Sunday, June 28, 2026
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NATIONAL : बिल का विरोध करने वालों की अब खैर नहीं, जनता के बीच खुलेगा विपक्ष का काला चिट्ठा, NDA ने बनाया खतरनाक प्लान

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लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के संसदीय चुनावों से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया. सदन में ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े.

संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 के गिर जाने के बाद सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के फ्लोर लीडर्स ने शुक्रवार को संसद में एक अहम बैठक की. सूत्रों के अनुसार, बैठक में यह तय किया गया कि सदस्य महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति विपक्ष के विरोध का मुद्दा उठाएंगे. इस घटनाक्रम के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए विरोध प्रदर्शन, प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे देश में लोगों तक यह संदेश पहुंचाया जाएगा.

इस बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय ये लिया गया कि विपक्ष के जिन सांसदों ने इस बिल का सदन में विरोध किया था, उनके निर्वाचन इलाक़ों में एनडीए विरोध प्रदर्शन करेगा. इस बैठक में नितिन नवीन, जेपी नड्डा अनुप्रिया पटेल सहित एनडीए के सारे वरिष्ठ नेता शामिल थे. सरकार ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026; केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 और परिसीमन विधेयक, 2026 को पेश करने और उन पर चर्चा करने के लिए संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया था.

गुरुवार को लोकसभा में पेश किए गए और दो दिनों तक जिन पर चर्चा हुई, उन प्रस्तावों में ‘हाउस ऑफ द पीपल’ (लोकसभा) के आकार को बढ़ाने का सुझाव दिया गया. साथ ही, 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करने और इस परिसीमन के आधार पर महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने का प्रावधान किया गया. ‘केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) कानून विधेयक’ का उद्देश्य पुडुचेरी, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के मामलों में भी इसी तरह के प्रावधानों को लागू करना था.

NATIONAL : ‘प्रियंका गांधी से सीखिए…’ अमित शाह ने संसद में बर्ताव को लेकर राहुल गांधी को दी नसीहत

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संसद में राहुल गांधी की स्पीच पर अमित शाह ने कहा कि यह आपकी जिम्मेदारी है कि इस सदन की गरिमा को पूरी दुनिया में बनाए रखें. जिस तरह की भाषा का आपने इस्तेमाल किया, वह सदन की गरिमा को नुकसान पहुंचाएगा.

संसद में गरमा-गरम बहस के बीच महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल लोकसभा में गिर गया. इस दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाया तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जबरदस्त तरीके से पलटवार किया. अमित शाह ने तंज कसते हुए कहा कि उनको (राहुल) बोलने की कला प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अपने सीनियर्स से सीखनी चाहिए.

गृह मंत्री ने राहुल गांधी पर संस्थाओं को कमजोर करने और उकसाने वाले बयान देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘भाषा केवल भावनाओं को ही व्यक्त न करें. सदन में बोलने की कला अपने सीनियर्स से सीखिए. और यदि कोई सीनियर नहीं है तो प्रियंका गांधी ही सीनियर हैं- उनसे सीखिए’.संसद में राहुल की स्पीच पर अमित शाह ने कहा, ‘मैं विपक्ष के नेता का भाषण सुन रहा था. यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप इस सदन की गरिमा को पूरे देश और दुनिया में बनाए रखें. जिस तरह की भाषा का आपने इस्तेमाल किया, वह उस गरिमा को नुकसान पहुंचाएगा.’

राहुल के बयान का जिक्र करते हुए शाह ने कहा, ‘यह कैसी भाषा है- आप कायर हो, आप आत्मसमर्पण कर रहे हो, आप मुझसे डरते हो? क्या विपक्ष के नेता को इस तरह व्यवहार करना चाहिए? देश सुन रहा है… और आप तथा आपकी पार्टी का आकलन किया जा रहा है.’इससे पहले सदन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा, ‘यह महिला आरक्षण बिल महिलाओं को सशक्त नहीं बनाएगा. यह शेमफुल कानून है. पुराना कानून लाओ, हम समर्थन देंगे. यह सिर्फ भारत के निर्वाचन क्षेत्र के नक्शे को बदलने के लिए है. भारत के इतिहास में यह सबसे कड़वा सच है. मैं इसके बारे में सब जानता हूं. यह ओबीसी, दलित वर्गों के लिए क्रूरता वाला बिल है. सभी जानते हैं कि ओबीसी, दलित और महिलाओं के साथ क्या होता है. केंद्र ओबीसी वर्गो के भाई बहनों से अधिकार छीनना चाहती है. वे संविधान के ऊपर मनुवाद हावी करना चाहते हैं’.

