Sunday, July 5, 2026
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MAHARASHTRA : पुलिस को दिया झटका, छलांग लगा स्कूटी पर बैठा, फिर फिल्मी स्टाइल में मौके से फरार हो गया आरोपी

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नासिक कोर्ट ने आरोपी को 4 दिन की पुलिस रिमांड में भेजने का आदेश दिया था. जब उसे दोबारा कोर्ट से भद्रकाली थाने लाया जा रहा था, तभी क्रिश शिंदे पुलिस को झटका देकर फरार हो गया.

महाराष्ट्र के नासिक जिले से एक अपराधी का फिल्मी किरदार ‘कृष’ के स्टाइल में पुलिस कस्टडी से फरार होने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यह घटना अब सुर्खियों में है. पुलिस ने जानलेवा हमले के मामले में आरोपी क्रिश शिंदे गिरफ्तार किया था. क्रिश शिंदे मंगलवार (29 अप्रैल) की शाम पुलिस की पकड़ से छूटकर फरार हो गया.

फरार आरोपी क्रिश शिंदे पर भद्रकाली थाना क्षेत्र के तपोवन इलाके में व्यक्ति पर कोयते से जानलेवा हमला किया था. भद्रकाली पुलिस ने इस मामले में शिकायत मिलने के लिए कार्रवाई करते हुए क्रिस शिंद्र को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया

नासिक कोर्ट ने उसे चार दिन की पुलिस रिमांड में भेजने का आदेश दिया था. जब उसे दोबारा कोर्ट से भद्रकाली थाने लाया जा रहा था, तभी क्रिश शिंदे ने फिल्मी किरदार कृष के अंदाज में पुलिस को झटका देकर फरार हो गया. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी पुलिस का झटका देकर भागता है और दोस्त के स्कूली पर बैठकर मौके से फरार हो जाता है. इस घटना के बाद से भद्रकाली पुलिस में हड़कंप मच गया.

आरोपी क्रिश शिंदे ने पुलिस कस्टडी से भागने के लिए अपने दोस्त की बाइक का सहारा लिया. आरोपी का दोस्त पहले से बाइक पर तैयार था. जैसे ही आरोपी बाइक पर बैठा, बाइक चालक आरोपी को लेकर फरार हो गया. नासिक पुलिस देर रात तक उसकी तलाश में जुटी रही. लेकिन क्राइम पैटर्न का पैटर्न का अध्ययन करने के बाद भद्रकाली पुलिस ने उसे 12 घंटे बाद कसारा घाट के जंगल से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपी को भागने में मदद करने वाले उसके दोस्त को भी गिरफ्तार कर लिया.

 

NATIONAL : हरियाणा को मिला पानी, पंजाब के सीएम भगवंत मान बोले- ‘…तो हम बर्दाश्त नहीं करेंगे’

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भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने हरियाणा को पानी देने का फैसला किया है, जिसका पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कड़ा विरोध किया है.हरियाण और पंजाब की सरकारों के बीच पानी को लेकर अनबन जारी है. इस बीच भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) ने हरियाणा को उसके हिस्से का पानी देने का फैसला किया है. हालांकि, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान इस फैसले से खुश नहीं हैं और इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं. सीएम भगवंत मान का कहना है कि पंजाब के अधिकारों पर ‘डाका’ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

दरअसल, बीबीएमबी भाखड़ा, पोंग और रंजीत सागर बांधों से पानी का डिस्ट्रीब्यूशन कंट्रोल करता है. इन बांधों का पानी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान शेयर करता है. बुधवार (30 अप्रैल) की शाम को इस बोर्ड की तकनीकी समिति ने पांच घंटे त क बैठक की, जिसके बाद यह तय किया गया कि हरियाणा के लिए 8,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के सूत्रों की मानें तो बीबीएमबी की बैठक के दौरान पंजाब सरकार के अधिकारियों ने हरियाणा को अधिक पानी छोड़ने पर कड़ी आपत्ति जताई है. पंजाब सरकार की ओर से दावा किया गया है कि राज्य पहले ही अपने हिस्से का पानी इस्तेमाल कर चुका है. यह भी दिया गया है कि पोंग और रंजीत सागर बांधों में पानी का स्तर पिछले साल की तुलना में कम है. बताया जा रहा है कि बीजेपी शासित राजस्थान के अधिकारियों ने भी हरियाणा की मांग का समर्थन किया.

