Tuesday, March 31, 2026
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ENTERTAINMENT : टॉक्सिक स्टूडियो कल्चर की वजह से अरिजीत सिंह ने छोड़ी प्लेबैक सिंगिंग? अरमान मलिक बोले- इंडस्ट्री में…

अरिजीत सिंह ने बीते दिनों प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने का ऐलान करके हर किसी के होश उड़ा दिए थे. अब सिंगर अरमान मलिक ने बताया है कि अरिजीत ने ये फैसला क्यों लिया? जानना नहीं चाहेंगे आप…

बॉलीवुड के मोस्ट फेमस सिंगर अरिजीत सिंह ने अचानक प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने का ऐलान करके हर किसी को हैरान किया. फैंस से लेकर सेलेब्स तक उनके इस फैसले से दंग हुए. अरिजीत के प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने के फैसले पर बहस छिड़ गई. लोग कई तरह के कयास लगाने लगे. कई यूजर्स ने सोशल मीडिया पर ये दावा किया कि हो सकता है कि म्यूजिक स्टूडियोज के टॉक्सिक कल्चर की वजह से अरिजीत ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लिया है. कई पोस्ट और कमेंट्स में दावा किया गया कि फिल्मी दुनिया में काम का दबाव, क्रिएटिव आजादी की कमी भी अरिजीत के इस फैसले की वजह हो सकती है.

अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने के फैसले पर अब फेमस सिंगर अरमान मलिक ने रिएक्ट किया है. उन्होंने सिंगर के प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने के पीछे की इन तमाम अफवाहों को गलत और बेबुनियाद बताया. अरमान ने कहा कि प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने का अरिजीत का निजी फैसला है.

Zoom संग बातचीत में जब अरमान मलिक से अरिजीत के इस फैसले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा- हर इंडस्ट्री की अपनी एक डार्क साइड होती है और म्यूजिक इंडस्ट्री भी इससे अलग नहीं है. हालांकि, अरमान ने ये भी माना कि उन्होंने अपने करियर में कभी भी टॉक्सिक कल्चर का सामना नहीं किया है. अरिजीत सिंह के रिटायरमेंट के बारे में बात करते हुए अरमान मलिक ने कहा- इंडस्ट्री का एक दूसरा सिंगर होने के नाते मैं यह कमेंट नहीं कर सकता कि उन्होंने यह कदम क्यों उठाया, क्योंकि मैं उन्हें अपने भाई जैसा मानता हूं. हम अमाल के रिकॉर्डिंग स्टूडियो में कई बार मिल चुके हैं, क्योंकि उन्होंने मेरे भाई के लिए बहुत से गाने रिकॉर्ड किए हैं. मैं खुद उन रिकॉर्डिंग सेशंस का हिस्सा रहा हूं.

‘इसलिए मैं ये जरूर कह सकता हूं कि उनका प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने का फैसला किसी ‘टॉक्सिक स्टूडियो कल्चर’ की वजह से नहीं है. कम से कम मेरे करियर में मेरा ऐसा कोई कड़वा अनुभव नहीं रहा है. लेकिन मैं यह नहीं बता सकता कि उन्होंने ऐसा फैसला क्यों लिया, क्योंकि यह उनका निजी मामला है.’

अरमान आगे बोले- अरिजीत ने इस इंडस्ट्री को बहुत कुछ दिया है. मुझे नहीं लगता कि हमारे लिए यह कयास लगाना सही है कि उन्होंने यह कदम क्यों उठाया. मेरा मानना है कि पिछले एक दशक में उन्होंने हमें बेस्ट गाने दिए हैं. अगर उन्हें लगता है कि उन्होंने प्लेबैक सिंगिंग छोड़ दी है, तो मुझे लगता है कि वो एक बहुत ही खूबसूरत मुकाम पर छोड़कर जा रहे हैं. मैं इसे बहुत पॉजिटिव तरीके से देखता हूं. मुझे नहीं लगता कि उनके साथ कुछ गलत हुआ होगा, जिसने उन्हें ऐसा करने पर मजबूर किया.

बता दें कि अरिजीत सिंह ने अपनी पोस्ट में ये क्लियर किया है कि वो म्यूजिक नहीं छोड़ रहे हैं. वो सिर्फ फिल्मों के लिए प्लेबैक सिंगिंग नहीं करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला उन्होंने अपनी मर्जी से लिया है और इसके पीछे कोई एक वजह नहीं है. आने वाले दिनों में अरिजीत क्या नया प्रोजेक्ट लेकर आते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा.

INDORE : कानूनी सलाह देते-देते… दिल दे बैठे वकील साहब, महिला ने हनी ट्रैप में फंसाया

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इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र में हनी ट्रैप का मामला सामने आया, जहां तलाक विवाद में कानूनी सलाह लेने आई महिला ने कथित रूप से एक वकील को जाल में फंसाकर ब्लैकमेल किया. आरोप है कि उसने फर्जी वीडियो और झूठे केस की धमकी देकर लाखों रुपये मांगे. पुलिस ने महिला को गिरफ्तार किया, जबकि दो साथी फरार हैं. जांच में सामने आया कि वह इंस्टाग्राम रील के जरिए लोगों से जुड़ती थी. पुलिस नेटवर्क की जांच कर रही है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.

