Friday, June 19, 2026
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NATIONAL : केंद्रीय मंत्री अमित शाह गुजरात के दौरे पर, देश में मनाई जा रही बकरीद

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आज 28 मई 2026 को जेष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सिक्किम दौरे का आज आखिरी दिन है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह गुजरात के दौरे पर हैं। देशभर में ईद-उल-अजहा (बकरीद) मनाया जा रहा है। शुरुआत राष्ट्रपति से। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सिक्किम के दौरे पर हैं। आज उनके दौरे का आखिरी दिन है। इस दौरान वह पलजोर स्टेडियम में आयोजित सिक्किम पुलिस की विशेष परेड में हिस्सा लेंगी। (संबंधित खबर यहां पढ़ें)

अमित शाह का गुजरात दौरा
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह आज से गुजरात के दौरे पर रहेंगे। उनका यह दौरा दो दिन का होगा। इस दौरान वह गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र और अहमदाबाद में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे और संगठनात्मक और समीक्षा बैठकें करेंगे। (संबंधित खबर यहां पढ़ें)

भाजपा अध्यक्ष का उत्तराखंड दौरा
भाजपा अध्यक्ष नतीन नवीन आज से तीन दिन के उत्तराखंड दौरे पर हैं। उनका यह दौरा 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। तीन दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड आ रहे नवीन संगठन और सरकार की विभिन्न बैठकों में शामिल होंगे। इस दौरान वे प्रदेश के सांगठनिक और विकास कार्यों की जानकारी लेंगे।

आज है ईद-उल-अजहा (बकरीद)
आज ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व है। यह त्योहार इस्लामी कैलेंडर के जुल हिज्जा महीने की 10 तारीख को मनाया जाता है और हर साल इसकी तारीख चांद दिखने पर निर्भर करती है। ईद-उल-अजहा यानी बकरीद के दिन की शुरुआत मस्जिदों और ईदगाह में होने वाली विशेष सामूहिक नमाज से होती है। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। नमाज के बाद इस्लामी परंपरा के अनुसार ‘कुर्बानी’ दी जाती है, जो इस त्योहार का मुख्य हिस्सा माना जाता है। कुर्बानी के बाद प्राप्त मांस को तीन हिस्सों में बांटने की परंपरा होती है जिसमें एक हिस्सा परिवार के लिए, दूसरा रिश्तेदारों और मित्रों के लिए और तीसरा जरूरतमंदों के बीच बांटा जाता है, ताकि समाज में समानता और मदद का संदेश जाए। (संबंधित खबर यहां पढ़ें)

ताजमहल में पर्यटकों को निशुल्क प्रवेश
बकरीद पर ताजमहल में सुबह 7 से 10 बजे तक नमाजियों और पर्यटकों को निशुल्क प्रवेश मिलेगा। एएसआई के अनुसार इस दौरान केवल मकबरे पर जाने के लिए 200 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लागू रहेगा इस दौरान टिकट काउंटर बंद रहेंगे। (संबंधित खबर यहां पढ़ें)

BUSINESS : ‘पेट्रोल-डीजल को लेकर घबराएं नहीं’: होर्मुज संकट के बीच बढ़ते दामों पर राजनाथ सिंह बोले- ईंधन-खाद की कमी नहीं

पश्चिम एशिया संकट के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी नहीं करने की अपील की है। सरकार ने कहा कि देश में सभी जरूरी वस्तुओं और खाद की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है। सार्वजनिक तेल कंपनियां रोज 550 करोड़ रुपये का नुकसान उठाकर आम लोगों को राहत दे रही हैं।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर वैश्विक चिंता के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों से अफरातफरी में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की खरीदारी नहीं करने की अपील की है। सरकार ने साफ कहा है कि देश में ईंधन, खाद और दूसरी जरूरी वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है और सप्लाई चेन पूरी तरह सामान्य है। केंद्र ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज क्षेत्र में तनाव बढ़ने के बाद देश में ईंधन को लेकर आशंकाएं तेज हो गई थीं।

