Sunday, September 20, 2026
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NATIONAL : अब पीएम मोदी के साथ करेंगे काम… पूर्व RBI गवर्नर शक्तिकांत दास PM के प्रधान सचिव नियुक्त

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भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दूसरा प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री के कार्यकाल तक या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। दास ने सिविल सेवक के रूप में वित्त, कराधान, निवेश और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में मुख्य रूप से काम किया है।

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘प्रधान सचिव-2’ नियुक्त हुए हैं। सरकारी सूचना के अनुसार, यह नियुक्ति प्रधानमंत्री के कार्यकाल तक या अगले आदेश तक जारी रहेगी। यह नियुक्ति प्रधानमंत्री के साथ उनके कार्यकाल जितनी रहेगी या फिर जब तक कोई नया आदेश ना आए।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास को शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दूसरा प्रधान सचिव नियुक्त किया गया। गुजरात कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी पी के मिश्रा इस समय प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव के रूप में कार्यरत हैं।एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, तमिलनाडु कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दास का कार्यकाल प्रधानमंत्री के कार्यकाल तक या अगले आदेश तक होगा।

NATIONAL : कलपक्कम की कामयाबी से बदलेगा भारत का ऊर्जा भविष्य, अब थोरियम से बनेगी ‘पावर सुपरपावर’!

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भारत में 8.18 गीगावाट परमाणु ऊर्जा की उत्पादन क्षमता को 2047 तक 12 गुना बढ़ाकर 100 गीगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य है। परमाणु ऊर्जा के लिए सरकार ने ‘शांति’ विधेयक में निजी क्षेत्रों को इस क्षेत्र के लिए प्रोत्साहित किया है।

पश्चिम एशिया संघर्ष से पैदा हुए हालात के बीच वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। पीएनजी, सीबीजी के बाद परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी भारत ने एक और कदम आगे बढ़ाया है। कलपक्कम में परमाणु संयंत्र (फास्ट ब्रीडर रिएक्टर) में ऊर्जा उत्पादन के लिहाज से मिली सफलता के बाद विशेषज्ञों की निगाहें तीसरे चरण पर टिकी है। आगामी चरण में बिजली उत्पादन के लिए थोरियम का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसका भारत में पर्याप्त भंडार है। खास बात यह है कि इस चरण में ईंधन के उत्पादन के लिए जितनी ऊर्जा का इस्तेमाल होगा, उससे अधिक उत्पादन बढ़ेगा। इससे देश में ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा मिलने के साथ ही आत्मनिर्भरता की तरफ और तेजी से कदम बढ़ेंगे।

भारत ने इस दिशा में एक मुकाम हासिल किया है
फिलहाल भारत में 8.18 गीगावाट परमाणु ऊर्जा की उत्पादन क्षमता को 2047 तक 12 गुना बढ़ाकर 100 गीगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य है। परमाणु ऊर्जा के लिए सरकार ने ‘शांति’ विधेयक में निजी क्षेत्रों को इस क्षेत्र के लिए प्रोत्साहित किया है। दुनिया में रणनीतिक तौर पर परमाणु ऊर्जा की क्षमता के लिए रूस के बाद भारत ने इस दिशा में एक मुकाम हासिल किया है। परमाणु ऊर्जा के लिए प्रौद्योगिकी को वैज्ञानिक तौर पर सत्यापित करने के बाद इसे वाणिज्यिक तौर पर अपनाने का लक्ष्य है। तमिलनाडु के कलपक्कम में 500 मेगावट के स्वदेशी प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) ने 2026 में सतत नाभिकीय शृंखला अभिक्रिया (क्रिटिकैलिटी) हासिल कर ली है जो भारत के 3-चरण परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण है।

यह उपलब्धि भारत को आत्मनिर्भर बनाकर, यूरेनियम पर निर्भरता कम करने के साथ ही थोरियम आधारित ऊर्जा भविष्य की तरफ ले जाने में अहम भूमिका होगी। इस नाभिकीय संयंत्रों में ईंधन (यूरेनियम या प्लूटोनियम) का जितना उपयोग किया जाता है, उससे अधिक पैदा करने में सक्षम है। इससे परमाणु ईंधन में आत्मनिर्भरता आएगी। वर्तमान में देश में परमाणु ऊर्जा का योगदान देश के कुल बिजली उत्पादन में करीब तीन फीसद है।

