Saturday, February 7, 2026
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Kangana Ranaut: फिल्म ‘इमरजेंसी’ को लेकर कंगना रनौत की बढ़ी मुश्किलें

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कंगना रनौत की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। दरअसल, कंगना की फिल्म इमरजेंसी को लेकर उनके खिलाफ राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की बहू कल्पना सिंह ने कोर्ट में याचिका दायर की है। कल्पना सिंह ने याचिका में आरोप लगाया है कि, दिनकर की प्रसिद्ध कविता ‘सिंहासन खाली करो कि, जनता आती है’ का कॉपीराइट उल्लंघन किया गया है। रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की प्रसिद्ध पंक्ति ‘सिंहासन खाली करो कि जनता आती है’ को फिल्म इमरजेंसी में बिना किसी से अनुमति लिए प्रयोग किया गया है, जिसके बाद फिल्म के निर्माता और बॉलीवुड एक्ट्रेस समेत कई लोगों को पटना हाई कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

फिल्म की रिलीज पर रोक की मांग

याचिका पर हाई कोर्ट के जस्टिस ए अभिषेक रेड्डी की एकल पीठ ने सुनवाई की। इसके बाद ही न्यायालय ने एक्ट्रेस कंगना रनौत समेत अन्य लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किया है। याचिका में मांग की गई थी कि फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई जाए, लेकिन कोर्ट ने इससे इनकार कर दिया। बता दें कि, इस फिल्म का डायरेक्शन कंगना रनौत ने किया है। वहीं, गीतकार मनोज मुंतशिर हैं। इस कविता की पंक्ति को इमरजेंसी फिल्म के प्रचार और गीत में उपयोग किया गया है।

पिछले साल 31 अगस्त को भी जारी हुआ था नोटिस

गौरतलब है कि, इस मामले में पिछले साल 31 अगस्त को भी कानूनी तौर पर नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इसका जवाब नहीं दिया गया। बता दें कि फिल्म इमरजेंसी 17 जनवरी 2025 को सिनेमा घरों में रिलीज की गई। कंगना रनौत ने इस फिल्म में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का किरदार निभाया है।

पंजाब की तहसीलों को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, मची खलबली

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पंजाब सरकार ने सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार रोकने और लोगों को होने वाली असुविधा को खत्म करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मिली जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने तहसीलों में लगे CCTV कैमरों को चालू रखने के आदेश जारी किए हैं। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव सह वित्त आयुक्त (राजस्व) ने राज्य के सभी डिप्टी कमिश्नरों को बाकायदा पत्र जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि सरकार ने राज्य के प्रत्येक सब रजिस्ट्रार/ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में 4 CCTV कैमरे लगाए हैं। इनमें से 2 CCTV कैमरे सब रजिस्ट्रार/ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के अंदर (जहां प्रमाण-पत्रों का सत्यापन किया जाता है) तथा 2 कैमरे कार्यालय के बाहर (जहां आम जनता प्रतीक्षा करती है) लगाए गए हैं।

इन कैमरों को लगाने का उद्देश्य यह है कि डिप्टी कमिश्नर यह जांच कर कार्यालय में ठीक से काम चल रहा हैं या नहीं तथा जनता को अपनी सम्पत्तियों के पंजीकरण में कोई परेशानी तो नहीं आ रही है। इन कैमरों का महत्वपूर्ण उद्देश्य पारदर्शिता लाना है, लेकिन पिछले सप्ताह नीचे हस्ताक्षरकर्ता द्वारा जांच करने पर पता चला कि 180 सब रजिस्ट्रार/ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में से जहां CCTV कैमरे लगाए गए हैं, केवल 3 कैमरे चालू हैं। यह स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं है।

इस विषय पर तत्काल कार्रवाई करते हुए अपने जिले के प्रत्येक सब रजिस्ट्रार/ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में स्थापित सीसीटीवी कैमरों को 31.01.2025 तक चालू किया जाए। ये सीसीटीवी कैमरे आईपी एड्रेस पर आधारित हैं, इसलिए, कार्यालय के सीसीटीवी कैमरों का लिंक अपने कंप्यूटर/मोबाइल पर डाउनलोड कर लेना चाहिए, ताकि आप किसी भी समय अपने जिले के किसी भी सब रजिस्ट्रार/ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में जाकर कैमरों की जांच कर सकें। इस संबंध में तकनीकी जानकारी आपके जिले के डीएसएम को अलग से उपलब्ध करा दी गई है।

