Thursday, April 30, 2026
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NATIONAL : थम गई ई-रिक्शावाले मोहसिन की पुकार, सदा के लिए चुप हो गया नौमान, आतंकियों के करतूत की कहानियां

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दिल्ली धमाके ने कई जिंदगियों को बेवक्त खामोश कर दिया. कई परिवारों के लिए समय अब बिल्कुल भी पहले जैसा नहीं रहा है. नौमान, मोहसिन, अमन और फारूख ऐसे ही कुछ नाम हैं. इन परिवारों ने दहशतगर्दों के लिए फांसी की मांग की है.

अब नौमान न तो चांदनी चौक में चूडी, बिंदिया, सिंदूर, कंगने खरीदने आएगा और न ही पुरानी दिल्ली की गलियों में मोहसिन की आवाज गूंजेगी. वो मोहसिन जो ई रिक्शा चलाता था. इस ई रिक्शा की छोटी कमाई पर ही उसका बड़ा परिवार पलता था. लेकिन अब ये सारी घटनाएं थम जाएंगी.

नौमान, मोहसिन इस दुनिया में नहीं रहे. अमन, फारूख जख्मी हैं और परिवार जिंदगी की दुआ कर रहा है. दिल्ली ब्लास्ट ने कुछ परिवारों को ऐसे घाव दिए जो ताउम्र हरे रहेंगे. और दर्जनों परिवारों को आतकंवादियों की हैवानी को याद दिलाते रहेंगे. यूपी के शामली में कॉस्मेटिक की दुकान चलाने वाला 22 साल का नौमान चांदनी चौक मार्केट का दीवाना था. वो यहां से थोक के भाव में सामान खरीदता और शामली में बेचता. इस बार की खरीदारी उसने अपने चचेरे भाई अमन के साथ करने की सोची थी.

शामली जिले के झिंझाना कस्बे का रहने वाला कॉस्मेटिक दुकान संचालक 22 वर्षीय नौमान की मौत हो गई, जबकि उसका भाई अमन गंभीर रूप से घायल हो गया. नौमान लाल किला मेट्रो स्टेशन के पार्किंग में कार खड़ी करने के बाद सड़क पार कर रहा था, तभी धमाका हुआ और वह इसकी चपेट में आ गया. नौमान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घायल अमन को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है.

नौमान के मौसा का कहना है दोनों दिल्ली कॉस्मेटिक का सामान लेने गए थे. कुछ सामान इनकी गाड़ी में रह गया था तो उसको लेने के लिए आए थे. इसी दौरान ब्लास्ट में नौमान की मौत हो गई. इस घटना के बाद नौमान के परिजनों ने आतंकवादियों को लानतें भेजी हैं. इस परिवार का कहना है कि जिसने बम ब्लास्ट किया है उनको कड़ी से कड़ी सजा मिले. और दहशतगर्दों फांसी दी जानी चाहिए. परिवार ने सरकार से मदद की मांग की है.

मेरठ के लोहिया नगर थाने के न्यू इस्लामनगर में रहने वाले मोहसिन के लिए कल का ई-रिक्शा का सफर आखिरी साबित हुआ. मोहसिन दिल्ली में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता था. 2 साल पहले दिल्ली आने वाला मोहसिन रोजाना 500 से 600 रुपये कमाता था और इसी से उसकी गृहस्थी चलती थी. बताया जा रहा है कि मोहसिन अपने ई रिक्शा से सवारी लेकर जा रहा था. तभी वहां धमाका हुआ. इसमें उसकी दर्दनाक मौत हो गई. उसकी उम्र मात्र 35 साल थी.

मोहसिन के पिता रफीक पेशे से हैंडलूम की फैक्ट्री में काम करते हैं. रफीक के 11 बच्चे हैं. जिसमें 6 बच्चे और 5 बेटी हैं. मोहसिन का परिवार मेरठ में किराए के मकान में रहता है. इस परिवार ने भी सरकार से मदद की मांग की है.

