Wednesday, April 29, 2026
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UP : ‘रात में दोस्तों को बुलाकर पति करवाता है अनैतिक…’ लखनऊ की महिला ने पति पर लगाए गंभीर आरोप

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है. एक महिला ने अपने पति पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं कि पति उससे दहेज की डिमांड करता था. निजी तस्वीरें वायरल करने की धमकी देता था. इसके अलावा अपने दोस्तों को बुलाकर उसने अनैतिक काम करवाता था.

यूपी की राजधानी लखनऊ में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां वजीरगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने अपने पति पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट करने, मानसिक प्रताड़ना, नशीला पदार्थ खिलाने और दोस्तों के साथ अनैतिक कार्य करवाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी पति और उसके साथियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

पीड़िता ने कहा कि पति शादी के बाद से ही दहेज लाने का दबाव बनाता था. दहेज न मिलने पर वह अक्सर गालियां देता, छोटी-छोटी बातों पर मारपीट करता और कई बार घर से बाहर निकाल देता था. महिला के अनुसार, पति की हरकतें धीरे-धीरे और खतरनाक होती गईं.

पीड़िता ने आरोप लगाया कि पति देर रात अपने नए-नए दोस्तों को घर पर बुलाता था. इसके बाद वह उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला देता था. महिला के मुताबिक, नशीले पदार्थ का असर होते ही वह बेसुध हो जाती थी और इसी दौरान आरोपी पति अपने दोस्तों से अनैतिक कार्य करवाता था. होश आने पर जब वह विरोध करती, तो पति उसे प्राइवेट फोटोज और वीडियो वायरल करने की धमकी देता था.

पीड़िता का दावा है कि जब वह प्रेग्नेंट हो गई तो जबरन उसे गर्भपात की दवा खिला दी गई, जिसके बाद उसकी हालत गंभीर हो गई. पति कहता था कि ये बच्चा मेरा नहीं है. पीड़िता ने बताया कि इस दौरान उसे डॉक्टर के पास भी नहीं ले जाया गया. लगातार प्रताड़ना और धमकियों से परेशान होकर महिला आखिरकार न्याय की गुहार लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय, पुलिस आयुक्त कार्यालय और अन्य अधिकारियों के पास पहुंची. पुलिस ने आरोपी पति और उसके साथियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है.

UP : 10 साल तक शारीरिक शोषण, फिर दूसरी लड़की के साथ शादी करने चला सिपाही, पुलिस लेकर पहुंच गई प्रेमिका

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कानपुर में एक आलीशान गेस्ट हाउस में एक सिपाही की शादी से ठीक पहले उसका ऐसा करनामा सामने आ गया कि उसे दुल्हन के साथ गेस्ट हाउस से भागना पड़ा. उसने कानपुर देहात जिले में शादी का झांसा देकर एक एलएलबी छात्रा से 10 सालों तक रेप किया था. इसी लड़की ने शादी के दिन पुलिस के साथ धावा बोल दिया.

उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक आलीशान गेस्ट हाउस में एक सिपाही की शादी से ठीक पहले उसका ऐसा करनामा सामने आ गया कि माहौल अजब हो गया. यहां पर सिपाही संतोष यादव की शादी की तैयारी चल रही थी. उसी समय कानपुर देहात की रहने वाली है एक एलएलबी छात्रा पुलिस के साथ संतोष का एनबीडब्ल्यू वारंट लेकर पहुंच गई. उसने वहां सबको बताया कि सिपाही संतोष यादव ने शादी के नाम पर कई बार रेप किया है. लेकिन बाद में शादी करने से इनकार कर दिया तो मैंने उसकी रिपोर्ट कानपुर देहात की अकबरपुर कोतवाली में दर्ज कराई है. पुलिस उसकी तलाश कर रही है.

उसने आगे बताया कि अदालत से उसका गिरफ्तारी का एनबीडब्ल्यू वारंट निकाला है लेकिन वह अदालत में हाजिर नहीं हो रहा है. आज हम लोगों को पता चला कि उसकी यहां शादी हो रही है इसलिए हम लोग पुलिस के साथ उसकी गिरफ्तारी के लिए आए हैं .लेकिन पुलिस के आने से पहले ही संतोष यादव को पुलिस के आने का पता चल चुका था इसलिए वह गेस्ट हाउस से अपनी होने वाली पत्नी को लेकर गायब हो गया. इधर पुलिस ने पूरे गेस्ट हाउस में उसकी तलाश की लेकिन उसका पता नहीं चला. कानपुर देहात की पुलिस के साथ कानपुर की चाकरी की पुलिस की थी जो गेस्ट हाउस में पुलिस स्टेशन सिपाही की गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी लेकिन वह फरार हो गया.