सरकार का लक्ष्य 2047 तक इसे 100 गीगावाट(8.18 गीगावाट) तक बढ़ाते हुए शून्य उत्सर्जन ( नेट जीरो) के लक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण है। इस सफलता से भारत में थोरियम के पर्याप्त भंडार के इस्तेमाल करने का रास्ता साफ हो गया है जो भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर सकता है। दिसंबर 2025 में शांति विधेयक के जरिए सरकार ने निजी कंपनियों को परमाणु संयंत्रों के निर्माण और संचालन में शामिल होने की इजाजत दे दी है।
ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ देबोजित पालित ने बताया कि शांति विधेयक के जरिए कई प्रावधान किए गए हैं। इससे भारतीय निजी कंपनियों को परमाणु रिएक्टर स्थापित करने की इजाजत होगी।

इससे निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां अब मिलकर काम करेंगी और ऊर्जा के लिए कोयला पर निर्भरता कम होगी। परमाणु संयंत्रों से स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन होने की वजह से इससे ऊर्जा क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ेगी। देश में करीब 17000 करोड़ किलोवाट आवर( करीब 550 लाख मेगावाट) ऊर्जा की खपत होती है, जिसमें परमाणु ऊर्जा की भूमिका 8-11 हजार मेगावाट(करीब 3 फीसद) है। इसे बढ़ाकर एक लाख मेगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

भारत में अभी तक पहले चरण के रिएक्टर हैं जबकि कलपक्कम में दूसरे चरण का रिएक्टर बनाया गया जो एक बड़ी उपलब्धि है। तीसरे चरण में थोरियम चाहिए जो भारत के पास सर्वाधिक है जो भारत में प्रचुर मात्रा में है। थोरियम आधारित रिएक्टर से लागत से काफी अधिक ऊर्जा उत्पादन होगा, जिससे घरेलू मांग को आसानी से पूरा किया जा सकेगा। दूसरे चरण की मौजूदा उपलब्धि पहले और तीसरे चरण के बीच सेतू के तौर पर काम करेगा। फास्ट ब्रीडर रिएक्टर में जितना ईंधन डालते हैं, उससे अधिक ऊर्जा का उत्पादन होता है। प्रतिक्रिया के दौरान प्लूटोनियम से थोरियम बनने के क्रम में ऊर्जा की बढ़ोतरी होती है।

भाविनी से जुड़े विशेषज्ञ अलु अनंत ने बताया कि 20 साल से भी अधिक समय तक की मेहनत के बाद यह एतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। उन्होंने बताया कि स्वच्छ ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से यह एतिहासिक कदम है। अगले चरण में थोरियम के इस्तेमाल से काफी फायदा होगा और यह ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से भी अहम होगा।

NATIONAL : पीएम मोदी का सेशेल्स दौरा: स्थानीय लोगों में उत्साह, आजादी की 50वीं सालगिरह पर मुख्य अतिथि होंगे प्रधानमंत्री

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक सेशेल्स की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। यहां वह राष्ट्रीय दिवस के 50वीं समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। इस दौरान स्थानीय लोगों ने उनके आगमन पर खुशी जताते हुए भारत-सेशेल्स संबंधों के और मजबूत होने की उम्मीद जताई।

सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून 2026 तक सेशेल्स की राजकीय यात्रा पर जाएंगे। इस दौरान वह सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर वहां के लोगों में उत्साह का माहौल है। भारतीय समुदाय के सदस्यों ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में प्रधानमंत्री के आगमन पर खुशी जताई।

सेशेल्स के नागरिक ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी के दौरे से पहले सेशेल्स की एक नागरिक ने कहा, ‘हमारी आजादी की 50वीं वर्षगांठ के मौके पर उनका यहां आना हमारे लिए खुशी की बात होगी। हम उनका स्वागत करने के लिए उत्साहित हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारत के साथ हमारे संबंध मजबूत हुए हैं और हम इन्हें आगे भी और मजबूत करना चाहते हैं।’ एक बांग्लादेशी नागरिक ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अच्छे हैं। पड़ोसी देश भारत भी अच्छा है। दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे।

दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होंगे
भारतीय समुदाय के एक सदस्य ने कहा, ‘हमें बेहद खुशी है कि भारत के प्रधानमंत्री यहां आ रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होंगे तथा व्यापार बढ़ेगा। सैन्य और सुरक्षा के क्षेत्र में सेशेल्स हमारे लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार है। यहां बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं, जो सेशेल्स की अर्थव्यवस्था और व्यापार में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। जब दोनों देशों के संबंध मजबूत होते हैं तो हमें बहुत अच्छा लगता है।’

उन्होंने कहा, ‘भारत और सेशेल्स के संबंध हमेशा अच्छे रहे हैं और समय के साथ लगातार मजबूत हुए हैं। भारत की कई कंपनियां यहां विकास कार्यों और विभिन्न सहयोगी परियोजनाओं में योगदान दे रही हैं। दोनों देशों के लोगों के बीच भी बेहद दोस्ताना संबंध हैं।’ प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले 2015 में सेशेल्स गए थे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, सेशेल्स के स्वर्ण जयंती समारोह में भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भी हिस्सा लेंगे।

