Saturday, September 19, 2026
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NATIONAL : जम्मू-कश्मीर में 2 लश्कर आतंकी मारे जाने की सूचना, पहलगाम आतंकी हमले में शामिल था जाकिर अहमद गनी

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जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में शनिवार शाम शुरू हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकियों को घेर लिया। मीडिया रिपोर्ट्स में दोनों आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया है, हालांकि सुरक्षाबलों ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

बताया जा रहा है कि इनमें जाकिर अहमद गनी भी शामिल है, जिसका नाम पहलगाम आतंकी हमले के बाद जारी 14 वांछित आतंकियों की सूची में था। ऑपरेशन अभी भी जारी है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे इलाके की तलाशी ले रही हैं।

खुफिया सूचना के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन

सुरक्षाबलों को शोपियां के सैदपोरा पायीन के पास छानपोरा इलाके में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया।

शनिवार शाम करीब 7:45 बजे जवान जब संदिग्ध ठिकाने के पास पहुंचे, तो आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई के साथ मुठभेड़ शुरू हुई, जिसे अंधेरा होने के कारण रात में सीमित कर दिया गया।


विक्टर फोर्स ने गांव खाली कराए
ऑपरेशन के दौरान सेना की विशेष आतंकवाद रोधी इकाई ‘विक्टर फोर्स’ को तैनात किया गया। आतंकियों के भागने के सभी संभावित रास्तों को सील कर दिया। सुरक्षा कारणों से आसपास के चार गांवों को खाली कराया। उसके बाद पूरे इलाके में अतिरिक्त जवानों की तैनात कर दिया। रात के समय ऑपरेशन जारी रखने में दिक्कत आ रही थी। ऐसे में रोशनी की विशेष व्यवस्था भी की गई।

पहलगाम हमले से जुड़ा था जाकिर का नाम

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मारे गए आतंकियों में कुलगाम के मुतलहम गांव का रहने वाला जाकिर अहमद गनी शामिल है। उसका नाम अप्रैल 2026 के पहलगाम आतंकी हमले की जांच में सामने आया था।

सुरक्षा एजेंसियों ने पहलगाम हमले के बाद जिन 14 स्थानीय आतंकियों की सूची जारी की थी, उनमें जाकिर भी शामिल था। उसके खिलाफ एनआईए कोर्ट पहले ही नोटिस जारी कर चुकी थी।

14 में से 9 आतंकियों के मारे जाने का दावा
अगर, जाकिर अहमद गनी के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि होती है, तो पहलगाम हमले के बाद जारी सूची में शामिल 14 आतंकियों में से नौ ढेर हो चुके होंगे। इससे पहले मई 2025 में शोपियां और पुलवामा में हुए अलग-अलग एनकाउंटर में छह आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था।

NATIONAL : पीएम मोदी को CJP का खुला पत्र, कहा- हमारी आवाज सुनें, शिक्षा मंत्री पर कार्रवाई करें

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कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी को खुला पत्र लिखकर जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन पर चुप्पी तोड़ने की अपील की है। पार्टी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कथित पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्याओं के लिए जिम्मेदार ठहराने, पुलिस कार्रवाई की जांच कराने और छात्रों की मांगों पर तत्काल संवाद शुरू करने की मांग की।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र लिखकर जंतर-मंतर पर चल रहे अपने प्रदर्शन पर चुप्पी तोड़ने की अपील की। पार्टी ने प्रधानमंत्री से कहा कि वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कथित परीक्षा पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या के मामलों में जवाबदेह ठहराएं।

15वें दिन भी जारी है प्रदर्शन
सीजेपी ने बताया कि उसका विरोध प्रदर्शन अब 15वें दिन में पहुंच गया है। वहीं, शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले सात दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। पार्टी ने अपने दो पन्नों के पत्र ‘इंसानियत का एक सवाल: आप कब तक जंतर-मंतर को नज़रअंदाज़ करते रहेंगे?’ में पूछा कि इतने लंबे समय से शांतिपूर्ण प्रदर्शन और भूख हड़ताल के बावजूद प्रधानमंत्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई।

‘हमारी आवाज कब सुनेंगे?’
पत्र में कहा गया है कि जंतर-मंतर पर बैठा आंदोलन सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य को बचाने की कोशिश है। पार्टी ने लिखा कि जब सोनम वांगचुक जैसे व्यक्ति, जिन्होंने अपना जीवन शिक्षा और देश के लिए समर्पित किया है, भूख हड़ताल पर बैठते हैं तो सरकार की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वह उनकी बात सुने। लेकिन अब तक प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर एक शब्द भी नहीं कहा है।

