Thursday, February 5, 2026
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UP : 5 साल कैद, भूख और जुल्म की कहानी… कंकाल जैसी बन गई जवान बेटी, रिटायर्ड सीनियर क्लर्क की मौत

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यूपी के महोबा में एक नौकर दंपति ने रेलवे से रिटायर्ड सीनियर क्लर्क ओमप्रकाश सिंह राठौर और उनकी मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटी को पांच साल तक कैद में रखा. भूख और प्रताड़ना से बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि बेटी कंकाल जैसी हालत में मिली. मामला सामने आने के बाद पुलिस जांच में जुटी है और परिजन सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

यूपी के महोबा जिले में संपत्ति के लालच में एक नौकर दंपति ने रेलवे से रिटायर्ड बुजुर्ग और उनकी मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटी को करीब पांच साल तक कैद में रखकर ऐसा जुल्म ढाया, जिसकी कल्पना भर से रूह कांप जाए. इस खौफनाक वारदात में रेलवे में सीनियर क्लर्क के पद से रिटायर्ड 70 वर्षीय ओमप्रकाश सिंह की मौत हो गई और उनकी 26-27 साल की बेटी जिंदा कंकाल जैसी हो गई. बस किसी तरह उसकी सांसें चल रही थीं

ओमप्रकाश सिंह राठौर कभी सम्मानित जीवन जीते थे. सूट-टाई पहनकर दफ्तर जाने वाले ओमप्रकाश की जिंदगी का अंत इस तरह होगा, किसी ने सोचा भी नहीं था. उनकी 27 वर्षीय बेटी रश्मि मानसिक रूप से विक्षिप्त थी और पिता ही उसके एकमात्र सहारे थे. लेकिन इसी बेबसी का फायदा उठाकर घर में काम करने वाले नौकर दंपति ने दोनों को धीरे-धीरे मौत के हवाले कर दिया. परिजनों के मुताबिक, वर्ष 2016 में ओमप्रकाश की पत्नी का निधन हो गया था. इसके बाद वह अपनी बेटी रश्मि के साथ अलग मकान में रहने लगे. बेटी की हालत को देखते हुए उन्होंने चरखारी निवासी रामप्रकाश कुशवाहा और उसकी पत्नी रामदेवी को देखभाल के लिए घर में रखा. शुरुआत में सब सामान्य लगा, लेकिन धीरे-धीरे नौकर दंपति की नीयत बदलने लगी. आरोप है कि कुछ ही समय बाद उन्होंने पूरे मकान पर कब्जा कर लिया और ओमप्रकाश व उनकी बेटी को घर के नीचे के कमरों में सीमित कर दिया.

बताया जा रहा है कि नौकर दंपति खुद ऊपर के कमरों में आराम से रहते थे, जबकि बुजुर्ग पिता और उसकी बेटी अंधेरे, गंदे और संकरे कमरों में बंद पड़े रहते थे. उन्हें न भरपेट भोजन दिया जाता था, न ही इलाज की कोई व्यवस्था की गई. कई बार तो दिन-दिन भर खाना तक नसीब नहीं होता था. भूख और कमजोरी से ओमप्रकाश धीरे-धीरे टूटते चले गए, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगने दी गई. परिजनों का आरोप है कि जब भी कोई मिलने आता, नौकर बहाना बना देता था कि ओमप्रकाश किसी से मिलना नहीं चाहते या तबीयत ठीक नहीं है. सामाजिक कटाव का यह जाल इतना मजबूत था कि किसी को अंदर की सच्चाई का अंदाजा नहीं हो सका. इसी दौरान नौकर दंपति ने कथित तौर पर मकान और बैंक बैलेंस पर भी नजरें गड़ा ली थीं. आरोप है कि संपत्ति हड़पने की नीयत से ही दोनों बाप-बेटी को सुनियोजित तरीके से कैद में रखा गया.

सोमवार को जब ओमप्रकाश की मौत की खबर परिजनों तक पहुंची, तो वे दौड़ते हुए घर पहुंचे. जैसे ही घर का दरवाजा खुला, अंदर का मंजर देखकर हर कोई सन्न रह गया. ओमप्रकाश का शव जमीन पर पड़ा था. शरीर इतना सूख चुका था कि मानो केवल चमड़ी और हड्डियों का ढांचा रह गया हो. भूख, बीमारी और जुल्म ने उनकी जान ले ली थी.

