Sunday, July 5, 2026
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NATIONAL : ‘हम भारत के नागरिक, पासपोर्ट भी है, पाकिस्तान मत भेजो’, SC से बेंगलुरु के परिवार की गुहार

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बेंगलुरु निवासी एक परिवार ने अपने निर्वासन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए याचिका दायर की है. अदालत ने उनकी इस याचिका को स्वीकार कर शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर लिया है. याचिकाकर्ता का कहना है कि वह भारतीय नागरिक है और उसके परिवार को अवैध रूप से गिरफ्तार किया गया है.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार की पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने की समय-सीमा खत्म हो गई है. अब पुलिस ने भारत में अवैध रूप से रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को डिपोर्ट कर उनके देश भेजना शुरू कर दिया है. इसी बीच बेंगलुरु में रहने वाले एक परिवार ने अपने निर्वासन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और कहा कि उनका परिवार भारतीय नागरिक है.

बेंगलुरु निवासी एक परिवार ने अपने निर्वासन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए याचिका दायर की है. अदालत ने उनकी इस याचिका को स्वीकार कर शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर लिया है. याचिकाकर्ता का कहना है कि वह भारतीय नागरिक है और उसके परिवार को अवैध रूप से गिरफ्तार किया गया है.

याचिकाकर्ता ने दावा किया कि वह और उनका परिवार साल 1997 तक मीरपुर के निवासी थे. याचिकाकर्ता ने छठी कक्षा तक मीरपुर में पढ़ाई की है. इसके बाद वह साल 2000 में श्रीनगर चले गए और 2009 तक श्रीनगर में रहे. इसके बाद साल 2009 में कॉलेज के लिए वह बेंगलुरु चले गए. उनके भाई-बहनों की शिक्षा श्रीनगर के एक निजी स्कूल में हुई है.

पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने का निर्देश देने वाले गृह मंत्रालय के आदेश के बाद, उनमें से प्रत्येक को नोटिस जारी किया गया. याचिका में कहा गया है कि FRO ने अवैध और निराधार तरीके से दावा किया है कि वह और उनके परिवार के सदस्य पाकिस्तानी नागरिक हैं और उन्होंने साल 1997 में भारत में प्रवेश किया था. अब वीजा की अवधि खत्म होने पर उन्हें भारत छोड़ने की बाध्यता थी.

याचिकाकर्ता का कहना है कि उनके पिता, मां, बहन और उसके छोटे भाई को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 29 अप्रैल को लगभग 9 बजे अवैध रूप से गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद उन्हें 30 अप्रैल को करीब दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर ले जाया गया, उन्हें बॉर्डर से भारत छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है.

 

NATIONAL : CRPF जवान की पाकिस्तानी पत्नी मीनल खान को बस से भेजा जा रहा था वापस, फिर वकील ने दी ये खबर

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CRPF जवान से शादी कर भारत आई पाकिस्तान की मीनल खान को वीजा खत्म होने के बाद देश छोड़ने का नोटिस मिला. आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तानियों को देश छोड़ने का आदेश दिया गया था. मीनल डिपोर्टेशन बस में बैठ चुकी थीं, लेकिन उनके वकील ने कोर्ट से आखिरी समय में राहत दिलाई.

पाकिस्तान की मीनल खान, जो भारतीय CRPF जवान मुनिर खान की पत्नी हैं, उन्हें भारत से डिपोर्ट किया जाना था. दोनों की ऑनलाइन मुलाकात के बाद मई 2024 में निकाह हुआ था. मीनल मार्च 2025 में भारत आई थीं. लेकिन उनका शॉर्ट टर्म वीजा 22 मार्च को समाप्त हो गया.22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद सरकार ने सभी पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने का आदेश दिया. मीनल को भी 29 अप्रैल तक देश छोड़ने को कहा गया. मीनल ने पहले ही अपने वीजा विस्तार के लिए आवेदन कर रखा था, जो गृह मंत्रालय में लंबित था.

