Tuesday, April 28, 2026
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NATIONAL : चार मासूमों का कत्ल, जेल की बैरक और बेचैनी… जिस गांव में पली-बढ़ी, वहीं की जेल में बंद है साइको किलर पूनम

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हरियाणा में चार मासूमों के सीरियल मर्डर केस ने झकझोर कर रख दिया है. खूबसूरती से जलन, रिश्तेदारों की बच्चियों और अपने ही तीन साल के बेटे तक को पानी में डुबोकर मारने वाली साइको किलर पूनम अब उसी गांव की जेल में है, जहां वह पली-बढ़ी. गिरफ्तारी के बाद से पूनम जेल की बैरक में बेचैनी है. न ठीक से नींद आ रही, ना खाना निगल पा रही है.

हरियाणा के पानीपत की चार मासूम जिंदगियों को बेरहमी से खत्म करने वाली साइको किलर पूनम अब उसी गांव की जेल में बंद है, जहां वह खुद पली-बढ़ी थी. चार हत्याओं के कबूलनामे के बाद पूनम आज सलाखों के पीछे है. जेल के अंदर उसकी दुनिया बिल्कुल बदल चुकी है. ठंडी रातें, नींद उड़ चुकी है, न के बराबर खाना, और बैरक में लगातार बेचैन आंखें… यह वह पूनम है, जो एक वक्त बच्चों की हत्या के बाद जश्न मनाती थी.

पानीपत महिला जेल के सूत्र बताते हैं कि गिरफ्तारी के बाद पूनम ने दो रातों से ठीक से नींद नहीं ली. साइको किलर पूनम पिछले दो दिनों से जेल में ठीक से सो नहीं पा रही. जेल सूत्रों के अनुसार, पूनम रात में कभी बैठ जाती है तो कभी लेट जाती है. जेल में ज्यादा कुछ खा नहीं रही है. पूनम जेल की बैरक में बेचैन सी दिखाई दे रही है. वह किसी से बातचीत नहीं कर रही.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूनम को अपने किए पर अफसोस है. वहीं पूनम को जानने वालों का कहना है कि अब पछताने का क्या फायदा है. चार बच्चों को मारते वक्त एक बार भी क्यों नहीं सोचा. पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान पूनम ने कहा था कि वारदात के दौरान वह होशो हवास खो बैठती थी. पूनम पानीपत के सिवाह गांव की रहने वाली है. पूनम गांव में ही बनी जेल में बंद है.

पानीपत पुलिस की जांच और पूनम के कबूलनामे में जो सामने आया, उसने सबको हिलाकर रख दिया. साइको पूनम की सोच थी कि परिवार में मुझसे ज्यादा सुंदर कोई नहीं होना चाहिए. खूबसूरत बच्चियों को देखकर उसके अंदर जलन पैदा होती थी. शुरू होती थी ईर्ष्या… फिर गुस्सा… और धीरे-धीरे हत्या का प्लान.

पूनम पढ़ी-लिखी थी, एमए (पॉलिटिकल साइंस), उसने गोहाना में B.Ed भी किया. साल 2019 में नवीन से शादी हुई. साल 2021 में बेटा शुभम हुआ. कागजों पर यह पढ़ी-लिखी, सामान्य परिवार की लड़की थी… लेकिन दिमाग में अंधेरा था… वह सीरियल किलर बन चुकी थी, जिस पर परिवार, रिश्तेदार, पड़ोसी… किसी को शक तक नहीं हुआ.

पहली घटना सोनीपत के गांव भावड़ की है. ननद पिंकी की बेटी इशिका घर आई हुई थी. इशिका सुंदर थी… बस यही बात पूनम के मन में कहीं चुभ गई. पूनम ने मौका देखकर इशिका को घर के पीछे बने पानी के हौद में धकेला. उसकी गर्दन पकड़कर पानी में डुबो दिया. लेकिन पूनम जानती थी कि इस पर शक होगा. इसलिए उसने अपना 3 साल का बेटा शुभम भी मार डाला, ताकि लगे कि दोनों एक-दूसरे को बचाने में डूबे. परिवार ने इसे हादसा मान लिया.

अपने मायके गांव सिवाह में आई हुई थी. रात को भतीजी जिया अपनी चाची के साथ सोना चाहती थी. पूनम ने खुद उसे सिखाया था कि बेटा ये बोलना कि बुआ के साथ सोऊंगी. रात 2 बजे पूनम उठी. सोती हुई बच्ची को उठाया. पशु बाड़े में ले गई. वहीं पानी के हौद में गर्दन दबाकर डुबो दिया.जिया के ताऊ को शक हुआ. लेकिन पूनम की मां ने कहा कि गांव में नाम खराब करोगे? गलत आरोप लगाओगे तो कार्रवाई करवाऊंगी. और मामला फिर हादसा मानकर दब गया.

