Wednesday, April 1, 2026
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NATIONAL : खुले गड्ढे में गिरकर युवक की मौत मामले में दिल्ली पुलिस का एक्शन, सब-कॉन्ट्रेक्टर गिरफ्तार

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पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी में खुले गड्ढे में गिरकर एक बाइक सवार युवक की मौत के मामले में पुलिस ने सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को गिरफ्तार किया है. ठेकेदार और दिल्ली जल बोर्ड अधिकारियों पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज हुआ है. जांच में लापरवाही, सुरक्षा इंतजामों की कमी और देरी से कार्रवाई जैसे पहलुओं की पड़ताल की जा रही है.

पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में खुले गड्ढे में गिरकर एक युवक की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को हिरासत में लिया है. इस घटना के बाद सुरक्षा में लापरवाही को लेकर लोगों में नाराजगी है. पुलिस ने जनकपुरी थाने में ठेकेदार और दिल्ली जल बोर्ड के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है और जांच को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है.

पुलिस के मुताबिक, हादसे वाली रात उसी सड़क से गुजर रहे एक परिवार ने कमल नाम के युवक को गड्ढे में गिरते देखा था. परिवार ने तुरंत मौके पर मौजूद सुरक्षा गार्ड और पास में तंबू में रहने वाले एक व्यक्ति को इसकी जानकारी दी. बाद में पता चला कि तंबू में रहने वाला व्यक्ति सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति का कर्मचारी है. उसने बिना देर किए यह सूचना प्रजापति तक पहुंचा दी थी.

जांच में सामने आया है कि रात करीब 12.22 बजे एक जूनियर कर्मचारी ने प्रजापति को फोन कर घटना की जानकारी दी. वह रात में मौके पर पहुंचा भी, लेकिन आरोप है कि उसने कोई ठोस कदम नहीं उठाया. पुलिस अधिकारियों के अनुसार उसने गड्ढे में गिरी मोटरसाइकिल देखी, फिर भी न तो किसी की तलाश की और न ही प्रशासन या आपात सेवाओं को सूचना दी. यही देरी अब जांच का अहम हिस्सा बन गई है.

पुलिस ने बताया कि सुरक्षा गार्ड ने भी घटना के तुरंत बाद कर्मचारी को जानकारी दी थी, लेकिन इसके बावजूद बचाव का कोई प्रयास शुरू नहीं हुआ. फिलहाल प्रजापति से पूछताछ की जा रही है और कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज व साइट दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं.

एफआईआर में दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो रही है, खासकर यह देखा जा रहा है कि साइट पर बैरिकेडिंग और लाइटिंग जैसे सुरक्षा इंतजाम थे या नहीं. दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और जिम्मेदारी हर स्तर पर तय की जाएगी. पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की कड़ी से कड़ी जोड़कर जांच जारी है.

ENTERTAINMENT : ‘उसे गलत समझा गया’, विक्रांत मैसी ने अपनी रिटायरमेंट पोस्ट अनाउंसमेंट की बताई सच्चाई, बोले- ‘मैं बस एक ब्रेक…’

विक्रांत मैसी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी रिटायरमेंट अनाउंसमेंट की पोस्ट की सच्चाई बताई और कहा कि उस पोस्ट को गलत समझा गया. वो सिर्फ ब्रेक लेना चाहते थे.

दिसंबर 2024 में, नेशनल अवॉर्ड विनिंग एक्टर विक्रांत मैसी ने अचानक फिल्मों से ब्रेक लेने की अनाउंसमेंट कर हर किसी को हैरान कर दिया था. 12वीं फेल की ज़बरदस्त सफलता के बाद उनके बढ़ते करियर को देखते हुए, इस पोस्ट को एक चौंकाने वाला रिटायरमेंट माना गया.हालांकि, एक इंटरव्यू में मैसी ने अपनी पोस्ट की सच्चाई बताई, और ये भी बताया कि किन वजहों से उन्होंने यह फैसला लिया था.

