Sunday, September 20, 2026
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WORLD : ‘भारत हमेशा शांति के पक्ष में है’, PM मोदी ने जेलेंस्की से की मुलाकात

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यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ PM मोदी की यह मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ हुई बैठक के ठीक बाद हुई.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को फ्रांस के एवियन में G7 समिट के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की. इस दौरान पीएम मोदी ने एक बार फिर से दोहराया कि भारत हमेशा शांति के पक्ष में रहेगा.

PM मोदी ने X पर एक पोस्ट में कहा, ‘एवियन में राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात हुई. हाल के समय में भारत और यूक्रेन के बीच काफी बातचीत और सहयोग बढ़ा है. यह हमारे सहयोग के अलग-अलग क्षेत्रों में भी दिखा. आज हमारी बातचीत हमारे सहयोग के अलग-अलग पहलुओं की समीक्षा करने के बारे में थी.’

उन्होंने आगे कहा, ‘हम दोनों इस बात पर सहमत हैं कि व्यापारिक संबंधों को युद्ध से पहले वाली स्थिति में वापस लाने की जरूरत है. साथ ही, यह भी दोहराया कि भारत हमेशा शांति के पक्ष में रहेगा और इंसानियत को सबसे ऊपर रखेगा.’

बैठक के बाद, वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि भारत और यूक्रेन के बीच ‘सहयोग की बड़ी संभावना’ है और वे पहले से ही संयुक्त प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं.
जेलेंस्की के साथ PM मोदी की यह मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ हुई बैठक के ठीक बाद हुई.

जेलेंस्की ने कहा, ‘आज हमने इस बारे में बात की कि कैसे इन प्रोजेक्ट्स को और मजबूत बनाया जाए और अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग का दायरा बढ़ाया जाए. अहम बात यह है कि प्रधानमंत्री यूक्रेन के साथ आपसी हित वाले संबंध विकसित करने में दिलचस्पी रखते हैं और मानते हैं कि यह साझेदारी हमारे लोगों को और मजबूत बना सकती है.’

उन्होंने X पर लिखा, ‘ऐसे कई अच्छे इंडस्ट्रियल और अन्य प्रोजेक्ट्स हैं जिन पर हम मिलकर काम कर सकते हैं. हमने तय किया कि हमारी टीमें सभी जरूरी बातों पर मिलकर काम करेंगी.’

प्रधानमंत्री मोदी और जेलेंस्की के बीच आखिरी बार सीधी बातचीत तब हुई थी, जब पिछले साल 30 अगस्त को उन्हें फोन किया था.

WORLD : ‘मोदी के रहते अगर भारत पर हमला हुआ तो हम करेंगे मदद’, द्विपक्षीय बैठक में बोले ट्रंप

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फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात हुई। ट्रंप ने कहा कि यदि मोदी के प्रधानमंत्री रहते भारत पर हमला होता है तो अमेरिका मदद करेगा। उन्होंने मोदी को मजबूत, शांत और बेहद सख्त वार्ताकार बताया। ट्रंप ने भारतीय नाविकों की मौत पर भी दुख जताया और कहा कि इस मामले पर काम किया जा रहा है।

फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक हुई। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने कई वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के दौरान ट्रंप ने भारत के समर्थन में बड़ा बयान देते हुए कहा कि यदि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री रहते भारत पर कोई हमला होता है तो अमेरिका मदद के लिए खड़ा रहेगा। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया के कई हिस्सों में भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है।

