Wednesday, July 1, 2026
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NATIONAL : पंजाब ने जारी की धान बुवाई के लिए नई टाइमलाइन, एक्सपर्ट्स ने जताई चिंता

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पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पहले जून से चरणबद्ध तरीके से धान की बुवाई को लेकर नई टाइमलाइन जारी की है. सरकार ने नई टाइमलाइन में पूरे राज्य को तीन जोन में बांट कर तीन चरणों में धान की बुवाई का प्लान तैयार किया है. हालांकि, पंजाब की इस नई टाइमलाइन पर एक्सपर्ट ने चिंता जताई है.

पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार इस सीजन में धान की बुवाई के लिए नई टाइमलाइन जारी की है. सरकार ने धान की बुवाई के लिए एक जून से चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की तैयारी कर रही है, लेकिन विशेषज्ञ इस कदम की प्रभावशीलता को लेकर असमंजस में हैं.

सरकार ने नई टाइमलाइन में राज्य भर में तीन क्षेत्रों में तीन चरणों में धान बुवाई की योजना बनाई है. फरीदकोट, बठिंडा, फाजिल्का, फिरोजपुर और श्री मुक्तसर साहिब जिलों के किसान 1 जून से बुवाई शुरू करेंगे, जबकि गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन, रूपनगर, एसएएस नगर (मोहाली), श्री फतेहगढ़ साहिब और होशियारपुर के किसान 5 जून से बुवाई शुरू करेंगे.

इसके चार दिन बाद लुधियाना, मोगा, जालंधर, मानसा, मलेरकोटला, संगरूर, पटियाला, बरनाला, शहीद भगत सिंह नगर और कपूरथला समेत राज्य के बाकी हिस्सों में किसान बुवाई शुरू करेंगे.ये विभाजन बुवाई के बाद बिजली की मांग को कम करने के लिए किया गया है जो अन्यथा काफी बढ़ जाती. पंजाब के खेत सिंचाई के लिए बड़े पैमाने पर पंप किए गए भूजल पर निर्भर हैं, जिसके लिए बहुत अधिक बिजली की आवश्यकता होती है.

पंजाब कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्दी बुवाई और जल्दी कटाई से किसानों को उच्च आर्द्रता के कारण होने वाली जटिलताओं से बचने में भी मदद मिलेगी. पंजाब में उगाए जाने वाले अधिकांश धान की किस्मों को कटाई के लिए 90 दिनों की आवश्यकता होती है और नमी को साफ करने के लिए सितंबर का सूखा मौसम काम आ सकता है. चरणबद्ध कटाई से मंडियों में कटाई के बाद बिखरी हुई हैंडलिंग और प्रबंधन भी सुनिश्चित होगा.

हालांकि, विशेषज्ञ इसका दूसरा पहलू भी देखते हैं. औसतन एक किलो धान के लिए 4,000 लीटर पानी की जरूरत होती है. पंजाब में भूजल स्तर हर साल 2 फीट की दर से घट रहा है. केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) ने 2023 में अपनी रिपोर्ट में चेतावनी दी थी कि राज्य के तीनों जलभृतों में 1,000 फीट की गहराई तक भूजल 2039 तक खत्म हो जाएगा. देश के खाद्यान्न भंडार के रूप में, जो राष्ट्रीय खाद्य भंडार में 45 प्रतिशत अनाज का योगदान देता है, पंजाब धान के मौसम के 90 दिनों में भारी मात्रा में जमीन से पानी निकालता है जो कि आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है.

विशेषज्ञों का कहना है कि धान की बुवाई शुरू करने का अंतिम लक्ष्य जुलाई के पहले हफ्ते में मानसून की शुरुआत के साथ रोपाई का समय जोड़ना है. उनका तर्क है कि लगभग 20 दिन पहले शुरू करने का मतलब है कि ज्यादा पानी की जरूरत होगी और इसलिए बिजली की खपत भी ज़्यादा होगी.विशेषज्ञों का सुझाव है कि मौजूदा कृषि पद्धतियों को ध्यान में रखते हुए, जून के आखिरी हफ्ते में बुवाई शुरू कर देनी चाहिए. उन्होंने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की उस सिफारिश का हवाला दिया, जिसे मार्च के दूसरे हफ्ते में मान सरकार के साथ साझा किया गया था. इस सिफारिश में 20 जून से चरणबद्ध रोपाई की वकालत की गई थी.