टाइम्स नाऊ को दिए इंटरव्यू के दौरान अपनी वायरल सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में बात करते हुए, विक्रांत ने बताया कि इस कन्फ्यूजन में प्लेटफॉर्म की सीमाओं का भी हाथ था. उन्होंने कहा, “एक्स पर आपको जितने भी लिमिटेड शब्द मिलते हैं, उसमें मैंने सारी जानकारी भरने की कोशिश की और अब हमें पता है कि सारी जानकारी पहुंची नहीं. इसमें से बहुत कुछ गलत समझा गया. मैं बस एक ब्रेक लेना चाहता था. उस समय मैं बहुत ज़्यादा बर्नआउट महसूस कर रहा था.”

एक्टर ने कहा कि इंडस्ट्री अक्सर परफॉर्मेंस में शामिल इमोशनल मेहनत को नज़रअंदाज़ कर देती है. 16 घंटे की थका देने वाली शिफ्ट के अलावा, विक्रांत ने एक ही साल में चार फिल्मों में मुश्किल किरदार निभाने के मानसिक तनाव पर भी ज़ोर दिया, जिसमें 12वीं फेल और द साबरमती रिपोर्ट शामिल हैं. उन्हें एहसास हुआ कि उनकी परफॉर्मेंस बोरिंग होती जा रही थी और उन्होंने फैसला किया कि एक कलाकार के तौर पर खुद को बेहतर बनाने के लिए उन्हें “शुरुआत से फिर से शुरू करने” की ज़रूरत है.

विक्रांत ने पिता के तौर पर अपनी भूमिका के बारे में बात की. एक्टर का बेटा, वरदान, लगातार काम करने के दौरान पैदा हुआ था, और एक्टर ने माना कि अपनी गैरमौजूदगी पर उन्हें बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई. उन्होंने याद किया कि उन्होंने अपने बेटे के पहले शब्द और पहले कदम सिर्फ़ अपनी पत्नी शीतल ठाकुर द्वारा भेजे गए वीडियो में देखे थे. विक्रांत ने कहा, “अगर आप उन पलों को एंजॉय नहीं कर सकते जिनके लिए आप काम कर रहे हैं, तो सफलता का क्या फ़ायदा?”

उन्होंने अपने बेटे को पहली बार “पापा” कहते हुए न देख पाने के दुख को याद किया. इस एहसास ने उन्हें जगा दिया कि भले ही कमर्शियल सक्सेस और ब्लेसिंग्स कुछ समय के लिए होते हैं, लेकिन उनके बच्चे की ज़िंदगी के शुरुआती साल अनमोल हैं. अपने सात महीने के ब्रेक के दौरान, उन्होंने पति और पिता होने पर ध्यान देना चुना, यह समझते हुए कि काम इंतज़ार कर सकता है लेकिन परिवार नहीं.

ब्रेक के बावजूद, विक्रांत का प्रोफेशनल शेड्यूल बिज़ी है, फैंस विशाल भारद्वाज की रोमांटिक थ्रिलर ओ’ रोमियो में उनके परफॉर्मेंस का इंतज़ार कर रहे हैं. ये फिल्म 13 फरवरी, 2026 को रिलीज़ हो रही है. वह नेटफ्लिक्स सीरीज़ मुसाफ़िर कैफ़े के साथ एक प्रोड्यूसर के तौर पर भी डेब्यू कर रहे हैं, जिसे वह अपनी जर्नी का “एक नया पड़ाव” बताते हैं.

NATIONAL : DSP कल्पना वर्मा सस्पेंड: बिजनेसमैन को ‘लव ट्रैप’ में फंसाकर ₹2.5 करोड़ हड़पे, चैट में पुलिस की खुफिया जानकारी भी लीक की

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छत्तीसगढ़ सरकार ने दंतेवाड़ा डीएसपी कल्पना वर्मा को सस्पेंड कर दिया है. उन पर रायपुर के एक बिजनेसमैन को लव ट्रैप में फंसाकर 2.5 करोड़ रुपये वसूलने और गोपनीय पुलिस जानकारी लीक करने का गंभीर आरोप है.छत्तीसगढ़ सरकार ने DSP कल्पना वर्मा को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. वह अभी दंतेवाड़ा जिले में तैनात हैं. गृह (पुलिस) विभाग ने शुरुआती जांच में उनके खिलाफ गंभीर आरोप पाए जाने के बाद सस्पेंशन का आदेश जारी किया.आदेश के अनुसार, शुरुआती जांच में वित्तीय लेन-देन, जांच के दौरान दर्ज किए गए बयानों और मामले से जुड़ी वॉट्सएप चैट में विरोधाभास पाया गया. जांच में आधिकारिक पद के दुरुपयोग, अवैध वित्तीय लाभ और अनुपातहीन संपत्ति जमा करने की बात भी सामने आई. ये सभी काम छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 का उल्लंघन पाए गए.

