Tuesday, September 15, 2026
Home Blog Page 14

NATIONAL : 5 गोल्ड मेडल, 3 मासूम बच्चे और अब चौंकाने वाला मोड़! महिला पहलवान अश्विनी की दो बच्चों संग मौत

0

धाराशिव के नलदुर्ग किले में राष्ट्रीय स्तर की महिला पहलवान अश्विनी पौल व उनके तीन बच्चे जख्मी अवस्था में मिले। अस्पताल ले जाने पर अश्विनी और दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।

महाराष्ट्र के धाराशिव जिले से एक झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। निलंगा तालुका की रहने वाली 30 वर्षीय राष्ट्रीय स्तर की महिला पहलवान अश्विनी मनोहर पौल (30) अपने तीन छोटे बच्चों के साथ नलदुर्ग किले पर घूमने गई थीं, जहां से गिरने की वजह से अश्विनी और उनके साढ़े पांच साल के बेटे अजिंक्य की मौत हो गई। वहीं, ढाई साल की जुड़वां बेटियों में से क्रांति ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दूसरी बेटी वीरा गंभीर रूप से घायल है और धाराशिव के सरकारी अस्पताल में वेंटिलेटर पर उसका इलाज चल रहा है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

तीन बच्चों के साथ घूमने गई थीं अश्विनी
जानकारी के अनुसार, लातूर जिले के निलंगा तालुका स्थित अंबुलगा गांव की रहने वाली महिला पहलवान अश्विनी पौल गुरुवार को अपने तीन बच्चों के साथ नलदुर्ग किला देखने गई थीं। लेकिन दोपहर के समय उनके बच्चों सहित किले के उपली बुर्ज से गिरने की खबर सामने आई।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों और पुलिस ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी को अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, अश्विनी और उनके बेटे अजिंक्य को बचाया नहीं जा सका। गंभीर रूप से घायल क्रांति की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी जुड़वां बहन वीरा की हालत बेहद नाजुक है।

घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं
अश्विनी ने योजना बनाकर ऐसा किया या फिर उनके साथ कोई हादसा हुआ? फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। नलदुर्ग पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के पीछे पारिवारिक, व्यक्तिगत या कोई अन्य वजह तो नहीं थी। अश्विनी पिछले कुछ महीनों से अपने तीनों बच्चों के साथ मायके में रह रही थीं। उनके पिता शिक्षक हैं।

पति के कहने पर छोड़ी थी नौकरी
बताया जा रहा है कि अश्विनी मुंबई में नौकरी करती थीं। उनके पति मनोहर के कहने पर उन्होंने कुछ महीने पहले ही नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद वह पिछले करीब तीन महीनों से अपने बच्चों के साथ मायके में रह रही थीं। हालांकि, नौकरी छोड़ने और मायके में रहने के पीछे की परिस्थितियों को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

5 गोल्ड और 6 सिल्वर मेडल विजेता: जानें कौन थीं अश्विनी पौल
अश्विनी पौल राष्ट्रीय स्तर की प्रतिभाशाली महिला पहलवान थीं। कुश्ती के क्षेत्र में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई थी और उन्हें ‘महाराष्ट्र की शेरनी’ भी कहा जाता था। उनके परिवार का कुश्ती से गहरा रिश्ता रहा है। उनके पिता, भाई, मां और बहन भी कुश्ती से जुड़े रहे हैं। उनके पति मनोहर पौल भी पहलवान बताये जा रहे हैं।

पिता ने घर में ही तैयार किया था अभ्यास केंद्र
अश्विनी को कुश्ती का शुरुआती प्रशिक्षण अपने परिवार से ही मिला। उनके पिता को कुश्ती का शौक था और बेटी की प्रतिभा को देखते हुए उन्होंने घर पर ही उसके अभ्यास के लिए प्रशिक्षण केंद्र तैयार किया था।

कम उम्र से ही कड़ी मेहनत करने वाली अश्विनी ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और कई पदक अपने नाम किए। अश्विनी ने वर्ष 2007 में तिरुवनंतपुरम, केरल में आयोजित राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया था। इसके बाद वर्ष 2008 और 2009 में गुरदासपुर, पंजाब और चेन्नई में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीते। अपने कुश्ती करियर में उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कुल 5 स्वर्ण और 6 रजत पदक हासिल किए थे।

MAHARASHTRA : गणेश चतुर्थी पर बारिश की होगी वापसी, महाराष्ट्र में अगले 4 हफ्ते कैसा रहेगा मौसम? IMD ने दी बड़ी अपडेट

