Wednesday, April 29, 2026
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NATIONAL : इंस्टाग्राम पर फ्रेंडशिप, फिर अफेयर…छात्रा ने डाला शादी का दबाव तो मारकर दफना दिया फौजी ने

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प्रयागराज के गंगानगर जोन में अज्ञात महिला का शव मिलने का रहस्य आखिरकार पुलिस ने सुलझा लिया. थरवई थाना क्षेत्र के लखरांवा गांव में दफन मिली लाश 17 वर्षीय साक्षी यादव की थी, जिसकी हत्या सेना में तैनात हर्षवर्धन सिंह उर्फ दीपक ने की थी. इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती शादी के दबाव तक पहुंची, जिससे परेशान आरोपी ने छात्रा की चाकू मारकर हत्या कर शव मिट्टी में दबा दिया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के गंगानगर जोन के थरवई थाना क्षेत्र में शनिवार को लखरांवा गांव में पुलिस ने अज्ञात महिला की हत्या कर शव दफनाए जाने का खुलासा कर दिया है. मृतका की शिनाख्त 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली 17 साल की साक्षी यादव के रूप में हुई है. साक्षी यादव की हत्या सेना में तैनात हर्षवर्धन सिंह उर्फ दीपक ने की थी.

इंस्टाग्राम पर साक्षी और हर्षवर्धन सिंह उर्फ दीपक से दोस्ती हुई थी. लेकिन दीपक की 30 नवंबर को दूसरी लड़की से शादी होने वाली थी जबकि साक्षी लगातार शादी के लिए दबाव बना रही थी. इसी के चलते दीपक ने साक्षी से पीछा छुड़ाने के लिए उसकी हत्या कर लखरावां गांव में पेड़ के नीचे शव को मिट्टी में दबा दिया था. पुलिस ने थरवई थाना क्षेत्र के कुसुंगुर गांव के रहने वाले हत्यारोपी दीपक को पुराना पुल मनसैता नदी के पास से गिरफ्तार कर लिया‌. पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त एक चाकू और शव को मिट्टी में दबाने के लिए प्रयोग किया गया फावड़ा भी बरामद किया है. पुलिस गिरफ्तार अभियुक्त को जेल भेजने की कार्रवाई कर रही है.

डीसीपी गंगानगर जोन कुलदीप सिंह गुनावत के मुताबिक शनिवार सुबह थरवई थाना पुलिस को लखरावां गांव में बाग में पेड़ नीचे मिट्टी में अज्ञात महिला की लाश दबी मिली थी. शव के पास ही एक स्कूल बैग भी मिला था. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था. पुलिस ने जब इस मामले में छानबीन शुरू की तो मालूम हुआ कि 15 नवंबर को कैंट थाने में जीआईसी कटरा में पढ़ने वाली 11 वीं की छात्रा साक्षी यादव की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी.

डीसीपी गंगानगर जोन के मुताबिक थरवई और कैंट थाना पुलिस के साथ ही सिटी और गंगानगर जोन की एसओजी टीम ने अज्ञात महिला के शव की सबसे पहले शिनाख्त की. इसके बाद सीसीटीवी कैमरे को खंगाला गया. हत्यारोपी दीपक सीसीटीवी कैमरे में छात्रा को बाइक पर बैठाकर जाता हुआ नजर आया. ‌इसके अलावा छात्रा के बैग से एक कॉपी मिली जिसमें आरोपी का मोबाइल नंबर भी लिखा हुआ था. ‌ पुलिस ने इस मोबाइल नंबर पर भी छानबीन की. इसके बाद पुलिस हत्यारोपी तक पहुंच गई.

BHAKTI : कल या परसों, कब है मार्गशीर्ष अमावस्या? जानें क्या रहेगी पितरों की तर्पण विधि

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मार्गशीर्ष अमावस्या का यह संयोग केवल पूजा-पाठ का अवसर नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा को जागृत करने वाला विशेष दिन माना गया है. इस अमावस्या में किए गए स्नान-दान, मंत्रजप और दीपदान को ऐसा कर्म बताया गया है जो जीवन की रुकी हुई ऊर्जा को गति देता है.

मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मार्गशीर्ष अमावस्या और अगहन अमावस्या के नाम से जाना जाता है. इस अमावस्या को परम शक्तिशाली माना जाता है क्योंकि इस तिथि को की गई उपासना का पुण्य जरूर मिलता है. मार्गशीर्ष अमावस्या के दिन स्नान-दान करना, पितरों का तर्पण और श्राद्ध करना अतिलाभकारी माना जाता है.मार्गशीर्ष अमावस्या का यह संयोग केवल पूजा-पाठ का अवसर नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा को जागृत करने वाला विशेष दिन माना गया है. इस अमावस्या में किए गए स्नान-दान, मंत्रजप और दीपदान को ऐसा कर्म बताया गया है जो जीवन की रुकी हुई ऊर्जा को गति देता है.

Margshirsha Amavasya 2025: मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मार्गशीर्ष अमावस्या और अगहन अमावस्या के नाम से जाना जाता है. इस अमावस्या को परम शक्तिशाली माना जाता है क्योंकि इस तिथि को की गई उपासना का पुण्य जरूर मिलता है. मार्गशीर्ष अमावस्या के दिन स्नान-दान करना, पितरों का तर्पण और श्राद्ध करना अतिलाभकारी माना जाता है.

शास्त्रों के अनुसार, मार्गशीर्ष अमावस्या के दिन श्रीकृष्ण की पूजा करना बहुत ही फलदायी माना जाता है. इस दिन विष्णु सहस्त्रनाम, भगवत गीता और गजेंद्रमोक्ष का पाठ जरूर करना चाहिए. नारदपुराण के मुताबिक, मार्गशीर्ष अमावस्या पितरों के आशीर्वाद के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है. द्रिक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष अमावस्या 20 नवंबर 2025, गुरुवार को मनाई जाएगी.

पंचांग के मुताबिक, मार्गशीर्ष अमावस्या की तिथि 19 नवंबर को सुबह 9 बजकर 43 मिनट से शुरू होकर 20 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगी. उदयातिथि के अनुसार, 20 नवंबर को ही मार्गशीर्ष अमावस्या मनाई जाएगी. ज्योतिषियों के अनुसार, पूर्णिमा हो या अमावस्या तिथि, सभी तिथियों का स्नान-दान ब्रह्म मुहूर्त में किया जाता है. जिसका मुहूर्त सुबह 5 बजकर 01 मिनट से लेकर सुबह 5 बजकर 54 मिनट तक रहेगा.

मार्गशीर्ष अमावस्या इस बार बहुत ही शुभ मानी जा रही है क्योंकि इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग, शोभन योग और विशाखा नक्षत्र का संयोग बन रहा है. इन्हीं दुर्लभ संयोगों के कारण इस ईष्ट देवता की पूजा करना अतिफलदायी माना जा रहा है. मार्गशीर्ष अमावस्या पर सुबह स्नान करके घर को गंगाजल या हल्दी मिले पानी से शुद्ध किया जाता है. इसके बाद पूर्व या उत्तर दिशा में पूजा-स्थान बनाकर लक्ष्मी-नारायण की तस्वीर स्थापित की जाती है. घी या तिल के तेल का दीपक जलाकर संकल्प लिया जाता है और फूल, अक्षत, हल्दी-कुमकुम व प्रसाद अर्पित किए जाते हैं. ‘ऊं नमो भगवते वासुदेवाय’ और ‘ऊं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्रों का जप कर श्रद्धापूर्वक पूजा की जाती है.

परंपरा हो तो काले तिल और जल से पितृ-तर्पण भी किया जाता है. शाम को तिल या आटे का दीपक पीपल या तुलसी के पास जलाना शुभ माना जाता है. अंत में प्रसाद बांटकर जरूरतमंदों को दान दिया जाता है. यह पूजा शांति, समृद्धि और पितरों की कृपा प्रदान करती है.

