Wednesday, April 1, 2026
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NATIONAL : 10 साल पहले जिसके साथ भागी थी मां…बेटे ने उसे मार डाला, लाश पर पैर टिकाए करता रहा पुलिस का इंतजार

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कर्नाटक के सावदत्ती तालुका में दिनदहाड़े हुई एक खौफनाक हत्या ने इलाके में सनसनी फैला दी. अवैध संबंध की पुरानी रंजिश में एक व्यक्ति ने अपने प्रतिद्वंद्वी पर सरेआम चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी. वारदात के बाद आरोपी शव के पास खड़ा रहा और खुद पुलिस को फोन कर अपराध कबूल कर लिया.

कर्नाटक के बेलगावी जिले के सावदत्ती तालुका में सोमवार शाम एक दिल दहला देने वाली हत्या की वारदात सामने आई, जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया. हूलिकट्टी गांव के पास सड़क पर एक व्यक्ति की सरेआम बेरहमी से हत्या कर दी गई. हत्या के बाद आरोपी का शव के पास खड़े रहना और पुलिस के आने तक लाश की छाती पैर टिकाए रहना, राहगीरों के लिए किसी डरावने मंजर से कम नहीं था.

मृतक की पहचान 51 साल के बसप्पा होसमानी के रूप में हुई है, जो बसडोनी गांव का निवासी था. पुलिस के मुताबिक, सोमवार शाम बसप्पा किसी काम से सड़क से गुजर रहा था, तभी पहले से घात लगाए बैठे आरोपी एरय्या मठपति ने उसे रोक लिया और धारदार हथियार से हमला कर दिया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी ने बसप्पा पर करीब 16 बार वार किए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई.

यह वारदात सावदत्ती कस्बे के पास हुई, जो प्रसिद्ध येल्लम्मा मंदिर के कारण एक धार्मिक क्षेत्र माना जाता है. खुलेआम हुई इस हत्या से आसपास मौजूद लोग स्तब्ध रह गए और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया.पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी एरय्या मठपति और मृतक बसप्पा होसमानी के बीच पुरानी दुश्मनी थी. करीब दस साल पहले बसप्पा, आरोपी की मां के साथ कथित रूप से घर छोड़कर चला गया था. बाद में दोनों कोल्हापुर में रहने लगे थे. इसी घटना के बाद से आरोपी एरय्या मन में गहरी रंजिश पाले हुए था. बताया जा रहा है कि हाल ही में बसप्पा फिर से अपने गांव और आसपास के इलाके में लौट आया था. इसी दौरान एरय्या को उसके लौटने की जानकारी मिली और उसने बदला लेने की ठान ली. मौका मिलते ही उसने सार्वजनिक स्थान पर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया.

हत्या के बाद आरोपी ने खुद सावदत्ती पुलिस को फोन कर बताया कि उसने बसप्पा की हत्या कर दी है. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी वहीं खड़ा मिला, जिसका एक पैर मृतक के शव पर रखा हुआ था. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और हत्या का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है. फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के वक्त आरोपी अकेला था या किसी ने उसकी मदद की. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच जारी है.

ENTERTAINMENT : यूट्यूबर की ग्रैंड शादी, ससुरालवालों ने दिया 71 लाख कैश-21 तोला सोना, भड़के यूजर्स, बोले- ये दहेज है

यूट्यूबर अरुण पंवार ट्रोल हो रहे हैं. उन्होंने अपनी शादी में ससुरालवालों से 71 लाख रुपये नकद और 21 तोला सोना दान के रूप में मिला है. लोगों का कहना है दहेज को दान का नाम देना गलत है.

गुरुग्राम के मशहूर ऑटोमोबाइल यूट्यूबर अरुण पंवार की ग्रैंड वेडिंग चर्चा में बनी हुई है. इंस्टा पर उन्होंने शादी की रस्मों को निभाते हुए वीडियो पोस्ट किए हैं. जो देखते ही देखते वायरल हो गए. अरुण ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें उन्हें लग्न समारोह में 71 लाख रुपये नकद और 21 तोला सोना मिलने का जिक्र हो रहा है. वीडियो में इसे दहेज नहीं ‘दान’ बताया गया है. इसे देखने के बाद दहेज प्रथा का विरोध करने वाले लोग एक्टिव हो गए हैं. अरुण को खूब ट्रोल किया जा रहा है.