प्यार, भरोसा और नजदीकी का रिश्ता… और फिर उसी के जरिए बिछाया गया जाल. हनी ट्रैप के मामलों में अक्सर शिकार को देर से समझ आता है कि वह फंस चुका है. तब तक या तो उसे भारी नुकसान हो चुका होता है या वह मदद के लिए पुलिस तक पहुंचता है. इंदौर में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां एक वकील एक महिला के जाल में इस तरह उलझे कि उनका पूरा कानूनी अनुभव बेअसर साबित हुआ. आइए समझते हैं पूरी कहानी.

यह मामला इंदौर के बाणगंगा थाना इलाके का है. एक महिला अपने पूर्व पति से चल रहे तलाक विवाद के सिलसिले में कानूनी सलाह लेने वकील के पास पहुंची. उसने मदद मांगी तो वकील ने केस की जानकारी लेकर बातचीत शुरू की. धीरे-धीरे संपर्क बढ़ा. इसी दौरान महिला ने अपने वर्तमान पति और उसके कुछ साथियों को भी बातचीत के दायरे में जोड़ दिया. कुछ समय बाद वकील पर दबाव बनाया जाने लगा.

शिकायत के अनुसार महिला ने फोन पर फर्जी वीडियो तैयार करने की बात कही और उसी आधार पर वकील को डराना शुरू किया. इसके बाद महिला और उसके सहयोगियों ने कथित तौर पर ब्लैकमेल करते हुए लाखों रुपये की मांग रखी. लगातार धमकियों और दबाव से परेशान होकर वकील ने आखिरकार पुलिस से शिकायत की. केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिला को गिरफ्तार कर लिया. प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि महिला पहले दो शादियां कर चुकी है और उस पर पहले भी ऐसे आरोप लग चुके हैं.

जांच में यह भी पता चला कि महिला सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थी. वह इंस्टाग्राम पर रील बनाकर लोगों से जुड़ती थी और उनसे संपर्क बढ़ाती थी. पुलिस को आशंका है कि इसी तरीके से और लोगों को भी निशाना बनाया गया हो सकता है. फिलहाल आरोपी महिला से पूछताछ जारी है, जबकि उसके दो साथी फरार बताए जा रहे हैं. उनकी तलाश के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है.

पुलिस के मुताबिक महिला ने वकील को झूठे केस में फंसाने और आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी दी थी. बदले में मोटी रकम मांगी गई. जब पैसे देने से इनकार किया गया तो दबाव और बढ़ा दिया गया. लगातार ब्लैकमेलिंग से तंग आकर वकील ने पुलिस की मदद ली. तकनीकी जांच और जुटाए गए सबूतों के आधार पर गिरफ्तारी की गई. पुलिस ने लोगों को सावधान रहने, अनजान लोगों से ऑनलाइन बातचीत में सतर्कता बरतने और किसी भी तरह की ब्लैकमेलिंग की सूचना तुरंत देने की सलाह दी है. यह मामला सोशल मीडिया के जरिए होने वाले हनी ट्रैप के खतरे को फिर सामने लाता है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है.

NATIONAL : पिता की लिव-इन पार्टनर, 3 शादियां और कोरियन ऐप्स… गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस की जांच में जुड़ीं नई कड़ियां

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गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की मौत के मामले में जांच के दौरान अब साल 2015 का एक सुसाइड केस भी सामने आया है, जिसमें पिता की लाइव-इन पार्टनर की मौत हुई थी. पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों के बीच फिलहाल संबंध नहीं है, लेकिन पारिवारिक पृष्ठभूमि और हालात को समझने के लिए पुरानी फाइलों को भी खंगाला जा रहा है.

गाजियाबाद की एक हाईराइज बिल्डिंग की नौवीं मंजिल से तीन बहनों के कूदकर जान देने की घटना ने झकझोर दिया है. इस मामले की जांच में अब कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. तीन नाबालिग बहनें, एक सुसाइड नोट, मोबाइल फोन को लेकर नाराजगी और भावनात्मक टूटन. लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, इस परिवार से जुड़ी कई बातें सामने आ रही हैं. इस केस के बीच साल 2015 में आत्महत्या के मामले का पता चला है, जिसमें तीनों बहनों के पिता की लिव-इन पार्टनर की मौत हुई थी.

जांच अधिकारी अब 2015 से 2026 तक की पूरी फैमिली टाइमलाइन जोड़कर यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि बंद दरवाजों के पीछे आखिर ऐसा क्या चल रहा था, जिसने तीन मासूम जिंदगियों को इस कदर निराश कर दिया.गाजियाबाद की भारत सिटी सोसायटी की उस रात को याद करने वाले लोग कहते हैं कि सब कुछ सामान्य लग रहा था. किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में एक ऐसा हादसा होने वाला है, जो पूरे इलाके को स्तब्ध कर देगा.

16, 14 और 12 साल की उम्र की तीन बहनें अपने कमरे में थीं, जो रात में बिल्डिंग से कूद गईं. बाद में कमरे से एक सुसाइड नोट मिला, एक नौ पन्नों की पॉकेट डायरी मिली, और कई सवाल भी. पुलिस के मुताबिक, नोट में लड़कियों ने अपने पिता को संबोधित किया था. उसमें मां का जिक्र नहीं था.अधिकारियों का कहना है कि इससे संकेत मिलता है कि बच्चियां भावनात्मक रूप से पिता से अधिक जुड़ी थीं. इस घटना के बाद से परिवार, सोसायटी और जांच एजेंसियों के बीच लगातार पूछताछ और पड़ताल चल रही है.

