चुकी हैं. इन बैठकों में यह रणनीति बनी है कि जम्मू-कश्मीर में ठप पड़ी पनबिजली परियोजनाओं (Hydro Power Projects) को फिर से शुरू किया जाए और नए प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाया जाए.

विशेषज्ञों का मानना है कि संधि निलंबन के बाद अब भारत को किसी भी नए प्रोजेक्ट से पहले पाकिस्तान को छह महीने का नोटिस देने की जरूरत नहीं होगी, न ही जल डेटा साझा करना अनिवार्य होगा. इससे प्रशासनिक प्रक्रिया में तेज़ी आएगी और परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकेंगी.

जम्मू-कश्मीर में छह प्रमुख हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट हैं जिनमें तेजी आने की उम्मीद है

-सावलकोट प्रोजेक्ट (1,856 मेगावाट)
-पाकल दुल प्रोजेक्ट (1,000 मेगावाट)
-रतले प्रोजेक्ट (850 मेगावाट)
-बर्सर प्रोजेक्ट (800 मेगावाट)
-किरू प्रोजेक्ट (624 मेगावाट)
-किर्थाई-I और II प्रोजेक्ट (कुल 1,320 मेगावाट)

बढ़ेगी जम्मू-कश्मीर की बिजली उत्पादन क्षमता

इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से जम्मू-कश्मीर की कुल बिजली उत्पादन क्षमता 10,000 मेगावाट तक पहुंच सकती है. इसके अलावा, मैदानी राज्यों में सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता भी कई गुना बढ़ेगी. अब चेनाब और झेलम नदियों पर नए प्रोजेक्ट्स बनाना और वूलर झील को पुनर्जीवित करना संभव होगा, जिस पर पहले सिंधु जल संधि के कारण अड़चन थी. सरकार का यह कदम ऊर्जा आत्मनिर्भरता के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी अहम माना जा रहा है.

ENTERTAINMENT : ममता में लिपटी मेट क्वीन कियारा, ड्रेस देख कमेंट करने से खुद को रोक नहीं पाईं रकुल प्रीत सिंह

न्यूयॉर्क में साल 2025 के मेट गाला इवेंट का आगाज हो चुका है. समारोह में बॉलीवुड एक्ट्रेस कियारा आडवाणी ने बेहद खूबसूरत अंदाज में अपना बेबी बंप फ्लॉन्ट किया है.

बॉलीवुड एक्ट्रेस कियारा आडवाणी ने बेबी बंप के साथ मेट गाला में एंट्री की. उन्होंने अपने लुक से खूब लाइमलाइट लूटी. जिसने भी उन्हें देखा, बस देखता ही रह गया. कियारा ने अपने इस लुक की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर भी शेयर की हैं, जिस पर फैंस के साथ-साथ कई हस्तियां भी कमेंट कर रही हैं. वहीं एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह ने उन्हें ‘सुंदर मम्मा’ का टैग दिया.

कियारा जल्द मां बनने वाली हैं. वह अपनी प्रेग्नेंसी जर्नी को एन्जॉय कर रही हैं और इसी खास पलों की भावनाओं को उन्होंने मेट गाला में अपनी ड्रेस के जरिए दिखाने की कोशिश की. इंस्टाग्राम पर शेयर की गई तस्वीरों में कियारा ब्लैक कलर के ऑफ-शोल्डर गाउन में नजर आ रही हैं.

इस ड्रेस में एक खूबसूरत भावना छिपी हुई है. गाउन में गोल्डन ब्रेस्टप्लेट है, जिसे चेन के साथ नीचे बने एक दिल से जोड़ा गया है. यह चेन गर्भनाल को दर्शाती है, जो एक बच्चे को उसकी मां से जोड़ती है. इस ड्रेस को गौरव गुप्ता ने डिजाइन किया था.

इंस्टाग्राम पर इन तस्वीरों को शेयर करते हुए कियारा ने कैप्शन में लिखा- ‘मई में मां का पहला सोमवार.’ उनकी इस पोस्ट पर ‘बेगम जान’ की एक्ट्रेस रिद्धिमा तिवारी ने कमेंट में लिखा- ‘गॉर्जियस.’ वहीं रकुल प्रीत सिंह ने लिखा- ‘सुंदर मम्मा.’ इनके अलावा एक और यूजर्स ने लिखा- ‘क्वीन.’

