Friday, March 20, 2026
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Bollywood : ‘कुछ लोग वेश्यावृत्ति.’ तनुश्री दत्ता ने खोली बॉलीवुड इंडस्ट्री की पोल, बोलीं-‘ये कहानियां कभी बाहर नहीं आतीं’

तनुश्री दत्ता को उनके बेबाक अंदाज और बयान के लिए जाना जाता है. बेशक काफी सालों से तनुश्री किसी फिल्म में नजर नहीं आई हैं. लेकिन, अक्सर बॉलीवुड की पोल खोलती दिखाई देती हैं. तुनश्री दत्ता ने अपने लेटेस्ट इंटरव्यू में एक बार फिर से बॉलीवुड के काले राज से पर्दा उठाया है. साथ ही ग्लैमरस वर्ल्ड में एंट्री करने वाले लड़के और लड़कियों को आंख बंद कर किसी पर भी भरोसा ना करने के लिए कहा है. उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री में कैसे शोषण किया जाता है और मौके का फायदा उठाया जाता है.

मेरी सहेली पॉडकास्ट में तनुश्री दत्ता ने कहा कि इंडस्ट्री के लोग नए कलाकारों की झूठी तारीफ करते हैं और उन्हें लालच में फंसा लेते हैं. तनुश्री ने बताया,’ जिन्हें आपका फायदा उठाना होगा वो कहेंगे आप हैंडसम हैं, ब्यूटी है, ये सब कहकर चढ़ा देते हैं. प्रतिभा है या नहीं, ये नहीं जानते. सबको कोई न कोई तारीफ देने वाली मिल ही जाता है-आप तो हीरोइन बनोगे, आप तो ये बनोगे.’ तनुश्री ने अपनी बातों को जारी रखते हुए कहा,’चार लोग आपकर आपकी तारीफ कर देंगे और फिर चार लोग आपको बहकाने भी आ जाएंगे. पहले चढ़ाते हैं, फिर बोलते हैं इनसे मिल लो, वहां मिल लो. आपतो बहुत संयम से रहना पड़ता है.’

तनुश्री दत्ता ने आगे कहा कि पेरेंट्स अपने बच्चों को कहते हैं कि अजनबियों से सावधान रहें. लेकिन, बड़े होकर वो ऐसा कुछ नहीं करते हैं. एक्ट्रेस ने कहा,’बचपन में पेरेंट्स ने किया सिखाया, अजनबियों के साथ नहीं जाना. अगर कोई चॉकलेट दिखाए तो क्या आप उसके साथ चले जाओगे. यहां चॉकलेट चॉकलेट नहीं होती. यहां अलग तरह का चॉकलेट होता है. लोग आपकी महत्वाकांक्षा, आशाओं और इच्छाओं का इस्तेमाल करते हैं, उनसे खेलते हैं.’

तनुश्री ने कहा,’मैं आज ये सब इसलिए बोल रही हूं क्योंकि अगर मुझे प्लेटफॉर्म मिला है और अगर मैं चार भी जिंदगी बचा लूं, तो वो मेरे लिए बहुत है. बहुत सारे लड़के और लड़कियां यहां आते हैं. उन्हें इस्तेमाल किया जाता है और दुर्व्यवहार होता है और फिर सचमुच वो फेंक दिए जाते हैं.’

तनुश्री ने आगे कहा,’कुछ लोग वेश्यावृत्ति में चले जाते हैं क्योंकि इतना दुर्व्यवहार हो चुका होता है कि लोग उन्हें धंधे में डाल देते हैं. कुछ लोग इतने डैमेज हो जाते हैं कि वो अपने शहर वापस चले जाते हैं.’ एक्ट्रेस ने कहा कि ये कहानियां बाहर नहीं आतीं, क्योंकि इंडस्ट्री केवल सफलता की कहानियों को ही सामने पेश करता है.

Panjab news : LPG संकट के बीच पंजाब में कटे 10 हजार बिजली के कनेक्शन, विभाग ने डिफॉल्टरों से वसूले 249 करोड़

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पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन (PSPCL) ने चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हंस की अगुवाई में डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बकाया बिल वसूली और कनेक्शन काटने की पहल की.

एलपीजी संकट के बीच पंजाब वासियों में इस समय बिजली विभाग की कार्रवाई को लेकर हलचल मची हुई है. पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन (PSPCL) के सेंट्रल जोन के चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हंस की अगुवाई में विभाग ने डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. मार्च महीने के पहले 10 दिनों में ही विभाग ने 1,14,916 उपभोक्ताओं के खिलाफ एक्शन लेते हुए 249.05 करोड़ रुपये की जबरदस्त रिकवरी करके एक नया रिकॉर्ड कायम किया है.

