Sunday, July 5, 2026
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MAHARASHTRA : अपनी ही बेटी के साथ तीन साल तक किया बलात्कार, शख्स को सुनाई गई 20 साल की कैद

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मुंबई की डिंडोशी सेशन कोर्ट ने एक व्यक्ति को अपनी ही बेटी के साथ तीन साल तक बलात्कार करने का दोषी ठहराया और सजा सुनाई. मालूम हुआ कि बच्ची के साथ ये सब तब तक चलता रहा जब तक कि उसने 14 फरवरी, 2020 को चाइल्डलाइन पर कॉल नहीं किया, जब वह 15 साल की थी.

महाराष्ट्र में मुंबई की डिंडोशी सेशन कोर्ट ने एक व्यक्ति को अपनी ही बेटी के साथ तीन साल तक बलात्कार करने का दोषी ठहराया और सजा सुनाई. मालूम हुआ कि बच्ची के साथ ये सब तब तक चलता रहा जब तक कि उसने 14 फरवरी, 2020 को चाइल्डलाइन पर कॉल नहीं किया, जब वह 15 साल की थी. हालांकि, कोर्ट ने पुलिस को हमले की सूचना न देने के मामले में उसकी मौसी को बरी कर दिया है. हेल्पलाइन पर पीड़िता ने बताया था कि उसका अपना पिता 2017 से उसके साथ बलात्कार कर रहा था, जब वह 13 साल की थी.

आरोपी कर्मचारी बिल्डिंग में स्वीपर के तौर पर काम करता था और शराब पीता था. बच्ची की मां की मृत्यु तब हो गई थी जब वह पांच साल की थी. बच्ची ने बताया कि साल 2017 में एक बार उसका पिता शराब पीकर घर आया और उसके बगल में सो गया और उसका यौन शोषण किया. विरोध करने पर उसने उसे गालियां दीं, उसे पीटा और उसे धमकाते हुए कहा ‘अगर तू ज्यादा बोलेगी तो काट डालूंगा’.

डरी हुई लड़की ने फोन पर अपनी मौसी को घटना के बारे में बताया. लेकिन मौसी ने कुछ नहीं किया तो उसने हिम्मत जुटाई और हेल्पलाइन पर फोन किया. मामला दर्ज होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और लड़की को उसके भाई-बहनों के साथ निगरानी गृह भेज दिया गया. अदालत में आरोपी के बचाव में पूरी तरह से इनकार और झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया गया. पिता की ओर से पेश वकील सुनंदा नांदेवार ने कहा कि उसने पीड़िता को डांटा था क्योंकि वह स्कूल नहीं जा रही थी और वह चौपाटी में लड़कों के साथ घूमना चाहती थी. पिता ने आरोप लगाया कि डांट से व्यथित होकर पीड़िता ने झूठी शिकायत दर्ज कराई है. नांदेवार ने यह भी कहा कि घटना के बाद पीड़िता को मासिक धर्म में कोई समस्या नहीं हुई.

मौसी की ओर से पेश अधिवक्ता कलाम शेख ने दलील दी कि वह पीड़िता के साथ नहीं रह रही थी और पीड़िता ने अपनी दो बुआओं के कहने पर उसे झूठा फंसाया है. राज्य की ओर से पेश अतिरिक्त लोक अभियोजक गीता मलंकर ने दलील दी कि पीड़िता के साक्ष्य चिकित्सा साक्ष्य से समर्थित हैं. पीड़िता ने इस तथ्य को अपनी मौसी को बताया था, लेकिन वह चुप रही, इसलिए वह भी आरोपी के कृत्य की रिपोर्ट न करने के लिए समान रूप से उत्तरदायी है.

न्यायाधीश अश्विनी डी लोखंडे ने पाया कि बचाव पक्ष ने यह तर्क देने की कोशिश की थी कि पीड़िता ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत अपना बयान दर्ज करते समय मजिस्ट्रेट के सामने ‘शारीरिक संभोग’ शब्द नहीं कहा था. हालांकि, न्यायाधीश ने कहा,’यौन उत्पीड़न के मामलों में यह उचित नहीं है कि पीड़िता को आरोपी द्वारा कृत्य करते समय उसकी हर हरकत के बारे में बताना चाहिए. प्रत्येक पीड़िता के लिए यह बताना पर्याप्त है कि उसके साथ यौन उत्पीड़न व्यक्ति द्वारा किया गया है. विस्तृत विवरण देना उचित नहीं है. तदनुसार, आरोपी द्वारा विशेष शब्दों के साथ खेलना उनकी मदद नहीं करता है.’

