Tuesday, April 28, 2026
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NATIONAL : सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश पर कुत्तों के लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई है परंतु पत्रकारों के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट की निर्देशों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा

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आईंरा इंटरनेशनल रिपोर्टर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने प्रदेश सरकार के उस निर्णय का स्वागत किया है जिसमें सुप्रीम कोर्ट की दिशा निर्देशों का हवाला देते हुए यह कहा गया है कि प्रदेश के स्कूली बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए स्कूलों के आसपास घूम रहे हैं आवारा कुत्तों को हटाने में संकुल समन्वयक एवं प्राचार्य की भूमिका अहम रहेगी दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट के ही पत्रकारों पर तमाम तरह के दिशा निर्देश समय-समय पर जारी होते रहते हैं जैसा कि पत्रकारों पर अगर फर्जी एफआईआर दर्ज होते हैं तो संबंधित राज्यों के डीजीपी जिम्मेदार होंगे इसका कहीं पर भी कहीं पालन नहीं किया जा रहा है इसी तरह पत्रकारों को लेकर एक और एडवाइजरी जारी किए गए कि सूत्र आधारित समाचार पर या सरकार की आलोचना करने पर किसी भी पत्रकार पर मुकदमा या मानहानिकारक मामला दर्ज नहीं किया जा सकता उसके बावजूद भी इस निर्देश की खुलेआम राज्य सरकारें धज्जियां उड़ा रही है

आखिर सरकारें पत्रकारों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट की दिशा निर्देशों का भी पालन क्यों नहीं करती सरकार नहीं चाहती कि पत्रकारों को सुरक्षा व संरक्षण मिले क्योंकि अक्सर सरकार में रहने वाले लोग ही भ्रष्टाचार में लिप्त रहते है और लोकतंत्र का चौथा स्तंभ उस भ्रष्टाचार को जनता के सामने लाने का प्रयास करते है यही कारण है कि पत्रकारों को लेकर सरकारें उतनी संजीदा नहीं है जीतने के दूसरे मामले को लेकर पत्रकारों के अंतरराष्ट्रीय संगठन आईंरा इंटरनेशनल रिपोर्टर एसोसिएशन छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने छत्तीसगढ़ शासन से मांग किया है कि जिस तरीके से आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की निर्देशों का राज्य सरकार ने कड़ाई से पालन किया इसी तरह देश का चौथा स्तंभ पत्रकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी कड़ाई से पालन करने का एडवाइजरी जारी करने का कष्ट करें एवं फर्जी एफआईआर करने वाले पुलिसकर्मियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें

NATIONAL : जशपुर एसपी मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र में पदस्थ शशि मोहन सिंह को तत्काल राजनांदगांव लाए राजनांदगांव के माहौल को शशि मोहन जैसे अफसर ही संभाल सकते हैं

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राजनांदगांव जिले में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं को देखते हुए चाकू बाजी नकबजनी बड़ी चोरी बलात्कार घटनाओं को देखते हुए 2012 से लेकर 17 तक राजनांदगांव जिले में पदस्थ रहे श्री शशि मोहन सिंह 2012 बेंच के आईपीएस अधिकारी जो कि अभी जशपुर में पदस्थ है माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव के जिले में पदस्थ है उनको तत्काल राजनांदगांव जिले में पदस्थ करने की मांग आईंरा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने किया है श्री वर्मा ने यह कहा कि माननीय श्री शशि मोहन सिंह के रहते राजनांदगांव जिले में कोई बहू बेटी से अगर कोई छेड़छाड़ चोरी होता है तब आरोपी 24 घंटे के अंदर कानून के गिरफ्त में होता था लेकिन वर्तमान में पुलिस और कानून पूरी फेलियर है लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बद से बद्तर है