विभाग की कार्रवाई का असर शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में दिखा. शहर की 9 डिवीजनों- सुंदर नगर, सी. एम. सी., सिटी सेंटर, फोकल पॉइंट, जनता नगर, सिटी वेस्ट, अगर-नगर, मॉडल टाउन और एस्टेट डिवीजन—में कड़ी कार्रवाई की गई. इसके अलावा अड्डा दाख़ा, मुल्लांपुर, जगराओं, रायकोट, ललतों, मंडी अहमदगढ़, खन्ना, दोराहा, सरहिंद और अमलोह जैसे सब-अर्बन इलाकों में भी टीम ने डिफॉल्टरों के खिलाफ अभियान चलाया. 1 से 10 मार्च के दौरान लगभग 10,000 डिफॉल्टरों के कनेक्शन काटे गए, जबकि बाकी उपभोक्ताओं से बकाया राशि वसूली गई. कार्रवाई के दौरान देखा गया कि कई उपभोक्ता सिफारिशें या किश्तों में बिल भरने के बहाने बनाकर कार्रवाई को रोकने की कोशिश करते थे.

इस अभियान के पीछे चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हंस का नेतृत्व था, जिसमें ईस्ट सर्कल के डिप्टी चीफ इंजीनियर सुरजीत सिंह और वेस्ट सर्कल के डिप्टी चीफ इंजीनियर कुलविंदर सिंह शामिल थे. उन्होंने एस. डी. ओज़ के माध्यम से लुधियाना जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में आक्रामक तेवर अपनाए. चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हंस ने कहा कि विभाग ने पहले किश्तों की सुविधा भी दी थी. उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि कोई भी परेशानी से बचने के लिए खुद आगे आएं और अपने बकाया बिल जमा करवाएं.

Top news : UP SI EXAM की पहली शिफ्ट का पेपर लीक?

उत्तर प्रदेश में सब इंस्पेक्टर पदों पर सीधी भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा का पेपर लीक होने की खबरें सुर्खियों में बनी हुई है. जिसके बाद इस विवाद पर भर्ती बोर्ड ने सफ़ाई दी है. उत्तर प्रदेश में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा की पहली शिफ्ट का पेपर लीक होने की खबरों से हड़कंप मच गया है. इस मामले में भर्ती बोर्ड की ओर से लखनऊ के हुसैनगंज थाने शिकायत दर्ज कराई गई है. वहीं इस पूरे मामले पर अब उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड का भी जवाब आया है. बोर्ड ने पेपर लीक होने की खबरों को भ्रामक बताया है.

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर पेपर लीक की खबरों का खंडन करते हुए सच्चाई बताई और तमाम बातों को निराधार, ग़लत और झूठा बताया। बोर्ड ने कहा- ‘उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा भर्ती परीक्षा में शुचिता बनाए रखने के लिए तथा पेपर लीक की भ्रामक सूचनाओं, पेपर क्रय -विक्रय, परीक्षा में नकल, साल्वर गैंग अथवा अन्य किसी भी अवांछनीय गतिविधि के संबंध में अनवरत निगरानी रखी जा रही है. प्रकाश में आया कि UP SI EXAM_14 March 2026_Shift-1 के रूप में भ्रामक प्रश्न पत्र विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रसारित किये जा रहे हैं जो पूर्णतः भ्रामक ,झूठे व निराधार हैं. पेपर लीक की निराधार सूचानाओं के प्रति भर्ती बोर्ड विभिन्न एजेंसियों के सहयोग से कठोरतम वैधानिक कदम तत्परता से उठा रहा है.

पुनः बोर्ड चेतावनी देता है कि ऐसे आपराधिक कृत्यों के न सहयोगी बनें ना इनके झांसे में आएं. बोर्ड द्वारा पेपर लीक की भ्रामक सूचनाओं से सम्बन्धित एफआईआर दर्ज कराने की कार्यवाही निरंतर प्रक्रिया में है. परीक्षा की शुचिता बनाए रखने में किसी भी प्रकार का उल्लंघन करने पर सम्बन्धित व्यक्ति के विरूद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी. ‘

बोर्ड ने एक और पोस्ट में कहा कि ‘उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड यह पुष्टि करता है कि यह एक भ्रामक प्रश्नपत्र है जिसे विभिन्न प्लेटफार्मों से वायरल किया जा रहा है. इस प्रकार कोई प्रश्न पत्र आयोजित उपनिरीक्षक परीक्षा से सम्बंधित नहीं है. इसे वायरल करने वाले विभिन्न प्लेटफॉर्म और व्यक्तियों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है. कृपया ऐसे भ्रामक सूचनाओं के झांसे में न आएं.’