भूजल संकट के कारण शोधकर्ता कम पानी की खपत वाले धान की किस्मों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जबकि राज्य सरकार ऐसे नीतिगत हस्तक्षेपों की ओर बढ़ रही है, जिनसे पानी की खपत कम हो सकती है.

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि रोपाई की शुरुआती तिथि किसानों को लंबी अवधि वाली धान की किस्मों की ओर आकर्षित कर सकती है, जिससे अधिक पराली जलाई जाएगी और वायु प्रदूषण और भी बदतर हो जाएगा. इस बीच मान सरकार पानी की अधिक खपत करने वाली पूसा-44 किस्म की खेती पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है, जिसमें प्रति एकड़ लगभग 152 दिन और 64 लाख लीटर पानी की खपत होती है, जिससे सरकार को प्रति एकड़ 7,500 रुपये बिजली पर खर्च करना पड़ता है. इस धान की खेती के लिए किसानों को प्रति एकड़ लगभग 19,000 रुपये खर्च करने पड़ते हैं जो अन्य किस्मों की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक पराली पैदा करता है.

उप-भूमि जल संरक्षण अधिनियम, 2009 के लागू होने के बाद से 16 वर्षों में, जिसने राज्य सरकार को बुवाई की तिथि घोषित करने का अधिकार दिया, राज्य और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के कृषि वैज्ञानिकों ने धान की ऐसी किस्में विकसित की हैं जो 2009 से पहले की किस्मों की तुलना में पकने में 30 दिन कम समय लेती हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि धान की देरी से रोपाई ने राज्य में इसकी खेती की गतिशीलता को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है, इस अवधि में उत्पादन और उत्पादकता दोनों में वृद्धि देखी गई है. वे चेतावनी देते हैं कि जल्दी बुवाई का कार्यक्रम किसानों को फिर से कम उत्पादन वाली फसलों की ओर ले जा सकता है, राज्य पर अधिक दबाव डाल सकता है और एक पारिस्थितिक आपदा साबित हो सकता है.

GOA : बागा बीच से लापता हुई 6 साल की मासूम बच्ची, एक किलोमीटर दूर समुद्र में मिली लाश

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पुलिस अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पर्यटक पुलिस कांस्टेबल, दमकल विभाग और लाइफगार्ड ने बच्ची की तलाशी शुरू की. कुछ वक्त बाद लापता होने के स्थान से एक किलोमीटर दूर 6 वर्षीय जोया की लाश बरामद हुई.

गोवा के मशहूर बीच से लापता हुई बच्ची की लाश मिलने से सनसनी फैल गई. उसकी लाश अरब सागर से सटे इलाके में मिली. गोवा पुलिस के मुताबिक, 6 साल की मासूम बच्ची अपने परिवार के साथ बागा बीच पर घूमने गई थी. उसी दौरान वो खेलते समय लापता हो गई थी. गोवा के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने सोमवार को पीटीआई से बात करते हुए बताया कि 6 वर्षीय बच्ची का शव अरब सागर से सटे इलाके में मिला. वह अपने परिवार के साथ गोवा के बागा बीच पर गई थी. उन्होंने बताया कि बच्ची की पहचान जोया के तौर पर हुई है.

पुलिस अफसर के मुताबिक, रविवार शाम को जोया अपने भाई के साथ मशहूर बागा समुद्र तट पर खेलते समय लापता हो गई थी. पहले घरवालों ने उसे तलाश किया, फिर पुलिस को सूचना दी.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पर्यटक पुलिस कांस्टेबल, दमकल विभाग और लाइफगार्ड ने बच्ची की तलाशी शुरू की. कुछ वक्त बाद लापता होने के स्थान से एक किलोमीटर दूर उसकी लाश बरामद हुई.अंजुना पुलिस को दिए गए बयान का हवाला देते हुए अधिकारी ने बताया कि लड़की के पिता कलंगुट बीच पर चाय की दुकान चलाते हैं, वे अपने परिवार के साथ घूमने के लिए बागा बीच पर गए थे. जहां से बच्ची खेलते वक्त लापता हो गई थी. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