दुनिया का सबसे भयानक रेल हादसा, जिसमें 1700 लोगों की हुई थी दर्दनाक मौत

हाल ही में भारत में कई दुखद रेल दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें कई निर्दोष लोगों की जान चली गई और बहुत से लोग घायल हो गए। यह हादसे देश के लिए गहरी पीड़ा का कारण बने हैं। हालांकि, आज हम दुनिया के सबसे खौफनाक रेल हादसे के बारे में विस्तार से जानेंगे, जिसे सुनकर आपकी रूह कांप उठेगी। यह हादसा इतना भयावह था कि इसमें करीब 1700 लोगों की जान चली गई थी। यह हादसा 2004 में श्रीलंका में हुआ था और इसे “सूनामी ट्रेन डिजास्टर” के नाम से जाना जाता है। आइए जानते है इस घटना को विस्तार से…

2004 श्रीलंका ट्रेन डिजास्टर
26 दिसंबर 2004 को, हिंद महासागर में एक भयानक भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 9.1-9.3 मापी गई थी। यह भूकंप अब तक के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक था। इस भूकंप के कारण उत्पन्न सूनामी ने श्रीलंका सहित कई देशों में भयंकर तबाही मचाई। द क्वीन ऑफ द सी नामक एक पैसेंजर ट्रेन, जो ओशन क्वीन एक्सप्रेस के नाम से भी जानी जाती थी, वह सुनामी की चपेट में आ गई।

कोलंबो से गाले की ओर जा रही थी
यह ट्रेन राजधानी कोलंबो से गाले की ओर जा रही थी और इसमें करीब 1700 यात्री सवार थे। जब ट्रेन पेरालिया गाँव के पास पहुँची, तब अचानक विशाल सूनामी की लहरें तट से टकराई। ट्रेन को पहली लहर ने प्रभावित किया, जिससे उसके आस-पास की बस्ती में पानी भर गया। कुछ ही मिनटों बाद दूसरी और तीसरी लहरें आईं, जो पहले से भी अधिक शक्तिशाली थीं। इन लहरों ने ट्रेन को पटरी से उतार दिया और उसे ध्वस्त कर दिया। इस भयानक दुर्घटना ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया।मृतकों की याद में कई श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की गईं।

इस हादसे के बाद श्रीलंका रेलवे ने अपनी सुरक्षा व्यवस्थाओं में सुधार किया और प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सचेत रहने के उपाय अपनाए। 2004 श्रीलंका ट्रेन डिजास्टर न केवल एक रेल हादसा था, बल्कि यह एक प्राकृतिक आपदा का भी परिणाम था। इस घटना ने दुनियाभर को प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सचेत किया और यह सिखाया कि ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए पहले से ही तैयार रहना कितना महत्वपूर्ण है। इस भयानक प्राकृतिक आपदा ने श्रीलंका में एक ऐसा दृश्य उत्पन्न किया जो सदियों तक लोगों के जेहन में रहेगा।

पूरी की पूरी ट्रेन ही समुद्र में समा गई
सुनामी की विशाल लहरों ने श्रीलंका के तटीय इलाकों को तबाह कर दिया।सुनामी की विशाल लहरें इतनी शक्तिशाली थीं कि पूरी की पूरी ट्रेन को ही समुद्र में समा गई। यह हादसा तेलवट्टा के पास पेरालिया में स्थित दक्षिण-पश्चिमी तटीय रेलवे लाइन पर यह हादसा हुआ था। ट्रेन के आठ डिब्बे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस हादसे में हजारों लोग बेघर हो गए और कई बच्चे अनाथ हो गए थे। सुनामी की विनाशकारी शक्ति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि तेलवट्टा समुदाय के लाखों लोग भी पानी में डूब गए थे। सुनामी ने उनके घरों को पूरी तरह से तबाह कर दिया था। आपदा स्थल पर मृतकों की संख्या इतनी अधिक थी कि लोगों को अपने खोए हुए रिश्तेदारों को ढूंढने में काफी मुश्किल हो रही थी।