जब वह अटारी-वाघा बॉर्डर की तरफ डिपोर्टेशन बस में रवाना हुईं, तभी उनके वकील अंकुर शर्मा ने उन्हें फोन कर बताया कि कोर्ट से स्टे मिल गया है. इसके बाद मीनल को पाकिस्तान भेजने की प्रक्रिया रोक दी गई.

मीनल ने कहा कि हमने सभी नियमों का पालन किया है. शादी के बाद लंबी वीजा अवधि के लिए आवेदन दिया था. हम चाहते हैं कि हमें परिवार के साथ रहने की अनुमति दी जाए. निर्दोषों की हत्या की हम निंदा करते हैं. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि एक CRPF जवान की शादी पाकिस्तानी नागरिक से कैसे हुई और वह वीजा खत्म होने के बाद भी भारत में कैसे रुकी रहीं.

ENTERTAINMENT : हिंदी सिनेमा में नहीं बन रहीं रोमांटिक फिल्में, फूटा आर माधवन का गुस्सा, बोले- कोई SRK…

आर माधवन ने कहा- हॉलीवुड की एक फिल्म है ‘As Good As It Gets’. बहुत शानदार रोमांटिक फिल्म है. बूढ़े पुरुष और महिला की कहानी पर आधारित है. हमारी इंडस्ट्री में कुछ खास लव स्टोरीज नहीं बन रही हैं. न ही हीरो को लेकर सोचा जा रहा है कि कोई रोमांटिक फिल्म कर पाएगा.

साउथ और हिंदी सिनेमा के कलाकार आर माधवन, जल्द ही रोमांटिक फिल्म ‘आप जैसा कोई’ में नजर आने वाले हैं. देखा गया है कि आर माधवन को अगर किसी मुद्दे पर अपनी राय रखनी होती है तो वो बेझिझक रखते हैं. अपने शब्दों को ज्यादा मिलाते नहीं हैं. हाल ही में उनसे पूछा गया कि बॉलीवुड में एक्शन फिल्में ज्यादा बन रही हैं, रोमांटिक नहीं बन रहीं. जिसपर एक्टर ने रिएक्ट किया है.

‘द हॉलीवुड रिपोर्टर’ संग बातचीत में आर माधवन ने कहा- हॉलीवुड की एक फिल्म है ‘As Good As It Gets’. बहुत शानदार रोमांटिक फिल्म है. बूढ़े पुरुष और महिला की कहानी पर आधारित है. हमारी इंडस्ट्री में कुछ खास लव स्टोरीज नहीं बन रही हैं. न ही हीरो को लेकर सोचा जा रहा है कि कोई रोमांटिक फिल्म कर पाएगा. मैंने ‘आप जैसा कोई’ फिल्म इसलिए करनी चुनी क्योंकि ये एक मैच्योर लव स्टोरी है. हमारा इंडियन सिनेमा कुछ शानदार लव स्टोरीज पर फिल्में बनाने से चूक रहा है. एक्शन और थ्रिलर फिल्म करने से अच्छा है मैं कहीं न कहीं इस रीत को तोड़ सकूं कि रोमांटिक फिल्में भी अच्छी बनाई जा सकती हैं.

आर माधवन ने आगे कहा- ओटीटी प्लेटफॉर्म पर कोई अच्छी रॉम-कॉम फिल्म आई हो, मुझे याद नहीं. मुझे कोरियन ड्रामा याद हैं. पर कोई इंडियन रोमांटिक फिल्म अबतक नहीं आई है जो लोगों के बीच पसंद की गई हो. मुझे लगता है कि मेरी उम्र के लोगों ने प्यार और रिलेशनशिप को हमेशा वैल्यू किया है. पर आज की जेनरेशन के लिए ये बहुत आसानी से मिलने वाली एक चीज हो गई है. हमारे पास राइटर्स ऐसे नहीं हैं जो अच्छी रोमांटिक फिल्म लिख सकें. साल 1997 में आई थी फिल्म As Good as It Gets. इस फिल्म के डायलॉग्स मुझे आज भी याद हैं.