NATIONAL : महाराष्ट्र : मुंबई के ब्रांदा किले में हाईप्रोफाइल शराब पार्टी पर बवाल

मुंबई में समंदर के किनारे स्थित 400 साल पुराने ऐतिहासिक बांद्रा किले में शराब पार्टी के खुलासे पर हड़कंप मच गया है। विपक्ष द्वारा इस मुद्दा पर बीजेपी को घेरे जाने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इस पार्टी में महिलाओं की भी मौजूदगी थी। पार्टी का काफी व्यवस्थित तरीके से आयोजन किया गया था। 400 साल पुराने मुंबई के ऐतिहासिक बांद्रा किले में शराब पार्टी के आयोजन पर हड़कंप मच गया है। इस पूरे मामले के सामने आने बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच के आदेश दिए हैं। मुंबई में चुनावी माहौल के बीच हेरीटेज प्रॉपर्टी में शराब की महफिल पर राजनीति गरमा गई है। उद्धव ठाकरे गुट के नेता अखिल चित्रे ने अपने एक्स अकाउंट पर इस वीडियो को शेयर करते हुए राज्य सरकार और बीएमसी प्रशासन पर सवाल उठाए थे। विपक्ष भी इस मामले को लेकर आक्रामक होने पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने मसले को संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि मैंने इस घटना का वीडियो नहीं देखा है, लेकिन कुछ लोगों ने मुझे इसके बारे में बताया है। यदि इस तरह की पार्टी की अनुमति दी गई है तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।

कांग्रेस के विधायक दल नेता विजय वडेट्टीवार ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए मांग की है कि बांद्रा किला जो एक विरासत है। इसमें शराब पार्टी की अनुमति कैसे दी जा रही है? ठाकरे गुट के नेता अखिल चित्रे के अनुसार सूबे के किलों में क्या हो रहा है? सरकार का आबकारी विभाग और बीएमसी पुर्तगालियों की ओर से निर्मित और बाद में ब्रिटिश और मराठा साम्राज्य के इतिहास का गवाह बने बांद्रा किले में शराब पार्टी की अनुमति कैसे दे रहे हैं? इस शराब पार्टी के आयोजक कौन हैं, क्या पर्यटन विभाग है? राज्य में हो क्या रहा है? यही है बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टियों का पाखंडी हिंदुत्व और झूठी संस्कृति है। मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने भी मामले को गंभीर बताते हुए दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की। चित्रे द्वारा जो वीडियो साझा किया गया है। उसमें महिलाओं की मौजूदगी भी दिख रही है। पार्टी में शराब परोसने के लिए बाकायदा बड़े काउंटर बनाए गए थे।

NATIONAL : महाराष्ट्र : कांग्रेस नेता हुसैन दलवई का विवादित बयान RSS को बताया आतंकवादी संगठन

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने राष्ट्रीय स्वंय संघ को लेकर विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जिस ढंग से आरएसएस चलता है, तो आरएसएस एक आतंकवादी संगठन है, ऐसा मेरा साफ कहना है. उन्होंने कहा कि आरएसएस की जांच होनी चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि मुसलमानों ने जो कानून हाथ में लिया, वो भी गलत हैं. किसी भी सूरत में हिंसा नहीं होनी चाहिए. मैं गांधीवादी आदमी हूं. हिंसा के बिल्कुल खिलाफ हूं.

हुसैन दलवई ने कहा कि बिहार चुनाव के नतीजों पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि बिहार में कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद संगठन को आत्मचिंतन करने की जरूरत है. राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे ने खूब प्रचार किया, फिर भी ऐसी हालत हुई तो कहीं न कहीं संगठन इतना कमजोर कैसे हो गया, इस पर चर्चा करनी की जरूरत है.

इसके अलावा महाराष्ट्र चुनाव में कांग्रेस के अकेले लड़ने की अटकलों पर उन्होंने कहा कि अगर हम आपस में लड़ेंगे तो इससे बीजेपी को फायदा होगा. कांग्रेस और शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट दोनों नेतृत्व को इस पर विचार करना चाहिए. हुसैन दलवई ने कहा कि मेरी राय में, हमें गठबंधन में बने रहना चाहिए. अलग-अलग लड़ने से समस्याएं पैदा हो सकती हैं. बीजेपी के खिलाफ सभी का एक साथ आना जरूरी है.

