Tuesday, March 17, 2026
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Sports : बुमराह पर छक्के लगाकर बनाई डॉक्यूमेंट्री, अब विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ साहिबजादा फरहान ने लिखी किताब?

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एशिया कप में जसप्रीत बुमराह पर छक्के लगाने वाले साहिबजादा फरहान ने डॉक्यूमेंट्री बनाई थी. अब सुनने में आ रहा है कि कोहली का रिकॉर्ड तोड़ने पर उन्होंने किताब लिख दी है. पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज साहिबजादा फरहान (Sahibzada Farhan) 2026 टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. उन्होंने 6 मैचों की 6 पारियों में 76.60 की औसत और 160.25 के स्ट्राइक रेट से 383 रन स्कोर किए, जिसमें 2 शतक और 2 अर्धशतक शामिल रहे. इसके साथ पाक बल्लेबाज ने विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा था.

अब टूर्नामेंट खत्म होने के बाद दावा किया जा रहा है कि कोहली का रिकॉर्ड तोड़ने के उपलक्ष्य में साहिबजादा फरहान ने किताब लिख डाली, जो जल्द ही रिलीज भी होने वाली है. बताते चलें कि 2025 एशिया कप में जसप्रीत बुमराह पर कुछ छक्के लगाने के बाद पाक बल्लेबाज ने एक डॉक्यूमेंट्री बना डाली थी. तो आइए जानते हैं कि किताब लिखने की हकीकत क्या है.

तो आपको बता दें कि अभी सिर्फ सोशल मीडिया पर साहिबजादा फरहान के किताब लिखने की बात का दावा किया जा रहा है. किताब का टाइटल ‘हीरो इन मेकिंग’ दिया गया है. इसके अलावा नीचे ‘सिंगल टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन’ लिखा है. गौर करने वाली बात यह है कि इस किताब को लेकर किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है. बात करें कोहली के रिकॉर्ड की, तो उन्होंने 2014 के टी20 विश्व कप में 319 रन बनाए थे. 12 साल के बाद यानी 2026 के टी20 वर्ल्ड कप में साहिबजादा फरहान ने यह रिकॉर्ड तोड़ते हुए 383 रन स्कोर किए. हालांकि पाक बल्लेबाज के बाद संजू सैमसन और टिम सीफर्ट भी कोहली से आगे निकल गए हैं.

टी20 वर्ल्ड कप के सिंगल एडीशन में सबसे ज्यादा रन

साहिबजादा फरहान- 383 रन

टीम सीफर्ट- 326 रन

संजू सैमसन- 321 रन

विराट कोहली- 319 रन

तिलकरत्ने दिलशान- 317 रन

Trending : 4 महीने पहले हुई थी डॉग बाइट, अब कुत्ते की तरह भौंक रहा ये बच्चा

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एक बच्चा बेहद असामान्य व्यवहार करता हुआ दिखाई देता है. बताया जा रहा है कि उसकी उम्र करीब 12 साल है. वीडियो में कुछ लोग उसे मजबूती से पकड़कर एंबुलेंस की ओर ले जाते दिखाई दे रहे हैं.

सोशल मीडिया की दुनिया में हर दिन कोई ना कोई ऐसा वीडियो सामने आ जाता है जो लोगों को हैरान भी करता है और डरा भी देता है. इन दिनों एक ऐसा ही वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें करीब 12 साल का एक बच्चा अजीब व्यवहार करता दिखाई दे रहा है. वीडियो में दावा किया जा रहा है कि बच्चे को चार महीने पहले कुत्ते ने काट लिया था और उसे सही इलाज नहीं मिला, जिसके बाद अब वह रेबीज का शिकार हो गया है. वीडियो में बच्चा कुत्ते की तरह भौंकता हुआ दिखाई देता है और आसपास मौजूद लोग उसे पकड़कर एंबुलेंस में बैठाने की कोशिश कर रहे हैं.

एक बच्चा बेहद असामान्य व्यवहार करता हुआ दिखाई देता है. बताया जा रहा है कि उसकी उम्र करीब 12 साल है. वीडियो में कुछ लोग उसे मजबूती से पकड़कर एंबुलेंस की ओर ले जाते दिखाई दे रहे हैं. इस दौरान बच्चा जोर-जोर से चिल्लाता और भौंकने जैसी आवाजें निकालता नजर आता है. आसपास मौजूद लोग उसे शांत कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वह लगातार उग्र व्यवहार करता दिख रहा है. यही वजह है कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है.