इसके बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा- संशोधन विधेयक गिर गया. उन्होंने महिलाओं के नाम पर संविधान को तोड़ने के लिए असंवैधानिक तरकीब का इस्तेमाल किया. भारत ने देख लिया. INDIA ने रोक दिया. जय संविधान.महिला आरक्षण संशोधन बिल पर प्रियंका गांधी ने सरकार को घेरा था. उन्होंने कहा, ‘पीएम मोदी के भाषण से ऐसा लगा कि भाजपा ही महिला आरक्षण के चैंपियन प्रस्तावक और सबसे बड़े समर्थक रहे हैं. इनके पूरे भाषण में यही बात थी जबकि ये कह रहे थे कि इन्हें इसका श्रेय नहीं चाहिए.

महिलाओं के सिक्स्थ सेंस का जिक्र करते हुए प्रियंका ने कहा, ‘कोई भी महिला ये बतला देगी कि बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं झट से पहचान लेती हैं .थोड़ी सावधानी बरत लीजिए, पकड़े जाएंगे’.बता दें कि महिला आरक्षण से जुड़े 131वां संविधान संशोधन बिल पारित कराने के लिए लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी, लेकिन यह बिल जरूरी आंकड़े से 54 वोट पीछे रह गया. इस बिल पर कुल 528 वोट पड़े. वोटिंग के आंकड़ों के हिसाब से यह संविधान संशोधन बिल पारित कराने के लिए सरकार को 352 वोट की जरूरत थी, लेकिन इसके पक्ष में 298 वोट ही पड़े.

इस बिल के संसद में गिर जाने के बाद बीजेपी की महिला सांसदों ने मकर द्वार पर प्रोटेस्ट किया. पार्टी ने अब इसे लेकर 18 अप्रैल से राष्ट्रव्यापी प्रोटेस्ट का ऐलान कर दिया है.

BUSINESS : भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 3.82 अरब डॉलर बढ़कर 700 अरब डॉलर के पार – आरबीआई

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा शुक्रवार को जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 10 अप्रैल को समाप्त सप्ताह के लिए भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 3.825 बिलियन डॉलर बढ़कर 700.946 बिलियन डॉलर हो गया।

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) द्वारा शुक्रवार को जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 10 अप्रैल को समाप्त सप्ताह के लिए भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 3.825 अरब डॉलर बढ़कर 700.946 अरब डॉलर हो गया । यह देश के विदेशी मुद्रा भंडार में निरंतर सुधार का संकेत है, जो 3 अप्रैल को समाप्त पिछले सप्ताह में पहले ही 9.063 अरब डॉलर बढ़कर 697.121 अरब डॉलर हो गया था। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार इस वर्ष फरवरी के अंत में 728.494 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि, मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनावों के कारण रुपये पर दबाव पड़ने से अगले सप्ताहों में इसमें गिरावट आई, जिसके चलते केंद्रीय बैंक को डॉलर की बिक्री के माध्यम से मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करना पड़ा

भंडार में हालिया वृद्धि मुख्य रूप से विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (एफसीए) में वृद्धि के कारण हुई, जो कुल भंडार का सबसे बड़ा घटक है। रिपोर्टिंग सप्ताह के दौरान ये परिसंपत्तियां 3.127 बिलियन डॉलर बढ़कर 555.983 बिलियन डॉलर हो गईं।विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं के उतार-चढ़ाव का प्रभाव शामिल है, जो भंडार का हिस्सा हैं और विनिमय दर में बदलाव के साथ घट-बढ़ सकती हैं।

