ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने बीबीसी से कहा है कि अगर अमेरिका दोबारा ईरान के साथ बातचीत शुरू करना चाहता है तो उसे भरोसा दिलाना होगा कि वो (अमेरिका) कोई और हमला नहीं करेगा.
माजिद तख्त-रवांची ने कहा, “ट्रंप प्रशासन ने मध्यस्थों के जरिए ईरान से कहा कि वो इस हफ्ते वार्ता दोबारा शुरू करना चाहता है. लेकिन आगे के हमलों से जुड़े बेहद ही महत्वपूर्ण सवाल पर अमेरिका ने स्थिति साफ नहीं की है.”
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत चल रही थी. लेकिन तभी इस महीने की शुरुआत में इसराइल ने ईरान के परमाणु ठिकानों और बुनियादी सैन्य ढांचे पर हमला किया. ईरान ने भी मिसाइलों के साथ जवाबी कार्रवाई की.

अमेरिका 21 जून को इस संघर्ष में सीधे तौर पर शामिल हुआ और उसने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर बम गिराए.
तख्त-रवांची ने ये भी कहा कि ईरान शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम संवर्धन करने पर जोर देगा. उन्होंने उन आरोपों को खारिज किया कि ईरान गुप्त तरीके से परमाणु बम विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
उन्होंने कहा कि ईरान को रिसर्च प्रोग्राम के लिए ‘परमाणु सामग्री’ नहीं मिल पा रही थी, इसलिए वे (ईरान) इसके लिए खुद पर ही निर्भर थे.
उप विदेश मंत्री ने कहा, “उसके (परमाणु प्रोग्राम) स्तर पर चर्चा की जा सकती है. क्षमता पर चर्चा की जा सकती है. लेकिन ये कहना कि आपको संवर्धन नहीं करना चाहिए. आपको बिल्कुल भी संवर्धन नहीं करना चाहिए. अगर आप इसके लिए सहमत नहीं होंगे तो हम आप पर बम गिरा देंगे. ये जंगल का क़ानून है.”