चार महीने पहले बच्चे को एक कुत्ते ने काट लिया था. कहा जा रहा है कि उस समय उसे केवल दो इंजेक्शन ही लगाए गए थे, जबकि रेबीज से बचाव के लिए पूरा वैक्सीनेशन कोर्स जरूरी होता है. दावा यह भी किया जा रहा है कि अधूरा इलाज होने की वजह से अब बच्चे में रेबीज के लक्षण दिखाई देने लगे हैं और इसी कारण वह कुत्ते की तरह भौंक रहा है. हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही एबीपी लाइव इस वीडियो की पुष्टि करता है.

कितना खतरनाक होता है रेबीज

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक रेबीज एक बेहद गंभीर और जानलेवा बीमारी है जो आमतौर पर संक्रमित जानवर के काटने से फैलती है. यदि समय पर और पूरा इलाज न किया जाए तो यह बीमारी बेहद खतरनाक साबित हो सकती है. डॉक्टरों का कहना है कि कुत्ते या किसी भी जानवर के काटने के बाद तुरंत घाव को साबुन और पानी से साफ करना चाहिए और जल्द से जल्द एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवानी चाहिए.

Sports : पापा बनने वाले हैं टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव, बेबी शॉवर

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सूर्यकुमार यादव पिता बनने वाले हैं. उनकी पत्नी देविशा शेट्टी के बेबी शॉवर का वीडियो वायरल हो रहा है. टी20 वर्ल्ड कप के दौरान ही कहा जा रहा था कि देविशा प्रेग्नेंट हैं. सूर्यकुमार यादव पिता बनने वाले हैं, उनकी पत्नी देविशा शेट्टी प्रग्नेंट है. उनके बेबी शॉवर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. टी20 वर्ल्ड कप के दौरान खबर आई थी कि सूर्यकुमार की पत्नी प्रग्नेंट है, लेकिन अब इस वीडियो के सामने आने से इसकी पुष्टि हो गई है. सूर्या और देविशा की शादी को करीब 10 साल हो गए हैं.

सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीता है. बेबी शॉवर के प्रोग्राम से एक दिन पहले ही सूर्यकुमार आईसीसी अध्यक्ष जय शाह और कोच गौतम गंभीर के साथ मुंबई स्थित सिद्धिविनायक मंदिर गए थे. उनके पास वर्ल्ड कप ट्रॉफी भी थी. सभी ने बप्पा का आशीर्वाद लिया. सूर्यकुमार यादव अपनी पत्नी देविशा शेट्टी का हाथ पकड़े हुए हॉल में एंट्री लेते हुए नजर आ रहे हैं. बता दें कि सूर्यकुमार और देविशा की शादी 7 जुलाई, 2016 को हुई थी. तब सूर्या सिर्फ आईपीएल में खेलते थे. शादी से करीब 5 साल बाद सूर्या ने इंटरनेशनल डेब्यू किया.

सूर्यकुमार यादव अभी टी20 फॉर्मेट में टीम इंडिया के कप्तान हैं और उनकी कप्तानी में ही भारत ने ऐतिहासिक वर्ल्ड कप जीता. भारत पहला देश बना, जिसने अपने घर पर टी20 वर्ल्ड कप जीता. इसी के साथ लगातार 2 बार टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाला भी भारत पहला देश है.

सूर्यकुमार अब आईपीएल में खेलते हुए नजर आएंगे, वह मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हैं. इंटरनेशनल करियर की बात करें तो सूर्या ने 113 टी20 मैचों में 3272 रन बनाए हैं. इस फॉर्मेट में वह 4 शतक और 25 अर्धशतक लगा चुके हैं. 37 वनडे मैचों में उन्होंने 773 रन बनाए हैं. इसके आलावा उन्होंने 1 टेस्ट भी खेला है. आईपीएल में सूर्यकुमार यादव ने 166 मैचों में 4311 रन बनाए हैं. आईपीएल में सूर्या 2 शतक और 29 अर्धशतक लगा चुके हैं.