वीडियो में लग्न-सगाई में मिले ‘दान’ की डिटेल देते हुए एक शख्स ने अनाउंसमेंट कर बताया- दहेज नहीं केवल दान जो बना है, जो दिया गया है वो इस प्रकार है- लड़के की सोने की चेन साढ़े 5 तोले की, लड़के का ब्रेसलेट 4 तोले का, लड़के की 2 अंगूठी, लड़के की 5 सोने की चीज, लड़के के पापा की चेन-अंगूठी, लड़के के ताऊजी-दोनों भाइयों की अंगूठी, लड़के की मम्मी की टोकस, पायल, चुटकी, लड़के की बहन-भाभी के लिए टोकस. कुल 21 तोला सोना और 71 लाख रुपये कैश में दिया गया है.

सोशल मीडिया पर इस वीडियो ने बहस छेड़ दी है. किसी ने इसे परंपरा बताया तो कोई इसे दहेज से जोड़कर देख रहा है. लोगों का कहना है कैसे दहेज को दान का नाम देकर जायज ठहराया जा सकता है. किसी ने कहा ये दहेज निषेध अधिनियम 1961 के तहत अपराध है. यूजर ने लिखा- शादी में पैसा हो या सोना, जो भी लिया जाता है वो दहेज होता है. उसे कैसे दान का नाम दिया जा सकता है? कई यूजर्स ने तो अरुण पर ही कानूनी कार्रवाई होने की बात कही है.

उनकी पत्नी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. यूजर्स का कहना है कैसे डॉक्टरी की पढ़ाई करने के बाद भी वो दहेज की प्रथा को सपोर्ट कर रही हैं. वहीं कुछ लोग यूट्यूबर के सपोर्ट में दिखे. उनके मुताबिक, ये दान अपनी इच्छा के अनुसार दिया गया है. इसे दहेज बोलना गलत है. किसी ने मजे लेते हुए कहा- ये दूल्हा तो बिक गया. दूसरे ने कहा- बिकने के लिए बधाई.

अरुण पेशे से ऑटोमोबाइल यूट्यूबर हैं. जानकारी के मुताबिक, BCA की पढ़ाई करने के बाद अरुण ने 2019 में यूट्यूब चैनल शुरू किया था. कारों के रिव्यू कर वो लाइमलाइट में आए. आज उनके यूट्यूब पर 2.41 मिलियन सब्सक्राइबर हैं. इंस्टा पर उनके 971K फॉलोअर्स हैं. वो लग्जरी लाइफ जीते हैं. वो महंगी गाड़ियों के शौकीन हैं. उनकी पत्नी का नाम डॉक्टर तिथि है. उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई की है.

BIHAR : बेटी की शादी में मां ने नहीं दिया आशीर्वाद, रोते-रोते कही ये बात

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मुंगेर के हवेली खड़गपुर थाना परिसर में प्रेमी जोड़े की शादी चर्चा का विषय बनी. 23 जनवरी को फरार हुई पायल कुमारी ने प्रेमी ब्रजेश कुमार के साथ पुलिस की मौजूदगी में सात फेरे लिए. दोनों के बालिग होने के प्रमाण के बाद परिजनों की सहमति से शिव मंदिर में विवाह किया. लेकिन लड़की की मां ने आशीर्वाद नहीं दिया.मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर थाना में एक प्रेमी जोड़े की शादी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है. थाना परिसर स्थित शिव मंदिर में पुलिस की मौजूदगी में यह विवाह संपन्न कराया गया. यह शादी तेघड़ा गांव निवासी अजय साह की 19 वर्षीय बेटी पायल कुमारी और भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र के छोटी श्रीरामपुर निवासी ब्रजेश कुमार के बीच हुई.

जानकारी के अनुसार पायल कुमारी और ब्रजेश कुमार के बीच पिछले चार वर्षों से प्रेम संबंध था. दोनों एक ही इलाके में रिश्तेदारी के कारण संपर्क में आए थे और धीरे धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं. दोनों ने साथ जीवन बिताने का फैसला कर लिया था. 23 जनवरी को पायल कुमारी घर से बाजार जाने की बात कहकर निकली और अपने प्रेमी ब्रजेश कुमार के साथ भागलपुर चली गई.

इस घटना के बाद पायल के पिता अजय साह ने 28 जनवरी को हवेली खड़गपुर थाना में अपनी बेटी के घर से भागने और शादी किए जाने को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार प्रेमी युगल की तलाश में दबिश दे रही थी. इसी बीच 2 फरवरी सोमवार को प्रेमी युगल स्वयं हवेली खड़गपुर थाना पहुंचा. दोनों ने पुलिस के समक्ष अपने अपने बालिग होने से संबंधित प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए. दस्तावेजों की जांच के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के परिजनों को थाना बुलाया. थाना में दोनों परिवारों के बीच बातचीत हुई.

