Sunday, July 5, 2026
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RAJASTHAN : आत्महत्या या हत्या ! लिव-इन में रह रहे प्रेमी जोड़े का शव मिलने के बाद मची सनसनी

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राजस्थान के हनुमानगढ़ में लिव इन में रहने वाले कपल की लाश मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. घटना जिले के ढाबा गांव की है. शुरुआती जांच से ऐसा लगता है कि राजू ने आत्महत्या की है, लेकिन यह अभी स्पष्ट नहीं है कि उसने सुमन की हत्या करने के बाद खुद को फांसी लगाई या दोनों ने आत्महत्या का फैसला मिलकर किया.

राजस्थान के हनुमानगढ़ में शनिवार को लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे एक जोड़े का शव मिला जिसके बाद इलाके में सनसनी मच गई. मृतक पुरुष और महिला लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे और अपने घर में मृत पाए गए.

यह मामला जिले के ढाबा गांव का है, जहां पुलिस को शनिवार सुबह सूचना मिली कि एक घर में दो लोगों के शव पड़े हुए हैं. न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बताया कि 45 साल के राजू को कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया गया, जबकि 35 साल की महिला सुमन जमीन पर मृत पाई गई. पुलिस फिलहाल यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि यह आत्महत्या का मामला है या फिर हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है.

पुलिस ने बताया, ‘शुरुआती जांच से ऐसा लगता है कि राजू ने आत्महत्या की है, लेकिन यह अभी स्पष्ट नहीं है कि उसने सुमन की हत्या करने के बाद खुद को फांसी लगाई या दोनों ने आत्महत्या का फैसला मिलकर किया. यह भी आशंका है कि सुमन ने ज़हर खाया हो घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे घर की तलाशी ली. घटनास्थल से किसी प्रकार का सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे यह तय नहीं हो पा रहा है कि दोनों की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की सटीक जानकारी मिल सकेगी. साथ ही फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा सके.स्थानीय लोगों के अनुसार, राजू और सुमन पिछले कुछ समय से एक साथ रह रहे थे. हालांकि, उनके संबंधों को लेकर कुछ विवाद भी थे, जिसे लेकर कई बार आसपास के लोगों ने बहस होते देखी थी.

BIHAR : जिसे बचाया उम्रभर, उसी ने ले ली जान… समस्तीपुर के ‘स्नैक मैन’ की सांप के डसने से हुई मौत

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समस्तीपुर के ‘स्नैक मैन’ जय कुमार सहनी वर्षों से जहरीले सांपों को बचाकर लोगों को सुरक्षा देते थे. मगर, उनकी मौत एक सांप के डसने से हो गई. रेस्क्यू के दौरान सांप ने उनके अंगूठे में काट लिया. कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

बिहार के समस्तीपुर जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. ताजपुर प्रखंड के बसही भिंडी गांव के रहने वाले जय कुमार सहनी, जिन्हें लोग सम्मान और स्नेह से ‘स्नैक मैन’ के नाम से जानते थे, अब नहीं रहे. जीवनभर जहरीले सांपों को बचाकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर छोड़ने वाले जय कुमार की मौत उसी सांप के काटने से हो गई, जिनकी रक्षा उन्होंने अपना धर्म बना लिया था.

दरअसल, जय कुमार सहनी पिछले दो दशकों से ज्यादा समय से सांपों के रेस्क्यू और संरक्षण का काम कर रहे थे. उन्होंने हजारों जहरीले सांपों को न सिर्फ लोगों से बचाया बल्कि उन्हें सुरक्षित जंगलों में छोड़कर जीवनदान दिया. वह लोगों को सांपों से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और सर्पदंश से बचाव के उपाय सिखाने में भी सक्रिय थे. समस्तीपुर जिले में अगर किसी घर या इलाके में सांप निकल आता था, तो सबसे पहले स्नैक मैन को ही याद किया जाता था.