Education : CBSE ने खाड़ी देशों में 12वीं बोर्ड परीक्षा की रद्द, मिडिल ईस्ट में जंग के बीच लिया फैसला

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सीबीएसई की ओर से जारी नोटिस के माध्यम से बताया कि बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में निर्धारित सभी 12वीं कक्षा की परीक्षाएं अब नहीं होंगी. मिडिल ईस्ट में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच भारतीय छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने खाड़ी क्षेत्र में पढ़ रहे 12वीं के छात्रों की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर दिया है. यह फैसला उन देशों में रहने वाले छात्रों के लिए बेहद जरूरी है, जहां भारतीय प्रवासी परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए सीबीएसई से जुड़े स्कूलों पर निर्भर हैं.

सीबीएसई की ओर से जारी नोटिस के माध्यम से बताया कि बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में निर्धारित सभी 12वीं कक्षा की परीक्षाएं अब नहीं होंगी. इन परीक्षाओं का समय 16 मार्च 2026 से 10 अप्रैल 2026 तक तय किया गया था. इसके अलावा, मार्च के पहले हफ्ते में पहले से स्थगित की गई परीक्षाएं भी अब पूरी तरह रद्द मानी जाएंगी.

सीबीएसई ने स्पष्ट किया कि 1 मार्च, 3 मार्च, 5 मार्च, 7 मार्च और 9 मार्च 2026 को स्थगित की गई परीक्षाओं को भी अब रद्द माना जाएगा. बोर्ड ने यह भी कहा कि इन देशों में पढ़ रहे छात्रों के मूल्यांकन और परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया बाद में अलग से घोषित की जाएगी. परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा, इन देशों में कक्षा XII के उम्मीदवारों के लिए परिणाम घोषित करने का तरीका उचित समय पर अलग से अधिसूचित किया जाएगा.

यह कदम मध्य पूर्व में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और क्षेत्रीय संकट को देखते हुए लिया गया है. खाड़ी देशों में कई भारतीय प्रवासी परिवार रहते हैं, जिनके बच्चे भारतीय शिक्षा प्रणाली में पढ़ाई कर रहे हैं. सीबीएसई की यह पहल छात्रों और उनके परिवारों के लिए राहत की बात है, क्योंकि अप्रत्याशित परिस्थितियों में यात्रा करना और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना सुरक्षित नहीं था.

सीबीएसई का यह निर्णय काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस (CISCE) से पहले लिए गए फैसले के बाद आया है. CISCE ने भी संयुक्त अरब अमीरात में सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर आईसीएसई और आईएससी परीक्षाओं को रद्द कर दिया था. इससे यह साफ होता है कि भारतीय शिक्षा बोर्ड छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं.

खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव का असर अब भारतीय छात्रों की पढ़ाई पर भी पड़ने लगा है. दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने बताया है कि खाड़ी क्षेत्र में चल रहे हालात की वजह से CBSE ने बड़ा फैसला किया है.बोर्ड ने 7 देशों में रह रहे 12वीं के छात्रों के सभी एग्जाम रद्द कर दिए हैं. 16 मार्च 2026 से 10 अप्रैल 2026 के बीच होने वाले सभी परीक्षाएं अब नहीं होंगी. इससे पहले जो एग्जाम 1 मार्च, 3 मार्च, 5 मार्च, 7 मार्च और 9 मार्च के सर्कुलर के जरिए पोस्टपोन हुए थे वो भी अब पूरी तरह कैंसिल माने जाएंगे.CBSE ने साफ किया है कि इन देशों के 12वीं के छात्रों का रिजल्ट कैसे निकाला जाएगा यह अलग से बताया जाएगा. फिलहाल इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है.

Gujarat News : गुजरात में पिता ने बेटी के प्रेम संबंध पर उठाया खौफनाक कदम, प्रेमी संग उतारा मौत के घाट

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गुजरात में एक पिता ने प्रेम संबंध अस्वीकार होने पर अपनी बेटी और उसके प्रेमी की गला दबाकर हत्या कर दी. शवों को कुएं में फेंका गया, जो एक महीने बाद बरामद हुए. गुजरात से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जहां एक पिता ने अपनी बेटी के प्रेम संबंध को मंजूरी न देने के चलते बेटी और उसके प्रेमी की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को कुएं में फेंक दिया. राजकोट जिले के खंभाला गांव के पास एक कुएं से दोनों के शव एक महीने से भी अधिक समय बाद बरामद हुए. पुलिस ने चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है.