पीड़ित छात्रा का कहना था की वो कानपुर देहात की रहने वाली है और लगभग 1 साल पहले अकबरपुर कोतवाली में आरोपी सिपाही सचिन यादव की तैनाती के दौरान उनकी मुलाकात हुई और दोनों का इश्क परवान चढ़ गया.

यादव ने एल एल बी छात्रा से वादा किया कि वो उससे शादी करेगा और लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा. कुछ दिन पहले आरोपी सिपाही सचिन का ट्रांसफर सुल्तानपुर हो गया और उसने पीड़ित छात्रा से दूरी बना ली जिसके बाद पीड़ित छात्रा ने अकबरपुर कोतवाली मे आरोपी सिपाही सचिन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया लेकिन पुलिस ने महज मुकदमा दर्ज कर कोई कार्यवाही नहीं की. इसी बीच छात्रा को पता लगा कि आरोपी सिपाही सचिन कानपुर के कोयला नगर मे शादी कर रहा है जिसके बाद पीड़िता ने ये कदम उठाया.

ENTERTAINMENT : 53 की उम्र में कुंवारे हैं करण जौहर, सताता है अकेलापन, कब करेंगे शादी?

फिल्ममेकर करण जौहर ने अकेलेपन और प्यार की तलाश पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि खाना खाते वक्त उन्हें अकेलापन महसूस होता है और उन्होंने सिंगल होने की हकीकत स्वीकार कर ली है. लेकिन उन्होंने प्यार को लेकर हार नहीं मानी है. उन्हें सच्चे प्यार का आज भी इंतजार है.

फिल्ममेकर करण जौहर 53 साल की उम्र में भी कुंवारे हैं. वो कई बार बोल चुके हैं कि पार्टनर न होने की कमी उन्हें खलती है. अब फिल्ममेकर ने टेनिस स्टार सानिया मिर्जा के शो ‘सर्विंग इट अप विद सानिया’ के नए एपिसोड में अकेलेपन पर बात की. दोनों ने सिंगल पैरेंट होने से लेकर प्यार की तलाश का जिक्र किया. करण ने बताया कि उन्हें अक्सर खाना खाते वक्त अकेलापन महसूस होता है.

सानिया ने फिल्ममेकर से पूछा कि उन्हें पार्टनर न होने पर कैसा लगता है? जवाब में करण ने कहा, अब मैं ठीक हूं. एक समय था जब मुझे सच में प्यार चाहिए था. मुझे साथ चाहिए था, रिश्ता चाहिए था. मैंने हर तरह के अनुभव किए जैसे कि कोई टूटा दिल, एकतरफा प्यार. मैंने इस पर एक फिल्म भी बनाई. इससे मुझे राहत मिली और मैं थोड़ा ठीक हुआ.

करण के मुताबिक, लोग उन्हें खुद को ओपन रखने और देश से बाहर जाने की सलाह देते हैं. वो कहते हैं- मैं कहां जाऊं? मैं यहीं पर अपनी मां और दो बच्चों के साथ रहता हूं. मुझे यहीं रहना होगा. मुझे अकेलापन महसूस होता है और ये सच है. इंसान सबसे ज्यादा अकेलापन अपनी खुशियों के वक्त महसूस करता है न कि दुख के वक्त. अकेले खाना खाना आपको और अकेलापन महसूस कराता है.

करण का कहना है उन्होंने सिंगल होने की हकीकत को स्वीकार लिया है. लेकिन वो प्यार के लिए कभी ना नहीं कहेंगे. वो शाहरुख खान की तरह खुली बांहों के साथ सच्चे प्यार का इंतजार करेंगे. करण ने माना कि उन्होंने बेस्ट लव स्टोरीज बनाई हैं लेकिन दुर्भाग्यवश उनकी खुद की कोई ऐसी कहानी नहीं है. वो कहते हैं- रब ने मेरे लिए वो जोड़ी नहीं बनाई.

