Friday, January 30, 2026
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PUNJAB : ‘जल विवाद सुलझाने के लिए बड़े भाई की भूमिका निभाने को तैयार’, हरियाणा के CM संग बैठक में बोले भगवंत मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि सतलुज यमुना लिंक नहर विवाद सुलझाने के लिए बड़े भाई की भूमिका निभाने को तैयार हैं. उन्होंने यह भी दावा किया है कि हमारी सरकार जल विवाद पर पंजाब के हितों की मजबूती से रक्षा कर रही है. पंजाब किसी का हक नहीं मार रहा.

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ बैठक के दौरान सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर विवाद का समाधान आपसी सहमति से निकालने की जोरदार पैरवी की. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब सरकार जल विवाद पर राज्य के हितों की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है. सीएम मान ने यह भी कहा कि हमारे पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए पानी नहीं है, लेकिन हरियाणा का बड़ा भाई होने के नाते हम अपने पड़ोसी राज्य के साथ वैर-विरोध नहीं चाहते.

उन्होंने कहा कि इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद का शीघ्र समाधान चाहते हैं. मुख्यमंत्री मान ने यह भी कहा कि मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि पंजाब के हिस्से के पानी की एक बूंद भी किसी और के साथ साझा करने की अनुुमति नहीं दी जा सकती. उन्होंने कहा कि एसवाईएल एक भावनात्मक मुद्दा है और यदि इसे लागू किया गया तो राज्य को कानून-व्यवस्था के लिहाज से गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि आज की स्थिति में एसवाईएल नहर के लिए पंजाब के पास भूमि ही उपलब्ध नहीं है.

सीएम मान ने पंजाब का दृष्टिकोण स्पष्ट करते हुए कहा कि पंजाब बड़ा भाई है और दोनों राज्य इस विवादास्पद मुद्दे का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने के लिए यहां आए हैं. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और भारत सरकार, दोनों ही इस मुद्दे का आपसी सहमति से समाधान चाहते हैं और यह एक सकारात्मक संकेत है कि दोनों राज्य इस मसले को सुलझाने और टकराव समाप्त करने के लिए साथ बैठकर विचार कर रहे हैं. सीएम मान ने कहा कि पंजाब किसी को भी उसके वैध अधिकार से वंचित नहीं कर रहा है.

उन्होंने आगे कहा कि तीन नदियों के 34.34 मिलियन एकड़ फीट (एमएएफ) पानी में से पंजाब को केवल 14.22 एमएएफ, यानी लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा मिला है, जबकि 60 प्रतिशत पानी हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान को जाता है. सीएम मान ने कहा कि जबकि इन राज्यों से होकर इन नदियों में से कोई भी नदी नहीं बहती. पंजाब के जल संकट पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि सतही जल में कमी के कारण भूमिगत जल संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है. पंजाब के 153 ब्लॉकों में से 115 ब्लॉक में पानी का अत्यधिक दोहन हो चुका है. उन्होंने कहा कि पंजाब में भूमिगत जल निकासी की दर पूरे देश में सबसे अधिक है.

भाई घनैया जी की सच्ची भावना का उल्लेख करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब अपनी जरूरतों को दरकिनार करते हुए 60 प्रतिशत पानी गैर-रिपेरियन राज्यों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए देता रहा है. उन्होंने कहा कि पंजाब अपनी नदियों का पानी दूसरों के साथ साझा करता है, लेकिन बाढ़ से होने वाला नुकसान अकेले पंजाब को ही झेलना पड़ता है. इसलिए यह अत्यंत आवश्यक है कि कोई भी निर्णय लेते समय पंजाब के हितों का पूरा ध्यान रखा जाए. पावन गुरबाणी की पंक्ति ‘पवण गुरु पाणी पिता माता धरत महत॥’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे महान गुरु साहिबान ने वायु को गुरु, पानी को पिता और धरती को माता का दर्जा दिया है.

उन्होंने कहा कि इन प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार गुरु साहिबान की ओर से दिखाए गए मार्ग पर चल रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि दोनों सरकारें इस मुद्दे के समाधान के लिए गंभीरता से विचार-विमर्श कर रही हैं. भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह जीत या हार का प्रश्न नहीं है, बल्कि पंजाब और पंजाबियों के हितों और भावनाओं की अनदेखी नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि पानी दोनों राज्यों की जीवन रेखा है.

दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच निरंतर बैठकें आयोजित करने के लिए सीएम मान ने एक संयुक्त वर्किंग ग्रुप गठित करने का सुझाव दिया. उन्होंने उम्मीद जताई कि इसकी नियमित बैठकों से इस मुद्दे का सौहार्दपूर्ण समाधान निकलेगा. सीएम मान ने आशा जताई कि दोनों राज्यों में विकास, प्रगति और समृद्धि का नया दौर शुरू होगा. इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. रवि भगत, जल संसाधन सचिव कृष्ण कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.