हालांकि वर्तमान एसपी अंकिता शर्मा हाल ही में राजनांदगांव आई है कांबिंग गस्त के माध्यम से एवं कुछ शराब सट्टा जैसे अपराध पर आंशिक प्रतिबंध लगाकर अपराध पर नकेल कसने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन चाकू बाजी जैसे वारदात हटने का नाम नहीं ले रही है इसलिए तत्काल माननीय श्री मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी से आग्रह है कि 2012 बेच के आईपीएस अधिकारी शशि मोहन सिंह जो कि पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार में आठवीं बटालियन में थे उसके बाद में लगातार आईंरा इंटरनेशनल रिपोर्टर एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने मांग किया तब बस्तर का एसपी बना दिया उसके बाद सरकार बनने के बाद तत्काल प्रमोटेड हुए हैं उस अधिकारी को राजनांदगांव जिले में मात्र 6 महीने के लिए राजनांदगांव जिला पदस्थ किया जाए ताकि संस्कारधानी का जो नाम है पूरे प्रदेश में यह माननीय विधानसभा अध्यक्ष का निर्वाचन क्षेत्र है नकबजनी चाकूबाजी लगातार हो रही है आने वाले समय में स्थिति बेहद विस्फोटक हो सकती है जब लोगों को शहर से निकलना मुश्किल हो जाएगा अखबार से जुड़े हुए लोगों से भी आग्रह है कि कृपया वह सच्चाई को सामने लाए जैसा कि अभी चाकूबाजी के अपराधी द्वारा सरेंडर किया गया था जिसे कुछ अखबारों द्वारा पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई जैसे शब्दों से संबोधन किया गया था जो कि गलत है माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु साय और प्रदेश के डीजीपी से मांग है कि अपने विशिष्ट कार्यशैली विशिष्ट अनुसंधान से पूरे देश भर में जाने वाले दबंग ऑफिसर सिंघम सही मायने में तत्काल शशि मोहन की नियुक्ति मात्र 6 महीने के लिए राजनांदगांव जिले में किया जाना चाहिए

NATIONAL : आज कुल 5 प्रकरणों में 6 लाख 68 हजार 360 रूपए मूल्य के 215.60 क्विंटल 539 बोरा अवैध धान जप्त

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जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान बिक्री की रोकथाम के लिए कोचियों एवं बिचौलियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। आने वाले समय में कोचियों एवं बिचौलियों द्वारा अवैध धान की बिक्री करने की पुनरावृत्ति होने एवं संलिप्त पाए जाने पर अपराधिक प्रकरण भी दर्ज किए जा सकते हैं। इसी कड़ी में राजस्व, खाद्य, मंडी विभाग के संयुक्त दल द्वारा आज कुल 5 प्रकरणों में 6 लाख 68 हजार 360 रूपए मूल्य के 215.60 क्विंटल (539 बोरा) अवैध धान जप्त किया गया। इसी तरह खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 123 प्रकरणों में 4 करोड़ 85 लाख 87 हजार 726 रूपए मूल्य के 15673.46 क्विंटल (39184 बोरा) अवैध धान एवं 7 वाहन जप्त किया गया है।


प्राप्त जानकारी अनुसार आज राजनांदगांव अनुविभाग में 3 प्रकरण में 5 लाख 75 हजार 360 रूपए मूल्य के 185.60 क्विंटल (464 बोरा) अवैध धान एवं डोंगरगांव अनुविभाग में कुल 2 प्रकरणों में 93 हजार रूपए मूल्य के 30 क्विंटल (75 बोरा) अवैध धान जप्त किया गया है। इसी तरह खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक राजनांदगांव अनुविभाग में कुल 49 प्रकरणों में 2 करोड़ 76 लाख 54 हजार 480 रूपए मूल्य के 8920.80 क्विंटल (22302 बोरा) अवैध धान व 2 वाहन, डोंगरगढ़ अनुविभाग में 36 प्रकरण में 95 लाख 87 हजार 866 रूपए मूल्य के 3092.86 क्विंटल (7732 बोरा) अवैध धान व 2 वाहन तथा डोंगरगांव अनुविभाग में कुल 38 प्रकरणों में 1 करोड़ 13 लाख 45 हजार 380 रूपए मूल्य के 3659.80 क्विंटल (9150 बोरा) अवैध धान एवं 3 वाहन जप्त किया गया है।
जिले में कोचियों एवं बिचौलियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिले के 1500 छोटे एवं बडे मंडी अनुज्ञप्तिधारियों को सूचीबद्ध कर अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार एवं खाद्य व मंडी के अधिकारियों को जांच कर अवैध रूप से भंडारित धान जप्त किए जाने तथा सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिये गये है। जिले में अंतर्राज्यीय अवैध धान आवक के रोकथाम हेतु जिले में कुल 3 अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट बोरतलाब, पाटेकोहरा एवं कल्लूबंजारी स्थापित किया गया है। जहां पर मंडी, नगर सेना, वन विभाग एवं राजस्व के अधिकारियों द्वारा तीन पालियों में 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है।