आखिर केंद्र सरकार ने समीक्षा बैठक में क्या फैसला लिया?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में पश्चिम एशिया पर गठित अनौपचारिक मंत्रिस्तरीय समूह की छठी बैठक हुई। बैठक में पेट्रोलियम, खाद, बिजली, रेलवे और खाद्य मंत्रालय समेत कई अहम विभागों के मंत्री शामिल हुए। इस दौरान देश में ईंधन, खाद और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता की समीक्षा की गई। बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि देश में सभी जरूरी वस्तुओं की सप्लाई सामान्य है और सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

क्या तेल कंपनियां जनता को राहत देने के लिए नुकसान उठा रही हैं?
सरकार ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी कीमतों का पूरा बोझ आम लोगों पर नहीं डाल रही हैं। सरकारी तेल कंपनियां वर्तमान में रोज करीब 550 करोड़ रुपये का नुकसान सह रही हैं ताकि आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। सरकार के मुताबिक यह राहत खास तौर पर घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों और आम वाहन चालकों को ध्यान में रखकर दी जा रही है। हालांकि कुछ औद्योगिक उपभोक्ताओं द्वारा खुदरा ईंधन का गलत इस्तेमाल करने और कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आई हैं।

क्या सरकार ने कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती दिखाई?
बैठक में सरकार ने यह भी माना कि कुछ जगहों पर डीलरों और बड़े खरीदारों द्वारा नियमों का गलत फायदा उठाने की कोशिश हो रही है। कई औद्योगिक उपभोक्ता कम कीमत का फायदा लेने के लिए खुदरा पंपों से ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं। सरकार ने इसे गंभीर मामला मानते हुए राज्यों और एजेंसियों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। कालाबाजारी, अवैध भंडारण और गलत तरीके से ईंधन खरीदने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की बात कही गई है।

खरीफ सीजन से पहले खाद को लेकर क्या तैयारी है?
सरकार ने खरीफ फसलों की बुवाई से पहले खाद की उपलब्धता की भी समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि 2026 खरीफ सीजन के लिए देश को करीब 390.54 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की जरूरत होगी। फिलहाल करीब 200.47 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है, जो कुल जरूरत का आधे से ज्यादा हिस्सा है। इसके अलावा आयात और घरेलू उत्पादन के जरिए भी उर्वरक की आपूर्ति लगातार बढ़ाई जा रही है। मई और जून के दौरान बड़ी मात्रा में डीएपी और एनपीके खाद भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने की उम्मीद है।

पश्चिम एशिया संकट का भारत पर कितना असर पड़ सकता है?
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है और पश्चिम एशिया उसके लिए बेहद अहम क्षेत्र है। ऐसे में वहां किसी भी तरह का युद्ध या संकट तेल कीमतों और सप्लाई पर असर डाल सकता है। हालांकि केंद्र सरकार फिलहाल यह भरोसा दिलाने की कोशिश कर रही है कि देश में घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है। सरकार का कहना है कि भारत के पास पर्याप्त भंडार, मजबूत रिफाइनिंग क्षमता और सप्लाई प्रबंधन व्यवस्था मौजूद है। इसी वजह से नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सामान्य तरीके से खरीदारी जारी रखने की अपील की गई है।

NATIONAL : तृणमूल नेता ने खेत में छुपाई मुद्रा, खुदाई में 500 के नोटों का अंबार मिला, रातभर चली गिनती, दो करोड़ 24 लाख रुपये मिलने की पुष्टि

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कोलकाता, 28 मई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के तृणमूल कांग्रेस नेता और बादुड़िया नगर पालिका के चेयरमैन दीपंकर भट्टाचार्य से जुड़े मामले में पुलिस ने पाट के खेत से दो करोड़ 24 लाख रुपये बरामद किए हैं। बुधवार शाम से शुरू हुई नोटों की गिनती पूरी रात चलती रही। बैंक कर्मियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में चार बार गिनती के बाद पुलिस ने गुरुवार तड़के बरामद रकम की आधिकारिक पुष्टि की।

पुलिस ने सोमवार को दीपंकर भट्टाचार्य को एक होटल से गिरफ्तार किया था। उस समय भी उनके पास से करीब 80 लाख रुपये बरामद हुए थे। मंगलवार को अदालत ने उन्हें छह दिन की पुलिस हिरासत में भेजा।