पेपर लीक और छात्र आत्महत्याओं का उठाया मुद्दा
सीजेपी ने आरोप लगाया कि सरकार बार-बार होने वाले परीक्षा पेपर लीक रोकने में नाकाम रही है। इससे करोड़ों छात्रों का भविष्य और भरोसा प्रभावित हुआ है। पार्टी ने यह भी कहा कि प्रदर्शन शुरू होने से पहले छात्रों की आत्महत्या के 11 मामले सामने आए थे, जो अब बढ़कर 29 हो गए हैं। पार्टी ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इन घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी नहीं ली और इस्तीफा भी नहीं दिया।

पुलिस पर भी लगाए गंभीर आरोप
पत्र में दावा किया गया कि प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के कुछ जवानों ने छात्रों के साथ बदसलूकी की और उनकी किताबें कीचड़ में फेंक दीं। पार्टी ने आरोप लगाया कि छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. भीमराव आंबेडकर और भगत सिंह से जुड़ी किताबों का भी अपमान किया गया। सीजेपी ने इस मामले में दो पुलिस अधिकारियों को तुरंत निलंबित करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि छात्रों को प्रदर्शन स्थल पर एक छोटी लाइब्रेरी तक चलाने की अनुमति नहीं दी गई, जो ज्ञान और शिक्षा के प्रति सरकार के रवैये को दर्शाता है।

‘हमें आतंकवादी कहा गया’, प्रधानमंत्री से की ये मांग
इस दौरान सीजेपी ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आंदोलनकारियों को “आतंकवादी’ कहा, जबकि सत्तारूढ़ दल के अध्यक्ष ने भी आंदोलन में शामिल युवाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। पत्र में कहा गया कि सरकार ने बातचीत करने के बजाय प्रदर्शनकारियों के प्रति अपमानजनक रवैया अपनाया है। सीजेपी ने प्रधानमंत्री से अपील की कि वे अपनी चुप्पी तोड़ें, युवाओं की आवाज सुनें और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जवाबदेह ठहराएं। पार्टी ने कहा कि यदि सरकार शांतिपूर्ण आंदोलन की भी अनदेखी करती रही तो यह युवाओं के प्रति उसके नजरिये को दिखाता है।

NATIONAL : देशराममंदिर-सोने से मढ़ी रामचरितमानस चोरी होने का भी दावा:पूर्व IAS बोले- 5 करोड़ कीमत थी, चंपत राय ने रसीद नहीं दी, कहा- मैं कुछ नहीं कर सकता

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अयोध्या, एजेंसी। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बीच पूर्व केंद्रीय गृह सचिव लक्ष्मी नारायण ने दावा किया है कि उनकी सोने से मढ़ी रामचरितमानस चोरी हो गई है। उन्होंने कहा कि 8 अप्रैल 2024 को राम मंदिर ट्रस्ट को सवा क्विंटल की रामचरितमानस भेंट की थी, लेकिन आज तक उन्हें इसकी रसीद नहीं मिली। इतना ही नहीं, 3-4 महीने बाद मंदिर से रामचरितमानस गायब हो गई। इस रामायण के 1000 पन्नों पर 24 कैरेट सोने की परत चढ़ाई गई है। इसकी कीमत 5 करोड़ थी।

मैं अयोध्या पहुंचा, तो चंपत राय ने 9 घंटे तक इंतजार करवाया। मैंने उनसे हाथ जोड़कर कहा- सर, मेरी पूरी जिंदगी की पूंजी है। रामचरितमानस को मंदिर में रखवा दीजिए। तब उन्होंने कहा- मेरे पास कई लोगों के आभूषण और कई तरह की चीजें आती हैं, तो क्या मैं सिर्फ इन्हीं सब का डिस्प्ले करता रहूं?

पूर्व IAS ने कहा- मैंने मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा और ट्रस्ट मेंबर गोपाल राव से संपर्क किया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। फिर मैं दोबारा अयोध्या गया। 4 घंटे इंतजार के बाद चंपत राय मिले। उन्होंने मुझसे कहा- मैं कुछ नहीं कर सकता, आपको जहां जाना है, जाइए।

इधर, मंदिर ट्रस्ट ने अपनी 6 जुलाई को होने वाली बैठक का शनिवार को एजेंडा जारी किया। इसमें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और न्यासी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला होगा। इसके अलावा SIT की शुरुआती रिपोर्ट और मंदिर प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं पर चर्चा की जाएगी।

