Wednesday, April 29, 2026
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ENTERTAINMENT : यूट्यूब से ताबड़तोड़ पैसा कमा रहीं फराह खान, किया खुलासा, बोलीं- फिल्मों से ज्यादा…

कोरियोग्राफर फराह खान ने कुछ समय पहले खुद का यूट्यूब चैनल शुरू किया था. अपने कुक दिलीप को भी फैन्स से रूबरू करवाया था. आज फराह का ये चैनल फैन्स के बीच हिट है.

कोरियोग्राफर फराह खान हेडलाइन्स में बनी रहती हैं. दरअसल, जबसे फराह ने कुक दिलीप के साथ मिलकर अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया है, फैन्स के बीच ये छाई रहती हैं. फराह हर वीक किसी न किसी सेलेब के घर जाती हैं और उनका पूरा घर दिखाती हैं. इसके साथ ही किचन में कुछ न कुछ पकाती भी हैं. कुक दिलीप भी उनकी मदद करते दिखते हैं.

यूट्यूब व्लॉगिंग से फराह काफी सुर्खियां बटोर रही हैं. हाल ही में फराह अपनी दोस्त सानिया मिर्जा के साथ बैठीं. जहां उन्होंने पर्सनल और प्रोफेशनल मुद्दों पर खुलकर बात की. फराह से पूछा गया कि अगर उन्हें मौका मिले तो वो कोरियोग्राफी या कॉन्टेंट क्रिएशन में से क्या चुनेंगीं?

सानिया मिर्जा के पॉडकास्ट ‘सर्विंग इट अप विद सानिया’ में फराह ने कहा- मैं ज्यादा पैसा कॉन्टेंट क्रिएशन से बना रही हूं. ये बात सच है. फराह की ये बात सुनकर सानिया हंसने लगती हैं. वो कहती हैं कि ये बात उस इंसान से आ रही है जो 300 करोड़ की फिल्म बनाती है. बता दें कि फराह खान की फिल्म ‘हैप्पी न्यू ईयर’ ने 300 करोड़ से ज्यादा बॉक्स ऑफिस पर कमाई की थी. इसमें शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण लीड रोल में नजर आई थीं.

फराह ने बिना समय लिए रिप्लाई किया कि नहीं, पर्सनली बताऊं तो मैंने सबसे ज्यादा कमाई कॉन्टेंट क्रिएशन से की है. लेकिन अगर तुम मेरे से पूछोगी कि मैं असल में क्या करना चाहती हूं तो मेरा पहला प्यार डायरेक्शन था, है और रहेगा भी. ये मेरी बात है. अगर रिपोर्ट्स की मानें तो फराह खान की नेट वर्थ 350 करोड़ रुपये है.

कोरियोग्राफी के अलावा फराह कई फिल्मों का हिस्सा रह चुकी हैं. हाल ही में ‘गफूर’ गाना फराह ने ही कोरियोग्राफ किया है. साथ ही उसका डायरेक्शन भी संभाला है. इसमें तमन्ना भाटिया नजर आई थीं. आर्यन खान की वेब सीरीज ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में ये गाना था.

कुछ दिनों पहले फराह खान, एक्ट्रेस निक्की तंबोली के घर गई थीं, जहां उन्होंने कुक दिलीप को साथ बैठकर खाने के लिए ऑफर किया था. लेकिन दिलीप ने इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि वो किचन में बैठकर खाने में ज्यादा कम्फर्टेबल हैं. फराह खान की इस बात को लेकर फैन्स के बीच काफी सराहना हुई थी.

MAHARASHTRA : ‘मराठी क्यों नहीं बोलते’, कहकर मुंबई लोकल ट्रेन में पीटा, तनाव में युवक ने दी जान

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महाराष्ट्र के कल्याण में 19 साल के कॉलेज छात्र अर्नव खैरे की मौत से कई सवाल खड़े हो गए हैं. उनके पिता ने आरोप लगाया है कि लोकल ट्रेन में मराठी-हिंदी भाषा को लेकर हुए विवाद और मारपीट से हुए मानसिक तनाव के कारण उनके बेटे ने आत्महत्या की है. फिलहाल, पुलिस ने एक्सीडेंटल मौत का मामला दर्ज किया है और आगे की जांच चल रही है.