पुलिस जांच में अहम बिंदु मोबाइल फोन को लेकर सामने आया है. अधिकारियों के अनुसार, पिता ने बेटियों के मोबाइल फोन कुछ समय पहले ले लिए थे. वजह बताई गई – कोरियन ऐप्स, ऑनलाइन गेम्स और विदेशी दोस्तों से बढ़ता संपर्क. बताया गया कि पिता को यह डिजिटल एक्टिविटी ठीक नहीं लगी.उन्होंने फोन ले लिए और बाद में बेच भी दिए. घटना वाली रात लड़कियों ने अपनी मां का फोन इस्तेमाल करने की कोशिश की, लेकिन जिन कोरियन ऐप्स तक वे पहुंचना चाहती थीं, वे उसमें मौजूद नहीं थे.

डीसीपी निमिष पाटिल के अनुसार, फॉरेंसिक जांच में मां के फोन में उन ऐप्स का कोई डेटा नहीं मिला. साइबर टीम अब बेचे गए फोन के IMEI नंबर के ज़रिए खरीदारों तक पहुंचने और पुराना डिजिटल डेटा रिकवर करने की कोशिश कर रही है. मामले की जांच से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि डिजिटल एक्टिविटी की बातें और पारिवारिक बयानों के बीच बड़ा गैप दिख रहा है.

तीन बहनों की मौत के बाद जांच जब आगे बढ़ी तो पुलिस रिकॉर्ड में एक पुराना केस फिर सामने आ गया. साल 2015 में तीनों लड़कियों के पिता की लिव-इन पार्टनर की मौत हुई थी. वह राजेंद्र नगर कॉलोनी साहिबाबाद क्षेत्र के एक फ्लैट की छत से गिरने से मृत पाई गई थी. डीसीपी (ट्रांस हिंडन) निमिष पाटिल ने बताया कि उस समय मौत को पहले संदिग्ध माना गया था, लेकिन बाद की जांच में इसे आत्महत्या बताकर केस बंद कर दिया गया था.

अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल उस पुराने केस और तीन बहनों की मौत के बीच कोई संबंध है, लेकिन पारिवारिक पृष्ठभूमि को समझने के लिए उस घटना को भी जांच के दायरे में रखा गया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जब एक ही परिवार में अलग-अलग समय पर ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, तो पूरी पारिवारिक और सामाजिक संरचना को देखकर आगे बढ़ते हैं.

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में पता चला है कि तीनों बहनों के पिता की तीन पत्नियां हैं. तीनों आपस में सगी बहनें हैं. यह असामान्य फैमिली स्ट्रक्चर भी जांच का हिस्सा है.अधिकारी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या घरेलू माहौल, रिश्तों की जटिलता या भावनात्मक असंतुलन का बच्चों की मानसिक स्थिति पर असर पड़ा. एक अधिकारी ने कहा कि हम यह देख रहे हैं कि घर का वातावरण बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए कितना सहायक या दबावपूर्ण था.

तीनों बहनों के कमरे से मिला सुसाइड नोट और नौ पन्नों की डायरी अब फॉरेंसिक लैब में है. हैंडराइटिंग, फिंगरप्रिंट और इंक टेस्ट कराए जा रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार, नोट में तनाव, निराशा और पिता को संबोधित बातें हैं. हालांकि पुलिस ने नोट की पूरी बातें सार्वजनिक नहीं की हैं. जांचकर्ता यह भी देख रहे हैं कि क्या यह कदम अचानक उठाया गया या काफी समय से मानसिक दबाव बन रहा था.

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह ने तीनों बहनों के परिवार से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि मामला केवल मोबाइल या ऐप्स तक सीमित नहीं लगता. उनके अनुसार, प्राथमिक संकेत बताते हैं कि बच्चों पर पढ़ाई का दबाव और माता-पिता की लापरवाही दोनों हो सकते हैं. बच्चों की मानसिक स्थिति को समय रहते समझा नहीं गया. महिला आयोग ने जिला प्रशासन और पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

फिलहाल पुलिस इस केस को आत्महत्या मानकर जांच कर रही है, लेकिन हर पहलू की पुष्टि के लिए साइबर, फॉरेंसिक और मनोवैज्ञानिक एंगल से पड़ताल जारी है.

जांच के मुख्य बिंदुओं में डिजिटल एक्टिविटी और ऑनलाइन कॉन्टैक्ट, पारिवारिक संबंध और घरेलू माहौल, सुसाइड नोट और डायरी एनालिसिस,पुराने केस की पृष्ठभूमि, सामाजिक सर्कल से इनपुट शामिल हैं. डीसीपी पाटिल ने कहा कि हम किसी निष्कर्ष पर जल्दबाज़ी में नहीं पहुंचेंगे. सभी सबूतों और रिपोर्ट्स के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी. लोगों का कहना है कि तीन बहनों की मौत केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है. क्या हम अपने बच्चों की चुप्पी को सुन पा रहे हैं? क्या डिजिटल बिहेवियर के पीछे छिपी भावनात्मक जरूरतों को समझ रहे हैं?