GUJARAT : ताकत बढ़ाने वाली गोलियां खाकर करता था परेशान, पत्नी ने हल्दी वाले दूध में मिला दिया जहर, फिर…

सूरत के लिंबायत में इशरत खातून ने अपने पति हैदर अली की हत्या कर दी. शुरू में उसने हल्दी वाले दूध में जहर मिलाकर कोशिश की, जब वह जीवित रहा तो गला और छाती दबाकर मौत के घाट उतार दिया. मृतक का भाई शक होने पर पुलिस को सूचना दी. पोस्टमार्टम में मौत का कारण ‘गर्दन और छाती पर दबाव’ बताया गया. पुलिस ने इशरत को गिरफ्तार कर हत्या की धाराओं में मामला दर्ज किया है. मामला घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना से जुड़ा है.

गुजरात के सूरत शहर के लिंबायत इलाके में एक गंभीर हत्या का मामला सामने आया है. यहां एक पत्नी ने अपने पति हैदर अली की हत्या कर दी. पुलिस के अनुसार, हत्या की शुरुआत पत्नी द्वारा हैदर अली को हल्दी वाले दूध में चूहे मारने वाली दवा मिलाकर कर दी गई. जब कुछ दिन तक यह दवा काम नहीं आई और पति जीवित रहा, तो पत्नी ने अंतिम कदम उठाते हुए उसका गला और छाती दबाकर उसकी हत्या कर दी.

लिंबायत पुलिस ने इस मामले में पत्नी इशरत जहां उर्फ इशरत खातून को गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ में इशरत ने पुलिस को बताया कि उसका पति मुंबई में काम करता था और जब वह सूरत घर आता था, तो सेक्सवर्धक गोलियां लेकर उसे शारीरिक और मानसिक यातना देता था. उसका कहना था कि बार-बार की इस यातना और प्रताड़ना से वह परेशान हो गई थी और इस बार उसने अपने पति को हमेशा के लिए खत्म करने का निर्णय लिया.

इशरत ने बताया कि उसने 1 जनवरी 2026 की रात को हैदर अली को पीने के लिए हल्दी वाला दूध दिया, जिसमें उसने चूहे मारने वाली दवा मिला दी. शुरुआत में दवा का असर धीमा रहा और 5 जनवरी को हैदर अली की तबीयत अचानक बिगड़ गई. उसे तुरंत सूरत के स्मीमेर अस्पताल में भर्ती कराया गया. शुरुआत में इशरत ने परिवार को बताया कि यह मौत किसी सामान्य बीमारी के कारण हुई.

हैदर अली की मृत्यु के बाद शव घर लाया गया. मृतक के भाई ने शव को बिहार के पूर्वी चंपारण स्थित उनके पैतृक गांव ले जाकर दफनाना चाहा, लेकिन पत्नी ने जोर देकर कहा कि दफननाने का काम सूरत में ही की जाए. इस बहस के दौरान मृतक के भाई को शक हुआ कि शायद उसकी मृत्यु में पत्नी का हाथ है. इसके बाद उसने पुलिस को मामले की सूचना दी.

पुलिस ने शव का फॉरेंसिक पोस्टमार्टम कराया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह पाया गया कि हैदर अली की मौत केवल जहर से नहीं हुई थी. रिपोर्ट में बताया गया कि मृतक की गर्दन और छाती पर दबाव डालने से दम घुटने के कारण उसकी मृत्यु हुई. इशरत ने पुलिस को स्वीकार किया कि जब जहर का असर हुआ और पति कमजोर हुआ, तब उसने उसका गला और छाती दबाकर हत्या को अंजाम दिया.

लिंबायत थाना के पुलिस इंस्पेक्टर एन.के. कामलिया ने बताया कि 5 जनवरी 2026 को हत्या का मामला दर्ज किया गया. मृतक हैदर अली (39 वर्ष) मुंबई में मजदूरी करता था और परिवार सूरत में रहता था. इंस्पेक्टर के अनुसार, हैदर अली अपने काम के सिलसिले में महीने भर मुंबई में रहता और घर आने पर पत्नी को लगातार मानसिक और शारीरिक यातना देता था.

इशरत ने पुलिस को बताया कि उसके पति की बर्बरता और प्रताड़ना अब असहनीय हो गई थी. उन्होंने कहा कि वह बार-बार सेक्सवर्धक गोलियां लेकर उसे पीड़ित करता और मारता था. इस बार उसने तय किया कि वह अपने पति को हमेशा के लिए खत्म करेगी. शुरू में जहर देकर हत्या की कोशिश की, लेकिन जब वह जीवित रहा, तब अंतिम कदम उठाकर उसका गला और छाती दबाकर उसकी हत्या कर दी.

पुलिस ने इस मामले में हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर इशरत को गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा, पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. मृतक के भाई ने इस मामले में सहयोग करते हुए पुलिस को पूरी जानकारी दी, जिससे हत्या का सच सामने आया.

ENTERTAINMENT : ‘एक युग का अंत’, अरिजीत सिंह ने छोड़ी प्लेबैक सिंगिंग, फैसले से हैरान सेलेब्स, फैंस के नहीं रुके आंसू

अरिजीत सिंह ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर फैंस और फॉलोअर्स के साथ यह खबर शेयर की थी. जैसे ही घोषणा लाइव हुई, म्यूजिक और एंटरटेनमेंट जगत के कई प्रमुख नामों ने कमेंट सेक्शन में अपनी हैरानी जताई. सिंगर के फैंस भी इमोशनल हैं. यूजर्स उनके प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने पर रो रहे हैं.

