Friday, July 3, 2026
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NATIONAL : छोटे भाई के तिलक की तैयारियों में जुटा था पूरा परिवार… तभी बाइक सवार बदमाशों ने युवक को गोली मारी, मौके पर ही मौत

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बिहार के रोहतास से सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहां तिलौथू थाना क्षेत्र में एक चौकीदार के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह घटना उस वक्त हुई, जब परिवार में उसके छोटे भाई का तिलक समारोह होने वाला था. हमले के पीछे पुरानी रंजिश की आशंका जताई जा रही है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है.

बिहार के रोहतास से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. यहां तिलौथू थाना क्षेत्र के चोरकप गांव में अज्ञात हमलावरों ने चौकीदार के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी. वारदात ऐसे समय हुई, जब परिवार में मृतक के छोटे भाई का तिलक समारोह होना था. पूरे गांव में उत्सव का माहौल था, लेकिन रातों-रात मातम में तब्दील हो गया. पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है.

जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान अभिनंदन पासवान के रूप में हुई है, जो तिलौथू थाना में कार्यरत चौकीदार अवधेश पासवान का पुत्र था. पुलिस का कहना है कि अभिनंदन के घर में उसके छोटे भाई का तिलक समारोह होना था. तिलक की तैयारियों के चलते बीती रात घर के बाहर सजावट का काम चल रहा था.

अभिनंदन पासवान अपने घर के दरवाजे पर कुछ परिचितों के साथ सो रहा था, तभी दो अज्ञात बाइक सवार हमलावर वहां पहुंचे और पास से गोली मार दी. गोली लगते ही अभिनंदन की मौके पर ही मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और परिजन रोते-बिलखते उसे लेकर तुरंत सासाराम के सदर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. शुरुआती जांच में पुलिस को आपसी रंजिश का संदेह है. बताया जा रहा है कि अभिनंदन की कुछ लोगों से पुरानी दुश्मनी थी, जिसकी वजह से यह हत्या की गई हो सकती है. हालांकि पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है. इस वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत और गम का माहौल है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. फिलहाल, पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और हत्यारों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं.

ENTERTAINMENT : वाणी कपूर ने डिलीट किए फवाद खान संग अबीर गुलाल फिल्म के पोस्ट? जानें सच

वाणी की आने वाली फिल्म अबीर गुलाल से जुड़े पोस्ट को अचानक गायब देख लोगों ने अंदाजा लगाया कि शायद वाणी ने खुद इस प्रोजेक्ट से दूरी बना ली है. लेकिन सच्चाई कुछ और है, ये पोस्ट वाणी ने खुद नहीं हटाए हैं.

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद फवाद खान-वाणी कपूर स्टारर फिल्म अबीर गुलाल को भारत में बैन कर दिया गया था. इतना ही नहीं भारत ने पाकिस्तानी कलाकारों पर डिजिटल पाबंदियां भी कड़ी कर दी हैं. कई पाक सेलेब्स के इंस्टाग्राम अकाउंट्स को ब्लॉक किया जा चुका है.

इस बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस वाणी कपूर के भी सोशल मीडिया अकाउंट से फवाद संग मौजूद फिल्म के पोस्ट गायब हैं. फवाद के साथ-साथ उनके इंस्टा अकाउंट पर अबीर गुलाल फिल्म से रिलेटेड भी सभी पोस्ट नदारद हैं. वाणी की आने वाली फिल्म अबीर गुलाल से जुड़े पोस्ट को अचानक गायब देख लोगों ने अंदाजा लगाया कि शायद वाणी ने खुद इस प्रोजेक्ट से दूरी बना ली है. लेकिन सच्चाई कुछ और है, ये पोस्ट वाणी ने खुद नहीं हटाए हैं.

अबीर गुलाल, एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है जिसमें वाणी कपूर के साथ पाकिस्तानी एक्टर फवाद खान नजर आने वाले हैं. ये फिल्म पहले 9 मई 2025 को रिलीज होने वाली थी. वाणी ने फिल्म के प्रमोशन से जुड़े कई पोस्ट इंस्टाग्राम पर फवाद खान के साथ मिलकर शेयर किए थे. लेकिन अब भारत सरकार के निर्देश पर फवाद खान का अकाउंट भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया है. इसी वजह से उनके साथ जुड़े सभी पोस्ट वाणी के प्रोफाइल से अपने आप हट गए हैं.