NATIONAL : पाकिस्तानी महिला से निकाह करने वाले बर्खास्त CRPF जवान बोले- ‘पत्नी ने कहा पासपोर्ट पर ऐसा स्टांप लगाओ कि…’

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पाकिस्तानी महिला से शादी करने के आरोप में बर्खास्त सीआरपीएफ जवान मुनीर अहमद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगा रहे हैं. उन्होंने पाकिस्तान पर कड़े एक्शन के भारत के फैसले का समर्थन भी किया है.

जम्मू में  सीआरपीएफ के बर्खास्त जवान मुनीर अहमद ने बताया कि मीनल उनके मामू की बेटी हैं. मीनल का परिवार 1947 से पहले जम्मू में ही रहता था और विभाजन के समय पाकिस्तान चला गया था. उन्होंने बताया कि उनका निकाह उनके घर के बड़ों की तरफ से बचपन में ही तय कर दिया गया था. उन्होंने 2017 में सीआरपीएफ जॉइन की.

मुनीर अहमद ने दावा किया, “दिसंबर 2022 मैंने अपने विभाग को निकाह के बारे में बताया था. मैंने सरकार को सूचना दी और एनओसी के लिए अप्लाई किया. मेरी एप्लीकेशन पर ऑब्जेक्शन लगाए गए, जिसमें शादी की तारीख और जगह पूछी गई थी. मैंने सारी ऑब्जेक्शन क्लियर करके अपने विभाग को दी. मेरी चिट्ठी डीआईजी आईजी और फिर सीआरपीएफ के डायरेक्टरेट के पास गई.”

मुनीर अहमद ने बताया कि उन्होंने साल 2024 में ऑनलाइन निकाह किया क्योंकि उनके पिता कैंसर पेशेंट थे और वीजा मिलने में समय लग रहा था. इसके बाद उन्होंने अपने निकाह के सारे डॉक्यूमेंट विभाग में दिए. मुनीर का दावा है कि निकाह होने के बाद 28 फरवरी 2025 को मीनल को 15 दिन का विजिट वीजा मिला और वह भारत आईं.

मुनीर अहमद ने दावा किया कि एक पाकिस्तानी महिला को एलटीवी यानी लॉन्ग टर्म वीजा तभी मिलता है, जब वो भारतीय नागरिक के शादी शादी करे. उन्होंने कहा, “मैंने एलटीवी के लिए 4 मार्च 2025 को अप्लाई किया. 13 मार्च 2025 तक उसकी सारी कार्रवाई हुई”. 13 मार्च को एलटीवी के संबंध में मुनीर और मीनल का इंटरव्यू हुआ. इसके बाद वीजा एप्लीकेशन एक्सेप्ट करने के लिए रेफर की गई थी. मुनीर का दावा है कि उन्होंने ये सारे दस्तावेज भी विभाग को दिए हैं.

मुनीर ने आगे बताया कि 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद सरकार ने वीजा पर आए पाकिस्तानियों को भेजने का फैसला लिया. हालांकि, ये पाबंदियां एलटीवी वालों के लिए नहीं थीं. इसके बावजूद उन्हें एक एग्जिट परमिट भेजा गया. फिर, उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बात की.

मुनीर ने आगे बताया कि उन्हें अगले दिन प्रशासन से नोटिस आया कि मीनल का वीजा एक्सपायर हो गया है. इसके बाद मीनल को अटारी बॉर्डर से वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई. मुनीर ने बताया कि उन्होंने कोर्ट में अपील की और उनके पक्ष में फैसला आया और मीनल को भारत में रहने की अनुमति मिली.

मुनीर ने दावा किया कि वो अपनी पत्नी मीनल को लेकर घर आ गए, लेकिन शनिवा (3 मई) को उन्हें बर्खास्तगी का नोटिस मिला. “मेरी बर्खास्तगी का कारण यह लिखा गया कि मैंने समय-समय पर विभाग को नहीं लिखा.” अब वो अपनी बर्खास्तगी के खिलाफ कोर्ट में जाएंगे.