हताहत और क्षति

  • मृतक संख्या: इस हादसे में लगभग 1700 से अधिक लोग मारे गए, जिससे यह इतिहास का सबसे घातक रेल हादसा बन गया।
  • क्षति: ट्रेन पूरी तरह से नष्ट हो गई और चारों ओर मलबे का ढेर लग गया। आसपास के गांव भी पूरी तरह से तबाह हो गए।
राहत और बचाव कार्य
  • बचाव कार्य: भयानक परिस्थितियों के बावजूद, श्रीलंकाई सेना, पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। लेकिन व्यापक क्षति और बाढ़ के कारण बचाव कार्य बहुत मुश्किल हो गया।
  • अंतर्राष्ट्रीय सहायता: कई देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने भी श्रीलंका को मदद पहुंचाई। राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए काफी सहयोग मिला।

महाकुंभ में IIT वाले बाबा ने बदल लिया हुलिया, दाढ़ी के साथ मूंछें भी सफाचट करवा ली

महाकुंभ में फेमस हुए IIT वाले बाबा का रील तो आपने देखा ही होगा। सोशल मीडिया पर यह बाबा छाएं हुए हैं। तमाम न्यूज़ चैनल औऱ यूट्यूबर उनका इंटरव्‍यू ले रहे हैं। इसी बीच बाबा ने अचानक से अपना रूप बदल दिया है।

दरअसल, उन्‍होंने अपनी दाढ़ी के साथ मूंछें भी हटवा दिया है। अभय सिंह जिस दौरान खुद को क्‍लीन शेव कर रहे थे, कुछ यूट्यूबर उनका वीडियो बनाए जा रहे थे। बाबा ने क्‍लीव शेव अवतार क्‍यों अपनाया, इस सवाल के जवाब में उनका कहना है कि मैंने दाढ़ी और मूंछ रही थी तो आप लोग मुझे आईआईटी वाले बाबा बोल रहे थे।  उनका कहना है कि  भगवान शंकर और श्रीकृष्‍ण ने भी दाढ़ी नहीं रखी थी। इसलिए कोई उनको श्रीकृष्‍ण बाबा या योगी नहीं बोलता था। इसीलिए मैंने भी खुद को क्‍लीन शेव कर लिया है।

शिव और श्रीकृष्‍ण के जैसे दिखने पर सवाल किया गया तो उनका कहना है कि भगवान तो सभी के अंदर हैं तो सभी को पता क्‍यों नहीं हैं। अगर सभी भगवान हैं तो हमें क्‍यों नहीं पता हम भगवान हैं। मैं उस सच्‍चाई को बोल रहा हूं। अहम ब्रह्मास्मि तो बोल ही रहा हूं। यही बात तो शंकराचार्य ने भी बोला था। तब किसी ने उनसे क्‍यों नहीं पूछा कि वह खुद को भगवान बता रहे हैं। कोई जब शिवोहम बोलता है तो उसका मतलब यही है न कि मैं शिव हूं।

वक्फ संशोधन बिल पर JPC बैठक में जोरदार हंगामा, 10 विपक्षी सांसद सस्पेंड

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वक्फ संशोधन विधेयक ( Waqf Amendment Bill) पर संसदीय पैनल के सभी विपक्षी सदस्यों को शुक्रवार को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया। इस दौरान लगातार विरोध प्रदर्शन और अध्यक्ष जगदंबिका पाल पर कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप लगे। निलंबित सदस्यों में कल्याण बनर्जी, मोहम्मद जावेद, ए राजा, असदुद्दीन ओवैसी, नसीर हुसैन, मोहिबुल्लाह, मोहम्मद अब्दुल्ला, अरविंद सावंत, नदीम-उल हक, इमरान मसूद शामिल हैं।

निशिकांत दुबे ने पेश किया निलंबन का प्रस्ताव
भाजपा सदस्य निशिकांत दुबे ने विपक्षी सदस्यों को निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया, जिसे समिति ने स्वीकार कर लिया। भाजपा सदस्य अपराजिता सारंगी ने दावा किया कि विपक्षी सदस्यों का आचरण “घृणित” था, क्योंकि वे बैठक के दौरान लगातार हंगामा कर रहे थे और पाल के खिलाफ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे।