इसका मतलब ये है कि वाणी ने खुद से कोई पोस्ट नहीं हटाया है, और जो लोग भारत से बाहर हैं, वो अब भी वाणी के अकाउंट पर अबीर गुलाल से जुड़े पोस्ट देख सकते हैं. जो अभी तक इस खबर से अनजान हैं, उनके लिए बता दें कि हाल ही में कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 पर्यटकों की जान चली गई थी, के बाद भारत ने फिल्म अबीर गुलाल की देश में रिलीज पर बैन लगा दिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म अब भारत में रिलीज नहीं होगी. सिर्फ इंस्टाग्राम ही नहीं, बल्कि फिल्म के गाने और टीजर भी यूट्यूब इंडिया से हटा दिए गए हैं.

इसके साथ ही, कई मशहूर पाकिस्तानी कलाकारों के इंस्टाग्राम अकाउंट जैसे फवाद खान, आतिफ असलम, और उस्ताद राहत फतेह अली खान- अब भारत में लोगों को नजर नहीं आ रहे हैं. उनके प्रोफाइल पर जाने की कोशिश करने पर एक मैसेज दिखता है, जिसमें कहा गया है कि ये कंटेंट लीगल रिक्वेस्ट के कारण भारत में ब्लॉक किया गया है. इसके अलावा, भारत में कई पाकिस्तानी कलाकारों पर बैन भी लगाया गया है.

NATIONAL : દિલ્હીથી શિરડી જઈ રહેલી ફ્લાઈટમાં મુસાફરે એર હોસ્ટેસ સાથે કરી છેડતી

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દિલ્હીથી શિરડી જઈ રહેલી ઈન્ડિગોની ફ્લાઇટમાં એક શરમજનક ઘટના બની છે. જેમાં એક નશામાં ધૂત એક મુસાફરે એર હોસ્ટેસ સાથે છેડતી કરી છે. આ ઘટના શુક્રવારે બપોરે બની હતી, જ્યારે ફ્લાઈટ શિરડી એરપોર્ટ પર ઉતરવાની તૈયારીમાં હતી. આ દરમિયાન છેડતીની ઘટના બની છે. જો કે પોલીસે રવિવારે આ ઘટનાની માહિતી આપી છે.

પોલીસના જણાવ્યા મુજબ આરોપી મુસાફરે ફ્લાઈટની અંદર ટોયલેટ પાસે એર હોસ્ટેસને અયોગ્ય રીતે સ્પર્શ કરવાનો પ્રયાસ કર્યો હતો. આ કૃત્ય એર હોસ્ટેસ માટે અપમાનજનક અને અસહ્ય હતું. તેણે તરત જ તેના ક્રૂ મેનેજરને આ વિશે જાણ કરી. આ પછી જ્યારે વિમાન શિરડી એરપોર્ટ પર ઉતર્યું, ત્યારે સુરક્ષા અધિકારીઓને આ બાબતની જાણ કરવામાં આવી હતી.

સુરક્ષા કર્મચારીઓએ તાત્કાલિક કાર્યવાહી કરી અને મુસાફરની અટકાયત કરી અને તેને નજીકના રાહતા પોલીસ સ્ટેશન લઈ જવામાં આવ્યો હતો. ત્યાં તેની સામે છેડતીનો કેસ નોંધવામાં આવ્યો હતો. પોલીસે જણાવ્યું કે આરોપીની મેડિકલ તપાસ પણ કરવામાં આવી હતી, જેમાં સાબિત થયું કે તે નશામાં હતો.