NATIONAL : झूले का पहले एक सिरा टूटा, लोग मदद को दौड़े तो दूसरा भी टूट गया… सामने आया वीडियो, सूरजकुंड हादसे की पूरी कहानी

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हरियाणा के फरीदाबाद में शनिवार की शाम सूरजकुंड मेले में झूला गिर गया, जिसमें एक की मौत और 13 लोग घायल हो गए. इस हादसे का वीडियो सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि पहले झूले का एक सिरा टूटा, तुरंत लोग बचाने गए तो दूसरा भी टूट गया और लोग उसकी चपेट में आ गए.

फरीदाबाद में चल रहे सूरजकुंड मेले में शनिवार शाम बड़ा हादसा हो गया. यहां मेले में लगे झूले का पहले एक सिरा टूटा था. लोग तुरंत बचाने के लिए आगे बढ़े और उस पर चढ़ गए. इसी दौरान दूसरा सिरा भी टूट गया और लोग इसकी चपेट में आ गए. इसमें हरियाणा पुलिस के इंस्पेक्टर की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं 13 लोग घायल हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.

ने बताया कि शनिवार की शाम करीब 6:15 के आसपास यह घटना हुई. यहां पर लगा झूला गिर गया. जब झूला गिरा तो उसका एक सिरा गिरा था, उस दौरान अधिक लोग चपेट में नहीं आए थे, लेकिन बचाने के लिए जब लोग उस पर चढ़े तो झूले का दूसरा सिरा भी टूट गया. घटना में 13 लोग घायल हुए हैं.हरियाणा पुलिस के इंस्पेक्टर की इस हादसे में जान चली गई. घटना के बाद अफरा-तफरी का माहौल हो गया. खुशी का माहौल चीख पुकार में तब्दील हो गया. हादसे के बाद बचाव दल मौके पर पहुंचा. घटना के बाद मौके पर पुलिस टीम, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड सहित अन्य एजेंसियों की टीमें पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया गया.

घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया. फिलहाल मौके पर पुलिस टीम मौजूद है. क्रेन के जरिए झूले को हटा दिया गया है. हादसे के बाद मेले में सन्नाटा नजर आ रहा है. बता दें कि सूरजकुंड मेला प्रत्येक वर्ष लगता है, जिसमें हरियाणा और दिल्ली सहित अन्य हिस्सों से लोग अपने परिवार के साथ पहुंचते हैं और एंजॉय करते हैं, लेकिन शनिवार को यहां दर्दनाक हादसा हो गया.

हादसे में हरियाणा पुलिस के इंस्पेक्टर जगदीश की मौत हुई है, वे ड्यूटी पर तैनात ते. लोगों को बचाने आगे पहुंचे, तभी चपेट में आ गए. डीजीपी अजय सिंघल ने इसे पुलिस विभाग की अपूरणीय क्षति बताते हुए परिवार को 1 करोड़ की सहायता और अन्य विभागीय लाभ देने की घोषणा की है. हादसे में जान गंवाने वाले निरीक्षक जगदीश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा के रहने वाले थे. वे 31 जनवरी 2026 को पुलिस लाइन पलवल से सूरजकुंड मेला ड्यूटी पर तैनात किए गए थे.

इस दुर्घटना में कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनमें सहायक उपनिरीक्षक नीलय, सुनील (जिला महेंद्रगढ़), हर्ष प्रकाश (ग्रेटर नोएडा), प्रशांत (धौलपुर, राजस्थान), अनीशा (फरीदाबाद), शिवानी (नोएडा) और परविंदर शामिल हैं. सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. डीजीपी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और डॉक्टरों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

पुलिस महानिदेशक हरियाणा अजय सिंघल हादसे में घायल लोगों से मिलने के लिए अस्पताल पहुंचे. उन्होंने घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और डॉक्टरों से इलाज को लेकर बातचीत की. डीजीपी ने घायलों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार व पुलिस विभाग उनकी मदद के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए. डीजीपी ने कहा कि हादसा बेहद दुखद है. प्रशासन घायलों को हर संभव मदद देगा.

Vastu Tips : बंद किस्मत का ताला खोल देंगी ये चीजें! बस चावल के डिब्बे में छिपा दें ये एक वस्तु

वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसी चमत्कारी चीजों का जिक्र है जो सोई हुई किस्मत जगा सकती हैं. मनी प्लांट से लेकर धातु के कछुए तक, ये 5 चीजें घर लाते ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा. लेकिन सबसे बड़ा राज तो आपकी रसोई में रखे चावल के डिब्बे में छिपा है…

वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसी चीजों का जिक्र मिलता है, जिन्हें घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और पैसे से जुड़ी परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं. माना जाता है कि जो लोग आर्थिक रूप से सफल होते हैं, उनके घर में ये चीजें आमतौर पर पाई जाती हैं. ये सिर्फ सजावट नहीं होतीं, बल्कि धन के प्रवाह को बनाए रखने में मदद करती हैं. अगर इन 5 चीजों को घर में सही जगह और सही दिशा में रखा जाए, तो समय के साथ आर्थिक स्थिति में सुधार नजर आने लगता है और घर का माहौल भी पॉजिटिव बना रहता है.