0

महाराष्ट्र (Maharashtra Weather) में अगस्त महीने के दौरान बारिश की कमी के बाद अब सितंबर में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले चार सप्ताह का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है, जिसके मुताबिक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में चरणबद्ध तरीके से बारिश का जोर बढ़ सकता है। हालांकि, सितंबर के पहले सप्ताह में राज्य के अधिकांश हिस्सों में औसत से कम बारिश रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग के मुताबिक, आज पूर्वी विदर्भ के गोंदिया, गढ़चिरौली और चंद्रपुर के साथ उत्तर महाराष्ट्र के धुले जिले में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। इन इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश की संभावना है।

3 से 10 सितंबर तक कम बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के चार सप्ताह के पूर्वानुमान के अनुसार, 3 से 10 सितंबर के बीच पूरे महाराष्ट्र में औसत से कम बारिश होने की संभावना है। यानी इस दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां सीमित रह सकती हैं। इसके बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

सितंबर के दूसरे सप्ताह में विदर्भ में बढ़ेगा बारिश का जोर
10 से 17 सितंबर के दौरान विदर्भ में बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है। इस अवधि में विदर्भ के कई हिस्सों में औसत से अधिक बारिश हो सकती है। इसके बाद बारिश का सिस्टम धीरे-धीरे मराठवाड़ा की ओर सक्रिय होने की संभावना है।

17 से 24 सितंबर के बीच मराठवाड़ा में बारिश की वापसी
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, 17 से 24 सितंबर के बीच मराठवाड़ा और आसपास के इलाकों में बारिश फिर जोर पकड़ सकती है। इस दौरान कई जगहों पर तेज बारिश की सरी देखने को मिल सकती है।

अगस्त में बारिश की कमी से प्रभावित रहे इलाकों के लिए यह पूर्वानुमान राहत देने वाला माना जा रहा है।

24 सितंबर से कोकण और मध्य महाराष्ट्र में अच्छी बारिश के आसार
24 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच कोकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में औसत से अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में सितंबर के आखिरी सप्ताह में महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो सकता है।

मुंबई में 12 और 13 सितंबर को अच्छी बारिश की उम्मीद
मुंबई और आसपास के इलाकों के लिए भी सितंबर के मध्य में राहत की खबर है। 12 और 13 सितंबर के आसपास मुंबई में अच्छी बारिश होने की संभावना है। ओडिशा के आसपास के क्षेत्र में दोबारा कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके चलते गणेशोत्सव के दौरान भी महाराष्ट्र में बारिश होने की उम्मीद जताई गई है।

मध्य प्रदेश के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय
इस समय मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में एक स्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इसके आसपास समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक चक्रवाती हवाओं की स्थिति बनी हुई है।

मौसम प्रणाली के दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी मौसम की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।

अगले 24 घंटे में इन इलाकों में आंधी-बारिश का अलर्ट
अगले 24 घंटे के दौरान उत्तर मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

BUSINESS : यूएस-ईरान युद्ध के बीच कैसे रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया भारत का खजाना? इस 1 फैसले से देश में आए अरबों डॉलर

0

Indian Economy News: अमेरिका-ईरान युद्ध और महंगे कच्चे तेल के बीच भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। RBI की स्पेशल FCNR (B) पहल से अरबों डॉलर देश में आए हैं।

RBI Forex Strategy: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। वैश्विक तनाव और महंगे तेल के बावजूद देश का फॉरेक्स रिजर्व 740 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है। यह ऐसे समय हुआ है जब कुछ महीने पहले ही सरकार लोगों से विदेशी मुद्रा बचाने की अपील कर रही थी। फरवरी 2026 के आखिर दिनों में अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने से पहले भारत का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 728.5 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर था। इसके बाद रुपये में कमजोरी और महंगे क्रूड ऑयल के कारण फॉरेक्स रिजर्व पर दबाव बढ़ा। आरबीआई को रुपये की गिरावट थामने के लिए भी कदम उठाने पड़े। लेकिन अब तस्वीर बदल गई है। पिछले सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार करीब 729 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था और इस सप्ताह इसमें और बढ़ोतरी हुई। लगातार नौ सप्ताह से भारत का फॉरेक्स रिजर्व बढ़ रहा है।