SURAT : छात्रा से एकतरफा प्यार में टीचर की शर्मनाक करतूत, फेक ID बनाकर स्टूडेंट को किया ब्लैकमेल, फिर…

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सूरत में पॉजिटिव ट्यूशन क्लासेस के टीचर भावेश पटेल को अपनी पुरानी स्टूडेंट की फेक इंस्टाग्राम ID बनाकर ब्लैकमेल करने, वर्चुअल नंबर से मैसेज भेजने और WhatsApp ग्रुप में उसके परिवार को जोड़कर मॉर्फ्ड फोटो पोस्ट करने के आरोप में साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया है. छात्रा 2023 से उससे परेशान थी और 26 मई 2025 को केस दर्ज हुआ था.

सूरत से झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां पॉजिटिव ट्यूशन क्लासेस के एक टीचर ने अपनी ही पुरानी स्टूडेंट को फेक सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर परेशान किया. पुलिस के अनुसार, आरोपी टीचर ने इंस्टाग्राम पर छात्रा के नाम से कई फेक ID बनाई थीं और उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी. आरोपी यहीं नहीं रुका, बल्कि WhatsApp पर वर्चुअल नंबर से मैसेज करके भी स्टूडेंट को लगातार हैरेस करता रहा.

मामले के बढ़ने पर छात्रा ने साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दी, जिसके बाद टेक्निकल जांच के आधार पर आरोपी भावेश पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपी सूरत के कतारगाम इलाके की विट्ठलनगर सोसाइटी में रहता है और मूल रूप से सुरेंद्रनगर जिले के अनिंद्रा गांव का रहने वाला है.

छात्रा से नफरत और एकतरफा जुनून में डूबे आरोपी ने एक वर्चुअल नंबर से WhatsApp ग्रुप बनाया और इसमें छात्रा के परिवार के सदस्यों व रिश्तेदारों को जोड़ दिया. इसके बाद आरोपी ने इस ग्रुप में छात्रा की मॉर्फ्ड फोटोज पोस्ट करनी शुरू कर दीं, जिससे उसने छात्रा की छवि खराब करने की कोशिश की. इस हरकत से छात्रा और उसका परिवार मानसिक रूप से बुरी तरह परेशान हो गया.

आरोपी ने इंस्टाग्राम की फर्जी प्रोफाइल पर छात्रा की पुरानी तस्वीरों का इस्तेमाल किया और लगातार संदेश भेजकर उसे डराता रहा. छात्रा ने बताया कि भावेश उसे बार-बार काम छोड़ने का दबाव भी बना रहा था, जबकि वह 12वीं के बाद से प्राइवेट नौकरी कर रही थी.

छात्रा ने 2023 में इंस्टाग्राम पर पहली बार फेक ID बनने पर सिंगनपोर पुलिस स्टेशन में अर्जी दी थी. उस समय आरोपी कुछ समय के लिए शांत हो गया, लेकिन कुछ महीनों बाद उसने फिर से परेशान करना शुरू कर दिया. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने क्राइम रजिस्टर होने तक यानी 26 मई 2025 तक लगातार छात्रा को टारगेट किया.

छात्रा का कहना है कि वह 2021 तक आरोपी के यहां ट्यूशन पढ़ती थी और उसी दौरान आरोपी ने उसके प्रति गलत इरादे पालने शुरू कर दिए थे. नौकरी शुरू करने के बाद आरोपी का एकतरफा प्यार जुनून में बदल गया और वह उसे हर संभव तरीके से परेशान करने लगा.

सूरत साइबर क्राइम सेल ने शिकायत मिलने के बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू की. टेक्निकल सर्विलांस और डिजिटल सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपी भावेश सूर्यकांतभाई पटेल वसोया (उम्र 35) को हिरासत में लिया. वह कतारगाम के अंबातलावडी इलाके में पॉजिटिव ट्यूशन क्लासेस चलाता था और छात्रा की पुरानी पहचान का फायदा उठाकर उसे टारगेट कर रहा था.

DCP बिशाखा जैन ने बताया कि आरोपी ने जानबूझकर छात्रा को मानसिक रूप से परेशान करने की रणनीति बनाई थी. पुलिस ने फर्जी ID, वर्चुअल नंबर और ग्रुप से जुड़े सभी डिजिटल सबूत इकट्ठे करके आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की है. फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर मामले में आगे की प्रक्रिया चल रही है.