बता दें कि कियारा आडवाणी ने करीब तीन साल तक सिद्धार्थ मल्होत्रा को डेट करने के बाद साल 2023 में राजस्थान में धूमधाम से शादी की थी. यह कपल अब जल्दी ही बच्चे का स्वागत करने वाला है. कियारा ने 28 फरवरी को अपनी प्रेग्नेंसी की खुशखबरी फैंस के साथ शेयर की थी.

उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर किया था, जिसमें कियारा-सिद्धार्थ अपने हाथ में वाइट कलर के बेबी के मौजे पकड़े हुए थे. उन्होंने कैप्शन में बेबी इमोजी के साथ लिखा- ”हमारे जीवन का सबसे बड़ा उपहार… जल्द आ रहा है.” इसके साथ उन्होंने इविल आई, हार्ट और हाथ जोड़ने वाली इमोजी भी शेयर की.

उनके पोस्ट पर फिल्म सेलेब्स ने भी जमकर बधाई दी. करीना कपूर ने कमेंट में लिखा- ‘जिंदगी का सबसे बेहतरीन पल आने वाला है. भगवान आप दोनों को आशीर्वाद दें.’ वहीं एक्टर ईशान खट्टर, फिल्ममेकर एकता कपूर, मसाबा गुप्ता, नीना गुप्ता, मनीष मल्होत्रा, सोनू सूद, आथिया शेट्टी समेत कई सेलेब्स ने भी बधाई दी थी.

 

UP : यूपी के नगर निगमों में पार्किंग के लिए बड़ी खबर, योगी सरकार ने लिया अहम फैसला

0

उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘उत्तर प्रदेश नगर निगम (पार्किंग स्थान का सन्निर्माण, अनुरक्षण एवं प्रचालन) नियमावली, 2025’ को प्रख्यापित करने की मंजूरी दे दी है.

उत्तर प्रदेश के नगर निगम क्षेत्रों में पार्किंग की समस्याओं को दूर करने और यातायात को सुगम बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है. प्रदेश सरकार ने ‘उत्तर प्रदेश नगर निगम (पार्किंग स्थान का सन्निर्माण, अनुरक्षण एवं प्रचालन) नियमावली, 2025’ को प्रख्यापित करने की मंजूरी दे दी है. इस नियमावली के लागू होने के बाद अब सभी नगर निगमों में पार्किंग व्यवस्था एक जैसी होगी.

तेजी से बढ़ रहे वाहन
गौरतलब है कि बीते कुछ वर्षों में प्रदेश के शहरों में निजी वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है. दोपहिया और चारपहिया वाहनों की भरमार के चलते सड़कों पर जगह कम पड़ने लगी है. पार्किंग न होने की वजह से लोग वाहन फुटपाथ, सड़क किनारे और अन्य खाली जगहों पर खड़े कर देते हैं. इससे जहां ट्रैफिक जाम होता है, वहीं आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

मल्टीलेवल पार्किंग को बढ़ावा
नई नियमावली का उद्देश्य पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाना और इसे नगर निगमों के लिए आमदनी का स्थायी स्रोत बनाना है.इसके तहत मल्टी लेवल पार्किंग को बढ़ावा दिया जाएगा और स्मार्ट तकनीकों के जरिये पार्किंग की निगरानी और संचालन किया जाएगा. इससे पार्किंग की जगहों का बेहतर उपयोग होगा और अव्यवस्थित पार्किंग पर लगाम लगेगी.

जाम से मिलेगी राहत
सरकार का मानना है कि इससे ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान मिलेगा. साथ ही शहरों में अनियोजित निर्माण और अतिक्रमण पर भी रोक लगेगी. नियमावली में सभी नगर निगमों में एक जैसे पार्किंग शुल्क की व्यवस्था की गई है, जिससे मनमाने शुल्क वसूली और लोगों के शोषण की संभावना खत्म हो जाएगी.