हुसैन दलवई ने आगे ये भी कहा कि जब कोई पार्टी सत्ता में नहीं होती है, तो आंतरिक मुद्दे उठते हैं और लोग आपस में लड़ते हैं. बीजेपी ऐसी स्थितियों का फायदा उठाएगी और उनके खिलाफ बोलेगी. वहीं बिहार चुनाव के नतीजों को लेकर हुसैन दलवई ने कहा कि एक ही परिवार के जरिए राजनीति करना गलत है. सिर्फ तेजस्वी के जरिए ऐसा करना गलत था. आरजेडी में सिर्फ तेजस्वी ही दिखते थे.

BOLLYWOOD : 45 की उम्र में भी Kareen Kapoor की फिटनेस और ग्लोइंग स्किन का क्या है राज? यहां जानें- एक्ट्रेस के डाइट प्लान से वर्क आउट रूटीन तक सब

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करीना कपूर खान को इंडस्ट्री में लगभग 25 साल हो गए हैं. इस दौरान न केवल उन्होंने ‘ओमकारा’, ‘जब वी मेट’ सहित तमाम ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं बल्कि अपनी अदाकारी से फैंस का दिल भी जीता है. इन सबके बीच बीच एक्ट्रेस 45 साल की उम्र में भी सुपर फिट और ग्लोइंग दिखती हैं. चलिए यहां एक्ट्रेस की फिटनेस और ग्लोइंग स्किन का राज जानते हैं.  

करीना को जल्दी डिनर और जल्दी सोना है पसंद
करीना जल्दी डिनर करना और रात लगभग 9:30 बजे सो जाना पसंद करती हैं. इसलिए, वह अक्सर पार्टियों में जाने से बचती हैं. उन्होंने एक बार कहा था, “मेरे दोस्त जानते हैं कि पार्टियों में मेरा इंतज़ार नहीं करना चाहिए, और वे इस बात की रिस्पेक्ट भी करते हैं. उन्हें पता है कि मैं धीमी आवाज़ में ‘शिट्स क्रीक’ देख रही हूंगी!” करीना काफी समय से डाइटिशियन रुजुता दिवेकर के साथ काम कर रही हैं और कुछ समय पहले उनकी बुक के लॉन्च के मौके पर करीना ने बताया था कि उन्हें हर 2-3 दिन में खिचड़ी की जरूरत होती है, वरना उन्हें रात में नींद नहीं आती.

करीना ने हंसते हुए कहा था, “मेरा कम्फर्ट फ़ूड खिचड़ी है और अगर मैं इसे 2-3 दिन तक नहीं खाती, तो मुझे इसकी तलब लगने लगती है. मैं उन्हें मैसेज करती हूँ कि अगर डाइट में खिचड़ी नहीं है, तो मुझे रात में नींद नहीं आती.

“करीना क्या डाइट प्लान करती हैं फॉलो?
इससे पहले एक इंटरव्यू में, रुजुता ने करीना की डाइट का खुलासा किया था. उन्होंने बताया था, “ करीना कपूर उठते ही बादाम, किशमिश या अंजीर जैसे ड्राईफ्रूट्स खाती हैं. नाश्ते में पराठा या पोहा लेती हैं, लंच में दाल और चावल और इवनिंग स्नैक्स में चीज़ टोस्ट (कभी-कभी) या आम/मैंगो शेक (मौसमी); और रात के खाने में घी/पुलाव वाली खिचड़ी.”

करीना का मानना ​​है कि वेजिटेरियन होने पर उनकी स्किन और बॉडी में बदलाव आते हैं. उसी किताब के लॉन्च इवेंट में, अभिनेत्री ने एक बड़ा खुलासा किया था कि जब वह प्योर वेजिटेरियन थीं, तो उनकी बॉडी और स्किन पूरी तरह से बदल गए और उन्हें यह सब करना बहुत पसंद है.