मनी प्लांट को धन बढ़ाने वाला पौधा माना जाता है. यह घर की हवा को साफ रखता है. इसकी हरी पत्तियां तरक्की का संकेत मानी जाती हैं. वास्तु के अनुसार इसे घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना सबसे अच्छा रहता है. गलती से भी इसे घर के बाहर या उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं रखना चाहिए.

वास्तु शास्त्र में बहते पानी को धन के लगातार प्रवाह से जोड़ा जाता है. यही वजह है कि कई लोग घर में छोटा फव्वारा लगाते हैं. इसे घर की उत्तर दिशा में रखना शुभ माना जाता है. ध्यान रखें कि फव्वारे का पानी हमेशा घर की तरफ बहता हुआ हो.
लाफिंग बुद्धा को खुशहाली और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है, वहीं तीन टांगों वाला मेंढक धन खींचने से जुड़ा माना जाता है. इन्हें घर के मुख्य दरवाजे की ओर मुख करके रखना चाहिए. इन्हें कभी भी रसोई में या जमीन पर नहीं रखें. लाफिंग बुद्धा ड्राइंग रूम के लिए सबसे सही माने जाते हैं.

हिंदू धर्म में चावल को अन्न और समृद्धि का प्रतीक माना गया है. कहा जाता है कि जिन घरों में चावल की डिब्बी हमेशा भरी रहती है, वहां अन्न और धन की कमी नहीं होती. रसोई में चावल की डिब्बी साफ रखें . उसमें कुछ सिक्के व हल्दी की गांठ डालना शुभ माना जाता है.

वास्तु के अनुसार, यदि आप चावल के बीच में एक लाल कपड़े में बांधकर दो चांदी के सिक्के या पीली हल्दी की एक गांठ छिपाकर रखते हैं, तो यह आपकी रसोई में ‘अन्नपूर्णा’ का वास होता है. यह छोटा सा गुप्त उपाय घर से कभी बरकत कम नहीं होने देता और फिजूलखर्ची पर लगाम लगाता है.

वास्तु के अनुसार धातु का कछुआ घर में स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा लाता है. माना जाता है कि इससे धन रुकता है और धीरे-धीरे बढ़ता है. इसे घर की उत्तर दिशा में पानी से भरे छोटे बर्तन में रखना चाहिए. यह घर के मुखिया की उम्र और कामकाज में स्थिरता से भी जोड़ा जाता है.

NATIONAL : ‘अजीत पवार की मौत को लेकर संदेह, 10 फरवरी को दूंगा प्रेजेंटेशन’, बोले रोहित पवार

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रोहित पवार ने कहा कि अजित पवार की विमान हादसे में मौत को लेकर संदेह हैं और वह 10 फरवरी को मुंबई में विस्तृत प्रेजेंटेशन देंगे. 28 जनवरी के हादसे के कारण टले जिला परिषद चुनाव शनिवार को हुए. रोहित ने कहा अजित पवार पार्टी एकता चाहते थे और विलय के प्रयास जारी रहेंगे. एनसीपी और एनसीपी (एसपी) साथ चुनाव लड़ रहे हैं. संजय राउत ने भी संदेह जताते हुए सीएम फडणवीस पर सवाल उठाए.

एनसीपी (एसपी) नेता रोहित पवार ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान हादसे में हुई मौत की परिस्थितियों को लेकर सभी के मन में सवाल और संदेह हैं. उन्होंने कहा कि वह 10 फरवरी को मुंबई में इस मामले पर एक डिटेल प्रेजेंटेशन देंगे और बताएंगे कि हादसा क्यों हुआ और कैसे हुआ होगा. रोहित पवार ने यह बात बारामती में जिला परिषद चुनाव में वोट डालने के बाद पत्रकारों से कही.

महाराष्ट्र में शनिवार को 12 जिला परिषद और 125 पंचायत समितियों के लिए मतदान हुआ. ये चुनाव पहले 5 फरवरी को होने वाले थे, लेकिन 28 जनवरी को बारामती में विमान हादसे में अजित पवार की मौत के बाद इन्हें टाल दिया गया था.रोहित पवार ने कहा कि अजित पवार चाहते थे कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अलग-अलग गुट एक हो जाएं और विलय की कोशिशें आगे भी जारी रहेंगी. उन्होंने कहा कि अजित दादा दिल से चाहते थे कि सभी एक परिवार की तरह साथ आएं और आज सभी साथ आए हैं. परिवार अब भी एकजुट है और आगे भी उसी तरह प्रयास जारी रहेंगे.

शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) और एनसीपी ने जिला परिषद चुनाव के लिए हाथ मिलाया है. दोनों दलों के उम्मीदवार एनसीपी के ‘घड़ी’ चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ रहे हैं.अहिल्यानगर जिले की करजात-जामखेड़ सीट से विधायक रोहित पवार ने कहा कि वह 12 फरवरी को यह भी बताएंगे कि पार्टी विलय की योजना क्यों बनाई गई थी और इसके पीछे असली मंशा क्या थी. उन्होंने कहा कि वह समझाएंगे कि अजित दादा की सोच राजनीतिक थी या भावनात्मक.