लेकिन इससे भी ज्यादा भयावह दृश्य पास के कमरे में था, जहां उनकी बेटी रश्मि मिली. 26-27 साल की युवती उम्र से कहीं ज्यादा बूढ़ी दिख रही थी. वह नग्न अवस्था में अंधेरे कमरे में पड़ी थी. शरीर में मांस का नामोनिशान नहीं था. पसलियां बाहर निकली हुई थीं, आंखें गड्ढों में धंसी थीं. ऐसा लग रहा था जैसे जिंदा कंकाल हो, जिसमें बस किसी तरह सांसें चल रही हों. जिसने भी यह दृश्य देखा, उसकी आंखें भर आईं. परिजनों का कहना है कि रश्मि की हालत किसी 80 साल की बुजुर्ग महिला से भी बदतर थी. मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण वह खुद कुछ कहने या मदद मांगने की स्थिति में भी नहीं थी. यही उसकी सबसे बड़ी मजबूरी बन गई. पिता के मरने के बाद भी उसे भूखा और बेसहारा छोड़ दिया गया था.

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आया. ओमप्रकाश को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर नवीन चौहान के अनुसार, बुजुर्ग को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सके. इस पूरे मामले ने पड़ोसियों को भी झकझोर दिया है. लोगों का कहना है कि वे कभी-कभी घर में नौकर दंपति को आते-जाते देखते थे, लेकिन अंदर इतनी बड़ी क्रूरता चल रही है, इसका किसी को अंदाजा नहीं था. पड़ोसियों के मुताबिक, ओमप्रकाश कभी मिलनसार व्यक्ति हुआ करते थे, लेकिन पिछले कई वर्षों से उन्हें किसी ने खुले में नहीं देखा.

फिलहाल, मृतक के परिजन रश्मि की देखभाल में जुट गए हैं. उसका इलाज कराया जा रहा है और उसे धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौटाने की कोशिश की जा रही है. परिजन दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि यह केवल हत्या नहीं, बल्कि वर्षों तक चला अमानवीय अत्याचार है, जिसके लिए कड़ी सजा जरूरी है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और नौकर दंपति से पूछताछ की जा रही है. प्रारंभिक जांच में संपत्ति विवाद और लालच की बात सामने आ रही है. अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जाएगी और दोषियों को कानून के मुताबिक सजा दिलाई जाएगी.

NATIONAL : लखनऊ के लुलु मॉल पर बड़ा एक्शन, इनकम टैक्स विभाग ने सीज किया अकाउंट, जानें मामला

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लखनऊ के लुलु मॉल पर इनकम टैक्स विभाग ने कार्रवाई की है. आयकर विभाग ने 27 करोड़ की टैक्स चोरी मामले में कार्रवाई करते हुए मॉल के अकाउंट का सीज कर दिया है. इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

राजधानी लखनऊ के लुलु मॉल के खिलाफ इनकम टैक्स विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. सूत्रों के मुताबिक आईटी विभाग ने लुलु मॉल के अकाउंट को सीज कर दिया है. बताया जा रहा है कि 27 करोड़ की रकम पर टैक्स नहीं जमा करने की वजह से आयकर विभाग ने ये कार्रवाई की है.

लुलु बैंक का अकाउंट लखनऊ के बैंक ऑफ बड़ौदा में हैं. मॉल पर करोड़ों के टैक्स की चोरी का आरोप है, 2025 के टैक्स का निरीक्षण करने के बाद आयकर विभाग ने ये कार्रवाई की है. इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया हैं. इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

जब से ये लुलु मॉल खुला है तभी से कई बार ये विवादों में भी रहा है. कभी मॉल में नमाज़ पढ़ने तो कभी हलाल की मीट और धर्मांतरण जैसी खबरों को लेकर भी लुलु मॉल सुर्खियों में रहा है. साल 2022 में मॉल में नमाज पढ़ने का मामला सामने आया था जिसके बाद हिन्दू संगठनों ने आपत्ति जताई और मॉल में विशेष धर्म के लोगों को नौकरी में वरीयता देने का आरोप लगाया.

इसी साल जुलाई में लुलु मॉल के कैश सुपरवाइजर को सहकर्मी के साथ रेप के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था. आरोपी ने पीड़िता को नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किया और उस पर धर्मांतरण का दबाव बनाया व जान से मारने की धमकी दी. इस घटना के बाद भी लोगों में खासी नाराजगी देखने को मिली थी.