HEALTH TIPS : बदलते मौसम में जरा-सी लापरवाही पड़ रही भारी, डॉक्टर से जानें अपना ख्याल रखने का तरीका

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सर्दी का मौसम जैसे-जैसे दस्तक दे रहा है, वैसे-वैसे लोगों की सेहत पर इसका असर साफ दिखने लगा है. सुबह-शाम की ठंड और दिन में कभी-कभी निकलने वाली हल्की धूप का खेल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर बना रहा है. इसकी वजह से वायरल बुखार, जुकाम, खांसी, गले में खराश और पूरे बदन में दर्द के मरीजों की तादाद अस्पतालों में तेजी से बढ़ रही है. खासकर बच्चे और बुजुर्ग इस मौसम में सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं, क्योंकि उनकी इम्यूनिटी पहले से ही कमजोर होती है.

अस्पतालों में तेजी से बढ़े मरीज

हालिया रिपोर्ट्स पर गौर करें तो नवंबर 2025 के पहले पखवाड़े में ही नॉर्थ इंडिया के बड़े अस्पतालों में वायरल इंफेक्शन के केस 30-40 फीसदी तक बढ़ गए हैं. दिल्ली-एनसीआर, लखनऊ और कानपुर जैसे शहरों में ओपीडी में रोजाना सैकड़ों मरीज बुखार और खांसी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं. डॉक्टरों के मुताबिक, इस बार वायरल का रूप थोड़ा अलग है. पहले बुखार 2-3 दिन में उतर जाता था, अब वह ठीक होने के बाद भी सूखी खांसी, गले में जलन, कमजोरी और थकान जैसी दिक्कतें काफी वक्त तक परेशान कर रही हैं. कई मरीज तो हल्का बुखार ठीक होने के एक हफ्ते बाद अचानक खांसी के तेज दौरे पड़ने पर दोबारा अस्पताल आ रहे हैं.

क्यों बढ़ रही है दिक्कत?

डॉक्टरों की मानें तो इस बार इंफ्लुएंजा ए और बी वायरस के साथ-साथ रेस्पिरेटरी सिंकाइटियल वायरस (आरएसवी) भी एक्टिव है. बच्चों में आरएसवी की वजह से ब्रॉन्कियोलाइटिस के केस बढ़े हैं, जबकि बुजुर्गों में निमोनिया का खतरा ज्यादा है. इंडियन मेडिकल असोसिएशन (आईएमए) की लेटेस्ट एडवायजरी में कहा गया है कि मौसम के बदलाव के साथ प्रदूषण का लेवल भी बढ़ रहा है, जो वायरल को ज्यादा खतरनाक बना रहा है. दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के पार पहुंच चुका है, जिससे सांस की तकलीफें दोगुनी हो रही हैं.

डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके

मेदांता हॉस्पिटल नोएडा की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. अर्पिता कुलश्रेष्ठ के मुताबिक, लोगों को लगता है कि हल्का-सा बुखार है, खुद ही ठीक हो जाएगा. यही छोटी-सी लापरवाही बड़ी मुसीबत बन जाती है. वायरल में शरीर को पूरा आराम चाहिए. दवाइयां बीच में छोड़ना, रात भर जागना, बाहर का तला-भुना खाना और ठंड से बचाव न करना, ये सब दोबारा बीमार करने का न्योता देते हैं. इस बार कई मरीजों को कोविड जैसी पोस्ट-वायरल थकान हो रही है, जो हफ्तों तक चलती है. ऐसे में शुरू से ही सतर्क रहे.

इन बातों का रखें ध्यान

डॉ. कुलश्रेष्ठ के मुताबिक, अगर बुखार 101 डिग्री से ऊपर हो और खांसी के साथ बलगम में खून आए या सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें. बच्चों में अगर तेज सांस चल रही हो या खाना-पीना छोड़ दिया हो तो इंतजार बिल्कुल न करें. इस मौसम में एंटीबायोटिक्स की जरूरत बहुत कम पड़ती है, क्योंकि ज्यादातर केस वायरल के होते हैं. गलत दवा लेने से बैक्टीरियल रेसिस्टेंस बढ़ता है, जो बाद में बड़ी बीमारी का कारण बन सकता है. बच्चों को स्कूल भेजने से पहले मास्क जरूर लगवाएं. घर में हैंड सैनिटाइजर रखें और बार-बार हाथ धुलवाएं. ठंडी हवा से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाएं, लेकिन ज्यादा गर्मी भी न दें वरना पसीना आने पर फिर जुकाम हो जाएगा. 