भारत को लेकर ट्रंप ने क्या बड़ा संदेश दिया?
बैठक के दौरान ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मोदी एक बेहद मजबूत नेता हैं और बातचीत के दौरान बहुत सख्त रुख अपनाते हैं। ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी शांत दिखाई देते हैं, लेकिन बातचीत और समझौते के मामले में बेहद सख्त हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत को किसी तरह का सुरक्षा संकट झेलना पड़ता है तो अमेरिका उसके साथ खड़ा रहेगा। ट्रंप के इस बयान को भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता पर क्या बोले ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली और व्यक्तित्व की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी जितना शांत, संयमित और प्रभावशाली नहीं हूं। आप उन्हें देखिए। ट्रंप ने मोदी को ऐसा नेता बताया जो बाहर से शांत नजर आते हैं, लेकिन निर्णय लेने और बातचीत के समय बेहद दृढ़ रहते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी की नेतृत्व क्षमता की वजह से भारत लगातार आगे बढ़ रहा है और भविष्य में भी प्रगति करता रहेगा।
भारतीय नाविकों की मौत पर क्या कहा गया?
बैठक के दौरान हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान मारे गए तीन भारतीय नाविकों का मुद्दा भी उठा। इस पर ट्रंप ने दुख जताते हुए कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी है। उन्होंने कहा कि मैंने इसके बारे में सुना है। यह बहुत कठिन पेशा है। हम इस पर काम कर रहे हैं। ट्रंप की यह टिप्पणी उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है जो इस घटना से प्रभावित हुए हैं।

WORLD : PM मोदी ने उठाया भारतीय नाविकों का मुद्दा, ट्रंप ने कहा- “हमारी संवेदनाएं हैं”, जानिए किन मुद्दों पर हुई चर्चा

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जी7 सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात हुई है. पिछले 16 महीने में यह पहली द्विपक्षीय मुलाकात है. मुलाकात में डॉनल्ड ट्रंप ने पीएम नरेंद्र मोदी को बड़ा लीडर बताया है. वहीं, भारतीय नाविकों पर हमले पर राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उनकी भारतीय नाविकों के प्रति संवेदनाएं हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “हम भारत के साथ ट्रेड डील कर रहे हैं. यूनाइटेड स्टेट्स और भारत के बीच बहुत सी चीजें हो रही हैं. मैं जल्द ही भारत का दौरा करूंगा.”

भारतीय नाविकों पर हमले पर ट्रंप ने दिया जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा, “फ्रांस में हमारी कुछ बेहतरीन बैठकें हुईं. यह G7 है. हमारे पास G2 आने वाला है और फिर हमारे पास G20 आने वाला है. हमारी, खास तौर पर, भारत के प्रधानमंत्री मोदी के साथ कुछ बहुत अच्छी बातचीत हुई.”

भारत पर हुआ हमला, तो पीएम मोदी करेंगे मदद

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पास हुए एक हमले में तीन भारतीय नाविकों के मारे जाने के मामले पर ट्रंप ने कहा, “मैंने इसके बारे में सुना है. यह एक मुश्किल पेशा है. हम इस पर मिलकर काम करते हैं. ऐसा हमेशा होता आया है, लेकिन हम साथ मिलकर काम करते हैं.”
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “भारत पर हमला होता है, तो हम उनकी मदद के लिए वहां मौजूद रहेंगे. अगर कोई उस व्यक्ति पर हमला करता है, तो हम वहां उनके साथ खड़े रहेंगे. अगर उन पर हमला होता है और पीएम मोदी उनके नेता हैं, तो हम मदद के लिए मौजूद रहेंगे.”
जब पूछा गया कि क्या उन्हें उम्मीद है कि भारत वेस्ट एशिया में कोई भूमिका निभाएगा, तो राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “हां, मुझे उम्मीद है. मुझे लगता है कि भारत हर चीज में एक बड़ी भूमिका निभाता है. जब तक पीएम नरेंद्र मोदी लीडर हैं, भारत एक बड़ी भूमिका निभाएगा.”
पीएम मोदी पर राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “वह व्यापार के मामले में बेहद सख्त हैं. भारत के लोगों से प्यार करते हैं, लेकिन वह अमेरिका से भी प्यार करते हैं. हमने ह्यूस्टन में हाउडी मोदी प्रोग्राम किया था. पूरा स्टेडियम खचाखच भरा था. भविष्य में हम कभी भारत जाएंगे.”

पीएम मोदी ने उठाया भारतीय नाविकों की हत्या का मुद्दा
राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से मुलाकात पर पीएम मोदी ने कहा, “पश्चिम एशिया में शांति के प्रयासों में जो प्रगति हुई है, इसके लिए मैं आपका अभिनंदन करता हूं.”