पार्किंग शुल्क से बढ़ेगी आमदनी
इसके अलावा नगर निगमों को पार्किंग शुल्क से नियमित आमदनी होगी, जिससे वे नागरिकों को साफ-सफाई, जल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, कूड़ा निस्तारण जैसी मूलभूत सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध करा सकेंगे.

शहरों का होगा विकास
पार्किंग के लिए एक समान नीति लागू होने से शहरों का नियोजित विकास भी सुनिश्चित होगा. लोगों को तयशुदा दरों पर सुगम और सुरक्षित पार्किंग मिलेगी. यह कदम राज्य सरकार के उस विजन को मजबूत करता है, जिसमें शहरी जीवन को स्मार्ट, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना शामिल है.

 

NATIONAL : भारतीय पासपोर्ट के कारण पाकिस्तान न जा सकी सना, बच्चे सरहद पार पति के हवाले, रो-रोकर हुआ बुरा हाल

0

मेरठ की सना के पास भारतीय पासपोर्ट होने के कारण पाकिस्तान नहीं जाने दिया गया, जिससे उसे अपने 3 साल के बेटे और 1 साल की बेटी को अटारी बॉर्डर पर मजबूरी में पाकिस्तानी पति को सौंपना पड़ा. बच्चों से जुदा होकर सना फूट-फूट कर रोई. अब वह सरकार से गुहार लगा रही है कि उसे बच्चों से मिलने के लिए पाकिस्तान जाने की अनुमति दी जाए.

दर्द और मजबूरी की एक मार्मिक कहानी सामने आई है मेरठ के सरधना से, जहां रहने वाली सना को अपने मासूम बच्चों से जुदा होना पड़ा. सना ने सोमवार को अपने 3 साल के बेटे और 1 साल की बेटी को पाकिस्तान भेज दिया. दोनों बच्चों के पास पाकिस्तानी पासपोर्ट था, जबकि सना भारतीय नागरिक है, इसलिए उसे सीमा पार जाने की अनुमति नहीं मिली.

सना की शादी 2020 में पाकिस्तान के कराची निवासी एक युवक से हुई थी. वह हाल ही में 45 दिन के शॉर्ट टर्म वीजा पर अपने बच्चों के साथ भारत आई थी. इस दौरान पहलगाम में हुई आतंकी घटना के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तानियों को भारत छोड़ने का निर्देश जारी किया.25 अप्रैल को सना अपने बच्चों को लेकर अटारी बॉर्डर पहुंची थी, लेकिन भारतीय पासपोर्ट होने की वजह से उसे भारत में ही रोक दिया गया. नतीजतन सना को बच्चों के साथ मायके लौटना पड़ा.

हालात से मजबूर सना ने सोमवार को दोबारा अटारी बॉर्डर का रुख किया और अपने दोनों बच्चों को पाकिस्तान में मौजूद पति को सौंप दिया. बच्चों को विदा करते समय सना का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. अब सना अपने मायके सरधना लौट आई है और सरकार से अपील कर रही है कि उसे भी पाकिस्तान जाने की अनुमति दी जाए, ताकि वह अपने बच्चों के साथ रह सके.

 

NATIONAL : युवक की मौत पर भड़का परिजनों का गुस्सा, ठेकेदार के परिवार पर जानलेवा हमला, पुलिस के साथ भी झड़प

0

हाजीपुर में युवक की मौत पर परिजनों ने दूसरे पक्ष पर हमला बोल दिया. उन्होंने हत्या का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया. आक्रोशित परिजनों की पुलिस के साथ भी भिड़ंत हुई.

हाजीपुर के लालगंज थाना क्षेत्र में जमकर बवाल हुआ. ठेकेदार के परिवार पर दूसरे पक्ष ने हमला कर दिया. परिजनों की लाठी डंडों से पिटाई की गई. मारपीट में कई लोग घायल बताए गए हैं. बीच बचाव करने पहुंची पुलिस के साथ भी गुस्साए लोगों की झड़प हुई. बता दें कि कमालपुर गांव निवासी धर्मेंद्र पंडित 24 अप्रैल को विशेष समुदाय के ठेकेदार संग पश्चिम बंगाल में मजदूरी करने गया था.