RBI की एक पहल ने बदल दिया खेल
इस बढ़ोतरी में आरबीआई की विशेष FCNR(B) विंडो की बड़ी भूमिका रही। केंद्रीय बैंक ने जून में विदेशों में रहने वाले भारतीयों से विदेशी मुद्रा डिपॉजिट को आकर्षक बनाने के लिए खास स्वैप सुविधा शुरू की थी। इसका मकसद देश में डॉलर की उपलब्धता बढ़ाना और रुपये पर दबाव कम करना था। FCNR(B) का मतलब फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (Bank) से है। इस स्कीम में एनआरआई अपना पैसा विदेशी मुद्रा में भारतीय बैंकों में डिपॉजिट कर सकते हैं। इस व्यवस्था में मूल रकम और ब्याज विदेशी मुद्रा में ही रहता है। इससे एनआरआई को रुपये में गिरावट से होने वाला नुकसान झेलना नहीं पड़ता है। आरबीआई ने इस योजना के तहत बैंकों की करेंसी हेजिंग लागत को कम करने में मदद की। इससे बैंकों के लिए विदेशी मुद्रा डिपॉजिट जुटाना आसान हुआ और वे एनआरआई ग्राहकों को बेहतर रिटर्न की पेशकश कर सके।

अनुमान से बहुत ज्यादा विदेशी करेंसी आई भारत
इस योजना का नतीजा उम्मीद से कहीं बड़ा रहा। आरबीआई को शुरुआत में उम्मीद थी कि इस योजना से करीब 80 अरब डॉलर जुटाए जा सकते हैं। लेकिन कुल जुटाई गई रकम 136.38 अरब डॉलर तक पहुंच गई। खास बात यह रही कि योजना बंद होने से पहले आखिरी 10 दिनों में ही करीब आधी रकम जुटाई गई। यह स्पेशल डॉलर स्वैप स्कीम जून में लॉन्च हुई थी और 31 अगस्त को बंद हुई। जुटाई गई रकम में FCNR(B) जमा की हिस्सेदारी 127.23 अरब डॉलर रही। इसके अलावा विदेशी मुद्रा वाले बॉन्ड से 5.3 अरब डॉलर और एक्सटर्नल कमर्शियल बोरोइंग से 3.9 अरब डॉलर आए।

2013 वाली रणनीति फिर काम आई
आरबीआई ने इस बार जिस रणनीति का इस्तेमाल किया, उसकी जड़ें 2013 के ‘टेपर टैंट्रम’ दौर में मिलती हैं। तब भी विदेशी मुद्रा जुटाने के लिए ऐसी ही व्यवस्था की गई थी। उस समय करीब 26 अरब डॉलर जुटे थे और इससे रुपये को मजबूती मिली थी। इस बार योजना इतनी सफल रही कि आरबीआई ने एफसीएनआर विंडो को तय समय से करीब एक महीने पहले ही बंद कर दिया।

रुपये को भी मिला सपोर्ट
विदेशी मुद्रा की भारी आवक का असर रुपये पर भी दिखाई दिया। रिकॉर्ड डॉलर इनफ्लो के बीच रुपया दो महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया। गुरुवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 49 पैसे यानी करीब 0.5% मजबूत होकर 94.48 पर बंद हुआ। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर FCNR(B) विंडो नहीं होती, तो रुपये में गिरावट और तेज हो सकती थी।

10 महीने के आयात का खर्च कवर
विदेशी मुद्रा भंडार में इस उछाल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि भारत के पास बाहरी संकट से निपटने के लिए ज्यादा मजबूत सुरक्षा कवच है। टीओआई की एक रिपोर्ट में PwC India के Ranen Banerjee के हवाले से बताया गया कि भारत का फॉरेक्स रिजर्व 10 महीने से ज्यादा के आयात को कवर करता है। इससे फिलहाल देश की स्थिति आरामदायक मानी जा सकती है।

रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात से भी भारत को फायदा मिल रहा है। वैश्विक स्तर पर रिफाइनिंग कैपेसिटी पर दबाव के कारण इन प्रोडक्ट्स के निर्यात मार्जिन में बढ़ोतरी हुई है। इससे महंगे तेल के झटके को कुछ हद तक संभालने में मदद मिल सकती है।

निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा
मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार सिर्फ रुपये के लिए ही अच्छी खबर नहीं है। इससे विदेशी निवेशकों को भी भरोसा मिलता है कि जरूरत पड़ने पर आरबीआई बाजार में हस्तक्षेप करने की क्षमता रखता है। एफआईआई आउटफ्लो में कमी, एफडीआई में सुधार और निवेश में बढ़ोतरी जैसे संकेत भी भारत के पक्ष में जा रहे हैं। हालांकि, वैश्विक बाजार में अभी पूरी तरह स्थिरता नहीं आई है। बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस का मानना है कि संकट शुरू होने से पहले भी भारत की विदेशी मुद्रा स्थिति मजबूत थी और अब यह और बेहतर हुई है।