काफी देर तक चली चर्चा और आपसी रजामंदी के बाद थाना परिसर स्थित शिव मंदिर में विधि विधान से दोनों की शादी कराई गई. इस विवाह में पुलिसकर्मी, दोनों पक्षों के परिजन और स्थानीय ग्रामीण बाराती बने. शादी के दौरान मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जुटी रही. हालांकि इस मौके पर लड़की की मां ने विवाह के दौरान आशीर्वाद नहीं दिया. इसके बावजूद अन्य परिजनों की सहमति से विवाह संपन्न कराया गया. पुलिस की मौजूदगी में सभी धार्मिक रस्में पूरी की गईं और दोनों ने सात फेरे लिए.

नवविवाहित जोड़े ने बताया कि वे पिछले चार वर्षों से एक दूसरे से प्रेम करते थे. गांव में रिश्तेदारी होने के कारण संपर्क बना रहा. जब उन्हें प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी मिली तो वे स्वयं थाना पहुंचे. परिजनों की मौजूदगी और सहमति से विवाह कराया गया. दोनों ने कहा कि वो अब साथ जीवन बिताना चाहते हैं. इस पूरे घटनाक्रम के दौरान थाना परिसर में मौजूद लोग इस अनोखी शादी की चर्चा करते रहे. पुलिसकर्मी भी बाराती की भूमिका में नजर आए. शादी के बाद प्रेमी युगल खुशी खुशी थाना परिसर से रवाना हुआ.

NATIONAL : दो पत्नी और 5 बच्चे… तीन बहनों के सुसाइड केस में रिश्तों का पूरा सच जानने में जुटी पुलिस

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गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों के सुसाइड केस में नया एंगल सामने आया है. बच्चियों के पिता ने दो शादियां की है. पहली पत्नी से बच्चे नहीं हुए थे दूसरी शादी साली से की. पांच बच्चों, दोनों पत्नियों का एक साथ रहना और तीनों बहनों का दो साल से स्कूल न जाना जांच का अहम हिस्सा बन गया है. पुलिस को कोरियन कल्चर, 50 टास्क और आखिरी टास्क से जुड़े सुराग मिले हैं, जिनकी गहन जांच जारी है.

कोरियन लवर गेम के चक्कर में गाजियाबाद तीन बहनों के सुसाइड केस की पड़ताल में पुलिस हर एंगल पर जांच कर रही है. पता चला है कि तीनों बहनों के पिता ने दो शादियां की थीं. पहली शादी के कई साल बाद तक संतान नहीं हुई. इसके बाद उसने पहली पत्नी की छोटी बहन यानी साली से दूसरी शादी कर ली गई.

दूसरी शादी से तीन बच्चे हुए, लेकिन किस्मत ने यहां एक मोड़ लिया. इसी दौरान पहली पत्नी से भी दो बच्चे हो गए. इस तरह एक ही घर में दो पत्नियां, पांच बच्चे और एक जटिल पारिवारिक ढांचा खड़ा हो गया. बाहर से देखने पर सब कुछ सामान्य लगता था. दोनों पत्नियां, सभी बच्चे सब साथ रहते थे. लेकिन इसी घर में पनप रही थी एक ऐसी खामोशी, जिसका अंदाजा किसी को नहीं था. जिन तीन बहनों ने अपनी जान दी, उनमें दो दूसरी पत्नी की बेटियां थीं, जबकि एक पहली पत्नी की बेटी थी. तीनों की उम्र कम थी, लेकिन उनके बीच का जुड़ाव असामान्य रूप से गहरा था. तीनों बहनें पिछले दो सालों से स्कूल नहीं जा रही थीं. बताया गया कि वे पढ़ाई में कमजोर थीं, इसलिए घर पर ही रखी गईं. स्कूल से दूरी, बाहरी दुनिया से कटाव. इन सबने धीरे-धीरे उनकी दुनिया को चार दीवारों और एक मोबाइल स्क्रीन तक सीमित कर दिया.

घटना के बाद जब पुलिस और मीडिया घर पहुंची, तो बच्चियों के पिता कैमरे से नजरें चुराते दिखे. उन्होंने अपना चेहरा दिखाने से इनकार कर दिया. उन्होंने बस इतना कहा कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि उनकी बेटियां किस रास्ते पर चल पड़ी हैं. उन्हें सिर्फ इतना मालूम था कि वे कोरियन गेम और कोरियन कंटेंट देखती थीं. कल आखिरी टास्क था. ये बात मुझे भी अब पता चली है.