करण बेशक सिंगल हैं. लेकिन वो पिता बन चुके हैं. वो सरोगेसी के जरिए दो बच्चों के पिता बने हैं. वर्कफ्रंट पर उनके डायरेक्शन में बनी पिछली फिल्म रॉकी और रानी की प्रेम कहानी थी. मूवी में रणवीर सिंह, आलिया भट्ट, धर्मेंद्र, शबाना आजमी, जया बच्चन अहम रोल में थे.

MP : रौंदते हुए निकल गया ट्रक, नीचे आए युवक की बच गई जान, बोला- हेलमेट न होता तो कचूमर बन जाता

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भोपाल में 17 नवंबर को एक ऐसा हैरान कर देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जहां एक युवक ट्रक के नीचे आने के बावजूद बाल-बाल बच गया. यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई.मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हैरान कर देने वाला हादसा सामने आया है. ट्रक के नीचे गिरे एक युवक की जान बच गई. सीसीटीवी में यह पूरा मंजर कैद हो गया है. पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

पीड़ित की पहचान विमल राव के रूप में हुई है. वह बाइक से अपने घर जा रहे थे. उसी दौरान पीछे से आ रहे ट्रक ने उन्हें टक्कर मारी और भारी वाहन उनके ऊपर से निकल गया. हेलमेट पहने होने के वजह से विमल को सर में चोट नहीं आई. मगर उनके हाथ पैरों में काफी गंभीर चोटें आई हैं. विमल राव ने गौतम नगर थाने में अज्ञात वाहन के खिलाफ FIR कराई है.

भोपाल निवासी विमल राव ने एक वीडियो शेयर कर बताया, ”मैं बीते सोमवार को दोपहर 3:45 के आसपास नादरा बस स्टैंड से निकलता हुआ छोला गणेश मंदिर अंडर ब्रिज के सामने पहुंचा. इसी दौरान आलमी तब्लीगी इज़्तिमा में आई जमात को छोड़ने वाले वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी. मैं सड़क पर गिर गया और तुरंत मेरे ऊपर से ही वाहन निकालकर ले गया. वहां ट्रैफिक संभाल रहे मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उस टक्कर मारने वाले चार पहिया लोडिंग वाहन को रोका तक नहीं. जबकि मौके पर 100 से अधिक लोगों का हुजूम था. सभी ने मिलकर उस इज्तिमा के व्यवस्था वाले वाहन को आगे रहकर निकाल दिया. उस दौरान न तो किसी ने 108 को एम्बुलेंस को बुलाया और न 112 पर पुलिस को बुलाया. न किसी ने भागते हुए वाहन की वीडियो बनाई और न ही किसी उस

घायल विमल राव बोले, मैंने स्वयं अपने मित्रों को फोन लगाया और मदद के लिए बुलाया. मैं सीधे पुलिस थाना गया. शिकायत लिखवाई और फिर अपने परिचितों के वाहन से हमीदिया अस्पताल पहुंचा. मुझे थाने से कोई वाहन भी नहीं मिला. सिर्फ एक सिपाही मेरे साथ भेज दिया. मेडिकल के बाद मैं अपने छोटे भाई के निजी वाहन से वापस गौतम नगर थाना पहुंचा.

MAHARASHTRA : ‘नौकरी करनी थी, इंडिपेंडेंट बनना था…’, मां ने 20 दिन के बेटे को नदी में फेंककर ले ली जान

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महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 22 वर्षीय महिला को अपने नवजात पुत्र की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के अनुसार, महिला ने कथित तौर पर बच्चे को वैैनगंगा नदी में फेंक दिया और initially पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की. मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में दहशत और स्तब्धता फैल गई है.

महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में बुधवार को सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. यहां पुलिस ने एक 22 साल की महिला को उसके नवजात बच्चे की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, महिला ने अपने 20 दिन के बच्चे को वैनगंगा नदी में फेंक दिया था. यह घटना 17 नवंबर को हुई, लेकिन इसका खुलासा जांच के दौरान हुआ.

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि महिला ने शुरू में एक झूठी कहानी गढ़कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की. उसने दावा किया कि 17 नवंबर को कोई अज्ञात व्यक्ति उसका बच्चा चुरा कर ले गया. इस बयान के आधार पर गायब बच्चे की तलाश शुरू की गई, लेकिन जांच के दौरान पुलिस को उसकी कहानी पर संदेह हुआ. पूछताछ में जब पुलिस ने सख्ती दिखाई, तो उसने अपनी गलती स्वीकार कर ली.