પોલીસે આરોપીઓને નોટીસ પણ ફટકારી છે અને કાનૂની પ્રક્રિયા આગળ વધારવામાં આવી રહી છે. આ કેસની ગંભીરતાને ધ્યાનમાં રાખીને પોલીસ દરેક ખૂણાથી તપાસ કરી રહી છે. એરલાઈને પણ આ અંગે કડક પ્રતિક્રિયા આપી છે અને કહ્યું છે કે આવી ઘટનાઓ બિલકુલ સહન કરવામાં આવશે નહીં. આ ઘટનાએ ફરી એકવાર ફ્લાઈટ્સમાં કામ કરતી મહિલા કર્મચારીઓની સુરક્ષા અંગે ચિંતા વ્યક્ત કરી છે. આવા ઘણા કિસ્સાઓ છે જેમાં એર હોસ્ટેસ સાથે ગેરવર્તણૂક કે છેડતીના કિસ્સાઓ પ્રકાશમાં આવે છે. એરલાઈને આશા વ્યક્ત કરી છે કે આરોપીઓ સામે કડક કાર્યવાહી કરવામાં આવશે, જેથી ભવિષ્યમાં બીજું કોઈ આ પ્રકારની કૃત્ય કરવાની હિંમત ન કરે અને આવી ઘટનાઓને રોકી શકાય.

 

NATIONAL : हिंदू युवक के घर में पांच मजारें, गांव में सिर्फ एक मुस्लिम परिवार… चौंका देगा पीलीभीत का ये मामला

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पीलीभीत जिले में राष्ट्रीय योगी सेना को सूचना मिली कि गांव सिम्बुआ के निवासी धीरज सक्सेना ने अपने घर के एक कमरे में कई मजारें बना रखी हैं. इसी शिकायत पुलिस से की गई. मौके पर जब पुलिस पहुंची तो वह भी चाैंक गई. राष्ट्रीय योगी सेना की सूचना सही निकली. बाद में पड़ोस से युवको को बुलाकर इन मजारों को तोड़वा दिया गया.

नेपाल बॉर्डर से सटे पीलीभीत जिले का गांव सिम्बुआ इन दिनों चर्चा का केंद्र बन गया है. वजह भी हैरान करने वाली है, जिस गांव में सिर्फ एक मुस्लिम परिवार रहता हो वहां के एक हिंदू युवक धीरज सक्सेना के घर में एक-दो नहीं, बल्कि पांच मजारें मिली हैं. बाद में कुछ युवकों को बुलाकर इन मजारों को तोड़वा दिया गया.

राष्ट्रीय योगी सेना को सूचना मिली कि गांव सिम्बुआ के निवासी धीरज सक्सेना ने अपने घर के एक कमरे में कई मजारें बना रखी हैं और कथित रूप से गांव के लोगों को गुमराह कर झाड़-फूंक व धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से धर्म परिवर्तन का प्रयास भी हो रहा है. सूचना पाते ही बरेली से महंत सरोजनाथ, पीलीभीत जिलाध्यक्ष सुमित शर्मा और संगठन के अन्य कार्यकर्ता बिलसंडा थाने पहुंचे और एसओ सिद्धांत शर्मा को लिखित शिकायत दी. पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची.

पुलिस और हिंदू संगठन जब मौके पर पहुंचे तो कमरे में बनीं पांच मजारों को देखकर सभी हैरान रह गए. पुलिस को वहाँ से झाड़-फूंक से जुड़ा सामान भी मिला. यह देखकर ग्रामीणों में भी असमंजस फैल गया.धीरज सक्सेना ने कहा कि हमारे दादा-परदादा एक पीर बाबा को मानते थे. जब घर में बार-बार परेशानियां और मौतें हुईं तो हमारे परिवार ने उन्हीं की शरण ली. चमत्कार हुए, तो हमने आस्था के तहत मजारें बनाई थीं. किसी का धर्म परिवर्तन नहीं किया. सुमेर सक्सेना (परिवार के सदस्य) ने बताया कि हमने कभी किसी को बाध्य नहीं किया, ये सब हमारे घर की निजी श्रद्धा से जुड़ा मामला है. जब मजारें तोड़ी गईं, तो बहुत दुख हुआ.

राष्ट्रीय योगी सेना के महंत सरोजनाथ ने कहा कि यह सिर्फ आस्था का मामला नहीं है. यह धर्म परिवर्तन की जमीन तैयार करने का एक प्रयास है. अगर पुलिस समय पर नहीं पहुंचती, तो गांव में माहौल और बिगड़ सकता था. संगठन का कहना है कि मजारों के जरिए गांव में अंधविश्वास फैलाया जा रहा था और धीरे-धीरे लोगों को इस्लामिक तरीकों से जोड़ने की योजना बन रही थी.