इन नुस्खों को आजमाने से मिलेगा फायदा

गर्म पानी में हल्दी-नमक डालकर गरारा करें. अदरक वाली चाय पिएं. शहद के साथ तुलसी का काढ़ा लें, लेकिन ये सब दवाइयों की जगह नहीं ले सकते. अगर लक्षण 3-4 दिन से ज्यादा रहें तो सेल्फ मेडिकेशन बंद कर दें. विटामिन सी और डी की कमी भी इम्यूनिटी कम करती है, इसलिए संतरा, आंवला, दही और धूप जरूर लें.

SPORTS : IPL में सबसे ज्यादा ‘डक’ पर आउट होने वाले खिलाड़ी, बड़े-बड़े दिग्गज इस शर्मनाक लिस्ट में शामिल

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इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में जहां बल्लेबाज अपने दमदार शॉट्स और विस्फोटक पारियों से सुर्खियां बटोरते हैं. वहीं दूसरी ओर कुछ खिलाड़ियों के नाम एक ऐसे रिकॉर्ड से भी जुड़ जाते हैं जिसे कोई भी अपने नाम नहीं करना चाहता. वो है अपने करियर में सबसे ज्यादा बार डक (0 रन पर आउट) पर आउट होना. IPL के 18 सीजन में कई स्टार क्रिकेटरों ने ये अनचाहा रिकॉर्ड बनाया है. दिलचस्प बात यह है कि इस लिस्ट में कुछ दिग्गज और अनुभवी खिलाड़ी भी शामिल हैं.

ग्लेन मैक्सवेल – 19 डक (सबसे ज्यादा)

ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल IPL के सबसे विस्फोटक खिलाड़ियों में से एक माने जाते हैं. हालांकि उनकी आक्रामक बल्लेबाजी कई बार महंगी साबित हुई है. मैक्सवेल के नाम 19 डक है, जो IPL इतिहास में सबसे ज्यादा हैं. हालांकि उन्होंने IPL में 2819 रन भी बनाए हैं और कई मैच जिताए हैं, पर उनका “बूम या ब्लास्ट” खेलने का अंदाज उन्हें इस सूची में नंबर वन बना देता है.

दिनेश कार्तिक – 18 डक

अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश कार्तिक भी इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर हैं. 2008 से लगातार IPL खेल रहे कार्तिक के नाम 18 बार 0 पर आउट होने का रिकॉर्ड दर्ज है. कार्तिक फिनिशर की भूमिका में कई मैचों में चमके, लेकिन उनकी अस्थिर शुरुआत और तेज रन बनाने की कोशिश कई बार उन्हें “डक क्लब” में धकेल देती है.

रोहित शर्मा – 18 डक

रोहित शर्मा जैसा बड़ा नाम इस लिस्ट में देखकर कई क्रिकेट फैंस हैरान होते हैं.  IPL में 7046 रन और पांच ट्रॉफियों के साथ रोहित सबसे बड़े मैच-विनर्स में से एक हैं. हालांकि उनके नाम 18 डक भी दर्ज हैं. पावरप्ले में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए रोहित कई बार शुरुआती गेंदों पर चलते बने हैं.

सुनील नारायण – 17 डक

KKR के खतरनाक ऑलराउंडर सुनील नारायण का नाम भी इस लिस्ट में शुमार है. उन्होंने IPL में 17 बार बिना खाता खोले पवेलियन लौटने का अनचाहा रिकॉर्ड बनाया है. ओपनर के रूप में उन्हें कई बार प्रमोट किया गया, लेकिन तेज शुरुआत देने की कोशिश में वे जल्दी आउट भी होते रहे.

रशीद खान – 16 डक

दुनिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाजों में शामिल रशीद खान बल्लेबाजी में अक्सर निचले क्रम में आते हैं. तेज रन बनाने के प्रयास में उनके नाम IPL में 16 डक दर्ज हो चुके हैं. हालांकि, गेंदबाजी में उनके रिकॉर्ड और मैच जिताऊ प्रदर्शन उन्हें हर टीम का जरूरी खिलाड़ी बनाते हैं.