महाराष्ट्र के कल्याण में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है. मुलुंड के केलकर कॉलेज में साइंस फर्स्ट ईयर के 19 साल के छात्र अर्नव जितेंद्र खैरे ने मंगलवार रात अपने घर में दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.मृतक के पिता जितेंद्र खैरे का आरोप है कि 18 नवंबर की सुबह लोकल ट्रेन में भाषाई विवाद के दौरान कुछ लोगों ने अर्नव को बुरी तरह पीटा और ‘तुम मराठी क्यों नहीं बोलते?’ कहकर धमकाया. इस मानसिक तनाव और डर से उनका बेटा इतना टूट गया कि उसने जान दे दी.

अर्नव के पिता ने बताया कि दोपहर में फिर पिता से बात हुई तो अर्नव की आवाज में घबराहट साफ थी. उसने कहा, ‘मेरी तबीयत ठीक नहीं है, बहुत डर लग रहा है.’ पिता ने उसे हिम्मत बंधाई, लेकिन शाम को जब जितेंद्र खैरे काम से घर लौटे तो दरवाजा अंदर से बंद था. पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया तो अर्नव का शव फंदे पर लटका मिला. उसे रुख्मिनीबाई हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां रात 9.05 बजे उसे मृत घोषित कर दिया.

पिता ने कहा कि भाषा के झगड़े की वजह से हुई मारपीट के डर और तनाव से बेटे ने ये कदम उठाया है और उसे इंसाफ मिलना चाहिए.कोलसेवाड़ी पुलिस ने फिलहाल एक्सीडेंटल मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. स्थानीय लोग लोकल ट्रेन में हुए कथित हमले की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं. रेलवे पुलिस को भी इस बारे में बता दिया गया है और CCTV फुटेज हासिल करने की कोशिश की जा रही है.

वहीं, पिछले कुछ महीनों में महाराष्ट्र के अंदर मराठी-हिंदी झगड़े की बढ़ती घटनाओं के बीच घटना ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. खासकर युवाओं पर पड़ने वाला साइकोलॉजिकल असर, भाषा को लेकर बढ़ती असहिष्णुता और यात्रियों की सुरक्षा फिर से सामने आ गई है.

NATIONAL : सुल्तानपुर में अयोध्या पुलिस पर हमला! दारोगा-सिपाही को पीटकर किया घायल, रिवॉल्वर छीनी; सिविल ड्रेस में वारंटी को पकड़ने गई थी टीम

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सुल्तानपुर में अयोध्या के कुमारगंज थाने के तीन पुलिसकर्मियों पर वारंटी दशरथ सिंह और उसके परिजनों ने जानलेवा हमला कर दिया. हलियापुर क्षेत्र के लाला का पुरवा गांव में दबिश के दौरान यह घटना हुई. हमलावरों ने पुलिस टीम को पीटकर घायल कर दिया और उप निरीक्षक अकील हुसैन की सर्विस रिवाल्वर और मोबाइल छीनकर फरार हो गए. पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.

यूपी के सुल्तानपुर में अयोध्या के कुमारगंज थाने के तीन पुलिसकर्मियों पर हमला हो गया. दरअसल, गुरुवार की सुबह हलियापुर थाना क्षेत्र के लाला का पुरवा मजरा डोभियारा गांव में पुलिस टीम दबिश देने गई थी. तभी वारंटी दशरथ सिंह और उसके परिजनों ने उप निरीक्षक अकील हुसैन, उप निरीक्षक भानु प्रताप शाही और कांस्टेबल उमेश गौतम को पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया.

आरोप है कि हमलावरों ने पुलिस टीम में मौजूद उप निरीक्षक अकील हुसैन की सर्विस रिवाल्वर और मोबाइल फोन छीन लिया और मौके से फरार हो गए. पुलिस टीम जानलेवा हमले के प्रयास से जुड़े एक मामले में आरोपी वारंटी दशरथ सिंह को सिविल ड्रेस में पकड़ने पहुंची थी. घटना के बाद हमलावरों की तलाश की गई, लेकिन उनका पता नहीं चल सका. सीओ बल्दीराय आशुतोष कुमार ने बताया कि आरोपियों की तलाश जारी है. उप निरीक्षक भानु प्रताप शाही ने हलियापुर थाने में पांच नामजद और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है.