मृतक लड़की की पहचान नाथी उर्फ सोनू रबारी (19) और लड़के की पहचान नवीन जीवाभाई रबारी (21) के रूप में हुई है. दोनों 3 फरवरी को लापता हुए थे. नखतराना पुलिस थाने में लापता होने की सूचना दर्ज कराई गई थी लेकिन एक महीने से भी अधिक समय बाद पुलिस ने राजकोट जिले के खंभाला गांव के पास एक कुएं से दोनों के शव बरामद किए. भुज के पुलिस कमिश्नर और उनकी टीम की पूछताछ में लड़की के पिता ने हत्या कबूल कर ली. पिता ने बताया कि नवीन के साथ अपनी बेटी के रिश्ते को लेकर वह बेहद नाराज थे और यह रिश्ता उन्हें किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं था.

पुलिस जांच में पता चला कि घटना के दिन लड़की के पिता और चचेरे भाई ने मोटरसाइकिल का उपयोग कर दोनों को खंभाला गांव के पास एक सुनसान जगह पर घेर लिया. महिला के सगे भाई और मामा भी इस वारदात में शामिल थे. परिवार के इन लोगों ने मिलकर नाथी और नवीन की गला दबाकर हत्या कर दी. हत्या को छुपाने के लिए परिजनों ने दोनों शव कुएं में फेंक दिए ताकि किसी को शक न हो. पिता के कबूलनामे के बाद फायर ब्रिगेड टीम और फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी यानी FSL की मदद से रिकवरी ऑपरेशन चलाया गया. क्रेन का इस्तेमाल कर दोनों के शव कुएं से निकाले गए और पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए.

DYSP MJ क्रिश्चियन ने बताया कि आरोपी ने स्वीकार किया कि हत्या की मूल वजह यह थी कि दोनों ने एक-दूसरे से अलग होने से इनकार कर दिया था. उन्होंने कहा कि पुलिस और FSL टीमों के बीच समन्वय से मामले में महत्वपूर्ण सबूत हासिल करने में मदद मिली. पुलिस ने चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है जिनमें पिता, चचेरा भाई, सगा भाई जो नाबालिग है और मामा शामिल हैं. महिला की मां की भूमिका की भी जांच की जा रही है.

Bollywood : ‘हर दूसरे सीन में किस या मुझे ब्रा में दिखाना था’, जरीन खान ने बताया इंडस्ट्री में दिखाया गया नीचा

जरीन खान ने बताया कि फिल्म हेट स्टोरी 3 करने के बाद उन्हें बॉलीवुड में बहुत क्रिटिसिज्म मिला. साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि फिल्म अक्सर 2 के कंटेंट को लेकर भी गलत जानकारी दी थी. एक्ट्रेस जरीन खान ने हाल ही में हेट स्टोरी 3 और अक्सर 2 को लेकर बात की थी. उन्होंने कहा कि हेट स्टोरी 3 के बाद उन्होंने इंडस्ट्री में आलोचना झेली. साथ ही उन्हें बहुत जज किया गया था.

बता दें कि जरीन खान ने 2010 में सलमान खान के अपोजिट फिल्म वीर में 2010 में डेब्यू किया था. इसके बाद वो हाउसफुल 2, हेट स्टोरी 3 जैसी फिल्मों में दिखीं. दोनों ही फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा परफॉर्म किया. हालांकि, हेट स्टोरी 3 में बोल्ड सीन्स की वजह से उन्होंने निगेटिविटी झेली. पूजा भट्ट के साथ पॉडकास्ट में जरीन ने इसके बारे में बात की. उन्होंने कहा, ‘जब मैंने हेट स्टोरी की तो लोगों ने मुझे बहुत नीचा दिखाया. खासतौर पर इंडस्ट्री से. वो कहते थे क्योंकि ये एक्ट नहीं कर सकती थी तो इसीलिए इसने कपड़े उतारे.’