लाल किला बलास्ट में घायल हुए मोहम्मद फारुख सोमवार शाम कश्मीरी गेट से अपने घर की तरफ आ रहे थे. वह जैसे ही लाल किले के पास पहुंचे ब्लास्ट के बाद हुए भगदड़ में स्कूटी के साथ गिर पड़े. उनके पैरों में चोट आई है. उनका इलाज एलएनजेपी में चल रहा है. फारुख को पहले से ही दिल की बीमारी है.

दिल्ली धमाके में अबतक 9 लोगों की मौत हो चुकी जबकि 20 लोग जख्मी हैं. कुछ मृतकों के शव इतने क्षत-विक्षत हो गए हैं कि उनकी पहचान नहीं हो पा रही है.

UP: सुहागरात से कुछ घंटे पहले हुई दूल्हे की मौत, अधूरा रह गया ये सपना

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अमरोहा में शादी की रस्में पूरी होने के बाद दूल्हे के सीने में तेज दर्द होने लगा. जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस घटना से मोहल्ले के लोग भी दुखी हो गए.

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है. यहां एक व्यक्ति की सुहागरात से कुछ घंटे पहले ही मौत हो गई. बताया जाता है कि शनिवार की रात निकाह के बाद रस्में घर में होनी थी. सुबह करीब 4 बजे दूल्हे के सीने में तेज दर्द हुआ तो घरवाले उसे अस्पताल लेकर गए. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. दूल्हे के मौत की खबर से दुल्हन बदहवास हो गई.

जानकारी के अनुसार अमरोहा के मोहल्ला नौगजा में परवेज आलम उर्फ गुड्ड (42) रहते थे. उनके साथ 2 भाई पप्पू और मरहूम असलम भी उसी घर में रहते हैं. परवेज के माता- पिता की पहले ही मौत हो चुकी है. परवेज उर्फ गुड्डू की जामा मस्जिद रोड पर किताबों की दुकान हैं.

दोंनो भाई उसी दुकान पर बैठते हैं. माता-पिता की मौत के चलते परवेज की शादी में भी देरी हुई. परवेज की शादी दरबार के रहने वाले मोहम्मद अहमद कादरी की बेटी सायमा कादरी (33) से हुई थी. शनिवार शाम 6 बजे परवेज अपने घर से बारात लेकर मोहल्ला, नल नई बस्ती के नायाब बैंक्वेट हॉल पहुंचे. इसी बैंक्वेट हॉल में रविवार को परवेज और सायमा का वलीमा (रिसेप्शन) भी

बैंक्वेट हॉल में खाना-पानी हुआ फिर काजी ने परवेज और सायमा का निकाह पढ़ा. इसके बाद रात करीब 1 बजे परवेज दुल्हन को विदा कराकर अपने घर ले गए. घर में निकाह के बाद की रस्में होने लगीं. रिश्तेदार और परिवार वाले भी काफी खुश थे. सभी हंसी-मजाक कर रहे थे. तभी सुबह करीब 4 बजे रस्मों के बीच परवेज को सीने में दर्द और घबराहट महसूस हुई.

जिसके बाद घरवाले तुरंत परवेज को लेकर अस्पताल पहुंचे. जहां डॉक्टरों ने परवेज की जांच की और मृत घोषित कर दिया. ये खबर सुनते ही दुल्हन बदहवास हो गई. परवेज की मौत से परिवार और मोहल्ले में कोहराम मच गया. वहीं, परवेज की मौत से साथ जीने-मरने का सपना टूट अधूरा रह गया.

NATIONAL : बेंगलुरु जेल में अपराधियों की ‘पार्टी ऑल नाइट’ के बाद एक्शन, वायरल VIDEO पर दो अधिकारी सस्पेंड

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बेंगलुरु की परप्पना अग्रहरा सेंट्रल जेल से वायरल वीडियो में कैदी पार्टी करते नजर आए थे. इसके बाद कर्नाटक सरकार ने जेल अधीक्षक मागेरी और एएसपी अशोक भजनत्री को बर्खास्त कर दिया, जबकि मुख्य अधीक्षक सुरेश का तबादला किया गया है.