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि महिला कथित तौर पर नौकरी करना चाहती थी और इंडिपेंडेंट बनकर अपना जीवन आगे बढ़ाना चाहती थी जबकि उसे घर पर रहकर बच्चे की देखभाल करनी पड़ती. पुलिस के अनुसार, उसे लगने लगा कि बच्चे के कारण वह घर में कैद होकर रह जाएगी. इस मानसिक दबाव और परिस्थितियों के चलते उसने यह अमानवीय कदम उठाया.

पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला ने स्वीकार किया कि उसने स्वयं बच्चे को वैनगंगा नदी में फेंका था. खोजबीन के बाद स्थानीय गोताखोरों की मदद से बच्चे का शव नदी से बरामद कर लिया गया. पुलिस ने महिला के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है. अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या घटना के पीछे कोई और कारण या दबाव था. घटना ने स्थानीय समुदाय में गहरा सदमा पैदा कर दिया है. लोग इस बात पर अविश्वास जता रहे हैं कि एक मां इस तरह का कदम कैसे उठा सकती है.

Delhi: स्कूल शिक्षकों पर प्रताड़ना का आरोप लगाकर 10वीं का छात्र मेट्रो स्टेशन से कूदा, सुसाइड नोट में जताई अंग दान की इच्छा

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दिल्ली में 16 साल के दसवीं कक्षा के छात्र ने राजेंद्र प्लेस मेट्रो स्टेशन से कूदकर जान दे दी. उसने सुसाइड नोट में अपने अंग दान करने की इच्छा जताई और कुछ शिक्षकों पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए. छात्र पिछले कई महीनों से स्कूल के बर्ताव से परेशान था. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और शिक्षकों से पूछताछ जारी है.

दिल्ली में मंगलवार को एक बेहद दुखद घटना सामने आई है. 16 साल के दसवीं कक्षा के छात्र ने दोपहर में राजेंद्र प्लेस मेट्रो स्टेशन से कूदकर अपनी जान दे दी. सुबह वह अपने ड्रामा क्लब के लिए उत्साहित होकर घर से निकला था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उसने यह दर्दनाक कदम उठा लिया. मौके पर मौजूद लोगों ने उसे तुरंत पास के BLK अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

छात्र ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है. नोट में उसने लिखा है कि उसके अंग दान कर दिए जाएं ताकि कोई भी बच्चा उसकी तरह की तकलीफ से न गुजरे. अपने छोटे से पत्र में उसने कुछ शिक्षकों के नाम भी लिखे हैं और उन पर लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया है. उसने कहा है कि स्कूल में लगातार मिलने वाली परेशानी ने उसे अंदर से तोड़ दिया था.

मृतक छात्र के पिता ने भी पुलिस को बताया कि उनका बेटा पिछले कई महीनों से स्कूल में अपने साथ हो रहे बर्ताव से परेशान था. उन्होंने कहा कि उन्होंने कई बार इस बारे में चिंता जताई थी, लेकिन हालात में कोई बदलाव नहीं आया. पिता के अनुसार, बेटे की मानसिक स्थिति धीरे-धीरे खराब होती जा रही थी.

पुलिस ने छात्र द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है और मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस अब सुसाइड नोट में लिखे शिक्षकों से पूछताछ कर रही है. इसके साथ ही पुलिस छात्र के दोस्तों और परिवार से भी लगातार संपर्क में है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके. पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जो मामले में अहम भूमिका निभाएगी. पुलिस इस घटना को बेहद गंभीरता से देख रही है.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

MP : जनवरी में होनी थी शादी… 29 की उम्र में 2 बार मिल चुके थे गैलेंट्री अवॉर्ड, नक्सल एनकाउंटर में शहीद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की कहानी

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छत्तीसगढ़-MP बॉर्डर पर नक्सलियों के साथ एनकाउंटर में मध्य प्रदेश के पुलिस इंस्पेक्टर आशीष शर्मा शहीद हो गए. हॉकफोर्स की बालाघाट यूनिट के इंस्पेक्टर नरसिंहपुर के बोहानी गांव के निवासी थे. जनवरी में आशीष की शादी होनी थी. बालाघाट में पदस्थ DSP संतोष पटेल ने लिखा, ”नमन है उस मां को जो कल तक शाम को बेटे से बात करती रही होगी कि एक माह बाद शादी में क्या करेंगे..बहू का स्वागत ऐसे करेंगे और आज रो रही होंगी.”

