अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के जहाजों की नाकेबंदी में रुकावट डालता है तो वे बम गिरा देंगे। उनकी इस धमकी से मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर गहरा गया है। ट्रंप की यह धमकी तब आई है, जब ईरान और ओमान होर्मुज पर समझौता करने वाले हैं।
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ओमान पर बमबारी की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के जहाजों की नाकेबंदी में रुकावट डालता है तो वे बम गिरा देंगे। हालांकि, ओमान परंपरागत रूप से अमेरिका का मित्र है। वह ईरान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही को लेकर एक समझौते के करीब है। वहीं, अमेरिका नाकेबंदी के जरिए ईरान पर शांति समझौते के लिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी नाकेबंदी के कारण ईरानी जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई है।
फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर “ओमान रुकावट डालता है, तो हम उन पर जबरदस्त बमबारी करेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि नाकेबंदी से ईरान पर दबाव बन रहा है और उनके पास इस विवाद को सुलझाने के लिए कोई समय-सीमा नहीं है। उन्होंने साफ किया कि उन्हें कोई जल्दी नहीं है। अमेरिका-ईरान युद्ध लगभग छह महीनों से चल रहा है और इसका कोई समाधान नहीं दिख रहा है। शांति वार्ता रुकी हुई है और बीच-बीच में झड़पें भी जारी हैं। इससे होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और अन्य जरूरी सामानों की आवाजाही ठप पड़ी हुई है।

अमेरिका-ईरान शांति वार्ता लंबे समय से ठंडे बस्ते में हैं। दो महीने पहले पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच शांति समझौते के एमओयू पर साइन हुआ था। हालांकि, बाद में अमेरिका और ईरान ने एक दूसरे पर शांति समझौते की शर्तों को तोड़ने का आरोप लगाया और एमओयू को खारिज कर दिया। इसके बाद से दोनों देश एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं। अमेरिका ने होर्मुज के आसपास के इलाकों में ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। वहीं, ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों, जहाजों, पेट्रोलियम डिपो और दूसरे रणनीतिक अड्डों को निशाना बनाया है।
ईरान और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही को संभालने के लिए एक अस्थायी व्यवस्था पर बातचीत कर रहे हैं। ईरान ने सोमवार को कहा कि वह प्रस्तावित व्यवस्थाओं का ब्यौरा देने वाले एक संयुक्त बयान को अंतिम रूप देने के लिए ओमान के साथ काम कर रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि उस रास्ते को लेकर सहमति बन गई है जिसका इस्तेमाल जहाज़ इस जलमार्ग से गुज़रने के लिए करेंगे। बघाई ने कहा, “पारगमन मार्ग (ट्रांज़िट रूट) के नक्शे को लेकर सहमति बन गई है।” बघाई ने और जानकारी नहीं दी, लेकिन पिछली चर्चाओं से संकेत मिला है कि जहाज ईरान के पास के रास्ते से जलडमरूमध्य में प्रवेश कर सकते हैं और ओमान के पास के रास्ते से बाहर निकल सकते हैं। प्रस्तावित अंतरिम व्यवस्था के तहत, जहाज़ों को गुजरते समय कोई फ़ीस या टोल नहीं देना होगा।