बुधवार को पुलिस दीपंकर को साथ लेकर तृणमूल कार्यालय के पास स्थित एक जमीन पर पहुंची। वहां पाट के खेत में एक जगह खुदाई करने पर बैगों में भरी भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई। पुलिस ने मौके से नकदी से भरे चार ट्रॉली बैग और एक बोरा जब्त किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सभी बैगों में 500 रुपये के नोटों की गड्डिया थीं।

सोमवार रात दीपंकर भट्टाचार्य की गिरफ्तारी के बाद बादुड़िया नगरपालिका के एक बंद पड़े कंप्यूटर सेंटर से भी करीब चार हजार सरकारी तिरपाल और 80 लाख रुपये बरामद किए गए थे। स्थानीय स्तर पर आरोप लग रहे हैं कि यह राशि आवास योजना से जुड़े घोटाले या अवैध वसूली से जुड़ी हो सकती है।

BUSINESS : सर्राफा बाजार में सोने की कीमत में गिरावट जारी, चांदी के भाव में बदलाव नहीं

नई दिल्ली, 28 मई (हि.स.)। घरेलू सर्राफा बाजार में सोने के भाव में कमजोरी का रुख लगातार जारी है। हालांकि चांदी के भाव में आज लगातार तीसरे दिन कोई बदलाव नहीं हुआ है। सोने की कीमत में आई कमजोरी के कारण चेन्नई के अलावा देश के ज्यादातर हिस्सों में आज शुरुआती कारोबार के दौरान ये चमकीली धातु आज 550 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 600 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ती हो गई है। वहीं चेन्नई में सोने की कीमत में शुरुआती कारोबार के दौरान 800 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 870 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई है।

भाव में आई गिरावट के कारण देश के सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना आज 1,58,280 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 1,59,810 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं 22 कैरेट सोना आज 1,45,090 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 1,46,490 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। दूसरी ओर, चांदी के भाव में कोई बदलाव नहीं होने के कारण ये चमकीली धातु दिल्ली सर्राफा बाजार में आज भी 2,84,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर ही बिक रही है।

दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 1,58,430 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,45,240 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,58,280 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,45,090 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 1,58,330 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,45,140 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।

इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 1,59,810 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 1,46,490 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। इसी तरह कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,58,280 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,45,090 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। भोपाल में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,58,330 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,45,140 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,58,430 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,45,240 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,58,330 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,45,140 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,58,430 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 1,45,240 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने के भाव में कमजोरी का रुख बना हुआ नजर आ रहा है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,58,280 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 1,45,090 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

SPORTS : पांचवीं बार आईपीएल के फाइनल में पहुंची आरसीबी, क्वालिफायर-1 में गुजरात को दी मात

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गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) खिताब का बचाव करने से एक कदम दूर गई है। आरसीबी ने क्वालिफायर-1 मुकाबले में गुजरात को हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह बना ली है। आरसीबी ने इस मैच में बल्ले और गेंद दोनों से दमदार प्रदर्शन किया।

गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की टीम गुजरात टाइटंस को 92 रनों से हराकर लगातार दूसरी बार आईपीएल के फाइनल में पहुंच गई है। आरसीबी ने कप्तान रजत पाटीदार की विस्फोटक पारी से 20 ओवर में पांच विकेट पर 254 रन बनाए। जवाब में गुजरात की टीम 19.3 ओवर में 162 रन पर ऑलआउट हो गई। गुजरात के पास अभी भी फाइनल में जाने का एक मौका है। टीम अब हैदराबाद और राजस्थान के बीच बुधवार को होने वाले एलिमिनेटर की विजेता टीम से शुक्रवार को क्वालिफायर-2 में भिड़ेगी।

आरसीबी ने इस तरह कुल पांचवीं बार आईपीएल के फाइनल में जगह बनाई है। टीम इससे पहले, 2009, 2011, 2016 और 2025 में फाइनल में पहुंची थी। टीम ने पिछले सीजन पंजाब किंग्स को हराकर खिताब अपने नाम किया था और टीम खिताब का बचाव करने से एक कदम दूर है। गुजरात के लिए इस मैच में कुछ अच्छा नहीं रहा। टीम के गेंदबाज जहां महंगे साबित हुए, वहीं बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप रही। इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर उतरे राहुल तेवतिया ने भले ही अर्धशतक लगाया, लेकिन टीम का अन्य कोई बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। गुजरात के लिए सबसे ज्यादा रन तेवतिया ने बनाए जो 68 रन बनाकर आउट हुए। आरसीबी की ओर से जैकब डफी ने तीन विकेट झटके, जबकि भुवनेश्वर कुमार, रासिख सलाम डार और क्रुणाल पांड्या ने दो-दो विकेट झटके। वहीं, जोश हेजलवुड को एक सफलता मिली।