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु की परप्पना अग्रहरा सेंट्रल जेल एक बार फिर विवादों में है. लगातार दो दिनों में आए दो वीडियो ने जेल प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इन वीडियोज के सामने आने के बाद राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए जेल अधीक्षक मागेरी और सहायक अधीक्षक अशोक भजनत्री को बर्खास्त कर दिया है, जबकि मुख्य अधीक्षक सुरेश का तबादला कर दिया गया है.पहला वीडियो, जो करीब एक हफ्ते पुराना बताया जा रहा है, में कैदी ‘पार्टी ऑल नाइट’ का नारा लगाते, गाते-बजाते और नाचते दिख रहे हैं. वे थालियों और मग को वाद्य यंत्र की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं.

इस वीडियो के सामने आने से ठीक एक दिन पहले दूसरा वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें आईएसआईएस से जुड़ा आरोपी, सीरियल रेपिस्ट उमेश रेड्डी और अभिनेता तारुण जैसे हाई-प्रोफाइल कैदी मोबाइल फोन, स्मार्ट टीवी और अन्य सुविधाओं का आनंद लेते नजर आए थे.मामले की गंभीरता को देखते हुए गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा, “सरकार किसी भी हालत में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी. अगर जेल में यही सब चलना है, तो फिर उसे जेल क्यों कहा जाए?” उन्होंने बताया कि संबंधित अफसरों पर निलंबन और एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और आगे और भी कार्रवाई होगी.

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि उसने जेल को “आतंकियों के स्लीपर सेल” में बदल दिया है, जहां कैदियों को लक्ज़री सुविधाएं मिल रही हैं. इतना ही नहीं जेल के भीतर से सामने आए वीडियोज में अपराधियों को मोबाइल फोन यूज करते और टीवी देखते भी देखा गया था.

गृह मंत्री परमेश्वर ने इस दावे को राजनीतिक बताकर खारिज किया, लेकिन माना कि जेल प्रशासन में गंभीर खामियां हैं. उन्होंने बताया कि इस पूरे प्रकरण पर डीजीपी, एडीजी (जेल) और राज्य की सभी प्रमुख जेलों के अधीक्षकों को तलब किया गया है.

ENTERTAINMENT : काम के बदले हुई साथ रहने की डिमांड, हैरान रह गई थी एक्ट्रेस, बोली- मेरी मां…

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एक्ट्रेस रेणुका शहाणे ने अपने करियर में एक ऐसी घटना का जिक्र किया जब एक प्रोड्यूसर ने उनसे काम के बहाने साथ रहने की डिमांड की. जिसे सुनकर वो और उनकी मां हैरान रह गई थीं.

रेणुका शहाणे, जिन्हें आम जनता ‘हम आपके हैं कौन’ फिल्म से जानती है, उन्हें आज भी लगातार लोगों का प्यार मिलता है. वो कई बेहतरीन प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रही हैं. हिंदी, मराठी दोनों भाषाओं में एक्ट्रेस का काम दमदार रहा है. अब हाल ही में एक्ट्रेस ने एक अजीब घटना का जिक्र किया है, जो उनके साथ कई सालों पहले घटी थी.

रेणुका बताती हैं कि एक बार उनसे एक प्रोड्यूसर ने मुलाकात की, जो काम के बहाने उनके पास साथ रहने का ऑफर लेकर आया था. एक्ट्रेस का कहना है कि वो ये सुनकर काफी हैरान थीं. इस दौरान उनकी मां भी उनके साथ वहीं मौजूद थीं. जूम को दिए इंटरव्यू में रेणुका शहाणे ने कहा, ‘एक प्रोड्यूसर मुझसे मिलने मेरे घर आए थे और उन्होंने सीधा मुझे ऑफर किया कि मैं तो शादीशुदा हूं और आप मेरी ब्रैंड एंबेसडर बनेंगी.’