इसके अलावा, केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार, सोने के भंडार के मूल्य में भी 601 मिलियन डॉलर की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 121.343 बिलियन डॉलर हो गया।आरबीआई के आंकड़ों से यह भी पता चला कि सप्ताह के दौरान विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 56 मिलियन डॉलर बढ़कर 18.763 बिलियन डॉलर हो गया.इसी बीच, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास भारत की आरक्षित स्थिति 41 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.857 बिलियन डॉलर हो गई।
विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार वृद्धि को अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जाता है, क्योंकि यह बाहरी झटकों से सुरक्षा प्रदान करता है और मुद्रा बाजार में स्थिरता बनाए रखने में सहायक होता है।

विदेशी मुद्रा भंडार आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, केंद्रीय बैंक को मुद्रा उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने और सुचारू बाहरी व्यापार सुनिश्चित करने में मदद करता है।मजबूत भंडार स्थिति आरबीआई को अस्थिरता के दौर में रुपये को सहारा देने के लिए मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करने की अनुमति देती है, साथ ही अर्थव्यवस्था में विदेशी मुद्रा के निरंतर प्रवाह को भी दर्शाती है।
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WORLD : पाकिस्तान की नई करतूत का खुलासा, ISI भारतीय किशोरों की कर रहा भर्ती, रेलवे स्टेशन व शहर निशाने पर…

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आप्रेशन सिंदूर में बुरी तरह से मार खाने के बाद भी पाकिस्तान भारत के खिलाफ साजिशें रचने से बाज नहीं आ रहा है। आए दिन किसी न किसी नए तरीके से साजिशों को अंजाम देने में लगा रहता है। सूत्रों के अनुसार अब पाक की खुफिया एजैंसी ISI के भारत भर में उभरते हुए हाइब्रिड जासूसी मॉड्यूल का खुलासा हुआ है, जिसमें ISI जासूसी कार्यों के लिए 16-17 वर्ष के किशोरों की भर्ती कर रही है। इसका भारत में मुख्य लक्षित क्षेत्र रेलवे, रक्षा स्थल, सार्वजनिक केंद्र और शहरी अवसंरचना है।

इस रणनीति में खासकर कमजोर किशोरों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जो नशे के आदी या आर्थिक रूप से कमजोर हैं। किशोरों की भर्ती के दौरान उनको तुरंत नकद भुगतान, नशीली दवाओं की सहायता दी जा रही है। इस तरह की भर्ती जिसे मेरठ मॉड्यूल केस स्टडी के रूप में अंजाम दिया गया था, का मास्टरमाइंड सुहैल मलिक था, जो 21 सदस्यों का नैटवर्क चलाता था, जिसमें 9 किशोर शामिल थे। इनकी मुख्य गतिविधियों में संवेदनशील स्थलों (दिल्ली, सोनीपत रेलवे स्टेशन, सुरक्षा क्षेत्र) पर सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाना शामिल था। जिन्होंने पाकिस्तान स्थित संचालकों को लाइव निगरानी फीड उपलब्ध कराई।

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले दिल्ली पुलिस के स्पैशल सैल द्वारा कई राज्यों की तरह कठुआ में भी सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों पर सोलर सी.सी.टी.वी. लगाने के षड्यंत्र में शामिल होने का खुलासा भी हुआ था।

NATIONAL : राहुल गांधी के ‘प्रधानमंत्री और मुझे पत्नी से संबंधित कोई समस्या नहीं है’ वाले बयान पर लोकसभा में हंसी का माहौल छा गया।

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महिला आरक्षण कानून और परिसीमन से संबंधित विधेयकों पर बहस में भाग लेते हुए श्री गांधी ने कहा कि सदन के सभी सदस्यों का व्यक्तित्व महिलाओं द्वारा ही गढ़ा गया है।लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 17 अप्रैल, 2026 को नई दिल्ली में संसद के विशेष सत्र के दौरान सदन में भाषण दिया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 17 अप्रैल, 2026 को नई दिल्ली में संसद के विशेष सत्र के दौरान सदन में भाषण देते हुए | फोटो साभार: पीटीआई