“लव स्टोरी जो आ भी रही हैं तो वो ऑडियन्स को पसंद नहीं आ रहीं. पर अगर इन्हें अच्छी तरह लिखा जाए तो ऑडियन्स को इम्प्रेस कर सकने में कामयाब भी हो सकती हैं. पैसा परेशानी नहीं, स्टोरी नहीं है, ये परेशानी है. कोई ठीक तरह से रीसर्च ही नहीं करना चाहता है. कोई शाहरुख खान की तरह पर्दे पर रोमांस कर ही नहीं सकता है. शाहरुख की उम्र वाली हीरोइन भी फिर हमें चाहिए. जो कि आज के समय में मिलना मुश्किल है.”

NATIONAL : पहलगाम हमले पर लखनऊ यूनिवर्सिटी के एक और प्रोफेसर का विवादित पोस्ट, छात्रों ने काटा बवाल, नोटिस जारी

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लखनऊ यूनिवर्सिटी के एक और प्रोफेसर का विवादित पोस्ट वायरल हो रहा है. आरोप है कि अपने पोस्ट में यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सौरव बनर्जी ने देश के प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और बीजेपी-आरएसएस के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की.

पहलगाम हमले को लेकर लखनऊ यूनिवर्सिटी के एक और प्रोफेसर का विवादित पोस्ट वायरल हो रहा है. आरोप है कि अपने पोस्ट में यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. सौरव बनर्जी ने देश के प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और बीजेपी-आरएसएस के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की. फिलहाल, यूनिवर्सिटी प्रशासन इसको लेकर सख्त हो गया है. उसने प्रोफेसर को नोटिस जारी किया है.

डॉ. बनर्जी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री और बीजेपी-आरएसएस के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप है. विवाद बढ़ने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया और प्रोफेसर को शो-कॉज नोटिस जारी कर 5 दिन में जवाब मांगा है. डॉ. बनर्जी लखनऊ यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं.

बताया जा रहा है कि पहलगाम में हुए हमले के बाद लखनऊ यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सौरव बनर्जी ने दो अलग-अलग विवादित पोस्ट किए. जिनमें प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, बीजेपी और संघ पर बेहद अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया. बीते बुधवार को जब ABVP से जुड़े छात्र न्यू कैंपस में उनसे मिलने पहुंचे तो डॉ. बनर्जी ने मिलने से मना कर दिया.

इस पर छात्रों ने वहीं धरना शुरू कर दिया और जमकर हंगामा किया. बवाल के बाद चीफ प्रॉक्टर को ज्ञापन सौंपा गया और प्रोफेसर पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई.

बता दें, इससे पहले सोमवार को इसी तरह का विवाद एक और प्रोफेसर डॉ. माद्री काकोटी को लेकर भी सामने आया था, जिन्हें भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

NATIONAL : ‘रामदेव किसी के नियंत्रण में नहीं…’, रूह अफजा पर नए वीडियो पर योग गुरु को दिल्ली हाईकोर्ट की फटकार

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यह मामला हमदर्द नेशनल फाउंडेशन (इंडिया) द्वारा रामदेव और पतंजलि फूड्स लिमिटेड के खिलाफ पतंजलि के गुलाब शरबत को बढ़ावा देते समय दिए गए आपत्तिजनक बयानों को लेकर दायर की गई याचिका से संबंधित है.

रूह अफजा और हमदर्द के खिलाफ फिर से बयान देने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को योग गुरु बाबा रामदेव को फटकार लगाई. इसके साथ ही कोर्ट ने विवादित बयान वाले वीडियो के हिस्से को 24 घंटे में सभी सोशल और मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटाने का निर्देश दिया. दरअसल, हमदर्द के रूह अफजा के खिलाफ अपने विवादास्पद शरबत जिहाद वाले बयान को दोहराते हुए एक नया वीडियो जारी किया, जबकि पहले ही कोर्ट ने ऐसे बयानों पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे.

कोर्ट ने कहा कि रामदेव किसी के नियंत्रण में नहीं हैं और अपनी ही दुनिया में रहते हैं. कोर्ट उन्हें प्रथम दृष्टया अपने पिछले आदेश की अवमानना ​​करते हुए पाया. रामदेव के वकील ने कहा कि बाबा रामदेव ने अदालत के निर्देशानुसार 24 घंटे के भीतर सोशल मीडिया सहित सभी सार्वजनिक प्लेटफार्मों से वीडियो के विवादास्पद हिस्से को हटाने पर सहमति जताई है.