बता दें कि यूपी एसआई और समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती 2025 की लिखित परीक्षा आज 14 और 15 मार्च को कराई जा रही है. इससे पहले परीक्षा का प्रश्न पत्र बेचने का झांसा देकर ठगी का मामला आया है. टेलीग्राम पर पेपर देने का मैसेज भी वायरल हो रहा है, जिसके बाद बोर्ड ने इस संबंध में लखनऊ में केस दर्ज कराया है. पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है.

Telangana news : जंग के बीच गैस की किल्लत, इधर LPG फिलिंग सेंटर वाले कर रहे खेल, 40 सिलिंडर जब्त

तेलंगाना के सूर्यापेट में पुलिस ने अवैध LPG गैस फिलिंग सेंटर पर छापा मारकर 40 सिलिंडर और गैस भरने के उपकरण जब्त किए गए हैं. इस बीच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. तेलंगाना के सूर्यापेट जिले में पुलिस ने अवैध LPG गैस फिलिंग सेंटरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की. इस अभियान में पुलिस ने 20 कमर्शियल और 20 डोमेस्टिक सिलिंडर जब्त किए, साथ ही गैस भरने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी अपने कब्जे में ले लिए. इस पूरी कार्रवाई ने जिले में चल रहे एक बड़े अवैध गैस कारोबार का पर्दाफाश किया है.

पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी एक सुनियोजित तरीके से इस धंधे को अंजाम दे रहे थे. वे डोमेस्टिक यानी घरेलू गैस सिलिंडरों से गैस निकालकर उसे कमर्शियल सिलिंडरों में भरते थे. घरेलू उपयोग के लिए सरकार की तरफ से सब्सिडी पर उपलब्ध कराई गई गैस को इस प्रकार कमर्शियल कामों के लिए इस्तेमाल करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह आम जनता के साथ सीधा धोखा भी है. इस अवैध तरीके से भरे गए कमर्शियल सिलिंडरों को बाजार में ऊंची कीमतों पर बेचा जाता था, जिससे आरोपी मोटा मुनाफा कमा रहे थे.

इस पूरे मामले में जो सबसे चिंताजनक पहलू सामने आया है, वह यह है कि इस तरह की गैर-कानूनी फिलिंग प्रोसेस बेहद खतरनाक होती है. बिना सही तकनीकी उपकरणों और सुरक्षा मानकों के एक सिलिंडर से दूसरे सिलिंडर में गैस भरना कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है. ऐसे अवैध केंद्रों के आसपास रहने वाले लोगों की जान हमेशा खतरे में रहती है. पुलिस ने इस संवेदनशील पहलू को ध्यान में रखते हुए तत्काल कार्रवाई की और इन केंद्रों को बंद कराया.

पुलिस ने इस मामले में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ विधिवत मामला दर्ज कर लिया है. आरोपियों पर एलपीजी नियंत्रण आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के अवैध गैस कारोबार की शिकायतें कुछ समय से मिल रही थीं, जिसके बाद गुप्त सूचना के आधार पर यह छापेमारी की गई. जिला पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि उनके आसपास इस तरह की किसी अवैध गतिविधि की जानकारी हो, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.

National : खर्ग द्वीप दहला! ट्रंप का दावा- ईरान के सभी सैन्य ठिकाने मिटाए

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खारग द्वीप पर जोरदार बमबारी की है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खर्ग द्वीप पर जोरदार बमबारी की है. ट्रंप के मुताबिक इस हमले में द्वीप पर मौजूद सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है. हालांकि उन्होंने फिलहाल वहां मौजूद तेल के ढांचे को निशाना नहीं बनाया है, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी है कि जरूरत पड़ने पर उस पर भी हमला किया जा सकता है.

ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खर्ग द्वीप पर बड़ा हवाई हमला किया है. उन्होंने दावा किया कि इस हमले में द्वीप पर मौजूद हर सैन्य ठिकाना पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है. फारस की खाड़ी में स्थित खर्ग द्वीप को ईरान की तेल अर्थव्यवस्था का दिल माना जाता है. यह द्वीप ईरान के तट से करीब 25 से 30 किलोमीटर दूर है और यहीं से ईरान का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल दुनिया के अलग अलग देशों में भेजा जाता है. अब ट्रंप ने इस हमले का वीडियो भी जारी किया है. ट्रंप ने शुक्रवार देर रात (अमेरिकी समय के अनुसार) अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने मध्य पूर्व के इतिहास की सबसे ताकतवर बमबारी में से एक को अंजाम दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान के “क्राउन ज्वेल” कहे जाने वाले खर्ग द्वीप पर मौजूद सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है.

ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि उन्होंने फिलहाल द्वीप के तेल से जुड़े ढांचे को नष्ट नहीं करने का फैसला किया है. लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान या कोई और देश होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में किसी भी तरह की रुकावट डालता है, तो वह तुरंत अपने फैसले पर दोबारा विचार करेंगे. ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के पास ऐसी कोई ताकत नहीं है जो उस चीज की रक्षा कर सके, जिस पर अमेरिका हमला करना चाहे.

14 दिनों से चल रहे इस युद्ध में पहली बार खर्ग द्वीप को निशाना बनाया गया है. इससे पहले अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों, मिसाइल बेस और परमाणु सुविधाओं पर हमले किए थे, लेकिन इस द्वीप को नहीं छुआ गया था. इसी हफ्ते एक्सियोस की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि ट्रंप प्रशासन इस द्वीप को लेकर सैन्य योजना पर विचार कर रहा है. इसमें खर्ग द्वीप पर कब्जा करने का विकल्प भी शामिल बताया गया था. खर्ग द्वीप पर हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी सेना ने 2500 अतिरिक्त सैनिकों और एक एम्फीबियस असॉल्ट शिप को मध्य पूर्व भेजने का आदेश दिया है. जेपी मॉर्गन की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार खर्ग द्वीप ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यहां सीधे हमला होता है तो ईरान के कच्चे तेल के निर्यात का बड़ा हिस्सा तुरंत रुक सकता है.

दरअसल ईरान का करीब 90 प्रतिशत तेल इसी द्वीप से जहाजों में भरकर दूसरे देशों को भेजा जाता है. ऐसे में अगर यहां मौजूद ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया गया तो ईरान की तेल से होने वाली बड़ी कमाई एक झटके में रुक सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर खर्ग द्वीप पर मौजूद ईरानी तेल सुविधाओं को निशाना बनाया गया तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं. इसके जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य या खाड़ी देशों में ऊर्जा से जुड़े ठिकानों पर बड़े हमले हो सकते हैं. एक दिन पहले ही ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी थी कि अगर उसके ऊर्जा ढांचे पर जरा सा भी हमला हुआ तो वह पूरे क्षेत्र में तेल और गैस के ढांचों को आग के हवाले कर सकता है.

Bhakti news : महाकाल के दर्शन 14 मार्च 2026 : शनिवार की सुबह करें महाकाल आरती के दिव्य दर्शन! जानें उज्जैन ज्योतिर्लिंग का महत्व?

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ब्रह्मांड के मालिक महाकाल के दर्शन मात्र से सब सही होने लगता है. उनका दर्शन किसी आध्यात्मिक अनुभव से कम नहीं है. देखिए आज 14 मार्च की उनकी आरती जो मन को शांति से भर देगा. मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग है, जहां हर रोज होने वाली आरती का खास आध्यात्मिक महत्व है. 14 मार्च 2026 शनिवार का दिन महाकाल की दिव्य आरती के दर्शन श्रद्धालु घर बैठे लाइव प्रसारण के जरिए देख सकते हैं.

शनिवार का दिन भगवान शिव की उपासना और शनि देव की पूजा के लिए काफी शुभ माना जाता है, जिस वजह इस दिन महाकाल आरती का महत्व और अधिक बढ़ जाता है. श्रद्धालु भगवान महाकाल की आरती का लाइव प्रसारण मंदिर के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर देख सकते हैं. रोजाना सुबह होने वाली सुप्रसिद्ध भस्म आरती से लेकर शाम की आरती तक का लुफ्त उठा सकते हैं.