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार (17 अप्रैल, 2026) को सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के प्रभाव पर बोलते हुए एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी से सदन में हंसी का माहौल बना दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि न तो उन्हें और न ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “पत्नी की समस्या” है।महिला आरक्षण कानून और परिसीमन से संबंधित विधेयकों पर बहस में भाग लेते हुए, श्री गांधी ने कहा कि सदन के सभी सदस्य महिलाओं – माताओं, बहनों और पत्नियों – द्वारा ही आकारित हुए हैं।

श्री गांधी ने कहा, “इस कमरे में मौजूद हम सभी अपने जीवन में महिलाओं से प्रभावित हुए हैं, उनसे बहुत कुछ सीखा है और उनसे बहुत कुछ प्राप्त किया है – अपनी माताओं, बहनों और पत्नियों से।” उन्होंने आगे कहा, “बेशक, प्रधानमंत्री और मेरे जीवन में पत्नी का मुद्दा नहीं है, इसलिए हमें उस तरह का अनुभव नहीं मिलता, लेकिन हमारे पास हमारी माताएं और बहनें हैं।”

उन्होंने यह टिप्पणी संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की उस हल्के-फुल्के बयान का जिक्र करते हुए की, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें (श्री रिजिजू को) घर पर डांट पड़ी क्योंकि उन्होंने केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की तरह अपनी पत्नी के लिए कविता नहीं लिखी थी।विपक्ष के नेता ने अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के उस भाषण की भी प्रशंसा की, जिसे सुनकर गृह मंत्री अमित शाह हंस पड़े थे।

“कल मैं अपनी बहन को वह कर दिखाते हुए देख रहा था जो मैं अपने 20 साल के राजनीतिक करियर में नहीं कर पाया – अमित शाह जी को मुस्कुराने पर मजबूर करना,” श्री गांधी ने कहा, जिससे सदन में हंसी गूंज उठी।

BUSINESS : होर्मुज खुलते ही 10% गिर गए कच्चे तेल के दाम, पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर आई बड़ी खबर

होर्मुज स्ट्रेट के खुलते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में अचानक हलचल मच गई। शुक्रवार शाम को होर्मुज़ स्ट्रेट के दोबारा खुलने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 10 फीसदी तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। दुनिया के कुल तेल सप्लाई का लगभग 20% हिस्सा इसी रास्ते से…

नेशनल डेस्क : होर्मुज़ स्ट्रेट के खुलते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में अचानक हलचल मच गई। शुक्रवार शाम को होर्मुज़ स्ट्रेट के दोबारा खुलने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 10 फीसदी तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। दुनिया के कुल तेल सप्लाई का लगभग 20% हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।

हालांकि, ताजा संकेतों में यह स्पष्ट हुआ कि मार्ग पूरी तरह खुला है और जहाजों की आवाजाही सामान्य बनी हुई है. इससे सप्लाई बाधित होने का खतरा कम हुआ और बाजार में घबराहट घटने के साथ ही कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई.ब्रेंट क्रूड की कीमतें गिरकर करीब 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गईं, जबकि WTI क्रूड भी फिसलकर 8386 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में आ गया।

शुक्रवार शाम को होर्मुज स्ट्रेट के खुलते ही कच्चे तेल के दाम 10 फीसदी नीचे गिर गए। इसी के साथ पेट्रोल-डीजलों के दाम में घट सकते है। बता दें कि ईस्ट मिडिल जंग का असर एलपीजी, पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ा था और कंपनियों ने दाम बढ़ा दिए थे।

बाजार के जानकारों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों की दिशा अब पूरी तरह से भूराजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। यदि तनाव और कम होता है तो कीमतों में और गिरावट संभव है, लेकिन किसी भी नए विवाद से बाजार में फिर उछाल आ सकता है। माना जा रहा है कि इस फैसले के बाद सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी तेजी देखी जा सकती है। वहीं पेंट्स बनाने और टायर बनाने वाली कंपनियों के शेयर में तेजी दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा तेल कंपनियों के शेयरों में भी हलचल देखी जा सकती है।