म्यूजिक इंडस्ट्री में इस समय हलचल मची हुई है. सिंगर अरिजीत सिंह ने 27 जनवरी को ऐलान किया कि वे प्लेबैक सिंगिंग से दूर हो रहे हैं. इस ऐलान ने म्यूजिक इंडस्ट्री से लेकर फैंस तक को सदमा पहुंचाया. कई कलाकारों ने सिंगर के इस फैसले पर अविश्वास जताया है. रैपर बादशाह और सिंगर बी प्राक सहित कई आर्टिस्ट ने अरिजीत को दिल से दुआ दी और खुद को उनका फैन बताया.अरिजीत सिंह ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर फैंस और फॉलोअर्स के साथ यह खबर शेयर की थी. जैसे ही घोषणा लाइव हुई, संगीत और मनोरंजन जगत के कई प्रमुख नामों ने कमेंट सेक्शन में हैरानी जताई और इस अचानक आई खबर को स्वीकार करने में मुश्किल महसूस की. रैपर बादशाह ने सिर्फ तीन शब्दों में अपनी भावनाएं व्यक्त कीं. उन्होंने लिखा, ‘सदियों में एक’.

सिंगर-कंपोजर अमाल मलिक ने लिखा, ‘यह सुनकर पूरी तरह खो गया हूं….मैं समझ नहीं पा रहा लेकिन आपके फैसले का सम्मान करता हूं. बस इतना जान लो कि मैं था, हूं और हमेशा अरिजीत सिंह का फैन रहूंगा. अगर यही स्थिति है, तो कोई गलती न समझना कि फिल्म म्यूजिक आपके बिना कभी वैसा नहीं रहेगा मेरे भाई. आपके युग में जन्म लेने के लिए आभारी हूं.’

बी प्राक ने कमेंट किया, ‘जिंदगीभर आपका फैन रहूंगा.’ जबकि एक्ट्रेस रिचा चड्ढा ने कमेंट सेक्शन में कई रोते हुए इमोजी शेयर किए. एबीसीडी फेम एक्ट्रेस लॉरेन गॉटलिब ने लिखा, ‘कलात्मक स्वतंत्रता. कितनी खूबसूरत चीज है. बधाई हो. आगे क्या आने वाला है, इसकी उत्सुकता है.’

तंजानियाई कंटेंट क्रिएटर किली पॉल ने भी अरिजीत के पोस्ट पर कमेंट किया. उन्होंने लिखा, ‘वाह (हार्ट ब्रेक इमोजी) आपकी आवाज के बिना ब्लॉकबस्टर मूवी…कल्पना भी नहीं कर सकता. लेकिन ऑल द बेस्ट सर और हम आपके सोलो गानों का इंतजार कर रहे हैं.’ म्यूजिशियन और वायरल कंटेंट क्रिएटर यशराज मुखाते ने रिएक्ट करते हुए कहा, ‘अब लगता है हमें कुछ क्रेजी इंडी म्यूजिक मिलने वाला है.’ एक्टर अली गोनी ने फैंस की हैरानी को भावुक अपील के साथ व्यक्त किया. उन्होंने लिखा, ‘नो ब्रो प्लीज नो.’

सेलेब्स के साथ-साथ फैंस भी अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने से काफी दुखी हैं. सोशल मीडिया पर उन्हें लेकर ढेरों पोस्ट वायरल हो रहे हैं. एक यूजर ने अरिजीत की फोटो शेयर करते हुए लिखा, ‘अरिजीत पहले अपने गानों से रुलाते थे, अब अपनी पोस्ट से भी रुलाना शुरू कर दिया है.’ दूसरे ने लिखा, ‘लड़कों के टेलर स्विफ्ट ने रिटायरमेंट ले ली.’ एक और ने लिखा, ‘अरिजीत सिंह का प्लेबैक सिंगिंग छोड़ना मेरे 2026 के बिंगो कार्ड में नहीं था.’ एक अन्य में लिखा, ‘वो दूर चला गया पेंगुइन अरिजीत ही थे. मेनू विदा करो, मैंने जाना उस पार. बेहतरीन म्यूजिक के लिए शुक्रिया.’ वहीं कई ऐसे यूजर्स भी हैं, जिन्होंने इसे एक ‘युग का अंत’ बताया है. बहुत से यूजर्स अरिजीत से वापस आने की गुहार भी लगा रहे हैं.

अरिजीत सिंह ने 27 जनवरी को अपनी पोस्ट से सभी को चौंका दिया था. उन्होंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर ऐलान किया कि वे प्लेबैक सिंगिंग से दूर हो रहे हैं. सिंगर ने कहा कि वे अब कोई नया असाइनमेंट नहीं लेंगे. उन्होंने लिखा था, ‘हैलो, सभी को हैप्पी न्यू ईयर. मैं आप सभी को इतने सालों से मिले प्यार के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं, आप सबने मुझे सुनने वाले के रूप में इतना प्यार दिया. मैं खुशी से ऐलान करता हूं कि अब मैं प्लेबैक वोकलिस्ट के रूप में कोई नया असाइनमेंट नहीं लूंगा. मैं इसे खत्म कर रहा हूं. ये एक शानदार सफर रहा.’

