Thursday, March 19, 2026
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Sports : IPL 2026 से पहले धोनी को चेतावनी! एक्स-CSK खिलाड़ी ने कहा अब युवाओं को जिम्मेदारी देने का समय

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आईपीएल 2026 से पहले इरफान पठान ने एमएस धोनी को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब चेन्नई सुपर किंग्स में युवा खिलाड़ियों को जिम्मेदारी दी जाए और धोनी मार्गदर्शक की तरह काम करें। आईपीएल 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होने जा रही है और एक बार फिर सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले खिलाड़ी हैं एम एस धोनी. चेन्नई सुपर किंग्स के दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज को लेकर पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने बड़ा बयान दिया है. पठान का मानना है कि अब समय आ गया है जब चेन्नई की टीम में नई पीढ़ी को ज्यादा जिम्मेदारी दी जाए, जबकि धोनी का अनुभव टीम के लिए मार्गदर्शक की तरह काम कर सकता है.

पठान के मुताबिक चेन्नई सुपर किंग्स में अब धीरे-धीरे नई पीढ़ी को आगे लाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कई सालों तक धोनी ने टीम की जिम्मेदारी संभाली है, लेकिन अब युवाओं को आगे बढ़ने और टीम की कमान संभालने का मौका मिलना चाहिए. पठान ने खास तौर पर रुतुराज गायकवाड़, शिवम दुबे, डेवाल्ड ब्रेविसऔर आयुष म्हात्रे जैसे खिलाड़ियों का नाम लेते हुए कहा कि ये खिलाड़ी भविष्य में टीम की बड़ी ताकत बन सकते हैं.

हालांकि पठान ने यह भी कहा कि धोनी की मौजूदगी टीम के लिए बेहद अहम है. उनका अनुभव युवा खिलाड़ियों को बहुत कुछ सिखा सकता है. उन्होंने कहा कि जैसे ही आईपीएल का सीजन करीब आता है, धोनी पूरी तरह तैयार नजर आते हैं. उनकी फिटनेस और तैयारी देखकर लगता है कि वह एक बार फिर मैदान और ड्रेसिंग रूम दोनों जगह टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं.

पठान के मुताबिक चेन्नई सुपर किंग्स की सोच में भी अब बदलाव नजर आ रहा है. टीम अब सिर्फ अनुभवी खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं रहना चाहती, बल्कि युवा खिलाड़ियों को भी बड़े मंच पर मौका देना चाहती है. अगर युवा खिलाड़ी धोनी के अनुभव से सीखते हुए खेलेंगे, तो टीम का भविष्य और भी मजबूत हो सकता है. पठान, जो एक समय CSK का हिस्सा भी रह चुके हैं, उन्होंने आगे कहा की कागज पर यह टीम काफी रोमांचक नजर आ रही है. छक्के लगाने की क्षमता और इरादे के मामले में वो इस युवा CSK टीम की निडरता देखने के लिए तैयार है.

पठान ने इस दौरान कोलकत्ता नाइट राइडर्स की टीम को लेकर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि इस सीजन में टीम को तेज गेंदबाजों की उपलब्धता को लेकर थोड़ी चिंता हो सकती है. उन्होंने खास तौर पर मथीशा पथिराना की चोट और हर्षित राणा की गैरमौजूदगी को टीम के लिए चुनौती बताया. पठान का मानना है कि केकेआर को शुरुआती मैचों में घरेलू मैदान का फायदा मिल सकता है. टीम अपने ज्यादातर शुरुआती मुकाबले ईडन गार्डन्स में खेलेगी, जिससे खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को रणनीति बनाने में मदद मिल सकती है.

Trending : फर्जी IAS बताकर किया था गिरफ्तार, अब UPSC में चयन के मिले सबूत, पुलिस की कार्रवाई पर सवाल

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आरोपी के परिजनों ने दस्तावेज पेश करते हुए बताया कि राहुल कौशिक ने 2008 में UPSC परीक्षा पास की थी और उन्हें इंडियन पोस्टल सर्विस मिली थी. फिलहाल पुलिस ने उन्हें जमानत दे दी. उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद के नौचंदी थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है. पुलिस ने राहुल कौशिक नाम के व्यक्ति को फर्जी IAS अधिकारी बताकर गिरफ्तार किया और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका खुलासा भी कर डाला. पुलिस का दावा था कि वह खुद को IAS बताकर लोगों को धमकाता था और अधिकारियों को भी फोन कर गुमराह करता था.