बिलसंडा थाना प्रभारी सिद्धांत शर्मा ने बताया कि मजारों की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची. स्थिति को देखते हुए धीरज सक्सेना से पूछताछ की गई. उनके अनुसार, मामला धार्मिक भावना से जुड़ा है, और किसी साजिश के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले. पूछताछ के बाद धीरज ने स्वयं मजारें हटाने का निर्णय लिया. गांव में स्थिति अब सामान्य है और कोई तनाव नहीं है. ऐहतियातन नजर रखी जा रही है

MP : छात्रा ने बात करना बंद किया तो क्लासमेट ने कर दी हत्या… MP के धार में दिल दहला देने वाली वारदात

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मध्य प्रदेश के धार जिले में 17 साल की छात्रा की उसके क्लासमेट ने बेरहमी से हत्या कर दी. पुलिस के अनुसार, आरोपी छात्र इस बात से नाराज था कि छात्रा ने उससे बातचीत बंद कर दी थी. इसी रंजिश में उसने किशोरी को खेत में बुलाकर धारदार हथियार से जान ले ली. इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई.

मध्य प्रदेश के धार जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां 17 वर्षीय किशोरी की उसके ही सहपाठी ने हत्या कर दी. इस घटना का कारण बेहद चौंकाने वाला है. छात्रा ने आरोपी से बातचीत बंद कर दी थी, इसी से नाराज होकर उसने वारदात को अंजाम दे डाला. फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी है.

एजेंसी के अनुसार, यह घटना धार के उमरबन थाना क्षेत्र की है, जो जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित है. शनिवार को एक खेत से 12वीं की छात्रा का शव बरामद किया गया. सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गीतेश गर्ग के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई.

जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मृतका का एक सहपाठी उसे लगातार परेशान कर रहा था. जब पुलिस ने उस छात्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने जुर्म कबूल कर लिया. आरोपी ने बताया कि वह इस बात से आहत था कि लड़की ने उससे बात करना बंद कर दिया था. इसी नाराजगी में उसने लड़की को खेत में मिलने के लिए बुलाया और वहां धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी.

पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के प्रयास शुरू कर दिए हैं. वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और फारेंसिक टीम भी साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है. आगे की कानूनी कार्रवाई फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी.

UP : इटावा में छेड़खानी से तंग आकर छात्रा ने किया सुसाइड, लापरवाही बरतने पर थानाध्यक्ष सस्पेंड

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उत्तर प्रदेश के इटावा में छेड़खानी से तंग आकर बीएससी की एक छात्रा ने सुसाइड कर लिया. फिलहाल मामले में मुख्य आरोपी के अलावा दो अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं, लापरवाही बरतने के आरोप में थाना अध्यक्ष को भी सस्पेंड कर दिया गया है.

उत्तर प्रदेश के इटावा के थाना ऊसराहार के अंतर्गत कदमपुर गांव में छेड़खानी से तंग आकर बीएससी की एक छात्रा ने सुसाइड कर लिया. इस घटना से गुस्साए हिंदू संगठनों के लोगों ने थानाध्यक्ष पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. हालांकि, मौके पर पहुंचे बड़े पुलिस अधिकारियों द्वारा आरोपी के खिलाफ शख्स कार्रवाई के आश्वासन पर छात्रा का अंतिम संस्कार किया गया.

हिंदू संगठनों और छात्रा के परिजनों का आरोप है कि रिज़वान आए दिन प्रिया तिवारी का पीछा करता था और उसे परेशान करता था. जिससे तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली. साथ ही हिंदू संगठनों और परिजनों का यह भी आरोप है कि मामले की कई बार थाना अध्यक्ष मंसूर अहमद से शिकायत की गई थी. लेकिन उन्होंने आरोपी के खिलाफ कोई शख्स एक्शन नहीं लिया. जिससे तंग आकर छात्रा ने जहर खाकर जान दे दी.

विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष अमित दीक्षित ने कहा कि थानाध्यक्ष मंसूर अहमद ने मुस्लिम होने के चलते आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं की. ऐसे में जब लड़की परेशान हो गई, तब उसने आत्महत्या का कदम उठाया. मामले में आईजी जॉन जोगिंदर सिंह ने बताया कि ऊसराहार थाना क्षेत्र के कदमपुर में घटना हुई थी. जिसमें तीन लोगों को अरेस्ट कर लिया गया है.

मुख्य आरोपित को सभी धाराओं में जेल भेज दिया गया है. इसके अलावा लापरवाही बरतने पर थाना अध्यक्ष (SO) मंसूर अहमद को सस्पेंड कर दिया गया है और विभागीय कार्रवाई करवाई जा रही है. दोनों संप्रदायों के बीच में किसी तरह का तनाव न हो इसके लिए हम लोग अलर्ट हैं.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)
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NATIONAL : राहुल गांधी को हिंदू धर्म से बहिष्कृत करने का क्या मतलब है? क्या शंकराचार्य के पास ऐसी कोई पावर है

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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जब कोई व्यक्ति लगातार हिंदू धर्मग्रंथों का अपमान करता है और सफाई देने से बचता है, तो उसे हिंदू धर्म में जगह नहीं दी जा सकती. उन्होंने साफ किया कि अब राहुल गांधी का मंदिरों में विरोध होना चाहिए और पुजारियों से अपील की कि वे उनसे पूजा-पाठ न कराएं क्योंकि वे अब खुद को हिंदू कहने के अधिकारी नहीं हैं.

 

शंकराचार्य को हिंदू धर्म का संरक्षक और प्रचारक माना जाता है और इसी मकसद के साथ आदि शंकराचार्य ने इस परंपरा की शुरुआत की थी. ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हिंदू धर्म से बहिष्कृत करने का ऐलान कर दिया. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाए कि राहुल गांधी ने मनुस्मृति का अपमान किया है और नोटिस देने के बावजूद अपने बयान पर न तो खेद जताया और न ही कोई सफाई दी.

ज्योतिर्मठ पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि राहुल गांधी ने संसद में मनुस्मृति को लेकर जो बयान दिया, उससे संपूर्ण सनातन धर्मावलंबी आहत हैं. शंकराचार्य ने कहा कि राहुल गांधी संसद में कहते हैं बलात्कारी को बचाने का फॉर्मूला संविधान में नहीं बल्कि मनुस्मृति में लिखा है. इसके बाद शंकराचार्य ने कहा कि राहुल गांधी को तीन महीने पहले एक नोटिस भेजा गया था, जिसमें उनसे सफाई मांगी गई थी कि उन्होंने मनुस्मृति को लेकर जो बात कही है, वह कहां लिखी है? लेकिन इतने समय के बाद भी न तो राहुल गांधी ने कोई जवाब दिया और न ही माफी मांगी.

शंकराचार्य ने कहा कि जब कोई व्यक्ति लगातार हिंदू धर्मग्रंथों का अपमान करता है और सफाई देने से बचता है, तो उसे हिंदू धर्म में स्थान नहीं दिया जा सकता. उन्होंने साफ किया कि अब राहुल गांधी का मंदिरों में विरोध होना चाहिए और पुजारियों से अपील की कि वे उनसे पूजा-पाठ न कराएं क्योंकि वे अब खुद को हिंदू कहने के अधिकारी नहीं हैं. शंकराचार्य के इस ऐलान के बाद कांग्रेस के विरोधी खुश हैं तो वहीं पार्टी का कहना है कि शंकराचार्य के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया.

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पहली बार किसी राजनेता और राजनीतिक विषय पर ऐसा बयान नहीं दिया है बल्कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी बयान देते रहते हैं. हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद उन्होंने ‘चौकीदार’ शब्द का हवाला देते हुए सीधे पीएम मोदी पर सवाल उठाए थे. यही नहीं शंकराचार्य की ओर से सिंधु नदी समझौता सस्पेंड करने के फैसले पर भी सवाल उठाए गए थे.

अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का कहना था भारत में सिंधु नदी के पानी को मोड़ने या बनाए रखने के लिए भारत में बुनियादी ढांचे की कमी है और ऐसी सुविधाओं के निर्माण में दो दशक लग सकते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे फैसले लेकर जनता को बेवकूफ बना रही है. इससे पहले शंकराचार्य अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का भी विरोध कर चुके हैं और वह 22 जनवरी के कार्यक्रम में शामिल भी नहीं हुए थे.

हमले के बाद पीएम मोदी पर सवाल उठाने वाले बयान पर स्वामी गोविंद गिरी महाराज ने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की तीखी आलोचना की थी. उन्होंने कहा कि वह एक बनावटी शंकराचार्य हैं और आए दिन प्रधानमंत्री का मजाक उड़ाने का पाप करते हैं. यह किसी भी स्वामी का काम नहीं होना चाहिए और हमे उन्हें संत नहीं मानते. गोविंद गिरी ने कहा कि वह कांग्रेस पार्टी के पिट्ठू बन चुके हैं.

अब शंकराचार्य की ओर से राहुल गांधी पर जो बयान दिया गया है, उसके मायने समझते हैं. पहले जान लें कि सनातन धर्म में शंकराचार्य सबसे बड़े धर्म गुरु माने जाते हैं, बौद्ध धर्म में दलाई लामा और ईसाई धर्म के पोप का जो दर्जा हासिल है, हिंदू धर्म में शंकराचार्य उससे भी कहीं ऊपर आते हैं. देश के चार मठों में इनकी अहम भूमिका है और संत समाज में शंकराचार्य अग्रणी संत हैं. लेकिन क्या वह वास्तव में किसी को धर्म से निकाल सकते हैं?

जगद्गुरु शंकराचार्य ने जब चारों दिशाओं में चार पीठ बनाये थे तो उन पीठों के लिए एक संविधान भी बनाया था जिसे ‘महानुशासनम’ कहा जाता है. यह महानुशासनम शंकराचार्यों के अधिकार और दायित्व तय करता है. हालांकि इसमें धर्म की रक्षा और धर्म के प्रचार को लेकर ही ज्यादातर बातों का जिक्र मिलता है. ऐसे में यह कहना कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के पास किसी को धर्म से निकालने को कोई अधिकार है, सही नहीं होगा.

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राहुल गांधी को हिंदू धर्म से निकालने का जो ऐलान किया है, वह एकतरह से बेअसर है. क्योंकि हिंदू मंदिरों और सनातन धर्म के अनुयायी भी इसे लेकर एकमत नहीं हैं. ऐसे में राहुल गांधी को मंदिरों में पूजा-पाठ से रोकने की अपील असरदार नहीं है. ऐसा हो सकता है कि बीजेपी शासित राज्यों के मंदिरों में राहुल गांधी को पूजा करने से रोक भी दिया जाए. लेकिन कांग्रेस की सरकार वाले राज्यों में ऐसा होने की संभावना कम है.

शंकराचार्य के हर बयान या उनके मत पर देशभर में सहमति हो, ऐसा नहीं देखा जाता है. उनके पिछले बयानों का संत समाज से लेकर राजनेता तक विरोध कर चुके हैं. ऐसे में यह साफ है कि उनके इस बयान को भी पिछली बार की तरह राजनीतिक ही माना जाएगा. इसका कांग्रेस और उनके विरोधी स्वागत कर रहे हैं, वहीं राहुल गांधी के समर्थक इसे मानने को तैयार नहीं हैं.

एक मत यह भी है कि अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के पिछले ज्यादातर बयान सत्ता विरोधी रहे हैं और ऐसे में ‘बैलेंस एक्ट’ के तहत इस बार उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को निशाने पर लिया है, ताकि उनकी निष्पक्षता बरकरार रहे. इससे पहले के बयानों को लेकर शंकराचार्य सत्ताधारी नेताओं के निशाने पर रहे हैं.

MP : MP में हिंदू लड़कियों से रेप, ब्लैकमेलिंग और धर्मांतरण के मामलों ने पकड़ा तूल, DGP सख्त, जांच के लिए बनाई SIT

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मध्य प्रदेश में लड़कियों के साथ रेप, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्म परिवर्तन की बढ़ती घटनाओं पर DGP कैलाश मकवाना ने कड़ा रुख अपनाया है. इन जघन्य अपराधों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने स्टेट लेवल विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है.