UP : यूपी के बिजनौर में महिला बीएलओ की कार्डियक अरेस्ट से मौत, घर में चल रही थी बेटे की शादी की तैयारी

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उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक महिला बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई. घटना शनिवार देर रात की है. तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मुरादाबाद के अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. 56 साल की शोभारानी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं. उनके घर में बेटे की शादी की तैयारियां चल रही थीं.

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के धामपुर से दुखद घटना सामने आई है. यहां एक महिला बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई. 56 साल की शोभारानी इस समय बीएलओ के रूप में तैनात थीं. वे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में भी जिम्मेदारी निभा रही थीं. शनिवार की देर रात उनकी तबीयत बिगड़ी तो अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका निधन हो गया.

जिला कार्यक्रम अधिकारी विमल चौबे ने बताया कि शोभारानी को सीने में तेज दर्द की शिकायत होने पर तत्काल मुरादाबाद के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. पोस्टमार्टम की आवश्यकता न होने के कारण मामले को प्राकृतिक मृत्यु माना जा रहा है.

परिजनों के मुताबिक, शोभारानी लंबे समय से डायबिटीज से पीड़ित थीं. पिछले कुछ दिनों से तबीयत ठीक नहीं थी. इसके बावजूद वे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़े रिकॉर्ड और फॉर्म ऑनलाइन अपलोड करने का काम शुक्रवार की देर रात तक करती रहीं. उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे.

उनके पति कृपाल सैनी ने कहा कि काम की जिम्मेदारी और घर का बोझ दोनों को संभालते-संभालते शोभारानी तनाव में थीं. बीमारी लगातार बढ़ रही थी. उन्होंने जिम्मेदारियों को पूरा करने में कभी ढिलाई नहीं बरती.

शोभारानी के परिवार में जल्द बेटे की शादी होने वाली थी. पति ने बताया कि शादी की तैयारियों के चलते घर में काफी कामकाज बढ़ गया था, जिससे उनकी शारीरिक और मानसिक थकावट और बढ़ गई थी. इसी बीच वह BLO और आंगनबाड़ी दोनों का काम संभाल रही थीं.

धामपुर की सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) स्मृति मिश्रा ने कहा कि परिवार ने हमें बताया कि शोभारानी डायबिटीज की मरीज थीं और जब उनकी तबीयत बिगड़ी तो उन्हें मुरादाबाद ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. जिला प्रोग्राम ऑफ़िसर विमल चौबे ने कहा कि 56 साल की शोभारानी धामपुर इलाके में BLO थीं, जिनकी मुरादाबाद के अस्पताल में मौत हो गई. उन पर काम का कोई दबाव नहीं था. वे आंगनबाड़ी वर्कर भी थीं.

Me No Pause Me No Play Review: महिलाओं की अनकही तकलीफ दिखाती काम्या पंजाबी की फिल्म, खास है मैसेज

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‘Me No Pause Me Play’ एक ऐसी फिल्म है जो महिलाओं की उस समस्या के बारे में बात करती है जिसका जिक्र तक अनमने तरीके से किया जाता है. फिल्म बताती है कि उम्र के साथ आने वाली इस कंडीशन के साथ कैसी समस्याएं जन्म लेती हैं. तो कैसा है इस फिल्म का ट्रीटमेंट बताते हैं आपको हमारे रिव्यू में…

भारतीय सिनेमा में जहां ज्यादातर कहानियां रोमांस, हिंसा, पारिवारिक ड्रामा या युवा पीढ़ी की दिक्कतों के इर्द-गिर्द घूमती हैं, वहीं Me No Pause Me Play एक ऐसा सब्जेक्ट उठाती है, जिस पर शायद ही कभी बात होती है. जो कि है- मेनोपॉज. ये वो पड़ाव है जिसे हर महिला अपने जीवन में झेलती है, लेकिन समाज इसे न तो समझता है और न ही इस पर खुलकर बातचीत करता है. यही वजह है कि ये फिल्म अपने टॉपिक की वजह से ही अपने आप में खास और जरूरी बन जाती है.

फिल्म की कहानी डॉली खन्ना यानी काम्या पंजाबी की लाइफ पर बेस्ड है. जो उम्र के एक ऐसे पड़ाव से गुजरती है- जहां मेनोपॉज की समस्या जन्म लेती है. हर महिला को होने वाली इस कंडीशन में वो एक ऐसी ‘रेयर’ कंडीशन से जूझती है- जहां वो चलने, खाने-पीने, शरीर में कई बदलाव- जैसे बाल झड़ना तक की दिक्कतों से लड़ती है. उसकी हालत इतनी गंभीर है कि वो अस्पताल में एडमिट है.