SPORTS : विराट कोहली ऐसा कारनामा करने वाले बने IPL इतिहास के पहले बल्‍लेबाज, लगातार चौथे सीजन में लगाया रनों का अंबार

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रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के अनुभवी बल्‍लेबाज विराट कोहली ने मंगलवार को गुजरात टाइटंस के खिलाफ आईपीएल 2026 के पहले क्‍वालीफायर में एक खास रिकॉर्ड अपने नाम किया। उल्‍लेखनीय है कि विराट कोहली से पहले कोई बल्‍लेबाज ये कारनामा नहीं कर पाया।

धर्मशाला में खेले जा रहे मुकाबले में कोहली ने गुजरात के खिलाफ 25 गेंदों में पांच चौके और एक छक्‍के की मदद से 43 रन बनाए। कोहली आईपीएल इतिहास के ऐसे पहले बल्‍लेबाज बने, जिन्‍होंने लगातार चार सीजन में 600 या ज्‍यादा रन बनाए। वैसे, आईपीएल में यह छठा सीजन रहा, जहां कोहली ने 600 से ज्‍यादा रन बनाए।

याद दिला दें कि कोहली ने 2023, 2024, 2025 और 2026 सीजन में 600 से ज्‍यादा का स्‍कोर बनाया। उन्‍होंने 2023 में 639 रन बनाए। 2024 में 741 रन, 2025 में 657 रन और 2026 में 600 रन बनाए।

पता हो कि कोहली को 600 रन पूरे करने के लिए 43 रन की दरकार थी। उन्‍होंने राशिद खान द्वारा किए पारी के 8वें ओवर की पांचवीं गेंद पर सिंगल लेकर अपने 600 रन का आंकड़ा पूरा किया। जेसन होल्‍डर ने क्‍लीन बोल्‍ड करके विराट कोहली की पारी का अंत किया।

विराट कोहली के रिकॉर्ड के आस-पास भी कोई नहीं हैं। कोहली ने आईपीएल में कुल छह सीजन में 600 रन का आंकड़ा पार किया। दिल्‍ली कैपिटल्‍स के ओपनर केएल राहुल इस लिस्‍ट में दूसरे स्‍थान पर काबिज हैं, जिन्‍होंने चार सीजन में 600 या ज्‍यादा रन बनाए। डेविड वॉर्नर, क्रिस गेल और शुभमन गिल ने 3-3 सीजन में 600 से ज्‍यादा रन बनाए।

NATIONAL : बेंगलुरु-चेन्नई इंडिगो फ्लाइट में उड़ान भरने से पहले उठा धुआं, बाल-बाल बचे सभी यात्री

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बेंगलुरु: बेंगलुरु के केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सोमवार, 26 मई 2026 को एक बड़ा विमान हादसा होने से बच गया. इंडिगो एयरलाइंस की बेंगलुरु से चेन्नई जाने वाली उड़ान (6E 6017) में उड़ान भरने से ठीक पहले टैक्सीिंग के दौरान अचानक धुआं दिखाई देने से हड़कंप मच गया. हालांकि, पायलट की सूझबूझ के चलते विमान में सवार सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स को आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.

VT-IME के ​​तौर पर रजिस्टर्ड यह एयरक्राफ़्ट फ़्लाइट 6E6017 को ऑपरेट करने की तैयारी कर रहा था और जब यह घटना हुई. तब उसने बेंगलुरु एयरपोर्ट पर पुशबैक प्रोसीजर पूरा कर लिया था. सावधानी के तौर पर इमरजेंसी स्लाइड लगाई गईं और पैसेंजर को एयरक्राफ़्ट से निकाला गया.