लेकिन अफसोस, जिस नाग वंश की सुरक्षा का उन्होंने बीड़ा उठाया था, उसी नाग वंश के एक सदस्य ने उनकी जिंदगी खत्म कर दी. जानकारी के मुताबिक पास के एक गांव से कॉल आया कि एक जहरीला सांप एक घर में घुस गया है. जय कुमार तुरंत मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. इस दौरान एक जहरीले सांप ने उनके दाहिने हाथ के अंगूठे में डस लिया. कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

बता दें कि जय कुमार सहनी वर्ष 2000 से यह काम कर रहे थे. उन्होंने एक मुहिम चला रखी थी, जिससे न केवल सैकड़ों लोगों की जान बचाई, बल्कि हजारों सांपों को भी जीवन दिया. सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर गहरी संवेदना व्यक्त की जा रही है. लोग इसे एक ट्रैजिक इरॉनी बता रहे हैं और सावधानी हटी दुर्घटना घटी जैसे स्लोगनों के साथ लोगों को जागरूक कर रहे हैं.

AYODHYA : चेहरा ढककर राम मंदिर पहुंची मुस्लिम महिला, पुलिसकर्मियों से उलझी, संदिग्ध गतिविधियों से हिरासत में

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अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में एक संदिग्ध महिला को हिरासत में लिया गया है. महाराष्ट्र से आई इरिम नामक इस महिला के व्यवहार पर सुरक्षाकर्मियों को शक हुआ. पुलिस पूछताछ कर रही है, लेकिन अभी तक कोई आपत्तिजनक चीज नहीं मिली है. सुरक्षा एजेंसियाँ महिला की गतिविधियों की जांच कर रही हैं.

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था इन दिनों और भी कड़ी कर दी गई है. शुक्रवार को उस समय हलचल मच गई, जब एक संदिग्ध मुस्लिम महिला को सुरक्षाकर्मियों ने हिरासत में ले लिया. यह महिला महाराष्ट्र की रहने वाली बताई जा रही है और उसका नाम इरिम बताया गया है. महिला रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या आई थी.

राम मंदिर परिसर से संदिग्ध मुस्लिम महिला को अयोध्या पुलिस ने हिरासत में लिया है. वह रामलला का दर्शन कर परिसर से बाहर निकल रही थी, इसी बीच सुरक्षा कर्मियों ने उसे हिरासत में लिया. निकास द्वार पर सुरक्षा कर्मियों के द्वारा पूछताछ करने पर महिला अभद्रता करने लगी. संदिग्ध गतिविधि करने पर सुरक्षा कर्मियों को उसपर शक हुआ. मामला कल देर रात का बताया जा रही है.

जानकारी के अनुसार, दोपहर के समय इरिम नामक यह महिला अन्य श्रद्धालुओं के साथ रामलला के दर्शन करने पहुंची थी. दर्शन के बाद जब वह लौट रही थी, तब निकासी मार्ग पर तैनात सुरक्षा जवानों ने उसके व्यवहार में कुछ अजीब देखा. नीले कपड़े से सिर और चेहरा ढंके इस महिला की गतिविधियां सामान्य नहीं लग रही थीं.

जवानों ने जब उससे सवाल-जवाब किए तो वह असहज हो गई और सुरक्षा कर्मियों से बहस करने लगी. मामला संदिग्ध प्रतीत होते ही अधिकारियों को जानकारी दी गई और महिला को राम जन्मभूमि थाने भेजा गया, जहां पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने उससे पूछताछ शुरू की. सूत्रों की मानें तो पूछताछ के दौरान महिला ने साफ-सुथरे जवाब देने की बजाय उल्टे-सीधे जवाब दिए, जिससे संदेह और भी गहरा गया. पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है.

हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर राम जन्मभूमि थाने के प्रभारी निरीक्षक अभिमन्यु शुक्ला ने बयान दिया है कि थाने पर कोई महिला नहीं लाई गई थी और हो सकता है पूछताछ परिसर में ही की जा रही हो.वहीं, क्षेत्राधिकारी अयोध्या आशुतोष तिवारी ने पुष्टि की है कि महिला के नाम-पते का सत्यापन किया जा रहा है. अभी तक कोई आपत्तिजनक वस्तु या गतिविधि सामने नहीं आई है, लेकिन पूरी सतर्कता बरती जा रही है. फिलहाल पुलिस और एजेंसियां यह जानने में जुटी हैं कि महिला वास्तव में श्रद्धालु थी या किसी साजिश का हिस्सा.

 

WORLD : मिलिट्री एक्शन की चेतावनी से बौखलाया पाकिस्तान तो करने लगा प्रोपेगेंडा, भारतीय सैन्य बलों को लेकर कर रहा दुष्प्रचार

पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है और फिलहाल दोनों मुल्कों के बीच तनाव बना हुआ है. इस बीच पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट्स और पाकिस्तान आधारित सोशल मीडिया हैंडल्स से भारत से संबंधित फर्जी खबरें चलाई जा रही है.

पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर भारत ने पाकिस्तान को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है. दोनों मुल्कों में तनाव बढ़ गया है. इस बीच भारतीय सैन्य बलों के भीतर ट्रांसफर-पोस्टिंग भी चल रही है, लेकिन पाकिस्तानी मीडिया में उन खबरों को फर्जी तरीके से प्रचारित किया जा रहा है.

पाकिस्तान आधारित मीडिया आउटलेट्स और सोशल मीडिया हैंडल्स भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की छवि धूमिल करने के लिए एक संगठित दुष्प्रचार अभियान चला रही है. हालांकि, इन कोशिशों को आधिकारिक रिकॉर्ड्स और प्रामाणिक फैक्ट-चेकिंग ने खारिज कर दिया है.

पाकिस्तानी चैनलों और ट्रोल नेटवर्क ने दावा किया कि रक्षा खुफिया एजेंसी के महानिदेशक, लेफ्टिनेंट जनरल डीएस राणा को “बर्खास्त” कर अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के “काला पानी” जेल में भेज दिया गया है. हालांकि, सच्चाई यह है कि जनरल राणा को कमांडर-इन-चीफ के पद पर प्रमोट किया गया है. वह 1 जून 2025 को अंडमान और निकोबार कमांड का पदभार ग्रहण करेंगे.

प्रो-पाकिस्तानी सोशल- मीडिया हैंडल्स ने संकेत दिया कि लेफ्टिनेंट जनरल एमवी सुचिंद्र कुमार को पहलगाम हमले से जुड़े सुरक्षा विफलताओं के कारण उत्तरी कमान से “हटा” दिया गया है. असल में, जनरल सुचिंद्र कुमार ने 30 अप्रैल 2025 को रिटायरमेंट के मौके पर सम्मानपूर्वक सेना से विदाई ली. उनका पद छोड़ना पहले से तय और सूचित था.

पाकिस्तान आधारित सोशल अकाउंट्स के एक नेटवर्क ने दावा किया कि वायु सेना के उप-प्रमुख एयर मार्शल एसपी धरकर को “पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध लड़ने से इनकार” के लिए “बर्खास्त” कर दिया गया. वास्तव में, धरकर ने 30 अप्रैल 2025 को अपनी सेवा पूरी की और उन्हें नेशनल वॉर मेमोरियल में विदाई दी गई. उनके स्थान पर एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी ने उप-प्रमुख का पदभार संभाला है.

पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट्स और पाकिस्तान आधारित सोशल अकाउंट्स के जरिए इन फर्जी खबरों की वेव तब आई है जब भारत ने पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी. भारत ने अबतक पाकिस्तान को कूटनीतिक तौर पर ही जवाब दिया है, लेकिन सैन्य मोर्चे पर भारत ने पाकिस्तान को सब सिखाने की चेतावनी दी है. हालांकि, इन झूठी कहानियों को पहले से स्थापित आईएसआई-लिंक्ड सोशल मीडिया द्वारा फैलाया जा रहा है.