बीबीएमबी के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हरियाणा को 8,500 क्यूसेक पानी देने के कदम पर कड़ा विरोध जताया. सीएम मान ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट लिखा, ‘‘पंजाब और पंजाबियों के हक का पानी बीबीएमबी के जरिए हरियाणा को दिया जा रहा है, जिसका पंजाब कड़ा विरोध करता है. केंद्र और हरियाणा की बीजेपी सरकार पंजाब के खिलाफ एकजुट हो गई है.”

बीजेपी पर हमला बोलते हुए सीएम भगवंत मान ने कहा, “हम किसी भी कीमत पर यह ‘डाका’ बर्दाश्त नहीं करेंगे. बीजेपी विरोध का सामना करने के लिए तैयार रहे. बीजेपी कभी भी पंजाब और पंजाबियों की नहीं हो सकती. केंद्र सरकार की तरफ से पंजाब के पानी को लेकर एक और गंदी चाल चली जा रही है, हम इसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे.”

इस बीच, आम आदमी पार्टी (AAP) ने हरियाणा को कथित तौर पर पानी देने के लिए बीजेपी के खिलाफ पूरे राज्य में प्रदर्शन करने का फैसला किया है. सीएम मान ने मंगलवार को हरियाणा को और पानी देने से इनकार करते हुए कहा कि पड़ोसी राज्य पहले ही अपने लिए आवंटित हिस्से का 103 प्रतिशत इस्तेमाल कर चुका है. वहीं, उन्होंने बीजेपी पर बीबीएमबी के जरिए पंजाब सरकार पर दबाव बनाने का भी आरोप लगाया.

BUSINESS : मुकेश अंबानी के पालतू कुत्ते की हुई मौत, जानें कितनी खास होती है ये वाली ब्रीड

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गोल्डन रिट्रीवर सिर्फ एक डॉग ब्रीड नहीं, एक इमोशन है. 30 अप्रैल को अंबानी फैमिली के इस प्यारे सदस्य की मौत के बाद पूरी फैमिली दुखी है. इस ब्रीड के डॉग काफी फेमिलियर होते हैं.

देश के सबसे अमीर इंसान और रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के घर से एक भावुक करने वाली खबर सामने आई है. उनके बेहद प्यारे पालतू कुत्ते Happy की मौत हो गई है. 30 अप्रैल को हैप्पी ने आखिरी सांस ली. इसके बाद से पूरी अंबानी फैमिली दुखी है.

ये डॉग गोल्डन रिट्रीवर ब्रीड (Golden Retriever Breed Dog) का था, जो अपनी समझदारी, वफादारी और फ्रैंडली नेचर के लिए जाना जाता है. अंबानी फैमिली के लिए ये सिर्फ एक पेट नहीं था, बल्कि फैमिली का हिस्सा था. आइए जानते हैं इस ब्रीड के डॉग कितने खास होते हैं.

गोल्डन रिट्रीवर, कुत्तों की दुनिया का जेंटलमैन

गोल्डन रिट्रीवर एक ऐसी डॉग ब्रीड है, जिसे दुनिया भर में सबसे ज्यादा प्यार किया जाता है. ये दिखने में जितना क्यूट होते हैं, उतना ही समझदार और शांत मिजाज के भी होते हैं. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सबके साथ आसानी और जल्दी से घुल-मिल जाते है

गोल्डन रिट्रीवर ब्रीड डॉग की खासियत

इंटेलिजेंस- गोल्डन रिट्रीवर्स दुनिया के सबसे समझदार डॉग्स में गिने जाते हैं. इन्हें ट्रेन करना आसान होता है.

वफादारी- ये अपने मालिक के बेहद वफादार होते हैं. किसी भी खतरे को भांपकर तुरंत रिएक्ट करते हैं.