लाइव प्रसारण के जरिए से भक्त अपने घर से ही बाबा महाकाल की पूजा-अर्चना और आरती में भावनात्मक रूप से शामिल हो सकते हैं. उज्जैन के महाकाल मंदिर में होने वाली आरती का खास महत्व होता है. सबसे पहले भगवान शिव का अभिषेक किया जाता है, इसके बाद मंदिर के पुजारी मंत्रोच्चार और वैदिक विधि से उनकी आरती की जाती है. आरती के दौरान मंदिर परिसर में गूंजने वाले शंख, घंटा और डमरू की ध्वनि वातावरण को शुद्ध और पवित्र कर देती है.

शनिवार के दिन भगवान शिव की पूजा करने से बाधा दूर होने के साथ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है. इसलिए जो श्रद्धालु उज्जैन नहीं पहुंच पाते हैं, वे महाकाल की लाइव आरती में शामिल होकर भी इसका लाभ ले सकते हैं. महाकाल की आरती का यह लाइव दर्शन श्रद्धालुओं को भगवान शिव के प्रति आत्मिक जुड़ाव का अनुभव कराता है, जहां वे अपनी श्रद्धा और आस्था के जरिए बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं.

बाबा महाकाल आरती
जय महाकाल जय महाकाल,
जय महाकाल जय महाकाल।

जय शिव ओंकारा, ओम जय शिव ओंकारा,
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, अर्द्धांगी धारा।

एकानन चतुरानन पंचानन राजे,
हंसासन गरुड़ासन वृषवाहन साजे।

दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे,
तीनों रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे।

अक्षमाला वनमाला मुंडमाला धारी,
चंदन मृगमद सोहे भाले शशिधारी।

श्वेतांबर पीतांबर बाघंबर अंगे,
सनकादिक ब्रह्मादिक भूतादिक संगे।

कर में त्रिशूल चक्र खड्ग परशु धारी,
जगकर्ता जगभर्ता जगपालनकारी।

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका,
प्रणवाक्षर के मध्ये ये तीनों एका।

लक्ष्मी व सावित्री पार्वती संगा,
पार्वती अर्द्धांगी शिवलहरी गंगा।

ENTERTAINMENT : मोनालिसा को झोपड़ी से निकालकर स्टार बनाया, बोले डायरेक्टर, चढ़ा 9 करोड़ का कर्ज

मोनालिसा और फरमान खान के शादी करने पर डायरेक्टर सनोज मिश्रा का बयान सामने आया है. उन्होंने साफ कहा कि वो मोनालिसा को अपनी फिल्म मे लेकर पछता रहे हैं. उनकी फिल्म इस इंटरफेथ मैरिज के बाद अधर में लटक गई है.

महाकुंभ गर्ल मोनालिसा की इंटरफेथ मैरिज पर बवाल खत्म नहीं हो रहा है. डायरेक्टर सनोज मिश्रा की मूवी ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ से वो एक्टिंग डेब्यू कर रही थीं. लेकिन फिल्म रिलीज से पहले जिस तरह मोनालिसा ने मुस्लिम बॉयफ्रेंड संग शादी की, उससे सनोज हिल गए हैं. उनके मुताबिक, उनकी फिल्म को रोकने की ये सोची समझी साजिश है.

न्यूज 18 संग इंटरव्यू में सनोज मिश्रा का दर्द छलका है. वो कहते हैं- मोनालिसा लव जिहाद का शिकार इसलिए हुई है क्योंकि वो महाकुंभ से आई थी. एक संगठन है PFI, जो हमारे यहां काम कर रहा है, वो ऐसी चीजों के लिए फंडिंग करते हैं. उनका काम है छोटे शहर की लड़कियां जो हिंदू धर्म में आगे बढ़ती हैं, ये लोग उनके पीछे पड़ जाते हैं. फरमान भी PFI से जुड़ा हुआ है. अगर जांच होगी तो ये बात सामने आ जाएगी. दिक्कत ये है कि मोनालिसा और उसका परिवार मासूम है. वो भोले भाले लोग हैं. वो समझ ही नहीं पाए कि उके साथ क्या हो रहा है. 5-6 महीनों में जो चीजें बदली, उसमें ये हुआ कि मोनालिसा को मुझसे अलग किया गया. परिवार को मुझसे दूर रखा गया, ताकि वो अपने काम को अच्छे से अंजाम दे पाएं. मुझसे चीजें छिपाई जाती थीं. मुझे नहीं पता था कि वो केरल या कहां जा रहे हैं.