बता दें कि लखनऊ का लुलु मॉल देश के सबसे बड़े मॉल में से एक है, इस मॉल का उद्घाटन सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया था. ये मॉल करीब 22 लाख वर्ग फ़ीट में फैला हुआ हैं जिसे क़रीब दो हज़ार करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है. इस मॉल के लगभग हर तरह का सामान मिलता हैं. जिनमें लोकल ब्रांड से लेकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कई बड़े ब्रांड के शोरूम हैं. इस मॉल में 22 मीटर का कॉरिडोर भी है जो इसे बेहद खास बनाता है.

SPORTS : कप्तानी की चौखट पर ठहरा यशस्वी का सपना! राजस्थान रॉयल्स में जडेजा-पराग की जंग, युवा सितारा इंतजार में

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आईपीएल 2025 में जब संजू सैमसन टीम से बाहर रहे, तो रियान पराग के कंधों पर राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी की जिम्मेदारी आई. यह उसके लिए महज एक अस्थायी भूमिका नहीं थी, बल्कि मैनेजमेंट के भरोसे और उसके नेतृत्व कौशल की कड़ी परीक्षा थी. दूसरी ओर रवींद्र जडेजा का राजस्थान आना सिर्फ एक साधारण ट्रेड नहीं माना जा रहा…

राजस्थान रॉयल्स (RR) के खेमे में इस वक्त सवाल सिर्फ टीम कॉम्बिनेशन का नहीं है, बल्कि उस फैसले का है जो आने वाले वक्त में कई करियर की दिशा तय कर सकता है. टीम इंडिया के युवा सितारे यशस्वी जायसवाल, जिनके बल्ले से भविष्य की उम्मीदें जुड़ी हैं, फिलहाल राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी से एक कदम दूर खड़े दिखाई देते हैं.

पूर्व भारतीय बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा की राय इस कहानी को और गहराई देती है. उनका मानना है कि यशस्वी को अभी इंतजार करना होगा, क्योंकि कप्तानी की दौड़ फिलहाल अनुभव और भरोसे के इर्द-गिर्द घूम रही है. संजू सैमसन के चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) चले जाने के बाद राजस्थान की पहचान, उसका नेतृत्व और उसका भविष्य- तीनों सवालों के घेरे में हैं.

आईपीएल 2025 में जब संजू सैमसन टीम से बाहर रहे, तो रियान पराग के कंधों पर राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी की जिम्मेदारी आई. यह उसके लिए महज़ एक अस्थायी भूमिका नहीं थी, बल्कि मैनेजमेंट के भरोसे और उसके नेतृत्व कौशल की कड़ी परीक्षा थी. दूसरी ओर रवींद्र जडेजा का राजस्थान आना सिर्फ एक साधारण ट्रेड नहीं माना जा रहा, क्योंकि वह अपने साथ अनुभव, दबाव झेलने की क्षमता और कप्तानी की एक पूरी विरासत लेकर आए हैं. चेन्नई में 18 करोड़ की फीस छोड़कर 14. करोड़ रु. में राजस्थान से जुड़ना भी कई सवाल खड़े करता है- क्या यह सिर्फ एक आर्थिक समझौता था, या फिर कप्तानी की ओर बढ़ाया गया सोचा-समझा कदम?

लेकिन जडेजा की कप्तानी की यादें भी टीम मैनेजमेंट को सोचने पर मजबूर करती हैं. 2022 में चेन्नई में अधूरी रह गई उनकी कप्तानी और एमएस धोनी की वापसी अब भी क्रिकेट प्रेमियों के जहन में ताजा है. यही वजह है कि राजस्थान के लिए यह फैसला आसान नहीं.इस बीच यशस्वी जायसवाल की कहानी चुपचाप आगे बढ़ती है. वह खिलाड़ी, जिसने अपने खेल से करोड़ों दिल जीते, अब शायद धैर्य की सबसे कठिन पारी खेलने को मजबूर है. टीम की जरूरतें, मैनेजमेंट की रणनीति और अनुभव की मांग- इन सबके बीच यशस्वी का नाम फिलहाल भविष्य की सूची में रखा गया है, वर्तमान की नहीं.

अनिल कुंबले की बात इस पूरे संदर्भ को एक भावुक मोड़ देती है. उनके मुताबिक कप्तानी ही वह धुरी है, जिस पर पूरी टीम का संतुलन टिका है. अगर संजू सैमसन जैसी शख्सियत की तलाश है, तो ध्रुव जुरेल उस खालीपन के सबसे करीब नजर आते हैं. यह बयान बताता है कि राजस्थान सिर्फ कप्तान नहीं, एक चेहरा ढूंढ रहा है.