अपनी पत्नी के बारे में जिक्र करते हुए मुनीर ने बताया कि मीनल एलटीवी के बाद से परेशान हैं और उनके घर में दुख का माहौल है. “मैंने छत्तीसगढ़ में, जम्मू कश्मीर में सेवा दी है. जब मैंने हर चीज को फॉलो किया तो मेरे साथ ऐसा क्यों हो रहा है.” मुनीर के मुताबिक पहलगाम में जो हुआ उसको कोई बर्दाश्त नहीं कर सकता, वह इंसानियत नहीं है. उसकी हर इंसान और हम भी निंदा करते हैं. “मैं और कठोर एक्शन की मांग करता हूं ताकि भविष्य में सबको सबक मिले.”

मुनीर ने कहा, “हमारे जवान शहीद होते हैं. एक फौजी होने के नाते मेरे अंदर कितना दर्द है. मैं भी पाकिस्तान पर प्रहार का समर्थन करता हूं. मुझे मौका मिले तो मैं भी एक्शन लूंगा.” मुनीर ने आगे कहा, “मीनल के बारे में आप सोच सकते हैं कि उसका हाल क्या होगा. वह वापस नहीं जाना चाहती है और उसने यहां तक कहा है कि मेरे पासपोर्ट पर ऐसी स्टांप लगाओ कि मैं जिंदगी भर पाकिस्तान जा सकूं लेकिन मुझे मेरे पति से अलग ना किया जाए.”

 

UP : महोबा बारातियों ने किन्नर से की छेड़छाड़, विरोध करने पीटा और की लूटपाट, आरोपियों की तलाश शुरू

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महोबा के कोतवाली क्षेत्र में किन्नर से मारपीट और लूटपाट की घटना की सामने आई है. पुलिस इस मामले में सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है.

उत्तर प्रदेश महोबा शहर में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है. शहर कोतवाली क्षेत्र के राजकमल पैलेस के पास एक शादी समारोह में आए बारातियों ने लड़की समझकर एक किन्नर माही के साथ पहले छेड़छाड़ की, फिर विरोध करने पर उसे बेरहमी से पीटा और सुनसान इलाके में ले जाकर लूटपाट की. यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. मूल रूप से राजस्थान निवासी माही पिछले एक साल से महोबा के शेखूनगर इलाके में रह रही है. माही राजकमल होटल के पास तिराहे पर हाथ ठेला लगाकर अपना गुजारा करती है.

बीती देर रात वह शादी समारोह के दौरान अपनी दुकान पर खड़ी थी, तभी एक कार में सवार कुछ बाराती वहां पहुंचे. उन्होंने माही को युवती समझकर उसके साथ अभद्रता शुरू कर दी. जब माही ने इसका विरोध किया, तो दबंग बारातियों ने उसे पकड़कर सड़क पर घसीटा और बेरहमी से पीटते हुए सुनसान इलाके में ले गए. वहां भी उसे लात-घूंसे बेल्ट मारे गए और आरोप है कि उसके पास से रुपये और गहने भी लूट लिए गए, जिनमें गले का नेकलेस शामिल था.

मारपीट की घटना में किन्नर के शरीर में जगह जगह चोट और घाव के निशान है जो उसके साथ घटित बर्बरता को बता रहे है. घायल अवस्था में माही को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है. जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

इस क्रूरता भरे मामले ने न केवल पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि समाज में व्याप्त संवेदनहीनता को भी उजागर किया है. पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग जोर पकड़ रही है, वहीं पुलिस की कोशिश है कि जल्द से जल्द आरोपियों को हिरासत में लिया जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.

 

NATIONAL : बिजली विभाग की लापरवाही से पलामू में बाप-बेटे की दर्दनाक मौत, गांव में आक्रोश”

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झारखंड के पलामू में बिजली विभाग की लापरवाही ने एक ही परिवार से दो जिंदगियां छीन लीं. जनरेटर में डीजल भरवाने निकले पिता-पुत्र 11 हजार वोल्ट के गिरे तार की चपेट में आकर जिंदा जल गए. ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग को कई बार सूचना दी गई थी, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई. गांव में भारी आक्रोश है.