यह कार्रवाई DSP कल्पना वर्मा और रायपुर के बिजनेसमैन दीपक टंडन के बीच विवाद की जांच के बाद हुई है. सरकार के निर्देश पर, एक एडिशनल SP-स्तर की जांच की गई, और लगभग 1475 पन्नों की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके अधिकारियों को सौंपी गई. रिपोर्ट में कथित तौर पर कई गंभीर बातें सामने आई हैं.सूत्रों ने बताया कि जांच में DSP और बिजनेसमैन के बीच व्हाट्सएप चैट सामने आई हैं, जिसमें कथित तौर पर पुलिस से जुड़ी संवेदनशील और गोपनीय जानकारी शेयर की गई थी. इसे एक गंभीर उल्लंघन माना जा रहा है, जो खुफिया जानकारी लीक करने जैसा है.

इससे पहले, बिजनेसमैन दीपक टंडन ने DSP पर 2021 से कथित “लव ट्रैप” के जरिए उनसे करीब 2.5 करोड़ रुपये वसूलने का आरोप लगाया था.आरोपों में करीब 2 करोड़ रुपए नकद, एक लग्जरी कार, 12 लाख रुपए की हीरे की अंगूठी, 5 लाख रुपए के सोने के गहने और अन्य महंगे तोहफे शामिल हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि शिकायत के बावजूद कार और गहने वापस नहीं किए गए हैं.

बिजनेसमैन ने यह भी आरोप लगाया कि DSP के भाई के नाम पर होटल खोलने के नाम पर बड़ी रकम ली गई, जिसके लिए अलग से जांच की मांग की गई है. जांच में गंभीर बातें सामने आने के बाद राज्य सरकार ने अब DSP कल्पना वर्मा को सस्पेंड करके अनुशासनात्मक कार्रवाई की है.

NATIONAL : रेस्टोरेंट के कर्मचारी की करतूत! कमरे में अतरंग रहते थे कपल, तभी छेद से बना लेता था वीडियो

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बिजनौर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जहां एक कर्मचारी रेस्टोरेंट के प्राइवेट रूम में जाने वाले कपल का अतरंग वीडियो छिपकर बना लेता था. आरोपी कर्मचारी के फोन में 200 जोड़ों के अतरंग वीडियो भी मिले हैं.

उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. जहां सेंटर प्वाइंट के नाम से संचालित किए जा रहे रेस्टोरेंट में लड़के और लड़कियों को प्राइवेट रूम पैसे लेकर उपलब्ध कराए जा रहे थे. वहीं जब कपल प्राइवेट मोमेंट में होता था तो कर्मचारियों की तरफ से उनकी वीडियो बना ली जाती थी. इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब एक कपल को कर्मचारी पर शक हुआ. जिसके बाद कपल ने हंगामा कर दिया. अब मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

दरअसल जिले के सेंटर प्वाइंट रेस्टोरेंट में आने वाले लड़के-लड़कियों को रेस्टोरेंट के अंदर प्राइवेसी उपलब्ध कराई जाती थी. जिसके लिए रेस्टोरेंट में जीने के नीचे के बगल में एक छोटा कमरा बना था. उसमें सोफा डाला हुआ था. जिसको आने वाले प्रेमी जोड़ों को दिया जाता था. इसमें प्रेमी जोड़े अंतरंग हरकतें भी करते थे. इसी दौरान रेस्टोरेंट के कर्मचारी इन प्रेमी जोड़ों की जीने की साइड से लगे एक बैनर के अंदर से छेद करके मोबाइल से उनकी अंतरंग हरकतों की वीडियो रिकॉर्डिंग करता था.