वहीं, चंपत राय के ट्रस्ट से इस्तीफा देने को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने तंज कसा। कहा- क्या इतने बड़े भगवान के दरबार में चोरी करके इस्तीफा देने से छुट्टी मिल जाएगी? ये क्या नाटक बना रखा है? पीटे जाओगे। अगर सरकार ने इनको जेल में नहीं डाला और सही सजा नहीं दिलवाई, तो जनता इनको पीटेगी।

WORLD : अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे, PM मोदी ने दी बधाई, बोले- साझा मूल्यों से मजबूत होंगे भारत-US संबंध

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और कानून के शासन में दोनों देशों का साझा विश्वास एवं उनके लोगों की असीम क्षमता इस मित्रता को दुनिया की भलाई के लिए एक ताकत बनाती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत और अमेरिका की साझेदारी और मजबूत होगी तथा दोनों देशों की मित्रता वैश्विक शांति, समृद्धि और विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने संदेश में कहा, “1.4 अरब भारतीयों की ओर से मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका के लोगों को आपके स्वतंत्रता दिवस की ऐतिहासिक 250वीं वर्षगांठ पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।”

उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते केवल रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच लोकतंत्र, कानून के शासन और नागरिकों की असीम क्षमता में साझा विश्वास इस संबंध को और मजबूत बनाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत-अमेरिका की मित्रता वैश्विक भलाई और स्थिरता के लिए एक सकारात्मक शक्ति है। अपने संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि मेरी कामना है कि अगले 250 वर्ष अमेरिका के लिए और अधिक समृद्धि, शांति और प्रगति लेकर आएं तथा भारत-अमेरिका साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं।

बता दें कि इस वर्ष अमेरिका अपनी आजादी के 250 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है। व्हाइट हाउस के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में इस ऐतिहासिक अवसर पर एक वर्ष तक चलने वाले राष्ट्रीय समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। इन समारोहों की शुरुआत मई 2025 में मेमोरियल डे से हुई थी और यह सिलसिला वर्ष 2026 के अंत तक जारी रहेगा। इस दौरान संघीय और राज्य सरकारों के साथ-साथ निजी संस्थानों, गैर-लाभकारी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और आम नागरिकों की भागीदारी से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इस मौके पर अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने भी देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वतंत्रता केवल एक संवैधानिक सिद्धांत नहीं, बल्कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता की वह बुनियाद है, जो लोगों को नए विचारों पर काम करने, व्यवसाय खड़ा करने और बिना भय के अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा देती है।

NATIONAL : जहां से आया राफेल फाइटर जेट, वहीं जा रहे जयशंकर, क्या हैं इसके मायने?

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विदेश मंत्री एस जयशंकर फ्रांस, बेल्जियम और यूरोपीय यूनियन की यात्रा पर जा रहे हैं. यह दौरा भारत की सुरक्षा नीति, रक्षा साझेदारी और पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण है.

विदेश मंत्री एस जयशंकर अगले सप्ताह फ्रांस, बेल्जियम और यूरोपीय यूनियन की यात्रा पर जा रहे हैं. यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब एक तरफ भारत की सुरक्षा नीति में यूरोप की भूमिका लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर भारत-पाक तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फिर से आवाजें उठने लगी हैं. जयशंकर की यह यात्रा सामान्य कूटनीतिक संवाद से कहीं ज्यादा रणनीतिक संदेशों से भरी मानी जा रही है. आखिरकार, यही वो क्षेत्र है जहां से भारत को अत्याधुनिक राफेल लड़ाकू विमान मिले, और अब, जब भारत अपनी रक्षा क्षमताओं को और मजबूत कर रहा है, तो यूरोप के साथ संवाद नई ऊंचाई छू सकता है.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, डॉ. जयशंकर की यह यात्रा तीन हिस्सों में बंटी होगी. फ्रांस, जहां रक्षा सहयोग, इंडो-पैसिफिक रणनीति और संयुक्त परियोजनाओं पर चर्चा होगी. बेल्जियम, यूरोपीय यूनियन के संस्थानों का केंद्र, वहां जहां व्यापार, निवेश और सुरक्षा पर बातचीत होगी. भारत-EU साझेदारी को नई ऊर्जा देने के लिए यूरोपीय यूनियन से चर्चा होगी.

क्या है पाकिस्तान एंगल?
दिलचस्प यह है कि कुछ दिन पहले ही एक भारत का सर्वदलीय प्रत‍िन‍िध‍िमंडल अमेरिका और यूरोप के कई देशों में गया था, जहां उन्होंने पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित करने के सबूत साझा किए थे. अब, जयशंकर खुद इन देशों से संवाद करने जा रहे हैं, जो भारत की कूटनीतिक ‘फॉलोअप’ रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है.