लेकिन अब मामले में नया मोड़ आ गया. आरोपी के परिजनों ने दस्तावेज पेश करते हुए बताया कि राहुल कौशिक ने 2008 में UPSC परीक्षा पास की थी और उन्हें इंडियन पोस्टल सर्विस मिली थी. परिवार ने पुलिस को प्रशिक्षण की तस्वीरें, सर्टिफिकेट और UPSC रिजल्ट से जुड़ी अखबार की कटिंग भी दिखाई. इसके बाद पुलिस ने राहुल कौशिक का धारा 151 में चालान कर थाने से ही जमानत दे दी.

पुलिस अब अपना बचाव करते हुए कह रही है कि राहुल फिलहाल किसी पद पर तैनात नहीं हैं, और परिवार द्वारा दिए गए दस्तावेजों की जांच की जा रही है. इस घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. यहां बता दें कि यह मामला सोशल मीडिया पर भी काफी तूल पकड़ा था, जिसने पहले से ही पुलिस पर सवाल उठाए थे. अब परिवार के आरोपों पर पुलिस दोहरी घिरती हुई नजर आ रही है. चूंकि पुलिस सूत्रों के मुताबिक UPSC परीक्षा की भी अगर बात मानी जाए तो IAS नहीं थे राहुल कौशिक. अभी फिलहाल जांच जारी है.

खुद को IAS बताने वाले राहुल कौशिक ने भी अब इस मामले में पुलिस पर कई आरोप लगाए हैं. उनके मुताबिक पुलिस ने उन्हें बिना किसी कारण गिरफ्तार कर लिया और उनका फोन जब्त कर लिया. अब उन्होंने इस मामले में इन्साफ की गुहार लगाईं है. बहरहाल इस मामले में अब कई दावे आने बाकी है.

Technology : घर बैठे कमाना चाहते हैं पैसे? जानिए कैसे शुरू करें YouTube चैनल और कब मिलेगा मोनेटाइजेशन

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आज के डिजिटल दौर में इंटरनेट सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रहा बल्कि यह कमाई का एक बड़ा जरिया भी बन चुका है. आज के डिजिटल दौर में इंटरनेट सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रहा बल्कि यह कमाई का एक बड़ा जरिया भी बन चुका है. खासतौर पर वीडियो प्लेटफॉर्म YouTube ने लाखों लोगों को घर बैठे कमाने का मौका दिया है. अगर आपके पास कोई खास हुनर, जानकारी या दिलचस्प कंटेंट है तो आप भी अपना यूट्यूब चैनल शुरू करके अच्छी कमाई कर सकते हैं.

यूट्यूब चैनल शुरू करना बहुत मुश्किल नहीं है. सबसे पहले आपको एक Google अकाउंट की जरूरत होती है. उसी अकाउंट से आप यूट्यूब पर लॉग-इन करके अपना चैनल बना सकते हैं. चैनल बनाने के बाद आपको अपने चैनल का नाम, प्रोफाइल फोटो और डिस्क्रिप्शन सेट करना होता है. इसके बाद आप अपने पसंद के विषय पर वीडियो बनाकर अपलोड करना शुरू कर सकते हैं. कई लोग टेक्नोलॉजी, कुकिंग, एजुकेशन, ट्रैवल, गेमिंग या व्लॉग जैसे विषयों पर वीडियो बनाकर लोकप्रिय हो चुके हैं.

यूट्यूब पर सफल होने के लिए सबसे जरूरी चीज है अच्छा और उपयोगी कंटेंट. अगर आपके वीडियो लोगों के काम के हैं या उन्हें पसंद आते हैं तो धीरे-धीरे आपके चैनल पर सब्सक्राइबर और व्यूज़ बढ़ने लगते हैं. वीडियो की क्वालिटी, साफ आवाज और दिलचस्प प्रस्तुति भी काफी मायने रखती है. साथ ही नियमित रूप से वीडियो अपलोड करने से चैनल तेजी से ग्रो करने की संभावना बढ़ जाती है.