RBI के सामने हेजिंग लागत की चुनौती
यहां तस्वीर का एक दूसरा पहलू भी है। इस योजना की एक लागत है। अर्थशास्त्रियों ने अनुमान लगाया है कि आरबीआई को हेजिंग पर करीब 3% की लागत उठानी पड़ सकती है। लगभग 12 लाख करोड़ रुपये पर यह खर्च करीब 36,000 करोड़ रुपये बैठता है। हालांकि, नीति-निर्माताओं को उम्मीद है कि इन डॉलर्स को अमेरिकी ट्रेजरी में निवेश करने से मिलने वाला रिटर्न इस लागत की भरपाई कर सकता है।

NATIONAL : दिल्ली-NCR में तेज बारिश, IMD का येलो अलर्ट; आज रात तक आंधी-बिजली के साथ बारिश की संभावना

0

जन्माष्टमी के दिन दिल्ली-NCR में मौसम ने अचानक करवट ले ली। दोपहर बाद आसमान में बादल छाने के साथ राजधानी और आसपास के इलाकों में तेज बारिश शुरू हो गई। दिल्ली के कई हिस्सों के अलावा नोएडा, गाजियाबाद और एनसीआर के दूसरे इलाकों में भी बारिश हुई। कई जगहों पर बारिश इतनी तेज रही कि सड़कों पर चलते लोगों को रुकना पड़ा।

दिल्ली में करीब तीन बजे के बाद मौसम तेजी से बदला। पहले बादल घने हुए और फिर गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। एयरपोर्ट, लाजपत नगर, आनंद विहार और संसद मार्ग समेत कई इलाकों से तेज बारिश के दृश्य सामने आए। जन्माष्टमी के मौके पर बारिश होने से जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, वहीं शाम के समय घर से निकलने वालों के लिए मौसम परेशानी भी खड़ी कर सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली में बारिश का दौर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। कई इलाकों में रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जगहों पर तेज बारिश भी देखने को मिल सकती है।

दोपहर से रात के बीच गरज-चमक के साथ आंधी और बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है। शाम से रात के बीच हवा की रफ्तार करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में खुले इलाकों और सड़कों पर रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

मौसम विभाग ने राजधानी के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार और शनिवार को भी दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। यानी आज की बारिश के बाद मौसम तुरंत साफ होने के आसार कम हैं।

राजधानी में न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान लगभग 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिनभर बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने से तापमान में भी राहत मिल सकती है।

शाम के सफर पर नजर
जन्माष्टमी की वजह से शाम और रात में मंदिरों, बाजारों और दूसरी जगहों पर लोगों की आवाजाही बढ़ेगी। ऐसे में बारिश और तेज हवाओं का असर ट्रैफिक पर भी पड़ सकता है। निचले इलाकों में जलभराव होने पर परेशानी और बढ़ सकती है।

नोएडा समेत पूरे एनसीआर में भी बादल छाए रहने और बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। इसलिए अगर आप शाम को दिल्ली-NCR में सफर करने वाले हैं तो मौसम का अपडेट देखकर ही निकलना बेहतर रहेगा।

फिलहाल राजधानी में बारिश ने मौसम जरूर सुहाना कर दिया है, लेकिन गरज-चमक, तेज हवा और अगले कुछ घंटों में बारिश की संभावना ने शाम के प्लान को लेकर लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है।

SPORTS : ‘जय श्री कृष्णा’, जन्माष्टमी पर भक्ति के रंग में रंगे विराट कोहली; दी शुभकामनाएं

0

जन्माष्टमी के मौके पर विराट कोहली भी भक्ति के रंग में रंगे नजर आए. उन्होंने फैंस को शुभकामनाएं दीं. बीते कुछ वक्त से किंग कोहली का भक्ति की तरफ ज्यादा झुकाव देखने को मिल रहा है. अक्सर उन्हें वृंदावन में प्रेमानंद जी महाराज के पास जाते देखा जाता है. अब उन्होंने भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव की बधाई दी.

‘जय श्री कृष्णा’
कोहली ने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी शेयर करते हुए लिखा, “जय श्री कृष्णा.” इसके आगे उन्होंने लिखा, “सभी को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं.” इसके साथ कोहली ने भगवान श्री कृष्ण की तस्वीर शेयर की, जिसमें वह बांसुरी बजाते हुए दिख रहे हैं और उनके अगल-बगल माखन रखा हुआ है. देखते ही देखते कोहली की यह स्टोरी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई.

जुलाई में टीम इंडिया ने इंग्लैंड दौरे पर तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली थी. इसमें किंग कोहली नजर आए थे. पहले बर्मिंघम में खेले गए पहले मैच में वह सिर्फ 05 रन पर आउट हो गए थे. लेकिन इसके बाद बाकी दोनों मैचों में उनका बल्ला जमकर बोला था. कार्डिफ में हुए दूसरे वनडे में कोहली ने 65 रन स्कोर किए और लॉर्ड्स में हुए आखिरी मैच में उनके बल्ले से 74 रनों की पारी निकली.