WORLD : होर्मुज जलडमरूमध्य सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए ‘पूरी तरह से खुला’ है: ईरान

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ईरान ने शुक्रवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए ‘‘पूरी तरह से खुला’’ है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कदम का स्वागत किया है।ट्रंप ने हालांकि कहा कि ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी तब तक ‘‘पूरी ताकत’’ के साथ जारी रहेगी जब तक तेहरान युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका के साथ समझौता नहीं कर लेता।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘लेबनान में हुए संघर्षविराम के मद्देनजर, होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए मार्ग युद्धविराम की शेष अवधि के लिए पूरी तरह से खुला घोषित किया गया है।’’अराघची ने हालांकि कहा कि जहाजों को ईरान के बंदरगाह और समुद्री संगठन द्वारा ‘‘पहले से घोषित मार्ग’’ पर ही चलना होगा।इसके कुछ मिनट बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में इस घोषणा को साझा किया।

इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से खोलने की घोषणा राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लेबनान और इजराइल के बीच 10 दिवसीय संघर्षविराम की घोषणा किए जाने के एक दिन बाद की गई है।दक्षिणी लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने मध्यरात्रि के बाद से कोई हवाई हमला नहीं देखा है, लेकिन उन्होंने इजराइली सेना पर दक्षिणी लेबनान में हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने और गोलाबारी करने का आरोप लगाया।

इस मामले में इजराइली सेना ने तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की।इस बीच ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘ईरान ने अभी-अभी घोषणा की है कि ईरान जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला है और आवागमन के लिए पूरी तरह से तैयार है। धन्यवाद!’’अमेरिका और इजराइल के साथ संघर्ष के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से अवरुद्ध कर दिया था, जिससे वैश्विक ईंधन आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई थी।

ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य ‘‘पूरी तरह से खुला है और व्यापार एवं आवागमन के लिए तैयार है, लेकिन ईरान के संबंध में नौसैनिक नाकेबंदी तब तक पूरी तरह से लागू रहेगी जब तक ईरान के साथ हमारा समझौता शत प्रतिशत पूरा नहीं हो जाता। यह प्रक्रिया बहुत तेजी से आगे बढ़नी चाहिए क्योंकि ज्यादातर बिंदुओं पर पहले ही बातचीत हो चुकी है।’’

उन्होंने कहा कि ईरान, अमेरिका की मदद से होर्मुज जलडमरूमध्य से सभी समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान ने ‘‘होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर कभी बंद न करने पर सहमति जताई है। इसका इस्तेमाल अब दुनिया के खिलाफ हथियार के रूप में नहीं किया जाएगा।’’ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ हुआ समझौता लेबनान से किसी भी तरह से जुड़ा हुआ नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हम लेबनान को फिर से महान बनाएंगे!’’

यह घटनाक्रम पाकिस्तान के रक्षा बलों के प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर द्वारा तेहरान में शीर्ष ईरानी नेतृत्व के साथ वार्ता किए जाने के एक दिन बाद हुआ। यह वार्ता इस्लामाबाद द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को सुलझाने के प्रयासों के तहत हुई।मुनीर ने ईरान में एक उच्चस्तरीय राजनीतिक-सुरक्षा प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। उन्होंने बृहस्पतिवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ और शीर्ष रिवोल्यूशनरी गार्ड कमांडरों से मुलाकात की थी।

गालिबफ ने सप्ताहांत में अमेरिका के साथ वार्ता के लिए पाकिस्तान गए ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था। उन्होंने अमेरिका से लेबनान में किसी भी शांति समझौते के प्रति प्रतिबद्ध होने का आग्रह किया है।ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘इरना’ के अनुसार, मुनीर ने रिवोल्यूशनरी गार्ड के खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय का भी दौरा किया, जहां उन्होंने इसके कमांडर से मुलाकात की।

तेहरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, बैठक के दौरान, उन्होंने आईआरजीसी के कमांडर के साथ युद्ध समाप्त करने के ढांचे के तहत उठाए गए कदमों और तेहरान में हुई हाल की वार्ता पर चर्चा की।