पिछले एक दशक में अरिजीत सिंह ने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में सबसे सम्मानित और प्रभावशाली आवाजों में से एक के रूप में अपनी जगह बनाई है. वे 2013 में फिल्म ‘आशिकी 2’ के गाने ‘तुम ही हो’ से रातों रात मशहूर हो गए थे. इसी गाने ने उन्हें हर घर में पहचान मिली. बाद में उन्होंने ‘चन्ना मेरेया’, ‘फिर भी तुमको चाहूंगा’, ‘कबीरा’, ‘गेरुआ’, ‘जान निसार’, ‘कलंक टाइटल ट्रैक’ और हाल ही में धुरंधर से ‘गहरा हुआ’ जैसे कई चार्ट-टॉपिंग हिट गानों को गाया. ‘बिनते दिल’ और ‘केसरिया’ गाने के लिए सिंगर ने दो नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स भी जीते.

NATIONAL : जयपुर में हार्ट पेशेंट को लेकर जा रही एंबुलेंस पलटी, मरीज और उनके छोटे भाई की मौत, 4 की हालत गंभीर

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जयपुर के अजमेर-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर बीती रात दर्दनाक हादसा हो गया. यहां हार्ट पेशेंट को ले जा रही एंबुलेंस अनियंत्रित होकर पलट गई. हादसे में मरीज और उनके छोटे भाई की मौत हो गई, जबकि अन्य चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है.

राजस्थान की राजधानी जयपुर में अजमेर-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर बीती रात दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. यहां हार्ट पेशेंट को लेकर जा रही एंबुलेंस अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे मरीज सहित दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. हादसे में एंबुलेंस में सवार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. पुलिस के अनुसार, चौमूं स्थित बराला हॉस्पिटल से 67 वर्षीय कार्डियक मरीज सिराजुद्दीन को मानसरोवर स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया जा रहा था. एंबुलेंस में मरीज के साथ उनके 50 वर्षीय छोटे भाई फिरोज अली भी सवार थे. एंबुलेंस जैसे ही निवारू रोड के पास पहुंची तो सड़क के बीचोंबीच तेज गति की वजह से बेकाबू हो गई और पलट गई.

आसपास के लोगों ने देखा तो तुरंत मदद के लिए दौड़े. लोगों ने जानकारी तुरंत पुलिस को दी, इसी के साथ एंबुलेंस को भी कॉल किया. इस हादसे में सिराजुद्दीन और फिरोज अली की मौके पर ही मौत हो गई.

एंबुलेंस में सवार अन्य लोग आमीन, मेहराज, चालक प्रकाश, उसका साथी मजरू मोहन और नर्सिंगकर्मी वेद प्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. हादसे के बाद हाईवे पर यातायात कुछ देर के लिए बाधित रहा.करधनी थाना पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर एंबुलेंस को सड़क से हटवाया और यातायात सुचारु किया. पुलिस ने शवों को कांवटिया अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया. पुलिस फिलहाल हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई है. प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि वाहन तेज गति में था, जिसकी वजह से अनियंत्रित होकर पलट गया.

BIHAR : गोपालगंज में दरवाजे पर खेल रही दो साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म, आरोपी मोहम्मद सारिक गिरफ्तार

बिहार के गोपालगंज में मानवता को शर्मसार करते हुए एक दो साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया. घर के बाहर खेल रही बच्ची को आरोपी मोहम्मद सारिक, जो यूपी के बिजनौर का निवासी है, ने अपनी हैवानियत का शिकार बनाया. ग्रामीणों ने आरोपी को दबोचकर पुलिस को सौंप दिया है. बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है. पुलिस ने मामले की गंभीरता देखते हुए सात दिनों के भीतर स्पीडी ट्रायल के जरिए आरोपी को कड़ी सजा दिलाने का भरोसा दिया है.

बिहार के गोपालगंज में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है. नगर थाना क्षेत्र के एक गांव में घर के दरवाजे पर खेल रही महज दो साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया है. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है. पीड़िता बच्ची की हालत नाजुक बनी हुई है. उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वही ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है. गिरफ्तार आरोपी यूपी के बिजनौर जिले के किरतपुर गांव का मोहम्मद सारिक बताया गया है.

बताया जाता है कि बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी. इसी दौरान आरोपी ने उसे अकेला देख गोद में उठा लिया और सुनसान जगह पर ले जाकर हैवानियत की. बच्ची की चीख-पुकार सुनकर परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे. मासूम की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है.

वारदात के बाद आरोपी युवक को आक्रोशित ग्रामीणों ने पकड़कर जमकर पिटाई की और बाद में इसकी सूचना डायल-112 को दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया.

NATIONAL : बारामती विमान हादसे में अजित पवार का निधन, PM मोदी-राष्ट्रपति मुर्मू ने जताया दुख….