रक्षा मंत्रालय, डिफेंस स्टाफ हेडक्वार्टर्स और इंडिमेंडेंट मीडिया आउटलेट्स ने पाकिस्तानी मीडिया और उसके सोशल अकाउंट्स द्वारा की जा रही फर्जी खबरों का खंडन किया था. भारत ने आईटी एक्ट के मुताबिक, पाकिस्तान आधारित चैनलों और खातों को भी ब्लॉक कर दिया है, जिससे भारत में फर्जी खबरों के प्रसार को रोका जा सके.

UP: मौसेरी बहन से एकतरफा प्यार, शादी तय होते ही युवक ने दिनदहाड़े चलाईं गोलियां, तीन लड़की को एक बहन को लगी

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आजमगढ़ से आए मनदीप यादव ने मौसेरी बहन से एकतरफा प्यार में उसका रिश्ता तय होते ही आपा खो दिया. शुक्रवार को लड़की के घर में घुसकर उसने तीन गोलियां लड़की और उसकी बहन पर चलाईं और फिर खुद को भी गोली मार ली. सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. लड़के की हालत नाजुक बनी हुई है.

एकतरफा प्यार में पागल युवक ने शुक्रवार को दिनदहाड़े खूनखराबा कर दिया. मामला उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से जुड़ा है, जहां रहने वाला मनदीप यादव अपनी मौसेरी बहन से एकतरफा प्यार करता था. जब उसे पता चला कि लड़की की शादी कहीं और तय हो गई है, तो वह आपा खो बैठा.मनदीप शुक्रवार को सीधे लड़की के घर पहुंचा और उसने ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. कुल चार राउंड गोली चली. इसमें तीन गोलियां लड़की और उसकी छोटी बहन को लगी. इसके बाद मनदीप ने एक गोली खुद के सीने में मारी और पिस्टल वहीं फेंककर लड़खड़ाते हुए बाहर निकल गया और सड़क पर गिर पड़ा.

दिनदहाड़े हुए इस वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया. आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए. वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की. बताया जा रहा है कि घटना के समय घर में लड़कियों की एक और बहन और मां मौजूद थीं.पुलिस और परिवार की मदद से घायलों को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया. वहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया. फिलहाल दोनों बहनें खतरे से बाहर बताई जा रही हैं, वहीं मनदीप की हालत नाजुक है.। जानकारी के मुताबिक, गोली उसके फेफड़ों में फंसी हुई है, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है.

 

NATIONAL : मणिपुर में हिंसा के दो साल, इम्फाल समेत कई जिलों में बंद रहे स्कूल और दुकानें, लोगों ने किया कामकाज का बहिष्कार

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चुराचांदपुर और कांगपोकपी जिलों में भी इसी तरह के हालात देखने को मिले, जहां जनजीवन बाधित रहा. अधिकारियों के अनुसार, इन जिलों में भी सभी शैक्षणिक और व्यापारिक संस्थान बंद रहे. ‘सिन्था लेप्पा’ के आह्वान को जनता की ओर से व्यापक समर्थन मिला है, जो यह दर्शाता है कि राज्य में दो साल पहले भड़की हिंसा के ज़ख्म आज भी लोगों के दिलों में ताजा हैं.

इम्फाल घाटी में शनिवार को आम जनजीवन पूरी तरह से ठप रहा क्योंकि विभिन्न संगठनों ने 3 मई 2023 को भड़की जातीय हिंसा के दो साल पूरे होने पर ‘सिन्था लेप्पा’ का आह्वान किया, यानि दैनिक गतिविधियों का पूरी तरह बहिष्कार.शैक्षणिक और व्यापारिक संस्थान दिनभर बंद रहे. सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी ठप रहीं और सड़कों पर इक्का-दुक्का निजी वाहन ही नजर आए. किसी भी संभावित अशांति को देखते हुए राजधानी के प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी.