झारखंड के पलामू जिले के हैदरनगर थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहां बिजली विभाग की लापरवाही के कारण एक ही परिवार के दो लोगों की जान चली गई. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. वहीं, ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

दरअसल, सोमवार सुबह करीब 5 बजे, सिमरसोत गांव के 45 वर्षीय बिंदु मेहता और उनका 12 वर्षीय बेटा बिपिन मेहता 11 हजार वोल्ट के गिरे हुए बिजली तार की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. यह हादसा उस समय हुआ जब बिंदु और बिपिन अपनी भतीजी की शादी के लिए जनरेटर में डीजल भरवाने के लिए बाइक से जा रहे थे.

जैसे ही वे उत्तर कोयल मुख्य नहर के पास पहुंचे, तो गिरे हुए हाई वोल्टेज तार ने उन्हें छू लिया और तेज करंट के चलते बाइक समेत दोनों पूरी तरह जल गए. स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस गिरे हुए तार की जानकारी बिजली विभाग को कई बार दी गई थी, लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की. हादसे के बाद गांव में आक्रोश फैल गया है और ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक संजय कुमार सिंह ने इसे विद्युत विभाग की घोर लापरवाही करार दिया और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की. साथ ही, बसपा के प्रदेश अध्यक्ष कुशवाहा शिवपूजन मेहता ने दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

MP : Instagram पर हुई दोस्ती, नंबर शेयर किया और होने लगी बात… शादी का झांसा देकर किशोरी से किया रेप

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मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में एक 17 वर्षीय किशोरी के साथ रेप का मामला सामने आया है. पुलिस के अनुसार, 27 वर्षीय विवाहित व्यक्ति ने किशोरी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर दोस्ती की थी. उसने किशोरी को शादी का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया और फिर रेप किया. किशोरी ने सोमवार को पुलिस स्टेशन जाकर आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को उसी दिन उसकी ससुराल से गिरफ्तार कर लिया. उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है.

मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में एक 17 वर्षीय किशोरी के साथ रेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोपी 27 वर्षीय विवाहित व्यक्ति है, जिसने इंस्टाग्राम पर पीड़िता से दोस्ती की, फिर नंबर शेयर कर बात करने लगा. आरोपी ने पीड़िता को शादी का झांसा दिया. इसके बाद उसके साथ रेप किया. इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

एजेंसी के अनुसार, अनूपपुर जिले में एक 27 वर्षीय विवाहित व्यक्ति ने किशोरी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से दोस्ती की थी. कोतवाली पुलिस स्टेशन के प्रभारी अरविंद जैन ने बताया कि आरोपी ने किशोरी को शादी का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया और उसके साथ रेप किया. आरोपी शहडोल जिले के अमलाई का रहने वाला है.

आरोपी ने किशोरी से इंस्टाग्राम पर संपर्क किया था. दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे यह फोन कॉल तक पहुंच गई. आरोपी ने किशोरी का विश्वास जीतने के लिए शादी का वादा किया और उसे अपने साथ मिलने के लिए राजी किया. इस झांसे में आकर किशोरी आरोपी के साथ चली गई, जहां उसके साथ यह जघन्य अपराध हुआ.

घटना के बाद किशोरी ने पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज की. शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को उसी दिन उसकी ससुराल से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है.

RAJASTHAN : ठेला लगाने वाले युवक ने कर्ज लेकर रचाई शादी, 14 दिन बाद सवा लाख के जेवरात, कैश और मोबाइल लेकर दुल्हन फरार

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शादी से पहले दुल्हन अनुराधा ने बताया कि वह खंडवा की रहने वाली है, उसके पिता का देहांत हो चुका है, एक बहन रेणु की शादी हो चुकी है और भाई करण अविवाहित है. शादी के बाद अनुराधा 14 दिन तक ससुराल में हंसी-खुशी रही और किसी को शक नहीं हुआ कि वह फरार हो सकती है.