फैमिली फ्रेंडली- छोटे बच्चों के साथ भी ये बेहद प्यार से पेश आते हैं. इनकी नेचर बहुत नरम यानी सॉफ्ट वाली होती है.

थेरेपी डॉग- इन्हें अक्सर अस्पतालों और थेरेपी सेंटर में पेशेंट्स के साथ रखा जाता है, क्योंकि ये पॉजिटिव एनर्जी फैलाते हैं.

अंबानी हाउस में पेट्स को मिलता है VIP ट्रीटमेंट

अंबानी परिवार (Ambani Family) में पेट्स को हमेशा एक स्पेशल जगह मिली है. उनके लिए अलग से स्टाफ होते हैं, स्पेशल डाइट प्लान, मेडिकल केयर और लग्जरी फैसिलिटीज होती हैं. गोल्डन रिट्रीवर हैप्पी की मौत की खबर से पूरी अंबानी फैमिली भावुक है. सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर भावुक पोस्ट के साथ श्रद्धांजलि दी है. अंबानी फैमिली के इस नुकसान को लेकर यूजर्स दुख जता रहे हैं.

NATIONAL : NEET में ‘कोटा फैक्ट्री’ का दबदबा, 20% रजिस्ट्रेशन बढ़े, पासिंग रेशो में भी राजस्थान नंबर-1

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देश के तीन सबसे बड़े राज्यों में नीट रजिस्ट्रेशन के मामले में राजस्थान का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है. 2023 में महाराष्ट्र से 2,77,903 छात्रों ने नीट दी, जिनमें से 1,31,008 पास हुए. उत्तर प्रदेश में 2,73,572 छात्रों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 1,39,961 पास हुए. वहीं, राजस्थान में 1,48,364 छात्रों में से 1,00,316 पास हुए. 2024 में भी यह रुझान बरकरार रहा.

राजस्थान में नीट (NEET) की तैयारी करने वाले छात्रों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. 2023 में जहां 1,48,364 छात्रों ने नीट के लिए पंजीकरण कराया था, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 1,78,756 हो गई. यानी 20% की वृद्धि हुई है. 2025 में भी इसी तरह की बढ़ोतरी की उम्मीद है. इस वृद्धि का मुख्य कारण कोटा के बड़े कोचिंग संस्थान हैं, जिनकी वजह से कोटा को भारत की कोचिंग राजधानी कहा जाता है.

देश के तीन सबसे बड़े राज्यों में नीट पंजीकरण के मामले में राजस्थान का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है. 2023 में महाराष्ट्र से 2,77,903 छात्रों ने नीट दी, जिनमें से 1,31,008 पास हुए. उत्तर प्रदेश में 2,73,572 छात्रों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 1,39,961 पास हुए. वहीं, राजस्थान में 1,48,364 छात्रों में से 1,00,316 पास हुए. 2024 में भी यह रुझान बरकरार रहा. महाराष्ट्र में 2,82,051 में से 1,42,665, उत्तर प्रदेश में 3,44,599 में से 1,65,047 और राजस्थान में 1,78,756 में से 1,21,240 छात्र पास हुए. राजस्थान का पासिंग अनुपात इन राज्यों में सबसे ज़्यादा रहा.

मोशन एजुकेशन के संस्थापक और सीईओ नितिन विजय ने बताया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से परीक्षा आयोजित कर छात्रों का भरोसा जीता है. एनटीए ने कई नए कदम उठाए हैं, जैसे-

DELHI : 31 लाख में विदेश भेजने का झांसा… फर्जी शेंगेन वीजा के साथ पकड़े गए दो युवक, IGI एयरपोर्ट पर रैकेट का पर्दाफाश

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दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (IGI) पर एक बड़े फर्जी वीजा रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है. स्वीडन जाने की कोशिश कर रहे दो भारतीय युवकों को इमिग्रेशन जांच के दौरान फर्जी शेंगेन वीजा के साथ रंगेहाथ पकड़ लिया गया. पूछताछ में सामने आया कि दोनों से 31 लाख रुपये लेकर विदेश भेजने का झांसा दिया गया था. इस खुलासे के बाद दिल्ली पुलिस ने एजेंट को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस रैकेट का मुख्य आरोपी फरार है. पुलिस पूरे गिरोह की तलाश में जुट गई है.