खुमान लमपाक स्टेडियम में ‘मणिपुर पीपुल्स कन्वेंशन’ आयोजित कर रही मणिपुर एकता समन्वय समिति (COCOMI) ने जनता से अपील की थी कि वे अपनी रोजमर्रा की गतिविधियां रोक कर इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल हों. यह आयोजन राज्य में जारी संकट पर चिंतन करने और हिंसा से प्रभावित लोगों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से किया जा रहा है. दिनभर के कार्यक्रम के तहत, शाम को कांगला नोंगपोक थोंग में मोमबत्ती जलाकर उन लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी, जिन्होंने इस हिंसा में अपनी जान गंवाई है.

चुराचांदपुर और कांगपोकपी जिलों में भी इसी तरह के हालात देखने को मिले, जहां जनजीवन बाधित रहा. अधिकारियों के अनुसार, इन जिलों में भी सभी शैक्षणिक और व्यापारिक संस्थान बंद रहे. ‘सिन्था लेप्पा’ के आह्वान को जनता की ओर से व्यापक समर्थन मिला है, जो यह दर्शाता है कि राज्य में दो साल पहले भड़की हिंसा के ज़ख्म आज भी लोगों के दिलों में ताजा हैं.

MP : ‘जिससे इश्क, उसी से करूंगी शादी…’ मंडप में पहुंच गई गर्लफ्रेंड, रुकवा दिया बॉयफ्रेंड का विवाह

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मध्य प्रदेश के दतिया की एक लड़की अपने प्रेमी की शादी रुकवा दी बाद में थाने में घंटों मामले पर मंथन चला. इसके बाद मामले को सुलझाने के लिए सभी पक्षों ने आपसी समझौता किया. प्रेमी-प्रेमिका की मंदिर में शादी कर दी गई.

मध्य प्रदेश के दतिया से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक प्रेमिका ने अपने प्रेमी को दूसरी लड़की से शादी करने से रोक दिया. प्रेमिका मंडप पर पहुंच गई और दूल्हे को उठाकर अपने साथ थाने ले गई. उसने उससे कहा कि प्यार मुझसे और शादी किसी और से ऐसा नहीं चलेगा. इसके बाद थाने में इस मामले पर कई घंटों तक मंथन किया गया, जिसे बाद मंदिर में दोनों की शादी करा दी गई.

ये पूरी घटना उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के रक्सा थाना क्षेत्र के अंतर्गत डेली गांव है. यहां रहने वाले एक युवक सनी की शादी दो माह पहले तय की गई थी. गुरुवार शाम को उसकी बारात रक्सा के ढीमरपुरा गांव के लिए निकलने वाली थी. मंडप में विवाह की रस्में अदा की जा रही थीं. इसी दौरान उसकी प्रेमिका अपने रिश्तेदारों के साथ वहांं पहुंची.

इसके बाद लड़की ने सनी को जबरदस्ती मंडप से उठा दिया औऱ उसे अपने साथ लेकर जाने लगी. सनी के परिवार वालों ने विरोध किया, लेकिन लड़की के तेवर के आगे उनकी एक चली. लड़की सनी को लेकर रक्सा थाने पहुंची. पीछे-पीछे परिवार वाले भी थाने पहुंचे. प्रेमिका ने थाने में की गई अपनी शिकायत में कहा कि सनी का वादा था कि वो उससे ही शादी करेगा, लेकिन अब वो किसी और से शादी कर रहा है, जबकि वो उससे प्यार करता है. लड़की कहा कि वो ये विवाह नहीं होने देगी. क्योंकि लड़का अब भी उससे ही प्यार करता है.