यह मामला हमदर्द नेशनल फाउंडेशन (इंडिया) द्वारा रामदेव और पतंजलि फूड्स लिमिटेड के खिलाफ पतंजलि के गुलाब शरबत को बढ़ावा देते समय दिए गए आपत्तिजनक बयानों को लेकर दायर की गई याचिका से संबंधित है.

‘इनके शरबत के पैसे से मस्जिद-मदरसे बनते हैं’, पतंजलि जूस का प्रचार करते हुए बाबा रामदेव ने छेड़ा नया राग
प्रचार सामग्री में रामदेव ने कथित तौर पर दावा किया था कि रूह अफजा की बिक्री से प्राप्त आय का उपयोग मदरसों और मस्जिदों के निर्माण में किया जा रहा है और इसे शरबत जिहाद कहा गया था. इस शब्द की पहले की सुनवाई के दौरान अदालत ने तीखी आलोचना की थी.

बता दें कि 22 अप्रैल को दिल्ली हाईकोर्ट ने रामदेव की टिप्पणियों पर अपनी असहमति व्यक्त करते हुए कहा था कि इन टिप्पणियों ने न्यायालय की अंतरात्मा को झकझोर दिया और इनका बचाव नहीं किया जा सकता. इसके बाद, रामदेव ने कोर्ट को आश्वासन दिया था कि वे सभी संबंधित वीडियो और विज्ञापन हटा देंगे और उन्हें एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया जिसमें पुष्टि की गई कि वे भविष्य में इस तरह के बयान देने से परहेज करेंगे.

हालांकि, न्यायालय नवीनतम वीडियो के कारण असंतुष्ट दिखाई दिया. न्यायमूर्ति अमित बंसल ने पूछा, “मुझे उनके राजनीतिक विचारों की परवाह नहीं है. मैं मुकदमे से चिंतित हूं. हम अनुपालन कैसे सुनिश्चित करें कि वे उनके नाम, उनके सामान का उल्लेख न करें?”

नायर ने जवाब दिया कि रामदेव के खिलाफ स्थायी रूप से कोई गैग ऑर्डर नहीं हो सकता. इस पर, कोर्ट ने कहा, “अगर यही रुख है, तो हम अवमानना ​​नोटिस जारी करेंगे. नए वीडियो का लहजा और भाव लगभग एक जैसा है”.

यह दलील दिए जाने के बाद कि रामदेव का नवीनतम वीडियो हटा दिया जाएगा, कोर्ट ने अवमानना ​​नोटिस जारी नहीं किया. जज ने रामदेव की बार-बार की अवज्ञा पर टिप्पणी करते हुए कहा, “उनका किसी पर नियंत्रण नहीं है. वे अपनी ही दुनिया में जीते हैं.”

उनकी टिप्पणियों को गंभीरता से लेते हुए, कोर्ट ने पहले कहा था, “जब हमने वीडियो देखा तो हमें अपने कानों और आंखों पर विश्वास नहीं हुआ.”

हमदर्द की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने तर्क दिया कि यह मुद्दा अपमान से परे है और सांप्रदायिक कलह पैदा करने के उद्देश्य से “घृणास्पद भाषण” जैसा है. उन्होंने जोर देकर कहा, “इसे हटाया जाना चाहिए!”

पतंजलि ने सभी वीडियो हटाने का आश्वासन दिया

दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी के लगभग एक घंटे बाद, बाबा रामदेव के वकील ने न्यायालय को बताया कि पतंजलि समूह सभी संबंधित वीडियो हटा देगा. वकील ने कोर्ट को बताया, “मुझे सलाह दी गई है और हम वीडियो हटा रहे हैं. मेरे नियंत्रण में जो कुछ भी है, उसे हटा दिया जाएगा. यदि कोई अतिरिक्त सामग्री चिह्नित की गई है, तो वे उसे हमें दे सकते हैं.”