शहीद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा (29) के पिता देवेंद्र शर्मा किसान हैं और शर्मिला शर्मा गृहणी. छोटा भाई अंकित शर्मा पढ़ाई कर रहा है. 2016 में SAF में बतौर उप निरीक्षक (SI) भर्ती हुए आशीष 2018 में हॉकफोर्स में आए थे और नक्सलियों के खिलाफ कई सफल ऑपरेशन कर चुके थे.

इसके अलावा, 2023 में कुख्यात नक्सली महिला सरिता और सुनीता को ढेर करने का खिताब भी उनके नाम दर्ज है. इसी साल फरवरी में तीन महिला नक्सलियों को मार गिराने के बाद आशीष को ‘आउट ऑफ टर्न’ प्रमोशन देकर इंस्पेक्टर बनाया गया था. फिलहाल, इंस्पेक्टर आशीष शर्मा बालाघाट की किरनापुर थाना इलाके की कीन्ही चौकी में पदस्थ थे.

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) रेंज के IG अभिषेक शांडिल्य ने बताया, MMC यानी महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ जोन में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर दोनों राज्यों के सुरक्षाकर्मियों की एक जॉइंट टीम एंटी-नक्सल ऑपरेशन पर निकली थी. इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर यह ऑपरेशन शुरू किया गया था.
छत्तीसगढ़ के बोरतलाव इलाके से सटे कंघुर्रा के जंगल में फायरिंग हुई. इस दौरान MP पुलिस की हॉक फोर्स के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा गोलीबारी में घायल हो गए. पुलिस के मुताबिक, उन्हें इलाज के लिए छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ एयरलिफ्ट किया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया.

MP के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शर्मा की मौत पर दुख जताया और कहा कि नियमों के मुताबिक उनके परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी.
उन्होंने कहा, “हमें नरसिंहपुर जिले के हमारे बहादुर सैनिक आशीष शर्मा के बारे में बहुत दुखद खबर मिली, जो छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ एक जॉइंट ऑपरेशन के दौरान शहीद हो गए. सरकार इस दुख की घड़ी में उनके दुखी परिवार के सदस्यों के साथ है.”

CM यादव ने रिपोर्टर्स से कहा, “शहीद सैनिक के छोटे भाई को सरकारी नौकरी में भर्ती किया जाएगा और परिवार को सरकारी पॉलिसी के अनुसार सभी सुविधाएं और मदद दी जाएगी.” लेकिन उन्होंने कहा कि यह घटना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने से सरकार को नहीं रोक पाएगी.

BHAKTI : शादी के कार्ड छपवाने में लोग करते हैं ये बड़ी गलती, प्रेमानंद महाराज ने चेताया, जानें और करें सुधार

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प्रेमानंद महाराज के अनुसार, आजकल लोग ट्रेंड वगैरह को देखकर शादी के कार्ड पर भगवान के नाम या चित्र चित्रित करवा देते हैं जो कि बहुत ही अशुभ होता है. उनका कहना है कि शादी के कार्ड का उपयोग सीमित समय के लिए होता है और बाद में ये कार्ड फेंक दिए जाते हैं, जिससे भगवान की छवियों का अपमान होता है.

इस समय शादी-ब्याह का सीजन जोरों-शोरों पर हैं. लोग रिश्तेदारों और दोस्तों को अपनी इन खुशियों में शामिल करने के लिए शादी के कार्ड छपवाते हैं. पारंपरिक हिंदू परिवार आज भी इन कार्डों पर भगवानों की तस्वीरें छपवाते हैं. शादी के कार्ड पर भगवान की तस्वीरें छापने की परंपरा भले ही शुभ मानकर शुरू की गई हो, लेकिन आजकल यह अनजाने में अनादर का कारण बन रही है. इसलिए, इन कार्डों पर देवी-देवताओं की छवियां नहीं छापनी चाहिए. इसी से जुड़े प्रश्न का उत्तर वृंदावन-मथुरा के बाबा प्रेमानंद महाराज ने दिया. एक भक्त ने महाराज जी से ये सवाल किया कि क्या हमें शादी के कार्ड पर भगवान के चित्र चित्रित करवाने चाहिए.