हंगामे के साथ शुरू हुई बैठक
संसदीय समिति की बैठक हंगामे के साथ शुरू हुई। विपक्षी सदस्यों ने दावा किया कि उन्हें मसौदा कानून में प्रस्तावित बदलावों का अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया जा रहा है। कश्मीर के धार्मिक प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक को बुलाने से पहले समिति के सदस्यों ने आपस में चर्चा की, जो विपक्षी नेताओं द्वारा यह दावा करने के साथ ही तूफ़ानी हो गई कि भाजपा दिल्ली चुनावों को ध्यान में रखते हुए वक्फ संशोधन विधेयक पर रिपोर्ट को शीघ्र स्वीकार करने पर जोर दे रही है।

 

समिति की कार्यवाही तमाशा बनी – कल्याण बनर्जी
बैठक के दौरान तीखी बहस के कारण कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। मीरवाइज के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल समिति के दोबारा बैठक में शामिल होने के बाद उसके समक्ष पेश हुआ। तृणमूल सदस्य कल्याण बनर्जी और कांग्रेस सदस्य नसीर हुसैन बैठक से बाहर निकल गए और संवाददाताओं से कहा कि समिति की कार्यवाही एक “तमाशा” बन गई है। उन्होंने मांग की कि प्रस्तावित संशोधनों की खंड-दर-खंड जांच के लिए 27 जनवरी को निर्धारित बैठक को 30 जनवरी या 31 जनवरी तक के लिए टाल दिया जाए।

वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 को केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा लोकसभा में पेश किए जाने के बाद 8 अगस्त, 2024 को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजा गया था। विधेयक का उद्देश्य वक्फ अधिनियम, 1995 में संशोधन करना है, ताकि वक्फ संपत्तियों के विनियमन और प्रबंधन में आने वाली समस्याओं और चुनौतियों का समाधान किया जा सके।

Ludhiana: सब्जी की रेहड़ी लगाकर खड़े युवक पर जानलेवा हमला, शोर मचाने पर…

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सब्जी की रेहड़ी लगाकर खड़े युवक पर लूट की नीयत से 4 युवकों ने तेजधार हथियार से हमला कर दिया। शोर मचाने पर भाग रहे 2 हमलावरों को आसपास के लोगों की मदद से दबोच लिया,जबकि 2 फरार होने में कामयाब हो गए। थाना मॉडल टाऊन की पुलिस ने चारों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

जांच अधिकारी रविंदर कुमार के अनुसार पकड़े गए आरोपियों की पहचान राहुल और प्रिंस और 2 अज्ञात फरार के रुप में हुई है। पुलिस को दी शिकायत में शिवम निवासी प्रीत नगर ने बताया कि गत 23 जनवरी को अपने चाचा व उसके बेटे विजय के साथ अपनी सब्जी की रेहड़ी पर दुगरी इलाके में मौजूद था। तभी उक्त आरोपी बाइक पर आए। जिन्होनें लूट की नीयत से उस पर हमला कर दिया। शोर मचाने पर फरार हो रहे 2 आरोपियों को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया।

Bangalore: पत्नी ने नहीं खोला दरवाजा तो पति ने खुद को लगा ली आग

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बेंगलुरु में पारिवारिक कलह के कारण कैब चालक ने अपनी पत्नी के घर के बाहर केरोसिन छिड़क कर कथित रूप से खुद पर आग लगा ली, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान तुमकुरु निवासी मंजूनाथ (39) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, यह घटना बृहस्पतिवार रात ज्ञानभारती थाना क्षेत्र अंतर्गत एक इलाके में हुई।

तलाक के पक्ष में नहीं था शख्स

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया कि मंजूनाथ और उनकी पत्नी नयना राज के बीच विवाद था, जिसके कारण वे 2023 से अलग रह रहे थे। नयना मेकअप आर्टिस्ट है और उसने अदालत में मामला दायर किया था। हालांकि, मंजूनाथ तलाक के पक्ष में नहीं था और वह नियमित रूप से पत्नी के आवासीय ‘अपार्टमेंट’ में आता था। मंजूनाथ पत्नी से निवेदन करता था कि वह उसके साथ शांति से रहेगा और जब भी वह पत्नी के पास आता तो उसे इस बात के लिए मनाने का प्रयास करता था कि वह तलाक न दे।

पुलिस का बयान 
पश्चिम बेंगलुरु के पुलिस उपायुक्त एस गिरीश ने बताया कि मंजूनाथ बृहस्पतिवार को अपनी पत्नी के घर गया लेकिन उसने दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया। इससे नाराज होकर वह रात 11 बजे उसके घर फिर से लौटा और कथित तौर पर केरोसिन डालकर उसने खुद को आग लगा ली, जिससे पत्नी के ‘अपार्टमेंट’ के सामने ही उसकी मौत हो गई।