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि रोहित पवार के अलावा एनसीपी विधायक और अजित पवार के करीबी अमोल मिटकरी, एनसीपी मंत्री छगन भुजबल और एनसीपी (एसपी) सांसद बजरंग सोनवणे ने भी इस दुखद घटना पर संदेह जताया है. उन्होंने आरोप लगाया कि संदेह दूर करने के बजाय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कह रहे हैं कि इस मुद्दे पर राजनीति न हो.

संजय राउत ने कहा कि अगर अजित पवार के परिवार और दोस्त उनकी मौत पर सवाल उठा रहे हैं तो मुख्यमंत्री फडणवीस और भाजपा नेतृत्व को इससे परेशानी क्यों हो रही है. उन्होंने कहा कि किसी को धमकाने की जरूरत नहीं है.

DELHI : युवती ने सोसाइटी की 5वीं मंजिल से कूद कर की आत्महत्या, सुसाइड नोट भी मिला

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जांच में पता चला है कि उसको उसकी नानी ने पढ़ाया लिखाया. पुलिस को परिजनों ने बताया कि युवती पिछले कई दिन से मानसिक रूप से तनाव में रहती थी, उसका सपना मेकअप आर्टिस्ट बनने का था.ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक 3 थाना क्षेत्र अंतर्गत एक आत्महत्या का मामला सामने आया है. जहां 31 वर्षीय युवती ने सोसाइटी की पांचवीं मंजिल से कूद कर आत्महत्या कर ली, युवती के द्वारा एक सुसाइड नोट भी छोड़ा गया है.

दरसल मूलरूप से जौनपुर के खोजी गांव की रहने वाली बरखा सिंह(30) जलपुरा गांव के ट्विंस बिल्डिंग में अपनी नानी के साथ बचपन से ही रहती थी. युवती की मां की मौत उसके बचपन में ही हो चुकी थी, वही उसके पिता उससे अलग रहते हैं.

वहीं देर रात करीब 8:30 बजे युवती अपने फ्लैट की छत पर गई और वहां से उसने पांचवी मंजिल से कूदकर कर आत्महत्या कर ली. सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस को मृतका के कमरे से सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने लिखा कि महादेव ,मेरी जिंदगी में अब बचा ही क्या है, मैं अब जीना नहीं चाहती. मेरी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार न ठहराया जाए

जांच में यही पता चला है कि उसको उसकी नानी ने पढ़ाया लिखाया है, पुलिस को परिजनों ने बताया कि युवती पिछले कई दिन से मानसिक रूप से तनाव में रहती थी, उसका सपना मेकअप आर्टिस्ट बनने का था, जिसके लिए वह काफी समय से प्रयास कर रही थी, मगर निजी कारणों और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते वह अवसाद में रहने लगी थी. वहीं पुलिस के अनुसार अभी परिजनों के द्वारा इस मामले में कोई भी शिकायत नहीं दी गई है,और पुलिस द्वारा इस घटना की जांच पड़ताल की जा रही है.

ENTERTAINMENT : ‘दर्द में चिल्ला रही थी’, प्रेग्नेंसी में बेहाल हुई एक्ट्रेस, डिलीवरी के बाद कैसे घटाया 15KG वजन, बोली- 40 दिन..


एक्ट्रेस इशिता दत्ता ने फैंस संग अपनी वेट लॉस जर्नी शेयर की है. एक्ट्रेस ने बताया कि उन्होंने वजन घटाने के लिए कोई डाइट या खास वर्कआउट की मदद नहीं ली, बल्कि उन्होंने जो दर्द झेला उस वजह से उनका वजन कम हुआ.मशहूर एक्ट्रेस इशिता दत्ता इस समय मदरहुड जर्नी एन्जॉय कर रही हैं. एक्ट्रेस दो बच्चों की मां बन चुकी हैं. वो अक्सर फैंस संग अपनी पोस्टपार्टम जर्नी शेयर करती हैं. अब एक्ट्रेस ने अपना वेट लॉस सीक्रेट और प्रेग्नेंसी में आई मुश्किलों के बारे में बात की है.

इशिता दत्ता ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि डिलीवरी के बाद उन्होंने कैसे अपना वजन कम किया. इशिता बोलीं- मैंने 2 महीने से कम समय में 15 किलो वजन घटाया है. क्या आप मेरा सीक्रेट जानना चाहते हैं? लेकिन इसके पीछे कोई सीक्रेट नहीं है. पिछले 8 महीने से मुझे वेट लॉस जर्नी को लेकर जितने भी मैसेज मिल रहे हैं, मैं सबका जवाब देने वाली हूं.

एक्ट्रेस आगे बोलीं- ‘मेरे पहले दो ट्राइमेस्टर काफी अच्छे रहे. मैंने ट्रैवल किया, काम किया. मैंने काफी एन्जॉय भी किया. मैंने बहुत कुछ खाया. मगर प्रेग्नेंसी के छठे महीने में मैं बेड रेस्ट पर थी, क्योंकि मुझे प्रीटर्म डिलीवरी का खतरा था.’