साथ ही उसने धमकी दी कि अगर सनी ने किसी और से शादी की तो वो अपनी जान दे देगी. थाने में घंटों मामले पर मंथन चला. वहीं सनी ने भी माना की वो लड़की से प्यार करता है और उसकी इच्छा है कि लड़की से ही उसकी शादी हो. दोनों में 10 साल से प्रेम संबंध था. इसके बाद मामले को सुलझाने के लिए सभी पक्षों ने आपसी समझौता किया. प्रेमी-प्रेमिका की मंदिर में शादी कर दी गई.

लड़की देर शाम सनी को लेकर अपने दतिया स्थित अपने गांव चली गई. वहीं जिस लड़की से सनी की शादी होने वाली थी, उसकी शादी सनी के चचेरे भाई लकी से करा दी गई. इस तरह दोनों लड़कियों की शादी संपन्न हुई.

 

NATIONAL : ‘एक अच्छी सी अंगूठी दिखाना…’ ज्वेलरी शॉप में पहुंचे हेलमेट मैन, हथियार दिखाकर लूट ली पूरी दुकान

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रांची के ओरमांझी इलाके से एक ज्वेलरी शॉप से दिनदहाड़े 12 लाख रुपये से ज्यादा की ज्वेलरी और नकदी के लूट का मामला सामने आया है. चार बदमाशों ने हथियारों के बल पर इस वारदात को अंजाम दिया. लूटपाट के दौरान बदमाशों ने दुकान के मालिक पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था.

झारखंड की राजधानी रांची की एक ज्वेलरी शॉप से दिनदहाड़े लाखों की लूट का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. घटना के बाद से ही इलाके में हड़कंप मचा हुआ है. मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि चार बदमाशों ने इस लूट की घटना को अंजाम दिया है, जिनमें से तीन बदमाशों ने हेलमेट पहने हुए थे, जबकि एक ने अपने मास्क लगाया हुआ था.

रांची के ओरमांझी थाना क्षेत्र के लाल बहादुर शास्त्री चौक के नजदीक जय हिंद नाम की एक ज्वेलरी शॉप है. बीते दिनों चार बदमाश हथियारों से लैस होकर दुकान पर पहुंचे और दुकान के मालिक को अंगूठी दिखाने के लिए कहने लगे. जैसे ही मालिक उन्हें सोने की अंगूठी दिखाने की कोशिश करता है वैसे ही बदमाश उस पर पिस्तौल तान देते हैं और फिर दुकान से 12 लाख रुपये से ज्यादा की सोने की ज्वेलरी और कैश लूट कर फरार हो गए.

लूट का विरोध करने पर बदमाशों ने दुकान के मालिक सुधीर सोनी की जमकर पिटाई कर दी थी, उन्हें पिस्तौल का बट मारकर गंभीर रुप से घायल कर दिया था. इस के बाद वह सुधीर का मोबाइल लेकर चले गए थे. घटना की जानकारी होते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. मामले की जांच के लिए आनन-फानन में पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई और उन्होंने दुकान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की जांच शुरू कर दी.

ज्वेलरी शाप में लूट करने वाले चार बदमाशों में से तीन से अपने चेहरे को हेलमेट से ढका हुआ था. वहीं, एक ने मास्क लगाया हुआ था. लूट की घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश कुछ देर खड़ी बाइक से फरार हो गए थे. फिलहाल पूरे मामले की जांच के लिए रांची के एसएसपी सह डीआईजी चंदन कुमार सिन्हा के निर्देश पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में एक टीम का भी गठन किया गया है. गठित टीम घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सभी अपराधियों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है.