सोमवार को धर्मेंद्र पंडित की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मृतक का शव गांव में पहुंचने पर परिजनों का गुस्सा भड़क उठा. परिजन शव लेकर ठेकेदार के घर पर पहुंचे. उन्होंने ठेकेदार पर हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया. देखते-देखते विवाद मारपीट में बदल गया. विशेष समुदाय के परिवार वालों पर दूसरे पक्ष ने जानलेवा हमला कर दिया.

हमलावर लाठी डंडों से लैस होकर ठेकेदार के घर पहुंचे थे. विशेष समुदाय के परिजनों की जमकर पिटाई की गई. मारपीट की खबर पाकर पुलिस मौके पर पहुंची. बीच बचाव कर पुलिस ने माहौल शांत कराने का प्रयास किया. आक्रोशित लोग पुलिस के साथ भी भिड़ गए. उपद्रव शांत कराने के लिए पुलिस ने भी मोर्चा संभाला.

मौके पर लाठीचार्ज कर ग्रामीणों को खदेड़ा गया. पुलिस ने विशेष समुदाय के परिवार की जान बचाई. मारपीट में कई लोगों के घायल होने की बात सामने आई है. काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण पाया. मौके पर हालात तनावपूर्ण हैं. अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है. विशेष समुदाय के लोगों को बचाकर पुलिस अपने साथ ले गई.

 

NATIONAL : शिमला में 7 मई को शाम चार बजे से होगी मॉक ड्रिल, तेज आवाज में बजेंगे सारयन, जानें जरूरी बातें

0

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का माहौल है. इस बीच बुधवार (7 मई) को शिमला समेत देशभर के 244 जिलों में मॉक ड्रिल कराई जा रही है.

पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत अब पाकिस्तान को सबक सीखने की तैयारियों में जुटा हुआ है. इसी को लेकर बुधवार यानी 7 मई को देशभर में मॉक ड्रिल कराई जा रही है. पाकिस्तान के खिलाफ कड़े एक्शन से पहले बुधवार को देशभर के 244 जिलों में मॉक ड्रिल कराई जा रही है. हिमाचल की राजधानी शिमला में भी मॉक ड्रिल कराई जाएगी.

इससे पहले 1971 में इस तरह की मॉक ड्रिल कराई गई थी. मॉक ड्रिल के दौरान इन जिलों में ब्लैकआउट रहेगा. इस दौरान सभी घरों, दफ्तरों और सार्वजनिक स्थानों की लाइटें बंद कर दी जाएंगी. इतना ही नहीं तेज आवाज में सायरन भी बजेंगे. ड्रिल के दौरान नागरिकों को बचने की ट्रेनिंग दी जाएगी.

हिमाचल में भी ये मॉक ड्रिल करवाई जाएगी. बुधवार शाम चार बजे शिमला में मॉक ड्रिल आयोजित होगी. 244 जिलों में शिमला जिला को शामिल किया गया है. ये जानकारी अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा ने दी. उन्होंने बताया कि फिलहाल शिमला को ही मॉक ड्रिल में रखा गया है. लेकिन केंद्र को पत्र लिखकर सभी 12 जिलों में मॉक ड्रिल करवाने की मांग उठाई गई है, क्योंकि हिमाचल के चम्बा, किन्नौर और लाहौल की सीमाएं संवेदनशील हैं. इसके अलावा यहां बिजली प्रोजेक्ट है, इस हिसाब से सभी जिलों में मॉक ड्रिल करवाने का आग्रह केंद्र से किया गया.

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी. इस घटना के बाद भारत सरकार ने कई सख्त कदम उठाए, जिसमें भारत में मौजूद पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजना भी शामिल है. वहीं, कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश में 5 मई को बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सुक्खू सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और पाक नागरिकों के खिलाफ सख्ती नहीं बरतने का आरोप लगाया.बीजेपी का आरोप है कि पाक नागरिकों के भारत छोड़ने वाले केंद्र सरकार के आदेश के बावजूद हिमाचल की सुक्खू सरकार ने इसे नजरअंदाज कर दिया है. न तो कोई आधिकारिक कार्रवाई की गई और न ही यह जानकारी सार्वजनिक की गई कि हिमाचल प्रदेश में कितने पाकिस्तानी नागरिक रह रहे हैं.