राजस्थान के सवाई माधोपुर में एक लुटेरी दुल्हन ने ठेले वाले युवक को शादी के 14 दिन बाद ही ठग लिया. उसने ससुराल वालों को नशीला पदार्थ खिलाकर सवा लाख रुपए के जेवरात, 30 हजार रुपए नकदी और एक मोबाइल फोन चुराकर फरार हो गई. पीड़ित पति ने मानटाउन थाने में दुल्हन और उसके सहयोगियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

मानटाउन थाना इलाके की आईएचएस कॉलोनी निवासी विष्णु शर्मा पुत्र बनवारी लाल शर्मा के साथ यह धोखधड़ी हुई. विष्णु ने 20 अप्रैल को शीतला माता मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से अनुराधा पुत्री इंद्रजीत यादव निवासी खंडवा (मध्य प्रदेश) के साथ शादी की थी. यह शादी दलाल पप्पू मीणा निवासी जीनापुर ने 2 लाख रुपए लेकर करवाई थी.

शादी से पहले 19 अप्रैल को दलाल ने अनुराधा, उसकी कथित मौसी सुनीता यादव और मौसा श्याम राजपूत निवासी डग (झालावाड़) को कलेक्ट्रेट में विष्णु से मिलवाया. दोनों पक्षों की सहमति से वकील ने विवाह सहमति पत्र तैयार किया, जिसमें अनुराधा ने प्रेम विवाह की सहमति दी.विष्णु के अनुसार, अनुराधा ने बताया कि वह खंडवा की रहने वाली है, उसके पिता का देहांत हो चुका है, एक बहन रेणु की शादी हो चुकी है और भाई करण अविवाहित है. शादी के बाद अनुराधा 14 दिन तक ससुराल में हंसी-खुशी रही और किसी को शक नहीं हुआ कि वह फरार हो सकती है.

3 मई 2025 की रात को अनुराधा ने ससुराल वालों के लिए खाने में नशीला पदार्थ मिलाया. विष्णु और परिवार के अन्य सदस्यों ने खाना खाया और बेहोश हो गए. रात करीब 2 बजे अनुराधा ने घर से 30 हजार रुपए नकदी, 30 हजार रुपए की सोने की अंगूठी, 50 हजार रुपए का सोने का मंगलसूत्र, 20 हजार रुपए का सोने का टिकला, 25 हजार रुपउ की 250 ग्राम चांदी की पायल और 30 हजार रुपए का मोबाइल फोन चुराकर फरार हो गई. सुबह जब परिवार वालों को होश आया, तो वे स्तब्ध रह गए.

विष्णु ने तुरंत मानटाउन थाने में अनुराधा, दलाल पप्पू मीना, सुनिता यादव (पत्नी सोनू यादव, खंडवा), और श्याम राजपूत (डग, झालावाड़) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया. मामले की जांच एएसआई मीठालाल को सौंपी गई है.

ठेला चलाकर गुजारा करने वाले विष्णु ने बताया कि उसने कर्ज लेकर शादी की थी. मोबाइल भी दोस्त से खरीदा था, जो दुल्हन ले गई. रिश्ते न मिलने के कारण वह वधू की तलाश में था. दलाल पप्पू मीणा ने महावीर पार्क में उससे मुलाकात की और 2 लाख रुपए में शादी करवाने का वादा किया. पप्पू ने कई लड़कियों की तस्वीरें दिखाईं और अंत में अनुराधा को पसंद करने पर शादी तय की. विष्णु ने कहा, “पप्पू ने दुल्हन की पूरी गारंटी दी थी, लेकिन उसने मुझे धोखा दिया.”

पुलिस ने बताया कि अनुराधा और उसके सहयोगियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406 और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. जांच में पता चला कि अनुराधा ने अपने परिवार के बारे में झूठी जानकारी दी थी.पुलिस को संदेह है कि यह एक संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकता है, जो शादी के नाम पर ठगी करता है. दलाल पप्पू मीना और अन्य आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है.

मानटाउन थाने के एएसआई मीठा लाल ने कहा, “हम सभी आरोपियों की तलाश कर रहे हैं. दुल्हन के खंडवा और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.”