इसने कहा कि दोनों पक्षों ने क्षेत्र की स्थिति और शांति एवं स्थिरता की संभावनाओं पर चर्चा की।मुनीर ने इस बात पर जोर दिया कि युद्ध को समाप्त करने के लिए प्रयास जारी रहने चाहिए।इस्लामाबाद में सूत्रों ने बताया कि मुनीर ने ईरान और अमेरिका को इस्लामाबाद में वार्ता के दूसरे दौर के लिए बातचीत की मेज पर लाने के लिए विस्तृत चर्चा की।

इस संबंध में एक पाकिस्तानी सूत्र ने कहा, ‘‘आगे की बातचीत से पहले भरोसा बढ़ाने के एक कदम के रूप में, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर सहमति जताई।’’अमेरिकी मीडिया की खबर के अनुसार, ईरान परमाणु पदार्थ को लेकर अमेरिका की चिंताओं को दूर करने के लिए तैयार है और बदले में, अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण अटके हुए अपने 20 अरब अमेरिकी डॉलर प्राप्त करना चाहता है।

अमेरिका में यह भी खबर आ रही है कि बातचीत का दूसरा दौर संभवतः रविवार को ही आयोजित किया जा सकता है। अधिकारियों ने हालांकि कहा कि बातचीत अगले सप्ताह होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि अगले दौर की बातचीत का समय और स्थान अभी तक तय नहीं हुआ है।

अमेरिका और ईरान ने सप्ताहांत में संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से पाकिस्तान में वार्ता की थी, लेकिन गत रविवार सुबह बिना किसी समझौते के वार्ता समाप्त हो गई थी।

इस बीच, पाकिस्तान ने अगले सप्ताह अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली महत्वपूर्ण वार्ता के दूसरे दौर की मेजबानी की तैयारी शुरू कर दी है।पाकिस्तान में आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर वापस लाने के लिए गहन राजनयिक प्रयास किए गए।सूत्रों ने बताया कि ये प्रयास सफल रहे क्योंकि दोनों पक्ष दो सप्ताह के अस्थायी युद्धविराम का पालन कर रहे हैं, जिससे पाकिस्तान को मध्यस्थता के अपने प्रयासों को फिर से शुरू करने का मौका मिल गया है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बुधवार को तीन देशों के दौरे पर रवाना हुए थे जबकि फील्ड मार्शल मुनीर तेहरान के लिए रवाना हुए थे।सऊदी अरब और कतर के नेताओं के साथ चर्चा के बाद, शहबाज बृहस्पतिवार की रात तुर्किये पहुंचे, जहां उन्होंने शुक्रवार को ट्रंप के अरब और अफ्रीकी मामलों के वरिष्ठ सलाहकार मसाद बोलोस से मुलाकात की।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि प्रधानमंत्री शहबाज और बोलोस ने ‘‘क्षेत्रीय घटनाक्रम पर चर्चा की, जिसमें पाकिस्तान के शांति प्रयासों पर भी बात हुई, जिनके कारण युद्धविराम हुआ और इसके साथ ही ऐतिहासिक इस्लामाबाद वार्ता पर भी चर्चा हुई।’’

पाकिस्तान के अधिकारियों के अनुसार, वार्ता के दूसरे दौर की तैयारियां ‘‘इस्लामाबाद और पड़ोसी रावलपिंडी में शुरू हो गई हैं क्योंकि बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक कर्मी अन्य प्रांतों से आने लगे हैं।’’ऐसी भी खबरें हैं कि इस्लामाबाद और रावलपिंडी जिलों के अधिकारियों ने परिवहन कंपनियों से संपर्क कर उन्हें सूचित किया है कि अन्य शहरों से आने वाले यातायात को भारी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक संदेश के अनुसार ये प्रतिबंध अगले सप्ताह के अंत तक जारी रह सकते हैं। इसमें नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे अगले सप्ताह अनावश्यक यात्रा से बचें या पहले से ही योजना बना लें।शांति समझौते की संभावनाओं को तब और बल मिला जब राष्ट्रपति ट्रंप ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों से कहा कि अगर ईरान के साथ समझौता हो जाता है तो वह इस्लामाबाद की यात्रा कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया था कि तेहरान ने वर्तमान में बातचीत के तहत ‘‘लगभग सबकुछ’’ स्वीकार कर लिया है।