दौरे के दौरान प्रधानमंत्री राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता भारत-सेशेल्स सहयोग के सभी क्षेत्रों की समीक्षा करेंगे और क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री सेशेल्स की नेशनल असेंबली को भी संबोधित करेंगे। वहीं, भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात करेंगे। भारत और सेशेल्स के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा लोगों के आपसी संबंधों पर आधारित लंबे समय से मजबूत साझेदारी रही है। हिंद महासागर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी के रूप में सेशेल्स, भारत के ‘महासागर’ विजन तथा ग्लोबल साउथ के प्रति भारत की प्रतिबद्धता में विशेष स्थान रखता है।

SPORTS : भारत की तीसरी जीत, बांग्लादेश को 5 विकेट से हराया, सेमीफाइनल की उम्मीदें बरकरार

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भारत ने अपने करो या मरो मैच में बांग्लादेश के खिलाफ शुरुआती 5 ओवरों में 4 कैच छोड़े. बांग्लादेश ने इसका फायदा उठाते हुए 8 विकेट पर 136 रन बनाए. भारत ने 5 विकेट से जीत दर्ज कर महिला टी20 विश्व कप में अपनी उम्मीदों को जीवित रखा. भारत के लिए ओपनर शेफाली वर्मा ने 34 गेंदों पर 53 रन की पारी खेली.

नई दिल्ली. भारतीय टीम ने महिला टी20 वर्ल्ड कप मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश को 5 विकेट से हरा दिया. बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर 136 रन बनाए थे. जवाब में भारतीय टीम ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश किया और महज 16.5 ओवरों में 5 विकेट खोकर 139 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया. भारत की इस जीत की मुख्य सूत्रधार सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा रहीं, जिन्होंने 34 गेंदों में 8 चौकों और 1 छक्के की मदद से 53 रनों की विस्फोटक पारी खेली. मध्यक्रम में जेमिमा रोड्रिग्स ने भी महज 15 गेंदों में 26 रन (3 चौके, 1 छक्का) कूटकर रन गति को बनाए रखा, जबकि कप्तान हरमनप्रीत कौर 13 रन बनाकर नाबाद लौटीं. बांग्लादेश की ओर से रितु मोनी ने सबसे ज्यादा 2 विकेट चटकाए.


चार मैचों में तीसरी जीत के साथ भारत पॉइंट्स टेबल में छह अंकों के साथ दूसरे नंबर पर है. अब उसका सामना रविवार का ऑस्ट्रेलिया से होगा. टूर्नामेंट में अब तक खेले गए चार मैचों में से तीन में जीत हासिल कर भारतीय टीम 6 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरे नंबर पर मजबूती से काबिज हो गई है. सेमीफाइनल की रेस के लिहाज से भारतीय टीम अब बेहद मजबूत स्थिति में है. अब भारतीय टीम का अगला और ग्रुप स्टेज का आखिरी मुकाबला रविवार को टेबल-टॉपर ऑस्ट्रेलिया से होगा. रविवार को होने वाले इस महामुकाबले में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है.

भारतीय टीम का महिला टी20 विश्व कप में लचर क्षेत्ररक्षण का सिलसिला जारी है. बांग्लादेश ने ग्रुप एक के मैच में आठ विकेट पर 136 रन बनाए. इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार में भी खराब क्षेत्ररक्षण भारत के लिए महंगा साबित हुआ और इस मुकाबले में स्थिति और चिंताजनक दिखी. भारतीय खिलाड़ियों ने पावरप्ले में ही चार आसान कैच टपका दिए. कैच छोड़ने वालों में नंदनी शर्मा (दो कैच), यास्तिका भाटिया और राधा यादव शामिल रहीं. राधा ने पिछले मैच में भी दो कैच छोड़े थे. भारतीय फील्डर्स की गलतियों का सबसे अधिक फायदा सलामी बल्लेबाज जुयैरिया फिरदौस को मिला, जिन्हें पांचवें ओवर तक तीन जीवनदान मिले. हालांकि वह इन मौकों का पूरी तरह फायदा नहीं उठा सकीं और 31 गेंदों पर 33 रन बनाकर आउट हो गईं.

पिच पर दौड़ने को लेकर दो बार चेतावनी झेलने वाली नंदनी शर्मा ने बाद में शानदार कैच लेकर फिरदौस को पवेलियन भेजा. फिरदौस और शोभना मोस्तारी (26 गेंद में 22 रन) के बीच दूसरे विकेट के लिए 51 रन की उपयोगी साझेदारी हुई थी. दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद भारत के लिए बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शेष दोनों लीग मैच जीतना लगभग जरूरी हो गया है. टीम हालांकि अब तक टूर्नामेंट में बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण तीनों विभागों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी है. गेंदबाजी में भारत ने इस मैच में रेणुका सिंह ठाकुर को मौका दिया और उन्होंने अपने पहले ही ओवर में सफलता दिलाई. सलामी बल्लेबाज दिलारा अख्तर (चार) पुल शॉट खेलने के प्रयास में आउट हो गईं.