पश्चिम एशिया में शांति की नई किरण

बकौल पीएम मोदी, “आपके इन प्रयासों के कारण पश्चिमी एशिया में शांति की एक नई किरण नजर आ रही है और हम आशा करते हैं कि ये चिरस्थायी शांति बनेगी.”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आप और हम सभी इस बात से सहमत हैं कि हॉर्मुज का खुला रहना एक वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ही जरूरी है. हम हमेशा कहते रहे हैं कि नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित होनी चाहिए और इस पर हम सबने मिलकर बल दिया है.”
पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात में नाविकों का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा- “समुद्री व्यापार की दुनिया में भारत के लाखों नाविक आज दुनिया के अलग-अलग समुद्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. मैं समझता हूं कि उनकी सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है.”
बकौल पीएम मोदी, “इस समझौते के लिए, इस शांति के प्रयासों में आपने भरपूर प्रयास किया है. मुझे पूरा विश्वास है कि इस समझौते से नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और उसको प्राथमिकता मिलेगी.”

ईरान के साथ समझौते पर कहा कि यह एक समझौता ज्ञापन है, लेकिन यह बहुत ही मजबूत है. यह सिर्फ दो पैराग्राफ जैसा नहीं है, बल्कि यह एक लंबा और डिटेल्ड मेमोरेंडम है जो एक रेगुलर कॉन्ट्रैक्ट की तरह है. मुझे लगता है कि वे इसे मानेंगे. अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो कोई बात नहीं, हमें यह प्रक्रिया फिर से शुरू करनी पड़ेगी. वे डील करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.” आपको बता दें कि यह कूटनीतिक बातचीत पिछले महीने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के भारत दौरे के बाद हो रही है, क्योंकि अब दोनों देश आपसी रिश्तों को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं.

RAJASTHAN : राजस्थान में प्री-मानसून बारिश का दौर जारी, आज से नया मौसमी तंत्र होगा सक्रिय

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जयपुर, 18 जून (हि.स.)। राजस्थान में बैक-टू-बैक सक्रिय हो रहे मौसमी सिस्टम के कारण प्री-मानसून बारिश का दौर लगातार जारी है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार से राज्य में एक नया सिस्टम सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से अगले तीन दिनों तक प्रदेश के दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में आंधी और बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। विभाग ने 21 जून तक इस सिस्टम का असर बने रहने का अनुमान जताया है।

लगातार बदल रहे मौसम के कारण प्रदेश में गर्मी से भी राहत मिली है। दिन का अधिकतम तापमान अधिकांश जिलों में 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग ने गुरुवार को राज्य के 29 जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। पिछले 24 घंटों के दौरान उदयपुर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, करौली और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। वहीं उदयपुर के खेरवाड़ा क्षेत्र में गुरुवार सुबह करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया और गर्मी व उमस में कमी आई।

बाड़मेर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस, जोधपुर में 38.8, बीकानेर में 38.2 और श्रीगंगानगर में 38.3 डिग्री सेल्सियस मापा गया। बुधवार को प्रदेश का सर्वाधिक तापमान दौसा में 39.3 डिग्री सेल्सियस मापा गया।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार राजस्थान में इस बार मानसून के आगमन में देरी हो सकती है। सामान्य तौर पर प्रदेश में मानसून 25 जून के आसपास प्रवेश करता है, लेकिन इस बार इसके 25 जून के बाद दस्तक देने की संभावना जताई जा रही है।

वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की अरब सागर शाखा महाराष्ट्र के दक्षिणी हिस्सों से होते हुए तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की सीमा तक पहुंच चुकी है, जबकि बंगाल की खाड़ी शाखा बिहार, झारखंड और ओडिशा के मध्य भागों से गुजर रही है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून को आगे बढ़ने में अभी चार से पांच दिन लग सकते हैं।

NATIONAL : जी-7 में पीएम मोदी की जेलेंस्की से मुलाकात, शांति और सहयोग पर जोर

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एवियन (फ्रांस), 18 जून (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि दोनों देशों के बीच हाल के समय में सहयोग और आपसी संपर्क में निरंतर वृद्धि हुई है, जो विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी के रूप में दिखाई दे रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बैठक के दौरान भारत और यूक्रेन के बीच द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि व्यापारिक संबंधों को युद्ध-पूर्व स्तर तक बहाल किए जाने की आवश्यकता है, ताकि आर्थिक सहयोग को फिर से मजबूती मिल सके।