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महाराष्ट्र के बारामती में हुए चार्टर्ड विमान हादसे में डिप्टी सीएम अजित पवार का निधन हो गया. DGCA ने हादसे में सवार सभी 5 लोगों की मौत की पुष्टि की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई राजनीतिक नेताओं ने इस दुखद घटना पर शोक जताया है.

महाराष्ट्र के बारामती में हुए भीषण विमान हादसे में राज्य के डिप्टी सीएम और एनसीपी नेता अजित पवार का निधन हो गया. यह हादसा उस वक्त हुआ, जब उनका चार्टर्ड विमान बारामती में लैंडिंग की कोशिश कर रहा था. DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) ने पुष्टि की है कि विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई है और कोई भी जीवित नहीं बचा. इस हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को फोन कर हालात की जानकारी ली.

हादसे की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर बात की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. महाराष्ट्र सरकार की ओर से बताया गया कि पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोनों ने मुख्यमंत्री से संपर्क कर हादसे पर दुख जताया. प्रधानमंत्री मोदी ने अजित पवार के निधन पर गहरा शोक जाहिर किया.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अजित पवार जननेता थे और उनका लोगों से गहरा जुड़ाव था. वह महाराष्ट्र के लोगों की सेवा में हमेशा आगे रहने वाले मेहनती नेता के रूप में जाने जाते थे. प्रशासनिक मामलों की उनकी समझ और गरीब व वंचित वर्ग को सशक्त करने का उनका जज़्बा सराहनीय था. उनका असमय निधन बेहद चौंकाने वाला और दुखद है. उनके परिवार और असंख्य समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं. ओम शांति.

इस बीच, शरद पवार परिवार में भी शोक का माहौल है. जानकारी के मुताबिक, सुप्रिया सुले, अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार दिल्ली से बारामती के लिए रवाना हो रहे हैं. तीनों शरद पवार के आवास पर एक साथ मौजूद थे.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन पर दुख जताया. राष्ट्रपति ने एक पोस्ट में कहा, “महाराष्ट्र के बारामती में एक विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार समेत कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है. अजित पवार का असामयिक निधन एक अपूरणीय क्षति है. उन्हें महाराष्ट्र के विकास में, विशेषकर सहकारी क्षेत्र में, विशेष योगदान के लिए सदैव याद रखा जाएगा. मैं उनके परिवार, समर्थकों एवं प्रशंसकों के प्रति गहन शोक-संवेदना व्यक्त करती हूं. ईश्वर इस दुर्घटना में मारे गए अन्य सभी लोगों के परिवारों को भी इस आघात को सहन करने की शक्ति प्रदान करें.”

राजनीतिक जगत से लगातार शोक संदेश आ रहे हैं. शिवसेना (UBT) सांसद अरविंद सावंत ने कहा, “बारामती के विकास में अजित पवार की बड़ी भूमिका रही. पूरे पवार परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं.” कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने भी उनके निधन को महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बड़ा नुकसान बताया.

शिवसेना (UBT) MP अरविंद सावंत ने कहा, “मैंने हमेशा वही किया जो उन्होंने (अजित पवार) कहा” वह एक हिम्मत वाले आदमी थे. बारामती इलाके के विकास में उनका बड़ा रोल था. मैं पूरे पवार परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं जाहिर करता हूं.”सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार का विमान दुर्घटना में निधन, अत्यंत दुःखद ! ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे. शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं. भावभीनी श्रद्धांजलि.”

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने एक्स पोस्ट में कहा, “अजीत पवार साहब की विमान दुर्घटना में मौत की ख़बर बेहद अफ़सोसनाक है. ख़ुदा उनके परिवार को इस दुख की घड़ी में सब्र अता करे, भारत सरकार दुर्घटना की गहन जॉंच करवाये ताकि दुर्घटना के कारणों का पता चल सके.”पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने कहा, “महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत की खबर से गहरा सदमा लगा है. यह एक बेहद दुखद घटना है. शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं.”

डीएमके सांसद टी शिवा ने कहा, “यह बहुत दुखद है. मेरे पास अपने शोक को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं. वह एक बेहद ऊर्जावान नेता थे.” केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इसे “बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर” बताया. वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “यह देश के लिए अपूरणीय क्षति है.”

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “यह सच में एक बुरी घटना है…खबरें आ रही हैं कि अजित पवार भी विमान में थे. अगर यह सच है, तो यह बहुत बुरा दिन है…यह दिल दहला देने वाली घटना है. भगवान पीड़ित परिवारों को हिम्मत दे…वह सिर्फ़ महाराष्ट्र के डिप्टी CM ही नहीं, बल्कि देश के जाने-माने नेता भी थे. यह एक ऐसा नुकसान है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती.”

DGCA के मुताबिक, “विमान में कुल 5 लोग सवार थे, जिनमें 3 यात्री और 2 क्रू मेंबर शामिल थे. यात्रियों में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार, उनके एक पीएसओ और एक अटेंडेंट मौजूद थे. वहीं क्रू में पायलट-इन-कमांड (PIC) और फर्स्ट ऑफिसर (FO) शामिल थे.”