यूट्यूब पर कमाई शुरू करने के लिए चैनल का मोनेटाइजेशन ऑन होना जरूरी होता है. इसके लिए प्लेटफॉर्म की कुछ शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं. आमतौर पर किसी चैनल को कम से कम 1000 सब्सक्राइबर और पिछले 12 महीनों में 4000 घंटे का वॉच टाइम पूरा करना होता है. जब ये शर्तें पूरी हो जाती हैं तो आप यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम के लिए आवेदन कर सकते हैं. मंजूरी मिलने के बाद आपके वीडियो पर विज्ञापन दिखने लगते हैं और वहीं से कमाई शुरू होती है.

मोनेटाइजेशन के अलावा भी यूट्यूब से पैसे कमाने के कई तरीके होते हैं. कई क्रिएटर्स ब्रांड प्रमोशन, स्पॉन्सरशिप, एफिलिएट मार्केटिंग और लाइव स्ट्रीम के जरिए भी अच्छी आय प्राप्त करते हैं. अगर आप धैर्य और मेहनत के साथ लगातार अच्छा कंटेंट बनाते हैं तो यूट्यूब आपके लिए कमाई का एक मजबूत प्लेटफॉर्म बन सकता है.

World : ‘जंग का असर देशवासियों पर.’, LPG क्राइसिस को लेकर असम के सिलचर से पीएम मोदी ने क्या कहा?

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पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया की कुछ ताकतें भारत की तेजी से हो रही प्रगति को पचा नहीं पा रही हैं और कांग्रेस तेजी से उन्हीं ताकतों के हाथों की कठपुतली बनती जा रही है. असम के सिलचर में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच केंद्र सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि इसका असर देशवासियों पर कम से कम पड़े, लेकिन कांग्रेस इस स्थिति में भी देश में घबराहट फैलाने और सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रही है. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की तेजी से होती तरक्की कुछ विदेशी ताकतों और कांग्रेस को रास नहीं आ रही है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि आम नागरिकों को कम से कम मुश्किलों का सामना करना पड़े. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी गंभीर स्थिति में भी कांग्रेस जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाने में विफल रही है और देश में पैनिक पैदा करने की कोशिश कर रही है. पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया की कुछ ताकतें भारत की तेजी से हो रही प्रगति को पचा नहीं पा रही हैं और कांग्रेस तेजी से उन्हीं ताकतों के हाथों की कठपुतली बनती जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता देश को बदनाम करने के लिए लगातार प्रोपेगेंडा चला रहे हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का हर राज्य कांग्रेस को सबक सिखा रहा है और पार्टी लगातार चुनाव हार रही है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि निकट भविष्य में कांग्रेस अपनी हार के इतिहास की ‘सेंचुरी’ पूरी करने वाली है. प्रधानमंत्री ने कहा कि सड़क, रेलवे और शिक्षा से जुड़े विभिन्न विकास परियोजनाओं के माध्यम से बराक वैली को उत्तर-पूर्व के लिए एक बड़े लॉजिस्टिक्स और ट्रेड हब के रूप में विकसित किया जा रहा है. इससे इलाके के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के कई अवसर पैदा होंगे.

पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि आजादी के बाद कई दशकों तक कांग्रेस सरकारों ने उत्तर-पूर्व को दिल्ली और देश की मुख्यधारा से दूर रखा. उन्होंने कहा कि बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने उत्तर-पूर्व को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है और आज यह क्षेत्र भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का केंद्र बन गया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस तरह कांग्रेस ने उत्तर-पूर्व को नजरअंदाज किया, उसी तरह बराक घाटी को भी लंबे समय तक उपेक्षित रखा गया. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार इस स्थिति को बदलने के लिए लगातार विकास कार्य कर रही है.