इस घटना का खुलासा 4 फरवरी को उस समय हुआ जब एक प्रेमी जोड़ा रेस्टोरेंट में पहुंचा और वह भी इसी कमरे में था. लेकिन इस दौरान उन्हें एक कर्मचारी पर शक हुआ और लगा कि वह उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहा है. जिसके बाद उन्होंने इसका विरोध किया और नाराजगी जताई. साथ ही अपने एक साथी को फोन करके रेस्टोरेंट पर बुला लिया. जब दोनों ने मिलकर उस कर्मचारी का मोबाइल चेक किया तो चौंक गए.

क्योंकि इस कर्मचारी के मोबाइल में 200 से ज्यादा प्रेमी जोड़ों के अंतरंगता के वीडियो मिले. जिसके बाद उन्होंने सबूत के तौर पर उसके मोबाइल की उन वीडियो की रिकॉर्डिंग भी की. वहीं जब उन्होंने इसका विरोध करते हुए हंगामा शुरू किया तो आरोपी कर्मचारी मौका देखकर मोबाइल को लेकर फरार हो गया. जिसके बाद कपल ने तुरंत 112 को पूरे मामले की सूचना दी.

सूचना मिलते ही सिविल लाइन चौकी प्रभारी कुलबीर सिंह फोर्स के साथ पहुंच गए. उन्होंने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. साथ ही उन्होंने रेस्टोरेंट का प्राइवेट रूम भी देखा. हंगामा बढ़ते देख मीडिया के लोग भी वहां पहुंच गए. इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई तो कुछ समय बाद सीओ सिटी संग्राम सिंह भी मौके पर पहुंचे. पूरे मामले की जांच करते हुए सीओ सिटी ने रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर को कब्जे में ले लिया है.

सिविल लाइन चौकी प्रभारी कुलबीर सिंह की ओर से मुकदमा दर्ज कर लिया है. चौकी प्रभारी कुलबीर सिंह की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में बताया गया है कि 4 फरवरी को डायल 112 के माध्यम से उन्हें रेस्टोरेंट में एक कर्मचारी सतेंद्र द्वारा कुछ अनैतिक गतिविधियां कराए जाने की सूचना मिली थी. जिस पर वह वहां पहुंचे और उन्होंने इसके जांच की. रेस्टोरेंट के सीसीटीवी डीवीआर कब्जे में ले लिया गया है.

फिलहाल रेस्टोरेंट को बंद करा दिया गया है. इस रेस्टोरेंट का संचालन एक महिला अधिवक्ता द्वारा किया जाता था. लेकिन उनका कहना है कि वह दिन में कोर्ट में प्रैक्टिस करती हैं और शाम को ही रेस्टोरेंट में आती हैं. इस दौरान उनके कर्मचारियों द्वारा अगर ऐसा कुछ किया गया है तो उन्हें इस तरह की जानकारी नहीं है.

MP : प्री-बोर्ड परीक्षा देने घर से निकली 8वीं की छात्रा का किडनैप, जंगल में चार युवकों ने किया गैंगरेप

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मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ गैंगरेप का गंभीर मामला सामने आया है. छात्रा परीक्षा देने निकली थी, तभी चार युवकों ने उसका अपहरण कर नशीला पदार्थ पिलाया और जंगल में वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने POCSO एक्ट में केस दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है.मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है. यहां 14 साल की नाबालिग छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना ने पूरे इलाके को हिला कर दिया है. आरोप है कि दो बाइकों पर सवार चार युवकों ने छात्रा का किडनैप किया फिर उसे नशीला पदार्थ पिलाकर जंगल में ले जाकर घिनौनी वारदात को अंजाम दिया.

जानकारी के अनुसार नाबालिग छात्रा गुरुवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे अपनी सहेली के साथ आठवीं कक्षा की प्री-बोर्ड परीक्षा देने के लिए घर से निकली थी. दोनों छात्राएं परीक्षा केंद्र की तरफ जा रही थीं. इसी दौरान रास्ते में बाइक सवार चार युवक सामने आए और दोनों को रोक लिया.आरोप है कि युवकों ने सहेली को मौके पर छोड़ दिया और नाबालिग छात्रा को जबरन अपने साथ ले गए. इसके बाद छात्रा को नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर दिया गया. बेहोशी की हालत में छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया.घटना के बाद छात्रा जंगल में बेहोशी की हालत में मिली. जब आसपास के लोगों को इसकी जानकारी हुई तो क्षेत्र में सनसनी फैल गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रा को तुरंत मऊगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया.

