NATIONAL : ओडिशा के पास चीनी क्रू वाला जहाज डूबा, 24 लोग सवार थे; इंडियन कोस्ट गार्ड-नेवी ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया

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ओडिशा के पारादीप तट के पास शनिवार को समुद्र में एक बड़ा हादसा हो गया. पनामा के झंडे वाला एक कार्गो शिप एमवी ओशियन विनर समुद्र में डूब गया. जहाज पारादीप से सिंगापुर के लिए रवाना हुआ था और उस पर ओडिशा से लदा लोह अयस्क मौजूद था. हादसे के समय जहाज पर 24 क्रू मेंबर सवार थे. घटना की सूचना मिलते ही भारतीय तटरक्षक बल और भारतीय नौसेना ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान शुरू कर दिया है.


जानकारी के मुताबिक, यह हादसा पारादीप तट से करीब 240 नॉटिकल मील यानी लगभग 444 किलोमीटर दूर समुद्र में हुआ. जहाज ने पारादीप बंदरगाह पर 20 अगस्त को पहुंचकर अपना कार्गो लोड किया था. इसके बाद यह सिंगापुर के लिए रवाना हुआ था. मरीन ट्रैफिक के अनुसार भी एमवी ओशियन विनर पारादीप से रवाना हुआ था.

24 लोग थे सवार, ज्यादातर चीनी नागरिक
अधिकारियों के मुताबिक हादसे के वक्त जहाज पर कुल 24 क्रू मेंबर मौजूद थे. इनमें ज्यादातर चीनी नागरिक बताए जा रहे हैं. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कितने लोगों को सुरक्षित बचाया जा सका है.अधिकारी के मुताबिक जहाज शुक्रवार को ओडिशा तट से आगे की यात्रा पर निकला था और बाद में समुद्र में डूब गया.
हादसे के बाद समुद्र में मौजूद दूसरे जहाजों को भी अलर्ट किया गया है. उनसे बचाव अभियान में मदद करने और संकट में फंसे लोगों की तलाश में सहयोग करने को कहा गया है.


कोस्ट गार्ड और नेवी ने संभाला मोर्चा

जहाज के डूबने की सूचना मिलते ही भारतीय तटरक्षक बल ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. भारतीय नौसेना को भी अभियान में शामिल किया गया है. समुद्र में मौजूद दूसरे पोतों को भी घटनास्थल के आसपास सक्रिय किया गया है, ताकि यदि कोई क्रू सदस्य समुद्र में फंसा हो तो उसे जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जा सके.
हालांकि अभी तक हादसे की सटीक वजह सामने नहीं आई है. यह भी स्पष्ट नहीं है कि जहाज अचानक डूबा या उससे पहले किसी तकनीकी खराबी, समुद्री स्थिति या अन्य कारण से परेशानी पैदा हुई थी. अधिकारियों की ओर से घटना की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है.


पारादीप से सिंगापुर जा रहा था जहाज
एमवी ओशियन विनर पारादीप बंदरगाह से लोह अयस्क लेकर सिंगापुर के लिए रवाना हुआ था. जहाज के डूबने की जगह पारादीप तट से काफी दूर समुद्र में बताई जा रही है. करीब 444 किलोमीटर की दूरी के कारण राहत और बचाव अभियान भी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है.
फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता जहाज पर मौजूद 24 क्रू सदस्यों की तलाश और उन्हें सुरक्षित निकालना है. भारतीय एजेंसियों ने समुद्र में अन्य जहाजों को भी अलर्ट कर दिया है, ताकि रेस्क्यू अभियान को ज्यादा प्रभावी बनाया जा सके.

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