राजस्थान रॉयल्स की टीम कागज पर मजबूत दिखती है- तेज गेंदबाजों की फौज, जडेजा-बिश्नोई जैसे स्पिनर, और गहराई से भरी बल्लेबाजी, लेकिन क्रिकेट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, भावनाओं और फैसलों का भी खेल है.

2008 की यादों से 2022 के अधूरे सपने तक, राजस्थान रॉयल्स एक बार फिर उसी मोड़ पर खड़ी है, जहां एक सही फैसला इतिहास रच सकता है और एक गलत फैसला सालों तक चुभ सकता है. सवाल यही है—क्या यह इंतजार यशस्वी जायसवाल को और मज़बूत बनाएगा, या यह मौका किसी और की किस्मत लिख देगा?

राजस्थान रॉयल्स (25 खिलाड़ी): यशस्वी जायसवाल, रियान पराग, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी, शुभम दुबे, युद्धवीर सिंह, संदीप शर्मा, तुषार देशपांडे, शिमरॉन हेटमायर, लुआन-ड्रे प्रीटोरियस, जोफ्रा आर्चर, क्वेना मफाका, नांद्रे बर्गर, रवींद्र जडेजा (चेन्नई से ट्रेड), सैम करन (चेन्नई से ट्रेड), डोनोवन फरेरा (दिल्ली से ट्रेड), रवि बिश्नोई, सुशांत मिश्रा, यश राज पुंजा, विग्नेश पुथुर, रवि सिंह, अमन राव, ब्रिजेश शर्मा, एडम मिल्ने और कुलदीप सेन.

NATIONAL : गांधी परिवार में जल्द बजेगी शहनाई, प्रियंका के बेटे रेहान ने गर्लफ्रेंड अवीवा बेग से की सगाई

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कांग्रेस महासचिव और वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा जल्द ही शादी के बंधन में बंध जाएंगे. रेहान अपनी सात साल पुरानी गर्लफ्रेंड अवीवा बेग के साथ सगाई कर ली है.

देश की सियासत में ताकतवर माने जाने वाले गांधी परिवार में अब शादी की शहनाई बजने जा रही है. कांग्रेस महासचिव और केरल के वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान जल्द ही शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. रेहान की सगाई हो गई है. रेहान ने अपनी गर्लफ्रेंड अवीवा बेग के साथ सगाई कर ली है.

जानकारी के मुताबिक रेहान वाड्रा और अवीवा पिछले सात साल से इस रिलेशनशिप में हैं. रेहान ने हाल ही में अवीवा को शादी के लिए प्रपोज किया. रेहान और अवीवा की शादी के लिए दोनों ही परिवारों ने अपनी सहमति दे दी है. दोनों परिवारों की सहमति के बाद सगाई भी हो गई है. सगाई का कार्यक्रम बेहद निजी रहा.

बताया जाता है कि सगाई में दोनों परिवारों के साथ कुछ करीबी लोग ही मौजूद रहे. हालांकि, दोनों ही परिवारों ने रेहान-अवीवा की सगाई पर आधिकारिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. दोनों की शादी की तारीख तय होनी अभी बाकी है. शादी की तारीख भी जल्द ही तय हो सकती है. अवीवा बेग का परिवार दिल्ली का ही रहने वाला है.

गौरतलब है कि 24 साल के रेहान वाड्रा इंस्टॉलेशन और विजुअल आर्टिस्ट हैं. ‘डार्क परसेप्शन’ नाम से सोलो एग्जीबिशन कर चुके रेहान नेचर फोटोग्राफी और ट्रैवलिंग में दिलचस्पी रखते हैं. कला और फोटोग्राफी के प्रति झुकाव रखने वाले रेहान राजनीति और लाइमलाइट से दूर रहते हैं. विजुअल आर्टिस्ट रेहान वाड्रा ने शुरुआती पढ़ाई दिल्ली में ही करने के बाद देहरादून और लंदन से आगे की पढ़ाई की है.

सार्वजनिक आयोजनों में कम नजर आने वाले रेहान राजनीति में आएंगे भी या नहीं, इसे लेकर भी अभी कुछ स्पष्ट नहीं है. बता दें कि अवीवा बेग के परिवार की गिनती वाड्रा परिवार के करीबियों में होती है. अवीवा ने शुरुआती पढ़ाई दिल्ली से ही करने के बाद मीडिया कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में भी डिग्री हासिल की है. अवीवा बेग भी रेहान की तरह ही फोटोग्राफी में रुचि रखती हैं और फोटोग्राफर हैं.