अस्पताल में छात्रा का मेडिकल परीक्षण किया जा रहा है. पुलिस के अनुसार छात्रा नशे की हालत में थी, इसलिए गुरुवार को उसके बयान दर्ज नहीं हो पाए थे. शुक्रवार जब उसकी स्थिति सामान्य हुई तो पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी है.पीड़िता की मां की शिकायत पर मऊगंज थाना पुलिस ने POCSO एक्ट और सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं अन्य आरोपियों की तलाश तेजी से जारी है.

इस मामले पर एसडीओपी सचि पाठक ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा. घटना के बाद से इलाके में लोगों में आक्रोश है और आरोपी युवकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

ENTERTAINMENT : ‘हेरा फेरी 3’ पर फिर छाए संकट के बादल! इस प्रोड्यूसर ने किया फिल्म के राइट्स का दावा, हुआ केस

अक्षय कुमार की मच-अवेटेड ‘हेरा फेरी 3’ पर दोबारा मुसीबतों के बादल छा गए हैं. साउथ के प्रोड्यूसर ने ‘हेरा फेरी’ के प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला के खिलाफ केस किया, क्योंकि उनके पास इस फिल्म के असली राइट्स हैं.

‘हेरा फेरी’ फ्रेंचाइजी को लगता है कि सचमुच किसी की नजर लग चुकी है. पिछले 10 सालों से इसके तीसरे पार्ट को बनाने की कोशिश हो रही है, लेकिन कुछ ना कुछ कारण से ये कहीं अटक जाती है. डायरेक्टर, एक्टर से लेकर फिल्म के राइट्स पर पंगा हो चुका है. अब साउथ के प्रोड्यूसर ने ‘हेरा फेरी’ के ओरिजिनल राइट्स होने का दावा पेश किया है. ये मामला कोर्ट तक पहुंच गया है.

HT की रिपोर्ट अनुसार, सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल नाम की एक साउथ फिल्म प्रोडक्शन कंपनी ने मद्रास हाई कोर्ट में ‘हेरा फेरी’ के प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला के खिलाफ केस किया है. उनका दावा है कि फिरोज नहीं, बल्कि उनके पास इस फ्रेंचाइजी के कॉपीराइट हैं. गुरुवार को बार एंड बेंच की रिपोर्ट में बताया गया कि साउथ प्रोड्यूसर ने कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें वो बताते हैं कि फिरोज नाडियाडवाला के पास सिर्फ साल 2000 में आई ‘हेरा फेरी’ बनाने के राइट्स थे.

‘हेरा फेरी’ 1989 में आई मलयालम फिल्म ‘रामजी राव स्पीकिंग’ का ऑफिशियल रीमेक थी जिसे प्रियदर्शन ने बनाया था. प्रोड्यूसर ने कहा कि नाडियाडवाला ने बिना राइट्स ‘हेरा फेरी’ का सीक्वल बनाया जो गलत था, और अब इस फ्रेंचाइजी के राइट्स अक्षय कुमार की प्रोडक्शन कंपनी ‘केप ऑफ गुड फिल्म्स’ को बेच दिए. इस पूरे मुद्दे पर सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल के मैनेजिंग डायरेक्टर जीपी विजयकुमार ने HT से बातचीत की.

उन्होंने कहा, ‘मैंने 2022 में आदित्य फिल्म्स, जो रामजी राव स्पीकिंग के ओरिजिनल प्रोड्यूसर्स हैं, उनसे हेरा फेरी फ्रैंचाइजी के पूरे राइट्स खरीद लिए थे. उन्होंने मुझे बताया था कि फिरोज नाडियाडवाला को सिर्फ इस फिल्म का एक हिंदी वर्जन बनाने का अधिकार दिया गया था. लेकिन उन्होंने सीक्वल भी बना दिया, जो 2006 में रिलीज हुआ. फिरोज नाडियाडवाला को सीक्वल या प्रीक्वल बनाने या किरदारों को इस्तेमाल करने का कोई अधिकार नहीं है.’

जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने ‘फिर हेरा फेरी’ के दौरान कोई एक्शन क्यों नहीं लिया, तो उन्होंने कहा- पहली फिल्म प्रियदर्शन ने बनाई थी, जो हमारे बहुत करीबी हैं. दूसरी फिल्म नीरज वोहरा ने बनाई. उस समय कॉपीराइट वाले लोगों को पता नहीं चला कि क्या हो रहा है. ओरिजिनल प्रोड्यूसर और मुझे बहुत बाद में पता चला कि नाडियाडवाला ने धोखाधड़ी की है और नियम तोड़े हैं.

‘उस वक्त हमने सोचा कि जो हो गया, सो हो गया. अब हम अगली हिंदी फिल्म खुद बनाएंगे. हमने अक्षय कुमार से बात की उसी के लिए. तभी पता चला कि नाडियाडवाला ने अक्षय की प्रोडक्शन कंपनी को राइट्स बेच दिए हैं. हमने नाडियाडवाला को लीगल नोटिस भेजा कि जो चीज आपकी नहीं थी, उसे फिर आपने कैसे बेच दिया? मेरे पास कोई और रास्ता नहीं बचा, इसलिए कोर्ट जाना पड़ा.’

फिल्म ‘हेरा फेरी 3’ का प्रोडक्शन अभी तक शुरू नहीं हुआ है. इसकी जानकारी खुद परेश रावल ने दी थी. उन्होंने खुलासा किया था कि फिल्म की शूटिंग फरवरी या मार्च के दौरान शुरू की जाएगी. हालांकि अब फिल्म का क्या भविष्य होगा, इसका इंतजार करना पड़ेगा.

NATIONAL : नोएडा में 5 साल के बच्चे पर टूट पड़े आवारा कुत्ते, लोगों ने दौड़कर बचाई जान, CCTV में कैद हुई घटना

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नोएडा के सेक्टर-78 स्थित कार्मिक ग्रीन्स सोसाइटी में आवारा कुत्तों ने 5 साल के बच्चे पर हमला कर दिया. बच्चा सोसाइटी के मार्केट से बाहर निकल रहा था, तभी दो कुत्तों ने उसे घसीटने की कोशिश की. पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है. हमले में बच्चे के सिर पर चोट आई है, जबकि घटना के बाद लोगों में नाराजगी है.

नोएडा में आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. ताजा मामला सेक्टर-78 स्थित कार्मिक ग्रीन्स हाउसिंग सोसाइटी का है, जहां दो आवारा कुत्तों ने एक 5 वर्षीय बच्चे पर हमला कर दिया. यह पूरी घटना सोसाइटी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है.मामला थाना सेक्टर-113 क्षेत्र का है. घटना के बाद से सोसाइटी के लोगों में दहशत और नाराजगी का माहौल है. यहां रोहित चावला अपने परिवार के साथ कार्मिक ग्रीन्स सोसाइटी में रहते हैं. उनका 5 साल का बेटा सोसाइटी के अंदर स्थित मार्केट में चॉकलेट लेने गया था.

जैसे ही वह दुकान से बाहर निकला, तो दो आवारा कुत्तों ने अचानक उस पर हमला कर दिया. अचानक हुए हमले से बच्चा घबरा गया और जमीन पर गिर पड़ा. सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि कुत्ते बच्चे को घसीटने की कोशिश भी करते हैं.हमले में बच्चे के सिर पर चोट आई है. शोर सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्तों को भगाकर बच्चे को छुड़ाया. इसके बाद परिवार वाले बच्चे को इलाज के लिए लेकर गए. फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.

घटना के बाद सोसाइटी के लोगों में नाराजगी है. लोगों का कहना है कि सोसाइटी और आसपास के सेक्टरों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है. कई बार नोएडा प्राधिकरण से शिकायत की गई, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई. स्थानीय लोगों ने प्राधिकरण और पुलिस से मांग की है कि सोसाइटी क्षेत्रों में आवारा कुत्तों के नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और बच्चों व बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए तत्काल ठोस इंतजाम किए जाएं. सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद लोग सुरक्षा के कदम उठाए जाने की मांग कर रहे हैं.