पुलिस ने पूछताछ के लिए दशरथ के घर की दो महिलाओं को हिरासत में लिया है. कुमारगंज, इनायतनगर, हलियापुर और बल्दीराय थाने की पुलिस संयुक्त रूप से हमलावरों की तलाश कर रही है. बता दें कि यह हमला जानलेवा हमले के एक पुराने मामले से जुड़ा है. राहुल मिश्रा की शिकायत के अनुसार, 14 नवंबर को सुबह 10 बजे वह डोभियारा गांव में लेबर लेने गए थे. वहां उनके दोस्त अवनीश तिवारी का सुभाष उर्फ अंशुमान से लेबर को लेकर झगड़ा हो गया था.

राहुल के बीच-बचाव के बावजूद, उसी रंजिश के चलते शाम करीब 8:30 बजे सुभाष उर्फ अंशुमान और उसके साथी आदर्श सिंह ने बुलेट मोटरसाइकिल से आकर राहुल पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया था. राहुल इस हमले में बाल-बाल बच गए थे. आशीष और शिवपूजन इस घटना के गवाह थे. कुमारगंज थाने की टीम इसी जानलेवा हमले के मामले में वारंटी सुभाष उर्फ अंशुमान की गिरफ्तारी के लिए डोभियारा पहुंची थी, जहां उन पर हमला हुआ.

घटना के बाद कई थानों की पुलिस हमलावरों की तलाश कर रही है. पुलिस ने वारंटी और उसके परिजनों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, मारपीट करने और हथियार छीनने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.

ENTERTAINMENT : क्या सच में तान्या मित्तल की हैं कई फैक्ट्रियां? बिग बॉस 19 में पहुंचे भाई ने किया खुलासा……

रियलिटी शो ‘बिग बॉस 19’ की कंटेस्टेंट तान्या मित्तल अक्सर ही अपनी बड़ी-बड़ी बातों को लेकर सुर्खियों में रहती हैं. शो में वो अपनी रईसी के किस्से सभी को सुनाते रहती थीं. अब उनके भाई ने भी शो में आकर सच्चाई बताई.

टीवी के सबसे कॉन्ट्रोवर्शियल और रियलिटी शो बिग बॉस 19 में इन दिनों कंटेस्टेंट्स के परिवार वाले उनसे मिलने आ रहे हैं. ऐसे में घर में कभी खुशी और कभी गम वाला माहौल देखने को मिल रहा है. इस फैमिली वीक तान्या मित्तल के भाई उनसे मिलने आए. हाल ही में इससे जुड़ा प्रोमो भी रिलीज हुआ, जिसमें तान्या अपनी फैक्ट्रियों और किचन में लिफ्ट की बातें कर रही हैं.

दरअसल हाल ही में मेकर्स ने शो से जुड़ा एक नया प्रोमो रिलीज किया है. जिमसें तान्या अपने भाई अमृतेश से शहबाज बदेशा की शिकायत कर रही हैं. इसी के साथ वो कह रही हैं कि शहबाज समेत पूरा घर उनकी अमीरी वालों बातों पर शक करते हैं.

प्रोमो में तान्या मित्तल अपने भाई अमृतेश से शहबाज बदेशा की शिकायत कर रही हैं. जिमसें वह कहती हैं, ‘मैं शहबाज को बुलाउंगी और उसे बताना हमारी सोलर और जनरेटर की फैक्ट्री है. उसे सब झूठ लगता है.’ इसके बाद उनके भाई कहते हैं, ‘यार तान्या किसको प्रूफ करने में लगी हो, नौ लोग और जनता में बहुत अंतर है. एक आदमी को नहीं प्रूफ करेंगे, तो क्या हो जाएगा.’