उन्होंने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि भारत हमेशा शांति के पक्ष में खड़ा रहेगा और मानवीय मूल्यों को सर्वोपरि रखते हुए अपनी भूमिका निभाता रहेगा। बैठक को दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जी-7 सम्मेलन के दौरान हुई यह मुलाकात वैश्विक स्तर पर चल रहे संघर्षों के बीच संवाद और कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।


RAJASTHAN : चुरू में रेतीली आंधी से दिन में छाया अंधेरा, धूल के गुबार से घटी दृश्यता, बारिश से मिली राहत

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चूरू में अचानक मौसम का मिजाज बदल जाने से आई धूल भरी आंधी ने पूरे आसमान को ढंक दिया और बाजारों में अफरा-तफरी मच गई, हालांकि बाद में हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम खुशनुमा हो गया।

जिले में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट ली और एक बार फिर रेतीले तूफान ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। जिले के कई हिस्सों में उत्तर दिशा से उठे धूल भरे बवंडर ने देखते ही देखते आसमान को अपनी चपेट में ले लिया। काली-पीली आंधी के कारण दिन में ही अंधेरे जैसे हालात बन गए और लोगों को वाहनों की लाइट जलाकर सफर करना पड़ा।

मौसम में आए इस अचानक बदलाव का असर रतनगढ़, तारानगर, रतननगर और सरदार शहर सहित कई क्षेत्रों में देखने को मिला। दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी शुरू हुई, जिसने कुछ ही मिनटों में दृश्यता को काफी कम कर दिया। करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर धूल का गुबार इतना घना था कि कुछ मीटर दूर तक भी देख पाना मुश्किल हो गया।

आंधी के दौरान बाजारों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दुकानदारों ने सामान को सुरक्षित करने के लिए जल्दबाजी में दुकानें बंद करनी शुरू कर दीं, जबकि राहगीरों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली। तेज हवाओं के कारण कई क्षेत्रों में पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। खुले स्थानों पर रखा सामान भी प्रभावित हुआ और लोगों को नुकसान उठाना पड़ा।

धूल भरी आंधी के बाद मौसम ने एक और करवट ली और जिले के कई हिस्सों में हल्की बारिश शुरू हो गई। बारिश से वातावरण में फैली धूल बैठ गई और लोगों को भीषण गर्मी व उमस से राहत मिली। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया और लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी तंत्र के प्रभाव से प्रदेश के कई जिलों में इस तरह के मौसम परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। विशेषज्ञों ने चूरू जिले में अगले कुछ दिनों तक तेज हवाएं, धूल भरी आंधी और हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है।

रेतीली आंधी और हल्की बारिश के इस मिश्रित मौसम ने जहां कुछ समय के लिए जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत भी मिली। किसानों और आमजन को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मौसम इसी तरह राहत पहुंचाता रहेगा।

WORLD : होर्मुज खुलने से लेकर यूरेनियम सौंपने तक, जानें US-ईरान के संभावित समझौते में और क्या शामिल

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ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंकुश लगाना और देश को तेल बेचने की अनुमति देने जैसे मुद्दे शामिल हैं। हालांकि, ईरान की ओर से कहा गया है कि एक औपचारिक समझौते की राह में अभी भी बड़ी बाधाएं हैं।

पश्चिम एशिया संघर्ष का कूटनीतिक हल निकालने की कोशिशें अब कामयाब होती दिख रही हैं। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ईरान संवर्धित यूरेनियम को लेकर अपनी जिद छोड़ने को तैयार है। माना जा रहा है कि

अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले इस समझौते में 60 दिवसीय युद्धविराम का विस्तार शामिल हो सकता है। हाल ही में ईरान और पाकिस्तान ने अमेरिका को नया प्रस्ताव भेजा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी बातचीत में प्रगति होने के संकेत दिए थे, जिससे इस समझौते पर सहमति बनने की संभावना नजर आ रही है।

होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर खुलने के आसार
अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ युद्ध खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की दिशा में एक समझौते के करीब पहुंच गया है। हालांकि, उन्होंने कोई विवरण नहीं दिया था। माना जा रहा है कि इस प्रस्तावित समझौते से भविष्य में तनाव बढ़ने पर रोक लग सकती है और ऊर्जा आपूर्ति में अस्थायी राहत मिलने की संभावना है।