ORF के विदेश नीति मामलों के जानकार विनय कौशिक ने लिखा, जयशंकर की यह यात्रा एक साथ कई संदेश देती है. एक ओर यह भारत की रक्षा साझेदारियों को मजबूती देने का संकेत है, दूसरी ओर यह पाकिस्तान को यह जताने की कोशिश है कि भारत अब वैश्विक मंचों पर सीधे जवाब देगा. इस दौरान फ्रांस के नीस शहर में संयुक्त राष्ट्र की Oceans Conference भी हो रही है, जिसमें भारत की ओर से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह भाग लेंगे. यह दर्शाता है कि भारत समुद्री सुरक्षा और जलवायु-संबंधी चुनौतियों पर भी सक्रिय कूटनीति अपना रहा है.

फ्रांस से भारत की ‘डिफेंस केमिस्ट्री’
राफेल सौदे के बाद से भारत और फ्रांस के बीच रक्षा क्षेत्र में संबंध और गहरे हुए हैं. नौसेना सहयोग, संयुक्त युद्धाभ्यास (जैसे ‘वैरुण’) और अब भारत में डिफेंस प्रोडक्शन, यह सब फ्रांस को भारत का एक भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार बनाते हैं. भारत को यूरोप में फ्रांस जैसा साथी इसलिए भी चाहिए क्योंकि अमेरिका और चीन के बीच जब तनाव बढ़ता है, तो यूरोप एक संतुलनकारी ताकत बन सकता है. जयशंकर की यूरोप यात्रा को सिर्फ एक डिप्लोमैटिक दौरा मानना भूल होगी. यह भारत की स्मार्ट स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, जिसमें रक्षा, आतंकवाद, व्यापार और समुद्री सुरक्षा, सब कुछ एक एजेंडे में समाहित है. और यह संदेश साफ है, भारत अब अपने हितों के लिए कूटनीतिक आक्रामकता अपनाने को तैयार है.

BUSINESS : एथेनॉल से खराब हो जाएगा गाड़ी का इंजन? E20 पेट्रोल से फायदा या नुकसान, सरकार ने दिया हर सवाल का जवाब

सरकार के मुताबिक E20 कोई नया प्रयोग नहीं है. अमेरिका, ब्राज़ील, कनाडा, जापान और कई यूरोपीय देशों में वर्षों से पेट्रोल में एथेनॉल मिलाकर इस्तेमाल किया जा रहा है. भारत भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है.

देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे वायरल हो रहे हैं. कहीं कहा जा रहा है कि इससे इंजन खराब हो जाएगा. कहीं, माइलेज कम होने की बात कही जा रही है, तो कहीं चींटियां और मधुमक्खियां पेट्रोल टैंक पर जमा होने के वीडियो शेयर किए जा रहे हैं. अब इन सभी दावों पर पेट्रोलियम मंत्रालय से जवाब आया है. सरकार का मानना है कि E20 को लेकर फैलाए जा रहे कई दावे वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है.

सरकार के मुताबिक E20 कोई नया प्रयोग नहीं है. अमेरिका, ब्राज़ील, कनाडा, जापान और कई यूरोपीय देशों में वर्षों से पेट्रोल में एथेनॉल मिलाकर इस्तेमाल किया जा रहा है. भारत भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है और दिसंबर 2025 में 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य हासिल कर चुका है.

सरकार का कहना है कि ARAI, IOCL और SIAM समेत कई संस्थानों ने E20 पर लंबी टेस्टिंग की है. कारों को 40 हजार किलोमीटर और दोपहिया वाहनों को 20 हजार किलोमीटर तक चलाकर जांच की गई. परीक्षण में इंजन, स्टार्टिंग, ड्राइविंग और अधिकांश पार्ट्स में कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई. सिर्फ कुछ पुराने वाहनों में रबर के कुछ पार्ट्स अपेक्षाकृत जल्दी बदलने पड़ सकते हैं.

सरकार मानती है कि माइलेज कई चीजों पर निर्भर करता है! ड्राइविंग स्टाइल, टायर प्रेशर, सर्विसिंग और ट्रैफिक जैसी परिस्थितियां भी असर डालती हैं. मंत्रालय का दावा है कि E20 से माइलेज में भारी गिरावट की बात सही नहीं है. उल्टा E20 बेहतर एक्सेलेरेशन और कम कार्बन उत्सर्जन में मदद करता है.