न्यायाधीश ने कहा कि पीड़िता की अन्य दो बहनें भी घटना की गवाह हैं, लेकिन वे इतनी छोटी थीं कि जांच अधिकारी ने उनके बयान दर्ज नहीं किए. यह मानते हुए कि’इसमें कोई संदेह नहीं कि पीड़िता आरोपी की असली बेटी है, लेकिन आजीवन कारावास की सजा देना कठोर सजा होगी. क्योंकि आरोपी व्यक्ति का कोई आपराधिक इतिहास नहीं था और जेल अधिकारियों ने उसके आचरण के बारे में कोई शिकायत नहीं की थी, न्यायाधीश ने 40 वर्षीय व्यक्ति को 20 साल की सजा सुनाई.

 

RAJASTHAN : 17 वर्षीय लड़की से 9 युवकों ने किया गैंगरेप, सभी अरेस्ट

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राजस्थान के झालावाड़ जिले में एक 17 वर्षीय लड़की से गैंगरेप का मामला सामने आया है. जहां शादी में आई लड़की जब खेत में शौच के लिए गई तो 9 लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया.

राजस्थान के झालावाड़ जिले से एक शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आया है. यहां 17 वर्षीय लड़की से 9 युवकों ने गैंगरेप किया. इस घटना के बाद से टूट चुकी छात्रा एग्जाम देने से भी मना कर रही थी. हालांकि, माता-पिता के समझाने और काउंसलिंग के बाद उसने एग्जाम दिया. वहीं, मामले में सभी युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस बात की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी.

अधिकारियों ने बताया कि 17 वर्षीय लड़की ने मामले में अपना बयान दर्ज कराने से पहले 11वीं की परीक्षा देने का साहस जुटाया है. इस मामले में एक नाबालिग समेत नौ युवकों को गिरफ्तार किया गया और अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. घटना मंगलवार रात की है, जब एक शादी में शामिल होने के लिए गांव आई लड़की खेत में शौच के लिए गई थी.

खेत में ही आरोपियों ने उसे पकड़ लिया और एक सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया. डीएसपी बृजेश कुमार ने बताया कि अगले दिन पीड़िता की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है.

कुमार ने बताया कि शुक्रवार को 9 में से 8 आरोपियों को पोक्सो कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया. नाबालिग आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे किशोर आश्रय गृह भेजने का आदेश दिया गया. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पीड़िता मामले के कुछ आरोपियों से परिचित थी, क्योंकि वे उसी गांव के थे. फिलहाल मामले की जांच जारी है. जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

ENTERTAINMENT : अश्लील कंटेंट के चलते विवादों में शो ‘हाउस अरेस्ट’, होस्ट एजाज को एक्ट्रेस गहना वशिष्ठ ने किया सपोर्ट, बोलीं- OTT के लिए सेंसरशिप हो

एजाज खान का शो ‘हाउस अरेस्ट’ अश्लील कंटेंट के चलते विवादों में है. उल्लू ऐप से शो के सभी एपिसोड्स भी हटा दिए गए हैं. ऐसे में शो में शामिल एक्ट्रेस गहना वशिष्ठ ने कंट्रोवर्सरी पर रिएक्ट किया है. गहना ने शो ‘हाउस अरेस्ट’ और होस्ट एजाज खान को सपोर्ट किया है.

एक्टर और बिग बॉस फेम एजाज खान का शो ‘हाउस अरेस्ट’ अश्लील कंटेंट के चलते विवादों में है. बढ़ते विवाद के बाद शो के सभी एपिसोड्स को उल्लू ऐप से भी हटा दिया गया है. साथ ही एजाज और शो से जुड़े लोगों के खिलाफ मुंबई के अंबोली पुलिस स्टेशन में मामला भी दर्ज हो चुका है. अब इस पूरे विवाद पर शो में शामिल एक्ट्रेस गहना वशिष्ठ ने रिएक्ट किया है.