हालांकि, ईरानी मीडिया ने ट्रंप के दावे पर आपत्ति जताई है। ईरान ने रविवार को ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया कि प्रस्तावित समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य अपनी पिछली स्थिति में लौट आएगा। ईरान की अर्ध-आधिकारिक फार्स समाचार एजेंसी ने कहा कि तेहरान होर्मुज पर नियंत्रण बनाए रखेगा। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने केवल गुजरने वाले जहाजों की संख्या को पूर्व-युद्ध स्तर पर लौटने की अनुमति देने पर सहमति व्यक्त की है।

60 दिवसीय शांति समझौते के प्रमुख पहलू क्या हैं?
होर्मुज जलडमरूमध्य: ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना शामिल है। यह एक महत्वपूर्ण शिपिंग मार्ग है जिसे ईरान ने 28 फरवरी से बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हलचल मची हुई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, 60 दिनों की अवधि के दौरान जलडमरूमध्य बिना किसी टोल के खोला जाएगा और तेहरान जलडमरूमध्य में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने पर सहमत होगा।
ईरान का परमाणु कार्यक्रम: एक रिपोर्ट के अनुसार इस सौदे में ईरान द्वारा अपने संवर्धित यूरेनियम को छोड़ने की स्पष्ट प्रतिबद्धता शामिल है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अभी यह तय नहीं हुआ है कि ईरान अपने यूरेनियम भंडार को किस तरह सौंपेगा। इस मुद्दे पर आगे होने वाली परमाणु वार्ता में चर्चा की जाएगी।

तीन चरणों में शांति: प्रस्तावित शांति वार्ता तीन चरणों में सामने आएगी। इसमें पश्चिम एशिया संघर्ष को औपचारिक रूप से समाप्त करना, होर्मुज जलडमरूमध्य संकट का समाधान करना और एक व्यापक समझौते पर बातचीत के लिए 30-दिवसीय बातचीत शुरू करने की कोशिश की जाएगी।
ईरानी तेल की बिक्री: होर्मुज को फिर से खोलने की अमेरिकी मांग के बदले में, ईरानी पक्ष ने जलडमरूमध्य की निगरानी, ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी को खत्म करने और ईरानी तेल बिक्री पर लगे प्रतिबंधों को हटाने की मांग की है।
ईरान के विदेशी धन: ईरान ने अपने विदेशी धन को जब्ती से मुक्त करने की भी मांग की है। हालांकि, इस पर अमेरिका ने कहा है कि यह केवल ठोस रियायतों के बाद ही संभव होगा।

लेबनान में लड़ाई भी हो खत्म: समझौते में यह भी स्पष्ट किया गया है कि लेबनान में इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच युद्ध खत्म किया जाए। बीते दिनों बेरूत पर इस्राइली हमले ने इस शांति योजना को खतरे में डाल दिया था। अमेरिका ने कहा था कि अगर हिजबुल्ला फिर से हथियार जुटाने या हमले भड़काने की कोशिश करता है तो तेल अवीव को कार्रवाई करने की अनुमति दी जाएगी।

समझौते पर क्या है ईरान का रुख?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका और तेहरान के बीच मध्यस्थता की वार्ताओं में मतभेद गहरे और महत्वपूर्ण बने हुए हैं। प्रवक्ता ने कहा कि एक औपचारिक समझौते की राह में अभी भी बड़ी बाधाएं हैं।

WORLD : ट्रम्प ने ईरान को 28 लाख करोड़ रुपये देने की खबर को बताया फर्जी, वीडियो में कहा- “डेमोक्रेट्स फैला रहे झूठ”

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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को 28 लाख करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने से जुड़ी खबरों को सख्ती से खारिज कर दिया है। उन्होंने इन दावों को पूरी तरह फर्जी बताते हुए इसे विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से फैलाया गया झूठ करार दिया है।