NATIONAL : दोस्ती, सुसाइड पैक्ट और कत्ल… लड़की को मरते हुए देखता रहा आरोपी, मौत के बाद लाश के साथ की दरिंदगी

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केरल के कोझिकोड में एक लड़की की मौत पहेली बन गई थी. जिसे अब पुलिस ने सुलझा लिया है. इस मामले को पहले आत्महत्या बताया गया था. लेकिन जांच और छानबीन के बाद तस्वीर साफ हो गई. यह मामला कत्ल की एक सोची समझी साजिश थी, जिसका खुलासा पुलिस कर ने कर दिया है. पढ़ें पूरी कहानी.

Kozhikode Girl Murder Case: केरल के कोझिकोड जिले में एक युवती की मौत का मामला आत्महत्या के तौर पर दर्ज किया गया था. लेकिन जब इस मामले की तफ्तीश आगे बढ़ी तो कहानी पूरी तरह बदल गई. जो मामला खुदकुशी का लग रहा था, वह असल में एक सुनियोजित हत्या निकला. पुलिस ने 3 दिन बाद इस मामले का खुलासा कर दिया. साथ ही इस वारदात को अंजाम देने वाला शख्स भी पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है.

यह वारदात 24 जनवरी की है. उस वक्त पुलिस ने इस घटना को सामान्य केस मान लिया था, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने खुद मंगलवार को 36 साल के आरोपी को गिरफ्तार कर इस सनसनीखेज साजिश का खुलासा कर दिया. आरोपी शख्स मरने वाली युवती का करीबी रिश्तेदार बताया गया है. जिसने मरने के बाद भी उस लड़की को नहीं बख्शा, बल्कि उसकी लाश का भी यौन शोषण किया.

PTI के मुताबिक, 26 साल की पीड़िता को एलाथुर थाना क्षेत्र के एक गांव में स्थित औद्योगिक यूनिट में गंभीर हालत में पाया गया था. यह यूनिट आरोपी वैसाख की ही थी. शनिवार को जब युवती को अस्पताल ले जाया गया, तब उसकी हालत नाजुक थी. बाद में उसकी मौत हो गई. शुरुआत में आरोपी ने दावा किया कि उसने युवती को फांसी पर लटका हुआ पाया था.

आरोपी वैसाख ने पुलिस को बताया कि उसने युवती को फंदे से लटका देखा और पत्नी की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया. उसने इसे आत्महत्या का मामला दिखाने की पूरी कोशिश की. लेकिन पुलिस को उसके बयान में कई विरोधाभास नजर आए. यही विरोधाभास आगे चलकर पूरे केस की कड़ी बने और सच्चाई सामने आने लगी.

जांच में खुलासा हुआ कि उन दोनों के बीच अवैध संबंध थे. मगर अब आरोपी उस लड़की से छुटकारा पाना चाहता था. इसी के चलते आरोपी ने युवती को आत्महत्या समझौते यानी सुसाइड पैक्ट का झांसा देकर यूनिट में बुलाया था. उसने भरोसा दिलाया कि दोनों साथ जी नहीं सकते तो साथ में अपनी जान देंगे. इसी साजिश के तहत आरोपी ने वहां पहले से दो फंदे तैयार कर रखे थे, ताकि मामला असली आत्महत्या जैसा लगे और किसी को शक न हो.

पुलिस के मुताबिक, जैसे ही युवती ने फंदे में अपना सिर डाला, आरोपी ने उसके पैरों के नीचे रखी कुर्सी को लात मारकर हटा दिया. युवती को संभलने का कोई मौका नहीं मिला. असल में यह पूरी तरह से पूर्व नियोजित हत्या थी. आरोपी वहीं खड़ा रहा और उसकी आंखों के सामने वो लड़की तड़पती रही और फिर उसने दम तोड़ दिया. इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया.

फॉरेंसिक रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, युवती के साथ फांसी की हालत में और नीचे उतारने के बाद भी यौन शोषण किया गया. इस खुलासे ने केस को और भी भयावह बना दिया. यह साफ हो गया कि आरोपी की मंशा सिर्फ हत्या नहीं थी, बल्कि उसने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी थीं.

आरोपी का अगला प्लान था कि वो रात में वापस आकर यूनिट का CCTV हार्ड डिस्क नष्ट कर देगा. वह सबूत मिटाकर हमेशा के लिए बच निकलना चाहता था. लेकिन पुलिस को उसके बयानों में कुछ फिशी लगा. समय रहते पुलिस ने यूनिट को सील कर दिया और डिजिटल सबूत सुरक्षित कर लिए. यही CCTV फुटेज इस केस का सबसे बड़ा सबूत बन गई.

कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने माना कि दोनों के बीच अवैध संबंध थे और युवती उस पर शादी का दबाव बना रही थी. इसी दबाव से छुटकारा पाने के लिए उसने उसकी हत्या की योजना बनाई. पुलिस के मुताबिक, समय पर CCTV सुरक्षित करना ही इस केस का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ.