वहीं इसके बाद शहबाज वहां पहुंचते हैं. तान्या उन्हें अपने भाई अमृतेश के पास लेकर जाती हैं. इसके बाद तान्या के भाई शहबाज से कहते हैं, ‘आप हमारे यहां आमंत्रित हैं, मैं आपका टिकट करवाऊंगा. आप हमारी हवाली पर.’ इसके बाद तान्या भाई से पूछवाती हैं कि हमारी जनरेटर और सोलर वाली फैक्ट्री सच में हैं ना? इस पर तान्या के भाई भी हामी भरते हैं.

वहीं बिग बॉस के लाइव चैनल से भी तान्या के भाई का एक वीडियो वायरल हुआ. जहां वो बिग बॉस के कंटेस्टेंट प्रणित मोरे से घर में लगी हुई लिफ्ट के बारे में बात कर रहे हैं. गौरतलब है कि तान्या ने बताया था कि उनके घर में किचन के लिए भी लिफ्ट है. जिसे सुन सब हैरान हुए थे. इस पर अब प्रणित ने तान्या के भाई से सच पूछा.

प्रणित, तान्या के भाई से पूछते हैं कि क्या उनके घर में किचन के लिए भी लिफ्ट है? इस पर वो जवाब देते हैं, ‘हमारी फैमिली और घर में कई लोग हैं, जिन्हें जरूरत है. ये सब बहुत नॉर्मल है क्योंकि 3-4 फ्लोर बनाएंगे तो लिफ्ट की जरूरत होती है. सभी ने लगाई है. हमारे सभी रिश्तेदारों के घर पर है.’ इस पर तान्या बोलती हैं मैंने कहा तो यहां सब मुझे रोस्ट करने लग गए. वहीं प्रणित ने कह, ‘अरे सभी के यहां नहीं होती है, जब हमने सुना तो हम सब शॉक्ड हुए.’ तान्या के भाई ने बात खत्म करते हुए कहा, ‘हमने घर में कई साल पहले ही लगा ली थी, कोई बड़ी बात नहीं है.’

DELHI : स्टू़डेंट सुसाइड केस में एक्शन, स्कून मैनजमेंट ने हेडमिस्ट्रेस समेत 4 लोगों को किया सस्पेंड

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दिल्ली के सेंट कोलंबा स्कूल में कक्षा 10 के छात्र की आत्महत्या के मामले में हेडमिस्ट्रेस सहित चार स्टाफ को निलंबित कर दिया गया है. छात्र ने सुसाइड नोट में कुछ शिक्षकों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था. मामले की जांच के लिए समिति बनाई गई है. छात्र के परिजनों ने निलंबन को अस्थायी बताते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है.

दिल्ली के सेंट कोलंबा स्कूल में कक्षा 10 के छात्र की आत्महत्या के मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने हेडमिस्ट्रेस सहित चार स्टाफ सदस्यों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है. निलंबन आदेश के अनुसार, हेडमिस्ट्रेस (कक्षा 4 से 10), कक्षा 9 और 10 की कोऑर्डिनेटर और दो शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है. यह कदम उस समय उठाया गया जब पुलिस ने इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की.

दिल्ली शिक्षा विभाग ने मामले में जांच समिति गठित की है, जो यह देखेगी कि क्या स्कूल ने छात्र की शिकायतों को सही तरीके से संभाला था. विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि समिति जल्द अपनी रिपोर्ट देगी.

छात्र के पिता ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि निलंबन केवल अस्थायी है और इससे उन्हें न्याय नहीं मिलेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को लंबे समय तक मानसिक रूप से परेशान किया गया था. पिता ने मांग की कि जिन शिक्षकों के नाम एफआईआर में हैं, उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए. उनका कहना है कि ऐसा संदेश जाना चाहिए कि किसी भी बच्चे के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

मंगलवार दोपहर करीब 2.34 बजे छात्र राजेंद्र प्लेस मेट्रो स्टेशन से कूद गया था. उसे तुरंत बीएलके सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस के अनुसार, छात्र ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है जिसमें कुछ शिक्षकों के नाम और मानसिक प्रताड़ना का आरोप दर्ज है. नोट में उसने परिवार से माफी मांगी और अंग दान की इच्छा भी जताई. राजेंद्र नगर पुलिस स्टेशन में आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस अब सहपाठियों, शिक्षकों और स्कूल प्रशासन के बयान दर्ज कर रही है. जांच जारी है और आगे की कार्रवाई इन बयानों पर निर्भर करेगी.