GUJARAT : मजदूर बनकर आई खुशी, हनी ट्रैप के जरिए किसान से ठगे कार और बाइक समेत 51 लाख

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गुजरात के मोरबी जिले में हनी ट्रैप के जरिए एक किसान से 51 लाख रुपये से अधिक की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. खेतिहर मजदूर बनकर आई महिला ने साथियों के साथ मिलकर किसान को झूठे आरोपों में फंसाया और लूटपाट की. पुलिस ने 8 में से 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य महिला आरोपी समेत 3 फरार हैं.

गुजरात के मोरबी में एक गंभीर घटना सामने आई है जहां खेतिहर मजदूर बनकर आई एक महिला ने एक किसान को हनी ट्रैप में फंसाकर उससे 51 लाख रुपये से अधिक की ठगी की. पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी समेत 3 फरार हैं. मोरबी में एक किसान को हनी ट्रैप में फंसाया गया और उसके पास से सोने के बिस्कुट की चेन, एक कार, एक बाइक और एक मोबाइल फोन, कुल मिलाकर 51 लाख रुपये की ठगी हुई.

चौंकाने वाली बात यह है कि हनी ट्रैप मामले में आरोपी महिला के खिलाफ पहले से ही इसी तरह का एक हनी ट्रैप का मामला दर्ज था. फिर भी उसने सात अन्य लोगों के साथ मिलकर एक और हनी ट्रैप को अंजाम दिया. पुलिस ने इस मामले की जांच कर 5 लोगों को गिरफ्तार किया है और आगे की जांच कर रही है.

हनीट्रैप का शिकार हुआ किसान अपने खेत के लिए मजदूरों की तलाश कर रहा था, जिसका पता चलते ही पांचाभाई माणसूरिया और उनके साथियों ने मिलकर हनीट्रैप की साजिश रची. योजना के अनुसार पांचाभाई ने गोंडल की रहने वाली खुशी पटेल नाम की एक महिला को एक पुरुष और एक बच्चे के साथ खेत में काम के लिए भेजा. लेकिन उसके पास कोई पहचान पत्र न होने के कारण किसान खेत मालिक ने उसे काम देने से इनकार कर दिया.

पुलिस ने बताया कि इसके बाद खुशी ने खेत मालिक को फोन किया और काम पर रख लेने की गुहार लगाई. जिसके बाद वह अकेले ही फार्म पर आई. बातचीत के दौरान खुशी ने अचानक अपने कपड़े उतार दिए और अश्लील इशारे करने लगी. इसी बीच दो कारों में सात लोग आए और उसकी तस्वीरें और वीडियो बनाते हुए खेत मालिक को धमकाने लगे. उन्होंने कहा, ‘यह हमारे समाज की बेटी है, तुम इसे यहां गलत काम करने के लिए लाए हो…’ और बलात्कार की शिकायत दर्ज कराने की धमकी दी. इसके बाद उन्होंने किसान से 1 करोड़ रुपये की मांग की. इसमें से उन्होंने जबरन 53,50,000 रुपये छीन लिए, जिनमें 50 लाख रुपये के 4 सोने के बिस्कुट, 2.5 तोला सोने की चेन और नकदी शामिल थी.

बाद में और अधिक पैसे निकालने के लिए इन लोगों ने किसान का अपहरण कर उसे एक गुप्त स्थान पर रखा. हालांकि कुछ समय बाद पीड़ित किसान किसी तरह इन बदमाशों के चंगुल से भाग निकला और उसने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और निजी सूचनादाताओं और तकनीकी सूत्रों के आधार पर पुलिस ने कुछ ही घंटों में 8 आरोपियों में से 5 को गिरफ्तार कर लिया.

इसके साथ ही आरोपियों से 51 लाख रुपये से अधिक मूल्य के सोने के बिस्कुट, सोने की चेन, कार, बाइक और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. हनीट्रैप के अपराध में शामिल गिरोह की मुख्य महिला आरोपी खुशी पटेल, साथ ही आरोपी जिलूभाई और देवांग वेलानी का आपराधिक इतिहास है. यह बात सामने आई है कि महिला आरोपी के खिलाफ जसदन पुलिस स्टेशन में वर्ष 2024 में हनीट्रैप का मामला दर्ज किया गया है. इसे ध्यान में रखते हुए, इस हनीट्रैप मामले में आगे की कार्रवाई की गई है.

NATIONAL : धनबाद के SNMMCH से नवजात की चोरी, नर्स बनकर आई महिला CCTV में कैद

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धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SNMMCH) से नवजात बच्चे की चोरी का मामला सामने आया है. टुंडी निवासी आदिवासी दंपती का बच्चा वार्ड से गायब हो गया. CCTV में एक महिला नर्स के भेष में नवजात को ले जाते हुए दिखी है. पुलिस और अस्पताल प्रशासन बच्चे की तलाश में जुटे हैं.