एक ऑफिशियल बयान में, इंडिगो के एक स्पोक्सपर्सन ने कहा, “26 मई 2026 को, जब बेंगलुरु से चेन्नई जा रही इंडिगो फ़्लाइट 6E6017 डिपार्चर के लिए रनवे पर टैक्सी कर रही थी, तो एयरक्राफ़्ट में धुआं देखा गया. सेफ़्टी के लिए, तुरंत खाली कराया गया और सभी संबंधित अधिकारियों को इन्फ़ॉर्म किया गया.”

एयरलाइन ने कन्फ़र्म किया कि सभी पैसेंजर और क्रू मेंबर सुरक्षित हैं और उन्हें टर्मिनल बिल्डिंग में वापस ले जाया गया है, जहां सपोर्ट टीम उनकी मदद कर रही है. इंडिगो ने आगे कहा कि फ़्लाइट चलाने के लिए एक दूसरा एयरक्राफ़्ट अरेंज किया गया था और देरी के दौरान पैसेंजर्स को रिफ़्रेशमेंट दिया जा रहा था.

अभी तक, न तो इंडिगो और न ही एविएशन रेगुलेटर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन (DGCA) ने धुएं की घटना के पीछे की सही वजह बताई है. यह अभी साफ़ नहीं है कि धुआं केबिन, कॉकपिट या एयरक्राफ़्ट के किसी टेक्निकल सिस्टम से निकला था. घटना की वजह के बारे में और जानकारी का इंतज़ार है क्योंकि अधिकारी स्थिति का असेसमेंट शुरू कर रहे हैं.

NATIONAL : ममता बनर्जी की ‘महा-मुश्किल’ का दौर शुरू: भाजपा के ‘ग्रीन सिग्नल’ के इंतजार में 20 से ज्यादा सांसद, काकोली घोष का इशारा समझें!

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टीएमसी के भीतर एक बहुत बड़ा राजनीतिक विस्फोट होने की आहट सुनाई दे रहा है. बंगाल की सत्ता हाथ से जाने के बाद ममता बनर्जी की ‘महा-मुश्किल’ का दौर शुरू हो चुका है. टीएमसी को जल्द ही बड़ा झटका लग सकता है. विधानसभा चुनाव में भाजपा से परास्त हुईं ममता के अच्छे दिन कभी लौट भी पाएंगे, इसमें संदेह का बीजारोपण हो गया है. सत्ता की हनक गई, समर्थक साथ छोड़ रहे, पार्षद भाग रहे और अब सांसदों-विधायकों के भागने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है. कौन है टीएमसी सांसद काकोली घोष, जिसने ममता की नींद उड़ा रखी है.

बंगाल में बदलाव हो गया. अब बदलाव के दायरे का विस्तार हो रहा है. बंगाल में 206 सीटों के साथ भाजपा ने सरकार बना ली. ममता बनर्जी की टीएमसी 80 पर ही अटक गई. ममता अब भी मानने को तैयार नहीं कि उनकी हार स्वाभाविक है. यह 15 साल से जनता के भीतर पनप रहे असंतोष और आक्रोश की स्वाभाविक परिणति है. पर, ममता टीएमसी की हार को भाजपा और चुनाव आयोग की साजिश मानती हैं. वे अपनी हार पर रोज ही विलाप के अंदाज में दोनों को खरी-खोटी सुनाती हैं. अब तो हालत यह हो गई है कि टीएमसी के उनके साथी भी भरोसेमंद नहीं रहे. नगर निकायों के पार्षद थोक में इस्तीफा दे रहे हैं. टीएमसी के ज्यादातर सांसद और विधायक भाजपा के संपर्क में हैं. पार्टी की बैठकों-कार्यक्रमों में उनकी गैरहाजिरी इसका संकेत है. ममता को भी अब लगने लगा है कि उनके लोग जान-बूझ कर दूरी बना रहे हैं. तभी तो उन्हें कहना पड़ रहा है कि जिन्हें जाना है, वे चले जाएं. बचे-खुचे लोगों से वे टीएमसी को पुनर्जीवित कर लेंगी.