गौरतलब है कि रामदेव बाबा की विवादित टिप्पणी इस महीने की शुरुआत में की गई थी, जब उन्होंने पतंजलि के गुलाब के शरबत को लॉन्च किया था. लॉन्च के दौरान, बाबा रामदेव ने कहा, “एक कंपनी है जो आपको शरबत देती है, लेकिन इससे होने वाली कमाई का इस्तेमाल मदरसों और मस्जिदों के निर्माण में किया जाता है.”

हालांकि उन्होंने हमदर्द या रूह अफजा का नाम नहीं लिया, लेकिन व्यापक रूप से समझा जाता है कि उनकी टिप्पणी लोकप्रिय पेय पर लक्षित थी.

UP : संभल सीओ अनुज चौधरी को योगी सरकार ने दिया बड़ा झटका, विवादित बयानों के मामले में निरस्त हुई क्लीन चिट

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उत्तर प्रदेश सरकार ने आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर द्वारा सीओ संभल अनुज चौधरी के विरुद्ध सेवा नियमावलियों के लगातार उल्लंघन के आरोपों में पूर्व में दिए क्लीन चिट को निरस्त करते हुए शिकायतकर्ता से साक्ष्य मांगे है.

अमिताभ ठाकुर ने अनुज चौधरी द्वारा लगातार सेवा नियमावलियों तथा वर्दी नियमावलियों के उल्लंघन किए जाने, बिना अधिकारिकता के बयानबाजी करने, पुलिसिंग तथा अपने कार्यों को जानबूझकर सांप्रदायिक रंग देने, सेवा नियमावलियों से इतर कार्य कर माहौल को तनावग्रस्त करने तथा वर्ग विशेष में असुरक्षा की भावना उत्पन्न करने के आरोप लगाए थे.इस संबंध में एएसपी संभल श्रीश चंद्र ने जांच कर बताया था कि संभल में जुमा अलविदा, होली और ईद का त्योहार शांतिपूर्वक माहौल में संपन्न हुआ तथा अन्य आरोप के संबंध में कोई पुष्टिकारक साक्ष्य प्रकाश में नहीं आए, जिस आधार पर शिकायत निस्तारित कर दी गई.

अमिताभ ठाकुर ने डीजीपी को पत्र लिखकर कहा था कि मुख्य सचिव द्वारा पारित विभिन्न शासनादेश के अनुसार जनसुनवाई शिकायत में शिकायतकर्ता के बयान आवश्यक हैं. इस मामले में जहां अनुज चौधरी और अन्य लोगों के बयान लिए गए, वहीं उन्हें अपनी बात और सबूत प्रस्तुत करने का अवसर नहीं मिला, जो आपत्तिजनक है. इस पर शासन द्वारा दिए आदेश के क्रम में एएसपी संभल श्रीश चंद्र ने अमिताभ ठाकुर को 3 दिनों में अपने आरोपों के संबंध में सुसंगत साक्ष्य और कथन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं.

MP : पहले स्नैपचैट पर दोस्ती की, फिर 7वीं क्लास की लड़की को बनाया हवस का शिकार

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जबलपुर की एक सातवीं क्लास की नाबालिग छात्रा से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म स्नैपचैट पर दोस्ती की. फिर आरोपी ने उसे मंडला बुलाया और उसके साथ रेप किया.

मध्य प्रदेश के जबलपुर की एक सातवीं क्लास की नाबालिग छात्रा से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म स्नैपचैट पर दोस्ती की गई, फिर नजदीकी जिले मंडला बुलाकर उसे अपनी हवस का शिकार बनाया गया. इस मामले में जबलपुर के गढ़ा थाने में सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई गई है. पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है.

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने मीडिया को बताया कि मामला गढ़ा थाना क्षेत्र का है. यहां की सातवीं क्लास में पढ़ने वाली छात्रा के परिजनों ने पुलिस में शिकायत की है. छात्रा ने अपनी शिकायत में कहा है कि उसकी स्नैपचैट पर एक व्यक्ति से दोस्ती हुई. आरोपी ने उसे मंडला बुलाया और एक स्थान पर रोका, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया. इस मामले में पुलिस ने छात्रा की शिकायत पर राजन और उसके साथी के खिलाफ दुष्कर्म, अपहरण और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है.