NATIONAL : जम्मू-कश्मीर के पुंछ में गहरी खाई में जा गिरी बस, दो की मौत, 44 लोग घायल, राहत कार्य में जुटी टीम

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जम्मू और कश्मीर के पुंछ जिले में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक बस गहरी खाई में गिर गई। इस दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई और 44 अन्य घायल हो गए, जिनमें से नौ की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसा उस समय हुआ जब बस Mendhar से घनी गांव की ओर जा रही थी और ड्राइवर ने अचानक नियंत्रण खो दिया। स्थानीय लोगों, पुलिस, सेना और सीआरपीएफ के जवानों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया, जिससे घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सका.

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 44 अन्य लोग घायल हो गए. हादसा उस वक्त हुआ, जब यात्रियों से भरी एक बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से फिसलकर गहरी खाई में जा गिरी. यह हादसा Mendhar इलाके में सुबह करीब 9:20 बजे हुआ.

एजेंसी के अनुसार, बस पुंछ जिले के घनी गांव से मेंधर की ओर जा रही थी. इसी दौरान ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया और वाहन सड़क से फिसलकर खाई में जा गिरा. हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय ग्रामीण सबसे पहले मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया. थोड़ी देर में पुलिस, सेना और सीआरपीएफ के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया.

हादसे में जिन दो लोगों की मौत हुई, उनकी पहचान 45 वर्षीय मोहम्मद मजीद निवासी घनी गांव और 60 वर्षीय नूर हुसैन निवासी कसबलेरी के रूप में हुई है. इसी के साथ 44 घायलों में से 9 की हालत गंभीर बताई जा रही है.

ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. अशफाक चौधरी के अनुसार, गंभीर रूप से घायल 5 लोगों को प्राथमिक इलाज के बाद जम्मू स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC) अस्पताल रेफर किया गया है. उन्होंने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने अपनी सभी 15 एंबुलेंस को मौके पर भेजा और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया.

इस दुर्घटना के बाद प्रशासन, सेना, पुलिस, CRPF और आम नागरिकों की संयुक्त कोशिशों से तेजी से राहत-बचाव कार्य संपन्न किया गया. कई घायलों को खाई से निकालने के लिए रस्सियों और स्ट्रेचर्स का इस्तेमाल किया गया.

Met Gala 2025: सिर पर पगड़ी, हाथ में तलवार, पंजाब का प्रिंस बन दिलजीत दोसांझ ने मेट गाला में ली एंट्री, मूछों को ताव देते हुए खूब क्लिक कराई तस्वीरें

दिलजीत दोसांझ ना केवल जबरदस्त एक्टर हैं बल्कि कमाल के सिंगर भी हैं. वे अपनी आवाज से फैंस के दिलों पर राज करते हैं. उनके गानों से देश में ही नहीं विदेशों में भी खूब फैन हैं. इस बीच दिलजीत दोसांझ ने बॉलीवुड के कई सेलेब्स के साथ साल के सबड़े बड़े फैशन इवेंट मेल गाला 2025 में डेब्यू किया है. दिलजीत के शानदार लुक की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं. वे पंजाब के राजकुमार बनकर मेल गाला के रेड कार्पेट पर उतरे थे.

एक्टर-सिंगर दिलजीत दोसांझ ने रॉयल महाराजा-इंस्पायर्ड लुक से मेल गाला में पूरी महफिल लूट ली. उन्होंने अपने इस लुत से पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह को श्रद्धांजलि दी थी.

पंजाबी म्यूजिक सेंसेशन ने मेट गाला के लिए व्हाइट कलर का ट्रेडिशनल आउटफिट पहना था जिसमें पगड़ी और तलवार भी शामिल थे. नेपाली-अमेरिकी डिज़ाइनर प्रबल गुरुंग द्वारा स्टाइल किए गए इस आउटफिट ने उनकी कल्चरल रूट्स को सबसे स्टाइलिश तरीके से श्रद्धांजलि दी. दिलजीत दोसांझ ने अपनी संस्कृति को गर्व के साथ पहना था. उनके आउटफिट के हर डिटेल को सोच-समझकर चुना गया था.