दरअसल, सोशल मीडिया पर एजाज खान के शो ‘हाउस अरेस्ट’ के कुछ अश्लील क्लिप वायरल हुए थे, जिसमें एजाज लड़कियों से कैमरे पर कपड़े उतारने को कहते दिखे थे. शो में इंटीमेट पोजिशन्स को लेकर भी टास्क दिए जा रहे थे. वायरल वीडियो के बाद शो विवादों में घिर चुका है. सोशल मीडिया पर एजाज खान को जमकर ट्रोल किया जा रहा है.

मगर ‘हाउस अरेस्ट’ की वायरल क्लिप में नजर आईं फेमस एक्ट्रेस गहना वशिष्ठ ने शो का बचाव किया है. इंडिया टुडे/ आज तक को दिए इंटरव्यू में एक्ट्रेस गहना वशिष्ठ ने पूरे विवाद पर चुप्पी तोड़ी. उन्होंने कहा कि चुनिंदा शो को टारगेट करने के बजाय, ओटीटी शो के लिए सेंसर बोर्ड का गठन किया जाना चाहिए , जो कंटेंट पर फैसला ले सके.

बोल्ड फिल्मों के लिए मशहूर गहना वशिष्ठ शो को लेकर चल रहे विवाद पर बोलीं- वेब सीरीज 18 साल से ऊपर के लोगों के लिए कंटेंट दिखा रही हैं. सच्चाई यह है कि ऐसा कंटेंट बनाया जा रहा है, जो बिक रहा है. अगर लोग देखना बंद कर देंगे, तो ऐसा कंटेंट बनेगा ही नहीं.एक्ट्रेस से आगे पूछा गया कि क्या शो की पब्लिसिटी के लिए बोल्ड सीक्वेंस शूट किए गए थे? इसपर एक्ट्रेस ने कहा- कोई भी प्रोड्यूसर या मेकर अपने शो को कंट्रोवर्सी में लाना नहीं चाहता, क्योंकि पब्लिसिटी स्टंट कभी-कभी उल्टे भी पड़ जाते हैं.

गहना वशिष्ठ शो के होस्ट एजाज खान का भी बचाव करती नजर आईं. उन्होंने कहा- एजाज खान को टारगेट किया जा रहा है. एजाज एग्रेसिव दिखते हैं, लेकिन वो हैं नहीं. कंटेस्टेंट्स पर किसी भी अलग तरीके से परफॉर्म करने का कोई दबाव नहीं था. अगर कोई दूसरा एक्टर शो का होस्ट होता तो उसे निशाना नहीं बनाया जाता.

ओटीटी सेंसरशिप पर भी गहना ने खुलकर अपनी राय सामने रखी. एक्ट्रेस बोलीं- शो में हम पोजिशन्स (इंटीमेसी) के बारे में बात कर रहे हैं, ऐसे पोजिशन्स को परफॉर्म नहीं कर रहे हैं, कई फिल्मों में ऐसा किया भी गया है. क्या स्कूल में सेक्स एजुकेशन के तौर पर इन चीजों के बारे में बात की जा सकती है, लेकिन वेब सीरीज में नहीं?

‘ब्यूटी कॉन्टेस्ट में महिलाओं की बॉडी पर मार्क्स बनाए जाते हैं. लेकिन हमें चुनिंदा तरीके से क्यों निशाना बनाया जाता है? लोगों को कार्रवाई की मांग करने से पहले हमारा पूरा शो देखना चाहिए. मैं पिछले दो सालों से प्रसारण मंत्रालय से अनुरोध कर रही हूं कि वेब सीरीज के लिए सेंसर होना चाहिए. एक बार जब आप गाइडलाइन्स दे देंगे, तो फिर अगर कुछ अश्लील बनता है, तो उसे एडिट किया जा सकता है. अगर आप चाहते हैं कि कोई व्यक्ति सीमा पार न करे, तो आपको एक सीमा बनानी होगी, अभी कोई सीमा नहीं है इसलिए ऐसी चीजें हो रही हैं.’