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने एक फर्जी वीजा रैकेट का पर्दाफाश किया है. स्वीडन जाने की फिराक में दो युवकों को फर्जी शेंगेन वीजा के साथ पकड़ लिया गया. दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और उनसे पूछताछ की गई. इसी के साथ दिल्ली में एजेंट अभिनेश सक्सेना को भी दबोच लिया गया है. पुलिस को शक है कि यह एक बड़े अंतरराष्ट्रीय फर्जीवाड़े का हिस्सा हो सकता है.

जानकारी के मुताबिक, दो युवक IGI एयरपोर्ट से स्वीडन जाने के लिए तैयार थे. जब वे इमिग्रेशन जांच से गुजर रहे थे, तभी अधिकारियों को उनके शेंगेन वीजा में गड़बड़ी नजर आई. दस्तावेजों की गहन जांच में पता चला कि वीजा फर्जी है. इसके बाद तुरंत दोनों को हिरासत में लिया गया और पूछताछ शुरू की गई.

गिरफ्तार युवकों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने दिल्ली के रहने वाले एजेंट अभिनेश सक्सेना को 31 लाख रुपये में स्वीडन भेजने का सौदा किया था. एजेंट ने उन्हें वीजा, टिकट और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराए थे. युवकों का कहना है कि एजेंट ने उन्हें आश्वासन दिया था कि उनके संपर्क के जरिए वे बिना किसी दिक्कत के यूरोप पहुंच जाएंगे.

पूछताछ में सामने आया कि इस फर्जी रैकेट का मास्टरमाइंड ‘लल्ली’ नामक व्यक्ति है, जो फिलहाल फरार है. एजेंट अभिनेश सक्सेना को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके मोबाइल व दस्तावेजों की जांच की जा रही है, ताकि गैंग के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके.

पुलिस ने इस घटना को लेकर यात्रियों से अपील की है कि वे फर्जी एजेंटों के झांसे में न आएं. विदेश यात्रा के लिए हमेशा अधिकृत और प्रमाणित माध्यमों से ही वीजा बनवाएं, और सभी दस्तावेजों की खुद भी पुष्टि करें. फिलहाल, पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और रैकेट के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी की जा रही है.

UP : जरा सी डांट पड़ी तो फांसी पर झूला युवक, लाश देखते ही बहन और मां ने खा लिया जहर

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गोरखपुर के हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र में अपनी मां की डांट से आहत होकर 20 साल के एक युवक मोहित कन्नौजिया ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली. बेटे को फंदे से लटकता देख मां कौशिल्या देवी और लड़के की बहन सुप्रिया गम बर्दाश्त नहीं कर पाए और दोनों ने भी जहर खा लिया.

उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के कूचडेहरि गांव में बुधवार को एक हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया. यहां अपनी मां की डांट से आहत होकर 20 साल के एक युवक मोहित कन्नौजिया ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली. बेटे को फंदे से लटकता देख मां कौशिल्या देवी और लड़के की 14 साल की बहन सुप्रिया गम बर्दाश्त नहीं कर पाए और दोनों ने भी जहर खाकर जान दे दी. बीआरडी मेडिकल कालेज पहुंचने पर चिकित्सकों ने बहन को मृत घोषित कर दिया, जबकि मां की हालत नाजुक बनी हुई है. उधर, मोहित का शव फंदे से नीचे उतरवाने के बाद पुलिस ने पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

मोहित के पिता अंगद कन्नौजिया की 10 वर्ष पहले ही मौत हो चुकी है. इसके बाद मोहित मुंबई में चाचा और बड़े पिता के साथ रहकर काम करने लगा था. एक सप्ताह पूर्व ही वह गांव लौटा था. बुधवार सुबह वह मां और बहन के साथ हरपुर चौराहे पर दवा लेने जा रहा था. रास्ते में रुपयों को लेकर मां से उसकी कहासुनी हो गई, जिस पर मां ने उसे डांट दिया. इससे आहत होकर मोहित घर लौट गया और मां को फोन करके आत्महत्या करने की बात कही.