 

NATIONAL : झारखंड शराब घोटाले में अब सीबीआई करेगी जांच, अंतरराज्यीय सिंडिकेट पर नजर

0

केंद्र सरकार ने झारखंड में लगभग 450 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी है. यह मामला 2022 में झारखंड और छत्तीसगढ़ के अधिकारियों और कारोबारियों के गठजोड़ का आरोप सामने आने पर उजागर हुआ.

केंद्र सरकार ने झारखंड में शराब घोटाले को लेकर बड़ा फैसले लेते हुए इसकी जांच केंद्रीय जांच एजेंसी केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी है. ऐसा बताया जा रहा है कि यह शराब घोटाला करीब 450 करोड़ रुपये का है. सीबीआई की जांच से अब अंतरराज्यीय तक फैले भ्रष्टाचार के सिंडिकेट की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं.

शराब घोटाला का मामला सबसे 2022 में सामने आया था. आरोप है कि झारखंड और छत्तीसगढ़ के अफसरों और कारोबारियों न मिलकर शराब वितरण प्रणाली में बदलाव किया और घोटाले को अंजाम दिया. आरोप है कि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर झारखंड में शराब वितरण प्रणाली में बदलाव किया गया. इसके जरिए टेंडर में गड़बड़ी की गई. नकली होलोग्राम वाली शराब बेचे गई और इसका लाभ कुछ चुनिंदा ठेकेदारों ने लिया.

किन लोगों पर है आरोप?

गजेंद्र सिंह (उप आयुक्त, झारखंड)
अनवर ढेबर (व्यापारी)
अनिल तुतेजा (पूर्व अफसर, छत्तीसगढ़)
अरुणपति त्रिपाठी (पूर्व अफसर)
विनय चौबे (पूर्व उत्पाद सचिव, झारखंड)
अभी तक जांच में क्या हुआ?

झारखंड की सरकार की ओर से इस घोटाले में सीबीआई की जांच की अनुमति नहीं दी गई थी. जिस वजह से मामला लटका हुआ था. जांच आगे नहीं बढ़ पा रही थी.छत्तीसगढ़ सरकार के औपचारिक रूप से केंद्र सरकार से सीबीआई जांच करने का अनुरोध किया था. अब केंद्र सरकार से हरी झंडी मिल गई है.
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मामले में कई जगहों पर छापेमारी कर कई दस्तावेज जब्त किए हैं.

NATIONAL : दिल्ली HC का अहम फैसला, माता-पिता के विवाद के चलते स्कूल TC देने से इनकार नहीं कर सकता

0

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक अहम और संवेदनशील मामले में फैसला सुनाते हुए कहा है कि किसी भी स्कूल को यह अधिकार नहीं है कि वह माता-पिता के आपसी विवाद के चलते किसी बच्चे को ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) देने से इनकार करे. जस्टिस विकास महाजन की बेंच ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में सबसे अहम बात यह है कि बच्चे की पढ़ाई और भविष्य किसी भी तरह से प्रभावित न हो. कोर्ट ने स्कूल प्रशासन को निर्देश दिया कि वह एक सप्ताह के भीतर टीसी जारी करे, ताकि बच्ची की पढ़ाई में कोई बाधा न आए.

यह याचिका एक नाबालिग बच्ची की ओर से उसकी मां द्वारा दाखिल की गई थी. याचिका में दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय और मॉन्टफोर्ट स्कूल को पक्षकार बनाते हुए ट्रांसफर सर्टिफिकेट जारी करने का अनुरोध किया गया था. याचिकाकर्ता का कहना था कि अप्रैल 2024 में बच्ची के माता-पिता अलग हो गए थे और तब से वह अपनी मां के साथ गुरुग्राम में रह रही है. बच्ची को गुरुग्राम के एक स्कूल में दाखिला भी मिल गया है, लेकिन मॉन्टफोर्ट स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट देने से इनकार कर रहा है.