वेब पर आसानी से उपलब्ध पोर्नोग्राफिक कंटेंट पर भी एक्ट्रेस ने बात की. उन्होंने कहा- हमारे शो की चर्चा एक क्लिप के वायरल होने पर इतनी हो रही है. पर बच्चे पोर्नोग्राफिक साइट्स पर जा सकते हैं, जिस पर रोक नहीं लगाई जा रही है. महामारी के बाद हर कोई इंटरनेट ब्राउज करना जानता है, इसलिए ऐसी साइट्स को रोकने के लिए कार्रवाई होनी चाहिए. अगर हम पाकिस्तान की एक्ट्रेसेस के इंस्टाग्राम हैंडल बैन कर सकते हैं, तो इसका मतलब है कि हम जो चाहें उसे कंट्रोल कर सकते हैं, तो फिर पोर्नोग्राफिक साइट्स पर बैन क्यों नहीं लगाया जा रहा है?

बता दें कि कई राजनीतिक हस्तियों ने भी शो की आलोचना की थी. वहीं दूसरी तरफ नेशनल कमिशन फॉर वुमन (NCW) ने उल्लू ऐप के CEO विभु अग्रवाल और होस्ट एजाज खान को 2 मई को समन भेजा था. दोनों को 9 मई तक कमिशन के सामने पेश होने का आदेश दिया गया है. उल्लू ऐप पर अश्लीलता फैलाने का आरोप है. समन के मुताबिक, 29 अप्रैल 2025 को शो की एक शॉर्ट क्लिप वायरल हुई, जिसमें एजाज खान फीमेल कंटेस्टेंट्स को कैमरा के सामने प्राइवेट इंटीमेट पोज करने को कहते दिखे. कंटेस्टेंट्स के अनकंफर्टेबल होने और टास्क ना करने की बात को इग्नोर किया गया.

‘हाउस अरेस्ट’ शो को बिग बॉस और लॉकअप शो की तर्ज पर डिजाइन किया गया था. बताया गया कि ये एक बोल्ड और अनसेंसर्ड रियलिटी शो है. शो में गहना वशिष्ट, नेहल वडोदिया और अभा पॉल जैसी बोल्ड एक्ट्रेसेज के अलावा हुमेरा शेख, सारिका सालुंके, मुस्कान अग्रवाल, ऋतु राय, अयूषी भौमिक, सिमरन कौर, जोनिटा डिक्रूज और नैना छाबड़ा ने भाग लिया है. मेल कंटेस्टेंट्स में राहुल भोज, संकल्प सोनी और अक्षय उपाध्याय जैसे न्यूकमर्स के नाम शामिल हैं.

BIHAR : ‘मैं इन्हें भगाकर लाई हूं…’, पिता ने थाने में दर्ज कराई FIR तो बेटी ने वीडियो बनाकर दी सफाई

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बगहा में एक युवती का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह प्रेमी संग भागकर शादी करने की बात कह रही है. दूसरी ओर पिता ने युवक पर अपहरण की FIR दर्ज कर दी. पुलिस वीडियो की जांच कर रही है और युवती के बालिग होने पर बयान के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.

बिहार के बगहा से प्रेमी-प्रेमिका के भागकर शादी करने का मामला सामने आया है. लड़की के पिता ने युवक के खिलाफ अपहरण की एफआईआर दर्ज करा दी है. मामला अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके एक 20 सेकंड के वीडियो के कारण और चर्चित हो गया है, जिसमें युवती ने खुद के भागने की बात स्वीकार की है.

दरअसल, लड़की की पहचान निशा कुमारी के रूप में हुई है. वह वीडियो में भावुक होकर कहती है मैं इन्हें भगाकर लाई हूं. बहुत प्यार करती हूं. इनके साथ ही जीना-मरना है. कृपया इनके ससुरालवालों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करें. वीडियो में वह अपने प्रेमी सूरज कुमार के परिवार की सुरक्षा की गुहार भी पुलिस से करती है.

जानकारी के अनुसार, निशा नरकटियागंज नगर परिषद के वार्ड संख्या 14 की निवासी है और सूरज वार्ड 12 से है. दोनों 27 अप्रैल को घर से भागे थे. लेकिन लड़की के पिता ने 30 अप्रैल को शिकारपुर थाने में एफआईआर दर्ज करा दी. जिसमें सूरज और उसके परिवार पर अपहरण और बहलाने-फुसलाने का आरोप लगाया गया है.