इस बात का प्रेमानंद महाराज ने उत्तर देते हुए कहा कि, ‘शादी का कार्ड एक सीमित समय के लिए उपयोग होने वाली वस्तु है. शादी का कार्यक्रम पूरा होते ही यह कागज लोगों के लिए सिर्फ रद्दी बन जाता है, कभी कूड़े में फेंक दिया जाता है, तो कभी घर के किसी कोने में पड़ा-पड़ा खराब हो जाता है. ऐसे में उस पर छपी भगवान की छवि का अपमान होना स्वाभाविक है. भगवान का हमेशा सम्मान करना चाहिए, किसी भी रूप में उनका अपमान नहीं करना चाहिए. इसलिए निमंत्रण पत्र पर उनका उपयोग करना उचित नहीं माना जाता है.’

आगे प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि शादी के कार्ड पर सिर्फ दूल्हा-दुल्हन का नाम, विवाह की तिथि और स्थान जैसी आवश्यक जानकारी ही होनी चाहिए. लेकिन आजकल कई लोग इन कार्डों पर भगवान शिव-पार्वती, राधा-कृष्ण या सिया-राम के विवाह रूप जैसी पवित्र छवियां छाप देते हैं.’

‘लेकिन, कार्ड का उपयोग सिर्फ एक बार होता है जिसके बाद इन शादी के कार्डों को रद्दी में फेंक दिया जाता है. ऐसे में उस पर छपी देवताओं और भगवान की तस्वीरें अपमान का रूप ले लेती हैं, क्योंकि पवित्र छवियों को कूड़ेदान में डालना या पैरों तले आ जाना हमारी परंपरा के विपरीत माना गया है. इसी वजह से समाज में यह एक तरह की विकृति मानी जा रही है कि हम श्रद्धा से जुड़ी दिव्य छवियों को भी कूड़े में फेंक रहे हैं.’

NATIONAL : गोरखपुर के इस गांव में दहशत! 200 लोगों ने पिया रेबीज संक्रमित गाय के दूध से बना पंचामृत, अब लगवा रहे वैक्सीन

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गोरखपुर के रामडीह गांव में रेबीज संक्रमित गाय की मौत के बाद लगभग 200 ग्रामीण दहशत में हैं. गांव में एक धार्मिक अनुष्ठान में इसी गाय के कच्चे दूध का पंचामृत लोगों ने ग्रहण किया था. गाय को तीन महीने पहले कुत्ते ने काटा था. चिकित्सकों की सलाह पर अब तक 170 से ज्यादा लोग एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवा चुके हैं.

गोरखपुर के रामडीह गांव में रेबीज संक्रमित गाय की मौत से दहशत फैल गई है. कुछ दिन पहले एक धार्मिक अनुष्ठान में इसी गाय के कच्चे दूध का पंचामृत बनाकर लगभग 200 ग्रामीणों ने आस्था से ग्रहण किया था. गाय की मौत के बाद चिकित्सकों ने सभी को रेबीज का इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी है, जिसके बाद अब तक 170 से ज्यादा लोग टीका लगवा चुके हैं.

आपको बता दें कि यह घटना गोरखपुर के उरुवा ब्लॉक के रामडीह गांव में हुई. गांव के लगभग 200 ग्रामीण दहशत में हैं. दरअसल, गांव में आयोजित एक धार्मिक अनुष्ठान में रेबीज संक्रमित गाय के कच्चे दूध से बना पंचामृत लोगों ने ग्रहण किया था. दो दिन पहले संक्रमित गाय की मौत हो गई. तीन महीने पहले गाय को एक आवारा कुत्ते ने काटा था. चिकित्सकों ने सभी लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने की सलाह दी.

जानकारी के मुताबिक, सुशील गौड़ की गाय को करीब तीन महीने पहले एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था. गौड़ ने जागरूकता दिखाते हुए गाय को तुरंत एंटी रेबीज वैक्सीन दिलवाई, लेकिन बाद में जानकारी के अभाव में इलाज नहीं कराया. धीरे-धीरे गाय में रेबीज के लक्षण दिखने लगे और वह अजीबोगरीब हरकतें करने लगी. दो दिन पहले रेबीज संक्रमण के कारण गाय की मौत हो गई, जिसके बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई.

रामडीह गांव में राजीव गौड़ और सोनू विश्वकर्मा के घर एक धार्मिक आयोजन था. इसमें पंचामृत बनाने के लिए धर्मेंद्र गौड़ की गाय का कच्चा दूध इस्तेमाल किया गया था. धार्मिक आस्था के चलते लगभग 150 से 200 ग्रामीणों ने श्रद्धापूर्वक यह पंचामृत ग्रहण किया. जब गाय के रेबीज संक्रमित होने की जानकारी सामने आई, तो पूरे गांव में खतरे की घंटी बज गई. जजमान के घरवाले और रिश्तेदार भी पंचामृत का सेवन करने वालों में शामिल थे.