नेवादा और एरिजोना के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने व्हाइट हाउस के लॉन में पत्रकारों से कहा, ‘‘अगर इस्लामाबाद में कोई समझौता हो जाता है, तो मैं जा सकता हूं…वे मुझे चाहते हैं।’’यह संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ था, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई शीर्ष कमांडर मारे गए।

NATIOANL : लोकसभा में गिरा महिला आरक्षण विधेयक, सरकार नहीं जुटा पाई दो तिहाई बहुमत

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शुक्रवार को विधेयक पर मतदान करने वाले लोक सभा के 528 सदस्यों में से 298 सदस्यों ने इसका समर्थन किया जबकि 230 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान कियाविपक्ष के साथ सरकार के संवाद की तमाम कोशिशों के बावजूद वर्ष 2029 तक विधायिका में महिला आरक्षण लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार शाम लोक सभा में पारित नहीं हो सका।

इसके लिए अंतिम समय तक प्रयास किया गया लेकिन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और कांग्रेस, समाजवादी पार्टी तथा अन्य दलों के नेताओं के बीच इसे लेकर किसी समझौते पर सहमति नहीं बन सकी।शुक्रवार को विधेयक पर मतदान करने वाले लोक सभा के 528 सदस्यों में से 298 सदस्यों ने इसका समर्थन किया जबकि 230 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया। इसे पारित कराने के लिए सरकार को दो-तिहाई बहुमत यानी 352 वोटों की आवश्यकता थी।

इस 131वें संविधान संशोधन विधेयक के पराजित होने के बाद, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने दो संबंधित साधारण विधेयकों परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक को वापस ले लिया।

इनका उद्देश्य दिल्ली, पुदुच्चेरी और जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेशों में प्रस्तावित संशोधित महिला आरक्षण कानून को लागू करना था। ये तीनों विधेयक गुरुवार सुबह लोक सभा में पेश किए गए थे, जो संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र का पहला दिन था, और यह विस्तारित बजट सत्र का हिस्सा था। संविधान संशोधन विधेयक के पराजित होने के बाद शनिवार को संसद के स्थगित होने की उम्मीद है।

सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने शुक्रवार शाम विधेयक के विफल होने के बाद हुई बैठक में यह घोषणा की कि वह एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करेगा ताकि महिलाओं को यह बताया जा सके कि विपक्षी दलों ने उन्हें प्रतिनिधित्व देने के प्रधानमंत्री के प्रयास को रोककर ‘पाप’ किया है। बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री मोदी ने की।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाला राजग इसे अपने आगामी विधान सभा चुनाव अभियान का केंद्रीय मुद्दा बनाएगा। पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को तथा तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होना है।

NATIONAL : महिला आरक्षण से संबद्ध संविधान संशोधन विधेयक पारित न होने पर शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधा

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वर्ष 2029 के संसदीय चुनाव से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए लाए गए संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने पर कांग्रेस और उसके सहयोगियों की आलोचना करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि उनकी मानसिकता न…

नेशनल डेस्क : वर्ष 2029 के संसदीय चुनाव से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए लाए गए संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने पर कांग्रेस और उसके सहयोगियों की आलोचना करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि उनकी मानसिकता न तो महिलाओं के हित में है और न ही देश के हित में। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के संसदीय चुनाव से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया।

लोकसभा में ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, पर मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। विधेयक पर मत विभाजन में 528 सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस विधेयक को पारित करने के लिए जरूरी दो तिहाई बहुमत के हिसाब से 352 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता थी। शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के बिल को गिरा देना, उसका उत्साह मनाना और जयनाद करना सचमुच निंदनीय और कल्पना से परे है।” उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ”आज लोकसभा में बहुत अजीब दृश्य दिखा। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जरूरी संविधान संशोधन विधेयक को कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और समाजवादी पार्टी ने पारित नहीं होने दिया।”