शिकारपुर थानाध्यक्ष अवनीश कुमार ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है. अगर जांच में यह सामने आता है कि लड़की बालिग है और उसने अपनी मर्जी से घर छोड़ा है, तो उसके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

 

NATIONAL : दिल्ली में तेज बारिश के साथ अचानक कैसे आ गया तूफान? जानें- IMD क्यों नहीं दे पाया सटीक अलर्ट

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दिल्ली में तूफान और तेज बारिश से भारी बर्बादी हुई, जिसमें द्वारका में पेड़ गिरने से चार लोगों की मौत हो गई और जलभराव ने ट्रैफिक बाधित हुआ. 80 मिमी बारिश के बावजूद, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अलर्ट में चूक सामने आई. आईएमडी ने बताया है कि दिल्ली में तेज बारिश के साथ अचानक आए तूफान को लेकर सटीक अलर्ट क्यों नहीं दे पाया.

दिल्ली में तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई, जिससे सड़कें और अंडरपास पानी में डूब गए और सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया. द्वारका में पेड़ गिरने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई इलाकों में जलभराव से ट्रैफिक बाधित हुआ. शुक्रवार सुबह करीब तीन घंटे में 80 मिलीमीटर बारिश हुई. हालांकि, सवाल उठ रहे हैं कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) दिल्ली में आए तेज तूफान और भारी बारिश को लेकर अलर्ट देने में कैसे चूक गया?

दिल्ली भारत की राजधानी है, ऐसे में यहां की सटीक मौसम जानकारी लोगों तक न पहुंचना आईएमडी बड़ा सवाल खड़ा करती है. हालांकि, दिल्ली का मौसम को लेकर भविष्यवाणी करना थोड़ा मुश्किल है. क्योंकि दिल्ली का क्षेत्रफल छोटा है. इसलिए आईएमडी इसे अलग डिवीजन के तौर पर नहीं मानता है.

आईएमडी प्रमुख तौर पर तीन तरह का अलर्ट जारी करते हैं. पहला ‘लंबी अवधि’ के लिए. यानि इसमें महिनों के लिए भविष्यवाणी की जाती है. दूसरा ‘मध्यम अवधि’ के लिए, इसमें 3–5 दिन के लिए भविष्यवाणी जारी की जाती है. तीसरा ‘तत्काल अलर्ट’ जारी होता है. इसमें हर घंटे और हर तीन घंटे में मौसम का अपडेट जारी किया जाता है.

दिल्ली में शुक्रवार सुबह जो तूफान के साथ तेज बारिश आई वह ‘तत्काल अलर्ट’ कैटेगरी में आती है. यानि अचानक बदलते मौसम के श्रेणी में आती है. ऐसे श्रेणी के मौसम बहुत कम समय के लिए ही बनते हैं और बहुत ही छोटे क्षेत्रफल को ही प्रभावित करते हैं. मौसम विभाग के प्रमुख डॉ. मृत्युंजय महापात्रा के अनुसार, तूफान वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से आया था. आमूमन हर साल मई महीने में ऐसे तूफान और बारिश इस वजह से आती है. हालांकि, हर साल तूफान थोड़ा हल्का होता है. लेकिन, इस बार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आई नमी, और तेजी से बदलते तापमान की वजह से तूफान तेज आया.

आईएमडी की ओर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था, जो कि तैयारी के लिए होता है. हालांकि, रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया था. क्योंकि रेड अलर्ट तब जारी किया जाता है जब एक्शन तुरंत ही लेना होता है. लेकिन, तूफान इतने छोटे क्षेत्रफल और अचानक आया कि इसका रेड अलर्ट देना मुश्किल था.

मौसम तकनीक को और बेहतर बनाने के लिए कई तकनीक में बदलाव किए जा रहे हैं. साथ ही संसाधनों में इजाफा किया जा रहा है. वर्तमान में भारत में कुल 40 रडार हैं जो कि 85 फीसदी क्षेत्रफल को कवर करते हैं. ‘मिशन मौसम’ के तहत लगातार रडार की संख्या बढ़ाई जा रही है. सरकार 40 रडार की संख्या को 126 तक बढ़ाने की योजना बनाई है. साथ ही लाइटनिंग डिटेक्शन, विंड प्रोफाइलर और ह्यूमिडिटी प्रोफाइलिंग जैसे तकनीक लाए जा रहे हैं ताकि मौसम भविष्यवाणी की सटीकता में सुधार हो. बता दें कि बीते पांच सालों में ही मौसम की भविष्यवाणी की सटीकता में 40 से 50 फीसदी का सुधार दर्ज किया गया है.