इशिता ने आगे बताया कि प्रेग्नेंसी के दौरान उन्हें काफी खतरनाक दर्द हुआ. दो-तीन बार उन्हें हॉस्पिटल भी जाना पड़ा. स्कैन में पता चला कि उन्हें गॉलब्लैडर में स्टोन है. मगर प्रेग्नेंट होने की वजह से उनकी सर्जरी नहीं हो सकती थी. इस दौरान अपने प्रेग्नेंसी स्ट्रगल के बारे में बात करते हुए इशिता ने कहा- मैं आपको बता भी नहीं सकती कि मैं कितने दर्द में थी. मैं दर्द में चिल्लाती थी. मैं प्रेग्नेंट थी, इसलिए डॉक्टर्स मुझे दर्द की दवाइयां भी नहीं दे सकते थे. मुझे दर्द कम होने का इंतजार करना पड़ता था.

‘इस तरह प्रेग्नेंसी का 8वां महीना भी गुजर गया और फिर मुझे कॉन्ट्रैक्शन्स होने लगे. मुझे हॉस्पिटल ले जाया गाय और मेरी डिलीवरी हो गई. लेकिन स्ट्रगल यहां खत्म नहीं हुआ था, क्योंकि डिलीवरी के तुरंत बाद भी मैं गॉलब्लैडर का ऑपरेशन नहीं करा सकती थी. मैं बेबी को ब्रेस्टफीड करा रही थी. मैं दर्द की दवाइयां नहीं ले सकती थी. मुझे सर्जरी के लिए 40 दिन का इंतजार करने को कहा गया था. 40 दिन बाद फिर मैं सर्जरी के लिए गई थी.’

इशिता ने आगे बताया- डिलीवरी के बाद भी मेरा स्ट्रगल कम नहीं हुआ था. मैं सर्जरी से ठीक होने की कोशिश कर रही थी. गॉलब्लैडर निकलने पर मेरी बॉडी उस चीज को एडजस्ट कर रही थी. कुछ समय के लिए मुझे कई चीजें खाना मना थीं. इस वजह से मेरा बहुत ज्यादा वजन कम हो गया था. ने बताया- मेरे वजन घटने के पीछे कोई सीक्रेट नहीं है. कोई मैजिक नहीं है. कोई शॉर्टकट नहीं है. एक्ट्रेस इशिता दत्ता की बात करें तो उन्होंने साल 2017 में एक्टर वत्सल सेठ से शादी रचाई थी. शादी के बाद साल 2023 में कपल ने बेटे का वेलकम किया था. इसके बाद 2025 में वो बेटी की मां बनी थीं.

वर्क फ्रंट की बात करें तो इशिता दत्ता ‘दृश्यम’ जैसी फिल्मों में नजर आ चुकी हैं. इशिता ने कई टीवी शोज में भी काम किया है, जैसे बेपनाह प्यार, रिश्तों का सौदागर- बाजीगर. फिलहाल एक्ट्रेस मदरहुड जर्नी एन्जॉय कर रही हैं.

ENTERTAINMENT : वीर पहाड़िया से ब्रेकअप के बाद टूटीं तारा सुतारिया, सीख रहीं खुद को संभालना? बोलीं- खुद को शांत…

पिछले साल तारा सुतारिया और वीर पहाड़िया के ब्रेकअप की खबरें सुर्खियों में आई थीं. यह खबर तब आई जब मुंबई में सिंगर एपी ढिल्लों के कॉन्सर्ट में एपी ने तारा को गले लगाया और किस किया था. इसके बाद वीर पहाड़िया से एक्ट्रेस के ब्रेकअप की खबरें आने लगी थीं.

एक्ट्रेस तारा सुतारिया अपने कथित ब्रेकअप की वजह से सुर्खियों में हैं. कुछ वक्त पहले ही तारा ने एक्टर वीर पहाड़िया संग अपने रिश्ते को ऑफिशियल किया था. हालांकि एक विवाद के बाद दोनों के अलग होने की खबरें आने लगीं. इस चर्चा के बीच तारा ने अपनी मानसिक शांति, काम और सफलता के अपने नजरिए के बारे में खुलकर बात की है.

Elle India को दिए इंटरव्यू में तारा सुतारिया ने कहा, ‘मैं हमेशा से मानती रही हूं कि सफलता अंदरूनी होती है… मानसिक शांति, कुछ खास लोग जो आपसे प्यार करते हैं, खुद को जानना, ये हमेशा मेरा लक्ष्य रहा है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने सीख लिया है कि अपनी शांति की रक्षा कैसे करनी है.’तारा सुतारिया बचपन से ही कैमरे के सामने पली-बढ़ी हैं, इसलिए उन्हें खुद को शांत करना और शांति बनाए रखना समझने में कुछ वक्त लगा. लेकिन उन्होंने इसके लिए सेल्फ-रिफ्लेक्शन (आत्म-चिंतन) को अपना मंत्र बनाया. एक्ट्रेस ने कहा, ‘केवल हम ही जानते हैं कि अपने नर्वस सिस्टम को कैसे शांत करना है.’

पिछले साल तारा सुतारिया और वीर पहाड़िया के ब्रेकअप की खबरें सुर्खियों में आई थीं. यह खबर तब आई जब मुंबई में सिंगर एपी ढिल्लों के कॉन्सर्ट में एपी ने तारा को गले लगाया और किस किया था. इसपर विवाद शुरू होने के बाद तारा को बेवफा कहा जाने लगा, जिसका उन्होंने और वीर ने कड़ा जवाब दिया था. लेकिन बाद में दोनों के ब्रेकअप की खबरों ने सबको यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या यह एपी के कॉन्सर्ट वाली घटना की वजह से हुआ. फिलहाल न तो वीर और न ही तारा ने इन ब्रेकअप की अफवाहों पर कोई आधिकारिक बयान दिया है.