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों बच्चियां किसी टास्क आधारित गेम या गतिविधि से जुड़ी हो सकती हैं. आशंका है कि इसमें कुल 50 टास्क थे और जिस दिन यह घटना हुई, वही आखिरी टास्क का दिन था. पुलिस अभी यह तय नहीं कर पा रही है कि यह कोई संगठित ऑनलाइन गेम था या फिर सोशल मीडिया और वीडियो कंटेंट के जरिए बना हुआ एक मानसिक दबाव, जिसने बच्चियों को धीरे-धीरे इस हद तक पहुंचा दिया.

पुलिस को शक है कि तीनों बहनों में से बीच वाली बच्ची इस पूरे सिलसिले की लीडर थी. वही तय करती थी कि क्या करना है, कब करना है और कैसे करना है. बाकी दोनों बहनें उसी के निर्देशों पर चलती थीं. तीनों हर काम साथ करती थीं उठना, बैठना, खाना, समय बिताना. जांचकर्ताओं को आशंका है कि यह सामूहिकता भी किसी टास्क का हिस्सा थी, जिससे अलग होने की सोच धीरे-धीरे खत्म हो जाती है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बच्चियों ने अपने व्यवहार से किसी को जरा भी शक नहीं होने दिया. घर में दो मांएं थीं, कई भाई-बहन थे, फिर भी किसी को यह अहसास नहीं हुआ कि तीनों बच्चियां भीतर ही भीतर किसी गहरे दबाव में हैं. पड़ोसियों का कहना है कि बच्चियां शांत रहती थीं, ज्यादा बाहर नहीं निकलती थीं, लेकिन कभी ऐसा नहीं लगा कि कुछ गलत होने वाला है.

घटना के बाद पुलिस ने बच्चों के सभी मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं. डिजिटल फोरेंसिक टीम हर पहलू की जांच कर रही है. कॉल रिकॉर्ड, चैट, सोशल मीडिया अकाउंट, वीडियो, नोट्स और इंस्टॉल किए गए ऐप्स. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बच्चियां किस तरह के कंटेंट से जुड़ी थीं और क्या किसी बाहरी व्यक्ति या ग्रुप का उन पर प्रभाव था. डीसीपी निमिष पाटिल खुद मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया, जहां यह सब हुआ. उन्होंने परिवार के सदस्यों से लंबी बातचीत की. डीसीपी के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि बच्चियां कोरियन कल्चर से काफी प्रभावित थीं. हालांकि अभी तक किसी खास गेम या टास्क का ठोस सबूत नहीं मिला है. जांच जारी है. डीसीपी ने कहा, जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.

पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है. इसमें किसी व्यक्ति या प्लेटफॉर्म का सीधा नाम नहीं है, लेकिन कोरियन कल्चर का जिक्र जरूर है. जांचकर्ता इस नोट को बच्चों की मानसिक स्थिति को समझने की अहम कड़ी मान रहे हैं. परिवार के भीतर की स्थिति भी जांच के दायरे में है. दो पत्नियां, अलग-अलग मांओं से पैदा हुए बच्चे और एक ही छत के नीचे पलता हुआ यह पूरा परिवार. क्या यह ढांचा बच्चों के मन पर किसी तरह का दबाव बना रहा था? पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है. हालांकि अभी तक घरेलू विवाद या हिंसा का कोई सीधा संकेत नहीं मिला है. परिवार ने कुछ दिन पहले बच्चियों के मोबाइल इस्तेमाल पर पाबंदी भी लगाई थी. अब पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि यह पाबंदी क्यों लगाई गई थी. क्या परिवार को किसी संदिग्ध गतिविधि की भनक लगी थी? या फिर यह प्रतिबंध बच्चियों के लिए और ज्यादा मानसिक दबाव का कारण बन गया ?

NATIONAL : इंस्टाग्राम की लव स्टोरी और ब्रेकअप… नाराज गर्लफ्रेंड ने सीने में चाकू से गोदकर बॉयफ्रेंड की ले ली जान

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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में इंस्टाग्राम से शुरू हुई लव स्टोरी खौफनाक मोड़ पर जा पहुंची. ब्रेकअप से नाराज गर्लफ्रेंड अपने बॉयफ्रेंड के घर पहुंची और उसके सीने में चाकू से कई वार कर दिए, जिससे उसकी मौत हो गई. पुलिस ने आरोपी लड़की को गिरफ्तार कर लिया है. इसी के साथ सोशल मीडिया चैट व कॉल डिटेल के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है.