उन्होंने कहा कि बीजेपी का मंत्र है कि जो क्षेत्र विकास की दौड़ में पीछे रह गए हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाए. जहां कांग्रेस सरकारें सीमा क्षेत्रों को देश का आखिरी गांव मानती थीं, वहीं बीजेपी सरकार उन्हें देश का पहला गांव मानती है. इसी सोच के तहत कछार जिले से वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के अगले चरण की शुरुआत की गई है. पीएम मोदी ने कहा कि असम सरकार ने चाय बागानों से जुड़े हजारों परिवारों को जमीन का अधिकार देकर ऐतिहासिक कदम उठाया है. उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त जारी की गई है, जिससे किसानों को आर्थिक मदद मिल रही है.

प्रधानमंत्री ने बताया कि करीब 24 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले शिलांग-सिलचर हाई स्पीड कॉरिडोर का भूमिपूजन किया गया है. उन्होंने कहा कि यह नॉर्थ-ईस्ट का पहला एक्सेस कंट्रोल हाई स्पीड कॉरिडोर होगा और इससे क्षेत्र के लोगों के दशकों पुराने इंतजार का अंत होगा. प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लंबे समय तक असम के युवाओं को हिंसा और आतंकवाद के चक्र में उलझाए रखा और ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति अपनाई. उन्होंने कहा कि आज असम के युवाओं के सामने अवसरों का नया आकाश खुल रहा है.

Life style : खाने से साथ जरूर खानी चाहिए हरी मिर्च, जानें इसके फायदे

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हरी मिर्च में मौजूद कैप्साइसिन शरीर के कुछ रिसेप्टर को सक्रिय कर देता है. जिससे शरीर ऊर्जा का उपयोग ज्यादा करने लगता है. इससे मेटाबाॅलिज्म बेहतर होने में मदद मिलती है.

भारतीय खाने में तीखापन सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं होता, बल्कि यह सेहत से भी गहराई से जुड़ा हुआ है. अक्सर लोग खाने के साथ हरी मिर्च को सिर्फ स्वाद के लिए खाते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार] रोजाना सीमित मात्रा में हरी मिर्च खाना शरीर के लिए भी फायदेमंद हो सकता है. हरी मिर्च में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर की कई जरूरी प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने में मदद करते हैं.

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार के कैप्साइसिन नाम का एक खास तत्व हरी मिर्च में पाया जाता है, यह शरीर में गर्मी पैदा करने की प्रक्रिया यानी Thermogenesis को हल्का बढ़ा देता है. आसान शब्दों में समझे तो जब हरी मिर्च खाते हैं तो शरीर को थोड़ी एक्स्ट्रा ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है, जिससे मेटाबॉलिज्म बेहतर हो सकता है. हरी मिर्च में मौजूद कैप्साइसिन शरीर के कुछ रिसेप्टर को सक्रिय कर देता है. जिससे शरीर ऊर्जा का उपयोग ज्यादा करने लगता है. इससे मेटाबाॅलिज्म बेहतर होने में मदद मिलती है. यही वजह है कि वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए भी सीमित मात्रा में हरी मिर्च का सेवन फायदेमंद माना जाता है.

हरी मिर्च विटामिन सी का अच्छा सोर्स मानी जाती है, इसमें मौजूद विटामिन सी शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करती है. इसके साथ ही यह कोलेजन के निर्माण में भी सहायक होता है जो स्किन और शरीर के कई हिस्सों के लिए जरूरी होता है. वहीं कुछ रिसर्च बताती है कि हरी मिर्च में मौजूद कैप्साइसिन शरीर में इंसुलिन के काम करने के तरीकों को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. इसे खाने के बाद अचानक ब्लड शुगर बढ़ने की संभावना कम हो सकती है.

मसालेदार और तीखा भोजन पेट में गैस्ट्रिक एंजाइम के उत्पादन को बढ़ा सकता है. इससे खाना बेहतर तरीके से पचने मदद मिलती है. वहीं हरी मिर्च पाचन प्रक्रिया को सक्रिय करने में सहायक मानी जाती है, जिससे कई लोगों को भोजन पचाने में आसानी होती है. हरी मिर्च में सिर्फ विटामिन सी ही नहीं बल्कि विटामिन ए, बी6, आयरन, पोटेशियम और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं. इसके अलावा इसमें बीटा कैरोटीन, ल्यूटिन और दूसरे पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं जो शरीर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. यह आंखों, स्किन और इम्यून सिस्टम के लिए भी मददगार हो सकती है.