मॉन्टफोर्ट स्कूल ने टीसी न देने का कारण यह बताया कि बच्ची के पिता ने स्कूल को एक पत्र लिखकर टीसी जारी न करने की मांग की थी. हालांकि कोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि माता-पिता के बीच मेट्रिमोनियल विवाद का मामला फैमिली कोर्ट में लंबित जरूर है, लेकिन वहां से ऐसा कोई आदेश पारित नहीं हुआ है जिससे टीसी रोकने का निर्देश दिया गया हो.

दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस महाजन ने अपने आदेश में कहा, ”बच्चे के हित को सर्वोपरि मानना हमारी संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी है. माता-पिता के बीच कोई भी निजी विवाद स्कूल को इस हद तक नहीं पहुंचा सकता कि वह बच्चे की शिक्षा में रुकावट डाले.” हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि स्कूल ने जानबूझकर टीसी देने में देरी की, तो उसके प्रधानाचार्य या प्रभारी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने स्कूल को आदेश दिया कि वह एक सप्ताह के भीतर टीसी जारी करे. साथ ही यह भी कहा कि अगर स्कूल इस आदेश से असहमति रखता है, तो वह याचिका में बदलाव को लेकर उपयुक्त आवेदन दे सकता है.

 

NATIONAL : क्या होते हैं नागरिक सुरक्षा जिले, क्यों बजाए जाते हैं सायरन… भारत में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल से जुड़े सभी सवालों के जवाब

0

सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल एक ऐसा अभ्यास होता है जिसमें वास्तविक परिस्थितियों की तरह ही हवाई हमले के सायरन बजाए जाते हैं, शहरों को ब्लैकआउट किया जाता है, नागरिकों को सुरक्षित आश्रयों में ले जाया जाता है और इमरजेंसी टीमें अपनी भूमिका निभाती हैं. इसका मकसद नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना और आपदा के समय घबराहट, भ्रम और नुकसान को कम करना होता है.

भारत सरकार द्वारा 7 मई को पूरे देश में एक व्यापक सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश के सभी 244 जिलों को शामिल किया गया है. इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य युद्ध, मिसाइल हमलों या हवाई बमबारी जैसी आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए आम नागरिकों और सरकारी तंत्र की तैयारियों की जांच करना है.

सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल एक ऐसा अभ्यास होता है जिसमें वास्तविक परिस्थितियों की तरह ही हवाई हमले के सायरन बजाए जाते हैं, शहरों को ब्लैकआउट किया जाता है, नागरिकों को सुरक्षित आश्रयों में ले जाया जाता है और इमरजेंसी टीमें अपनी भूमिका निभाती हैं. इसका मकसद नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना और आपदा के समय घबराहट, भ्रम और नुकसान को कम करना होता है.

यह एक नई रणनीति का पहला कदम है, जिसके तहत शांति काल में भी वैश्विक स्तर पर रणनीतिक तैयारी को मजबूत किया जा रहा है, ताकि संकट की स्थिति में सरकार और आम जनता पूरी तरह तैयार रहें.

सिविल डिफेंस जिले वे विशेष रूप से चिन्हित जिले होते हैं, जहां आपदा या युद्ध जैसी आपात परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए विशेष प्रबंधन और प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाती है. इन जिलों में सरकारी तंत्र, पुलिस, अर्धसैनिक बलों और नागरिक स्वयंसेवकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है.

क्या-क्या होगा इस मॉक ड्रिल में?

7 मई को होने वाली इस मॉक ड्रिल में निम्नलिखित गतिविधियां की जाएंगी:

– पब्लिक वार्निंग सिस्टम की जांच: सायरनों के माध्यम से जनता को सतर्क करने की व्यवस्था की जांच की जाएगी.

– टेलीफोन और रेडियो लिंक परीक्षण: भारतीय वायुसेना के साथ हॉटलाइन और रेडियो कम्युनिकेशन की जांच.

– कंट्रोल और शैडो रूम की तैयारी: आपातकालीन समन्वय के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली का परीक्षण.

– नागरिकों का प्रशिक्षण: छात्रों को आत्मरक्षा की जानकारी और सीमित संघर्ष की स्थिति में सुरक्षा उपाय सिखाए जाएंगे.