NATIONAL : पांच बच्चों को चढ़ा दिया था HIV संक्रमित ब्लड… हाईकोर्ट के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज

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झारखंड के चाईबासा में पांच बच्चों को एचआईवी संक्रमित ब्लड चढ़ाए जाने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर तत्कालीन लैब टेक्नीशियन समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज हुआ है. थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को ट्रांसफ्यूजन के दौरान संक्रमित खून दिए जाने का मामला सामने आने के बाद व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे.

पश्चिम सिंहभूम जिले में पांच मासूम बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. इसके बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई है. हाईकोर्ट के निर्देश पर चाईबासा सदर थाना में सदर अस्पताल के ब्लड बैंक के तत्कालीन लैब टेक्नीशियन मनोज कुमार सहित अन्य कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.

जानकारी के मुताबिक, यह घटना पिछले साल अक्टूबर की है. चाईबासा सदर अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ित 5 से 7 वर्ष आयु के पांच बच्चों को ब्लड ट्रांसफ्यूजन के दौरान एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ा दिया गया था. बाद में जांच रिपोर्ट में सभी बच्चों के एचआईवी पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई, जिससे जिले में हड़कंप मच गया था. परिजनों ने ब्लड बैंक में रक्त की स्क्रीनिंग प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया था.

मामले में झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस गौतम कुमार की अदालत ने सुनवाई के दौरान इसे अत्यंत गंभीर माना. अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पीड़ित परिवार संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं और थाना प्रभारी तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए. कोर्ट ने यह भी कहा कि इस तरह के मामलों में देरी बर्दाश्त नहीं की जा सकती. कोर्ट के आदेश के बाद पीड़ित बच्चों में से एक की मां के आवेदन पर सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई.

सदर थाना प्रभारी तरुण कुमार ने बताया कि आवेदन में कहा गया है कि ब्लड बैंक में रक्त जांच और स्क्रीनिंग के मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण संक्रमित रक्त बच्चों को चढ़ा और वे एचआईवी पॉजिटिव हो गए. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.घटना उजागर होने और कोर्ट के निर्देश के बावजूद एफआईआर दर्ज करने में करीब चार महीने की देरी हुई, इस पर भी अदालत ने नाराजगी जताई थी.

मामले के सामने आने के बाद राज्य सरकार ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को 2-2 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की थी. साथ ही तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. सुशांतो कुमार मांझी को निलंबित किया गया था और लैब टेक्नीशियन मनोज कुमार को सेवामुक्त कर दिया गया था.

घटना के बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने चाईबासा जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी और कड़ी कानूनी कार्रवाई और सहयोग का भरोसा दिया था. झारखंड बचाओ जनसंघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में परिजनों ने रांची में विधानसभा के सामने धरना भी दिया. बाद में मोर्चा की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर अब एफआईआर दर्ज हुई है.संगठन के पदाधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए आरोपियों पर सख्त एक्शन और ब्लड बैंक सिस्टम में व्यापक सुधार की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो.

NATIONAL : इलाज का खर्च, पति की साजिश और कोडवर्ड… जो पत्नी कैंसर से जूझ रही थी, उसे सुपारी देकर मरवा दिया

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कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही पत्नी को जहां सहारे और साथ की जरूरत थी, वहीं हापुड़ में एक पति ने उससे छुटकारा पाने के लिए सुपारी देकर उसकी हत्या करवा दी. पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इलाज के खर्च को लेकर घर में अक्सर विवाद होता था. इसी को लेकर साजिश रच दी गई. वारदात को लूट दिखाने की कोशिश की गई.

यूपी के हापुड़ में बेहद सनसनीखेज कहानी सामने आई है. यहां कैंसर पीड़ित एक महिला की हत्या कर दी गई. जांच में पता चला कि महिला की हत्या के लिए उसके पति ने सुपारी दी थी. पुलिस ने मृतका के पति समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. उनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त दो चाकू बरामद किए गए हैं.