ट्रम्प ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि इस तरह की रिपोर्ट्स का वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका की ओर से ईरान को किसी भी प्रकार की भारी आर्थिक सहायता देने का कोई प्रस्ताव नहीं है।दरअसल, हाल ही में न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता होता है तो अमेरिका की ओर से ईरान को लगभग 28 लाख करोड़ रुपये (करीब 300 अरब डॉलर) का आर्थिक पैकेज दिया जा सकता है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई थीं और इसे लेकर कई तरह की राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिली थीं।

हालांकि, ट्रम्प ने इन सभी दावों को खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से भ्रामक जानकारी है और इसे राजनीतिक उद्देश्य से फैलाया जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि उनकी नीतियों के तहत अमेरिका किसी भी ऐसी योजना में शामिल नहीं है, जिसमें ईरान को बड़े पैमाने पर आर्थिक सहायता दी जाए।इसी बीच, फ्रांस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रम्प ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी से भी मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने एक बार फिर ईरान से जुड़े मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट की। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका फिलहाल ईरान में कोई निवेश नहीं कर रहा है।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका को भविष्य में जरूरत पड़ने पर ईरान में निवेश करने का अधिकार जरूर होगा, लेकिन वर्तमान समय में ऐसी कोई योजना या निर्णय नहीं लिया गया है।ट्रम्प के इस बयान के बाद ईरान को लेकर चल रही अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अमेरिका की ईरान नीति को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयानों का असर वैश्विक कूटनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है।

BUSINESS : एयर इंडिया ने शुरू किया ‘बेसिक फेयर’, चुनिंदा घरेलू उड़ानों में अब नहीं मिलेगा मुफ्त भोजन; कम पैसों में कर पाएंगे ट्रैवल

एयर इंडिया ने मंगलवार को घरेलू उड़ानों के लिए नया ‘बेसिक फेयर’ ऑप्शन लॉन्च किया है. इसमें यात्रियों को मुफ्त भोजन (कॉम्प्लिमेंट्री मील) नहीं मिलेगा. ये फैसला बढ़ती ऑपरेशनल लागत और वित्तीय दबाव के बीच लिया गया है.

इसे चुनिंदा घरेलू रूट्स पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है. इस नई कैटेगरी के जुड़ने के बाद एयर इंडिया के इकोनॉमी क्लास किरायों में अब चार विकल्प हो गए हैं- वैल्यू, क्लासिक, फ्लेक्स और ‘बेसिक फेयर’.

एयरलाइन ने क्या कहा?
एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि बेसिक फेयर पूरी तरह वैकल्पिक (ऑप्शनल) होगा.यात्रियों के पास पहले से मौजूद वैल्यू, क्लासिक और फ्लेक्स किराया श्रेणियों को चुनने का विकल्प भी रहेगा. इन तीनों श्रेणियों में मुफ्त भोजन और अन्य सुविधाएं शामिल हैं. इनकी संख्या उच्च किराया श्रेणियों में बढ़ती जाती है.

एयर इंडिया के अनुसार, नया बेसिक फेयर उन यात्रियों को ध्यान में रखकर पेश किया गया है जो कम कीमत में यात्रा करना चाहते हैं और अतिरिक्त सुविधाओं के बजाय सस्ता किराया पसंद करते हैं. फिलहाल, इस प्लान को चुनिंदा घरेलू मार्गों पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है. कंपनी ने कहा है कि यात्रियों की प्रतिक्रिया और फीडबैक के आधार पर भविष्य में इसे जारी रखने या विस्तार देने पर फैसला लिया जाएगा.

बेसिक फेयर पूरी तरह ऑप्शनल
एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि बेसिक फेयर पूरी तरह ऑप्शनल होगा. यात्रियों के पास पहले से मौजूद वैल्यू, क्लासिक और फ्लेक्स किराया श्रेणियों को चुनने का विकल्प भी रहेगा. इन तीनों श्रेणियों में मुफ्त भोजन और अन्य सुविधाएं शामिल हैं. इनकी संख्या हाई किराया श्रेणियों में बढ़ती जाती है.

एयर इंडिया के अनुसार, नया बेसिक फेयर उन यात्रियों को ध्यान में रखकर पेश किया गया है जो कम कीमत में यात्रा करना चाहते हैं और अतिरिक्त सुविधाओं के बजाय सस्ता किराया पसंद करते हैं. फिलहाल इस योजना को चुनिंदा घरेलू मार्गों पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है. कंपनी ने कहा है कि यात्रियों की प्रतिक्रिया और फीडबैक के आधार पर भविष्य में इसे जारी रखने या विस्तार देने पर फैसला लिया जाएगा.