वो एक ऐसी साधारण, रिश्तों को संभालकर रखने वाली महिला है, जिसकी दुनिया अचानक इमोशनल टर्मॉइल यानी भावनात्मक उतार-चढ़ाव, चिड़चिड़ापन, डर, भ्रम और अकेलेपन से भर जाती है. काम्या ने डॉली के कैरेक्टर को बहुत ईमानदारी से जिया है. उनकी आंखों की थकावट, बदली हुई भावनाएं और अंदर चल रहा संघर्ष कहानी को सच्चाई से जोड़ देते हैं.

भले ही फिल्म फीमेल सेंट्रिक है लेकिन कहना गलत नहीं होगा कि, डॉली के पति रजत (मनोज कुमार शर्मा) फिल्म के अहम किरदार हैं. अक्सर फिल्मों में पति को या तो हीरो बनाकर दिखाते हैं या खलनायक, लेकिन इस फिल्म में रजत एक रियल पति की तरह दिखाई देते हैं- कभी समझते हुए, कभी उलझते हुए, और कभी हारकर फिर कोशिश करते हुए. पत्नी से कंडीशन से अनजान वो भटकने भी लगते हैं लेकिन डॉक्टर से पड़ा एक चांटा उन्हें होश में ले आता है.

डॉ. जसमोना यानी दीपशिखा नागपाल कहानी की वो कड़ी हैं, जो डॉली को न सिर्फ मेडिकल समझ देती हैं, बल्कि भावनात्मक सहारा भी बनती हैं. इस तरह तीनों किरदारों के बीच एक खूबसूरत, गहरा और इंसानी रिश्ता बनता है, जो काफी सच्चा-सा लगता है.

जाहिर है कि ये एक छोटे बजट की छोटी सी फिल्म है. लेकिन इसने काम बड़ा कर दिखाया है. निर्देशक समर के. मुखर्जी का काम यहां खास तारीफ के काबिल है. उन्होंने टॉपिक को ओवरड्रामैटिक या ओवरएक्टिंग का मैदान नहीं बनाया. कहानी बिल्कुल जमीन से जुड़ी, सरल और सहज अंदाज में आगे बढ़ती है.

मेनोपॉज जैसे निजी सब्जेक्ट को बिना किसी असहजता, ग्लैमर के बेहद संवेदनशीलता से दर्शाया गया है. कई सीन्स में दर्शक खुद को डॉली की जगह महसूस कर सकेंगे और यहीं डायरेक्टर पास हो गए हैं.

काम्या पंजाबी ने फिल्म को कंधों पर उठाया है. उनकी छवि वैसे भी एक बिंदास और बेबाक एक्ट्रेस की है, वो फिल्म में भी इस पर खरी उतरती हैं. मनोज कुमार शर्मा की एक्टिंग ऐसे है जैसे किसी पति की होती है, जो आपको उनसे नफरत और प्यार दोनों करने पर मजबूर करती है. वहीं, दीपशिखा नागपाल और अमन वर्मा भी अपने-अपने किरदार में सधे हुए नजर आते हैं.

फिल्म का म्यूजिक बहुत खास नहीं लेकिन फिल्म से रिलेट करता है. वो कहानी को सपोर्ट करता है, उसे दबाता नहीं. कैमरा वर्क में क्लोज-अप्स पर ज्यादा फोकस किया गया है, जिससे इमोशन्स साफ झलकती हैं. फिल्म बहुत जल्दबाजी में आगे नहीं बढ़ती है, ना ही अपने ट्रैक से भटकती है.

ये फिल्म केवल कहानी नहीं, बल्कि एक वाद-विवाद के दौर को शुरू करती है, जिसमें महिलाओं की सेहत पर, उम्र बढ़ने पर, सम्मान पर, और उन भावनाओं पर जिनके बारे में शायद ही कभी बात होती है. जो ऑडियन्स हाई फाई कास्ट और लोकेशन्स हटकर सिर्फ अच्छी कहानी में विश्वास करते हैं उनके लिए ये फिल्म जरूर देखने लायक है.

NATIONAL : वर्कशॉप में खड़ी 18 कारों में पेट्रोल छिड़ककर लगाई आग, पुरानी रंजिश का लिया बदला!