यह हत्या सबसे क्रूर और सबसे खौफनाक थी. पानीपत के नौल्था गांव में शादी का दिन था. सुंदर बच्ची विधि छह साल की थी. बारात रवाना होने के बाद घर खाली था. सीढ़ियों पर जाते समय विधि को पूनम ने देखा और पीछा किया. छत पर बने स्टोर रूम के बाहर टब में पानी भरा हुआ था. उसी में विधि को डुबो दिया. कपड़े गीले हो गए, नीचे उतरी तो महिलाओं ने सवाल किया. इस पर उसने महिलाओं को अलग-अलग बातें कहीं, जिससे शक पैदा हुआ

नौल्था गांव की बच्ची विधि की मौत पुलिस को हादसा नहीं लगी. टब छोटा था, खुद से डूबना मुश्किल था. बाथरूम का दरवाजा बाहर से बंद था. CCTV फुटेज में बार-बार केवल पूनम का आना-जाना दिखा. पुलिस ने पूछताछ में सख्ती दिखाई तो कुछ ही घंटों में पूनम टूट गई और चारों हत्याओं का खुलासा हो गया.

पुलिस सूत्रों का दावा है कि पूनम हत्या के बाद खुश होती थी. अजीब-सी मुस्कान आती थी. बच्चों की लाशें देखकर भी वह शांत रहती थी. पूनम ने अपनी जेठानी की बेटी विधि को मार डाला, लेकिन जेल में बंद पूनम का दो साल का बेटा उसकी जेठानी ही संभाल रही है. वह ही उसे दूध पिला रही है, क्योंकि बच्चा छोटा है. एक तरफ बेटी का कातिल… दूसरी तरफ कातिल की संतान को बचाने की मानवता.

गोहाना के भावड़ गांव में पूनम के ससुराल वाले स्तब्ध हैं. देवर ने कहा कि हमें कभी शक नहीं हुआ. जिया और शुभम की मौत को हादसा मान लिया था. आज पता चला कि हत्यारी हमारी ही घर की बहू थी. ग्रामीण आज भी विश्वास नहीं कर पा रहे कि एक पढ़ी-लिखी महिला बच्चों की सीरियल किलर बन सकती है.

अब पूनम जेल में है. लेकिन पहली बार उसके चेहरे पर डर, पछतावा और बेचैनी दिख रही है. जेल में उसकी दुनिया बेहद छोटी और भारी हो चुकी है. कंक्रीट की दीवारें, सलाखें और भीतर बढ़ता अपराधबोध. लेकिन चार बच्चों की कीमत पर आने वाला पछतावा अब किसी के काम का नहीं. साइको किलर पूनम की कहानी जितनी खौफनाक है, उतनी ही दुखद. एक मां, एक बहू, एक बहन… सब रिश्तों को तोड़कर वह एक सीरियल किलर बन गई.

UP: शादीशुदा प्रेमिका के घर में छिपा था प्रेमी, घरवालों ने खुलवाया बेड तो अंदर बैठा मिला

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अयोध्या में एक प्रेमी अपने विवाहित प्रेमिका से मिलने उसके घर गया था. इस दौरान गांव वालों को शक हुआ कि कोई चोर गांव में घुस गया है. जिसके बाद लोग उसे खोज रहे थे. इस दौरान लोगों ने महिला से बेड खुलवाया तो उसके अंदर प्रेमी बैठा मिला.

अयोध्या के पूराकलंदर थाना क्षेत्र के बभनगवा गांव से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां शादीशुदा महिला से मिलने पहुंचे उसके प्रेमी की आखिरकार पूरे गांव की मौजूदगी में शादी करा दी गई. इस अनोखे फैसले में न सिर्फ प्रेमिका के पति बल्कि उसके ससुर ने भी खुशी-खुशी अपनी सहमति दी

मिली जानकारी के अनुसार गांव का निवासी आलीम पुत्र मुनीर देर रात अपनी विवाहित प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचा था. गांव वालों ने उसे चोर समझ लिया. हालांकि वह ग्रामीणों को चकमा देकर प्रेमिका के घर पहुंच गया. जिसके बाद महिला ने प्रेमी आलीम को बेड के अंदर छिपा लिया. लेकिन जब घरवालों और ग्रामीणों को शक हुआ तो बेड खुलवाया गया, जहां से आलीम बाहर निकला. इसके बाद पूरे गांव में यह मामला चर्चा का विषय बन गया.