एक्सपर्ट्स के अनुसार रोजाना खाने के साथ एक से दो हरी मिर्च खाना सामान्य रूप से सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है. हालांकि इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए क्योंकि ज्यादा मात्रा में तीखा खाना कुछ लोगों के लिए परेशानी भी बन सकता है.

Bollywood : राजकुमार राव और कीर्ति सुरेश की फिल्म ‘रफ्तार’ जल्दी ही रिलीज होने वाली है. इसकी अनाउंसमेंट डेट भी सामने आ गई है.

साल 2026 की शुरुआत कई बेहतरीन फिल्मों के साथ हुई है. हाल ही में ‘धुरंधर 2’ रिलीज होने वाली है, जिसका क्रेज कम होने का नाम नहीं ले रहा है. तो वहीं अब बॉलीवुड एक्टर राजकुमार राव भी अपनी नई फिल्म के साथ फैंस का एंटरटेनमेंट करने को आ रहे हैं. बिग स्क्रीन पर पहली बार राजकुमार राव और कीर्ति सुरेश की जोड़ी साथ में नजर आने वाली है.

बॉलीवुड एक्टर राजकुमार राव और साउथ की पॉपुलर एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश की आगामी फिल्म ‘रफ्तार’ की ऑफिशियल रिलीज डेट अनाउंस ह गई है. फिल्म का ऑफिशियल पोस्टर रिलजी कते हुए इसका अनाउंसमेंट किया गया है. इस पोस्ट को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, ‘महत्वकांक्षा ने इसे बनाया. लालच इसकी परीक्षा लेगा.रफ्तार 24 जुलाई को नजदीकी सिनेमाघरों में रिलीज होगी.’

अमेजन एमजीएम स्टूडियोज और ए कैम्पै फिल्म्स के बैनरतले बनने वाली इस फिल्म का निर्देशन आदित्य निम्बलकर ने किया है. इस फिल्म की प्रोड्यूसर राजकुमार की पत्नी पत्रलेखा हैं. इस फिल्म में राजकुमार राव और कीर्ति सुरेश पहली बार स्क्रीन शेयर करने जा रहे हैं. हालांकि अभी तक फिल्म से किसी का भी पहला लुक सामने नहीं आया है. पोस्ट को देख लगता है कि ये काफी इंटेंस कहानी होगी. जिसमें एक एम्बीशियस लड़का और उसको बराबरी से टक्कर देती हुई लड़की नजर आएगी. राजकुमार और कीर्ति सुरेश के अलावा फिल्म में अनुराग ठाकुर, रोहन वर्मा, तान्या मानिकतला और रजत कपूर भी साथ में नजर आने वाले हैं.

बात करें राजकुमार राव के वर्कफ्रंट की, तो एक्टर के पास इसके अलावा और भी कई प्रोजेक्ट्स हैं. राजकुमार जल्दी नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘टोस्टर’ में भी नजर आने वाले हैं. इस फिल्म में राजकुमार के साथ सान्या मल्होत्रा की जोड़ी नजर आएगी. इसके अलावा फिल्म में फराह खान, अभिषेक बनर्जी, अर्चना पूरन सिंह जैसे सितारे भी नजर आने वाले हैं.

Business : LPG संकट से डिलीवरी वर्कर्स की कमाई ठप! लाखों परिवार भूखे, गिग वर्कर्स यूनियन ने सरकार से की ये मांग

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मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण LPG सप्लाई प्रभावित होने से भारत में फूड डिलीवरी पर असर पड़ा है. ज़ोमैटो और स्विगी पर ऑर्डर 50-60% घट गए हैं. मिडिल ईस्ट युद्ध की वजह से ग्लोबल LPG सप्लाई बाधित हो गई है, जिसका सीधा असर भारत के फूड डिलीवरी और गिग वर्कर्स पर पड़ रहा है. गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन (GIPSWU) ने पुणे से जारी प्रेस रिलीज में चेतावनी दी है कि ज़ोमैटो और स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म्स पर फूड ऑर्डर 50-60 फीसदी तक गिर गए हैं. रेस्टोरेंट्स, ढाबे, क्लाउड किचन, कैटरिंग सर्विसेज और स्ट्रीट वेंडर्स कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर न मिलने से बंद हो रहे हैं या बहुत कम काम चला रहे हैं.