2016 में की थी शादी 
पुलिस के मुताबिक, मंजूनाथ नयना से प्रेम करता था और परिवार की मर्जी के खिलाफ 2016 में उसने धर्मस्थल पर उससे शादी कर ली थी। तब से वे विमलेश्वर कृपा, ज्ञानभारती एनजीईएफ लेआउट में रह रहे थे। उनका नौ वर्ष का एक बेटा भी है जो चौथी कक्षा में पढ़ता है। पुलिस ने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

Budget 2025: अब हफ्ते में 4 दिन करना होगा काम, 3 दिन मिलेगी छुट्टी!

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नए लेबर कोड लागू होने पर कर्मचारियों के काम के घंटे 8 से बढ़ाकर 12 घंटे किए जा सकते हैं। हालांकि, हफ्ते में कुल कार्य घंटों की सीमा 48 घंटे होगी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट 2025 में लेबर कोड्स को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की घोषणा कर सकती हैं। सरकार का लक्ष्य देश के श्रम कानूनों को सरल और प्रभावी बनाना है, जिससे कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों को लाभ पहुंचे। नए लेबर कोड्स के तहत कर्मचारियों के काम के घंटे बढ़ेंगे, साथ ही हफ्ते में चार दिन काम करने और तीन दिन आराम का विकल्प मिलेगा।

 

तीन चरणों में होगा लागू

नए लेबर कोड्स को तीन चरणों में लागू किया जाएगा ताकि छोटे और बड़े कारोबार नई नीतियों के अनुरूप तैयारी कर सकें।

  1. पहला चरण: 500 से अधिक कर्मचारियों वाली बड़ी कंपनियों पर लागू होगा।
  2. दूसरा चरण: 100-500 कर्मचारियों वाली मझोली कंपनियों पर।
  3. तीसरा चरण: 100 से कम कर्मचारियों वाली छोटी कंपनियों पर।

MSME सेक्टर, जो भारत के उद्योग का 85% से अधिक हिस्सा है, को इन कोड्स को अपनाने के लिए लगभग दो साल का समय मिलेगा।

मार्च 2025 तक तैयार होगा ड्राफ्ट

लेबर मंत्रालय पश्चिम बंगाल और दिल्ली जैसे राज्यों के साथ मिलकर ड्राफ्ट तैयार कर रहा है। पहले चरण में कोड ऑन वेजेस और सोशल सिक्योरिटी कोड लागू किया जाएगा। उम्मीद है कि मार्च 2025 तक सभी राज्यों के साथ ड्राफ्ट नियम अंतिम रूप ले लेंगे।

क्या हैं लेबर कोड्स?

29 केंद्रीय श्रम कानूनों को चार लेबर कोड्स में समाहित किया गया है:

  1. कोड ऑन वेजेस
  2. सोशल सिक्योरिटी कोड
  3. इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड
  4. ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन कोड

इनका उद्देश्य:

  • कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा मजबूत करना।
  • नियोक्ताओं के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाना।
हफ्ते में चार दिन काम, तीन दिन आराम

लेबर कोड्स के तहत हफ्ते में चार दिन काम और तीन दिन आराम की नीति शामिल हो सकती है। हालांकि, चार दिन काम करने पर काम के घंटे बढ़कर 12 घंटे हो जाएंगे।

प्रॉविडेंट फंड में बढ़ेगा योगदान
  • पीएफ कटौती बढ़ने से कर्मचारियों के रिटायरमेंट फंड में इजाफा होगा।
  • हालांकि, टेक-होम सैलरी (महीने की सैलरी) कम हो सकती है।
कर्मचारियों और नियोक्ताओं पर असर
  1. कर्मचारियों को लंबी अवधि में बेहतर सामाजिक सुरक्षा मिलेगी।
  2. कंपनियों को श्रम कानूनों का पालन करना अधिक सरल होगा।
  3. वर्क-लाइफ बैलेंस में सुधार होगा, जिससे उत्पादकता बढ़ सकती है

महाराष्ट्र: भंडारा जिले की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में धमाका, 5 लोगों के मारे जाने की आशंका