मध्य प्रदेश में लड़कियों और महिलाओं के साथ रेप, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्म परिवर्तन की बढ़ती घटनाओं पर पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना ने कड़ा रुख अपनाया है. इन जघन्य अपराधों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने स्टेट लेवल विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है. एसआईटी की कमान भोपाल देहात के पुलिस महानिरीक्षक (IG) अभय सिंह को सौंपी गई है, जो भोपाल, दमोह, इंदौर, राजगढ़, छतरपुर और सागर जैसे जिलों में ऐसी घटनाओं की गहन जांच करेगा.

पुलिस मुख्यालय के आदेश में कहा गया है कि कुछ जिलों से ऐसी आपराधिक गतिविधियों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें सामाजिक रूप से कमजोर और असुरक्षित वर्ग की बालिकाओं और महिलाओं को योजनाबद्ध तरीके से प्रेमजाल, धोखे, धमकी या प्रलोभन के जरिए निशाना बनाया गया. इन मामलों में पीड़िताओं का कथित तौर पर भय, दबाव या धोखे से धर्मांतरण कराया गया.

डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा, “ऐसी घटनाएं न केवल आपराधिक हैं, बल्कि महिलाओं की गरिमा, स्वतंत्रता और सामाजिक शांति के लिए गंभीर चुनौती हैं.”

उन घटनाओं की पहचान और विस्तृत जांच, जिनमें बालिकाओं-महिलाओं को बहलाकर, धमकाकर या प्रलोभन देकर धर्मांतरण के लिए मजबूर किया गया. वहीं, संलिप्त व्यक्तियों, संगठनों या गिरोहों की पहचान और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई. इसके अलावा, अंतरराज्यीय या विदेशी नेटवर्क की संलिप्तता की जांच. साथ ही साइबर और डिजिटल माध्यमों से साक्ष्य संकलन और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए उपाय और सिफारिशें प्रस्तुत करना.

SIT की निगरानी भोपाल पुलिस मुख्यालय की महिला सुरक्षा शाखा करेगी. भोपाल पुलिस कमिश्नरेट के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पंकज श्रीवास्तव और पुलिस मुख्यालय के तीन वरिष्ठ अधिकारी इस दल में सहयोगी होंगे. सभी प्रभावित जिलों के पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक, महिला एवं बाल सुरक्षा इकाइयां और अन्य एजेंसियां SIT को पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगी.

बता दें कि भोपाल के रायसेन रोड स्थित एक प्राइवेट कॉलेज में हिंदू छात्राओं को प्रेमजाल में फंसाकर रेप, ब्लैकमेलिंग और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने का मामला सामने आया है. पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों फरहान खान, साहिल खान, मोहम्मद साद, अली और नबील को गिरफ्तार किया है, जबकि छठा आरोपी अबरार फरार है.

जांच में खुलासा हुआ कि फरहान खान के नेतृत्व वाला यह गिरोह हिंदू छात्राओं को निशाना बनाकर नशीले पदार्थ देकर रेप करता था और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता था. कुछ पीड़िताओं ने बताया कि उन पर इस्लाम कबूल करने और शादी के लिए दबाव डाला गया. फरहान के मोबाइल से 10-12 अन्य छात्राओं के अश्लील वीडियो बरामद हुए हैं, जिनकी साइबर फॉरेंसिक जांच जारी है.

पुलिस ने बागसेवनिया, अशोका गार्डन और जहांगीराबाद थानों में पांच FIR दर्ज की हैं, जिनमें भारतीय न्याय संहिता (BNS), POCSO अधिनियम, मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धाराएं शामिल हैं. एक घटना में फरहान ने पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश की, जिसके दौरान उसके पैर में गोली लगी और उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया.

भोपाल के अलावा दमोह, इंदौर, राजगढ़, छतरपुर और सागर से भी ऐसी शिकायतें सामने आई हैं. इंदौर में एक पीड़िता ने विशेष समुदाय के शादीशुदा शख्स पर घर पर हंगामा करने और दुष्कर्म का आरोप लगाया. पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह के तार अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं, जिसमें पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ युवक शामिल हैं.