घटना की शिकायत महिला के ससुर द्वारा पूराकलंदर थाने में दी गई. जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को पूछताछ के लिए बुलाया. थाने में बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बन गई. महिला का पति विदेश में रहता है. जिसके बाद उसने फोन पर अपनी पत्नी और प्रेमी की शादी के लिए रजामंदी दी और दोनों को नई जिंदगी की शुभकामनाएं भी दी. वहीं, ससुर ने भी बहू के प्रेमी से विवाह पर खुशी जाहिर करते हुए किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई न करने की लिखित अपील पुलिस को सौंपी.

इसके बाद गांव की मौजूदगी में प्रेमी आलीम और महिला का विवाह संपन्न कराया गया. इस अनोखी सहमति-शादी को लेकर पूरे गांव में खुशी का माहौल है और लोग इसे आपसी समझदारी का एक दुर्लभ उदाहरण मान रहे हैं. यह पूरा मामला पूराकलंदर थाना क्षेत्र के बभनगवा गांव का है, जो इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है.

NATIONAL : युवक ने इंस्टाग्राम पर अपलोड किए बच्चों के 26 अश्लील वीडियो, ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे

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पीलीभीत में एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर 26 चाइल्ड पॉर्नोग्राफी वीडियो अपलोड करने के मामले में पुलिस ने एक युवक के खिलाफ POCSO और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है. गृह मंत्रालय के साइबर पोर्टल से मिले साइबर टिपलाइन रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ा गया है. पुलिस डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है और मामला साइबर सेल को सौंपा गया है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर चाइल्ड पॉर्नोग्राफी से संबंधित 26 वीडियो अपलोड किए जाने के मामले में पुलिस ने एक युवक के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है. मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय के साइबर पोर्टल से मिली साइबर टिपलाइन रिपोर्ट के आधार पर उजागर हुआ है, जिसके बाद पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इंस्टाग्राम अकाउंट से जुड़े मोबाइल नंबर को ट्रेस किया गया, जो सेहरामऊ उत्तर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी के नाम पर पंजीकृत पाया गया. आरोपी के खिलाफ शुक्रवार को POCSO एक्ट और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है.

पीलीभीत के एसपी अभिषेक यादव ने शनिवार को कहा कि इस मामले में विस्तृत जांच जारी है. उन्होंने बताया कि साइबर पोर्टल के माध्यम से और जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मामले में किसी भी प्रकार की चूक न हो.एफआईआर के अनुसार, लखनऊ स्थित साइबर क्राइम मुख्यालय ने टिपलाइन रिपोर्ट को पीलीभीत पुलिस तक पहुंचाया. जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी ऋतिक शुक्ला द्वारा 28 अगस्त को वीडियो अपलोड किए गए थे. पुलिस ने इन सभी डिजिटल सबूतों को सुरक्षित कर अपने कब्जे में ले लिया है.

NATIONAL : बिजनौर में टॉफी गले में फंसने से दो साल के बच्चे की मौत, सांस नहीं ले पाया मासूम

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बिजनौर के चक गोवर्धन गांव में दो साल बच्चे की गले में टॉफ़ी फंसने से मौत हो गई. परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. स्वास्थ्य अधिकारियों ने छोटे बच्चों को टॉफ़ी, मूंगफली और अंगूर जैसे खाद्य पदार्थ देने में सावधानी बरतने की अपील की है, क्योंकि यह दम घुटने का कारण बन सकते हैं.

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में दो साल के मासूम बच्चे की गले में टॉफ़ी फंसने से मौत हो गई. घटना शनिवार शाम की है, जब शफेज नामक बच्चा अचानक सांस लेने में तकलीफ होने के बाद घर पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा. घबराए हुए परिजन तुरंत उसे नहटौर कम्युनिटी हेल्थ सेंटर लेकर पहुंचे.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर आशीष कुमार आर्या ने बताया कि बच्चा मृत अवस्था में ही अस्पताल लाया गया था. उन्होंने कहा कि टॉफ़ी उसके श्वासनली में फंस गई थी, जिससे उसकी सांस बंद हो गई और दम घुटने से मौत हो गई. डॉक्टर ने बताया कि ऐसे मामलों में समय बहुत महत्वपूर्ण होता है और छोटी सी देर भी जान के लिए खतरा बन जाती है.

डॉक्टर आर्या ने अभिभावकों को आगाह करते हुए कहा कि छोटे बच्चों को टॉफ़ी, मूंगफली, अंगूर जैसे छोटे आकार के खाद्य पदार्थ देने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें निगलते समय गले में फंसने का खतरा अधिक रहता है. उन्होंने कहा कि इस उम्र के बच्चों में निगलने की क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती, ऐसे में थोड़ी सी चूक भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है.