धनबाद के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SNMMCH) से नवजात बच्चे की चोरी का गंभीर मामला सामने आया है. टुंडी थाना क्षेत्र के रहने वाले एक आदिवासी दंपती का नवजात बेटा अस्पताल के वार्ड से रहस्यमय तरीके से गायब हो गया. घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया, जबकि परिजन रो-रोकर बच्चे को ढूंढने की गुहार लगा रहे हैं.

परिजनों के अनुसार, चोरी की यह घटना अस्पताल के महिला एवं प्रसूति विभाग में हुई. बच्चे के गायब होने के बाद वार्ड में मौजूद मरीजों और स्टाफ के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया. परिजन लगातार अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगते नजर आए.

नवजात की मां सरिता देवी ने बताया कि वह टुंडी के मनियाडीह थाना क्षेत्र के भेलवे गांव की रहने वाली हैं. वह अपने पति शालिग्राम मरांडी के साथ 24 दिसंबर को SNMMCH आई थीं, जहां डॉक्टरों ने उन्हें महिला एवं प्रसूति विभाग में भर्ती किया था. इलाज के दौरान उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया.
सरिता देवी ने बताया कि बीती रात करीब 8 बजे एक अज्ञात महिला नर्स बनकर उनके पास आई. महिला ने बच्चे की जांच करने की बात कही और नवजात को गोद में लेकर वार्ड से बाहर निकल गई. कुछ देर बाद जब बच्चा वापस नहीं आया तो सरिता को शक हुआ.

मां सरिता देवी ने बताया कि उन्होंने उस महिला का पीछा भी किया, लेकिन वह अचानक कहीं गायब हो गई. इसके बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में बच्चे की तलाश शुरू की, लेकिन काफी देर तक कोई सुराग नहीं मिला. आखिरकार इसकी सूचना अस्पताल प्रशासन को दी गई.

घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया. उनका कहना है कि यदि अस्पताल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते तो इस तरह की घटना नहीं होती. परिजनों ने नवजात को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद करने की मांग की है.

मामले की सूचना मिलते ही सरायढेला थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. थाना इंस्पेक्टर मंजीत सिंह ने बताया कि अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई है. फुटेज में एक महिला, जो चेहरे पर मास्क लगाए हुए है, नवजात बच्चे को गोद में लेकर जाते हुए साफ दिखाई दे रही है.

पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर महिला की पहचान और तलाश की जा रही है. अस्पताल के वरीय प्रबंधक डॉ. सुमन कुमार ने भी पुष्टि की कि घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई है.अस्पताल प्रशासन और पुलिस दोनों ही मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि नवजात को सुरक्षित बरामद करने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है. फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर महिला की तलाश में जुटी हुई है.

NATIONAL :मथुरा में नए साल पर सनी लियोन के प्रोग्राम पर बवाल, भड़के साधु-संत, दी आंदोलन की चेतावनी

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मथुरा में नए साल पर सनी लियोन के कार्यक्रम का साधु-संतों ने कड़ा विरोध किया है. श्रीकृष्ण जन्मभूमि केस के वादी दिनेश फलाहारी महाराज ने इसे ब्रजभूमि को कलंकित करने की साजिश बताया. उन्होंने प्रशासन को पत्र लिखकर होटल ललिता ग्रैंड और द ट्रक में होने वाले इस आयोजन को रद्द करने की मांग की है.

नए साल के आगमन पर उत्तर प्रदेश में जगह-जगह रंगारंग कार्यक्रम हो रहे हैं. लेकिन ऐसे ही एक प्रोग्राम को लेकर मथुरा में माहौल गरमा गया. साधु-संत इसको लेकर नाराजगी जाहिर करने लगे और कार्यक्रम रद्द करने की मांग करने लगे. इस बाबत उन्होंने प्रशासन को पत्र लिखा और आंदोलन की चेतावनी भी दी. आखिरकार, साधु-संतों की धमकी व विरोध के चलते सनी लियोन का प्रोग्राम अब कैंसिल हो गया है. आइये जानते हैं पूरा मामला…

दरअसल, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने नए साल पर मथुरा में आयोजित होने वाले सनी लियोन के कार्यक्रम का कड़ा विरोध किया था. उन्होंने होटल ललिता ग्रैंड और होटल द ट्रक में होने वाले इस आयोजन को ब्रजभूमि को कलंकित करने की साजिश बताया था.