NATIONAL : CM धामी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से की मुलाकात, राज्य हित के मुद्दों पर हुई महत्वपूर्ण चर्चा

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार (17 नवंबर) को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की. यह शिष्टाचार भेंट भले ही औपचारिक हो, लेकिन बातचीत पूरी तरह राज्यहित से जुड़े गंभीर और दीर्घकालिक मुद्दों पर केंद्रित रही.

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की भौगोलिक कठिनाइयों, सीमा सुरक्षा आवश्यकताओं, रणनीतिक महत्व और विकास से जुड़ी प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र से सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया.

एयर फोर्स ऑडिट ब्रांच के प्रस्तावित स्थानांतरण को लेकर हुई चर्चा

जानकारी के अनुसार, बैठक के दौरान सबसे अहम मुद्दा देहरादून स्थित एयर फोर्स ऑडिट ब्रांच के प्रस्तावित स्थानांतरण का विषय रहा. मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस इकाई को देहरादून से हटाने से न केवल क्षेत्रीय प्रशासनिक कार्यों पर असर पड़ेगा, बल्कि सामरिक दृष्टिकोण से भी यह कदम चिंता पैदा कर सकता है. उन्होंने रक्षा मंत्री से अनुरोध किया कि इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए, ताकि उत्तराखंड में सैन्य गतिविधियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो.

नंदा राजजात यात्रा मार्ग के रखरखाव को लेकर धामी ने की चर्चा

इसके साथ ही सीएम धामी ने नंदा राजजात यात्रा मार्ग के रखरखाव और संवर्धन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने बताया कि यह यात्रा उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का आधार है और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी हुई है. इसलिए इसके रखरखाव, सुरक्षा और चौड़ीकरण के लिए केंद्र से विशेष सहायता की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि मार्ग के कई हिस्से अभी भी संकरे और जोखिमपूर्ण हैं, जिन्हें बेहतर बनाने से न सिर्फ यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी बल्कि राज्य के पर्यटन क्षेत्र को भी नई गति मिलेगी.

पहाड़ी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी होगी मजबूत- सीएम धामी 

मुख्यमंत्री ने ग्वालदम, नंदकेसरी, थराली, देवाल, मुंदोली, वाण मोटर मार्ग के सुधार और विस्तार पर भी विस्तार से चर्चा की. यह मार्ग न केवल स्थानीय ग्रामीणों की आवाजाही के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों की रीढ़ भी माना जाता है. उनके अनुसार इस सड़क के सुधार से दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और पर्यटन के नए अवसर खुलेंगे.

उत्तराखंड के विकास को प्राथमिकता देगी सरकार- रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत हर मुद्दे को ध्यानपूर्वक सुना और सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया. उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार उत्तराखंड की रणनीतिक और विकासात्मक जरूरतों को प्राथमिकता के साथ देखेगी. मुलाकात के अंत में मुख्यमंत्री धामी ने रक्षा मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि आगामी समय में उत्तराखंड को केंद्र से और अधिक सहयोग मिलेगा. यह मुलाकात राज्य के विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.

NATIONAL : अयोध्या में 25 नवंबर को होगा राम मंदिर का ध्वजारोहण समारोह, दिल्ली धमाके के बाद बढ़ी सुरक्षा

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दिल्ली धमाके और फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल का खुलासा होने के बाद अयोध्या में 25 नवंबर को राम मंदिर में होने वाले भव्य ध्वजारोहण समारोह को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं, इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ समेत दिग्गज हस्तियां शामिल होंगी. ऐसे में सुरक्षा को बेहद कड़ा किया गया.

राम मंदिर में ध्वजारोहण को देखते हुए राम मंदिर समेत अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. दिल्ली धमाके के बाद समारोह को लेकर राम मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. ध्वारोहण के दिन मंदिर परिसर में मोबाइल ले जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा. वीवीआईपी से लेकर दूसरे मेहमान भी मंदिर में मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे.