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहां एक युवक की दोस्ती इंस्टाग्राम पर एक लड़की से हुई. दोनों में प्यार हो गया. इसके बाद किसी बात को लेकर ब्रेकअप हो गया. ब्रेकअप से गर्लफ्रेंड इतनी नाराज हो गई कि उसने बॉयफ्रेंड के सीने में ताबड़तोड़ चाकू से वार कर उसकी जान ले ली. यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया.

जानकारी के अनुसार, 22 साल की रोशनी और 25 साल के कामता प्रसाद सूर्यवंशी की दोस्ती करीब छह महीने पहले इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी. ऑनलाइन बातचीत धीरे-धीरे प्यार में बदल गई, लेकिन कुछ समय बाद कामता ने रोशनी से दूरी बना ली. उसने न केवल बात करना बंद कर दिया, बल्कि कॉल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रोशनी को ब्लॉक भी कर दिया. इसी से नाराज रोशनी को शक था कि कामता ने उसे छोड़कर किसी दूसरी लड़की से दोस्ती कर ली है.

इसके बाद मंगलवार की सुबह रोशनी चाकू लेकर कामता प्रसाद के घर पहुंची. दोनों के बीच कुछ देर तक वहां कहासुनी होती रही. इसी दौरान गुस्से में आकर रोशनी ने कामता के सीने पर ताबड़तोड़ चाकू से वार कर दिए. गंभीर रूप से घायल कामता को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद हड़कंप मच गया.

इस घटना के बारे में सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. पुलिस ने आरोपी युवती रोशनी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है. शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि रोशनी बॉयफ्रेंड को मारने के इरादे से चाकू लेकर पहुंची थी. पुलिस अब मोबाइल कॉल डिटेल और सोशल मीडिया चैट की जांच कर रही है. मृतक कामता प्रसाद सूर्यवंशी जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी का भांजा था.

BHAKTI : फरवरी में पहली एकादशी कब है? जानें तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि

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एकादशी के दिन अनाज का सेवन वर्जित माना गया है. भक्त इस दिन फलाहार या निर्जला व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु की पूजा, विष्णु सहस्रनाम का पाठ, कीर्तन और रात्रि जागरण करते हैं.

सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना गया है. यह व्रत भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है. हर महीने दो बार कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में एकादशी का व्रत रखा जाता है. हर एकादशी का अपना अलग धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होता है. ऐसे में आइए जानते हैं फरवरी 2026 में पड़ने वाली एकादशी व्रत की तिथियां, व्रत का समय और पारण से जुड़ी पूरी जानकारी.

फरवरी 2026 में कौन-कौन सी एकादशी पड़ेगी?

विजया एकादशी – 13 फरवरी 2026

विजया एकादशी व्रत 2026: तिथि, मुहूर्त और पारण

पंचांग के अनुसार, फाल्गुन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 12 फरवरी 2026 को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से होगी, जबकि इसका समापन 13 फरवरी को दोपहर 2 बजकर 25 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार विजया एकादशी का व्रत 13 फरवरी 2026 को रखा जाएगा. विजया एकादशी का पारण अगले दिन यानी 14 फरवरी को किया जाएगा. पारण का शुभ समय सुबह 7 बजे से सुबह 9 बजकर 14 मिनट तक रहेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने भी लंका विजय से पूर्व विजया एकादशी का व्रत किया था, जिसके प्रभाव से उन्हें विजय प्राप्त हुई थी.

आमलकी एकादशी व्रत 2026: तिथि, मुहूर्त और पारण

फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 27 फरवरी 2026 को रात 12 बजकर 33 मिनट से होगा. इसका समापन उसी दिन रात 10 बजकर 32 मिनट पर होगा. ऐसे में आमलकी एकादशी का व्रत 27 फरवरी को रखा जाएगा.

इस व्रत का पारण 28 फरवरी 2026 को सुबह 6 बजकर 47 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 6 मिनट के बीच किया जाएगा. आमलकी एकादशी महाशिवरात्रि और होली के बीच पड़ती है, इसे रंगभरी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा और रात्रि जागरण करने से सुख, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है.

एकादशी पूजा विधि

एकादशी के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें. स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद घर के मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें. पूजा से पहले व्रत का संकल्प लें, भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी का ध्यान करें.