सोमवार को साधु-संतों ने ‘जिंदाबाद-मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया और कार्यक्रम को तुरंत निरस्त करने की मांग की. दिनेश फलाहारी महाराज ने पत्र लिखकर कहा कि यह दिव्य गोलोक भूमि योग, साधना और भजन की है. यहां फूहड़ता और अश्लीलता परोसने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

संतों का तर्क था कि ऐसी अभिनेत्री, जो पोर्न फिल्मों से जुड़ी रही हों, उनका ब्रज में आना धार्मिक भावनाओं को भड़काने जैसा है. उन्होंने प्रशासन से आयोजकों पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की थी. फिलहाल, ये पूरा विवाद गहरा गया है और पुलिस भी अलर्ट हो गई है. मंगलवार को कन्फर्म किया गया कि सनी लियोन का प्रोग्राम रद्द कर दिया गया है.

ENTERTAINMENT : ‘आपकी कमी खलेगी’, धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म देख रो पड़े मुकेश छाबड़ा, अमिताभ के नाती ने किया इंप्रेस

बॉलीवुड के ही-मैन और दिवंगत एक्टर धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म इक्कीस 1 जनवरी को सिनेमाघरों में आ रही है. मगर रिलीज से पहले ही कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने फिल्म का पहला रिव्यू शेयर कर दिया है. जानते हैं उन्हें इक्कीस कैसी लगी?

बॉलीवुड के दिग्गज दिवंगत एक्टर धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ 1 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है. इस फिल्म से अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा भी अपना बिग स्क्रीन डेब्यू कर रहे हैं. बीती रात मुंबई में फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई, जिसमें बॉलीवुड की तमाम बड़ी हस्तियां पहुंचीं. अब कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने फिल्म का पहला रिव्यू शेयर किया है.

मुकेश छाबड़ा ने X पर शेयर किए अपने पोस्ट में बताया है कि धर्मेंद्र को बड़े पर्दे पर देखना काफी इमोशनल भरा रहा. इस बात पर यकीन कर पाना मुश्किल था कि ये दिग्गज अभिनेता की आखिरी फिल्म है. मुकेश छाबड़ा ने फिल्म का पहला रिव्यू देते हुए कहा- बस अभी ‘इक्कीस’ देखी. एक ऐसी फिल्म जो पूरी तरह से दिल से बनाई गई है. एक कोमल, ईमानदार कहानी जो खत्म होने के काफी देर बाद भी आपके साथ रहती है. ‘

‘उनके लिए दुख हुआ…’, धर्मेंद्र के निधन से टूटीं हेमा मालिनी, मुमताज ने बंधाया ढांढस
‘धर्मेंद्र सर… क्या ग्रेस है, क्या गहराई है. अगर यह आपकी आखिरी फिल्म है, तो यह सचमुच दिल तोड़ने वाली बात है. आपने हमें कुछ बेहद इमोशनल और महत्वपूर्ण दिया है. आपकी कमी खलेगी, सर. जयदीप अहलावत को सलाम. मुझे सच में इसकी उम्मीद नहीं थी, और मुझे ख़ुशी है कि मैं हैरान हुआ.’

मुकेश छाबड़ा ने आगे अमिताभ और जया बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा की परफॉर्मेंस की भी सराहना की है. उन्होंने इंडस्ट्री में अगस्त्य और सिमर भाटिया का वेलकम किया. मुकेश छाबड़ा ने लिखा- अगस्त्य नंदा और सिमर भाटिया का गर्मजोशी से स्वागत, दोनों पर्दे पर बेहद ख़ूबसूरत लगे हैं. मनमोहक आंखें और खूबसूरत केमिस्ट्री. अगस्त्य की मासूमियत और ईमानदारी सचमुच चमकती है. विवान शाह और सिकंदर खेर ने भी शानदार काम किया है.

फिल्म की स्टारकास्ट के अलावा मुकेश छाबड़ा ने डायरेक्टर श्रीराम राघवन की भी जमकर तारीफ की है. उन्होंने लिखा- श्रीराम राघवन वाकई मास्टर हैं. एक दिल को छू लेने वाली फिल्म काफी ईमानदारी से बनाई गई है.

बता दें कि फिल्म ‘इक्कीस’ की स्क्रीनिंग में पूरा देओल परिवार पहुंचा था. पिता की आखिरी फिल्म देख सनी और बॉबी देओल काफी इमोशनल होते नजर आए थे. सलमान खान की आंखें भी नम दिखी थीं. इक्कीस की बात करें तो फिल्म नए साल के मौके पर थिएटर में दस्तक दे रही है, तो आप भी इसे देखना नहीं भूलिएगा.