हेट स्टोरी 3 के बाद जरीन को अक्सर 2 के लिए अप्रोच किया. ये 2006 की अक्सर की सीक्वल फिल्म थी. फिल्म को अनंत महादेवन ने डायरेक्ट किया है.
इसके बारे में जरीन ने कहा, ‘उन्होंने बहुत पॉलिश इंग्लिश में स्क्रिप्ट सुनाई. हम हेट स्टोरी नहीं बना रहे हैं. हम क्राइम जॉनर की फिल्म बना रहे हैं और उसी से रिलेटेड लाइन्स पर. तो मैंने बोला ओके. लेकिन जब मैं सेट पर पहुंची तो र दूसरा सीन किस पर खत्म हो रहा था. अचानक से मुझे सीन के लिए ब्रा या उसके जैसे कपड़ों में चाहते थे.

मैंने कहा कि मुझे ऐसे सीन से दिक्कत नहीं है, लेकिन आपने मुझे बिल्कुल अलग स्क्रिप्ट दी थी. अब क्योंकि आपने वो फिल्म देखी है तो आप ये सब एड करना चाहते हैं. मुझे एहसास हुआ कि डायरेक्टर के रीढ़ की हड्डी नहीं थी. उन्होंने स्टोरी को लेकर एक विजन प्रोडूसर्स को सुनाया. दूसरा मुझे और मेरे कॉस्ट्यूम डिजाइनर को. उस वक्त सेट पर टेंशन पैदा हो गई थी.’

Panjab News : गरीब का मसीहा बनी मुख्यमंत्री सेहत योजना, पटियाला के गुरतेज सिंह के लिए वरदान बना ‘स्वास्थ्य कार्ड’

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पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना, दिहाड़ी मजदूरों के लिए वरदान साबित हुई है. गुरतेज सिंह जैसे कई परिवारों को, जो इलाज के खर्च से परेशान थे, इस योजना के तहत मुफ्त इलाज मिला है. दैनिक मजदूरी पर निर्भर परिवारों के लिए अस्पताल में कुछ दिनों का इलाज भी कई महीनों की कमाई पर भारी पड़ सकता है. पंजाब में पटियाला जिले के मंडोली गांव के मैकेनिक गुरतेज सिंह के लिए गंभीर रूप से बीमार पड़ना न केवल आय रुकने का कारण बना, बल्कि बढ़ते इलाज खर्च की चिंता भी सामने आ खड़ी हुई.

चमन अस्पताल, बहादुरगढ़ में भर्ती होने के कुछ ही दिनों के भीतर उनके परिवार को बेड चार्ज और दवाइयों पर लगभग ₹10000 खर्च करने पड़े. डॉक्टरों ने संकेत दिया कि कुल इलाज का खर्च ₹80000 से ₹90000 तक पहुंच सकता है. परिवार की अनियमित आय को देखते हुए इतनी बड़ी राशि का इंतजाम करना उनके लिए आसान नहीं था.

परिवार के पास न तो जमीन थी और न ही कोई बचत, ऐसे में ब्याज पर उधार लेना लगभग तय लग रहा था. इसी दौरान गुरतेज सिंह को मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा लागू मुख्यमंत्री सेहत योजना के बारे में जानकारी मिली और उन्हें स्वास्थ्य कार्ड बनवाने में सहायता दी गई. योजना में पंजीकरण के बाद उन्हें छह दिनों तक अस्पताल में पूरा इलाज मिला और इसके लिए कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करना पड़ा, क्योंकि पूरा खर्च योजना के तहत कवर किया गया.

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अनियमित आय वाले परिवार भी इलाज के खर्च की चिंता के बिना बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बना सकें. बीमारी के समय आर्थिक सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी चिकित्सा सुविधा.” गुरतेज सिंह ने कहा, “सबसे बड़ी चिंता यह थी कि इलाज के लिए पैसे कैसे जुटाए जाएंगे. यदि यह कार्ड न होता, तो हमें उधार लेना पड़ता और कई महीनों तक आर्थिक दबाव झेलना पड़ता. इस योजना ने मेरे परिवार को उस बोझ से बचा लिया.” उन्होंने यह भी बताया कि इतनी बड़ी राशि का खर्च उनकी दोनों बेटियों की पढ़ाई और परिवार की आवश्यकताओं को प्रभावित कर सकता था.