‘वो दरअसल साड़ी बनाने वाली कंपनी के मालिक थे. उन्होंने कहा कि पूरा एक कैंपेन होगा और मैं आपको एक महीने के लिए इतना स्टाइपेंड दूंगा. फिर हम लोग साथ रहेंगे. ये सुनकर मैं और मेरी मां वहां हैरान होकर बैठी रह गईं. हालांकि मेरे हिसाब से उस घटना के बाद क्या होता है, ये ज्यादा जरूरी है. इस बातचीत के बाद मैं खुद वो कैंपेन नहीं करना चाहती थी और उसे लेकर वो आदमी कहीं और लेकर गया होगा.’

रेणुका ने आगे कहा कि ऐसी सब घटनाओं के बाद, लोग उस आर्टिस्ट को और दबाने की कोशिश करते हैं. ऐसे लोग फिर बदले की भावना से दूसरों का काम खराब करते हैं. एक्ट्रेस ने कहा, ‘जब आपने किसी को मना किया, तो उसके बाद उस इंसान में बदले की आग जाग जाती है. वो दूसरों को कहता है कि इन्हें मत लो. ये डराने वाली बातें होती हैं. मेरे साथ ऐसा नहीं हुआ.’

‘अगर किसी के साथ सेट पर कुछ बुरा होता है, तो वो जाकर अपने हेड को शिकायत करती है. अब या तो आपको निकाला जाएगा, या फिर वो सभी इकट्ठा होकर आपको और परेशान करते हैं. आप निकल जाओ, तो पैसे नहीं मिलेंगे. ये एक पूरा क्लब है जो एकसाथ आता है और उस परेशान हुए इंसान को और भी ज्यादा प्रताड़ित करता है.’

बता दें कि रेणुका शहाणे पिछले लगभग 35 सालों से लगातार काम कर रही हैं. उन्हें आखिरी बार एक हिंदी फिल्म में साल 2022 में देखा गया, जो विक्की कौशल, कियारा आडवाणी और भूमि पेडनेकर की ‘गोविंदा नाम मेरा’ थी.

UP : कौशांबी में शादी के 7 दिन बाद नवविवाहिता रिंकी का क्षत-विक्षत शव रेलवे ट्रैक पर मिला, गांव में इस बात की चर्चा

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कौशाम्बी में दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है. शादी के महज एक हफ्ते बाद 20 वर्षीय नवविवाहिता रिंकी देवी का क्षत-विक्षत शव रेलवे लाइन पर मिला. शुक्रवार को मायके से लौटी रिंकी शनिवार शाम लापता हुई थी. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है, जिससे इलाके में हड़कंप है.

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. शादी के महज एक हफ्ते बाद ही 20 वर्षीय नवविवाहिता रिंकी देवी का शव रेलवे लाइन पर क्षत-विक्षत हालत में मिला, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है.

कौशांबी में बड़ा गांव निवासी सुभाष कुमार गौतम दूध का काम कर अपना परिवार चलाते हैं. उनकी बेटी रिंकी देवी (20) की शादी 2 नवंबर को चरवा कोतवाली के सीरियावां कला निवासी देशराज के साथ हुई थी. रिंकी शुक्रवार को ही मायके से लौटी थी और जल्द ही उसका ‘गौना’ भी होना था. लेकिन शनिवार शाम वह घर पर बिना बताए लापता हो गई, जिसके बाद परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू कर दी थी.

नवविवाहिता का शव रेलवे ट्रैक पर मिलने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. स्थानीय लोगों में यह चर्चा जोरों पर है कि सांवले दूल्हे से पिता सुभाष ने बेटी की रजामंदी के बिना यह शादी तय की थी, जिससे रिंकी नाखुश थी. वहीं, घटना की सूचना मिलने के बाद ससुराल पक्ष रोते-बिलखते घटनास्थल पर पहुंचे तो उन्हें बेटी की लाश मिली.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजारशव पड़े होने की सूचना पर मौके पर अच्छी खासी भीड़ जमा हो गई. पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. इस मामले में एडिशनल एसपी राजेश सिंह ने बताया कि फिलहाल परिजनों ने किसी तरह का आरोप नहीं लगाया है. पुलिस घटना की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.