मृतक के पिता शमशाद ने बताया कि शफेज पहले भी कई बार टॉफ़ी खाता था, लेकिन इस बार टॉफ़ी उसके गले में फंस गई. परिजनों ने उसे बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन टॉफ़ी को गले से निकालने में वे सफल नहीं हो सके. परिवार बच्चे की मौत से सदमे में है और गांव में भी शोक का माहौल है. घटना के बाद स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को बच्चों से जुड़ी सावधानियों की जानकारी दी, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे टाले जा सकें.

NATIONAL : अधिकारियों-ठेकेदारों की लापरवाही… रोहतक में बास्केटबॉल खिलाड़ी की मौत पर पिता ने दर्ज कराई FIR

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रोहतक के लाखन माजरा में नेशनल बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की मौत के मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है. हार्दिक के पिता संदीप राठी ने पंचायत, अधिकारियों और ठेकेदारों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. FIR में उल्लेख है कि बास्केटबॉल कोर्ट की मरम्मत के लिए मंजूर हुए 12.30 लाख और अतिरिक्त 6.20 लाख रुपये समय पर खर्च नहीं किए गए, जबकि कोर्ट की स्थिति बेहद खराब थी.

रोहतक के लाखन माजरा में बास्केटबॉल कोर्ट पर हुए हादसे में नेशनल बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की मौत के बाद अब मामला गंभीर हो गया है. हार्दिक के पिता संदीप राठी की शिकायत पर थाना लाखन माजरा पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है. FIR में संदीप राठी ने पंचायत, अधिकारियों और ठेकेदारों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं.

FIR के मुताबिक, हार्दिक 25 नवंबर को लाखन माजरा पंचायत भूमि पर बने कोर्ट में अभ्यास कर रहा था, जब अचानक लोहे का बास्केटबॉल पोल गिर गया और उसके सिर पर लग गया. हार्दिक को गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पिता ने आरोप लगाया कि यह मौत किसी सामान्य दुर्घटना का परिणाम नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की लापरवाही का नतीजा है.

शिकायत में बताया गया कि कोर्ट की मरम्मत के लिए पहले 12,30,000 रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी और बाद में 6,20,000 रुपये और मंजूर किए गए. FIR में कहा गया है कि इन दोनों राशियों का उपयोग समय पर नहीं किया गया, जबकि कोर्ट की हालत बेहद खराब थी. पिता ने आरोप लगाया कि इस मामले में अधिकारियों ने कागजी फाइलों में अनुमोदन दिखाया, लेकिन ग्राउंड पर कार्य नहीं कराया गया.

FIR की प्रति के अनुसार, शिकायतकर्ता ने बताया कि एक RTI के तहत जानकारी मिलने पर पता चला कि कई बार कोर्ट मरम्मत का बजट जारी हुआ, लेकिन इसका उपयोग नहीं हुआ. FIR में यह भी दर्ज है कि हार्दिक को लगी चोटें, खासतौर से लिवर इंजरी, डॉक्टरी रिपोर्ट में मौत का प्रत्यक्ष कारण बताई गई हैं और यह दर्शाती हैं कि पोल गिरने की घटना अत्यंत गंभीर थी.

पुलिस ने FIR में संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ आईपीसी की धारा 304A, 337, 338, 34 सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट, RTI दस्तावेज, पंचायत रिकॉर्ड और घटनास्थल की जांच रिपोर्ट FIR के साथ संलग्न की गई है.संदीप राठी का कहना है कि उनके बेटे की मौत “स्पष्ट लापरवाही” का परिणाम है और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और कोर्ट मरम्मत बजट, टेंडर प्रक्रिया, भुगतान और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है.

BHAKTI : लाला इंद्रेश हम सबके हृदय में… जब प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे कथावाचक के पिता

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कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय के पिता कृष्ण चंद्र ठाकुर संत प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे. इस दौरान प्रेमानंद महाराज ने इंद्रेश उपाध्याय की खूब तारीफ की. उन्होंने कहा कि इंद्रेश जी का स्वभाव बहुत ही सौम्य और मृदु भाषी है और वे आसानी से लोगों का दिल जीत लेते हैं.

प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की हाल ही शादी हुई.उनके विवाह और शादी के कार्ड ने खूब चर्चा बटोरी. अब उनके पिता कृष्ण चंद्र ठाकुर जी और प्रेमानंद महाराज की मुलाकात का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस भेंट के दौरान बातचीत का अहम हिस्सा कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय रहे. प्रेमानंद महाराज ने कहा कि इंद्रेश उपाध्याय जी का स्वभाव ऐसा है कि लूट लेता है और वो एक बार जिसके पास जाते हैं, उसको अपना बना लेते हैं.