सनोज ने बताया कि उनकी फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ धर्मांतरण पर ही आधारित है. इसलिए उन्हें टारगेट किया जा रहा है. वो कहते हैं- मैं इस फिल्म के लिए जेल गया. अपमानित हुआ. साढ़े 9 करोड़ का मुझ पर कर्ज है. जिसका मैं ब्याज भर रहा हूं. मेरी 2 साल की तपस्या धूमिल हो गई. मेरी फिल्म कंप्लीट हो गई है. बस एक गाना शूट होने को बाकी है. लेकिन अब मैं मोनालिसा संग कभी काम नहीं करना चाहूंगा. मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा गलत फैसला मोनालिसा को फिल्म में लेना था. मैंने उसे बेटी कहता था. इस पर अब मुझे शर्म आ रही है. वो अनपढ़ है. जंगल में रहने वाली लड़की है. उसे बहकाना दुनिया में सबसे आसान है. मोनालिसा को देखकर अब बाकी लड़कियां भी ऐसे ही किसी मुस्लिम के साथ शादी करेंगी. सनोज ने बताया कि उन्हें नहीं पता अब उनकी मूवी कब आएगी. सब खत्म हो गया है. उन्हें नहीं लगता उनकी मूवी को कोई डिस्ट्रीब्यूटर मिलेगा. जानबूझकर रिलीज से पहले ये इंटरफेथ मैरिज की गई.

सनोज ने बताया कि उन्होंने अभी तक मोनालिसा की ट्रेनिंग, उसे इंदौर से ग्लैमर की दुनिया में लाने, फिल्म बनाने, उसे ग्रूम करने में कुल साढ़े 9 करोड़ खर्च किए है. मोनालिसा काम को लेकर कभी इतनी सीरियस नहीं थी. उससे काम कराने में काफी मशक्कत हुई थी. वो बस हंसती रहती थी. मैं उसे लेकर फंस गया था. ऐसे मंझधार में फंस गया था, कुछ कर नहीं सकता था. मेरा उसके साथ कोई स्वार्थ नहीं था. मैंने तो बस पैसे खर्च करता था.

SPORTS : PAK क्रिकेटर अबरार अहमद को खरीदने पर काव्या मारन घिरीं, बवाल के बीच BCCI ने तोड़ी चुप्पी

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लंदन में द हंड्रेड (The Hundred 2026) ऑक्शन में सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को 1.90 लाख पाउंड (करीब 2.34 करोड़ रुपये) में खरीदा. भारतीय फैन्स ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए काव्या मारन को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया. विवाद बढ़ने पर BCCI का बयान भी आ गया है.

लंदन में द हंड्रेड (The Hundred 2026) की पहली पुरुष खिलाड़ियों की नीलामी के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद (Abrar Ahmed) को काव्या मारन के स्वाम‍ित्व वाली फ्रेंचाइजी सराइइजर्स लीड्स (Sunrisers Leeds) ने खरीद लिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर भारतीय फैन्स का गुस्सा फूट पड़ा है.

इस फ्रेंचाइजी की कमान उद्योगपति कलान‍िध‍ि मारन (Kalanithi Maran) के सन ग्रुप के पास है और टीम की सीईओ उनकी बेटी काव्या मारन (Kavya Maran) हैं. IPL में सनराइजर्स हैदराबाद की CEO भी काव्या ही हैं. पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने के फैसले के बाद सोशल मीड‍िया पर काव्या मारन को निशाने पर ले लिया गया और सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना हुई.

पाकिस्तान के लेग स्पिनर अबरार अहमद का बेस प्राइस करीब 92.5 लाख रुपये था, लेकिन नीलामी में उन्हें खरीदने के लिए सनराइजर्स लीड्स और ट्रेंट रॉकेट्स ( Trent Rockets) के बीच लंबी बोली लगी.

आखिरकार सनराइजर्स ने £190,000 (करीब 2.34 करोड़ रुपये) में उन्हें अपनी टीम में शामिल कर लिया.अबरार अहमद इस तरह किसी भारतीय स्वामित्व वाली टीम के लिए द हंड्रेड में खेलने वाले पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी बन गए.

विवाद बढ़ने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है. BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने साफ कहा कि यह मामला बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता. उन्होंने कहा-यह हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है. यह विदेशी लीग का मामला है और उसी लीग को इस पर फैसला लेना होगा. इसमें BCCI कुछ नहीं कर सकता.

विवाद के बीच टीम के हेड कोच डेन‍ियल व‍िटोरी ने भी इस फैसले पर सफाई दी. उन्होंने बताया कि टीम की पहली पसंद इंग्लैंड के स्टार स्पिनर आद‍िल रशीद थे. लेकिन ऑक्शन में उन्हें साउदर्न ब्रेव ने खरीद लिया. इसके बाद सनराइजर्स लीड्स ने विदेशी स्पिनर के विकल्पों पर ध्यान दिया और आखिरकार अबरार अहमद को टीम में शामिल किया.