यूनियन के नेशनल कोऑर्डिनेटर निर्मल गोराना ने कहा, ‘हमारे सदस्य भूखे मर रहे हैं. सैकड़ों वर्कर्स ने हमसे संपर्क किया है – परिवार भोजन छोड़ रहे हैं, बच्चे भूखे सो रहे हैं. दिल्ली का एक डिलीवरी वर्कर और दो बच्चों के पिता ने बताया, ‘पहले दिन में 30 डिलीवरी होती थीं, अब 5-10 भी नहीं है. प्लेटफॉर्म अब आईडी डीएक्टिवेट करने की धमकी दे रहे हैं.’ ये संकट राइड-हेलिंग और फूड डिलीवरी दोनों को प्रभावित कर रहा है.

यूनियन का अनुमान है कि करीब एक करोड़ वर्कर्स इस मुश्किल से जूझ रहे हैं, जिसमें गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स की बड़ी संख्या शामिल है. ये लोग बिना फिक्स्ड पे या सोशल सिक्योरिटी के हैं, इसलिए कोई भी बाहरी समस्या सीधे उनके रोजगार पर भारी पड़ती है. प्लेटफॉर्म्स को ऑर्डर कम होने की सजा वर्कर्स को नहीं मिलनी चाहिए, बल्कि उन्हें संरक्षण और मुआवजा मिलना चाहिए.

गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन (GIPSWU) ने केंद्रीय श्रम मंत्री को पत्र लिखकर तुरंत कदम उठाने की मांग की है, जो इस प्रकार है:

ऑयल मिनिस्ट्री 24/7 कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई सुनिश्चित करे, ताकि फूड बिजनेस चल सकें.

ज़ोमैटो, स्विगी आदि प्लेटफॉर्म्स प्रभावित वर्कर्स को 10,000 रुपये की तत्काल राहत दें.

तीन महीने तक आईडी डीएक्टिवेशन पर रोक लगे और न्यूनतम डेली इंसेंटिव दिए जाएं.

2020 के कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी के तहत सभी गिग वर्कर्स को पूरा कवरेज मिले.

Bollywood : बर्थडे से पहले पति रणबीर कपूर और बेटी राहा संग हांगकांग में मस्ती करती दिखीं आलिया भट्ट

अपने जन्मदिन से पहले आलिया भट्ट इन दिनों रणबीर और बेटी राहा के साथ हांगकांग में छुट्टी मानते नजर आईं. पार्क से उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें सभी मस्ती करते दिखे. 15 मार्च 2026 को बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट अपना 33वां जन्मदिन सेलिब्रेट करने जा रही है. इसी बीच हाल ही में उन्हें अपने पति रणबीर कपूर और बेटी राहा के साथ हांगकांग में छुट्टी मनाते देखा गया है.

जन्मदिन से पहले तीनों पार्क में एक साथ टाइम स्पेंड करते नजर आ रहे है. सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो में रणबीर, आलिया और राहा का मस्तीभरा अंदाज साफ देखा जा रहा है, जिसे फैंस बहुत पसंद कर रहे हैं.

इस ट्रिप में आलिया भट्ट ने कैजुअल लुक अपनाया था और हूडी के ऊपर विंटर जैकेट पहनी थी. वहीं रणबीर कपूर डेनिम आउटफिट और सनग्लासेस में नजर आए. साथ ही बेटी राहा अपने रेड ट्रैकसूट में बहुत प्यारी लग रही थी और आलिया-रणबीर का हाथ पकड़कर पार्क में घूमती दिखी. एक वीडियो में तीनों हाथ में हाथ डालकर रंग-बिरंगी सीढ़ियों पर चढ़ते और पार्क में खेलते नजर आए. बॉलीवुड में कपल्स अक्सर अपने जन्मदिन पर छोटे और फैमिली वेकेशन्स पर जाते रहते हैं और अपने उस दिन को खास बनाते हैं.