स्पिनरों की मददगार परिस्थितियों का भारत ने भरपूर उपयोग किया. राधा यादव ने गेंद से शानदार वापसी करते हुए 28 रन देकर तीन विकेट लिए. उन्होंने कप्तान निगार सुल्ताना (27 गेंदों पर 32 रन) और शोभना को जल्दी-जल्दी आउट किया. अंतिम ओवर में श्री चरणी ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए सिर्फ तीन रन दिए और दो विकेट भी झटके. ब्रिटेन में इस समय पड़ रही असामान्य गर्मी के कारण स्पिन गेंदबाजों को अपेक्षाकृत अधिक मदद मिल रही है. इसी को ध्यान में रखते हुए भारत ने भी बांग्लादेश की पारी के दौरान मुख्य रूप से स्पिन गेंदबाजों पर भरोसा किया. फील्डर्स के चार कैच छोड़ने के अलावा भारतीय गेंदबाजों ने सात वाइड और तीन नो-बॉल भी फेंकीं.

Mobile Phone: चलते-चलते मोबाइल देखना बन रहा वैश्विक खतरा, बढ़ रहे हादसे; जापान से भारत-US तक बढ़ी चिंता

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चलते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल दुनिया भर में पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार स्क्रीन पर ध्यान केंद्रित रहने से आसपास की गतिविधियों पर नजर कम हो जाती है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं, टकराव और गिरने जैसी घटनाओं का जोखिम बढ़ता है। जापान समेत कई देशों में ऐसे मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

सड़क पर चलते हुए मोबाइल फोन देखना अब केवल एक खराब आदत नहीं, बल्कि वैश्विक सार्वजनिक सुरक्षा संकट के रूप में उभर रहा है। जापान, भारत, अमेरिका, दक्षिण कोरिया और यूरोप के कई देशों में मोबाइल स्क्रीन में डूबे पैदल यात्रियों से जुड़े हादसों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्मार्टफोन उपयोग के कारण लोगों की सतर्कता और देखने की क्षमता प्रभावित होती है, जिससे टक्कर, गिरने और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

जापान टुडे के अनुसार हाल ही में जापान की राजधानी टोक्यो के व्यस्त इकेबुकुरो रेलवे स्टेशन पर 78 वर्षीय महिला एक ऐसे व्यक्ति की टक्कर से घायल हो गई, जो चलते समय मोबाइल फोन देख रहा था। यह घटना ऐसे समय हुई है जब जापान में अरुकी-सुमाहो (चलते हुए स्मार्टफोन का उपयोग) को लेकर वर्षों से जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

टोक्यो अग्निशमन विभाग के अनुसार 2021 से 2025 के बीच मोबाइल देखते हुए पैदल चलने या साइकिल चलाने से जुड़े हादसों में 171 लोगों को अस्पताल पहुंचाना पड़ा। वर्ष 2025 में अकेले 43 मामले दर्ज किए गए। इनमें गिरना, सीढ़ियों या प्लेटफॉर्म से फिसलना तथा लोगों या वस्तुओं से टकराना प्रमुख कारण रहे।जापान की राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी (एनपीए) के अनुसार 2025 में मोबाइल उपयोग से जुड़े 148 गंभीर या घातक सड़क हादसे भी दर्ज किए गए। इससे कई हादसे बढ़ने की शिकायतें आम हो गई हैं।

BUSINESS : अमेजन भारत में ₹1.23 लाख करोड़ का निवेश करेगी:PM मोदी से मिले CEO एंडी जेसी; AI-क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार होगा, 38 लाख नौकरियां मिलेंगी

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अमेजन भारत में 13 बिलियन डॉलर यानी करीब 1.23 लाख करोड़ रुपए का नया निवेश करेगी। इस राशि का इस्तेमाल देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करने के लिए किया जाएगा।इससे देश में करीब 38 लाख लोगों को नौकरी मिल सकेगी। कंपनी ने CEO एंडी जेसी ने भारत यात्रा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद इसकी घोषणा की।

खास बात यह है कि कंपनी भारत में 6 महीने के अंदर करीब 4.53 लाख करोड़ रुपए निवेश करने की बात कह चुकी है। इससे पहले दिसंबर 2025 में अमेजन ने भारत में $35 बिलियन यानी करीब ₹3.30 लाख करोड़ निवेश की बात कही थी।