दिसंबर 2025 में हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में तारा सुतारिया ने कहा था कि वे अपनी निजी जिंदगी को निजी रखना पसंद करती हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं प्रसिद्धि के साथ आने वाली जांच और ध्यान को शालीनता और नजरिए के साथ संभालती हूं. मैंने सीख लिया है कि हर बात को व्यक्तिगत रूप से न लूं और शोर की बजाय प्यार पर ध्यान दूं. मैं बस पीछे हट जाती हूं, डिस्कनेक्ट कर लेती हूं और अपने ओरिजिन में लौट आती हूं. मेरा परिवार और करीबी दोस्त मुझे जमीन से जुड़ा और संतुलित रखते हैं. मैं अपनी निजी जिंदगी की बहुत रक्षा करती हूं. मैं सिर्फ वही शेयर करती हूं जिसमें मैं सहज हूं, बाकी सबको मैं पवित्र रखती हूं.’

काम की बात करें तो तारा को अगली बार फिल्म ‘टॉक्सिक’ में देखा जाएगा. इस फिल्म में मुख्य भूमिका में KGF स्टार यश हैं, साथ में कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी और रुक्मिणी वसंत भी हैं. फिल्म 19 मार्च 2026 को रिलीज होगी और ‘धुरंधर 2’ के साथ बॉक्स ऑफिस पर टकराएगी.

NATIONAL : लालच का जाल और 1000 करोड़ की ठगी… समुद्री किनारों पर बनाए लग्जरी विला, गुरुग्राम में पकड़ा गया शातिर

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हरियाणा के गुरुग्राम में ठगी की ऐसी कहानी सामने आई, जिसने अफसरों तक को हैरान कर दिया. यहां लालच में फंसाकर करीब 1000 करोड़ का स्कैम हो गया. लोगों से ठगी करने के बाद आरोपी ने समुद्री किनारों पर लग्जरी विला बनाए और प्रॉपर्टी में इनवेस्टमेंट किया. पुलिस ने इस केस में

गुरुग्राम में 500 से 1000 करोड़ रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस मामले में पुलिस ने शातिर रईसजादे और 32 माइलस्टोन एवेन्यू के डायरेक्टर ध्रुवदत्त शर्मा को गिरफ्तार किया है. आरोपी पर लाखों लोगों को इंश्योर रेंटल रिटर्न के नाम पर फंसाकर करोड़ों की ठगी करने का आरोप है. आर्थिक अपराध शाखा ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 6 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है.

पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला कि ध्रुवदत्त शर्मा ने पीड़ितों को बेहतर रिटर्न का लालच दिया और उन्हें इनवेस्टमेंट के लिए तैयार किया. जबकि इस मामले में कोई रिटर्न नहीं दिया गया और करोड़ों रुपये का गबन कर लिया गया.आरोपी ने ठगी के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल गोवा के समुद्री किनारों पर लग्जरी विला बनाने और राजस्थान के नीमराना में प्रॉपर्टी में इनवेस्ट करने में किया. आरोपी ने लाखों के इंश्योर रेंटल रिटर्न्स के नाम पर लोगों को सब्जबाग दिखाकर करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया.

ध्रुवदत शर्मा ने एक या दो नहीं, बल्कि 500 से 1000 करोड़ की ठगी को अंजाम दिया. एसीपी विशाल ने कहा कि दो महीने पहले पुलिस कमिश्नर के खुले दरबार में पीड़ित करोड़ों की ठगी की शिकायत लेकर पहुंचे थे. कमिश्नर विकास अरोड़ा ने जांच EOW यानी आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी थी. इस दौरान आर्थिक अपराध शाखा ने 32 माइलस्टोन एवेन्यू के डॉयरेक्टर ध्रुवदत्त शर्मा और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया. इसके बाद ध्रुवदत्त शर्मा को अरेस्ट कर लिया गया. इसी गिरफ्तारी के साथ करोड़ों की ठगी का खुलासा हो गया.

पुलिस की मानें तो करोड़ों की ठगी में शामिल शातिर के खिलाफ 5 से ज्यादा केस दर्ज किए गए हैं. इसमें तकरीबन 40 से 50 पीड़ितों की शिकायत पर बयान हुए हैं. आर्थिक अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार, पीड़ितों की संख्या 500 से 1000 के बीच भी जा सकती है, जिसमें हर एक पीड़ित से 1 से ढाई करोड़ के बीच ठगी का मामला है. यानी 500 से 1000 करोड़ के बीच ठगी को अंजाम दिया गया था. आरोपी पीड़ितों को आश्वासन पर आश्वासन दे रहा था.

ठगी के करोड़ो रुपयों से गोवा के समुद्री किनारों पर लग्जरियस विला बनाए गए. एसीपी विशाल ने कहा कि आरोपी ध्रुवदत्त शर्मा ने पूछताछ में बताया कि लोगों के पैसों से उसने गोवा के समुद्री किनारों पर लग्जरियस विला बनाए. राजस्थान के नीमराना में भी इसी तर्ज पर प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट किया.

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