अब उम्मीद की जा रही है कि वह टीम इंडिया के लिए वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली घरेलू वनडे सीरीज में खेलते हुए नजर आएंगे. वेस्टइंडीज टीम सितंबर-अक्टूबर में व्हाइट बॉल सीरीज के लिए भारत का दौरा करेगी. पहले तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी, जिसमें कोहली खेलते हुए दिख सकते हैं. कोहली भारत के लिए सिर्फ वनडे फॉर्मेट खेल रहे हैं. वह टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं.

कोहली ने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर में 123 टेस्ट और 125 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले. बाकी 314 वनडे खेल चुके हैं. टेस्ट में उनके बल्ले से 9230 रन निकले. टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 4188 रन बनाए. वनडे में उनके बल्ले से 14941 रन निकल चुके हैं.

जन्माष्टमी के मौके पर विराट कोहली भी भक्ति के रंग में रंगे नजर आए. उन्होंने फैंस को शुभकामनाएं दीं. बीते कुछ वक्त से किंग कोहली का भक्ति की तरफ ज्यादा झुकाव देखने को मिल रहा है. अक्सर उन्हें वृंदावन में प्रेमानंद जी महाराज के पास जाते देखा जाता है. अब उन्होंने भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव की बधाई दी.

‘जय श्री कृष्णा’
कोहली ने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी शेयर करते हुए लिखा, “जय श्री कृष्णा.” इसके आगे उन्होंने लिखा, “सभी को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं.” इसके साथ कोहली ने भगवान श्री कृष्ण की तस्वीर शेयर की, जिसमें वह बांसुरी बजाते हुए दिख रहे हैं और उनके अगल-बगल माखन रखा हुआ है. देखते ही देखते कोहली की यह स्टोरी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई.

जुलाई में टीम इंडिया ने इंग्लैंड दौरे पर तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली थी. इसमें किंग कोहली नजर आए थे. पहले बर्मिंघम में खेले गए पहले मैच में वह सिर्फ 05 रन पर आउट हो गए थे. लेकिन इसके बाद बाकी दोनों मैचों में उनका बल्ला जमकर बोला था. कार्डिफ में हुए दूसरे वनडे में कोहली ने 65 रन स्कोर किए और लॉर्ड्स में हुए आखिरी मैच में उनके बल्ले से 74 रनों की पारी निकली.

अब उम्मीद की जा रही है कि वह टीम इंडिया के लिए वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली घरेलू वनडे सीरीज में खेलते हुए नजर आएंगे. वेस्टइंडीज टीम सितंबर-अक्टूबर में व्हाइट बॉल सीरीज के लिए भारत का दौरा करेगी. पहले तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी, जिसमें कोहली खेलते हुए दिख सकते हैं. कोहली भारत के लिए सिर्फ वनडे फॉर्मेट खेल रहे हैं. वह टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं.

कोहली ने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर में 123 टेस्ट और 125 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले. बाकी 314 वनडे खेल चुके हैं. टेस्ट में उनके बल्ले से 9230 रन निकले. टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 4188 रन बनाए. वनडे में उनके बल्ले से 14941 रन निकल चुके हैं.

ENTERTAINMENT : 29वें दिन ‘हनुमान अंश’बनी बॉलीवुड की बिगेस्ट फिल्म, चटकाए ‘धुरधंर 2’ से ‘पुष्पा 2’ के रिकॉर्ड

0

जनमाष्टमी के त्योहार पर भी सिनेमाघरों में ‘हनुमान अंश’ की गूंज रही. इस फिल्म ने रिलीज के 29वें दिन यानी पांचवें फ्राइडे को भी डबल डिजिट में कमाई कर हैरान कर दिया.

आध्यात्मिक गुरू नीम करौली बाबा की जिंदगी पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ 2026 की सबसे बड़ी ‘स्लीपर हिट’ फ़िल्मों में से एक बन गई है. हालांकि इस फिल्म को शुरुआती दो हफ्तों में कमाई के लिए काफी स्ट्रगल करना पड़ा था. लेकिन तीसरे हफ्ते में जैसे कोई चमत्कार हुआ और तबसे लेकर अब तक ये फिल्म तमाम बड़ी फिल्मों के बीच जबरदस्त कमाई कर रही है.

दिलचस्प बात ये है कि 4 सितंबर को ‘मिर्जापुर द मूवी’ के रिलीज़ होने और सिनेमाघरों में ‘टॉक्सिक’ के रहने के बावजूद, ‘हनुमान अंश’ की गूंज जरा भी कम नहीं हुई. जानते हैं इस फिल्म ने 29वें दिन कितना कमाया?