प्रति पात्र परिवार को प्रतिवर्ष ₹10 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर यह योजना इस बात को सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि किसी भी चिकित्सा आपात स्थिति के कारण परिवारों को लंबे समय तक आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े. करीब 65 लाख परिवारों के लगभग 3 करोड़ लोगों को कवर करने के लक्ष्य के साथ, 800 से अधिक अस्पतालों में 2300 से ज्यादा उपचार पैकेज उपलब्ध कराते हुए मुख्यमंत्री सेहत योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चिकित्सा आपात स्थितियों के दौरान कामकाजी परिवार कर्ज के बोझ में न फंसें.

Bhakti News : चमोली में मौजूद हैं भगवान विष्णु के 7 पवित्र धाम, जानिए क्या है ‘सप्त बद्री’ की महिमा

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चमोली में भगवान विष्णु के 7 पवित्र धाम छिपे हुए हैं. यहां के कण-कण में देवताओं का वास माना गया है. मई से जून और सितंबर से अक्टूबर इन सभी मंदिरों के दर्शन हेतु अनुकूल हैं. उत्तराखंड की पावन धरती को यूं ही ‘देवभूमि’ नहीं कहा जाता. यहाँ के कण-कण में देवताओं का वास माना गया है. चार धाम की महिमा तो जगप्रसिद्ध है ही, लेकिन चमोली जिले की अलकनंदा घाटी में भगवान विष्णु के सात अलग-अलग स्वरूपों के मंदिर स्थित हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से ‘सप्त बद्री’ कहा जाता है.

योग बद्री- यहां भगवान विष्णु की मूर्ति ध्यान मुद्रा में विराजमान है. जोशीमठ और बद्रीनाथ के बीच पांडुकेश्वर में यह प्राचीन मंदिर स्थित है. माना जाता है कि पांडवों के पिता राजा पांडु ने यहाँ तपस्या की थी और इसी स्थान पर पांडवों का जन्म हुआ था. यह बद्रीनाथ मुख्य मार्ग पर ही स्थित है, इसलिए यहां पहुंचना बेहद आसान है.

बद्री विशाल, सप्त बद्री का सबसे प्रमुख और भव्य मंदिर है. नर और नारायण पर्वतों के बीच स्थित यह धाम चार धामों में से एक है. चमोली जिले में अलकनंदा नदी के तट पर स्थित इस भव्य पौराणिक मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां भगवान विष्णु ने कठोर तपस्या की थी और माता लक्ष्मी ने ‘बदरी’ (बेर) का पेड़ बनकर उन्हें धूप और बारिश से बचाया था. यह मंदिर ऋषिकेश से लगभग 300 किमी की दूरी पर स्थित है, जहां बस या टैक्सी से सीधे पहुंचा जा सकता है.

भविष्य बद्री- इसका नाम ही इसके महत्व को दर्शाता है. इसे ‘भविष्य का बद्रीनाथ’ माना जाता है. जोशीमठ के पास तपोवन के सुभाई गाँव में यह मंदिर स्थित है. मान्यता है कि भविष्यवाणियों के अनुसार, कलयुग के अंत में जब नर और नारायण पर्वत आपस में मिल जाएंगे और मुख्य बद्रीनाथ का मार्ग अवरुद्ध हो जाएगा, तब भगवान विष्णु की पूजा इसी मंदिर में होगी. जोशीमठ से तपोवन तक सड़क मार्ग और फिर लगभग 6 किमी का पैदल ट्रेक करके यहां पहु़्ंचा जाता है.

वृद्ध बद्री- यह मंदिर भगवान विष्णु के वृद्ध स्वरूप को समर्पित है. यह मंदिर जोशीमठ के पास अणीमठ गाँव में स्थित है. कहा जाता है कि नारद मुनि की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें एक वृद्ध के रूप में दर्शन दिए थे. मुख्य बद्रीनाथ मंदिर की स्थापना से पहले यहाँ विष्णु जी की पूजा होती थी. जोशीमठ से मात्र 7 किमी दूर सड़क मार्ग पर यह मंदिर स्थित है.