वर्क फ्रंट की बात करें, तो रणबीर और आलिया संजय लीला भंसाली की आने वाली फिल्म ‘लव एंड वॉर’ की शूटिंग कर रहे हैं, जिसमें विक्की कौशल भी लीड रोल में हैं. इसके अलावा, रणबीर ने ‘रामायण पार्ट 2’ की शूटिंग भी शुरू कर दी है, जिसका पहला पार्ट दिवाली 2026 को और दूसरा पार्ट दिवाली 2027 में रिलीज होने वाला है. वहीं आलिया अपनी फिल्म ‘अल्फा’ की रिलीज का इंतजार कर रही हैं. इस स्पाई एक्शन फिल्म में वो बॉबी देओल के साथ नजर आएंगी, जो 10 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. दोनों सितारे अपने बिजी शेड्यूल के बीच भी परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताकर अपने खास दिनों को यादगार बना रहे हैं, जो फैंस के बीच वायरल हो रहा है.

Technology : इंस्टाग्राम पर भूलकर भी न करें मैसेज, यह प्राइवेसी फीचर हो रहा है बंद, प्राइवेट नहीं रहेगी आपकी चैट

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इंस्टाग्राम पर अब चैटिंग करना प्राइवेट नहीं रहेगा. इंस्टाग्राम मई से एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन हटा रही है, जिसके बाद आपकी चैट को मेटा भी एक्सेस कर पाएगी. अगर आप इंस्टाग्राम पर चैटिंग करते हैं तो आपके लिए बड़ी अपडेट है. इस साल मई के बाद इंस्टाग्राम पर चैटिंग करना अभी जितना सुरक्षित नहीं रहेगा. इसकी वजह है कि कंपनी ने इस प्लेटफॉर्म से एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन हटाने का फैसला किया है. मेटा ने कहा कि वह 8 मई, 2026 के बाद मैसेजेज के लिए एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन प्रोटेक्शन नहीं देगी. कंपनी ने ऐप में नोटिस भेजकर यूजर्स को इस बारे में जानकारी देना शुरू कर दिया है.

एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन खत्म होने का मतलब है कि इंस्टाग्राम पर आपके मैसेज प्राइवेट नहीं रहेंगे. इन्हें मेटा एक्सेस कर पाएगी. यानी अगर आप इंस्टाग्राम पर किसी से चैटिंग करेंगे तो आपके और सामने वाले यूजर्स के अलावा मेटा भी इस चैट को पढ़ सकती है. इंस्टाग्राम ने दिसंबर, 2023 में मैसेज पर एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन प्रोटेक्शन देना शुरू किया था और अब तीन साल से भी कम समय के बाद इसे बंद किया जा रहा है.

मेटा ने कहा है कि अगर किसी यूजर्स को लगता है कि इस बदलाव से उसकी चैटिंग पर असर पड़ेगा तो उनके लिए जल्द ही नए निर्देश आने वाले हैं. इनमें बताया जाएगा कि यूजर कैसे अपने चैटिंग डेटा को डाउनलोड कर पाएंगे. कंपनी चैटिंग के साथ-साथ मीडिया को भी डाउनलोड करने का ऑप्शन देगी.

मेटा की तरफ से ऑफिशियली अभी इस बदलाव के कारणों को लेकर कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन माना जा रहा है कि इंटरनेट पर चाइल्ड सेक्शुअल अब्यूज मैटेरियल (CSAM) को लेकर बढ़ती चिंता के कारण यह फीचर बंद किया जा रहा है. एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन बंद कर देने से इंस्टाग्राम मैसेज और कॉल को स्कैन कर पाएगी और CSAM और दूसरे आपत्तिजनक कंटेट का पता लगा सकेगी. गौरतलब है कि यूरोपीय यूनियन समेत कई देशों की सरकारें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर CSAM और दूसरे आपत्तिजनक कंटेट को डिटेक्ट कर डिलीट करने का दबाव डाल रही हैं.