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चूरू बाइपास के इलाके में बदमाशों ने एक कार वर्कशॉप में आग लगा दी. यह मामला जमीन विवाद की रंजिश का बताया जा रहा हैं. घटना के बाद से पुलिस को आरोपियों की तलाश हैं.

झुंझुनू शहर में बदमाशों ने फैलाया देर रात आतंक झुंझुनू शहर के चूरू बाईपास इलाक़े में शनिवार देर रात बदमाशों ने एक वर्कशॉप में खड़ी 18 कारों को पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी अचानक हुई इस घटना से आस पास के इलाक़े में दशहत फैल गई आग लगने के बाद ज़ोरदार धमाकों के साथ धुआ उठता हुआ दिखाई दिया. शनिवार रात 10 बजे की है घटना बतायी जा रही है आग इतनी तेज भड़की की दो किलोमीटर दूर तक इसका दु वहाँ नज़र आ रहा था. वहीं वर्कशॉप में खड़ी कारें जलकर ख़ाक हो गई.

बताया जा रहा है कि इस घटना को अंजाम रंजिश के तहत दिया गया है पांच दिन पहले इसी वर्कशॉप और पास के होटल में बदमाशों ने तोड़फोड़ की थी. संचालक ने पुलिस को CCTV फ़ुटेज सहित शिकायत दी थी लेकिन कार्रवाई. कल देर रात बदमाशों ने वारदात को बड़ा रूप देते है वो वर्कशॉप में आग लगा दी. अब पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं.

वर्कशॉप के मालिक वार्ड नंबर दो के निवासी नासिर राठौड़ ने बताया कि वे शाम को साढ़े 7 बजे वर्कशॉप बंद कर घर चले गए थे, जिसके बाद रात 10 बजे पड़ोसियों ने सूचना दी कि आपके वर्कशॉप में आग लगी है. उन्होंने यहां आकर देखा तो गैरेज में खड़ी गाड़ियां जल रहीं थी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची और करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया.

पूरे घटनाक्रम के पीछे जमीन से जुड़े विवाद की बात सामने आ रही है. नासिर और उनके कुछ साथियों की अनिल कुमावत व अन्य लोगों से पुरानी रंजिश चल रही है. पिछले कुछ महीनों से दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता गया. कई बार कहासुनी की घटनाएं भी हुईं. 24 नवंबर की रात की तोड़फोड़ इसी विवाद की कड़ी मानी जा रही है. अब वर्कशॉप को आग लगाना इसी विवाद को हिंसक रूप देने जैसा दिख रहा है.

वारदात के बाद पुलिस ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है. फुटेज के आधार पर कई लोगों से पूछताछ हो रही है. परंतु पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब पांच दिन पहले ही नामजद शिकायत दर्ज थी और फुटेज भी दिया गया था, तो पांच दिन बाद आरोपी खुलेआम वर्कशॉप में आग कैसे लगा गए.

NATIONAL : दिल्ली मेट्रो ने कमाल कर दिया! ऊपर चलती ट्रेनों को एक सेकंड भी नहीं रोका, ठीक नीचे बना डाली सुरंग

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दिल्ली मेट्रो ने रेड लाइन पर चलती ट्रेनों के ठीक नीचे सुरंग बनाई बिना किसी रुकावट के फेज-4 पूरा होने के बाद नेटवर्क 520 किलोमीटर से ज्यादा लंबा हो जाएगा और यात्रा आसान होगी.

दिल्ली मेट्रो ने ऐसा कारनामा कर दिखाया जो पहले कभी नहीं हुआ. दिल्ली मेट्रो को दिल्ली की धड़कन भी कहा जाता है, प्रति दिन मेट्रो की अलग-अलग लाइन पर रोज कई लाख लोग सफर करते हैं. ऐसे ही एक लाइन पर, DMRC ने रेड लाइन जिसमें रोज़ सात लाख लोग सफर करते हैं, ट्रेनें दिन-रात दौड़ती रहती हैं. उस चलती हुई लाइन के ठीक नीचे पुलबंगश के पास नई सुरंग खोद दी लेकिन ऊपर की ट्रेनों को एक पल के लिए भी नहीं रोका गया.