NATIONAL : अकेली देख बार-बार छूने की कोशिश… नेशनल शूटर से छेड़छाड़ पर वर्मा ट्रैवल्स के क्लीनर समेत 2 ड्राइवर अरेस्ट….

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महिला खिलाड़ी 16 नवंबर की रात पैसेंजर बस से पुणे के लिए निकली थी. बस में सवार आरोपी नशे में थे, बार-बार महिला की सीट के पास गए, उसे बुरी नीयत से छुआ. भोपाल से पुणे जा रही एक प्राइवेट पैसेंजर बस में 30 साल की महिला शूटर के साथ सेक्शुअल हैरेसमेंट करने के आरोप में 2 ड्राइवर और एक अन्य शख्स को गिरफ्तार किया गया.

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस श्रीकृष्ण लालचंदानी ने बताया कि महिला की शिकायत के बाद वर्मा ट्रैवल्स बस के ड्राइवर अरविंद वर्मा (35) और परमेंद्र गौतम (52) के साथ ‘क्लीनर’ (ड्राइवर का असिस्टेंट) दीपक मालवीय (27) को गिरफ्तार किया गया.उन्होंने कहा, “शिकायतकर्ता 16 नवंबर की रात भोपाल में एक नेशनल शूटिंग कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने के बाद पैसेंजर बस से पुणे के लिए निकली थी. आरोपी नशे में थे, बार-बार उसकी सीट के पास गए, उसे बुरी नीयत से छुआ और उसके साथ गलत व्यवहार किया.”

DCP ने आगे कहा कि बस में लगभग 50 यात्री सवार थे, लेकिन उनमें से कोई भी महिला की मदद के लिए नहीं आया.जब बस इंदौर के राजेंद्र नगर इलाके से गुजर रही थी, तो पुलिस नशे में गाड़ी चलाने वालों के लिए गाड़ियों की चेकिंग कर रही थी. सड़क पर पुलिस को देखकर पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और आरोपियों की हरकतों का जोर जोर से विरोध करना शुरू कर दिया, जिसके बाद वे बस छोड़कर भाग गए.

पुलिस ने बस ऑपरेटर से संपर्क किया और बदले में ड्राइवर और क्लीनर का इंतजाम किया, जिसके बाद बस फिर से चल पड़ी.DCP लालचंदानी ने कहा कि तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के संबंधित नियमों के तहत मामला दर्ज किया गया और उन्हें गुरुवार को हिरासत में ले लिया गया और आगे की जांच जारी है. उन्होंने कहा कि जांच के तहत बस को जब्त कर लिया जाएगा.

BHAKTI : राम मंदिर पर 25 नवंबर को होगा भव्य ध्वजारोहण, जानें सूर्य-कोविदार चिन्हित ध्वज क्यों है इतना खास

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25 नवंबर को विवाह पंचमी के दिन अयोध्या के राम मंदिर पर केसरिया रंग की धर्म ध्वजा फहराई जाने वाली है. माना जा रहा है कि यह ध्वज भगवान राम के प्रति भक्तों की आस्था और रघुकुल की महान परंपराओं का प्रतीक होगा. ध्वज पर कोविदार वृक्ष और ‘ऊं’ का चिन्ह अंकित होगा, जो पवित्रता और शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है.

25 नवंबर को पूरे देश में विवाह पंचमी का पर्व मनाया जाएगा और उसी दिन राम मंदिर पर ध्वजारोहण किया जाएगा. देश-दुनिया की निगाहें एक बार फिर से रामनगरी अयोध्या पर टिकी हुई हैं क्योंकि 25 नवंबर को राम मंदिर के शिखर पर केसरिया धर्म ध्वजा फहराया जाएगा.