NATIONAL : सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो का हनीट्रैप, युवक से ठगे 1.35 लाख, दो महिलाओं समेत 3 गिरफ्तार

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ऊधम सिंह नगर के गदरपुर में सोशल मीडिया हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग गैंग का पर्दाफाश हुआ है. फेसबुक के जरिए दोस्ती कर युवक से मारपीट, धमकी और अश्लील वीडियो वायरल करने का डर दिखाकर 1.35 लाख रुपये वसूले गए. पुलिस ने दो महिलाओं समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर नकदी और कार बरामद की है.भले ही सोशल मीडिया एक मनोरंजन का साधन क्यों ना हो लेकिन ये मनोरंजन एक युवक के लिए मुसीबतों का पहाड़ बन गया. उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर पुलिस ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है जो सोशल मीडिया पर पहले दोस्ती और फिर ब्लैकमेलिंग का खेल खेलते. मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब एक युवक ने गदरपुर कोतवाली में तेहरीर देकर कार्यवाही की मांग की. उसके बाद पुलिस एक्शन मोड में आई और दो महिलाओं सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया.

आपको बता दें कि 26 जनवरी को पीड़ित दाऊद निवासी ग्राम मडियान शादी, जिला रामपुर द्वारा कोतवाली गदरपुर में तहरीर दी गई. तहरीर में बताया गया था आरोपी जौहर उर्फ महक ने फेसबुक आईडी के माध्यम से उससे संपर्क कर गदरपुर बुलाया था , जहां आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर पहले पीड़ित के साथ गाली-गलौच, मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी और फिर फर्जी मुकदमे में फंसाने एवं अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे 40,000 नगद व 95,000 ऑनलाइन वसूल लिए.

पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई. कोतवाली गदरपुर पुलिस टीम द्वारा जौहर उर्फ महक , राबिया और रोहन को गिरफ्तार किया गया. आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार तथा रंगदारी से वसूली गई राशि बरामद की गई है.

एसएसपी, उधम सिंह नगर ने बताया कि आज गदरपुर पुलिस को हनीट्रैप और रंगदारी से संबधित सूचना प्राप्त हुई. पीड़ित द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई . जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से संपर्क कर गदरपुर और काशीपुर क्षेत्र में बुलाया जाता था. यहां आरोपी उनसे मारपीट, जान से मारने की धमकी, फर्जी मुकदमे में फंसाने और अश्लील वीडियो वायरल करने का डर दिखाकर पैसे वसूलते थे. इसमें पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए दो महिलाओं समेत एक युवक को गिरफ्तार किया गया है. पूछताछ में पता चला है कि इस गैंग में और भी कई लोग शामिल हैं.

BIHAR : NEET छात्रा मौत मामला: रेप की पुष्टि, शंभू हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन का भी लिया गया DNA सैंपल

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बिहार नीट छात्रा मौत मामले में यौन हिंसा की आशंका मजबूत होती जा रही है. दरअसल, फॉरेंसिक जांच में एक मेल स्पर्म मिला है. इधर, पुलिस ने हॉस्टल मालिक का भी डीएनए सैंपल करा लिया है.बिहार में नीट छात्रा की मौत के मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है. सूत्रों के मुताबिक, शंभु हॉस्टल के बिल्डिंग मालिक मनीष रंजन का डीएनए सैंपल लिया गया है. मनीष रंजन फिलहाल पटना के बेऊर जेल में बंद है. जहां जेल के अंदर ही उसका डीएनए सैंपल लिया गया.

बताया जा रहा है कि 14 जनवरी को पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मनीष रंजन को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के प्राइवेट पार्ट में चोट का जिक्र किया गया था. रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि यौन हिंसा की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता है.

सूत्रों के अनुसार, नीट छात्रा की मौत के मामले में जांच के दौरान फॉरेंसिक टीम ने अपनी रिपोर्ट एसआईटी (SIT) को सौंप दी है. फॉरेंसिक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा के अंडरगारमेंट में मेल स्पर्म की पुष्टि हुई है. इसके बाद यह आशंका और मजबूत हो गई है कि छात्रा के साथ यौन हिंसा हुई थी.

डीएनए सैंपल का मिलान अब एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) द्वारा तैयार की गई डीएनए प्रोफाइल से किया जाएगा. छात्रा के कपड़ों पर मिले सीमेन से डीएनए प्रोफाइल तैयार की जा रही है. माना जा रहा है कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद मामले में कई अहम राज खुल सकते हैं.

जानकारी के अनुसार, परिजन शुरू से ही छात्रा के साथ रेप और हत्या का आरोप लगाते आ रहे हैं. पुलिस ने साफ किया है कि आगे जांच के दौरान जो भी व्यक्ति संदिग्ध पाया जाएगा. उसका भी डीएनए सैंपल लिया जाएगा और एफएसएल रिपोर्ट से उसका मिलान कराया जाएगा.और जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि डीएनए रिपोर्ट से इस मामले में बड़ी सफलता मिलेगी. साथ ही दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जा सकेगा.