NATIONAL : दहेज में सामान कम मिला तो दूल्हा हुआ नाराज, दुल्हन की विदाई से किया इनकार, फिर…

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धौलपुर के खपरैला गांव में दहेज को लेकर दूल्हा नाराज हो गया और दुल्हन को साथ ले जाने से इनकार कर दिया. इसके बाद वधु पक्ष ने दूल्हा को बंधक बना लिया. फिर पंचायत और पुलिस की मध्यस्थता के बाद राजीनामा हुआ और दुल्हन की विदाई संभव हो सकी. शादी में यह हाईवोल्टेज ड्रामा चर्चा का विषय बन गया.

राजस्थान के धौलपुर जिले से एक शादी समारोह का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां दहेज के सामान को लेकर दूल्हा नाराज हो गया और दुल्हन को विदा करने से इनकार कर दिया. इसके बाद वधु पक्ष ने दूल्हा को बंधक बना लिया. पंचायत और पुलिस की मध्यस्थता के बाद राजीनामा हुआ. फिर दुल्हन की विदाई संभव हो सकी.

दरअसल, मामला सैंपऊ थाना क्षेत्र के खपरैला गांव का है, जहां बुधवार को खपरैला निवासी राजू की दो बेटियों की शादी थी. बारात धौलपुर जिले के कोलुआ का पुरा गांव से आई थी. शादी की सभी रस्में शांतिपूर्वक संपन्न हो चुकी थीं, लेकिन गुरुवार को जब बड़ी बेटी की विदाई हो रही थी, तभी दहेज में मिले सामान को लेकर दूल्हा भड़क गया. उसने नाराजगी जताते हुए दुल्हन को अपने साथ ले जाने से इनकार कर दिया.

इससे वधु पक्ष के लोग हैरान रह गए और देखते ही देखते मामला गरमा गया. वधु पक्ष ने गुस्से में आकर दूल्हे को बंधक बना लिया और बारात की विदाई रोक दी. काफी देर तक दोनों पक्षों में पंचायत चलती रही, लेकिन जब बात नहीं बनी तो पुलिस को बुलाना पड़ा. सैंपऊ थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत कराया.

पंचायत के दौरान वधु पक्ष ने एक अनोखी मांग भी रख दी, जिसमें उन्होंने कहा कि दूल्हे के हिस्से की जमीन दुल्हन के नाम की जाए ताकि भविष्य में कोई धोखा न हो. हालांकि, यह मांग नहीं मानी गई. आखिरकार पुलिस की मध्यस्थता से राजीनामा कराया गया, जिसके बाद दूल्हे ने सबके सामने माफी मांगी और दुल्हन को विदा कराकर ले गया.

KANPUR : कानपुर में तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार तीन युवकों को मारी टक्कर, तीनों की हुई मौत, परिजनों ने किया हाइवे जाम

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उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में एक तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार तीन युवकों को टक्कर मार दी. जिससे तीनों की मौत हो गई. इस घटना से गुस्साए परिजनों ने हाइवे पर हंगामा कर दिया और धरने पर बैठ गए.

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में एक तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार तीन युवकों को टक्कर मार दी. जिससे तीनों की मौत हो गई. इस घटना से गुस्साए परिजनों ने हाइवे पर हंगामा कर दिया और धरने पर बैठ गए. जिससे यातायात प्रभावित हो गया. हालांकि सूचना लगते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और परिजनों को समझाकर जाम खुलवाया. साथ ही पुलिस ने बस को कब्जे में ले लिया है. हादसा भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र के कानपुर झांसी नेशनल हाइवे पर हुआ.

जानकारी के अनुसार 2 मई को 7:30 बजे शाम के करीब एक बस झांसी से कानपुर की तरफ जा रही थी. इसी दौरान अपाचे पर सवार तीन व्यक्ति भी हांसेमऊ अकबरपुर की तरफ जा रहे थे. इसी बीच बस ने पीछे से बाइक सवार युवकों को टक्कर मार दी. जिससे तीनों व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए. जिन्हें इलाज हेतु जिला चिकित्सालय भेजा गया. जहां डॉक्टरों द्वारा इन्हें मृत घोषित कर दिया गया.