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर BPCL का कहना है कि फ्यूल ग्रेड एथेनॉल में कोई शुगर नहीं होती और इसमें ऐसे तत्व मिलाए जाते हैं जो कीड़ों को दूर रखते हैं. इसलिए E20 पेट्रोल की वजह से चींटियां या मधुमक्खियां पेट्रोल टैंक पर आने का दावा वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है.

सरकार ने गिनाए फायदे

सरकार के मुताबिक 2014-15 से मई 2026 तक एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम से 1.90 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की विदेशी मुद्रा बची. किसानों को 1.60 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान हुआ. करीब 930 लाख मीट्रिक टन CO₂ उत्सर्जन कम हुआ. 310 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल के आयात की जरूरत घटी.

E20 पेट्रोल को लेकर लंबे समय से चल रही बहस के बीच सरकार ने पहली बार स्वीकार किया है कि इससे गाड़ियों की माइलेज में थोड़ी गिरावट आ सकती है. हालांकि, सरकार का कहना है कि माइलेज सिर्फ ईंधन से तय नहीं होती बल्कि ड्राइविंग स्टाइल, ट्रैफिक, सड़क की स्थिति और वाहन की मेंटेनेंस जैसे कई दूसरे कारण भी इसमें भूमिका निभाते हैं. मंत्री हरदीप पुरी ने ये बाते अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही.

सरकार का कहना है कि E20 पेट्रोल से माइलेज में हल्की कमी आ सकती है, लेकिन इसके बदले कुछ तकनीकी फायदे भी मिलते हैं. सरकार के मुताबिक एथेनॉल की वजह से ईंधन की ऑक्टेन रेटिंग बढ़ती है, जिससे इंजन की नॉकिंग कम होती है और कई परिस्थितियों में पिकअप बेहतर हो सकता है.

E20 के समर्थन में सरकार ने कहा कि एथेनॉल का इस्तेमाल रेसिंग कारों में भी किया जाता है. हालांकि, तकनीकी जानकार इस तुलना को पूरी तरह सही नहीं मानते. दरअसल, रेसिंग कारों में इस्तेमाल होने वाला ईंधन सामान्य E20 पेट्रोल से काफी अलग होता है. वहां अक्सर ज्यादा एथेनॉल ब्लेंड वाले फ्यूल का इस्तेमाल होता है और इंजन भी उसी के मुताबिक डिजाइन किए जाते हैं. दूसरी ओर आम लोगों की गाड़ियां रोजमर्रा की जरूरतों के हिसाब से बनाई जाती हैं. ऐसे में रेसिंग कार और सड़क पर चलने वाली सामान्य गाड़ी के प्रदर्शन की सीधी तुलना करना उचित नहीं माना जाता.

सरकार ने साफ किया है कि E20 गाड़ियों के इंश्योरेंस को लेकर कोई दिक्कत नहीं है. साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर भविष्य में एथेनॉल ब्लेंड को E25 तक बढ़ाने का फैसला लिया जाता है तो उससे पहले व्यापक तकनीकी परीक्षण और ऑटोमोबाइल उद्योग समेत सभी संबंधित पक्षों से सलाह ली जाएगी.

सरकार ने भले ही E20 को सुरक्षित और वैज्ञानिक परीक्षणों से प्रमाणित बताया हो लेकिन पानी की खपत, फीडस्टॉक, कृषि और पर्यावरण को लेकर बहस अब भी जारी है. ऐसे में आने वाले समय में E20 के वास्तविक प्रभावों पर लगातार निगरानी और स्वतंत्र अध्ययन भी अहम रहेंगे.शांति समझौता करने PAK पहुंचे अराघची और गालिबाफ को मारना चाहता है इजरायल! हत्या की साजिश का खुलासा

WORLD : ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले PM मोदी को जान से मारने की धमकी, ‘अबू मुस्तफा’ नाम के अकाउंट से आया धमकी भरा पोस्ट, शुरु हुई हाई लेवल जांच

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पीएम मोदी जल्द ही ऑस्ट्रेलिया का दौरा करने वाले हैं, लेकिन उससे पहले उन्हें कथित तौर पर जान से मारने की धमकी मिली है।ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के मुताबिक, मेलबर्न में 9 जुलाई को होने वाले ‘Melbourne Meets Modi’कार्यक्रम से जुड़ी एक फेसबुक पोस्ट के कमेंट सेक्शन में यह कथित धमकी दी गई थी।

ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस ने शुरू की जांच
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार,यह पोस्ट 3 जुलाई को सामने आई। पोस्ट में कमेंट कथित तौर पर ‘अबू मुस्तफा’नाम के अकाउंट से किया गया था। जिसके बाद इसे लेकर ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस (AFP) को सूचना दे दी गई। फिलहाल ऑस्ट्रेलियाई जांच एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं। उन्होंने कथित तौर पर संबंधित अकाउंट से जुड़े IP एड्रेस की पहचान भी कर ली है। हालांकि जब ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। द ऑस्ट्रेलिया टुडे के मुताबिक, पुलिस प्रवक्ता ने इसे लेकर बस इतना ही कहा है कि फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले की जानकारी उन एजेंसियों को भी दे दी गई है जो प्रधानमंत्री की यात्रा की सुरक्षा योजना तैयार कर रही हैं। जांच अभी जारी है।
ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के मुताबिक,प्रधानमंत्री मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे से ठीक पहले सामने आई इस कथित धमकी को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं। प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान द्विपक्षीय बैठकों के अलावा मेलबर्न में भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में भी शामिल होने की संभावना है।

ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की प्रस्तावित यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी। इसमें ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस, राज्य पुलिस और विशेष सुरक्षा इकाइयों के बीच समन्वय शामिल होगा। ऑस्ट्रेलिया में किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख के खिलाफ मिलने वाली धमकियों को आमतौर पर उच्च प्राथमिकता के साथ लिया जाता है। मोदी की यात्रा में ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें और भारतीय समुदाय से जुड़े कार्यक्रम शामिल बताए जा रहे हैं। मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में होने वाले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोगों के शामिल होने की संभावना है।

फिलहाल इस मामले की जांच जारी है। अभी तक किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई आरोप तय नहीं किए गए हैं और न ही किसी अदालत में इस मामले की पुष्टि हुई है। इसलिए इस मामले में लगाए गए सभी आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

WORLD : इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड… जुलाई में 3 देशों के दौरे पर जा सकते हैं पीएम मोदी, जून के अंत में सेशेल्स यात्रा की भी चर्चा

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पीएम मोदी 6 से 11 जुलाई के बीच संभावित विदेश दौरे पर जा सकते हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री की इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड यात्रा की तैयारी है। इसमें द्विपक्षीय बैठकों के साथ भारतीय समुदाय को भी संबोधित कर सकते हैं प्रधानमंत्री। जून के अंत में सेशेल्स यात्रा की भी चर्चा है।

पीएम मोदी करेंगे तीन देशों का दौरा
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने 6 से 11 जुलाई के बीच इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर जा सकते हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार इस संभावित विदेश यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री तीनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। साथ ही भारतीय मूल के लोगों और प्रवासी भारतीय समुदाय के साथ भी उनके कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।

पीएम मोदी करेंगे तीन देशों का दौरा!
सूत्रों का कहना है कि इस दौरे का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक साझेदारियों को और मजबूत करना, व्यापार एवं निवेश सहयोग को बढ़ावा देना तथा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर समन्वय बढ़ाना है। इंडोनेशिया के साथ समुद्री सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के साथ रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों और आर्थिक साझेदारी पर बातचीत हो सकती है। न्यूजीलैंड के साथ व्यापार, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर जोर रहने की उम्मीद है।

जून के अंत में सेशेल्स की करेंगे यात्रा
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री के भारतीय समुदाय को संबोधित करने के कार्यक्रम भी प्रस्तावित बताए जा रहे हैं। हाल के वर्षों में विदेश यात्राओं के दौरान प्रवासी भारतीयों के साथ प्रधानमंत्री की सभाओं को विशेष महत्व दिया जाता रहा है। इस बीच, सूत्रों ने संकेत दिया है कि प्रधानमंत्री जून के अंत में भी विदेश दौरे पर जा सकते हैं।

विदेश मंत्रालय की पुष्टि का इंतजार
चर्चा है कि वह हिंद महासागर क्षेत्र के महत्वपूर्ण साझेदार देश सेशेल्स की यात्रा कर सकते हैं। हालांकि इस प्रस्तावित दौरे को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। अगर यह कार्यक्रम अंतिम रूप लेता है तो जून के अंत में सेशेल्स और जुलाई के पहले पखवाड़े में तीन देशों की यात्रा प्रधानमंत्री के व्यस्त कूटनीतिक कैलेंडर का हिस्सा होगी। विदेश मंत्रालय की ओर से इन दौरों के कार्यक्रमों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

NATIONAL : PM मोदी ने गुजरात के साणंद में किया सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन, कहा- सॉफ्टवेयर के बाद अब हार्डवेयर सेक्टर में भी पहचान बना रहा भारत

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के साणंद में माइक्रोन टेक्नोलॉजी के सेमीकंडक्टर प्लाट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि सॉफ्टवेयर में अपनी ताकत के लिए पहचाने जाने के बाद अब देश हार्डवेयर सेक्टर में भी अपनी विशिष्ट पहचान मजबूती से स्थापित कर रहा है।