विटोरी ने कहा कि टीम की रणनीति शुरू से ही एक प्रमुख स्पिनर लेने की थी. उन्होंने बताया कि टीम के पास चार-पांच विकल्प थे, जिनमें बांग्लादेश के र‍िशाद हुसैन, पाकिस्तान के उस्मान तार‍िक और अबरार अहमद शामिल थे.अबरार अहमद को खरीदने के बाद भारत में सोशल मीडिया पर काफी नाराजगी देखने को मिली. इसी बीच सनराइजर्स लीड्स का आधिकारिक X (एक्स) अकाउंट भी सस्पेंड हो गया, जिससे विवाद और बढ़ गया. हालांकि अकाउंट सस्पेंड होने की असली वजह अभी सामने नहीं आई है.

विटोरी ने साफ कहा कि ऑक्शन से पहले पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेकर टीम मैनेजमेंट के बीच कोई चर्चा नहीं हुई थी और खिलाड़ियों का चयन सिर्फ क्रिकेटिंग जरूरतों के आधार पर किया गया.उन्होंने कहा कि अबरार अहमद की गेंदबाजी में काफी वैराइटी है और वह पावरप्ले या मिडिल ओवरों में विकेट निकालने की क्षमता रखते हैं, जो हेडिंग्ले मैदान जैसे पिच पर टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.

गौरतलब है कि ‘द हंड्रेड’ ऑक्शन में अबरार अहमद दूसरे पाकिस्तानी खिलाड़ी रहे जिन्हें खरीदा गया. उनसे पहले बर्म‍िंघम फीन‍िक्स ने उस्मान तारिक को अपनी टीम में शामिल किया था.

BUSINESS : पिछले 10 महीने में हाई पर पहुंची महंगाई, 93 के करीब रुपया, जानें ईरान वॉर के बीच आपकी जेब पर कैसा असर

रुपया लगातार कमजोर होकर 93 रुपये प्रति डॉलर के करीब पहुंच गया है, जिससे आर्थिक अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो रही है. वहीं देश में महंगाई भी लगभग दस महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई है.पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत की अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है. तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक अनिश्चितता के कारण भारतीय मुद्रा पर दबाव बढ़ गया है. हालात यह हैं कि रुपया लगातार कमजोर होकर 93 रुपये प्रति डॉलर के करीब पहुंच गया है, जिससे आर्थिक अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो रही है. वहीं देश में महंगाई भी लगभग दस महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई है.

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संकट लंबे समय तक जारी रहता है तो इसका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है. हालांकि फिलहाल उपभोक्ताओं पर इसका बड़ा असर नहीं दिख रहा है, लेकिन स्थिति लंबी खिंची तो ईंधन, यात्रा और रोजमर्रा के खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है.

भारत पर संभावित असर

  1. ईंधन और गैस महंगी हो सकती है

अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहती है, तो पेट्रोल, डीजल और गैस के दाम बढ़ सकते हैं. इससे यात्रा और दैनिक जीवन का खर्च बढ़ने की आशंका है.

  1. आयात महंगा हो जाएगा

भारत अपनी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है. रुपये की कमजोरी के कारण खाने-पीने की चीजों, औद्योगिक कंपोनेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य आयातित सामान की कीमतें बढ़ सकती हैं.

  1. विदेश यात्रा और पढ़ाई महंगी

रुपया कमजोर होने से विदेश यात्रा, विदेशी विश्वविद्यालयों की फीस और अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन जैसी सेवाएं पहले से ज्यादा महंगी हो सकती हैं.

  1. ईएमआई पर भी असर पड़ सकता है

अगर महंगाई बढ़ती है तो Reserve Bank of India को ब्याज दरों में कटौती को लेकर सतर्क रहना पड़ सकता है. ऐसी स्थिति में लोन की ईएमआई कम होने की संभावना घट सकती है और लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों का दबाव बना रह सकता है. जाहिर है पश्चिम एशिया का संकट फिलहाल भारत में सीमित असर दिखा रहा है, लेकिन अगर तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और रुपया कमजोर होता है, तो इसका असर धीरे-धीरे महंगाई, ईंधन और रोजमर्रा के खर्चों के जरिए आम लोगों तक पहुंच सकता है।

NATIONAL : 9 साल पहले अपहरण, जबरन निकाह और अब तीन तलाक, बेटा-बेटी के धर्म परिवर्तन का बना रहा दबाव

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राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान गाजीपुर पहुंची थी और जनसुनवाई का कार्यक्रम कर रही थीं.उनके सामने पीड़ित महिला ने अपनी व्यथा सुनाई,जिसके बाद कार्रवाई के निर्देश दिए.