ये निवेश 2026 से 2030 के बीच किया जाएगा। वहीं, 2010 से 2030 के बीच भारत में अमेजन का कुल निवेश 88 अरब डॉलर यानी करीब 8.31 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो जाएगा।

इस नए निवेश के साथ ही अमेजन भारत में AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में सबसे बड़े ग्लोबल इन्वेस्टर्स में से एक बन गई है। इसके अलावा कंपनी भारत में सबसे बड़ी विदेशी निवेशक और ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने वाली सबसे बड़ी कंपनी भी है।

पीएम के ‘विकसित और आत्मनिर्भर भारत’ के विजन से प्रेरित: एंडी जैसी

अमेजन CEO एंडी जेसी ने कहा कि हम एक दशक से अधिक समय पहले भारत आए थे। तब से हम अपने विभिन्न बिजनेस के जरिए ग्राहकों, सेलर्स, डेवलपर्स, स्टार्टअप्स और बड़े उद्यमों की सेवा कर रहे हैं। भारत में हमें ई-कॉमर्स, AI और क्लाउड बिजनेस में मजबूत ग्रोथ मिली है।

उन्होंने आगे कहा, “जैसे-जैसे हम भारत में अमेजन का विस्तार कर रहे हैं, हमारी बिजनेस प्राथमिकताएं भारत की प्राथमिकताओं के साथ जुड़ी हुई हैं। इसमें AI तक सभी की पहुंच बनाना, छोटे व्यवसायों का डिजिटलीकरण करना, रोजगार पैदा करना और एक्सपोर्ट को सक्षम बनाना शामिल है।”

38 लाख नौकरियां और 80 अरब डॉलर के ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट का टारगेट

अमेजन ने 2030 तक भारत में 38 लाख से ज्यादा नौकरियों को सपोर्ट करने का संकल्प लिया है। इसके साथ ही 80 अरब डॉलर यानी करीब 7.55 लाख करोड़ रुपए के कुल ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट को सक्षम बनाने का टारगेट रखा है।

कंपनी का उद्देश्य 1.5 करोड़ छोटे व्यवसायों तक AI के फायदे पहुंचाना और सरकारी स्कूलों के 40 लाख छात्रों को एआई और आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।

मुंबई और हैदराबाद रीजंस में खुलेगा AI और क्लाउड का बड़ा नेटवर्क

अमेजन के कुल 48 अरब डॉलर के निवेश में से लगभग 21 अरब डॉलर यानी करीब 1.75 लाख करोड़ रुपए का हिस्सा खास तौर पर AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए तय किया गया है। इस फंड का इस्तेमाल मुंबई और हैदराबाद में स्थित AWS के दो रीजंस में क्लाउड और AI नेटवर्क को अपग्रेड करने के लिए किया जाएगा।

कंपनी ने बताया कि ये दोनों AWS रीजंस भारतीय ग्राहकों को देश के भीतर सुरक्षित रूप से डेटा स्टोर करने की सुविधा देते हैं। इसके साथ ही उन्हें दुनिया की सबसे एडवांस AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी तक पहुंच मिलती है, जिसमें हाई-परफॉर्मेंस ‘ट्रेनीयम’ चिप्स और AWS का प्रमुख इन्फरेंस इंजन ‘अमेजन बेडरॉक’ शामिल हैं।

NATIONAL : मेरी चिता को अग्नि देने वाला…’, केतन की मौत से टूटे मां-बाप; छलका दर्द, सिया-चेतन के लिए मांगी मौत की सजा

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केतन मर्डर केस में पुणे पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. जांच में सामने आया है कि लोहागढ़ किले से धक्का देने से पहले भी केतन की हत्या की दो बार कोशिश की गई थी. पुलिस की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं.

पुणे के कारोबारी केतन विशाल अग्रवाल की मौत के मामले में उनके परिवार का दर्द और गुस्सा लगातार सामने आ रहा है. केतन के पिता ने कहा कि अगर लड़की शादी नहीं करना चाहती थी तो वह साफ तौर पर इनकार कर सकती थी. परिवार तुरंत शादी रद्द कर देता, लेकिन किसी की जान लेना किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा, ‘अगर उसे शादी नहीं करनी थी तो वह मना कर देती. हम उसी वक्त विवाह कैंसिल कर देते. आखिर इतनी बड़ी और खौफनाक साजिश रचने की जरूरत क्यों पड़ी?’

किसी 25 साल के युवक की जिंदगी छीन लेना किस तरह की मानसिकता को दिखाता है? समाज को भी इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए कि ऐसी सोच आखिर आती कहां से है. केतन के पिता ने राज्य सरकार और जांच एजेंसियों से मामले की सुनवाई तेजी से कराने की अपील की. उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए ताकि समाज में एक सख्त संदेश जाए और भविष्य में कोई ऐसी घटना को अंजाम देने की हिम्मत न कर सके. वहीं, केतन की मां ने भी इस मामले में गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया. उन्होंने आरोप लगाया कि सिया और उसके कथित प्रेमी की वजह से उनका बेटा आज इस दुनिया में नहीं है.