‘हनुमान अंश’ की 29वें दिन की कमाई कितनी रही?
‘हनुमान अंश’ को सिनेमाघरों में रिलीज हुए एक महीने पूरा हो गया है. लेकिन इस फिल्म के लिए दर्शकों का प्यार हर गुजरते दिन के साथ बढ़ता जा रहा है. नतीजतन ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कई नई फिल्मों की भीड़ के बीच भी दमदार कमाई कर रही है. बता दें कि लगभग 2 करोड़ के बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ ने 29वें दिन तक अपनी लागत का लगभग 50 गुना कमा लिया है.

सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक इस फिल्म ने रिलीज के 29वे दिन यानी 5वें फ्राइडे को 10 करोड़ की कमाई की है.
इसी के साथ ‘हनुमान अंश’ का भारत में 29 दिनों का टोटल नेट कलेक्शन अब 82.88 करोड़ रुपये हो गया है.
वहीं इसकी ग्रॉस कमाई 97.7 करोड़ तक पहुंच गई है.
ये भी पढ़ें:-‘धमाल 4’ से ‘GDN’ तक, फ्राइडे को ओटीटी पर रिलीज हुई ये 8 धांसू फिल्में-सीरीज, वीकेंड पर करें बिंज वॉच

‘हनुमान अंश’ बनी 29वे दिन सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म
‘हनुमान अंश’ ने 29वें दिन कमाल कर दिया. बिना किसी बड़े स्टार वाली और मामूली बजट वाली ये फिल्म 29वें दिन सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है. दिलचस्प बात ये है कि इसने धुरंधर से लेकर धुरंधर 2, छावा, पुष्पा सभी के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं.

ये हैं 29वें दिन सबसे ज्यादा कमाई करने वाली टॉप 5 फिल्में (सैकनिल्क से लिए गए हैं आंकड़े)

‘हनुमान अंश’- 10 करोड़
धुरंधर- 8.75 करोड़
छावा- 6.50 करोड़
पुष्पा 2- 3.75 करोड़
धुरंधर 2- 3.25 करोड़
‘हनुमान अंश’ अब ग्लोबली होगी रिलीज
गुरुवार को फिल्म के मेकर्स ने सोशल मीडिया पर एक पोस्टर शेयर किया और घोषणा की कि ‘हनुमान अंश’ 11 सितंबर, 2026 को दुनिया भर में रिलीज होगी।.इससे बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के मामले में फिल्म को और भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा.

NATIONAL : सीएम योगी ने टीचर्स डे की दी बधाई, शिक्षकों को दिया खास संदेश

0

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज शिक्षक दिवस पर प्रदेश के सभी अध्यापकों को शुभकामनाएं दी और कहा कि शिक्षक सनातन की प्राचीन संस्कृति के साथ आधुनिक शिक्षा जोड़कर नई पीढ़ी बना रहे हैं.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस पर प्रदेश के सभी टीचर्स को इस ख़ास अवसर पर बधाई दी और कहा यूपी की प्राचीन परंपरा को याद करते हुए संदेश दिया. सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या, मथुरा और प्रयागराज हमारे सनातन ज्ञान परंपरा का प्रमुख केंद्र रहे हैं. हमारे शिक्षक इसे आधुनिक शिक्षा से जोड़कर नई पीढ़ी का निर्माण कर रहे हैं.

सीएम योगी ने GenZ स्टाइल में वीडियो संदेश जारी कर टीचर्स डे की बधाई दी. मुख्यमंत्री ने कहा- “प्रदेश की ज्ञान की विशिष्ट परंपरा को आधुनिक स्वरूप में नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाले समस्त गुरुजनों और शिक्षकों को मैं शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई देता हूं. उत्तर प्रदेश प्राचीन ज्ञान, साधना और संस्कारों की पावन भूमि रही है, काशी विश्व को ज्ञान का प्रकाश दिया है. सारनाथ में भगवान बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश दिया.

अयोध्या, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज हमारे सनातन ज्ञान परंपरा का प्रमुख केंद्र रहे हैं. याद करिए, आज से 5000 हजार वर्ष पूर्व महर्षि सुखदेव जी ने श्रीमद भागवत कथा का प्रथम वाचन किया था. नैमिषाराण्य में 88 हजार विषयों की साधना ने भारतीय ज्ञान परंपरा को समृद्ध किया, ये वहीं भूमि है, जहां से आयुर्वेद, अध्यात्म, दर्शन और भारतीय ज्ञान-विज्ञान की महान परंपराएं विकसित हुई और तक्षशिला नालंदा जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों ने भारत के ज्ञान की इसी परंपरा को पूरी दुनिया तक पहुंचाया.