नृसिंह बद्री (या अर्ध बद्री)- जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर को भी सप्त बद्री की सूची में गिना जाता है. कुछ लोग जोशीमठ के पास स्थित ‘अर्ध बद्री’ को सातवां बद्री मानते हैं. नृसिंह मंदिर जोशीमठ मुख्य बाजार में स्थित है. जब सर्दियों में बद्रीनाथ के कपाट बंद होते हैं, तब भगवान बद्री विशाल की ‘उत्सव मूर्ति’ यहीं विराजमान रहती है और शीतकालीन पूजा यहीं संपन्न होती है. ऋषिकेश से जोशीमठ (लगभग 250 किमी) बस या टैक्सी द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है.

ध्यान बद्री- इस मंदिर में भगवान विष्णु की चतुर्भुज मूर्ति काले पत्थर से बनी है. यह मंदिर चमोली की उर्गम घाटी में स्थित है. कहा जाता है कि पांडवों के वंशज ‘उर्व ऋषि’ ने यहाँ ध्यान लगाया था. यह स्थान अपनी शांति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है. (ऋषिकेश-बद्रीनाथ मार्ग) से उर्गम घाटी के लिए सड़क जाती है, जहाँ से कुछ दूरी पैदल तय करनी पड़ती है. जिसके बाद इस मंदिर तक पहुंचा जा सकता है.

आदि बद्री- माना जाता है कि यह सप्त बद्री का सबसे प्राचीन मंदिर समूह है. यहां 16 छोटे मंदिरों का एक सुंदर परिसर है. यह कर्णप्रयाग-रानीखेत मार्ग पर, कर्णप्रयाग से लगभग 19 किमी की दूरी पर स्थित है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, सतयुग में भगवान विष्णु यहीं निवास करते थे, बाद में वे बद्रीनाथ चले गए. ऋषिकेश से कर्णप्रयाग पहुंचकर वहां से स्थानीय बस या टैक्सी द्वारा सुगमता से पहुंचा जा सकता है.

Delhi news : पालम होटल डकैती के फरार आरोपी को क्राइम ब्रांच ने दबोचा, पूछताछ में कबूला जुर्म

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दिल्ली के पालम होटल में हुई डकैती के फरार आरोपी महेश उर्फ गंजा को क्राइम ब्रांच ने शनिवार को गिरफ्तार किया. वह अपने माता-पिता से मिलने आया था. दिल्ली में पालम होटल डकैती मामले में क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. इस वारदात में शामिल फरार चल रहे आरोपी महेश उर्फ गंजा को 13 मार्च 2026 को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी अपने माता-पिता से मिलने पालम स्थित घर आ सकता है और वहीं से उसे दबोच लिया गया. पूछताछ में महेश ने होटल डकैती में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है.

पुलिस के मुताबिक यह मामला 29 सितंबर 2025 को थाना पालम विलेज में दर्ज किया गया था. 28 सितंबर की रात पालम विलेज इलाके के एक होटल में 5 से 6 नकाबपोश बदमाश लोहे की रॉड लेकर जबरन घुस आए. बदमाशों ने होटल में घुसते ही जमकर तोड़फोड़ शुरू कर दी. कांच के पैनल तोड़े, फर्नीचर और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया और होटल स्टाफ के साथ मारपीट की. काउंटर से करीब दो लाख रुपये लूट लिए. हमले में होटल कर्मचारी प्रियंशु घायल हो गया था जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

इस वारदात में बदमाशों की शातिराना सोच भी सामने आई. जाते समय आरोपी होटल में लगे CCTV कैमरों का DVR भी अपने साथ ले गए ताकि उनके खिलाफ कोई सबूत न बच सके. बावजूद इसके पुलिस ने जांच जारी रखी और एक-एक आरोपी तक पहुंचती रही.

घटना के बाद पुलिस ने रितिक, मोहम्मद लड़का, प्रकाश उर्फ चीनू, राकेश और मोहम्मद इब्रार को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था. लेकिन महेश उर्फ गंजा पुलिस की पकड़ से बचकर फरार हो गया था. क्राइम ब्रांच की टीम लगातार उसकी तलाश में लगी रही. 13 मार्च को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी सरोजिनी नगर इलाके में आ सकता है. पुलिस ने वहां जाल बिछाया लेकिन आरोपी नहीं पहुंचा. बाद में सूचना मिली कि वह माता-पिता से मिलने पालम स्थित घर आ सकता है और आखिरकार वहीं से उसे धर दबोचा गया.