पिता ने बेटे की हत्या पर की सख्त से सख्त सजा की मांग
उन्होंने कहा, ‘मेरा बेटा अब हमारे बीच नहीं है. सिया ने हमसे झूठ बोला और हमारा भरोसा तोड़ा. हमें कभी किसी तरह का संदेह नहीं हुआ. मैं उससे कई बार मिली थी. हम साथ में खरीदारी करने गए, डिनर पर गए, लेकिन कभी नहीं लगा कि वह ऐसा कदम उठा सकती है.’ केतन की मां ने कहा कि इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है. उन्होंने मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उन्हें सबसे सख्त सजा मिलनी चाहिए.

मां ने बेटे की हत्या के आरोपियों को फांसी की मांग की
केतन विशाल अग्रवाल की मौत पर उनकी मां कहती हैं, ‘मेरा बेटा अब नहीं रहा. सिया और उसका बॉयफ्रेंड इसके लिए पूरी तरह जिम्मेदार हैं. उसने (सिया ने) मेरे साथ धोखा किया और झूठ बोला… कुछ भी संदिग्ध नहीं था; हमें जरा भी शक नहीं हुआ. मैं उससे कई बार मिली, हम अक्सर साथ में शॉपिंग और डिनर के लिए जाते थे, फिर भी कभी यह ख्याल नहीं आया कि वह ऐसी इंसान हो सकती है… मैं इस घटना में शामिल लोगों के लिए मौत की सजा की मांग करती हूं…’ फिलहाल इस मामले की जांच जारी है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. इस बीच केतन के परिवार की मांग है कि न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि जल्द से जल्द सच सामने आए और दोषियों को कानून के मुताबिक सजा मिल सके.

सिया ने क्यों छिपाया था केतन का पासपोर्ट?
31 मई को केतन और सिया लोहागढ़ किले गए थे. पुलिस का दावा है कि इसी यात्रा के दौरान कथित साजिश की शुरुआत हुई. लोहागढ़ किले की ऊंचाई और आसपास की गहरी खाइयों को देखते हुए जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस स्थान को जानबूझकर चुना गया हो सकता है. हालांकि पुलिस अभी भी घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है. परिवार के अनुसार, सगाई के बाद केतन और सिया की बाली यात्रा की योजना बनाई गई थी. लेकिन एयरपोर्ट पहुंचने पर केतन का पासपोर्ट नहीं मिला और यात्रा रद्द करनी पड़ी. पुलिस अब इस घटना की भी जांच कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच एजेंसियों को शक है कि पासपोर्ट के गायब होने के पीछे भी कोई उद्देश्य हो सकता है.

NATIONAL : अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस: विकसित भारत के लिए नशामुक्त भारत का संकल्प लेना जरूरी, बचेंगी करोड़ों जिंदगियां

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नशे की समस्या को केवल कानून-व्यवस्था या स्वास्थ्य के चश्मे से नहीं देखा है; बल्कि इसे भारत के युवाओं के भविष्य और देश की तरक्की से जुड़ा एक बेहद अहम मुद्दा माना है। प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता का ही नतीजा है कि नशे के खिलाफ लड़ाई को सिर्फ सरकारी कागजों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि एक जन-आंदोलन बनाया गया।

लोगों के नशा करने का आदी होना पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती है। लेकिन भारत की बात करें तो यह सिर्फ सामाजिक या स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या भर नहीं है। बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा एक गंभीर मसला है। इस बुराई के खिलाफ जंग भारत की युवा शक्ति, पारिवारिक ताने-बाने और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने के अहम भूमिका निभा सकती है। और, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य भी यही है।

नशा सिर्फ एक इंसान को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और अंतत: पूरे देश की सामूहिक ताकत को कमजोर कर देता है। युवाओं के सपनों को तोड़ता है, परिवारों को बिखेर देता है और देश के विकास की रफ्तार धीमी कर देता है। आज भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है। यही हमारे अमृत काल की सबसे बड़ी पूंजी है। अगर हम इस ताकत को सही दिशा देकर शिक्षा, कौशल, नए विचारों और राष्ट्र निर्माण में लगाएं, तो भारत को विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता। अगर युवा नशे की दलदल में फंस गए, तो सिर्फ एक पीढ़ी का नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य का नुकसान होगा। इसलिए, नशे के खिलाफ लड़ाई हर भारतीय की जिम्मेदारी है। आइये आज अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के मौके पर हम सामूहिक संकल्प लें और विकसित भारत के निर्माण के लिए नशामुक्त भारत की दिशा में कदम बढ़ाएं।