ये जगह बहुत मुश्किल थी. ऊपर जो मेट्रो का ट्रैक है, वो ऊंचे-ऊंचे खंभों पर टिका हुआ है. अगर नीचे खुदाई करते वक्त जरा भी गड़बड़ होती तो ऊपर का पूरा ट्रैक हिल जाता. लेकिन हमारे इंजीनियर भाइयों ने ऐसा जादू किया कि कुछ हुआ ही नहीं. पहले ऊपर वाले खंभों के आसपास की मिट्टी को पक्का किया. इसके लिए 180 छेद किए और उनमें मज़बूत सीमेंट डालकर मिट्टी को चट्टान जैसा बना दिया, ताकि नीचे मशीन चलाने से भी ज़मीन न बैठे. हर पल नज़र रखी. तरह-तरह के मीटर और मशीनें लगाईं जो बताती रहती थीं कि कहीं ज़मीन धंसी तो नहीं, खंभा टेढ़ा तो नहीं हुआ. इंजीनियर 24 घंटे ड्यूटी पर थे. अच्छी बात ये रही कि सब कुछ एकदम परफेक्ट रहा.

अभी एक तरफ की सुरंग पूरी हो गई है, दूसरी तरफ का काम भी ज़ोर-शोर से चल रहा है. दिल्ली मेट्रो के बड़े अफसर अनुज दयाल ने कहा, “रेड लाइन पर एक मिनट की रुकावट भी लाखों लोगों को भारी परेशानी में डाल देती. हमने वो होने नहीं दिया.” फेज-4 पूरा होने के बाद दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क 520 किलोमीटर से ज्यादा लंबा हो जाएगा, यानि फेज-4 पूरा होने के बाद आम आदमी के लिए घर से ऑफिस, बाज़ार, स्कूल जाने का रास्ता और आसान हो जाएगा.

उज्ज्वल कुमार, पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट, एक दशक से खबरों की दुनिया में सक्रिय. राजनीति और सामाजिक मुद्दों को गहराई से समझकर देश तक सटीकता से पहुँचाने में माहिर. ABP न्यूज और डिजिटल के लिए निष्पक्ष, प्रभावशाली पत्रकारिता मेरा मकसद. खाली समय में अनछुई जगहों की सैर, संगीत का आनंद और परिवार के साथ यादगार पल बिताना पसंद.

NATIONAL : ‘माथे पर सिंदूर और लाश पर हल्दी…’ अंतिम संस्कार से पहले प्रेमिका ने पूरी की रस्म तो फफक पड़े लोग, सन्न कर देगी ये कहानी

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ये कहानी महाराष्ट्र के नांदेड़ की है. एक लड़की एक युवक से प्यार करती थी. फैमिली को पता चला तो विरोध में आ गए. प्रेमी को हिदायत देने लगे. फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी. लड़की को पता चला तो वह बदहवास हालत में प्रेमी की लाश के पास पहुंची. अंतिम संस्कार से पहले उसने हल्दी और कुमकुम लगाकर सिंदूर लगाया. वहीं प्रेमी को भी हल्दी लगाई. यह देख मौजूद लोग फफक पड़े.

महाराष्ट्र के नांदेड़ में दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक युवक की हत्या उसकी प्रेमिका के परिजनों ने कर दी. जब इस बारे में प्रेमिका को पता चला तो वह बदहवास हालत में तुरंत प्रेमी के घर पहुंच गई और अंतिम संस्कार से पहले माथे पर सिंदूर लगाया, इसी के साथ प्रेमी की लाश पर भी हल्दी लगाई गई. यह देखकर वहां मौजूद लोग फफक हो उठे.

दरअसल, घटना नांदेड़ शहर के जूना गंज इलाके में गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे की है. मृतक युवक की पहचान सक्षम ताटे के रूप में हुई है. सक्षम का एक लड़की से बीते तीन साल से प्रेम संबंध चल रहा था. जब लड़की के परिजनों को पता चला तो विरोध करने लगे. जब लव अफेयर का सिलसिला चलता रहा तो लड़की के परिजनों ने खौफनाक साजिश रच डाली.

आरोप है कि लड़की के पिता गजानन मामिलवार ने अपने दोनों बेटों साहिल और हिमेश तथा एक दोस्त के साथ मिलकर बेटी के प्रेमी सक्षम पर हमला कर दिया. पहले उस पर गोली चलाई, फिर मरणासन्न हालत में उसके सिर पर बड़ा पत्थर मारकर उसकी हत्या कर दी.