शाह ने कहा, ”अब देश की महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण, जो उनका अधिकार था, वह नहीं मिल पाएगा। कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने यह पहली बार नहीं किया, बल्कि बार-बार किया है। उनकी यह सोच न महिलाओं के हित में है और न देश के।” उन्होंने कहा, ”मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि नारी शक्ति के अपमान की यह बात यहाँ नहीं रुकेगी, दूर तक जाएगी। विपक्ष को ‘महिलाओं का आक्रोश’ न सिर्फ 2029 लोकसभा चुनाव में, बल्कि हर स्तर, हर चुनाव और हर स्थान पर झेलना पड़ेगा।”

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ”देश की आधी आबादी, 70 करोड़ महिलाओं को धोखा देने और उनका विश्वास खोने के बाद कोई कैसे विजय का जश्न मना सकता है? विपक्ष का यह जश्न हर उस महिला का अपमान है, जो दशकों से अपने अधिकार का इंतजार कर रही है। कांग्रेस और उसके सहयोगी कितनी बार महिलाओं के साथ विश्वासघात करेंगे?” उन्होंने कहा, ”कई बार विजय जैसी प्रतीत होने वाली अहंकार की खुशी, असलियत में छिपी हुई एक बड़ी पराजय होती है, जिसे कुछ लोग समझ नहीं पाते।”

NATIONAL : राहुल गांधी पर FIR दर्ज करने का आदेश, दोहरी नागरिकता केस में बढ़ी मुश्किलें

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दोहरी नागरिकता के मामले में कांग्रेस नेता और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी को लेकर बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है कि इस मामले में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की जाए.

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि रायबरेली में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की जाए. यह मामला उनकी ब्रिटिश नागरिकता से जुड़ा है. यानी सवाल यह है कि क्या राहुल गांधी के पास भारत के साथ-साथ ब्रिटेन की भी नागरिकता है. और अगर है, तो क्या वो भारत के सांसद बन सकते हैं?

बीजेपी नेता विग्नेश शिशिर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में एक याचिका दाखिल की थी. उनकी मांग थी कि राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की जाए क्योंकि उन पर आरोप है कि उनके पास ब्रिटेन की नागरिकता है.आरोप यह है कि राहुल गांधी के पास दोहरी नागरिकता है. यानी वो एक तरफ भारतीय नागरिक हैं, और दूसरी तरफ ब्रिटिश नागरिक भी हैं. भारत का कानून कहता है कि एक व्यक्ति के पास सिर्फ एक देश की नागरिकता हो सकती है. अगर किसी के पास दोहरी नागरिकता है, तो वो भारत में चुनाव नहीं लड़ सकता और न ही सांसद बन सकता है.

2024 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी रायबरेली सीट से सांसद चुने गए. इसके बाद विग्नेश शिशिर ने कोर्ट में याचिका लगाई कि अगर राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता है, तो उनका सांसद बनना गैरकानूनी है.जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की बेंच ने याचिका सुनी और FIR दर्ज करने का आदेश दे दिया. कोर्ट ने रायबरेली थाने को निर्देश दिया कि वो राहुल गांधी के खिलाफ केस दर्ज करे. इसके अलावा कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की यह मांग भी मान ली कि इस मामले की जांच CBI को सौंपी जाए.

विग्नेश शिशिर ने अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने इस मामले से जुड़ी टॉप सीक्रेट फाइलें कोर्ट के सामने पेश करने की अनुमति दी. उनका कहना है कि इन्हीं फाइलों की वजह से कोर्ट ने यह फैसला दिया.

अब CBI इस मामले की जांच करेगी. FIR दर्ज होने के बाद जांच एजेंसी यह पता लगाएगी कि राहुल गांधी के पास सच में ब्रिटिश नागरिकता है या नहीं. विग्नेश शिशिर ने यह भी कहा है कि वो जांच में पुलिस की मदद करेंगे.

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