प्रेमांनद महाराज ने इंद्रेश उपाध्याय के स्वभाव की तारीफ करते हुए कहा कि उनका स्वभाव मृदु महा भागवत स्वरूप है. इंद्रेश जी पर हमारे संत-महात्मा, वैष्णव, सब आत्मा की तरह प्यार करते हैं. उनका स्वभाव है कि लूट लेता है. एक बार जिसके पास गए, अपना बना लेते हैं. प्रेमानंद महाराज ने इंद्रेश उपाध्याय की वाणी और कथावाचन की शैली पर भी विशेष तारीफ की. उन्होंने उनके पिता से यह बात कही कि आपकी ऐसी कृपा है, कि उनकी वाणी में अमृत विराजमान है. जब वह भागवत चर्चा करते हैं तो चित्त को एकाग्र

NATIONAL : अग्निवीर का ट्रेनिंग लेकर अपने गांव पहुंच रहे हैं युवाओ का रैली के साथ होगा भव्य स्वागत

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राजनांदगांव तुमड़ीबोड़ अग्नि वीर भारतीय सेना में शामिल होने के लिए ग्राम खैरी के दो युवाओं का चयन हुआ जिसमें त्रिलोचन वर्मा हैदराबाद लिकेस कुमार साहू बेंगलुरु केवल वर्मा मुंदगांव बिहार सौरभ सिंन्हा दिवान झिटीया भोपाल टोमेश भारद्वाज करमतरा बेंगलुरु प्रीतम सोनेसरार ट्रेनिंग लेकर अपने गांव पहुंचेंगे सौरभ सिंन्हा 14 फरवरी को पहुंचेंगे गांव की युवा भारतीय सेवा में शामिल होने पर गांव में खुशी की लहर हैं खैरी के अग्नि वीर त्रिलोचन वर्मा लिकेस कुमार साहू के बताएं अनुसार रविवार को सुबह 10बजे राजनांदगांव से सीधे तुमड़ीबोड़ हाई स्कूल खेल मैदान पहुंचेंगे

गौरतलब है कि इसी खेल मैदान पर युवाओं ने अग्नि वीर की प्रारंभिक ट्रेनिंग ली थी जिसमें उन्हें सफलता हासिल हुई खेल मैदान को नमन करने के बाद सीधे अपने गृह ग्राम खैरी पहुंचेंगे गांव में ग्राम के युवा एवं वरिष्ठ नागरिक डीजे और बैंड बाजा के साथ अग्नि वीरों का रैली निकाल कर स्वागत करेंगे रैली में जिला पंचायत सदस्य जागृति चुन्नी यदु पवन जैन प्रेमी हेमंत वर्मा प्रदेश अध्यक्ष आईंरा महेंद्र यादव जिला पंचायत सदस्य मदन साहू ताराचंद जैन तारस साहू सरपंच श्रीमती राणु एवं आसपास के ग्रामीण जन भी उपस्थित रहेंगे ग्रामीणों ने इन युवाओं की सफलता पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित किया है

हेमंत वर्मा संवाददाता राजनांदगांव

GANDHINAGAR : ‘गेट्स फाउंडेशन’ ने गुजरात बायोटेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी की रिसर्च टीम को महिलाओं के भारी मासिक धर्म रक्तस्राव से संबंधित रिसर्च के लिए 1 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता दी

गेट्स फाउंडेशन राज्य सरकार की ओर से संचालित गुजरात बायोटेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी (जीबीयू) की रिसर्च टीम को महिलाओं को पीरियड्स यानी माहवारी के दौरान होने वाले भारी रक्तस्राव पर रिसर्च करने के लिए करीब 1.3 करोड़ रुपए की सहायता देगा।

गेट्स फाउंडेशन की फंडिंग के अंतर्गत जीबीयू की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रोहिणी नायर के नेतृत्व में शोधकर्ताओं की एक टीम ‘हैवी मेंस्ट्रुअल ब्लीडिंग-एचएमबी’ यानी महिलाओं के पीरियड्स के दौरान होने वाले भारी रक्तस्राव के लिए यानी आरएनए-आधारित यानी राईबोन्यूक्लिक एसिड पर आधारित डायग्नोस्टिक एवं उपचार के लिए संसाधन विकसित करने के लिए कार्य करेगी। ये संसाधन सस्ते, स्केलेबल यानी विस्तार करने में सक्षम और कम आक्रामक होंगे।

विशेषकर, दूरदराज के इलाकों में महिलाओं के लिए जल्दी निदान, व्यक्तिगत उपचार और मेंस्ट्रुअल हेल्थ मैनेजमेंट में सुधार लाने के उद्देश्य के साथ इस प्रोजेक्ट को ‘गेट्स फाउंडेशन ग्रैंड चैलेंजेस सपोर्ट’ के तहत स्वीकृत किया गया है। गेट्स फाउंडेशन ने इसके लिए लगभग 1.3 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता मंजूर की है।