मां और बहन को घर पहुंचने पर दरवाजा अंदर से बंद मिला. शोर सुनकर ग्रामीण पहुंचे और दरवाजा तोड़कर देखा तो मोहित फंदे से लटक चुका था. बेटे की मौत देख मां कौशिल्या ने जहरीला पदार्थ खा लिया. यह देख सुप्रिया ने भी वही कदम उठा लिया. दोनों की हालत गंभीर होता देख पड़ोसियों ने तत्काल पुलिस और ग्राम प्रधान को इसकी सूचना दी. पुलिस ने मां-बेटी को जिला अस्पताल भिजवाया, जहां से उन्हें बीआरडी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया. मेडिकल कालेज पहुंचने पर डाक्टर ने सुप्रिया को मृत घोषित कर दिया, जबकि कौशिल्या की हालत गंभीर बनी हुई है.

हरपुर-बुदहट कूचडेहरि के एक छोटे से घर में सन्नाटा पसरा है, जो किसी तूफान के गुजरने के बाद आता है. पति की मौत के बाद एक मां ने अपने इकलौते बेटे में जीने की वजह ढूंढ ली थी. बेटा भी कम उम्र में जिम्मेदारियों का बोझ उठाते हुए मुंबई जाकर कमाने लगा था. हर महीने पैसे भेजकर घर का खर्च संभालता. उसने बहन से कहा था कि वह उसकी शादी धूमधाम से करेगा. लेकिन बुधवार को मां की एक डांट ने ऐसा तूफान ला दिया जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी. बेटा खुद को कमरे में बंद कर फंदे से झूल गया. जब मां और बहन ने देखा, तो चीखें पड़ोस तक गूंज उठीं. मां और बहन का दिल इस मंजर को सह न सका और दोनों ने जहरीला पदार्थ खा लिया. अस्पताल आते-आते बेटी की भी मौत हो गई. अब अस्पताल के बेड पर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही बेसूघ मां की आंखों से बहते आंसू उस दर्द की गवाही दे रहे हैं, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता.

कूचडेहरि के हरिलाल के तीन बेटे थे. गंगा सागर, अंगद कन्नौजिया और रवि. गंगा सागर औरं रवि परिवार के साथ मुंबई में रहकर काम करते थे. अंगद परिवार के साथ गांव पर रहते हुए मां और पिता की देखभाल करता था. लेकिन नशे की लत से अंगद की मौत, 10 वर्ष पहले हो गई. इसके बाद उसकी पत्नी कौशिल्या देवी, 18 वर्षीय बेटा मोहित और बेटी सुप्रिया गांव पर रहने लगे.

पिता की मौत के बाद बेटा मोहित भी बड़े पिता और चाचा के साथ मुंबई चला गया. गांव पर मां, बेटी अपने सास-ससुर की देखभाल करने लगे. तीन महीने पहले कौशिल्या की सास की मौत होने पर मुंबई से पूरा परिवार आया था. काम होने के बाद वापस गया तो बेटा मोहित भी चला गया. एक सप्ताह पहले किसी काम से वह घर आया और बुधवार को मां की डांट के बाद इस तरह का कदम उठाया कि पूरा परिवार कुछ ही पलों में समाप्ति की कगार पर पहुंच गया. हालांकि मां का उपचार बीआरडी मेडिकल कालेज में चल रहा है. जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है.

घटना की सूचना मिलने पर गंगा सागर और रवि परिवार समेत मुंबई से घर के लिए रवाना हो गए हैं. इस हृदय विदारक घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया है. घर पर बुजुर्ग हरिलाल की देखभाल ग्रमीण कर रहे हैं. वहीं बीआरडी में पहुंचे रिश्तेदार कौशिल्या के पास है.