– ब्लैकआउट तकनीक: आपात स्थिति में बिजली की आपूर्ति बंद कर ब्लैकआउट की प्रक्रिया का अभ्यास.

– कैमोफ्लाज की तैयारी: संभावित हमले से बचाने के लिए महत्वपूर्ण संस्थानों को ढकने की कवायद.

– रेस्क्यू टीम की प्रतिक्रिया: फायर ब्रिगेड, बचाव दल, मरम्मत कर्मियों और सिविल वार्डनों की तैनाती और क्रियाशीलता की निगरानी.

– निकासी योजनाओं की समीक्षा: आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की रणनीति का परीक्षण.

नागरिकों के लिए क्या निर्देश हैं?

अधिकारियों ने जनता से मॉक ड्रिल के दौरान शांति बनाए रखने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है. साथ ही लोगों को यह सलाह दी गई है कि वे जरूरी वस्तुएं जैसे पानी, दवाएं और टॉर्च पास में रखें.

सोशल मीडिया के माध्यम से फैलने वाली अफवाहों से बचने के लिए जनता से आग्रह किया गया है कि वे केवल सरकारी स्रोतों से ही जानकारी लें. यदि बिजली या मोबाइल सेवाएं कुछ समय के लिए बाधित होती हैं, तो लोग रेडियो और आधिकारिक संचार चैनलों से अपडेट लेते रहें.

क्या हो सकते हैं संभावित प्रभाव?

ड्रिल के दौरान कुछ क्षेत्रों में अस्थायी रूप से बिजली बंद की जा सकती है, मोबाइल नेटवर्क कमजोर हो सकते हैं या यातायात का रुख बदला जा सकता है. पुलिस और अर्धसैनिक बल आपातकालीन स्थितियों की मॉक प्रतिक्रिया के तहत गतिविधियां कर सकते हैं.

क्यों है यह मॉक ड्रिल महत्वपूर्ण?

बढ़ते वैश्विक सैन्य तनाव और युद्ध की आशंकाओं के बीच, यह मॉक ड्रिल देश की तैयारी को मजबूत करने और जनता को जागरूक करने का अहम प्रयास है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह एक गैर-खतरे की स्थिति है, लेकिन तैयारी जरूरी है. यह अभ्यास जनता के बीच में ही किया जाएगा ताकि असली आपात स्थिति में लोग संयम और दक्षता के साथ प्रतिक्रिया देना सीख सकें.

NATIONAL : Reel देखने में मस्त था ड्राइवर, दूल्हे की कार खाई में गिरने से भतीजी की मौत, शादी की खुशियां मातम में बदली

0

बांदा के चिल्ला थाना क्षेत्र में एक बारात की कार खाई में गिर गई. हादसे में दूल्हे की भतीजी की मौत हो गई जबकि दूल्हा समेत 5 लोग घायल हो गए. ड्राइवर शराब के नशे में रील देख रहा था, जिससे गाड़ी अनियंत्रित हो गई. पुलिस का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले की जांच जारी है.

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक दर्दनाक हादसे ने शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया. बारात लेकर जा रही एक कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई, जिससे दूल्हे की भतीजी की मौत हो गई. वहीं दूल्हा समेत 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसा चिल्ला थाना क्षेत्र के अंतर्गत पपरेन्दा गांव के पास हुआ.

जानकारी के मुताबिक, मवई बुजुर्ग गांव से एक बारात हमीरपुर के सुमेरपुर जा रही थी. कार में दूल्हा समेत कुल सात लोग सवार थे. प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों ने बताया कि गाड़ी चला रहा ड्राइवर शराब के नशे में था और चलते वक्त मोबाइल पर सोशल मीडिया की रील देख रहा था. पपरेन्दा गांव के पास पहुंचते ही स्विफ्ट कार अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई.

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को कार से बाहर निकालकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा. वहां डॉक्टरों ने दूल्हे की भतीजी को मृत घोषित कर दिया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. अन्य घायलों का इलाज जारी है. शादी वाले घर में कोहराम मचा हुआ है और बारात ले जाना भी रद्द कर दिया गया.

 

- Advertisement -

News of the Day