NATIONAL : मोबाइल में बिजी था दोस्त, नहीं दिया जवाब तो 11वीं के छात्र ने मार दी गोली

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गुरुग्राम में 11वीं के छात्र ने अपने सहपाठी को सिर्फ इसलिए गोली मार दी क्योंकि वह मोबाइल में व्यस्त था और उसकी बातों का जवाब नहीं दे रहा था. आरोपी ने पिता की लाइसेंसी पिस्तौल से गोली चलाई, जिससे पीड़ित की गर्दन की हड्डी टूट गई. आरोपी नाबालिगों को गिरफ्तार कर सुधार गृह भेज दिया गया है.

गुरुग्राम में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. मोबाइल पर बिजी रहने की वजह से ध्यान न देने पर 11वीं क्लास के छात्र ने दोस्त को गोली मार दी. पुलिस के मुताबिक, आरोपी छात्र अपने दोस्त से कुछ पूछ रहा था, लेकिन जब पीड़ित ने मोबाइल में व्यस्त रहते हुए जवाब नहीं दिया, तो आरोपी भड़क गया और अपने पिता की लाइसेंसी पिस्तौल से उस पर फायर कर दिया.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक घटना शनिवार को सेक्टर-48 स्थित आरोपी के घर में हुई. गोली पीड़ित छात्र की गर्दन में लगी, जिससे उसकी गर्दन की हड्डी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. उसे तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाज़ुक बनी हुई है.

पुलिस ने बताया कि आरोपी छात्र और उसके साथ मौजूद एक अन्य नाबालिग को गिरफ्तार कर फरीदाबाद के सुधार गृह भेज दिया गया है. शुरुआती जांच में सामने आया कि तीनों छात्र एक ही स्कूल और एक ही कक्षा में पढ़ते थे. घटना के समय आरोपी ने गुस्से में आकर फायरिंग कर दी.पीड़ित के परिवार का कहना है कि आरोपी छात्र को पहले से ही उससे रंजिश थी. दो महीने पहले दोनों के बीच झगड़ा हुआ था, जिसके बाद आरोपी ने बदला लेने की ठान ली थी. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने पिता की लाइसेंसी पिस्तौल से वारदात को अंजाम दिया.

हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) ओ. पी. सिंह ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने कहा कि यह वीडियो गेम खेलने वाली पीढ़ी यह समझे कि असली जिंदगी में गोली चलाना कोई खेल नहीं है.

Vastu Dosh Upay : घर में दिख रहे ये संकेत बन सकते हैं वास्तु दोष का कारण, न करें नजरअंदाज

वास्तु शास्त्र के अनुसार, जब किसी घर में ऊर्जा का संतुलन बिगड़ जाता है, तो वह वास्तु दोष कहलाता है. यह दोष हमारे जीवन, स्वास्थ्य, संबंधों और धन पर सीधा प्रभाव डाल सकता है.

अगर आप अपने घर में वास्तु शास्त्र के नियमों का ध्यान रखते हैं, तो यह न केवल आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखता है, बल्कि आपके जीवन में शांति, समृद्धि और सुख भी लाता है. वहीं, अगर इन नियमों की अनदेखी की जाती है, तो घर में वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है, जो कई तरह की समस्याओं, बाधाओं और नकारात्मक परिस्थितियों की वजह बन जाता है. अक्सर वास्तु दोष के कारण घर में कलह, मानसिक तनाव, आर्थिक तंगी, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां और कामकाज में रुकावट जैसी दिक्कतें देखने को मिलती हैं.

अगर आपके घर में भी लगातार ऐसी परेशानियां हो रही हैं, तो हो सकता है कि कहीं न कहीं वास्तु संतुलन बिगड़ा हुआ है. ऐसे में इन संकेतों को नजरअंदाज न करें, आप समय रहते कुछ सरल वास्तु उपायों को अपनाकर आप अपने घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकते हैं और सकारात्मकता को बढ़ा सकते हैं.