डॉ. रोहिणी नायर ने इस विषय में बताया कि गेट्स फाउंडेशन ने फरवरी, 2025 में ‘ग्रैंड चैलेंजेस’ फंडिंग कॉल शुरू किया था, जिसमें महिलाओं के स्वास्थ्य से संबंधित गंभीर, लेकिन अक्सर उपेक्षा का शिकार रहने वाली समस्या हैवी मेंस्ट्रुअल ब्लीडिंग के निवारण के लिए अभिनव दृष्टिकोण आमंत्रित किए गए थे। फाउंडेशन मूल्यांकन के लिए दो चरणों की प्रक्रिया का पालन करता है, जिसकी शुरुआत कंसेप्ट नोट या लेटर ऑफ इंक्वायरी (एलओआई) से होती है। इसके बाद शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों से संपूर्ण प्रपोजल मंगाया जाता है, ताकि वैश्विक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं और वैज्ञानिक सावधानी या सटीकता बनी रहे। भारी मासिक धर्म रक्तस्राव की समस्या के निवारण और इस संबंध में जागरूकता फैलाने के लिए जीबीयू की ओर से महिलाओं को भी आमंत्रित किया जाएगा, ताकि यह अन्य महिलाओं के लिए मददगार साबित हो सके।

यह रिसर्च-स्टडी अहमदाबाद की इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिजीज एंड रिसर्च सेंटर (आईकेडीआरसी) के ऑब्स्टेट्रिक्स (प्रसूति रोग) और गायनेकोलॉजी (स्त्री रोग) विभाग की डीन एवं हेड डॉ. रोहिना अग्रवाल के सहयोग से की जाएगी।

रिसर्च के अंतर्गत डॉ. अग्रवाल मरीजों की पहचान और चिकित्सा मूल्यांकन में मुख्य भूमिका निभाएंगी, जबकि डॉ. नायर की लेबोरेटरी महिलाओं के स्वास्थ्य रिसर्च पर ध्यान केंद्रित करेंगी। वे, विशेषकर गर्भ धारण करने में बार-बार होने वाली असफलता (RIF – Repeated Implantation Failure) और एंडोमेट्रिओसिस पर एचएमबी के लिए आरएनए-आधारित किफायती और न्यूनतम आक्रामक संसाधन विकसित करने पर सक्रिय रूप से कार्य करेंगी।

डॉ. नायर ने आगे कहा कि आज भारी माहवारी रक्तस्राव (एचएमबी) से दुनिया भर की लाखों महिलाएं प्रभावित हैं। इसके चलते एनीमिया, कार्यक्षमता में कमी, लंबे समय तक थकान महसूस करना और जीवन की गुणवत्ता कमजोर पड़ने जैसी समस्याएं खड़ी होती हैं। इसका प्रभाव उन इलाकों में अधिक गंभीर है, जहां समय पर डायग्नोसिस और प्रभावी उपचार की कम सुविधाएं हैं। यह प्रोजेक्ट हार्मोनल इन्ट्रा-यूरेटाइन डिवाइस जैसे उपचार की स्वीकार्यता और पहुंच बढ़ाने के रास्तों की भी खोज करेगा। एचएमबी के व्यापक प्रसार के बावजूद, अभी इसके पीछे के जैविक कारणों के बारे में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है। यह केवल वृद्ध महिलाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि युवा पीढ़ी में भी देखने को मिलता है। हालांकि, हमारे सामाजिक परिवेश के कारण महिलाएं खुलकर बात नहीं कर पातीं और आम तौर पर दर्दनिवारण दवाइयां लेकर अपना काम चलाती हैं।

इस समस्या के बारे में अधिक जानकारी देते हुए डॉ. नायर ने कहा कि एबनॉर्मल यूटेराइन ब्लीडिंग यानी असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव, जिसका एचएमबी एक विषय है, वह विभिन्न कारकों के कारण होता है। जिनमें स्ट्रक्चरल एबनॉर्मलिटीज जैसे कि पोलिप्स, एडिनोमायोसिस, फाइब्रोइड्स और मैलिग्नेंसी-कैंसर शामिल हैं। वहीं, नॉन-स्ट्रक्चरल कारकों में ब्लीडिंग डिसऑर्डर यानी रक्तस्राव विकार, ओव्यूलेटरी और एंडोमेट्रियल डिसफंक्शन का सामवेश होता है।

इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य सिंगल-सेल आरएन सिक्वेंसिंग का उपयोग करके एचएमबी के सेलुलर और मॉलिक्युलर कारकों को मैप करना है, जिससे कि एंडोमेट्रियल माइक्रोएन्वायर्नमेंट का व्यापक डेटा संग्रह तैयार किया जा सके। उम्मीद है कि इस कार्य से मिलने वाली जानकारी असामान्य मासिक रक्तस्राव से जुड़े मुख्य पाथ-वे यानी मार्ग और बायोमार्कर्स की पहचान करेगी।

गुजरात बायोटेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी के डीन रिसर्च प्रो. सुधीर प्रताप सिंह ने कहा कि जीबीयू इस उपलब्धि को वैश्विक महिला स्वास्थ्य रिसर्च में भारत के योगदान के रूप में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानता है और प्रभावशाली एवं विज्ञान-आधारित रिसर्च को प्रोत्साहन देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करता है।

एचएमबी पर रिसर्च प्रोजेक्ट का मुख्य फोकस एरिया एचएमबी यानी भारी मासिक रक्तस्राव की फंडामेंटल बायोलॉजी की समझ को आगे बढ़ाना और कम सुविधाओं वाले इलाकों में महिलाओं में इस रोग के फैलाव, प्रभाव और स्त्री रोग स्वास्थ्य तथा जीवन की गुणवत्ता पर पड़ने वाले प्रभावों का मूल्यांकन करना है।

इसके अलावा, ध्यान केद्रित करने के अन्य क्षेत्रों में, एचएमबी की जांच के लिए संशोधित पद्धतियां विकसित करना और उन्हें प्रमाणित करना तथा स्टैंडर्डाइज्ड रिसर्च प्रोटोकॉल स्थापित करना और कम सुविधाओं वाले इलाकों में एचएमबी के कारणों की पहचान करने के लिए अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक्स तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टेक्नोलॉजी का उपयोग करने के साथ-साथ उपचार की प्रभावशीलता, स्वीकार्यता और उपचार तक पहुंच बढ़ाने के रास्तों का मूल्यांकन करना शामिल हैं।

GUJARAT : कच्छ के भुजोडी गांव के 46 बुनकरों ने हासिल किया राष्ट्रीय सम्मान, VGRC में कच्छ की विरासत को नई पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध

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कच्छ का भुजोडी गाँव पारंपरिक कारीगरी का एक जीवंत और सशक्त केंद्र है। यह गाँव अपने 46 राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिल्पियों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। इस समृद्ध शिल्प विरासत में 6 संत कबीर पुरस्कार प्राप्तकर्ता, 20 राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता, 1 शिल्प गुरु, 4 कला-निधि पुरस्कारधारी और हैंडलूम–हस्तकला क्षेत्र में विभिन्न राज्य पुरस्कार प्राप्त करने वाले बुनकर भी इसमें शामिल हैं।

भुजोड़ी के वांकर समुदाय के कुशल बुनकर गुजरात की समृद्ध, राजसी युग से चली आ रही वस्त्र परंपरा का गौरवपूर्ण उदाहरण हैं, जो आज भी आधुनिक युग में अपने प्राचीन कौशल की चमक बरकरार रखे हुए हैं। भुजोडी के कारीगर नानजी भीमजीभाई खारेत बताते हैं कि उन्हें और पूरे गाँव को प्रशिक्षण एवं प्रदर्शनियों में वीवर्स सर्विस सेंटर विभाग से भरपूर सहयोग मिला है। भुजोडी के कारीगर फैबइन्डिया, जयपोर और गरवी गुजरात जैसी प्रतिष्ठित ब्रांड्स के साथ भी काम करते हैं।

भुजोडी विश्वभर में अपने हैंडलूम बुनाई के लिए जाना जाता है, जहाँ विश्व विख्यात भुजोडी शॉल, पारंपरिक ऊनी रजाइयाँ और कंबल तैयार किए जाते हैं। यहाँ के शिल्पकार जटिल बुनाई तकनीकों, पारंपरिक डिज़ाइनों और प्राकृतिक, समय-परखी रंगों का इस्तेमाल कर गुजरात के इतिहास की असल बनावट और सांस्कृतिक कथा को जीवित रखते हैं। यह सिर्फ कारीगरी नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संरक्षण का महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसे इन कारीगरों ने अपनी पीढ़ियों की मेहनत और समर्पण से जीवित रखा है।