सीओ भोगनीपुर संजय सिंह ने बताया कि एक तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार तीन युवकों को टक्कर मार दी. जिससे तीनों की मौत हो गई. घटना से गुस्साए युवकों के परिजनों ने हाइवे पर जाम लगा दिया. जिससे कई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा. मामले की जानकारी लगते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और परिजनों को समझाकर जाम खुलवाया. फिलहाल बस को कब्जे में ले लिया गया और जांच की जा रही है. जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

 

BIHAR : पटना के बाहरी इलाके में खौफनाक वारदात, रास्ता पूछने वाली महिला से पति के सामने गैंग रेप

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तीनों आरोपी महिला और उसके पति को स्टेशन ले जाने के बजाय, एक सुनसान जगह पर ले गए, जहां महिला के पति को उन लोगों ने बंधक बना लिया और फिर उसी के सामने ही उसकी पत्नी के साथ बलात्कार किया. इसके बाद तीनों आरोपी उन्हें वहीं छोड़कर भाग गए.

बिहार की राजधानी पटना से एक बेहद शर्मनाक वारदात सामने आई है. जहां बाहरी इलाके शाहपुर में एक महिला के साथ उसके पति के सामने सामूहिक बलात्कार की वारदात को अंजाम दिया गया. पुलिस ने बताया कि महिला डांसर है और बुधवार की सुबह एक कार्यक्रम के बाद अपने पति के साथ वह घर वापस लौट रही थी, तभी शाहपुर डेरा गांव में तीन दरिंदों ने इस वारदात को अंजाम दिया.

दानापुर के अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) भानु प्रताप सिंह ने पीटीआई को बताया कि जब महिला के पति ने तीन राहगीरों से दिघवारा रेलवे स्टेशन का रास्ता पूछा, तो उन्होंने दंपति को अपनी मोटरसाइकिल पर बैठने को कहा. वे उन लोगों के झांसे में आ गए और उनकी मोटरसाइकिल पर बैठकर साथ चल दिए. लेकिन ने तीनों आरोपी उन्हें स्टेशन ले जाने के बजाय, एक सुनसान जगह पर ले गए, जहां महिला के पति को उन लोगों ने बंधक बना लिया और फिर उसी के सामने ही उसकी पत्नी के साथ बलात्कार किया. इसके बाद तीनों आरोपी उन्हें वहीं छोड़कर भाग गए.

ASP भानु प्रताप सिंह ने बताया कि पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी. इस दौरान पुलिस ने मनोज कुमार और मनीष कुमार नाम के दो आरोपियों को बुधवार की रात गिरफ्तार कर लिया. जबकि तीसरे आरोपी नागेंद्र कुमार की तलाश जारी है.

BUSINESS : अमूल और मदर डेयरी के बाद अब पराग ने बढ़ाई दूध की कीमतें, जानें कितनी की बढ़ोतरी

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मदर डेयरी, अमूल और ज्ञान दूध के बाद अब लखनऊ दुग्ध संघ (पराग) ने भी अपने दूध के दाम बढ़ा दिए हैं. शनिवार से लागू हुए इस फैसले के अनुसार, आधा लीटर और एक लीटर की पैकिंग पर एक-एक रुपये की बढ़ोतरी की गई है. यह निर्णय लागत बढ़ने के कारण लिया गया है.

देशभर में दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है. अमूल और मदर डेयरी के बाद अब उत्तर प्रदेश की प्रमुख दुग्ध आपूर्ति संस्था लखनऊ दुग्ध संघ (पराग) ने भी अपने दूध की कीमतों में इजाफा कर दिया है. यह नई दरें शनिवार से लागू कर दी गई हैं.लखनऊ दुग्ध संघ के महाप्रबंधक विकास बालियान ने बताया कि दूध के उत्पादन, संग्रहण और वितरण की लागत में बढ़ोतरी के कारण यह कदम उठाना पड़ा. अब फुल क्रीम दूध का एक लीटर पैक 68 रुपये से बढ़ाकर 69 रुपये कर दिया गया है, जबकि आधा लीटर का पैक 34 रुपये से बढ़ाकर 35 रुपये में मिल रहा है.