अगर आपके घर में बिना वजह क्लेश, मनमुटाव या मानसिक अशांति बनी रहती है, तो यह सिर्फ संयोग नहीं, बल्कि वास्तु दोष का संकेत भी हो सकता है. जब घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ जाता है, तो इसका असर पारिवारिक संबंधों और सुख-शांति पर भी पड़ता है. ऐसी स्थिति से बचने के लिए आपको विशेष रूप से नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम दिशा) से जुड़े वास्तु नियमों का ध्यान रखना चाहिए. यह दिशा घर की स्थिरता, संबंधों और आर्थिक मजबूती से जुड़ी होती है.

ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) घर की सबसे पवित्र और ऊर्जावान दिशा होती है. इस दिशा में टॉयलेट या गंदगी होना वास्तु दोष का प्रमुख कारण बनता है. वास्तु दोष के कारण घर में लगातार बीमारियां, मानसिक तनाव और असंतुलन बना रह सकता है. ईशान कोण में टॉयलेट न बनवाएं. अगर पहले से है, तो साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें.इस दिशा में तुलसी का पौधा लगाना शुभ होता है, यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके पॉजिटिव एनर्जी बढ़ाता है. ईशान कोण को रोशन, साफ और शांत रखें ताकि ऊर्जा का प्रवाह बना रहे. यदि संभव हो, तो इस दिशा में छोटा मंदिर या ध्यान स्थल बनाना अत्यंत लाभदायक होता है. संतुलित ईशान कोण आपके घर में स्वास्थ्य, सुख-शांति और सकारात्मकता बनाए रखता है.

अगर घर में वास्तु दोष हो, तो इसका असर धन और समृद्धि पर भी पड़ सकता है. अक्सर ऐसी स्थिति में आर्थिक रुकावटें, खर्चों में वृद्धि या संपत्ति से जुड़े विवाद देखने को मिलते हैं. इससे बचने के लिए विशेष रूप से उत्तर दिशा के नियमों का ध्यान रखें, क्योंकि यह दिशा कुबेर देव यानी धन के देवता से जुड़ी मानी जाती है.

उत्तर दिशा को हमेशा साफ रखें. इस दिशा में वास्तु यंत्र की स्थापना करें. यह आर्थिक स्थिरता और धनवृद्धि में सहायक होता है. ध्यान रखें कि इस दिशा में कोई भारी वस्तु या दीवार अवरोध न हो, ताकि ऊर्जा का प्रवाह बना रहे.

MAHARASHTRA : ठाकरे परिवार के घर के ऊपर ड्रोन उड़ने से मचा हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

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मातोश्री के बाहर अज्ञात ड्रोन उड़ने से हड़कंप मच गया. ठाकरे गुट ने जासूसी का आरोप लगाया, जबकि मुंबई पुलिस का कहना है कि यह एमएमआरडीए के सर्वे ड्रोन का हिस्सा था.

मुंबई के बांद्रा इलाके में स्थित ठाकरे परिवार के निवास ‘मातोश्री’ के बाहर शनिवार (8 नवंबर) को एक अज्ञात ड्रोन उड़ता हुआ दिखाई दिया. जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, इलाके में हड़कंप मच गया. हाई सिक्योरिटी जोन माने जाने वाले इस क्षेत्र में ड्रोन की मौजूदगी ने सुरक्षा एजेंसियों और ठाकरे गुट दोनों को चिंतित कर दिया है.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह ड्रोन मातोश्री और एमएमआरडीए कार्यालय के बीच की सड़क पर कुछ देर तक उड़ता हुआ नजर आया. मातोश्री की सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने ड्रोन को देखते ही तुरंत उसका वीडियो रिकॉर्ड किया और संबंधित सुरक्षा अधिकारियों को इसकी जानकारी दी.

जानकारी के अनुसार, इस घटना के बाद ठाकरे गुट ने आरोप लगाया कि इस ड्रोन के जरिए उद्धव ठाकरे से मिलने आने वाले लोगों की जासूसी की जा रही थी. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता अंबादास दानवे ने कहा कि मातोश्री परिसर हाई सिक्योरिटी जोन में आता है. इसके बावजूद ऐसे ड्रोन का उड़ना सुरक्षा की दृष्टि से बेहद गंभीर मामला है. क्या कोई मातोश्री की जासूसी कर रहा है? यह जानने की जरूरत है.