आज हमारे शिक्षक इसी प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा, तकनीक और नवाचार से जोड़कर नई पीढ़ी का भविष्य गढ़ रहे हैं. मैं इस अवसर आप सभी अभिनंदन करता हूं, शिक्षक दिवस पर अपनी मंगलमय शुभकामनाएं देता हूं.”

सपा ने शुरू किया ‘पाठशाला पुकारे’ अभियान
वहीं दूसरी तरफ टीचर्स डे पर समाजवादी पार्टी ने खास प्लान बनाया है. इसके तहत सपा छात्र सभा आज से सात दिन तक ‘पाठशाला पुकारे’ अभियान चलाएगी. इस मौके पर सपा यूपी के सभी बंद किए गए स्कूलों के सामने शिक्षकों को सम्मानित करेगी और छात्रों व युवाओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश करेगी. सपा की इस क़वायद को आगामी चुनावों में जेनजी की भूमिका से जोड़कर देखा जा रहा है.

SPORTS : मंधाना महिला इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली क्रिकेटर, मिताली राज का रिकॉर्ड तोड़ा; भारत एशिया कप के सेमीफाइनल में

0

भारतीय स्टार सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने गुरुवार को रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा लिया। उन्होंने दिग्गज साथी खिलाड़ी मिताली राज को पीछे छोड़ते हुए महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों में सबसे अधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी का खिताब हासिल किया। 30 वर्षीय मंधाना ने यह उपलब्धि दुबई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में हांगकांग के खिलाफ महिला एशिया कप 2026 ग्रुप ए के मैच के दौरान प्राप्त की।

मंधाना ने अपनी 303वीं अंतरराष्ट्रीय पारी में यह उपलब्धि हासिल की और मिताली राज के 10,868 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। अब यह शानदार बाएं हाथ की बल्लेबाज न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स (10,740 रन) और संन्यास ले चुकी मिताली राज से आगे निकलकर सर्वकालिक सूची में शीर्ष पर पहुंच गई हैं।

महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अधिक रन:

  • 10880 – स्मृति मंधाना
  • 10868 – मिताली राज
  • 10740 – सूज़ी बेट्स
  • 10273 – शार्लोट एडवर्ड्स
  • 10007 – स्टेफनी टेलर

यह ऐतिहासिक क्षण मंधाना की शानदार पारी के दौरान आया, जिन्होंने अंतिम ओवर में रन आउट होने से पहले 64 गेंदों में 124 रन बनाए। उनकी इस पारी ने भारत को 193/5 के स्कोर तक पहुंचाया और साथ ही यह उनका 18वां शतक भी था, जो महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अधिक शतकों का रिकॉर्ड है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान मेग लैनिंग के 17 शतकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।मंधाना ने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना 93वां अर्धशतक भी बनाया, जिससे उन्होंने विश्व में किसी भी खिलाड़ी द्वारा संयुक्त रूप से सबसे अधिक अर्धशतक बनाने के मामले में मिताली राज के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। महिला क्रिकेट द्वितीय विश्व युद्ध में उनका 37वां अर्धशतक पहले ही एक रिकॉर्ड बन चुका है, जबकि दूसरा सर्वश्रेष्ठ स्कोर ऑस्ट्रेलिया की बेथ मूनी का 33 है।

NATIONAL : ISRO ने GSLV-रॉकेट से इमेजिंग सैटेलाइट को स्पेस में भेजा, 36 हजार km ऊपर से पाकिस्तान-चीन पर नजर रखेगा

0

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को एक अहम अंतरिक्ष मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया. श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से GSLV-F17 रॉकेट ने सुबह 2 बजकर 55 मिनट पर उड़ान भरी और EOS-05 को सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में पहुंचा दिया.

यह GSLV की 19वीं उड़ान है और भारत के लिए इसलिए खास है क्योंकि EOS-05 देश का पहला इमेजिंग सैटेलाइट है, जिसे जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से पृथ्वी की तस्वीरें लेने के लिए तैयार किया गया है.