दिलजीत दोसांझ की केप भी अलग दिख रही थी, जिसके पीछे एम्ब्राइडरी के साथ पंजाबी शब्द लिखे गए थे. केप पर गुरुमुखी मूल मंत्र जैसे इक ओंकार, सतनाम कर्ता पुरख, निरभाऊ, निरवैर, अकाल मूरत, अजूनी, सैभंग, गुरुप्रसाद लिखा गया था.

बता दें कि दिलजीत दोसांझ ने मेट गाला लुक के रेड कार्पेट पर खूब तस्वीरें क्लिक कराईं. इस दौरान सिंगर-एक्टर अपनी मूंछों को ताव देते हुए भी नजर आए. वहीं दिलजीत की तस्वीरों पर फैंस फिदा हो रहे है और उन्हे प्रिंस ऑफ पंजाब कह रहे हैं.

बता दें कि दिलजीत दोसांझ के अलावा, इस इवेंट में शामिल होने वाले अन्य बॉलीवुड सितारों में शाहरुख खान, कियारा आडवाणी और प्रियंका चोपड़ा हैं, न्यूयॉर्क शहर के मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट में आयोजित इस साल के चैरिटी कार्यक्रम की थीम “टेलर्ड फॉर यू” है. दिलचस्प बात ये है कि 20 सालों में यह पहली बार है जब लुक मेन्सवियर पर फोकस्ड था.

 

NATIONAL : अंधविश्वास के चक्कर में गई 18 साल की कविता की जान, दरगाह में झाड़-फूंक के नाम पर ठगी का खेल

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17 साल की कविता तेज बुखार से पीड़ित थी. कई दिनों तक इलाज के बावजूद जब उसका बुखार नहीं उतरा, तो परिवार ने दरगाह का रुख किया.उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के धर्मपुरवा में स्थित हजरत गुप्ती शहीद शाह र.उ. सेवा समिति दरगाह पिछले सात सालों से अंधविश्वास का अड्डा बनी हुई है. यहां झाड़-फूंक के नाम पर गंभीर बीमारियों को ठीक करने का दावा किया जाता है, लेकिन इसी अंधविश्वास ने 18 वर्षीय किशोरी कविता की जान ले ली. कविता की मौत ने दरगाह की सच्चाई को उजागर कर दिया है, जहां कमेटी के अध्यक्ष एखलाख अहमद, राजू और एक अन्य व्यक्ति द्वारा झाड़-फूंक के बहाने लोगों को ठगा जा रहा है.

दरगाह पर कमेटी के लोग बुखार, कैंसर, पेट दर्द, सीने में दर्द, सिर दर्द से लेकर बच्चा पैदा होने जैसी समस्याओं को ठीक करने का दावा करते हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां आने वाले मरीजों की आर्थिक स्थिति देखकर 50 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक के ताबीज बेचे जाते हैं. यह ताबीज कथित तौर पर बीमारियों को जड़ से खत्म करने का वादा करते हैं, लेकिन हकीकत में यह महज ठगी का जरिया है.

17 साल की कविता तेज बुखार से पीड़ित थी. कई दिनों तक इलाज के बावजूद जब उसका बुखार नहीं उतरा, तो परिवार ने दरगाह का रुख किया. परिजनों के अनुसार, कविता को तीन दिनों तक दरगाह पर झाड़-फूंक के लिए रखा गया, लेकिन उसकी हालत बिगड़ती चली गई. और उसने वहीँ दम तोड़ दिया.कविता की मौत के बाद वहां हड़कम्प मच गया और दरगाह के कर्ताधर्ता फरार हो गए, और पुलिस ने कविता के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है.

कविता की मौत के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है. अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय ने बताया कि मामला दर्ज कर दरगाह के संचालकों की तलाश शुरू कर दी है. और जो भी आरोपी हैं उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

गोंडा जैसे क्षेत्रों में, जहां चिकित्सा सुविधाएं सीमित हैं, लोग झाड़-फूंक और ताबीज जैसे आसान रास्तों पर भरोसा कर लेते हैं, जिसका खामियाजा कई बार जान देकर चुकाना पड़ता है.

 

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