शिकायत में बताया गया है कि छात्रा की सोशल मीडिया ऐप के जरिए मंडला निवासी आरोपी व्यक्ति से दोस्ती हुई थी. पीड़ित क्लास सातवीं की छात्रा है. दोनों की नजदीकियां बढ़ी तो मोबाइल नंबर का आदान-प्रदान हुआ. इतना ही नहीं, दोनों ने मिलने का प्लान किया. आरोपी ने छात्रा को मंडला बुलाया और अपने दोस्त के साथ मिलकर दुष्कर्म किया.

छात्रा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने बताया है कि छात्रा बगैर किसी को बताए मंडला चली गई थी, जहां उसके साथ यह वारदात घटित हुई. छात्रा जब मंडला पहुंची तो आरोपी उसे अपने एक दोस्त के कमरे पर ले गया और उन लोगों ने छात्रा को अपनी हवस का शिकार बना डाला.

इस मामले को लेकर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है. इस शिकायत के आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है. पुलिस का दावा है कि आरोपी जल्दी ही पकड़ लिए जाएंगे. बीते कुछ दिनों से राज्य में छात्राओं को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने के कई मामले सामने आ चुके हैं. भोपाल में तो कई लड़कियों को एक गिरोह के लोगों ने अपना शिकार बनाया और उनके वीडियो तक बना डाले.

 

MUMBAI : अंधेरी में RTO ऑफिस में महिला ने जमकर किया हंगामा, कर्मचारी को जड़ा थप्पड़, तोड़ा कंप्यूटर

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मुंबई के अंधेरी में आरटीओ कार्यालय में एक महिला ने गाड़ी के नाम ट्रांसफर को लेकर जमकर हंगामा किया. उसने एक महिला कर्मचारी से मारपीट की और ऑफिस के कंप्यूटर में तोड़फोड़ कर दी.

मुंबई के अंधेरी के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक महिला ने वहां जमकर हंगामा किया. गाड़ी के ट्रांसफर को लेकर हुए विवाद में महिला ने एक महिला कर्मचारी से मारपीट की और ऑफिस के कंप्यूटर में तोड़फोड़ कर दी. इस घटना के बाद अंबोली पुलिस स्टेशन में आरोपी महिला ईशा छाबड़ा के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.

सीनियर कलर्क वृषाली काळे की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 132, 122(2), 324(2), और 352 के तहत मामला दर्ज किया है. शिकायत के अनुसार, ईशा छाबड़ा नामक महिला सोमवार को अंधेरी आरटीओ कार्यालय में पहुंची और दावा किया कि उसने अपनी गाड़ी किसी को नहीं बेची, फिर भी वह स्नेहा पांडे नाम की महिला के नाम पर ट्रांसफर कर दी गई है. उसने तुरंत गाड़ी अपने नाम पर वापस करने की मांग की.

जब वृषाली काळे ने उसे बताया कि ट्रांसफर वैधानिक प्रक्रिया के तहत हुआ है और संबंधित महिला ने सभी दस्तावेज विभाग को सौंप दिए हैं, तो ईशा ने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया. उसे समझाने की कोशिश की गई, लेकिन उसने आरटीओ ऑफिस में तोड़फोड़ शुरू कर दी. उसने एक कंप्यूटर को खींचकर गिरा दिया जिससे उसका स्टैंड टूट गया.

सूत्रों ने बताया कि इतना ही नहीं, जब वृषाली काळे ने मोबाइल से इस घटना का वीडियो बनाने की कोशिश की तो ईशा ने उनका मोबाइल छीन लिया और बाहर भागने लगी. जब कर्मचारियों ने उसे रोकने की कोशिश की, तब उसने जूनियर कलर्क सुश्मिता भोगले को थप्पड़ मार दिया. इसी बीच अंबोली पुलिस की मोबाइल वैन मौके पर पहुंची और महिला को हिरासत में ले लिया. पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी महिला से पूछताछ जारी है.