हिंदू धर्म में हमेशा से ही मंदिर पर ध्वजा फहराने की परंपरा बहुत ही प्राचीन और महत्वपूर्ण रही है. गरुड़ पुराण में कहा गया है कि मंदिरों पर फहराया गया ध्वज देवता की उपस्थिति को दर्शाता है और जिस दिशा में वह लहराता है, वह पूरा क्षेत्र पवित्र माना जाता है. शास्त्रों में मंदिर के शिखर का ध्वज देवता की महिमा, शक्ति और संरक्षण का प्रतीक बताया गया है.

25 नवंबर को राम मंदिर पर फहराया जाने वाला ध्वज न केवल भगवान राम के प्रति भक्तों की अनन्य आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि यह अयोध्या के सूर्यवंश और रघुकुल जैसी महान परंपराओं का साक्षी भी बनेगा.

वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस दोनों में ही ध्वज, पताका और तोरणों का वर्णन बड़े वैभव से मिलता है. त्रेता का उत्सव राघव के जन्म का था, और कलियुग का यह समारोह उनके मंदिर निर्माण के पूर्ण होने की घोषणा है. रघुकुल तिलक के मंदिर शिखर पर जब ध्वजा लहराएगी, तो यह संसार को संदेश देगी कि अयोध्या में रामराज की पुनर्स्थापना हो चुकी है.

राम मंदिर पर फहराने वाला ध्वज केसरिया रंग का होगा. सनातन परंपरा में केसरिया त्याग, बलिदान, वीरता और भक्ति का प्रतीक माना गया है. रघुवंश के शासनकाल में भी यह रंग विशेष स्थान रखता था. भगवा वह रंग है जो ज्ञान, पराक्रम, समर्पण और सत्य की विजय का प्रतिनिधित्व करता है. रामभक्तों और साधु-संतों ने सदियों तक जिस त्याग और संघर्ष से इस परंपरा को जीवित रखा, वही इनके बलिदान का प्रतीक बनकर इस ध्वजा पर अंकित है.

ध्वज पर कोविदार वृक्ष और ‘ऊं’ की छवि अंकित की गई है. कोविदार वृक्ष का उल्लेख कई प्राचीन ग्रंथों में मिलता है और इसे पारिजात व मंदार के दिव्य संयोग से बना वृक्ष माना गया है. देखने में यह आज के कचनार वृक्ष जैसा प्रतीत होता है. रघुवंश की परंपरा में कोविदार वृक्ष अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है. सूर्यवंश के राजाओं के ध्वज पर सदियों से इसी वृक्ष का प्रतीक अंकित होता आया है. वाल्मीकि रामायण में भरत के ध्वज पर भी कोविदार का वर्णन मिलता है, जब वे श्रीराम से मिलने वन गए थे. इसी तरह ‘ऊं’, जो सभी मंत्रों का प्राण है, ध्वजा पर अंकित होने से यह संपूर्ण सृष्टि का प्रतिनिधित्व करता है.

ज्योतिषियों के अनुसार, राम सीता विवाह महोत्सव, धर्म ध्वजा का रोहण और अयोध्या की दिव्य सजावट, यह सब मिलकर ऐसा दृश्य रच रहे हैं जैसा कभी त्रेतायुग में था. इस समय अयोध्या दुल्हन की तरह सजी हुई है और दुनियाभर के रामभक्त इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने को उत्साहित हैं. धर्म ध्वजा के शिखर पर लहराने के साथ ही यह क्षण सदियों की प्रतीक्षा का अंत और रामराज्य की पुनर्स्थापना का प्रतीक बनकर इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज हो जाएगा.

KANPUR : ‘मेरी 4 नहीं सिर्फ एक शादी हुई… दारोगा खुद ही लुटेरा दूल्हा’, कानपुर की दिव्यांशी ने दी सफाई

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कानपुर में दारोगा आदित्य कुमार की पत्नी दिव्यांशी ने खुद को ‘लुटेरी दुल्हन’ के आरोपों से इनकार किया है. उन्होंने दावा किया कि दारोगा ने शादी के नाम पर उनसे स्कॉर्पियो और ₹25 लाख की एफडी ली थी. दिव्यांशी ने दारोगा के अकाउंट में ₹2 करोड़ के ट्रांजैक्शन का आरोप भी लगाया है. कोर्ट से रिहा होने के बाद उन्होंने दारोगा को ही ‘लुटेरा दूल्हा’ बताया है, जो झूठे आरोप लगा रहा है.