Technology : गैस सिलेंडर खत्म? टेंशन छोड़िए, ये 5 स्मार्ट मशीनें बना देंगी खाना मिनटों में, चेक करें लिस्ट

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हाल के समय में मध्य पूर्व में चल रहे तनाव का असर भारत के गैस बाजार पर भी देखने को मिल रहा है.

हाल के समय में मध्य पूर्व में चल रहे तनाव का असर भारत के गैस बाजार पर भी देखने को मिल रहा है. एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई पर दबाव बढ़ने से कई जगहों पर कीमतें बढ़ गई हैं और लोगों को गैस सिलेंडर मिलने में भी दिक्कत हो रही है. इसी वजह से शहरों में इलेक्ट्रिक कुकिंग डिवाइस की मांग तेजी से बढ़ गई है. खासकर Induction Cooktop की मांग इतनी बढ़ी कि कई क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर यह स्टॉक से बाहर हो गया, जबकि ऑफलाइन बाजार में इसकी कीमतें भी बढ़ने लगी हैं. ऐसे में कई लोग इंडक्शन के अलावा दूसरे विकल्प तलाश रहे हैं. अगर गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं है तो कुछ स्मार्ट इलेक्ट्रिक उपकरणों की मदद से रोजमर्रा का खाना आसानी से बनाया जा सकता है.

Air Fryer आजकल किचन में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. यह डिवाइस गर्म हवा के तेज सर्कुलेशन की मदद से खाना पकाता है. इसमें बहुत कम तेल में फ्राई, रोस्ट और बेकिंग की जा सकती है. नए मॉडल्स में पनीर, ग्रिल्ड चिकन और कई तरह के स्नैक्स भी बनाए जा सकते हैं. भारत में एयर फ्रायर की कीमत लगभग 2500 रुपये से शुरू होकर 15,000 रुपये तक जा सकती है.

Microwave Oven भी गैस के बिना खाना बनाने का एक आसान तरीका है. इसमें खाने को गर्म करने के अलावा कई तरह के व्यंजन तैयार किए जा सकते हैं. पास्ता, सब्जियां, सूप और चावल जैसी डिश आसानी से पकाई जा सकती हैं. कई माइक्रोवेव में ग्रिल और रोस्टिंग की सुविधा भी मिलती है. भारत में इसकी कीमत करीब 5000 रुपये से शुरू होकर 80,000 रुपये तक जा सकती है.

अगर घर में अक्सर चावल बनते हैं तो Rice Cooker काफी उपयोगी साबित हो सकता है. यह बिजली से चलता है और चावल को जल्दी और आसानी से पका देता है. इसके अलावा इसमें पुलाव, खिचड़ी और स्टीम्ड सब्जियां भी बनाई जा सकती हैं. भारतीय बाजार में इसकी शुरुआती कीमत लगभग 1500 रुपये के आसपास है और यह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आसानी से उपलब्ध है. Electric Hot Plate या इलेक्ट्रिक कुकिंग हीटर पारंपरिक गैस चूल्हे की तरह काम करता है लेकिन इसमें बिजली का इस्तेमाल होता है. इसमें आप कढ़ाई या पैन रखकर सामान्य तरीके से सब्जी या अन्य खाना बना सकते हैं. बजट सेगमेंट में इसकी कीमत करीब 2000 से 3000 रुपये के बीच मिल जाती है.

Electric Pan एक कॉम्पैक्ट किचन डिवाइस है जिसमें हीटिंग एलिमेंट पहले से लगा होता है. इसमें अंडे, नूडल्स, सब्जियां या हल्की-फुल्की डिश आसानी से बनाई जा सकती हैं. ऑनलाइन ई-कॉमर्स साइट्स पर यह करीब 1000 रुपये के आसपास मिल जाता है. गैस सिलेंडर की कमी या कीमतों में बढ़ोतरी के दौर में ऐसे इलेक्ट्रिक उपकरण किचन के लिए अच्छे विकल्प बन सकते हैं. इनकी मदद से न केवल रोजमर्रा का खाना बनाया जा सकता है बल्कि कई लोग धीरे-धीरे स्मार्ट और इलेक्ट्रिक किचन की तरफ भी बढ़ रहे हैं.

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