मृतक युवक लड़की के भाइयों का दोस्त था. वह घर आता-जाता था. लड़की के भाई ने सक्षम को यह कहकर समझाने की कोशिश की कि वह उसकी बहन से बात न करे. इसके बाद लड़की के पिता गजानन मामिलवार, भाई साहिल मामिलवार, हिमेश मामिलवार ने दूसरे साथियों की मदद से सक्षम को पीटा, गोली मारी, सिर पर बड़ा पत्थर मारकर हत्या कर दी. मृतक और आरोपी का क्रिमिनल बैकग्राउंड बताया जा रहा है.

प्रेमी की हत्या के बाद जब सक्षम का शव घर लाया गया तो परिजन बिलख पड़े. लड़की भी वहां पहुंच चुकी थी. उसने प्रेमी के अंतिम संस्कार से पहले हल्दी और कुमकुम लगाया और माथे पर सिंदूर भी लगाया. इसके साथ सक्षम को भी हल्दी लगाई गई. यह देख वहां मौजूद लोग फफक पड़े. हत्या के इस मामले में मृतक की मां की शिकायत पर पुलिस ने लड़की के माता-पिता और दो भाइयों समेत आठ लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है.

लड़की ने कहा कि मेरे माता-पिता और भाई को फांसी होनी चाहिए. सक्षम और मेरा तीन साल से प्रेम संबंध था. मेरे परिवार को यह मंजूर नहीं था, सक्षम के जेल से छूटने के बाद मेरे परिवार वाले उसकी हत्या की साजिश रच रहे थे. वे मुझे धमका रहे थे. लड़की ने आरोप लगाया कि यह हत्या जातिगत झगड़े में की गई. आरोपियों को मौत की सजा दी जाए और इंसाफ मिले. लड़की ने कहा कि भले ही सक्षम अब नहीं रहा, हम अब भी उससे प्यार करते हैं और मैं उसके घर पर ही रहूंगी. यह सुनकर सभी लोग हैरान रह गए. फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है.

हत्या से दो घंटे पहले लड़की की मां सक्षम के घर गई थी और उसे धमकाया था कि बेटी से दूरी बनाए रखे. इसके कुछ ही घंटों बाद युवक की हत्या कर दी गई. मृतक की मां की शिकायत पर इतवारा पुलिस ने लड़की के माता-पिता, उसके दोनों भाइयों और अन्य साथियों सहित कुल आठ लोगों पर हत्या का मामला दर्ज किया है. डीएसपी प्रशांत शिंदे के मुताबिक, पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है.

NATIONAL : दो सप्ताह तक बंधक बनाकर 3 लोगों ने किशोरी से किया गैंगरेप, 2 गिरफ्तार

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हापुड़ के पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र में 14 वर्षीय किशोरी के साथ उसकी सहेली के पिता ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर सामूहिक दुष्कर्म किया. पीड़ित किशोरी बीती 13 नवंबर को अपने घर से गायब हो गई थी. 25 नवंबर को वह एक आरोपी के मकान में बेसुध अवस्था में मिली. जिसके बाद उसने जो जानकारी दी, उसके बाद सभी के पैरों तले जमीन खिसक गई.

पीड़िता के अनुसार सहेली ने ही पीड़िता को नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाई थी. जिसके बाद आरोपियों ने बारी-बारी से इस संगीन वारदात को अंजाम दिया. पुलिस अधीक्षक के आदेश पर पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए पीड़िता की मां ने बताया कि उसके पति गुर्दें की बीमारी से ग्रस्त हैं.

जिस वजह से वह अपने परिवार में अकेली कमाने वाली है. बीती 13 नवंबर को उसकी 14 वर्षीय पुत्री घर से अचानक गायब हो गई थी. काफी खोजबीन करने के बाद भी उसका पता नहीं लग सका था. जिसके बाद पीड़िता की मां ने पिलखुवा कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी.

इसी बीच 25 नवंबर को लड़की गांधी बाजार निवासी नरेश के मकान से बेसुध हालत में मिली. होश आने पर पीड़िता ने अपनी मां को बताया कि उसकी सहेली ने उसे अपने घर पर बुलाया था. जहां पर सहेली ने उसे कोल्ड ड्रिंक पिला दी थी. इसके बाद वह बेसुध हो गई थी. फिर सहेली के पिता आशीष ने अपने दोस्त नरेश और हेमंत के बुला लिया और तीनों ने बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया.

इसके बाद पीड़िता पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह से मिली और पूरे घटनाक्रम से उन्हें अवगत कराया. पुलिस अधीक्षक के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और 2 को गिरफ्तार भी कर लिया है.

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