कानपुर में ग्वालटोली थाने में तैनात दारोगा आदित्य कुमार से चौथी शादी के आरोपों में ‘लुटेरी दुल्हन’ के रूप में चर्चित उनकी पत्नी दिव्यांशी ने अब खुद सामने आकर सफाई दी है. उन्होंने दावा किया कि उनकी सिर्फ एक ही शादी दारोगा आदित्य से हुई है. वह लुटेरी दुल्हन नहीं हैं, बल्कि दारोगा ही लुटेरा दूल्हा है, जिसने शादी के नाम पर उनसे स्कॉर्पियो और ₹25 लाख की एफडी बनवाई.

दारोगा आदित्य कुमार ने आरोप लगाया था कि दिव्यांशी ने उनसे चौथी शादी की, पहले की शादियां छिपाईं और पैसा ऐंठने के लिए शादी की. दारोगा ने दो बैंक मैनेजर और एक दरोगा को भी फंसाने का आरोप लगाया था. इस मामले में एसआईटी जांच के बाद पुलिस ने दिव्यांशी की गिरफ्तारी का दावा किया था, लेकिन कोर्ट ने साक्ष्य पूरे न मानते हुए उन्हें मुचलके पर रिहा कर दिया. रिहा होने के बाद दिव्यांशी ने कहा कि दारोगा के अकाउंट से ₹2 करोड़ का ट्रांजैक्शन हुआ है, और वह झूठे आरोप लगाकर अपना बचाव कर रहे हैं.

दिव्यांशी के आरोपों पर दारोगा आदित्य कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि स्कॉर्पियो गाड़ी दिव्यांशी के भाई के नाम पर है, जिसे वह खुद बेच चुकी हैं, और ₹25 लाख की एफडी शादी से पहले दिव्यांशी ने अपने नाम पर कराई थी. वहीं, दिव्यांशी के वकील ने दारोगा पर पद का दुरुपयोग करने और पैसा वसूलने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच के लिए डीजीपी को पत्र लिखा है. दारोगा ने कहा कि मुकदमा दर्ज है और ट्रायल शुरू होने पर सच्चाई सामने आएगी.

इस बीच, कानपुर पुलिस के डीसीपी की टीम ने मामले की नए सिरे से जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल सभी लोगों के बैंक अकाउंट चेक किए जाएंगे और हरेक पहलू की जांच की जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके.

MP : ‘3 दिन में खुद हटाओ, नहीं तो तोड़ने का खर्चा भी वसूलेंगे’, Al-Falah यूनिवर्सिटी चेयरमैन के घर पर बुलडोजर का साया,महू कैंट बोर्ड का नोटिस

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सेना की महू छावनी की ओर से नए नोटिस में कानूनी वारिसों को तीन दिन के अंदर स्ट्रक्चर हटाने को कहा गया है. अगर निर्देश का पालन नहीं होता है तो बोर्ड कार्रवाई करेगा और इसका खर्च संबंधित पार्टी से वसूला जाएगा.मध्य प्रदेश में महू कैंटोनमेंट बोर्ड ने अल फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी के घर को तोड़ने का नोटिस जारी हुआ है. कैंटोनमेंट बोर्ड कहा है कि अगर तीन दिनों के अंदर खुद घर नहीं हटाया तो स्ट्रक्चर को गिरा दिया जाए.

कैंटोनमेंट इंजीनियर एचएस कलोया ने कहा, ”हमने मरहूम मौलाना हम्माद के घर को एक नोटिस जारी किया है, जो जवाद अहमद सिद्दीकी के पिता हैं. नोटिस के अनुसार, डिपार्टमेंट ने पहले भी 1996 और 1997 में कैंटोनमेंट्स एक्ट 1924 की संबंधित धाराओं के तहत बिना इजाजत कंस्ट्रक्शन को हटाने का निर्देश देते हुए कई कम्युनिकेशन जारी किए थे.”कलोया ने कहा, ”लेकिन बार-बार नोटिस देने के बावजूद कंस्ट्रक्शन को नहीं हटाया गया. नए नोटिस में प्रॉपर्टी पर अभी रहने वाले या कानूनी वारिसों को तीन दिन के अंदर बिना इजाज़त के स्ट्रक्चर को हटाने का निर्देश दिया गया है.”