NATIONAL : मुंबई में जल संकट गहराया: BMC ने जलापूर्ति में 20 प्रतिशत की कटौती की, ये गतिविधियां की प्रतिबंधित

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कमजोर मानसून के चलते मुंबई में जल संकट गहराता जा रहा है। शहर को पानी उपलब्ध कराने वाले बांधों में जलस्तर तेजी से घटने के कारण सिर्फ 10.35 प्रतिशत जल भंडारण शेष रह गया है। बीएमसी ने जल संकट को देखते हुए कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं।

मानसून में देरी के चलते मुंबई में पानी की संकट गहरा गया है। आर्थिक राजधानी के जलाशयों के जलस्तर घटकर 10.35 प्रतिशत रह जाने के मद्देनजर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने औद्योगिक, व्यावसायिक और खेल प्रतिष्ठानों को होने वाली जलापूर्ति में 20 प्रतिशत कटौती करने की घोषणा की।बीएमसी ने निर्माण कार्य परियोजनाओं और स्विमिंग पूलों के लिए पानी के कनेक्शन भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। जलापूर्ति में कटौती संबंधी यह निर्णय बुधवार से प्रभावी होगा।

बीएमसी ने पहले ही 15 मई 2026 से शहर में 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू कर दी थी। अब पेयजल संरक्षण के लिए 17 जून से अतिरिक्त प्रतिबंध लागू किए जा रहे हैं। इसके तहत नए निर्माण कार्यों के लिए पानी के नए कनेक्शन की मंजूरी पर रोक लगा दी गई है, जबकि मौजूदा निर्माण स्थलों और सभी स्विमिंग पूलों की जल आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद की जाएगी। औद्योगिक, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और स्पोर्ट्स क्लबों को मिलने वाले पानी में 20 प्रतिशत की कटौती की गई है।
बिसलेरी जैसी कंपनियों के बोतलबंद पानी और एरेटेड ड्रिंक यानी कोकाकोला, पेप्सी, स्प्राइट, फैंटा बनाने वाले प्लांट्स को केवल कर्मचारियों की पीने की जरूरत के हिसाब से सीमित पानी दिया जाएगा। बीएमसी ने चेतावनी दी है कि पेयजल का दुरुपयोग या बर्बादी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, नागरिकों से पानी बचाने में सहयोग की अपील भी की है।

मुंबई को प्रतिदिन लगभग 4,664 मिलियन लीटर पानी की आवश्यकता होती है, जबकि वर्तमान औसत आपूर्ति 4,100 मिलियन लीटर प्रति दिन है। 16 जून तक, महानगर को पानी की आपूर्ति करने वाली झीलों में संयुक्त जल भंडार कुल क्षमता का केवल 10.35% था, जो पर्याप्त वर्षा होने तक जल आपूर्ति बनाए रखने में एक चुनौती पेश कर रहा है। राज्य के जल संसाधन विभाग के निर्देशों के बाद, बीएमसी पीने के पानी के प्रबंधन के लिए मितव्ययिता उपायों को लागू कर रहा है।

सार्वजनिक शौचालयों का संचालन करने वाले संगठनों को टैंकर, कुएं या बोरवेल के पानी के उपयोग को अधिकतम करने का निर्देश दिया गया है। बोरवेल और कुएं के पानी का उपयोग गैर-पीने योग्य उद्देश्यों जैसे वाहन धोने, बागवानी और सड़कों व परिसरों की सफाई के लिए किया जाना चाहिए।

प्रमुख प्रतिष्ठानों, जिनमें सेंट्रल रेलवे, वेस्टर्न रेलवे, आरसीएफ, एचपीसीएल, बीपीसीएल, नौसेना, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) और मुंबई पोर्ट अथॉरिटी को सीवेज उपचार संयंत्रों से उपचारित अपशिष्ट जल का परिचालन और द्वितीयक उद्देश्यों के लिए पुन: उपयोग करने की सलाह दी गई है।
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