NATIONAL : तीन आतंकी, 3 टूरिस्ट स्पॉट, 7 दिन और दो सिग्नल… पहलगाम के गुनहगारों की पूरी साजिश डिकोड

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अब तक की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वो एक बेहद सुनियोजित और हाई-टेक आतंकी हमले की ओर इशारा करते हैं. जांच की कमान संभाल रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के डीजी खुद गुरुवार को बैरसन घाटी पहुंचे. NIA की तकनीकी जांच में यह साफ हो चुका है कि वहां तीन आतंकी अल्ट्रा स्टेट कम्युनिकेशन नाम की एक विशेष संचार प्रणाली का इस्तेमाल कर रहे थे.

पहाड़ी वादियों की खूबसूरती में छुपी पाकिस्तानी आतंकियों की खौफनाक साजिश अब धीरे-धीरे बेनकाब हो रही है. देश के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों में से एक जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैरसन घाटी में 22 अप्रैल को जिन आतंकियों ने 26 निर्दोष लोगों को मौत की नींद सुला दिया था उनकी परतें खुलने लगी हैं. जांच में पता चला है कि 15 अप्रैल को पाकिस्तानी आतंकी यहां पहुंचे और सात दिन के भीतर उन्होंने रेकी की.

अब तक की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वो एक बेहद सुनियोजित और हाई-टेक आतंकी हमले की ओर इशारा करते हैं. जांच की कमान संभाल रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के डीजी खुद गुरुवार को बैरसन घाटी पहुंचे. NIA की तकनीकी जांच में यह साफ हो चुका है कि वहां तीन आतंकी अल्ट्रा स्टेट कम्युनिकेशन नाम की एक विशेष संचार प्रणाली का इस्तेमाल कर रहे थे, जो अत्याधुनिक एनक्रिप्टेड नेटवर्क पर आधारित है. यह प्रणाली बेहद सीमित सिग्नल पर काम करती है और लोकेशन ट्रेसिंग को भी मिसलीड कर देती है. एजेंसियों ने पहलगाम क्षेत्र में दो संदिग्ध सिग्नल भी ट्रेस किए हैं. माना जा रहा है कि इन्हीं के जरिए आतंकी आपस में संवाद कर रहे थे.

बताया जा रहा है कि आतंकियों ने तीन ऐसे जगहों की रेकी की जहां पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है. एक आतंकी ने पहलगाम के एम्यूजमेंट पार्क की रेकी की थी. यहां सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी होने की वजह से इसे टाल दिया गया था. जांच के लिए एजेंसियों ने थ्री-डी मैपिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर घटनास्थल का वर्चुअल नक्शा भी तैयार किया.

यह इलाका पहाड़ी है और कई स्थानों पर CCTV नेटवर्क नहीं है, जिससे जांच को शुरू में मुश्किलें आईं. लेकिन कुछ चश्मदीद, घटना में बचे लोगों के बयान से एजेंसियों को बड़ी मदद मिली है. NIA की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि ये इस पूरे ऑपरेशन में लोकल मददगार भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश अब तेज हो गई है. जल्द ही कुछ गिरफ्तारियां भी संभव हैं. बैरसन घाटी अब पूरी तरह CRPF और अन्य सुरक्षा बलों के नियंत्रण में है. यहां आम नागरिकों की आवाजाही फिलहाल बंद है, और NIA के डीजी खुद वहां की समीक्षा कर रहे हैं.

सूत्रों के मुताबिक बाईस अप्रैल को एक आतंकवादी एग्जिट गेट से पार्क में एंट्री करता है और अंधाधुंध गोलियां चलाने लगता है. दरअसल ये आतंकियों की प्लानिंग का हिस्सा था. एग्जिट गेट पर गोलीबारी होती है तो सभी लोग भागने के लिए एंट्री गेट की तरफ जाते हैं और वहां दो आतंकी थे. उसके बाद सभी को इकट्ठा कर लिया जाता है. आतंकी सबसे पहले भीड़ से कहते हैं कि पुरुष और महिलाएं अलग-अलग हो जाए लेकिन लोग इस बात को नहीं मानते हैं. उसके बाद आतंकवादी कहते है की हिंदू और मुसलमान अलग-अलग हो जाए लेकिन लोग फिर भी नहीं मानते है. उसके बाद कलमा पढ़वा कर एक-एक को चुन चुन कर आतंकवादी मौत के घाट उतार देते हैं. एनआईए ने मौके से जो कारतूस के खोखे मिले है उनको फोरेंसिक एक्जामिनेशन के लिए भेज दिया है. लेकिन अब तक की जांच में यही सामने आया है कि तीन आतंकवादियों ने ही इस नरसंहार को अंजाम दिया था.