General knowledge : बड़े जहाजों में किस ईंधन का होता है इस्तेमाल, जानें आम फ्यूल से कितना होता है यह अलग

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बड़े जहाजों में इस्तेमाल होने वाला ईंधन आम ईंधन से अलग होता है. आइए जानते हैं क्या है दोनों के बीच फर्क. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने कई व्यापारिक जहाजों पर हमलों की रिपोर्ट के बाद वैश्विक समुद्री व्यापार को लेकर चिंताओं को बढ़ा दिया है. बीते कुछ दिनों में ईरान और दूसरी शक्तियों से जुड़े क्षेत्रीय संघर्ष के बीच कथित तौर पर लगभग 18 मालवाहक जहाजों को हमलों या नुकसान का सामना करना पड़ा है. इन घटनाओं ने इस बात पर रोशनी डाली है कि व्यापार के लिए वैश्विक शिपिंग मार्ग कितना जरूरी है. इसी बीच आइए जानते हैं कि बड़े जहाज किस ईंधन का इस्तेमाल करते हैं और यह आम फ्यूल से कितना अलग होता है.

ज्यादातर बड़े मालवाहक जहाज हैवी फ्यूल ऑयल का इस्तेमाल करते हैं. इसे आमतौर पर बंकर ईंधन के रूप में जाना जाता है. यह ईंधन कच्चे तेल को रिफाइन करने के बाद बचा हुआ सबसे गाढ़ा और भारी अवशेष होता है. जब किसी रिफाइनरी में कच्चे तेल को संसाधित किया जाता है तो पेट्रोल, डीजल और विमानन ईंधन जैसे हल्के उत्पाद पहले निकाले जाते हैं. नीचे बचा हुआ गाढ़ा और भारी पदार्थ हैवी फ्यूल ऑयल में बदल दिया जाता है. ज्यादातर इसका इस्तेमाल बड़े समुद्री इंजनों में किया जाता है.

हैवी फ्यूल ऑयल और सामान्य ईंधनों के बीच एक बड़ा अंतर उनकी विस्कोसिटी है. पेट्रोल और डीजल पतले तरल पदार्थ होते हैं जो कमरे के तापमान पर आसानी से बहते हैं. हालांकि हैवी फ्यूल ऑयल काफी ज्यादा गाढ़ा होता है. अक्सर यह तारकोल या फिर डामर जैसा दिखता है. इस वजह से यह कमरे के तापमान पर सामान्य रूप से नहीं बह सकता. इसे जहाज के टैंकों के अंदर लगभग 100° C-120°C तक गर्म करना पड़ता है. ताकि यह इंजनों में पंप किए जाने लायक पर्याप्त तरल बन सके.

हैवी फ्यूल ऑयल को अक्सर कच्चे तेल की रिफायनिंग का एक वेस्ट उत्पाद बताया जाता है. पेट्रोल और डीजल जैसे ज्यादा मूल्य वाले ईंधन निकालने के बाद, बचे हुए पदार्थ को बंकर ईंधन में बदल दिया जाता है. क्योंकि यह रिफायनिंग प्रक्रिया के सबसे निचले हिस्से से आता है. इस वजह से इसमें सल्फर, वैनेडियम और निकेल जैसी भारी धातुओं और बाकी अशुद्धियों का उच्च स्तर होता है. इंजन के अंदर भारी ईंधन तेल जलाने से पहले जहाज पर ही उसे शुद्ध करने की प्रक्रिया की जाती है. जहाज ईंधन से पानी, रेत और धातु के कणों को निकालने के लिए सेंट्रीफ्यूज या प्यूरीफायर नाम की खास मशीनों का इस्तेमाल करते हैं.

भारी ईंधन तेल में मौजूद सल्फर की मात्रा की वजह से होने वाले भारी प्रदूषण के लिए इसकी लंबे समय से आलोचना हो रही है. पहले बंकर ईंधन में लगभग 3.5% तक सल्फर हो सकता था. इससे जहाजों से होने वाले वायु प्रदूषण में काफी योगदान मिलता था. इस समस्या को हल करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन ने IMO 2020 सल्फर कैप नाम का कड़ा नियम लागू किया. इन नियमों के तहत जहाज को काफी कम सल्फर वाला ईंधन तेल इस्तेमाल करना जरूरी है. इसमें सल्फर की मात्रा 0.5% तक सीमित होनी चाहिए.

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