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शिक्षण संस्थानों में अपराध रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश में लव जिहाद और जिहाद जैसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.” राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और महिला आयोग ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया है. भोपाल पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा ने कहा, “SIT सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है. यदि अतीत में कोई लापरवाही हुई, तो उसकी भी जांच होगी.”

 

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ENTERTAINMENT : नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने बॉलीवुड को कहा ‘चोर’, बोले- ‘हमने साउथ से चुराया

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नवाजुद्दीन सिद्दीकी बॉलीवुड के मोस्ट टैलेंटेड एक्टर्स में से एक हैं. उन्होंने अपने अब तक के करियर में कई शानदार फिल्में की हैं और अपनी दमदार एक्टिंग का लोहा भी मनवाया है. फिलहाल इन दिनों नवाजुद्दीन अपनी फिल्म कॉस्टाओ के प्रमोशन में बिजी हैं. इन सबके बीच एक्टर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बॉलीवुड को ‘चोर’ कहा.

नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने बॉलीवुड को कहा चोर
दरअसल नवाजुद्दीन हाल ही में पूजा तलवार के यूट्यूब चैनल पर इंटरव्यू के लिए पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंनने बॉलीवुड की मौजूदा स्थिति को लेकर अपनी चिंता जाहिर की. नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि बॉलीवुड काफी इनसिक्योर होता जा रहा है. उन्होंने कहा कि एक ही आइडिया बार-बार इस्तेमाल किया जाता है और जब कोई चीज काम करती है तो लोग उसे बार-बार दोहराते रहते हैं.

नवाजुद्दीन ने कहा, “हमारी इंडस्ट्री में, एक ही बात लगातार पांच साल तक दोहराई जाती है.फिर, जब लोग ऊब जाते हैं, तो फाइनली इसे जाने देते हैं. वास्तव में असुरक्षा बहुत बढ़ गई है. उनको लगता है एक फॉर्मूला चल रहा है तो उसे चला लो, घिसो इसको. और उससे भी पैथेटिक ये बात हो गई है की ये 2, 3, 4 (सीक्वल) होने लग गया हैं. कहीं ना कहीं जैसे दिवालियापन होता है, वैसे ये क्रिएटिवरपसी हो गया है. कंगालियत है बहुत ज्यादा. शुरू से हमारी इंडस्ट्री चोर रही है. हमने गाने चोरी किये, कहानी चोरी की.”

कल्ट फिल्मों के सीन भी चोरी किए हुए हैं
नवाजुद्दीन ने आगे कहा कि कहा, “अब जो चोर होते हैं, वो कहां से क्रिएटिव हो सकते हैं. हमने साउथ से चुराया, कभी यहां से चुराया, कभी वहां से चुराया. यहां तक ​​कि कुछ कल्ट-फिल्में जो हिट हुईं, उनके सीन भी चोरी किए हुए हैं. इसको इतना नॉर्मलाइज कर दिया गया कि चोरी है तो क्या हुआ? पहले, वे एक वीडियो सौंपते थे और कहते थे, ‘यह वह फिल्म है जिसे हम बनाना चाहते हैं.’ वे इसे देखते थे और बस इसे यहां दोहराते थे.आप इस तरह के उद्योग से क्या उम्मीद कर सकते हैं? किस तरह के अभिनेता आएंगे? वे एक ही तरह के होंगे और फिर अभिनेता और निर्देशक काम छोड़ना शुरू कर देते हैं जैसे अनुराग कश्यप, जो अच्छा काम कर रहे थे.”

कॉस्टाओ कहां हो रही स्ट्रीम
नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने फिल्म कॉस्टाओ में गोवा के कस्टम अधिकारी कॉस्टाओ फर्नांडीस की भूमिका निभाई है. जिन्होंने एक बड़े सोने की तस्करी रैकेट को पकड़ने के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया था. सेजल शाह द्वारा निर्देशित इस बायोग्राफिकल क्राइम ड्रामा में प्रिया बापट, किशोर, हुसैन दलाल और माहिका शर्मा भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं. ये फिल्म ZEE5 पर स्ट्रीम हो रही है.

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