ENTERTAINMENT : समर्थ जुरैल की पार्टी में जमकर नाचीं निया शर्मा, अंकिता लोखंडे से लेकर अली गोनी तक आए नजर

समर्थ जुरैल की बर्थडे पार्टी के वीडियोज और फोटोज जमकर वायरल हो रहे हैं. पार्टी में निया शर्मा ने खूब डांस किया. अंकिता लोखंडे भी इस पार्टी में नजर आईं.

एक्टर समर्थ जुरैल ने बुधवार को बर्थडे पार्टी होस्ट की. इस पार्टी में लाफ्टर शेफ के लगभग सारे कंटेस्टेंट्स नजर आए. अली गोनी से लेकर अंकिता लोखंडे तक ने पार्टी में धमाल मचा दिया है. वहीं एक्ट्रेस निया शर्मा ने भी जमकर डांस किया. सोशल मीडिया पर इस पार्टी के वीडियो वायरल हैं.

निया शर्मा पार्टी में ब्लैक कलर की शॉर्ट ड्रेस पहने नजर आईं. वो इस ड्रेस में बहुत ग्लैमरस लग रही थीं. उन्होंने अभिषेक कुमार और सुदेश लहरी के साथ जमकर डांस किया. निया और सुदेश लहरी पार्टी एंजॉय करते दिखे. इसके अलावा अंकिता लोखंडे पति विक्की जैन के साथ पार्टी में पहुंचीं. वो पर्पल कलर के स्ट्रैपलेस गाउन में दिखीं. अंकिता का सिजलिंग लुक वायरल है.

समर्थ जुरैल की बात करें तो वो शो लाफ्टर शेफ में नजर आ रहे हैं. वो अभिषेक कुमार के साथ मिलकर कुकिंग करते हैं. शो में उनके मस्तीभरे अंदाज को काफी पसंद किया जा रहा है. समर्थ जुरैल को बिग बॉस 17 से नेम-फेम मिला था. इस शो में उन्होंने वाइल्ड कार्ड एंट्री ली थी.

समर्थ की एंट्री से शो में धमाल मच गया था. दरअसल, शो में पहले से ही उनकी गर्लफ्रेंड ईशा मालवीय और ईशा के एक्स बॉयफ्रेंड अभिषेक कुमार थे. समर्थ की एंट्री ने शो में ट्विस्ट ला दिया था. अब समर्थ और ईशा का भी ब्रेकअप हो गया है. वर्क फ्रंट पर समर्थ को खतरों के खिलाड़ी 14 के लिए अप्रोच करने की खबरें हैं. हालांकि, कहा जा रहा है कि हेल्थ ईश्यूज की वजह से समर्थ ने इससे इंकार कर दिया है.

 

NATIONAL : पहलगाम हमले में मारे गए नेवी अफसर विनय नरवाल की पत्नी का बड़ा बयान, ‘मुसलमानों के खिलाफ…’

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पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए हरियाणा के नेवी अधिकारी विनय नरवाल का आज जन्मदिन है. इस मौके पर इनकी पत्नी हिमांशी और बहन सृष्टि ने बड़ा बयान दिया है.

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल का आज (1 मई) जन्मदिन है. विनय नरवाल के जन्मदिन के मौके पर उनके परिवार की तरफ से हरियाणा के करनाल में ब्ल्ड डोनेशन कैंप का आयोजन किया गया है. इस दौरान उनकी पत्नी हिमांशी की प्रतिक्रिया आई है और उन्होंने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ‘मैं चाहती हूं कि पूरा देश उनके लिए प्रार्थना करे कि वह जहां भी हों, स्वस्थ और खुश रहें.’