36 हजार किलोमीटर की ऊंचाई से रखेगा नजर

  • EOS-05 को जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में पहुंचने के बाद पृथ्वी से करीब 36 हजार किलोमीटर की ऊंचाई पर काम करना है.
  • इस कक्षा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सैटेलाइट पृथ्वी के घूमने के साथ तालमेल बनाए रखता है. ऐसे में भारत और उसके आसपास के बड़े इलाके पर लंबे समय तक लगातार नजर रखना संभव होता है.
  • अब तक इस्तेमाल किए जाने वाले कई अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट अपेक्षाकृत निचली कक्षाओं में घूमते हैं. वे किसी इलाके के ऊपर से गुजरते हैं और फिर दोबारा उसी जगह की तस्वीर लेने में समय लगता है.
  • ईओएस-05 की जियोसिंक्रोनस तैनाती इस व्यवस्था को बदलने की दिशा में बड़ा कदम है.आपदा से लेकर खेती तक आएगा काम
  • ईओएस-05 का सबसे बड़ा फायदा इसकी लगातार निगरानी की क्षमता होगी. इससे बाढ़, चक्रवात, जंगल की आग और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बड़े इलाकों की स्थिति पर तेजी से नजर रखने में मदद मिल सकती है.
  • इस तरह के अर्थ ऑब्जर्वेशन डेटा का इस्तेमाल खेती, जल संसाधन, शहरी योजना, जंगलों, पर्यावरण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में किया जाता है.
  • किसी बड़े इलाके में तेजी से बदल रही स्थिति की तस्वीर मिलने से प्रशासन और वैज्ञानिकों को फैसले लेने में मदद मिल सकती है.
  • 8 महीने बाद ISRO की वापसी
  • ISRO के इस मिशन की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि यह 2021 के असफल जीएसएलवी-एफ10 मिशन के बाद उसी तरह की क्षमता को आगे बढ़ाने वाला मिशन है.
  • अगस्त 2021 में GSLV-F10 के जरिए भेजा गया EOS-03 तय कक्षा तक नहीं पहुंच पाया था. बाद की जांच में क्रायोजेनिक ऊपरी चरण में दबाव से जुड़ी समस्या सामने आई थी.
  • ईओएस-05 को इसी कार्यक्रम की अगली कड़ी माना जा रहा है. मिशन की सफलता से इसरो के जियोसिंक्रोनस इमेजिंग और भारी उपग्रहों को इस तरह की कक्षा में पहुंचाने के अनुभव को मजबूती मिलेगी.

BUSINESS : चीनी एक हफ्ते में ₹2.51 सस्ती, फुटकर कीमत ₹65.08 से गिरकर ₹62.57 प्रति किलो हुई, थोक भाव भी ₹60.39 से ₹57.62 किलो पर आया

0

सरकार की ओर से चीनी के आयात की अनुमति दिए जाने और थोक उपभोक्ताओं तथा कारोबारियों के लिए भंडारण के नियम सख्त किए जाने के बाद देशभर में इसकी औसत खुदरा कीमत एक सप्ताह में 3.85 प्रतिशत घटकर 62.57 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।

चीनी का औसत खुदरा मूल्य एक सप्ताह पहले 65.08 रुपये प्रति किलोग्राम था। हालांकि, कीमतें अब भी पिछले महीने के 49.33 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर से करीब 27 प्रतिशत अधिक हैं।

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चीनी का औसत थोक मूल्य भी दो सितंबर को घटकर 57.62 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया, जो एक सप्ताह पहले 60.39 रुपये प्रति किलोग्राम था।

सूत्रों के मुताबिक, थोक कीमतों में गिरावट का असर खुदरा बाजार तक पहुंचने में कुछ समय लगता है। इसकी वजह यह है कि खुदरा विक्रेताओं ने पहले ऊंची कीमतों पर चीनी का भंडारण किया था। ऐसे में वे पुराने भंडारण को घाटे में बेचने के बजाय मौजूदा कीमतों पर ही बेचते हैं।

आमतौर पर एक खुदरा विक्रेता के पास चीनी की 50-50 किलोग्राम की 10 से 15 बोरियां होती हैं। नया भंडारण कम कीमत पर खरीदे जाने के बाद ही खुदरा कीमतों में गिरावट का असर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

उद्योग से जुड़े एक सूत्र ने कहा, “खुदरा कीमत में बदलाव का असर सामने आने में कम से कम 10 दिन लगते हैं।” चीनी की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इनमें 10 लाख टन चीनी के आयात की अनुमति देना और थोक उपयोगकर्ताओं तथा कारोबारियों के लिए भंडारण रखने के नियम सख्त करना शामिल है।

केंद्र सरकार ने चीनी मिलों पर कीमतें बढ़ाने का आरोप लगाया और कहा कि देश में चीनी का पर्याप्त भंडार है। हालांकि, 2025-26 विपणन वर्ष (अक्टूबर-सितंबर) के लिए चीनी उत्पादन अनुमान पहले के 343 लाख टन से घटाकर 306 लाख टन कर दिया गया है। देश में वार्षिक चीनी की मांग करीब 280-285 लाख टन रहने का अनुमान है।

- Advertisement -