विधानसभा चुनावों में हार के बाद नगरपालिकाओं में टीएमसी पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे का सिलसिला शुरू हो गया है. आधा दर्जन से अधिक नगरपालिकाओं में थोक के भाव टीएमसी पार्षदों के इस्तीफे हुए हैं. यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. फालता सीट पर आए नतीजे के बाद डायमंड हार्बर में भी पार्षदों के इस्तीफे का दौर शुरू हो गया है. पार्षदों के इस्तीफे की शुरुआत उत्तर 24 परगना जिले के भाटपाड़ा से हुई थी. कुल 35 में 30 पार्षदों ने एक साथ इस्तीफे सौंप दिए. इसी तरह हालीशहर के 23 पार्षदों में 16 ने एक साथ इस्तीफा दे दिया. उत्तर बैरकपुर, गारुलिया और डायमंड हार्बर में इस्तीफों का सिलसिला जारी है. कई और नगरपालिकाओं और निगमों में भी टीएमसी पार्षदों ने इस्तीफे दिए हैं. कोलकाता नगर निगम में भी टीएमसी के पार्षद पाला बदलने को बेताब दिखते हैं.

ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से अब तक जितनी बैठकें की हैं, उनमें पार्टी के सभी विधायक नहीं शामिल हुए. शामिल न होने की कोई वजह बताना भी विधायकों ने मुनासिब नहीं समझा. चूंकि बैठकें टीएमसी चीफ ममता ने बुलाई थीं, इसलिए सबकी उपस्थिति जरूरी थी. खासकर तब, जब पार्टी के सामने अस्तित्व का खतरा पैदा हो गया है. टीएमसी के सांसद भी ममता से दूरी बनाने लगे हैं. चुनाव परिणाम आने के बाद ममता की बुलाई पहली ही बैठक से 10-12 नवनिर्वाचित विधायक नदारद रहे. विरोध प्रदर्शनों में सभी विधायकों की भागीदारी ममता बनर्जी सुनिश्चित नहीं कर पाईं.

इतना ही नहीं, अब तो ममता बनर्जी और उनके भतीजे सांसद अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व पर भी सांसद-विधायक खुल कर सवाल उठाने लगे हैं. टीएमसी के सामने 2021 के बाद यह दूसरा बड़ा संकट है. कालीघाट में हुई समीक्षा बैठकों में कुणाल घोष, रितुव्रत बनर्जी जैसे वरिष्ठ विधायकों ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के फैसलों पर सीधे सवाल उठाए. विधायकों का मानना है कि बंद कमरों में रणनीति बनाने से पार्टी फिर से मजबूत नहीं होगी. इसके लिए कार्यकर्ताओं को सड़क पर उतरना होगा. बागी नेताओं का आरोप है कि बंद कमरे में आलाकमान द्वारा लिए गए फैसले जबरदस्ती नेताओं पर थोपे गए, जिससे जमीनी स्तर के नेताओं और पार्षदों ने पार्टी से दूरी बनाना शुरू कर दिया है.

टीएमसी के संकट को इससे भी समझा जा सकता है. ममता ने 4 बार की सांसद काकोली घोष दस्तीदार से लोकसभा में मुख्य सचेतक का पद छीन कर कल्याण बनर्जी को दे दिया. इससे काकोली की नाराज हुईं. ममता का यह फैसला उन्हें पार्टी के भीतर अपना अपमान लगा. भाजपा ने उनकी नाराजगी को भुना लिया. केंद्र सरकार ने काकोली को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की ‘Y’ श्रेणी की सशस्त्र सुरक्षा मुहैया कराई है. इंटेलिजेंस ब्यूरो की थ्रेट असेसमेंट रिपोर्ट के आधार पर उन्हें यह सुरक्षा दी गई है. सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने अब टीएमसी के लिए राजनीतिक रणनीति बनाने वाली आई-पैक (I-PAC) के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा भी दे दिया है. काकोली की नाराजगी सामान्य बात इसलिए नहीं है कि यह सांसदों में भगदड़ का संकेत हो सकता है. उनकी तरह और भी कई सांसद हैं, जो पार्टी नेतृत्व से नाराज हैं.