पुलिस के अनुसार, यह मामला थाना बहादुरगढ़ क्षेत्र के ग्राम मोहम्मदपुर रुस्तमपुर का है. यहां 2 फरवरी की रात एक महिला की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी. शुरुआती तौर पर घटना को चोरी के दौरान हत्या का रूप देने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस की जांच में सच्चाई सामने आ गई.पता चला कि मृतका के पति राहुल ने अपने दो साथियों शेरअली उर्फ शेरा और फिरोज के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घरेलू कलह और पत्नी की कैंसर की बीमारी के इलाज में हो रहे खर्च को लेकर विवाद चल रहा था, जिसके चलते पत्नी की हत्या की साजिश रची गई.

पुलिस के मुताबिक, 2 फरवरी की रात करीब 8:30 बजे आरोपियों ने पहले कंबल से महिला का मुंह दबाया और फिर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी. हत्या के बाद आरोपी राहुल ने खुद को बचाने के लिए गांव नानई में एक शादी समारोह में फोटो खिंचवाए और फिर बिजनौर के चांदपुर चला गया.

अगली सुबह आरोपी ने घर लौटकर परिजनों को चोरी और हत्या की झूठी सूचना दी, लेकिन पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया. फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई शुरू कर दी है.अपर पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर ने बताया कि राहुल की शादी बीबीनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली रीता शर्मा के साथ 2009 में हुई थी. दोनों का 18 साल का एक बेटा भी है. वह अपने ननिहाल मेरठ में रहता है. राहुल का पत्नी रीता और मां से झगड़ा होता था. इलाज में खर्च हो रहे पैसों को लेकर भी दोनों में विवाद होता रहता था. राहुल पत्नी से छुटकारा पाना चाहता था. वह बेहद शातिर है. हत्याकांड के लिए उसने अपने दो कर्मचारियों शेरा और फिरोज को 5 लाख की सुपारी दी थी.

तीनों ने बातचीत के लिए ‘साड़ी के पैसे’ कोड वर्ड का इस्तेमाल किया. राहुल ने वारदात के लिए दो फरवरी का दिन चुना. उसने कर्मचारियों को कॉल कर कहा कि साड़ी के पैसे लेने घर आ जाओ. आरोपी शेर अली उर्फ शेरा और फिरोज दो फरवरी की रात करीब साढ़े 8 बजे राहुल के घर पहुंचे. फिर तीनों ने मिलकर कमरे में रीता का मुंह कंबल से दबाया.

इसके बाद शेरा और फिरोज ने दो चाकू से उसके गले पर ताबड़तोड़ कई वार कर हत्या कर दी. हत्याकांड को लूट दिखाने के लिए घर का सारा सामान इधर-उधर फेंक दिया गया. वारदात के वक्त कारोबारी की मां घर में ही थीं, लेकिन उन्हें भनक तक नहीं लगी. वारदात के बाद राहुल रात को ही घर से 20 किलोमीटर दूर नानई गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने चला गया. उसने वहां फोटो भी खिंचवाई.

इसके बाद राहुल अपनी बाइक से दूसरी दुकान चांदपुर (बिजनौर) में जाकर सो गया. वहां से सुबह 4 बजे घर के लिए निकला और घर आकर लूटपाट और पत्नी रीता की हत्या होने का शोर मचा दिया. सूचना पर कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची. पुलिस ने डॉग स्क्वॉड लगाए, जो घर के अलावा शेरा और फिरोज के घर के पास भी घूमते रहे. इसके बाद पुलिस ने पति से पूछताछ की.

राहुल शादी समारोह में जाने की बात बताने लगा. पुलिस ने उसकी कॉल की सीडीआर निकलवाई, जिससे हत्याकांड के क्लू मिले और कोर्ड वर्ड का खुलासा हुआ. पुलिस ने राहुल शर्मा से सख्ती से पूछताछ की. दोनों साथियों से हुई बातचीत में इस्तेमाल कोड वर्ड के बारे में पूछा. जिस पर राहुल टूट गया. इसके बाद फिरोज और शेरा को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. दोनों आरोपियों के पास दो हत्या में इस्तेमाल दो चाकू बरामद हुए हैं.

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