UP : ‘हां, हैलो मैंने इस्तीफा दे दिया…’ पत्नी से फोन पर बात करते-करते रो पड़े अयोध्या GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह

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अयोध्या में तैनात GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने इस्तीफा देने के बाद सबसे पहले पत्नी को फोन किया और फफक-फफक कर रो पड़े. उन्होंने कहा कि वे जिस सरकार का नमक खाते हैं, उसके अपमान को सहन नहीं कर सके. मानसिक पीड़ा और आत्मसम्मान का हवाला देते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला लिया.

बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश में एक और वरिष्ठ अधिकारी के त्यागपत्र ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है. मंगलवार को अयोध्या में तैनात राज्यकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. यह फैसला उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में लिया है. इस्तीफा देने के बाद जब उन्होंने पत्नी को फोन किया तो खुद को संभाल नहीं पाए. बातचीत के दौरान उनकी आवाज भर्रा गई और वे फफक-फफक कर रो पड़े. पत्नी से उन्होंने सिर्फ इतना कहा हां, हैलो… मैंने इस्तीफा दे दिया है. अब और बर्दाश्त नहीं हो रहा.

प्रशांत कुमार सिंह ने पत्नी से बातचीत में कहा कि वे दो रात से ठीक से सो नहीं पाए थे. मन बेहद व्यथित था. उन्होंने कहा, जिसका नमक खाते हैं, उसका सिला अदा करना चाहिए. मैं उसी प्रदेश से वेतन लेता हूं, उसी सरकार के तहत काम करता हूं. अगर उसी नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक बातें हों और मैं चुप रहूं, तो यह मेरे लिए संभव नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी दो बेटियां हैं और वे चाहते हैं कि बच्चे यह देखें कि उनका पिता सही और गलत के बीच खड़ा होने से नहीं डरा. यह फैसला किसी आवेग में नहीं, बल्कि लंबे आत्ममंथन के बाद लिया गया है.

प्रशांत कुमार सिंह ने अपना इस्तीफा उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित करते हुए भेजा है. दो पन्नों के इस पत्र में उन्होंने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर कड़ा एतराज जताया है. पत्र में उन्होंने इन बयानों को अभद्र, अमर्यादित और अनर्गल प्रलाप बताया है. उनका कहना है कि इस तरह की टिप्पणियां केवल किसी व्यक्ति विशेष पर नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे, संविधान और जनादेश पर सीधा हमला हैं.

इस्तीफे में प्रशांत कुमार सिंह ने लिखा है कि एक सरकारी अधिकारी होने के नाते उनका भी एक राजकीय धर्म है. उनके अनुसार, यह धर्म केवल फाइलें निपटाने या राजस्व जुटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था और नेतृत्व के सम्मान की रक्षा करना भी है, जिसके तहत वे काम कर रहे हैं. उन्होंने लिखा है कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ सार्वजनिक मंचों से अपमानजनक भाषा का प्रयोग समाज में भ्रम, विद्वेष और अस्थिरता पैदा करता है. ऐसे समय में चुप रहना उन्हें अपने आत्मसम्मान के खिलाफ लगा.

अपने पत्र में प्रशांत कुमार सिंह ने बेहद भावुक शब्दों में लिखा है कि वे केवल एक वेतनभोगी रोबोट की तरह काम नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि एक अधिकारी होने के बावजूद वे एक नागरिक भी हैं, एक पिता भी हैं और एक जागरूक व्यक्ति भी हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह इस्तीफा किसी दबाव, किसी निर्देश या किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं दिया गया है. यह फैसला पूरी तरह उनकी अंतरात्मा की आवाज पर आधारित है.

इस्तीफे में प्रशांत कुमार सिंह ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर समाज में जातिवाद का जहर घोलने का आरोप भी लगाया है. उनका कहना है कि ऐसे बयानों से प्रदेश और देश में सामाजिक ताना-बाना कमजोर होता है. उन्होंने लिखा है कि सदियों की पीड़ा और संघर्ष के बाद देश ने संविधान के माध्यम से समानता और न्याय का रास्ता चुना. ऐसे में किसी भी जिम्मेदार धार्मिक या सामाजिक व्यक्ति द्वारा विभाजनकारी भाषा का इस्तेमाल बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. प्रशांत कुमार सिंह ने अपने पत्र के अंत में यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक उनका इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं हो जाता, तब तक वे अपने पद की सभी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करते रहेंगे. उन्होंने राजस्व वृद्धि और विभागीय कार्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है. यह पत्र 27 जनवरी 2026 की तारीख में अयोध्या से जारी किया गया है. प्रशांत कुमार सिंह ने अपने इस्तीफे में साफ लिखा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रदेश के मुखिया हैं और उनका अपमान वे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं कर सकते.

गौरतलब है कि प्रशांत कुमार सिंह की अयोध्या में पोस्टिंग वर्ष 2023 में हुई थी. वे राज्यकर विभाग में संभागीय उप आयुक्त यानी डिप्टी कमिश्नर के पद पर कार्यरत थे. इस्तीफा स्वीकार होने के बाद उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि वे सामाजिक कार्यों में अपने निजी संसाधनों से योगदान देंगे और समाज के लिए किसी न किसी रूप में काम करते रहेंगे.

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