टीएमसी के एक सांसद की बातों पर भरोसा करें तो आने वाले कुछ दिनों में ममता बनर्जी को जोर का झटका लगने वाला है. लोकसभा में टीएमसी के अभी 29 सांसद हैं. लोकसभा में सर्वाधक सांसदों वाली विपक्ष की यह दूसरी पार्टी है. पर, अब यह स्थिति बदलने वाली है. भाजपा से ग्रीन सिग्नल मिला तो झटके में 20-25 लोग पाला बदल सकते हैं. कल्याण बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और अन्य एक-दो सांसदों को छोड़ कर बाकी को साथ लेने के लिए भाजपा तैयार है. चर्चा है कि अगले ही महीने भाजपा इसे मूर्त रूप दे सकती है. लोकसभा में अभी भाजपा के 240 सांसद हैं. बहुमत का आंकड़ा 272 का है. अगर टीएमसी के सांसद टूट कर भाजपा के साथ जाते हैं तो भाजपा सांसदों की लोकसभा में संख्या बहमत के आंकड़े के करीब हो सकती है. अभी केंद्र में भाजपा के ही नेतृत्व में सरकार है, लेकिन अकेले बहुमत न रहने के कारण उसे एनडीए के साथी दलों के सहारे सरकार बनानी पड़ी है.

NATIONAL : आतंकियों के निशाने पर भारतीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, ISI समर्थित गैंगस्टर ने दी धमकी, एटीएस ने पकड़े स्लीपर सेल

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पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर पाक समर्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी अब भारतीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को धमकी दे रहा है।

आईएसआई के निशाने पर खास तौर पर वह भारतीय इन्फ्लुएंसर हैं जो सोशल मीडिया पर गोरक्षा सहित हिंदुत्व का प्रचार-प्रसार करने में जुटे हैं और इन्हीं मुद्दों को लेकर पाकिस्तानी गैंगेस्टर व इन्फ्लूएंसर्स को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं।

आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने पिछली 23 अप्रैल को नोएडा से तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान और समीर खान को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपित पाकिस्तानी गैंगेस्टर शहजाद भट्टी के लिए स्लीपर सेल तैयार कर रहे थे।

इन्हें लखनऊ, दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र व बिहार में कई संवेदनशील इमारतों पर हैंड ग्रेनेड से आतंकी हमले का प्रशिक्षण दिया गया था। एटीएस को इनके मोबाइल से कई रिकॉर्डिंग मिली हैं, जिनमें ग्रुुप काल के जरिए भारतीय इन्फ्लूएंसरों को धमकी दी जा रही है।

रिकॉर्डिंग में गाजियाबाद के इन्फ्लूएंसर अभिषेक ठाकुर व दक्ष चौधरी को हैंड ग्रेनेड व राकेट लांचर के हमले से मारने की धमकी दी जा रही है। साथ ही यह धमकी भी दी जा रही है कि गर्दन काटकर शरीर में पीतल भर दूंगा।

गौरतलब है कि अभिषेक ठाकुर व दक्ष चौधरी पिछले कुछ समय से गोरक्षा व हिंदुत्व का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। हालांकि कुछ समय पहले कानून व्यवस्था भंग करने के मामले में मथुरा पुलिस ने दोनों के विरुद्ध कार्रवाई भी की थी। दोनों यू-ट्यूबरों ने पाकिस्तानी गैंगेस्टर व सोशल मीडिया इन्फ्यूएंसरों को गोरक्षा व हिंदुत्व के मुद्दे पर कई बार चुनौती भी दी है।

BIHAR : ‘SIR की प्रक्रिया में कोई खामी नहीं’, आ गया सुप्रीम कोर्ट का फैसला

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बिहार में SIR को लेकर आज ‘सुप्रीम’ फैसला आ गया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि SIR की प्रक्रिया में कोई खामी नहीं है और यह प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक है. इस फैसले के साथ ही यह भी स्पष्ट हो गया है कि चुनाव आयोग की जो शक्तियां हैं वह बरकरार हैं.

असल में याचिकाओं में पहले दावा किया गया था कि संविधान के अनुच्छेद 326, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और उसके तहत बनाए गए नियमों के तहत चुनाव आयोग को इतने बड़े स्तर पर SIR कराने का अधिकार नहीं है.

इन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने 29 जनवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था. 27 मई 2026 बुधवार को फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि SIR की प्रक्रिया पूरी तरह वैध और कानूनी है.

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