इसी तरह टोंड मिल्क की एक लीटर की कीमत 56 रुपये से बढ़ाकर 57 रुपये और आधा लीटर 28 से 29 रुपये कर दी गई है. स्टैंडर्ड दूध की कीमतें भी बढ़ाई गई हैं.आधा लीटर स्टैंडर्ड दूध अब 31 की बजाय 32 रुपये में मिलेगा. वहीं 5 लीटर वाले पैक की कीमत 280 रुपये से बढ़ाकर 290 रुपये कर दी गई है.

इससे पहले अमूल और मदर डेयरी ने भी अपने दूध उत्पादों की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की थी, जिसका असर अब उत्तर भारत के राज्यों में दिखाई दे रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में दूध से बने अन्य उत्पादों जैसे दही, पनीर और घी की कीमतों में भी वृद्धि हो सकती है. यह आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है.

BUSINESS : ATM को लेकर बदल गए ये नियम, अब से ज्यादा लगेगा चार्ज, RBI की नई गाइडलाइंस

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RBI Guidelines On ATM: पूरे देश में एटीएम चार्ज को लेकर नया नियम लागू हो गया है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से किए गए इस ऐलान का असर इस पर पड़ेगा कि हर महीने आप अपने एटीएम से कितनी बार ट्रांजेक्शन करते हैं और अगर तय लिमिट से ज्यादा बार करते हैं तो आपको कितना अब देना पड़ेगा. आरबीआई ने अपने नोटिफिकेशन में कहा, कस्टमर्स हर महीने अपने बैंक एटीएम से सभी पांच मुफ्त ट्रांजेक्शन (वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन) कर सकते हैं. वे दूसरे बैंक के एटीएम से भी मुफ्त ट्रांजेकेशन( वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन) कर सकते हैं.

मेट्रो शहरों में तीन ट्रांजेक्शन मुफ्त है जबकि नॉन मेट्रो जगहों में पांच मुफ्त ट्रांजेक्शन दूसरे बैंक के एटीएम से फ्री है. आरबीाई की गाइडलाइंस में आगे कहा गया है, तय मुफ्त लेनदेन के बाद कस्टमर्स से अधिकतम 23 रुपये तक वसूला जा सकते हैं और ये 1 मई 2025 से लागू हो जाएगा.

दूसरे शब्दों में अगर कहा जाए तो एटीएम के फ्री ट्रांजेक्शन की संख्या इस बात पर निर्भर करती है कि आप रहते कहां पर हैं. मेट्रो शहरों में रहने वाले लोग दूसरे बैकों के एटीएम से तीन बार फ्री ट्रांजेक्शन कर सकते हैं जबकि जो लोग नॉन मेट्रो में रहते हैं, वे दूसरे बैंकों के एटीएम से पांच बार मुफ्त ट्रांजेक्शन कर सकते हैं. इसमें दोनों तरह के वित्तीय लेनदेशन शामिल है (जैसे पैसे निकालना) और गैर वित्तीय (जैसे- बैलेंस चेक करना या फिर मिनी स्टेटमेंट निकालना). जैसे ही आप इस तय सीमा को पार सकते हैं, बैंक आपके ऊपर चार्ज लगाता है.

आज यानी एक मई से 2025 से अगर आप मुफ्त की तय सीमा से ज्यादा बार एटीएम का इस्तेमाल करते हैं तो आपका बैंक 23 रुपये तक चार्ज कर सकता है, जो पहले 21 रुपये लिया जा रहा था. ये रेट उन सभी पर लागू होगा वो चाहे आप पैसे की निकासी कर रहे हैं या फिर बैलेंस चेक कर रहे हैं. ये चार्ज कैश रिसाइक्लर मशीन (सीआरएम( पर भी लागू होगा, हालांकि पैसा जमा करने पर ये चार्ज नहीं देना होगा.

कई बैंक जैसे एचडीएफसी, पंजाब नेशनल बैंक और IndusInd बैंक पहले ही अपने कस्टमर्स को इस संशोधित चार्ज के बारे में जानकारी दे चुके हैं. एचडीएफसी बैंक ने कहा कि 2 मई 2025 से मुफ्त सीमा से अधिक लेनदेन के लिए शुल्क बढ़ाकर 23 रुपये + लागू कर कर दिया जाएगा. पिछला शुल्क 21 रुपये + कर था.

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