इस घटना के बाद उरुवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. चिकित्सक डॉ. एपी सिंह ने बताया कि एहतियात के तौर पर पंचामृत ग्रहण करने वाले हर व्यक्ति को रेबीज वैक्सीन की तीन डोज दी जाएगी. अब तक 170 से अधिक ग्रामीण पीएचसी पहुंचकर वैक्सीन की पहली डोज ले चुके हैं. लोग बेहद चिंतित हैं क्योंकि संक्रमण का खतरा सीधे जीवन से जुड़ा हुआ है.

WORLD : पहले लगा झटका, अब शानदार ‘कमबैक’ की तैयारी; ट्रंप के टैरिफ को इस इंडस्ट्री ने दिखाया ठेंगा

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भारत के सीफूड एक्सपोर्ट में झींगा की सबसे हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है. 2024–25 में भारत ने 4.88 अरब डॉलर का झींगा एक्सपोर्ट किया, लेकिन फिर ट्रंप के टैरिफ ने सारा खेल बिगाड़ दिया.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जब अगस्त में भारत पर 50 परसेंट टैरिफ लगाया था, तब उस दौरान देश की एक इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा था. यह इंडस्ट्री है-भारत का सबसे बड़ा सीफूड मार्केट, जिस पर टैरिफ का गहरा असर देखने को मिला था. खासतौर पर टैरिफ ने भारत के झींगा निर्यात को बुरी तरह से प्रभावित किया क्योंकि भारतीय झींगा का अमेरिका बड़ा खरीदार है.

भारत हर साल अमेरिका में अरबों डॉलर का झींगा भेजता है और टैरिफ से यह कारोबार पूरी तरह चौपट हो गया. टैरिफ की वजह से अमेरिका में झींगा की कीमतों में 20-21 परसेंट तक का उछाल आया और टैरिफ का यही बढ़ा हुआ बोझ वहां के उपभोक्ताओं पर पड़ा. ऐसे में अमेरिका से झींगा के कई ऑर्डर कैंसिल हो गए. मामला गहराता गया और आंध्र प्रदेश से अमेरिका को होने वाले झींगा एक्सपोर्ट में 59.72 परसेंट तक की गिरावट आई. जाहिर तौर पर इससे एक्सपोटर्स को तगड़ा नुकसान हुआ.

आंध्र प्रदेश देश का सबसे बड़ा झींगा उत्पादक राज्य है. टैरिफ से हुए नुकसान के कारण यहां कई सीफूड प्रोसेसिंग यूनिट बंद हो गए क्योंकि निर्यातकों के लिए कारोबार में अचानक बढ़े हुए खर्च को झेलना मुश्किल हो रहा था. लेकिन अब इसी इंडस्ट्री ने गजब का कमबैक किया है. भारत झींगा निर्यात पर अमेरिका पर निर्भरता को कम करते हुए नए-नए बाजार तलाश रहा है. इनमें रूस और यूरोपीय यूनियन भी शामिल है.

भारत ने तो रूस के साथ एक समझौता भी किया है, जिसके तहत रूस भारत की लगभग 25 फिश प्रोसेसिंग यूनिट्स को अपने बाजार में एक्सपोर्ट की इजाजत देगा. इसी मंजूरी के साथ अब ये यूनिट्स सीधे रूस में अपना प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट कर पाएंगी. हाल ही में यूरोपियन यूनियन (EU) ने भी भारत की 102 नई मरीन यूनिट्स को मंजूरी दी.

भारत के सीफूड एक्सपोर्ट में झींगा की सबसे हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है. 2024–25 में भारत ने 4.88 अरब डॉलर का झींगा एक्सपोर्ट किया, जो टोटल सीफूड एक्सपोर्ट का लगभग 66 परसेंट है. लेकिन ट्रंप के टैरिफ ने सारा खेल बिगाड़ दिया. हालांकि, अब नए रास्ते तलाशकर देश की यह इंडस्ट्री धीरे-धीरे संभल रही है. इसी क्रम में भारत UAE के साथ भी बातचीत कर रहा है ताकि वहां भी इंडस्ट्री को अपने उत्पादों के लिए कुछ नए मौके मिल सके.

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