वहीं, इस मामले पर मुंबई पुलिस ने स्थिति स्पष्ट करते हुए एक बयान जारी किया. पुलिस ने कहा कि BKC और खेरवाड़ी क्षेत्र में एमएमआरडीए द्वारा अनुमति प्राप्त ड्रोन सर्वेक्षण चल रहा है. कृपया किसी भी तरह की गलत जानकारी फैलाने से बचें. पुलिस ने यह भी बताया कि यह ड्रोन संभवतः उसी सर्वेक्षण का हिस्सा था और किसी निजी निगरानी का मामला नहीं है.

हालांकि ठाकरे गुट इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं दिख रहा है. उनका कहना है कि चाहे ड्रोन सर्वे की अनुमति हो या नहीं, लेकिन मातोश्री के ऊपर या उसके आसपास ऐसे उपकरणों की उड़ान पूरी तरह प्रतिबंधित होनी चाहिएगौरतलब है कि ड्रोन नीति के अनुसार, मुंबई के कई इलाके विशेष रूप से वीआईपी और सरकारी आवासीय क्षेत्र रेड जोन में आते हैं, जहां बिना विशेष अनुमति के ड्रोन उड़ाना पूरी तरह प्रतिबंधित है.

इस घटना के बाद से मातोश्री के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. स्थानीय पुलिस ने भी आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ड्रोन कहां से उड़ाया गया था और किस उद्देश्य से मामले की जांच जारी है. सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे या जासूसी की संभावना से इनकार नहीं कर रही हैं.

Brahma Ji Temple:आखिर क्यों नहीं होती भगवान ब्रह्मा की पूजा? जानें पुष्कर मंदिर का रहस्य और श्राप!

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ब्रह्मा जी का सिर्फ एक मात्र मंदिर पुष्कर में है, जहां उनकी चतुर्मुखी मूर्ति विराजमान है. मगर पूरी दुनिया में उनका एक ही मंदिर ही क्यों है और क्यों उनकी पूजा नहीं की जाती. हिंदू शास्त्रों के अनुसार, इस पूरे जगत का निर्माण ब्रह्मा, विष्णु और महेश इन तीनों देवताओं ने किया है. इसलिए इन्हें त्रिदेव भी कहा जाता है. यहीं तीन त्रिदेव इस जगत के निर्माता, पालनकर्ता और विनाशक भी है.

जिसमें से ब्रह्मा जी को जगत का रचयिता कहा जाता है, मगर कई लोगों के मन में सवाल आता है कि, भगवान विष्णु और शिव जी के दुनिया भर में कई मंदिर देखने को मिलते हैं और घरों में भी इनकी पूजा की जाती है. वहीं ब्रह्मा जी का ना कोई मंदिर देखा जाता है और ना ही उनकी पूजा नहीं की जाती.

ब्रह्मा जी का मंदिर पूरी दुनिया में एक ही जगह पुष्कर राजस्थान में है. ऐसा माना जाता है कि यह मंदिर 14वीं शताब्दी में बनाया गया था और इसका स्वरूप आज भी वैसा हीं है. यह मंदिर संगमरमर का बना हुआ है और इसमें चतुर्मुखी ब्रह्मा जी विराजमान हैहिंदू पौराणिक कथाओं के मुताबिक, ब्रह्मा जी को देवी सावित्री का श्राप मिल रखा है. ब्रह्मा जी एक बार अपने वाहन हंस पर सवार होकर यज्ञ के लिए जगह खोजने निकले थे, तभी उस समय उनके हाथ से कमल का फूल गिर गया.

ब्रह्मा जी जब यज्ञ करने गए तो , वहां उस यज्ञ में उनकी पत्नी का होना जरूरी था. मगर उस वक्त देवी सावित्री वहां उपस्थित नहीं थी और पूजा का मुहूर्त भी निकला जा रहा था. ऐसे में ब्रह्मा जी ने वहां उपस्थित एक सुंदर कन्या से विवाह कर यज्ञ को संपन्न किया.मगर जब इस बात का पता देवी सावित्री को लगा तब वे बहुत नाराज हुई, जिसके बाद उन्होंने ब्रह्मा जी को श्राप दिया की पूरे जगत में वे कहीं नहीं पूजे जाएंगे.