नागपुर के पास स्थित आयुध निर्माणी में आज सुबह हुए धमाके में आधा दर्जन मजदूरों के मारे जाने की आशंका है। महाराष्ट्र के भंडारा जिले की इस फैक्ट्री में विस्फोट इतना भीषण था कि इसकी गूंज 5 किलोमीटर दूर तक सुनी गई। बचाव और चिकित्सा दल घटना स्थल पर पहुंचकर जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं।

धमाका इतना भीषण था कि इसकी गूंज 5 किलोमीटर दूर तक सुनी गई। घटना के बाद एक वीडियो में फैक्ट्री से घना धुआं उठता हुआ नजर आया।

अधिकारियों ने बयान जारी कर कहा, “आज सुबह भंडारा आयुध निर्माणी में एक विस्फोट की घटना हुई है। बचाव और चिकित्सा दल मौके पर तैनात हैं, और बचाव कार्य जारी है।”

शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह विस्फोट शुक्रवार सुबह लगभग 10 बजे हुआ। घटना में कुछ लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। विस्फोट इतना भीषण था कि लोहे के बड़े-बड़े टुकड़े दूर तक जा गिरे।

पंजाब में सरेआम चल रहा जिम्मफरोशी का धंधा! झाड़ियों में ले जाकर…

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पंजाब की जवानी चिट्टे ने पहले ही निगल ली है और बाकी रहती कसर एड्स के प्रकोप ने पूरी कर दी है जिस से युवकों में नसलकुशी होगी क्योंकि लुधियाना जगराओं नैशनल हाईवे पर बद्दोवाल से गहोर ओर मंडियानी से ढॅट खुल्ले आसमान के नीचे शरेआम जिस्मफिरोशी का धंधा जोरा पर है।

सुबह धूप में खिलते कपास की तरह ही जिस्मफिरोशी करने का धंधा करने वाली महिलाए जी टी रोड़ के किनारे के साथ बनी झाड़ियों के पास आकर अपनी दुकानदारी खोल लेती है और गाहको को भरमाती है और अपना शिकार बनाती है। इनके शिकार खासकर मूंछ फुट युवक, स्कूलों, कालेजों के विधार्थी, प्रवासी मजदूर और खासकर ड्राईवर बनते है। बड़ी सस्ती कीमत मात्र 200 रूपए में होती है शुरूआत के नाम पर यह महिलाए अपने गाहको को अपने जाल में फसाकर जी टी रोड़ के किनारे स्थित झाड़ीयों में ले जाती है और खुल्ले आसमान के नीचे बेखौफ बिना डर भय के यह गोरख धंधा चमका रही है। इनके जाल में फसने वाले शिकार अब एड्स का भी शिकार होगे जिससे पंजाबीयों की जवानी का विनाश होना निश्चित है।

हमारा पंजाब तों पहले ही छठे नशों के दरिया में बह रहा है ऊपर से यह जिस्मफिरोशी की आड़ में चिट्टे दिन एड्स परोस रही है।  रोजाना नैशनल हाईवे से लाल बत्तीयों वाली गाड़ीयां गुजरती है पर किसी की भी नज़र इनके ऊपर नहीं पड़ी या प्रशासन द्वारा इन्हें अनदेखा किया जा रहा है, यह भी सवालियां चिन्ह है…? साथ लगते खेतों के किसान और कई कारोबारीयों ने इनको भगाने की कोशिश की पर यह टस से मस नहीं हो रही अगर इन महिलाओं का गोरखधंधा इसी तरह चलता रहा तो भविष्य में चिट्टे के शिकार कम और एड्स से पीड़त ज्यादा मिलेंगे। इसलिए प्रशासन को इसकी तरफ विशेष ध्यान देकर इस बुरे कार्य को रोकना चाहिए ताकि युवकों की नसलकुशी पर रोक लगाई जा सके।

किसी भी कीमत पर नहीं चलने देंगे यह धंधा डी एच पी खोसा
जब इस सबंधी डी एस पी वरिन्द्र सिंह खोसा से बातचीत की गई तों उन्होंने कहा कि यह मामला मेरे ध्यान में आया है इस गोरख धंधे को किसी भी कीमत पर नहीं चलने दिया जाएगा और जिस्म फिरोशी का धंधा करने वाली महिलाओं के विरूद्व बनती कारवाई अमल में लाई जाएगी।

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