NATIONAL : लव अफेयर और बेटी का किडनैप…, गुस्साए बाप ने रंजिश में शख्स को मारपीट कर धमकाया

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जामनगर में चार दिन पहले एक युवक के अपहरण और मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है. प्रेम प्रसंग की रंजिश के चलते आरोपियों द्वारा युवक का अपहरण कर उस पर हमला किए जाने की शिकायत दर्ज की गई है.

गुजरात के जामनगर में चार दिन पहले एक युवक के अपहरण और मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है. प्रेम प्रसंग की रंजिश के चलते आरोपियों द्वारा युवक का अपहरण कर उस पर हमला किए जाने की शिकायत दर्ज की गई है. प्रेम प्रसंग की दुश्मनी को लेकर युवक पर हमला किए जाने की बात शिकायत में दर्ज की गई है. साथ ही आरोपियों ने शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी भी दी थी.

सुरेश टॉयटा नामक युवक के साथ जामनगर–राजकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर खीजड़िया बायपास के पास आरोपियों ने मारपीट की और धमकाया. इस घटना के पीछे कारण यह बताया गया है कि शिकायतकर्ता सुरेश टॉयटा के एक रिश्तेदार द्वारा आरोपी की बेटी के अपहरण की घटना से आरोपी मन में रंजिश रखे हुए थे.

शिकायत के आधार पर पंचकोशी ‘ए’ डिवीजन पुलिस ने कुल पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया. इनमें से एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि शेष चार आरोपियों को पंचकोशी ‘ए’ डिवीजन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है.

NATIONAL : नए साल का स्वागत करने कश्मीर पहुंच रहे पर्यटक, विंटर कार्निवल की तैयारियां भी शुरू

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नए साल का जश्न मनाने के लिए लोग कश्मीर पहुंच रहे हैं. जम्मू-कश्मीर में पहाड़ों और मैदानी इलाकों में बर्फबारी की संभावना ने लोगों की उम्मीदें और बढ़ा दी हैं. पर्यटक साल की शुरुआत में बर्फबारी का आनंद लेना चाहते हैं. वहीं, विंटर कार्निवल की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं.

नए साल का जश्न मनाने के लिए पर्यटक बड़ी संख्या में जम्मू-कश्मीर की वादियों का रुख कर रहे हैं. बर्फबारी की संभावना ने लोगो की उम्मीदें और बढ़ा दी है. लोग ठंडी हवाओं के बीच सर्दियों का आनंद उठा रहे हैं. इसी बीच, विंटर कार्निवल की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं. यहां पहुंचे यात्री ठंड का मजा लेते नजर आ रहे हैं और नए साल की शुरुआत को खास बनाना चाहते हैं.

जम्मू-कश्मीर में मंगलवार से मौसम का मिजाज फिर बदलने वाला है. मौसम विभाग ने पहाड़ों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी ताजा बर्फबारी का अनुमान जताया है. पूरे कश्मीर में बर्फीली हवाएं चल रही हैं और ठंड का माहौल बना हुआ है. देश-विदेश से हजारों पर्यटक नए साल के जश्न के लिए कश्मीर पहुंच रहे हैं.

कश्मीर के साथ-साथ लद्दाख के अलग-अलग इलाकों में भी अब विंटर कार्निवल की तैयारियां शुरू हो गई हैं. दुनिया का दूसरा सबसे ठंडा इलाका द्रास, जो ठंड और बर्फबारी के लिए जाना जाता है, वहां विंटर कार्निवल की तैयारियां शुरू हो गई हैं.

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में इस साल पर्यटन कुछ फीका रहा है. अब सभी नजरें और उम्मीदें विंटर टूरिज्म पर टिकी हुई हैं. विंटर टूरिज्म के साथ-साथ विंटर स्पोर्ट्स भी जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का आकर्षण है, जिसके लिए यह बर्फबारी बेहद जरूरी है.राजस्थान से कश्मीर पहुंची यात्री बताती है कि वो यहां नए साल मनाने आए हैं. यहां बहुत अच्छा लग रहा है. यहां की व्यवस्था बहुत अच्छी है और लोग काफी मददगार हैं. यहां की सभी चीजें बहुत ही अच्छी हैं. यात्री बता रहे हैं कि यहां का वेदर बहुत अच्छा है और गुलमर्ग में भी बहुत मजा आ रहा है.

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