साणंद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के साणंद में अमेरिकी कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजी की सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्ट और पैकेजिंग (एटीएमपी) फैसिलिटी का उद्घाटन किया। यह भारत के सेमीकंडक्टर इतिहास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। इसे पीएम मोदी ने टेक्नोलॉजी लीडरशिप की ओर भारत की यात्रा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

पीएम मोदी ने क्या कहा?
पीएम मोदी ने उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि माइक्रोन की यह फैसिलिटी और आज का यह कार्यक्रम भारत और अमेरिका के बीच मजबूत सहयोग और साझेदारी का भी प्रमाण है। खासतौर पर एआई और चिप जैसी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत और अमेरिका की साझेदारी बहुत महत्वपूर्ण है। आज पूरा विश्व मानवता के बेहतर भविष्य से जुड़ी इन दोनों टेक्नोलोजी की सप्लाई चेन को सुरक्षित करना चाहता है।

भारत और अमेरिका का प्रयास
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया की दो सबसे बड़े लोकतंत्र, भारत और अमेरिका इसके लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। एआई समिट के दौरान भारत और अमेरिका के बीच हुआ पैक्स-सिलिका से जुड़ा समझौता इसी दिशा में किया गया एक और प्रयास है। हमारे साझा प्रयास क्रिटिकल मिनरल की ग्लोबल सप्लाई चेन को भी अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाएंगे।

मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में Semiconductor सेक्टर में भी साणंद अपनी सफलता का एक नया अध्याय लिखेगा। इस प्लांट में अभी सैकड़ों लोगों को रोजगार मिला है, आने वाले समय में इसमें और अधिक विस्तार होगा।
नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

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20वीं सदी की इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन का जिक्र
पीएम मोदी ने 20वीं सदी की इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन का जिक्र करते हुए कहा कि 20वीं सदी तक दुनिया ने इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन का दौर देखा है। उस समय जो देश फैक्ट्री, मशीन और मास प्रोडक्शन में आगे थे, उन्होंने तेजी से तरक्की की। यह सदी एआई रिवोल्यूशन की शताब्दी है। सेमीकंडक्टर इसी बदलाव का बड़ा ब्रिज है। छोटी सी चिप इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन और एआई रिवोल्यूशन को जोड़ने वाला माध्यम है। अगर पिछली शताब्दी का रेगुलेटर ऑयल था, तो इस शताब्दी का रेगुलेटर माइक्रोचिप होने वाला है।

भारत की सेमीकंडक्टर नीति पर डाला प्रकाश
उन्होंने भारत की सेमीकंडक्टर नीति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसी सोच के साथ भारत ने सेमीकंडक्टर सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ने का फैसला किया। जब दुनिया कोविड के कहर से जूझ रही थी, तो भारत ने सेमीकंडक्टर मिशन की घोषणा की थी। अभी तक सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम के तहत कुल 10 प्रोजेक्ट की मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें से माइक्रोन के अलावा तीन अन्य प्रोजेक्ट भी बहुत जल्द प्रोडक्शन शुरू करने वाले हैं। हम जो सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बना रहे हैं, वह किसी एक रीजन तक नहीं, बल्कि पैन-इंडिया है।

साणंद के अलावा धोलेरा में भी बहुत बड़े स्तर पर काम
पीएम मोदी ने आगे कहा कि यहां साणंद के अलावा धोलेरा में भी बहुत बड़े स्तर पर काम चल रहा है। कुछ दिन पहले ही यूपी के नोएडा में भी नई फैसिलिटी पर काम शुरू हुआ। असम, ओडिशा और पंजाब में भी सेमीकंडक्टर यूनिट पर काम शुरू हुआ। आज पूरी दुनिया के इन्वेस्टर के लिए भारत का एक ही मैसेज है- ‘इंडिया इज रेडी, इंडिया इज रिवाइवल एंड इंडिया इज डिलीवर्स’।

Kylian Mbappe: किलियन एमबाप्पे ने तोड़ा 88 साल पुराना रिकॉर्ड, कैसे बने विश्वकप नॉकआउट के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलर?