140 करोड़ देशवासियों का यही संकल्प विकसित भारत के निर्माण की सबसे मजबूत नींव बनेगा। अगर हर नागरिक सिर्फ एक व्यक्ति को नशे से दूर रखने का संकल्प ले ले, तो करोड़ों जिंदगियों को तबाह होने से बचाया जा सकेगा। मैं देश के हर नागरिक, खासकर अपने युवा साथियों से अपील करता हूं कि नशे के खिलाफ इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनें। अपने परिवार, अपने स्कूल, अपने दफ्तर और अपने समाज में जागरूकता फैलाएं।

प्रधानमंत्री मोदी ने जागरूकता को जन-आंदोलन बनाया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नशे की समस्या को केवल कानून-व्यवस्था या स्वास्थ्य के चश्मे से नहीं देखा है; बल्कि इसे भारत के युवाओं के भविष्य और देश की तरक्की से जुड़ा एक बेहद अहम मुद्दा माना है। प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता का ही नतीजा है कि नशे के खिलाफ लड़ाई को सिर्फ सरकारी कागजों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि एक जन-आंदोलन बनाया गया। उनके मार्गदर्शन में नशा मुक्त भारत अभियान में करोड़ों युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाया है। 15 अगस्त 2020 को शुरू हुआ यह अभियान आज एक जन-आंदोलन बन चुका है।

हमारी माताएं-बहनें इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत हैं। पूरे देश में स्वयं सहायता समूहों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और महिला संगठनों ने समाज को जागरूक करने और परिवारों को संभालने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। नशामुक्त भारत के निर्माण में उनका योगदान अमूल्य है। इसके साथ ही, हमें उन लोगों के प्रति भी अपना नजरिया बदलना होगा जो नशे की लत से उबर चुके हैं। किसी भी इंसान को उसके अतीत से नहीं, बल्कि खुद को सुधारने के उसके प्रयासों से आंका जाना चाहिए। पुनर्वास तभी पूरी तरह सफल होगा जब समाज ऐसे लोगों को खुले दिल से अपनाए, उनका हौसला बढ़ाए और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के मौके दे।

NATIONAL : राम मंदिर में ‘चंदा चोरी’: कैसे खुला मामला, SIT जांच, गोबर में छिपा लाखों कैश… जानें पूरी टाइमलाइन

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अयोध्या राम मंदिर में चंदा/दान राशि गबन के आरोपों ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है. ट्रस्ट के ऑडिट और सीसीटीवी जांच में अनियमितताओं के बाद दो कर्मचारियों पर संदेह हुआ और उनके पास से नकदी बरामद हुई. विपक्षी नेताओं ने सरकार पर सवाल उठाए. जिससे मामला सुर्खियों में आ गया. वहीं अब मामले की जांच के लिए SIT गठित कर दी गई है.

अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला इन दिनों सुर्खियों में है. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के आरोपों के बाद यह विवाद राजनीतिक रंग ले चुका है. मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी और उनके पास से लाखों रुपये बरामद होने के बाद जांच तेज कर दी गई है. उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे प्रकरण की तह तक पहुंचने के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है. ऐसे में जानिए, इस विवाद की शुरुआत कैसे हुई और अब तक क्या-क्या घटनाक्रम सामने आए हैं?

जून की शुरुआत में अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा किए गए ऑडिट के दौरान दानपात्र से नकदी और अन्य वस्तुओं के गायब होने की आशंका सामने आई. इसके बाद मंदिर परिसर और दानपात्र के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की गई. फुटेज में एक कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध दिखाई दी, जिसके आधार पर आंतरिक स्तर पर जांच शुरू की गई. शुरुआत में मामले को गोपनीय रखा गया.

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 7 जून को योगी सरकार पर हमला बोला. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके का कि अयोध्या में मंदिर के चढ़ावे को लेकर जो जानकारी सामने आई है, वह गंभीर चिंता का विषय है. अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि यदि डबल इंजन सरकार की निगरानी व्यवस्था इतनी प्रभावी होती और दूरबीन व ड्रोन सही तरीके से काम कर रहे होते, तो विपक्ष को सवाल उठाने का मौका ही नहीं मिलता. उन्होंने कहा कि चढ़ावे में चोरी होगी तो उसकी शिकायत भी होगी.

इसके बाद अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने भी योगी सरकार पर निशाना साधा. संजय सिंह ने कहा कि राम मंदिर जैसे आस्था के केंद्र में दान राशि की कथित चोरी बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष व पारदर्शी जांच होनी चाहिए. उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पूरे मामले की सच्चाई जनता के सामने लाने की बात कही.