पूजा स्थल पर भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें. उन्हें पीले फूल, तुलसी दल, फल, धूप और दीप अर्पित करें. एकादशी के दिन तुलसी पत्र भगवान विष्णु को अर्पित करना विशेष फलदायी माना जाता है. इसके बाद विष्णु सहस्रनाम, श्रीहरि स्तोत्र या एकादशी व्रत कथा का पाठ करें.

पूजा के अंत में भगवान विष्णु की आरती करें, सभी से सुख-समृद्धि व शांति की कामना करें. दिनभर सात्त्विक आचरण रखें. अनाज का सेवन न करें. रात्रि में भजन-कीर्तन और जागरण करने का विशेष महत्व बताया गया है. अगले दिन द्वादशी तिथि में शुभ मुहूर्त पर व्रत का पारण करें.

NATIONAL : पैसे न देने पर बिना ढंके नग्न ही दे दिया शव…नोएडा के पोस्टमार्टम हाउस में इंसानियत शर्मसार

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नोएडा के सेक्टर-94 स्थित पोस्टमार्टम हाउस से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि स्टाफ ने मृतक के परिजनों से कफन के नाम पर 3 हजार रुपये मांगे और पैसे न देने पर शव बिना कपड़ा ढंके सौंप दिया. मजबूर परिजनों को श्मशान घाट से चादर खरीदनी पड़ी. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

उत्तर प्रदेश में नोएडा के सेक्टर-94 स्थित पोस्टमार्टम हाउस से मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि पोस्टमार्टम हाउस के स्टाफ ने मृतक के परिजनों से कफन के नाम पर 3,000 रुपये की मांग की. पैसे न देने पर शव को बिना कपड़ा ढंके ही परिजनों को दे दिया. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

पीड़ित परिवार का आरोप है कि पोस्टमार्टम हाउस स्टाफ ने पैसे मांगे थे और पैसे न देने पर स्टाफ ने शव को हाथ लगाने से भी इनकार कर दिया. मजबूर होकर परिजनों को श्मशान घाट से चादर खरीदकर शव को ढंकना पड़ा. इस दौरान परिजनों ने शव को ढंकने हुए वीडियो भी बनाया.आरोप है कि पोस्टमार्टम हाउस का स्टाफ एम्बुलेंस का ठेका भी खुद ही चलाता है और परिजनों से मनमानी रकम वसूलने की कोशिश करता है. आरोप ये भी है कि पैसे न देने पर पोस्टमार्टम हाउस स्टाफ द्वारा स्ट्रेचर भी नहीं दिया जाता है.

जानकारी के अनुसार, चिपयाना गांव के रहने वाले रचित ने सुसाइड किया था. पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर-94 भेजा गया, जहां परिजनों को इस व्यवहार का सामना करना पड़ा. वहीं सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद स्वस्थ विभाग पर सवाल उठने लगे है. सोशल मीडिया पर यूजर्स ने तरह- तरह के प्रतिक्रिया दी है. दूसरी ओर इस घटना और वायरल वीडियो पर CMO का अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

RAJASTHAN : नहीं टूटी अलमारी तो बाइक पर लादकर ले भागे, बीच सड़क पर गिरे तो खजाना छोड़ हुए फरार

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कोटा के अनंतपुरा में चोरों ने ज्वेलरी शॉप से गहनों भरी अलमारी चुराने के लिए उसे बाइक पर लाद लिया. अलमारी के सड़क पर गिरने से मचे शोर के कारण चोर माल छोड़कर भाग निकले. पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच कर रही है.कोटा में देर रात ज्वेलरी शॉप पर दुस्साहसिक चोरी की वारदात सामने आई. ट्रक यूनियन के पास स्थित दुकान को निशाना बनाते हुए दो बदमाश करीब ढाई बजे बाइक से पहुंचे और गैस कटर की मदद से शटर काट दिया. इसके बाद कांच के गेट का ताला तोड़कर वे भीतर दाखिल हो गए.

अनंतपुरा थाना इलाके का यह मामला है. दुकान में रखी सोने-चांदी के गहनों से भरी अलमारी को तोड़ने की कोशिश नाकाम रहने पर चोरों ने पूरी अलमारी ही उठाकर बाइक पर रख ली. जाते-जाते गल्ले से 13 हजार रुपये नकद और 600–700 ग्राम पुरानी चांदी भी समेट ली.