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स्वीडन पर 3-0 की शानदार जीत के साथ फ्रांस अंतिम-16 में पहुंच गया। इस मुकाबले में कप्तान किलियन एमबाप्पे ने दो गोल दागकर फीफा विश्व कप नॉकआउट चरण में सबसे ज्यादा 10 गोल करने वाले खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने ब्राजील के दिग्गज लियोनिदास का 88 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा।

फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ-32 में फ्रांस ने स्वीडन को 3-0 से हराकर अंतिम-16 में जगह बना ली। न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में जीत जितनी खास रही, उससे कहीं ज्यादा चर्चा कप्तान किलियन एमबाप्पे की रही। उन्होंने दो गोल दागकर न सिर्फ टीम को आसान जीत दिलाई, बल्कि विश्व कप इतिहास में एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया जो करीब नौ दशक से कायम था।

फ्रांस ने शुरुआत से ही स्वीडन पर लगातार हमले किए। एमबाप्पे और माइकल ओलीसे के शॉट पोस्ट से टकराए, लेकिन पहले हाफ के अंत में ओस्मान डेम्बेले के पास पर एमबाप्पे ने शानदार गोल कर टीम को बढ़त दिलाई।

दूसरे हाफ में ओलीसे के असिस्ट पर ब्रैडली बारकोला ने स्कोर 2-0 किया। इसके बाद एक बार फिर ओलीसे ने एमबाप्पे को मौका दिया और फ्रांसीसी कप्तान ने मैच का दूसरा तथा विश्व कप 2026 का छठा गोल दाग दिया।

इसी गोल के साथ एमबाप्पे फीफा विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों में 10 गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने ब्राजील के महान खिलाड़ी लियोनिदास के आठ गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यह रिकॉर्ड 1938 विश्व कप से चला आ रहा था। ब्राजील के रोनाल्डो नजारियो ने भी विश्वकप नॉकआउट में आठ ही गोल दागे थे।

Kylian Mbappe Breaks 88-Year FIFA World Cup Knockout Record, Closes In On Messi
एमबाप्पे – फोटो : FIFA.COM
विश्व कप नॉकआउट चरण में सबसे ज्यादा गोल
खिलाड़ी देश गोल
किलियन एमबाप्पे फ्रांस 10
लियोनिदास ब्राजील 8
रोनाल्डो ब्राजील 8
ओल्ड्रिनेजेडली चेकोस्लोवाकिया 7
पेले ब्राजील 7

अब मेसी के रिकॉर्ड पर नजर
एमबाप्पे के नाम अब विश्व कप इतिहास में कुल 18 गोल हो गए हैं। वह अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी लियोनल मेसी के 19 गोल से सिर्फ एक गोल पीछे हैं। अब फ्रांस का मुकाबला पराग्वे से राउंड ऑफ-16 में है और एमबाप्पे के पास इस रिकॉर्ड की बराबरी या उसे पार करने का सुनहरा मौका होगा। सिर्फ गोल ही नहीं, एमबाप्पे का विश्व कप में प्रदर्शन लगातार असाधारण रहा है। उन्होंने सिर्फ 18 विश्व कप मैचों में 18 गोल दागे हैं, यानी लगभग हर मैच में एक गोल का औसत।

गोल्डन बूट की दौड़ भी रोमांचक
स्वीडन के खिलाफ दो गोल करने के बाद एमबाप्पे गोल्डन बूट की रेस में भी संयुक्त रूप से शीर्ष पर पहुंच गए हैं। उनके और लियोनल मेसी, दोनों के छह-छह गोल हैं। नॉर्वे के एरलिंग हालैंड पांच गोल के साथ तीसरे स्थान पर हैं, जबकि ओस्मान डेम्बेले और विनीसियस जूनियर चार-चार गोल के साथ उनके पीछे हैं।

फीफा विश्व कप 2026 गोल्डन बूट रेस
खिलाड़ी देश गोल
किलियन एमबाप्पे फ्रांस 6
लियोनल मेसी अर्जेंटीना 6
एरलिंग हालंद नॉर्वे 5
ओस्मान डेम्बेले फ्रांस 4
विनीशियस जूनियर ब्राजील 4

डिडिएर डेशां ने भी रचा इतिहास
फ्रांस की इस जीत के साथ मुख्य कोच डिडिएर डेशां ने भी एक बड़ा कीर्तिमान बना दिया। वह फीफा विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा 18 जीत दर्ज करने वाले मैनेजर बन गए। उन्होंने जर्मनी के हेल्मुट शोन (16 जीत) को पीछे छोड़ दिया। इस सूची में लुइज फेलिपे स्कोलारी (14), मारियो जगालो (13) और जोआखिम लो (12) भी शामिल हैं।

विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा जीत वाले कोच
कोच जीत
डिडिएर डेशां 18
हेल्मुट शोन 16
लुइज फेलिपे स्कोलारी 14
मारियो जगालो 13
जोआखिम लो 12
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