10 जून को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कही जांच कराने की मांग
अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी की बात बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने मानी. कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के तीन दिवसीय दौरे के दौरान पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा कि मामले की जांच सरकार करा रही है. सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह सतर्क है और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं.

उन्होंने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो. राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इससे जुड़े किसी भी मामले में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है.

13 जून को अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई है. अधिकारियों के मुताबिक SIT का गठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर किया गया. यह कदम ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ के अनुरोध पर उठाया गया, जिसने इसे “गलत जानकारी को रोकने और सच सामने लाने” के लिए ज़रूरी बताया और आरोप लगाया कि राम मंदिर की छवि खराब करने की कोशिशें की जा रही हैं.

SIT में लखनऊ के डिविज़नल कमिश्नर IAS विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक (IG) IPS किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं. राज्य सरकार के अनुसार मंदिर ट्रस्ट ने अयोध्या मंदिर परिसर में दान पेटियों से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की थी.

13 जून को मामले में हुई 2 कर्मचारियों की गिरफ्तारी
जांच के दौरान 13 जून को मंदिर में चढ़ावे की राशि गिनने वाले कर्मचारी लवकुश मिश्रा के घर से करीब 10 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं. बताया जा रहा है कि कुछ रकम घर की आलमारी में रखी गई थी, जबकि कुछ नकदी गोबर के ढेर में दबाकर छिपाई गई थी. बरामद धनराशि के स्रोत को लेकर फिलहाल जांच जारी है और अधिकारियों ने इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है.

NATIONAL : ‘सांसद एकजुट, बगावत का दावा पूरी तरह झूठा’: शरद पवार बोले- NCP में नहीं होगी टूट; सुप्रिया सुले ने भी कसा तंज

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एनसीपी-एसपी प्रमुख शरद पवार और सांसद सुप्रिया सुले ने विधायक धर्मराव अत्राम के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि पार्टी के पांच सांसद विरोधी गुट में जा रहे हैं। शरद पवार ने कहा कि उनका कोई भी नेता नहीं टूटेगा, वहीं सुप्रिया सुले ने अत्राम को उन पांचों सांसदों के नाम सार्वजनिक करने की खुली चुनौती दी है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार और पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने अपनी पार्टी में किसी भी तरह की फूट की खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। दोनों वरिष्ठ नेताओं ने गुरुवार को पुणे में दृढ़ता के साथ कहा कि उनकी पार्टी का कोई भी सांसद विरोधी गुट में शामिल नहीं होने जा रहा है।

यह बयान एनसीपी विधायक धर्मराव अत्राम के उस दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि शरद पवार गुट के आठ में से पांच सांसद दिसंबर तक पाला बदल सकते हैं। अत्राम का दावा था कि ये सांसद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री की पत्नी सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में शामिल होने के लिए तैयार बैठे हैं।

शरद पवार का सख्त रुख
विपक्षी खेमे के दावों पर विराम लगाते हुए शरद पवार ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि पार्टी का एक भी सांसद या विधायक पाला नहीं बदलेगा। पवार के इस बयान ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है और विरोधी खेमे की बयानबाजी को सीधे तौर पर चुनौती दी है।

सुप्रिया सुले ने भी बोला हमला
बारामती से लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने इस मामले पर तंज कसते हुए अत्राम के दावों की हवा निकाल दी। सुले ने कहा, ‘शायद अत्राम को हमसे ज्यादा जानकारी होगी, मुझे इस बारे में कोई अंदाजा नहीं है। हमारे सभी आठ सांसद कल भी एकजुट थे, आज भी एकजुट हैं और आने वाले कल में भी एकजुट रहेंगे।’

सुप्रिया सुले यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर बाबा अत्राम के पास पांच सांसदों की सूची है, तो उन्हें उन नामों का खुलासा जनता के सामने करना चाहिए। उन्होंने चुटकी लेते हुए आगे कहा, ‘अगर उनके पास पांच सांसदों की लिस्ट है, तो वह मुझे क्यों नहीं तोड़ रहे? मुझे क्यों बख्श रहे हैं?’

महाराष्ट्र की सियासत में हलचल
धर्मराव अत्राम का यह दावा ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में पहले से ही दलबदल को लेकर सरगर्मी तेज है। हाल ही में शरद पवार गुट की सहयोगी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के पाला बदलने की खबरें आई थीं। ये सांसद उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली मूल शिवसेना में शामिल हो गए हैं। इसी पृष्ठभूमि के कारण एनसीपी (एसपी) के सांसदों को लेकर भी कयासबाजी शुरू हो गई थी, जिसे पवार और सुले ने पूरी तरह निराधार बताया है।

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