अब इस विरासत के संरक्षण को एक बड़ा प्रोत्साहन मिलने जा रहा है। जनवरी 2026 के दूसरे सप्ताह में राजकोट में आयोजित होने वाले दूसरे वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेन्स (VGRC) और वाइब्रेंट गुजरात रीजनल एग्ज़िबिशन (VGRE) में भुजोडी के ये शिल्पी विशेष रूप से भाग लेने जा रहे हैं। यह सहभागिता आर्थिक और नीतिगत, दोनों स्तरों पर बड़े लाभ का आधार बनेगी। यह क्षेत्रीय सम्मेलन कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र की आर्थिक और सांस्कृतिक प्रगति विशेषकर हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट क्षेत्र को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
इस कार्यक्रम में एक विशेष क्राफ्ट्स विलेज बनाया जाएगा जहाँ ये कारीगर अपने पुरस्कार-विजेता शिल्प का प्रदर्शन कर सकेंगे। साथ ही एक महत्वपूर्ण रिवर्स बायर–सेलर मीट (RBSM) भी आयोजित होगी जो इन MSMEs को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे जोड़ेगी और नए निर्यात बाज़ारों के द्वार खोलेगी।

इसके अलावा, सम्मेलन का उद्यमी मेला कारीगरों को तात्कालिक व्यावसायिक सहयोग, आर्थिक सहायता, वित्तीय लिंकेज और नीतिगत मार्गदर्शन प्रदान करेगा जिससे समुदाय की उद्यमशीलता क्षमता और भी मजबूत होगी। पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान यह सुनिश्चित करेगा कि भुजोडी के ये पारंपरिक शिल्पकार अपनी कला-संरक्षण की मेहनत का स्थायी आर्थिक लाभ उठा सकें।

राजकोट का यह VGRC आयोजन भुजोडी के शिल्पियों के लिए अपने अनुभव, पुरस्कार और वैश्विक पहचान को दीर्घकालिक व्यापारिक सफलता में बदलने का एक ऐतिहासिक अवसर है। यह वह महत्वपूर्ण मोड़ है, जहाँ भुजोडी की कला विरासत को वैश्विक मंच पर निरंतर फलने–फूलने के लिए आवश्यक निवेश और पहचान मिलने की उम्मीद है।

NATIONAL : श्रीनगर एयरपोर्ट से इंडिगो एयरलाइंस की दूसरी बार उड़ानें रद्द, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

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श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इंडिगो की उड़ाने लगातार दूसरे दिन भी प्रभावित रही. शनिवार (6 दिसंबर) सुबह तक कुल 16 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा.

हवाई अड्डे के अधिकारियों के मुताबिक शनिवार को कुल 64 उड़ानें निर्धारित थीं, 32 आने वाली और 32 जाने वाली. इनमें से इंडिगो की 36 उड़ानें थीं, जिनमें 18 आगमन और 18 प्रस्थान वाली शामिल थीं. लेकिन कंपनी ने इनमें से 14 उड़ानें रद्द कर दीं. अच्छी बात यह रही कि सुबह की उड़ानों में किसी देरी की जानकारी नहीं मिली.

अन्य एयरलाइनों की दो उड़ानें भी रद्द

इंडिगो के अलावा अन्य एयरलाइनों की भी दो उड़ानें रद्द की गईं. इस तरह कुल रद्द उड़ानों की संख्या 16 हो गई. अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल बाकी उड़ानें तय समय पर चल रही हैं, लेकिन मौसम और संचालन संबंधी चुनौतियों को देखते हुए स्थिति कभी भी बदल सकती है.

एयरपोर्ट अधिकारियों ने यात्रियों से अनुरोध किया कि वे घर से निकलने से पहले अपनी उड़ान की ताज़ा स्थिति जांच लें. एक अधिकारी ने कहा कि हम यात्रियों से आग्रह करते हैं कि उड़ान के समय की पुष्टि कर लें और असुविधा से बचने के लिए हवाई अड्डे पर समय से पहले पहुंचें.

इंडिगो में क्रू की कमी

ये ताजा रद्दीकरण उस बड़े व्यवधान के ठीक अगले दिन हुआ है, जब गुरुवार को 41 उड़ानें रद्द कर दी गई थीं, जिनमें से 39 इंडिगो की थीं. इंडिगो में यह संकट आंतरिक अनुपालन प्रक्रियाओं और DGCA द्वारा जारी नए सुरक्षा निर्देशों के बाद पायलट की कमी के कारण पैदा हुआ है.

एयरलाइंस के अंदर क्रू शेड्यूलिंग को लेकर सख्ती बढ़ने के बाद कई उड़ानों को ऑपरेट करना संभव नहीं हो पा रहा है. इसके चलते यात्रियों को लगातार दूसरे दिन यात्रा में बाधा झेलनी पड़ी.

लगातार दो दिनों से उड़ानें रद्द होने के बाद यात्रियों में अनिश्चितता बढ़ गई है. अधिकारियों का कहना है कि स्थिति सुधारने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अभी यह कहना मुश्किल है कि सामान्य संचालन कब तक बहाल हो पाएगा.

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