इन श्रद्धालुओं का प्रवेश रहेगा वर्जित
राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से ध्वजारोहण समारोह के दिन में सभी भक्तों से नहीं आने का अनुरोध किया गया है. कार्यक्रम को देखते हुए जिन लोगों को आमंत्रित किया गया हैं उन्हें ही मंदिर परिसर में प्रवेश दिया जाएगा. आम श्रद्धालुओं का प्रवेश वर्जित रहेगा ताकि समारोह में अनावश्यक भीड़भाड़ से बचा सके.

ध्वजारोहण समारोह से पहले 24 नवंबर को रात्रि 12 बजे से मंदिर में प्रवेश बंद कर दिया जाएगा. इस समारोह को लोग टीवी पर घर बैठकर देख सकेंगे. वहीं अयोध्या में सभी प्रमुख जगहों पर लाइव प्रसारण के लिए जगह-जगह बड़ी स्क्रीन लगाईं जाएंगी. जहां श्रद्धालु इस कार्यक्रम को देख सकेंगे.

समारोह की सुरक्षा को लेकर बड़े फैसले
सुरक्षा एजेंसियों, जिला प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट की समीक्षा बैठक में ये भी फैसला लिया गया कि समारोह के अगले दिन 26 नवंबर को राम मंदिर में वीआईपी दर्शन पूरी तरह बंद रहेंगे जबकि आम श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर सकेंगे. मंदिर प्रशासन ने ध्वजारोहण समारोह के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल को सामान्य करे और व्यवस्था बनाए रखने के लिए ये फैसला लिया है.

बता दें कि 25 नवंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 1.30 बजे के बीच राम मंदिर में ध्वज फहराया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों ये प्रक्रिया संपन्न होगी. शुभ मुहूर्त में पूरे वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मंदिर की पताका फहराई डाएगी. इस दौरान शंखनाद, ढोल-नगाड़ों और मंगल वाद्य की ध्वनि से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठेगा.

NATIONAL : 52 लाख की स्मैक के साथ डॉक्टर गिरफ्तार… पुलिस से बोला- एक महिला तस्कर से खरीदकर लाया हूं

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उत्तराखंड के विकासनगर में नशा तस्करी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक डॉक्टर को 52 लाख रुपये की स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है. क्लिनिक चलाने की आड़ में आरोपी लंबे समय से ड्रग तस्करी में लिप्त था.

उत्तराखंड के विकासनगर से नशा तस्करी का मामला सामने आया है. पुलिस ने एक ऐसे तस्कर को दबोचा है, जो पेशे से डॉक्टर है और अपनी क्लिनिक की आड़ में लंबे समय से ड्रग तस्करी के धंधे में लिप्त था. आरोपी डॉक्टर आरिफ के पास से 173 ग्राम से अधिक स्मैक बरामद की गई है, जिसकी बाजार में कीमत करीब 52 लाख रुपये आंकी जा रही है.

जानकारी के अनुसार, विकासनगर पुलिस टीम नियमित रूप से वाहनों की चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान हरबर्टपुर बस अड्डे के पास बाइक से गुजर रहे एक युवक को शक के आधार पर रोका गया. पूछताछ और तलाशी के दौरान युवक के पास से स्मैक पाई गई. युवक की पहचान खुशहालपुर के रहने वाले 32 वर्षीय डॉक्टर आरिफ के रूप में हुई. आरोपी क्लिनिक चलाता है.

जैसे-जैसे पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की, कई चौंकाने वाले खुलासे हुए. आरोपी डॉक्टर आरिफ ने कहा कि उसने यह स्मैक एक महिला से खरीदी थी, जो फिलहाल फरार है.यह भी पता चला कि डॉक्टर आरिफ मूल रूप से सहारनपुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला है. लगभग आठ साल पहले वह देहरादून के खुशहालपुर गांव में आकर बस गया था. यहां उसने क्लिनिक खोला और यहीं रहने लगा. वह अपने क्लिनिक का उपयोग नशे की तस्करी के कवर के रूप में करता था.

इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. पुलिस अब इस मामले में फरार महिला तस्कर मेहराज की तलाश में जुटी है, जो तस्करी नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है. विकासनगर पुलिस लगातार नशे के खिलाफ अभियान चला रही है और ‘ऑपरेशन शक्ति’ के तहत नशा तस्करी में शामिल लोगों पर नजर रखी जा रही है.

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