साथ ही हिमांशी ने कहा, “मैं किसी के प्रति कोई नफरत नहीं चाहती, जो हो रहा है.” उन्होंने कहा, “लोग मुसलमानों या कश्मीरियों के खिलाफ नफरत फैला रहे हैं, हम ऐसा नहीं चाहते. हम शांति चाहते हैं. बेशक हम न्याय चाहते हैं, जिन लोगों ने उनके साथ गलत किया है, उन्हें सजा मिलनी चाहिए. हम सब आज विनय की याद में खून दान कर रहे हैं.”

ब्ल्ड डोनेशन कैंप के दौरान मंच पर बैठी हिमांशी कई बार भावुक हुईं और उनका परिवार भी इस दौरान ॐ शांति का जाप करता दिखा. मंच पर उनके साथ विधायक जगमोहन आनंद और करनाल की मेयर रेणु बाला गुप्ता भी मौजूद थीं. हिमांशी ने कार्यक्रम के दौरान मेयर को अपने हाथ की मेंहदी भी दिखाई, जिसमें विनय का नाम लिखा था. कार्यक्रम के दौरान एक पोस्टर भी लगाया गया जिस पर लिखा था, “हिंदुस्तान का लाल, विनय नरवाल.”

कार्यक्रम के दौरान हिमांशी और विनय की मां कई बार भावुक होती नजर आईं. एक पल ऐसा भी आया, जब मंच से उतरकर वे एक-दूसरे को गले लगाते हुए रो पड़ीं. वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं.वहीं इस मौके पर विनय नरवाल की बहन सृष्टि ने कहा, “हम सभी लोगों से अपील करते हैं कि वह ब्लड डोनेशन के लिए लोग आएं. मैं सभी का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं, लोग दूर-दूर से यहां आए हैं. मैं इस उद्देश्य के लिए सभी में जुनून और जोश देख सकती हूं. सरकार भी इस संबंध में महत्वपूर्ण प्रयास कर रही है.”

सृष्टि ने विनय नरवाल को शहीद का दर्जा देने को लेकर कहा, “मेरे पापा ने सरकार से कहा है कि और सरकार इस पर काम कर रही है. लोगों की सहभागिता से विनय के विचारधारा को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.”बता दें कि पहलगाम में आतंकियों ने धर्म पूछकर विनय नरवाल की उनके पत्नी हिमांशी के सामने ही हत्या कर दी थी. विनय नरवाल और हिमांशी की शादी बीते 16 अप्रैल को ही हुई थी और दोनों हनीमून पर पहलगाम गए थे. इस आतंकी हमले में कुल 26 लोग मारे गए थे. वहीं 17 घायल हुए थे.

UP : मेरे दोस्त इसके जिम्मेदार हैं…, सगाई टूटी तो शख्स की पेड़ से लटककर दे दी जान, आत्महत्या से पहले बनाया वीडियो

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मुजफ्फरनगर में एक 19 साल के युवक ने कथित तौर पर एक पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली. जानकारी के अनुसार उसने ये खौफनाक कदम इसलिए उठाया क्योंकि उसकी सगाई तय होने के एक सप्ताह बाद ही टूट गई थी.

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक 19 साल के युवक ने कथित तौर पर एक पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली. जानकारी के अनुसार उसने ये खौफनाक कदम इसलिए उठाया क्योंकि उसकी सगाई तय होने के एक सप्ताह बाद ही टूट गई थी. इस बात से वह काफी दुखी था. पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी.

पुलिस ने बताया कि बुधवार को मदीना कॉलोनी में जिस युवक का शव मिला, उसने संदिग्ध आत्महत्या से पहले बनाए गए एक वीडियो में अपने तीन दोस्तों को अपनी स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया.

स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि मृतक अनस कथित तौर पर इस बात से परेशान था कि लड़की के परिवार ने उसके साथ सगाई तोड़ दी थी, जबकि दोनों परिवारों ने शादी पर सहमति जताई थी. अधिकारी ने बताया कि उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है.

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