 

NATIONAL : ‘झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए’, जातिगत जनगणना को लेकर चर्चा में आया सपा का पोस्टर

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केंद्र सरकार के जातिगत जनगणना कराने के फैसले को सपा चीफ और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने 90% पीडीए की एकजुटता की 100% जीत बताया है.


केंद्र सरकार ने बुधवार (30 अप्रैल) को फैसला किया कि आगामी जनगणना में जातिगत गणना को शामिल किया जाएगा. मोदी सरकार के इस फैसले पर विपक्ष के नेताओं की अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया सामने आई हैं. इसी बीच समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व प्रत्याशी पूजा शुक्ला की तरफ से जातिगत जनगणना को लेकर दो पोस्टर लगाए गए हैं, जो चर्चा का विषय बने हुए हैं.

सपा नेता पूजा शुक्ला की तरफ से लगाए गए एक पोस्टर में लिखा गया है कि झुकती है दुनिया, झुकाने वाले चाहिए. इसके साथ ही दूसरे पोस्टर में लिखा गया है कि पीडीए की एकता, पीडीए की जीत, जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी. इस पोस्टर में सपा चीफ अखिलेश यादव का भी फोटो है.

बता दें कि जिन पूजा शुक्ला ने यह पोस्टर लगाया है वह सपा की प्रवक्ता भी हैं. इसके साथ ही वह लखनऊ उत्तर विधानसभा से समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी भी रही हैं. केंद्र सरकार के जातिगत जनगणना वाले फैसले पर सपा चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि आज पीडीए के दबाव के चलते सरकार जातीय जनगणना के लिए तैयार हुई है. अखिलेश यादव ने कहा कि एक लंबी लड़ाई के बाद हम यहां तक पहुंचे हैं.

इससे पहले मोदी सरकार के जातिगत जनगणना कराने के फैसले को सपा चीफ अखिलेश यादव ने 90% पीडीए की एकजुटता की 100% जीत बताया. इसके साथ ही पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी सरकार उनके और विपक्ष के दबाव में यह फैसला लेने को मजबूर हुई है. वहीं अखिलेश यादव ने जातिगत जनगणना को लेकर बीजेपी को चेतावनी दी कि वह चुनावी धांधली को जनगणना से दूर रखे, क्योंकि केवल ईमानदार जनगणना ही हर जाति को उनकी जनसंख्या के अनुपात में अधिकार और हक दिला सकती है.

 

Gujarat: खेड़ा में करंट से मां और दो बच्चों की मौत, दादी घायल, 2 साल की मीरा को बचाने में गई जान

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खेड़ा के डाकोर के आगरवा गांव में खेत में करंट लगने से मां और दो बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई. 2 साल की मीरा को बचाने गई मां गीताबेन और 8 साल के भाई दक्षेस भी करंट की चपेट में आ गए. तीनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दादी गंभीर रूप से घायल हैं.

खेड़ा जिले के डाकोर के आगरवा गांव में मंगलवार सुबह दर्दनाक हादसा हुआ. खेत में लगे करंट ने एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई. यह हादसा उस वक्त हुआ जब खेत में पानी देने के लिए कुएं का इस्तेमाल किया जा रहा था. करंट फैलने की वजह का अबतक कुछ पता नहीं चल पाया है. परिवार की दो साल की बच्ची मीरा खेत में बने शेड में थी. उसी दौरान वहां करंट फैला हुआ था, जैसे ही मीरा ने लोहे का कुछ छुआ, उसे जोर का करंट लगा. मीरा को तड़पते देख मां गीताबेन (39) और 8 साल का भाई दक्षेस उसे बचाने दौड़े, लेकिन वे भी करंट की चपेट में आ गए. तीनों की मौके पर ही मौत हो गई.

मीरा की दादी ने तीनों को करंट लगते देखा तो वह लकड़ी लेकर उन्हें छुड़ाने पहुंची, लेकिन करंट इतना तेज था कि दादी भी गंभीर रूप से घायल हो गईं. घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया है और आकस्मिक मौत का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि करंट किस वजह से फैला. इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में मातम का माहौल है. मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

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