 

ENTERTAINMENT : संजय दत्त को किडनैप करने वाले थे डकैत, तब पिता सुनील दत्त ने डर के चलते लिया था ऐसा फैसला

संजय दत्त से जुड़े कई किस्से आपने सुने और पढ़े होंगे लेकिन आज हम आपको एक ऐसा किस्सा बताएंगे, जिसे जानकर आप हैरान हो जाएंगे. संजय दत्त बचपन में अपने पिता सुनील दत्त के सामने ही कुछ डकैतों द्वारा किडनैप हो सकते थे. इसके बाद सुनील दत्त ने बड़ा कदम उठाया था.

हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता संजय दत्त का जीवन काफी चर्चाओं में रहा है. वो फैंस के बीच अपनी एक्टिंग और फिल्मों से तो चर्चाओं में रहे ही हैं, वहीं उनसे जुड़े कई किस्से भी काफी मशहूर है. संजय दत्त ने कई अफेयर्स, तीन-तीन शादी और विवादों से भी खूब सुर्खियां बटोरी.

आज हम आपको संजय दत्त के जीवन के एक ऐसे किस्से के बारे में बता रहे हैं जब उनके पिता और दिवंगत एक्टर सुनील दत्त काफी डर गए थे. दरअसल एक बार उनका सामना कुछ डकैतों से हो गया था और वो संजय को किडनैप करने वाले थे. ये राज खुद संजू बाबा ने कॉमेडियन कपिल शर्मा के शो पर खोला था.

संजय दत्त अपनी साल 2019 में आई फिल्म ‘प्रस्थानम’ के प्रमोशन के लिए कपिल शर्मा के शो पर पहुंचे थे. तब कपिल ने संजय से एक अफवाह के बारे में सवाल किया था और कहा था कि क्या फिल्म ‘मुझे जीने दो’ (1960) की शूटिंग के समय डकैतों ने उन्हें किडनैप कर लिया था. इस पर संजय ने कहा था, ”उन्होंने कोशिश की थी. उन दिनों रूपा डकैत इन मामलों में एक्टिव थी. वो दत्त साहब (सुनील दत्त) से मिले थे और मैं उस समय बच्चा था. उन्होंने मुझे अपनी गोद में बैठाया और दत्त साहब से पूछा कि उन्होंने फिल्म बनाने में कितना खर्च किया.”

संजय ने आगे कहा था, ”डैकेतों से दत्त साहब ने जवाब दिया था 15 लाख रुपये. उसने फिर मेरे पिता से पूछा कि अगर हम इस बच्चे को किडनैप करते हैं तो आप हमें कितना देंगे? मेरे पिता ने बड़ी चतुराई से इसे हंसते हुए मुझे उसकी गोद से वापस ले लिया. फिर दिन की शूटिंग कैंसिल कर दी गई और अगले ही दिन उन्होंने मुझे और मेरी मां को वापस बॉम्बे भेज दिया.”

NATIONAL : गोवा मंदिर में भगदड़ के बाद बड़ा फैसला, तीन दिन स्थगित रहेंगे सभी सरकारी कार्यक्रम

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गोवा के शिरगांव में लाइराई देवी मंदिर भगदड़ हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई. यहां 70 से ज्यादा लोगों के घायल होने के कारण, गोवा सरकार ने अगले तीन दिनों के लिए सभी सरकारी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं. यह दुखद घटना श्री देवी लाइराई जात्रा के दौरान हुई.

गोवा के लइराई देवी मंदिर में उत्सव के दौरान मची भगदड़ के बाद अगले तीन दिन के लिए गोवा सरकार की ओर से समर्थित सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं. इस उत्सव में 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और 70 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे. सरकार की ओर से एक नोटिस जारी किया गया.

एक नोटिस में कहा गया कि शिरगाओ में श्री देवी लाईराई जात्रा के दौरान हुई दुखद भगदड़ की घटना को देखते हुए और मृतकों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना जाहिर करती है.साथ ही गोवा सरकार निर्देश देती है कि अगले तीन दिनों में होने वाले सभी सरकारी उत्सव कार्यक्रम और सार्वजनिक समारोह रद्द कर दिए जाएं.

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