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष की जनसुनवाई कार्यक्रम में एक लव जिहाद का मामला आया जिसमें पीड़िता को 2009 से 2012 तक अपहरण कर महाराष्ट्र के एक गांव में रखा गया और उसके बाद अपहरण के करीब 9 साल के बाद उससे जबरन निकाह किया. और उसके निकाह के बाद महिला को दो बच्चे भी हुए वहीं अब उसका पति अफसर हुसैन के द्वारा बच्चों का भी धर्म परिवर्तन और बेटे के खतना का दबाव दिया जा रहा है. जबकि उस महिला को 2018 में उसने तीन तलाक भी दे दिया है.

इसके बाद महिला लगातार पुलिस और कोर्ट के चक्कर काट रही है और इसी दरमियान करीब 10 से 15 दिन उसे पर चाकुओं से हमला किया गया और हमले के बाद पुलिस के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई. जिसको लेकर गुरूवार को वह जनसुनवाई कार्यक्रम में पहुंची. जहां पर महिला आयोग की अध्यक्ष ने पुलिस के अधिकारियों को जमकर फटकारा और महिला को तत्काल मेडिकल के लिए भेजा.

महिलाओं की समस्याओं को लेकर लगातार उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा कई तरह के कार्यक्रम चलाए जाते हैं, और इसी कार्यक्रम के तहत आज राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान गाजीपुर पहुंची थी और जनसुनवाई का कार्यक्रम कर रही थीं. इसी जनसुनवाई के दौरान एक महिला जो मोहम्मदाबाद तहसील के एक गांव की रहने वाली है और उसका गांव मुस्लिम प्रभावित है.

इस मुस्लिम प्रभावित गांव के एक युवक अफसर हुसैन साल 2009 में उसका अपहरण कर महाराष्ट्र के एक गांव में ले जाकर करीब 3 साल तक रखा, और उसके बाद जब वह किसी तरह से वापस अपने गांव आई तो फिर कुछ सालों के बाद गांव वालों ने दबाव बनाकर अफसर हुसैन से उसका निकाह करा दिया. उस निकाह के बाद उसके दो बेटे भी है जिसमें बेटी की उम्र इस समय 14 साल और बेटे का उम्र करीब 8 साल को है. अब उसका पति उसके बेटे और बेटियों का भी धर्म परिवर्तन करना चाह रहा है. साथ ही बेटे का मुस्लिम धर्म के अनुसार खतना भी चाह रहा है.

जिसको लेकर वह गांव के ही किसी अन्य व्यक्ति के सहयोग से अपने घर से भाग कर कहीं अन्य जगहों पर रह रही है और इसको लेकर वह कई बार पुलिस और प्रशासन को शिकायत भी की. यहां तक की उसका मुकदमा कोर्ट में भी चल रहा है और जिसमें उसने 164 का भी बयान दर्ज कराया है, लेकिन इनका आरोप है कि 164 के बयान के बाद उसके कुछ पत्र गायब भी कर दिए गए.

उसने बताया कि उसका पति जो मुस्लिम समाज से हैं वह जबरन उसके साथ मारपीट और धर्म परिवर्तन को लेकर परेशान किया करता है. जिससे वह दूसरे जगह पर रहती है और साल 2018 में उसने तीन तलाक भी दे दिया और अब तीन तलाक देने के बाद फिर से उसे अपनाना चाहता है. लेकिन महिला अब उसके साथ नहीं जाना चाहती. जिसको लेकर उसने कोर्ट में केस भी कर रखा है और जब महिला अब उसके साथ नहीं जाना चाहती है तो उसने करीब 10 दिन पहले उसे पर चाकू से जानलेवा हमला भी किया था. हमले का निशान अभी उसके सर पर दिखाई दे रहा है.

महिला की पूरी बातों को सुनने के बाद महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने तत्काल अपर पुलिस अधीक्षक सिटी को महिला के मेडिकल कराने के बाद उचित कार्रवाई करने की भी निर्देश दिए हैं ताकि महिला के साथ न्याय हो सके.

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