कंगना रनौत की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। दरअसल, कंगना की फिल्म इमरजेंसी को लेकर उनके खिलाफ राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की बहू कल्पना सिंह ने कोर्ट में याचिका दायर की है। कल्पना सिंह ने याचिका में आरोप लगाया है कि, दिनकर की प्रसिद्ध कविता ‘सिंहासन खाली करो कि, जनता आती है’ का कॉपीराइट उल्लंघन किया गया है। रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की प्रसिद्ध पंक्ति ‘सिंहासन खाली करो कि जनता आती है’ को फिल्म इमरजेंसी में बिना किसी से अनुमति लिए प्रयोग किया गया है, जिसके बाद फिल्म के निर्माता और बॉलीवुड एक्ट्रेस समेत कई लोगों को पटना हाई कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

फिल्म की रिलीज पर रोक की मांग
याचिका पर हाई कोर्ट के जस्टिस ए अभिषेक रेड्डी की एकल पीठ ने सुनवाई की। इसके बाद ही न्यायालय ने एक्ट्रेस कंगना रनौत समेत अन्य लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किया है। याचिका में मांग की गई थी कि फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई जाए, लेकिन कोर्ट ने इससे इनकार कर दिया। बता दें कि, इस फिल्म का डायरेक्शन कंगना रनौत ने किया है। वहीं, गीतकार मनोज मुंतशिर हैं। इस कविता की पंक्ति को इमरजेंसी फिल्म के प्रचार और गीत में उपयोग किया गया है।
पिछले साल 31 अगस्त को भी जारी हुआ था नोटिस
गौरतलब है कि, इस मामले में पिछले साल 31 अगस्त को भी कानूनी तौर पर नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इसका जवाब नहीं दिया गया। बता दें कि फिल्म इमरजेंसी 17 जनवरी 2025 को सिनेमा घरों में रिलीज की गई। कंगना रनौत ने इस फिल्म में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का किरदार निभाया है।




दरअसल, उन्होंने अपनी दाढ़ी के साथ मूंछें भी हटवा दिया है। अभय सिंह जिस दौरान खुद को क्लीन शेव कर रहे थे, कुछ यूट्यूबर उनका वीडियो बनाए जा रहे थे। बाबा ने क्लीव शेव अवतार क्यों अपनाया, इस सवाल के जवाब में उनका कहना है कि मैंने दाढ़ी और मूंछ रही थी तो आप लोग मुझे आईआईटी वाले बाबा बोल रहे थे। उनका कहना है कि भगवान शंकर और श्रीकृष्ण ने भी दाढ़ी नहीं रखी थी। इसलिए कोई उनको श्रीकृष्ण बाबा या योगी नहीं बोलता था। इसीलिए मैंने भी खुद को क्लीन शेव कर लिया है।
निशिकांत दुबे ने पेश किया निलंबन का प्रस्ताव
जांच अधिकारी रविंदर कुमार के अनुसार पकड़े गए आरोपियों की पहचान राहुल और प्रिंस और 2 अज्ञात फरार के रुप में हुई है। पुलिस को दी शिकायत में शिवम निवासी प्रीत नगर ने बताया कि गत 23 जनवरी को अपने चाचा व उसके बेटे विजय के साथ अपनी सब्जी की रेहड़ी पर दुगरी इलाके में मौजूद था। तभी उक्त आरोपी बाइक पर आए। जिन्होनें लूट की नीयत से उस पर हमला कर दिया। शोर मचाने पर फरार हो रहे 2 आरोपियों को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया।
तलाक के पक्ष में नहीं था शख्स


सुबह धूप में खिलते कपास की तरह ही जिस्मफिरोशी करने का धंधा करने वाली महिलाए जी टी रोड़ के किनारे के साथ बनी झाड़ियों के पास आकर अपनी दुकानदारी खोल लेती है और गाहको को भरमाती है और अपना शिकार बनाती है। इनके शिकार खासकर मूंछ फुट युवक, स्कूलों, कालेजों के विधार्थी, प्रवासी मजदूर और खासकर ड्राईवर बनते है। बड़ी सस्ती कीमत मात्र 200 रूपए में होती है शुरूआत के नाम पर यह महिलाए अपने गाहको को अपने जाल में फसाकर जी टी रोड़ के किनारे स्थित झाड़ीयों में ले जाती है और खुल्ले आसमान के नीचे बेखौफ बिना डर भय के यह गोरख धंधा चमका रही है। इनके जाल में फसने वाले शिकार अब एड्स का भी शिकार होगे जिससे पंजाबीयों की जवानी का विनाश होना निश्चित है।