इसी श्राप के कारण आज भी भगवान ब्रह्मा की पूजा दुनिया के किसी और मंदिर में नहीं की जाती. कहा जाता है कि यही वजह है कि उनका एकमात्र मंदिर राजस्थान के पुष्कर में स्थित है. मान्यता है कि ब्रह्मा जी ने यहीं रहकर दस हज़ार वर्षों तक सृष्टि की रचना की और पांच दिनों तक यज्ञ संपन्न किया.

SPORTS : टॉप 5 क्रिकेटर जिन्होंने जीते सबसे ज्यादा ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ अवॉर्ड्स, भारत के दो दिग्गज टॉप 2 में शामिल

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क्रिकेट में कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जो लगभग हर टूर्नामेंट में ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ बन जाते हैं. जानिए उन टॉप 5 क्रिकेटर्स के बारे में जिन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से यह सम्मान सबसे ज्यादा बार जीता है.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी खिलाड़ी की निरंतरता और मैच पर पकड़ का सबसे बड़ा सबूत होता है, ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज़’ अवॉर्ड. यह सम्मान उस खिलाड़ी को दिया जाता है जो पूरी सीरीज में टीम के लिए सबसे ज्यादा प्रभावी प्रदर्शन करे. आइए जानते हैं उन टॉप 5 क्रिकेटरों के बारे में जिन्होंने तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, ODI, T20I) में सबसे ज्यादा बार यह अवॉर्ड अपने नाम किया है.

विराट कोहली – भारत

भारतीय रन मशीन विराट कोहली इस लिस्ट में सबसे ऊपर हैं. साल 2008 से अब तक खेले गए 553 मैचों और 167 सीरीज में उन्होंने 21 बार ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ अवॉर्ड अपने नाम किया है. टेस्ट में 3, वनडे में 11 और टी20 में 7 बार उन्हें यह सम्मान मिला. कोहली का निरंतर प्रदर्शन और जीत की भूख उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है.

सचिन तेंदुलकर – भारत

‘क्रिकेट के भगवान’ सचिन तेंदुलकर भले ही अब खेल से दूर हों, लेकिन रिकॉर्ड्स की बात हो और उनका नाम न आए ऐसा हो ही नहीं सकता. उन्होंने 1989 से 2013 के बीच 20 बार ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ अवॉर्ड जीता, जिनमें 5 टेस्ट और 15 वनडे सीरीज शामिल हैं. यह दिखाता है कि दो दशकों तक उन्होंने किस तरह क्रिकेट पर राज किया है.

शाकिब अल हसन – बांग्लादेश

बांग्लादेश के स्टार ऑलराउंडर शाकिब अल हसन इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं. उन्होंने 162 सीरीज में से 17 बार यह अवॉर्ड जीता है. शाकिब बल्ले और गेंद दोनों से मैच बदलने की क्षमता रखते हैं. 5 टेस्ट, 7 वनडे और 5 टी20 सीरीज में उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है.

जैक कैलिस – दक्षिण अफ्रीका

दुनिया के महानतम ऑलराउंडर्स में से एक जैक कैलिस का नाम भी इस लिस्ट में शुमार है. उन्होंने अपने करियर में 519 मैचों और 148 सीरीज में खेलते हुए 15 बार यह अवॉर्ड जीता. टेस्ट और वनडे दोनों में उन्होंने अपनी क्लास से मैचों का रुख पलट दिया.

डेविड वॉर्नर – ऑस्ट्रेलिया

इस लिस्ट में पांचवें नंबर पर हैं ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक ओपनर डेविड वॉर्नर. उन्होंने अब तक 383 मैचों और 126 सीरीज में 13 बार ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का सम्मान जीता है. उनकी आक्रामक बल्लेबाजी हर फॉर्मेट में ऑस्ट्रेलिया की ताकत रही है.

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