अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और जंग खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है बल्कि ये और गहरा होते जा रहा है. अमेरिका ने एक बार फिर मंगलवार को ईरान पर हमला किया है. जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया ऐप ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में दावा किया है कि जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz – होर्मुज जलमार्ग) पर अब लगभग पूरी तरह अमेरिका का कब्जा हो चुका है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पाबंदियों और हमलों के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बर्बाद हो रही है.
ट्रंप ने उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि वह तेहरान को बातचीत की मेज पर वापस लाने के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें ईरान को किसी समझौते के लिए मजबूर करने में कोई दिलचस्पी नहीं है.
किसी समझौते में दिलचस्पी नहीं
ट्रंप ने कहा, ”मैं ईरान को बातचीत की मेज पर लाने के लिए मजबूर नहीं कर रहा हूं, जैसा कि अगर वे कोई ऐसा समझौता करते हैं जो उनके लिए बेकार है, तो मुझे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने आगे कहा कि उन्हें मौजूदा हालात ज्यादा पसंद हैं, जिसमें उनके शब्दों में होरमुज़ जलडमरूमध्य पर लगभग पूरा नियंत्रण है और ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ढह रही है. वे बस वही कर रहे हैं जो होना ही है. ईरान के लोग कब उठ खड़े होंगे और लड़ेंगे?”

फरवरी में टकराव शुरू होने के बाद से, ट्रंप ने कई बार दावा किया है कि अमेरिका ने होर्मुज पर नियंत्रण कर लिया है. हालांकि, तेहरान ने वॉशिंगटन के दावों को खारिज कर दिया है और कहा है कि यह रणनीतिक जलमार्ग ईरान के नियंत्रण में ही है.
ईरान ने किया पलटवार
अमेरिका ने मंगलवार को ईरान पर हमला किया था. जिसका ईरान ने पलटवार किया है. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन के अकाबा के पास एक सैन्य ठिकाने पर मौजूद अमेरिकी मरीन के कैंप को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया. इस हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे गए.