अधिकारी ने कहा कि अगर निर्देश का पालन नहीं किया जाता है, तो कैंटोनमेंट बोर्ड हटाने की कार्रवाई करेगा और खर्च कैंटोनमेंट एक्ट के नियमों के अनुसार संबंधित पार्टी से वसूला जाएगा. यह प्रॉपर्टी – मकान नंबर 1371 – महू के मुकेरी मोहल्ला इलाके में सर्वे नंबर 245/1245 पर है.पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस ने पहले जवाद सिद्दीकी के भाई हमूद अहमद सिद्दीकी को महू में एक फाइनेंशियल फ्रॉड के सिलसिले में हैदराबाद से गिरफ्तार किया था.

हमूद पर 25 साल पहले MP के महू में बड़े पैमाने पर फाइनेंशियल फ्रॉड करने का आरोप है. दिल्ली ब्लास्ट का मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी अल फलाह यूनिवर्सिटी के जनरल मेडिसिन डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर था.

माना जाता है कि दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े कई संदिग्धों का यूनिवर्सिटी से संबंध था, जिससे जांच करने वालों को इंस्टीट्यूशनल रिकॉर्ड, फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और एडमिनिस्ट्रेटिव अप्रूवल की जांच करने के लिए कहा गया.

बता दें कि हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी 10 नवंबर को दिल्ली में हुए ब्लास्ट केस में जांच का केंद्र बन रही है. दिल्ली ब्लास्ट में 15 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हुए थे.

NATIONAL : ससुराल में दामाद ने सास पर किया जानलेवा हमला, इश्तिहार चिपकाने के बाद पुलिस ने पकड़ा

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झारखंड के गढ़वा जिले में सास पर जानलेवा हमला करने वाले दामाद को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. आरोपी पिछले 11 महीनों से फरार था. पीड़ित सास ने उसके खिलाफ बरडीहा थाने में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कराया था. न्यायालय के आदेश पर घर पर इश्तिहार चिपकाने के बाद पुलिस ने उसे देर रात पकड़ लिया.

झारखंड के गढ़वा जिले में एक दामाद की हरकत ने पूरे परिवार को संकट में डाल दिया. बरडीहा थाना क्षेत्र के जीका गांव निवासी रमेश रजवार को पुलिस ने मंगलवार की रात गिरफ्तार कर लिया और बुधवार को उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. रमेश पर अपनी सास पर जानलेवा हमला करने का गंभीर आरोप है.

घटना के अनुसार, रमेश किसी बात को लेकर अपने ससुराल गया था. वहां उसकी सास से कहासुनी हो गई और विवाद इतना बढ़ गया कि उसने सास पर हमला कर दिया. इससे सास गंभीर रूप से घायल हो गई. पीड़िता ने तुरंत बरडीहा थाने में दामाद के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कराया था.घटना के बाद रमेश 11 महीनों तक फरार रहा. कई बार पुलिस ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह हाथ नहीं लगा. न्यायालय में तय समय पर आत्मसमर्पण न करने पर अदालत ने उसके घर पर कर्की-जप्ती की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया. सोमवार को पुलिस ने उसके घर पर ढोल बजाकर इश्तिहार चिपकाया, ताकि वह अदालत के आदेश की जानकारी से इनकार न कर सके.

इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए अभियान तेज किया. मंगलवार की देर रात पुलिस को सफलता मिली और रमेश को गिरफ्तार कर लिया गया. थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्परता से कार्रवाई की. बुधवार को आरोपी रमेश रजवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में गढ़वा जेल भेज दिया गया. इस घटना ने इलाके में तनाव का माहौल बना दिया है और गांव के लोग भी इस घटना को लेकर काफी हैरान हैं.

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