वारदात के दौरान ऊपर रहने वाले मकान मालिक को बाहर निकलने से रोकने के लिए बदमाशों ने मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और दूसरे दरवाजे की कुंडी लगा दी, ताकि किसी को भनक न लगे.दुकान मालिक भरत शाक्यवाल के अनुसार, चोर कुछ दूर जाने के बाद अलमारी के साथ बाइक से गिर पड़े. जोरदार आवाज से मकान मालिक की नींद खुली और उन्होंने शोर मचा दिया. घबराए बदमाश मौके से फरार हो गए. शोर सुनकर आसपास के लोग भी जाग गए और पुलिस को सूचना दी गई.

मौके पर पहुंची पुलिस को एक जूता, कंबल और गैस कटर की टंकी बरामद हुई, जिन्हें भागते समय चोर छोड़ गए थे. दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में दोनों आरोपी साफ दिखाई दे रहे हैं.गनीमत रही कि अलमारी में रखी करीब 6-7 किलो चांदी और 30-35 ग्राम सोने के आभूषण सुरक्षित रहे. पुलिस ने शिकायत दर्ज कर फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.

ENTERTAINMENT : ‘ये नया हिंदुस्तान है, घर में घुसेगा भी, मारेगा भी’, रणवीर का भौकाल, एक्शन से भरपूर टीजर

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धुरंधर 2 का टीजर रिलीज होते ही इंटरनेट पर वायरल हो गया है. इसका सेकंड पार्ट 19 मार्च 2026 को रिलीज होगा. इस बार कहानी हमजा के पाकिस्तान में सीक्रेट मिशन और जसकीरत सिंह रंगी की बैकस्टोरी पर फोकस करेगी. पब्लिक ने टीजर को पॉजिटिव रिस्पॉन्स दिया है.फाइनली! इंतजार की घड़ी खत्म हुई…धुरंधर 2 का मचअवेटेड टीजर रिलीज हो गया है. पिछले साल 5 दिसंबर को रिलीज हुई धुरंधर ने बॉक्स ऑफिस पर कमाई के रिकॉर्ड तोड़े. वर्ल्डवाइड ये फिल्म 1300 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस कर चुकी हैं. हाल ही में इसे ओटीटी पर रिलीज किया गया. यहां पर भी धुरंधर ने धाक जमाई है. पाकिस्तान में ये फिल्म ट्रेंड कर रही है. मूवी को लेकर बने जबरदस्त माहौल के बीच मेकर्स ने फैंस को सेकंड पार्ट के ‘टीजर’ की ट्रीट दी है.

धुरंधर 2 का टीजर 12:12 पर रिलीज किया गया है. जो कि आते ही फैंस के बीच वायरल हो चुका है. पूरे इंटरनेट पर बस धुरंधर 2 के टीजर की ही चर्चा हो रही है. हालांकि फैंस थोड़े निराश भी हैं, क्योंकि टीजर में उन्हें कुछ नया देखने को नहीं मिला है. बस इक्का-दुक्का सीन्स अलग हैं. टीजर में पहले पार्ट पर खत्म हुई कहानी की झलक दिखी है. शेर-ए-बलोच रहमान डकैत (अक्षय खन्ना) को मौत के घाट उतारने के बाद कैसे हमजा (रणवीर सिंह) ल्यारी पर अपनी हुकूमत चलाता है, कैसे जसकीरत सिंह रंगी का हमजा के रोल में ट्रांसफॉर्मेशन हुआ.. . सेकंड पार्ट में पूरी कहानी खुलेगी. टीजर का हर सीन अपनी छाप छोड़ता है. भरपूर एक्शन का डोज दिया गया है. इसे देखने के बाद फैंस फिल्म की रिलीज का इंतजार नहीं कर पा रहे हैं. मूवी 19 मार्च 2026 को रिलीज होगी.

धुरंधर 2 में हमजा के पाकिस्तान में सीक्रेट मिशन पर फोकस होगा. उसकी असली पहचान का पता चलेगा. कौन है जसकीरत सिंह रंगी? अजय सान्याल (आर माधवन) ने क्यों और कैसे उसे हमजा बनाकर पाकिस्तान में बड़े मिशन के लिए भेजा गया? फिल्म के सेकंड पार्ट में इन सभी सवालों के जवाब मिलेंगे. धुरंधर 2 को लेकर अभी तक इसकी स्टाराकास्ट के जितने भी इंटरव्यूज सामने आए हैं सभी में दावा है कि फिल्म का सेकंट पार्ट 50 गुना ज्यादा रोमांचक और एक्शन से लबरेज होने वाला है. राकेश बेदी, आर माधवन, रणवीर सिंह का रोल धुरंधर 2 में पहले पार्ट से ज्यादा स्ट्रॉन्ग होगा. पहले पार्ट में अक्षय खन्ना स्टार बने. रहमान डकैत के रोल में जो उन्होंने काम किया, उसकी जबरदस्त तारीफ हुई है. आलम ये हुआ कि लीड हीरो रणवीर से ज्यादा अक्षय की चर्चा हुई. वो इंटरनेट सेंसेशन बने.

आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म धुरंधर के पहले पार्ट में बॉक्स ऑफिस पर तबाही मचाई है. फिल्म 59 दिन बाद भी लोगों के बीच छाई हुई है. मूवी का इंडिया नेट कलेक्शन 893 करोड़ के करीब है. वहीं वर्ल्डवाइड फिल्म ने 1353 करोड़ कमाए हैं. रणवीर के करियर की ये सबसे बड़ी फिल्म बन गई है. मूवी में दानिश पोदार, राकेश बेदी, संजय दत्त, आर माधवन, सारा अर्जुन भी अहम रोल में हैं.

SURAT : पुलिस ने 5 दिन में खोद डाली 15 हजार स्क्वायर फीट जमीन, फिर भी नहीं मिली लाश

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सूरत के पुणा इलाके में तीन साल पुराने हत्या के मामले ने पुलिस को उलझा दिया है. नाबालिगों द्वारा दोस्त की हत्या कर शव दफनाने के खुलासे के बाद पुलिस पिछले पांच दिनों से जेसीबी मशीनों से खुदाई कर रही है. 15 हजार स्क्वायर फीट जमीन खोदी जा चुकी है, लेकिन अब तक शव या ठोस सबूत नहीं मिल सके हैं.
गुजरात के सूरत शहर के पुणा इलाके से एक रहस्यमयी और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां तीन साल पुराने हत्या के राज से पर्दा उठने के बाद भी पुलिस को अब तक शव बरामद नहीं हो सका है. मृतक की तलाश में पिछले पांच दिनों से सूरत पुलिस जेसीबी और हिटाची मशीनों की मदद से लगातार खुदाई कर रही है. अब तक करीब 15 हजार स्क्वायर फीट इलाके में 10 फीट गहराई तक खुदाई की जा चुकी है, लेकिन जमीन में दफन शव का कोई सुराग नहीं मिल पाया है.

यह मामला करीब तीन साल पुराना बताया जा रहा है. जानकारी के अनुसार, पुणा थाना क्षेत्र के कैनाल रोड स्थित एक खुली जगह पर चार नाबालिग दोस्त नशे की हालत में बैठे थे. इसी दौरान किसी छोटी बात को लेकर विवाद हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गया. आरोप है कि तीन नाबालिगों ने मिलकर अपने चौथे साथी पर भारी वस्तु से हमला कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी.

हत्या को छिपाने के इरादे से आरोपियों ने उसी अंधेरी रात में मौके पर गड्ढा खोदकर शव को जमीन में दफना दिया और फिर अलग-अलग हो गए. हालांकि, तीनों आरोपी समय-समय पर एक-दूसरे से मिलते रहे.

करीब तीन साल बाद, हाल ही में जब आरोपियों में से एक नाबालिग की अपने साथियों से दोबारा अनबन हुई, तो उसने मृतक के भाई के सामने जाकर पूरी सच्चाई उगल दी. उसने बताया कि उसका भाई कहीं लापता नहीं हुआ था, बल्कि उसकी हत्या कर पुणा इलाके में जमीन में दफना दिया गया था. यह सुनकर मृतक का भाई स्तब्ध रह गया और तत्काल पुणा पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई.

शिकायत के आधार पर पुलिस ने बताए गए स्थान पर खुदाई शुरू कराई. बीते पांच दिनों से पुलिस की टीमें दिन-रात खुदाई में जुटी हुई हैं. हालांकि, मामला तीन साल पुराना होने की वजह से मिट्टी की स्थिति बदल चुकी है, जिससे शव या अन्य साक्ष्य मिलने में कठिनाई आ रही है.पुलिस अधिकारियों का कहना है कि खुदाई का दायरा बढ़ाया जा सकता है और तकनीकी विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है. सूरत पुलिस का दावा है कि जमीन के नीचे दबे सच को बाहर लाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही इस हत्या की गुत्थी सुलझाई जाएगी.

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