Tuesday, September 15, 2026
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NATIONAL : जयशंकर बोले- तेल खरीद पर रोक से जंग नहीं थमेगी, बातचीत से ही खत्म होगी, भारत यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए मध्यस्थता को तैयार

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रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने पश्चिमी देशों को दो टूक जवाब दिया है. भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर अपने दौरे पर यूक्रेन की राजधानी कीव में थे. यहां उन्होंने कहा कि भारत अगर रूस से तेल खरीदना कम भी कर दे, तो इससे यूक्रेन की जंग नहीं रुकेगी. उन्होंने पश्चिमी देशों की उस बात को खारिज किया, जिसमें कहा जा रहा है कि रूस की कमाई का जरिया बंद करने से वह जंग छोड़ने पर मजबूर हो जाएगा.

मीडिया से बात करते हुए जयशंकर ने कहा कि यह जंग अब पांचवें साल में पहुंच चुकी है और इसे सिर्फ बातचीत, कूटनीति और समझौते के जरिए ही खत्म किया जा सकता है. यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिय सिबिहा से मुलाकात के बाद जयशंकर ने कहा, “यह जंग आज पांचवें साल में है. यह इस वजह से खत्म नहीं होगी कि कोई तेल, एल्युमिना, खनिज, धातु या खाद खरीद रहा है या नहीं खरीद रहा. यह जंग बातचीत, कूटनीति और समझौते से ही खत्म होगी.”

जयशंकर ने भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की मुश्किलों पर भी बात की. उन्होंने कहा कि भारत की 1.4 अरब आबादी के लिए ऊर्जा की जरूरत पूरी करना आसान नहीं है. उन्होंने कहा कि इस मामले में भारत और यूक्रेन, दोनों के नजरिए का सम्मान किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, “यह भी जरूरी है कि आप सभी समझें कि ऐसे समय में 1.4 अरब लोगों के लिए ऊर्जा का इंतजाम करना कितना मुश्किल है, जब दुनिया में ऊर्जा की स्थिति बहुत कठिन है. यूक्रेन का इस मुद्दे पर अपना नजरिया है, जिसका हम सम्मान करते हैं. हमारा भी अपना नजरिया है और मैं उम्मीद करता हूं कि दूसरे देश भी उसका सम्मान करेंगे.”

भारत पर पश्चिमी देशों का दबाव
जयशंकर से पूछा गया था कि अगर अमेरिका उन देशों पर प्रतिबंध या टैक्स लगाने वाला कानून पास करता है, जो रूस से ऊर्जा खरीदना जारी रखते हैं, तो क्या भारत रूस से तेल खरीदना कम करेगा. इस सवाल के जवाब में उन्होंने उपर बताई गईं बातें कहीं. दरअसल अमेरिका और ब्रिटेन समेत पश्चिमी देश यूक्रेन की इस बात का समर्थन करते हैं कि रूस के ऊर्जा कारोबार को रोकने से उसकी कमाई कम होगी. इससे यूक्रेन में चल रही जंग के लिए रूस को मिलने वाला पैसा भी कम हो जाएगा.

NATIONAL : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आज, मथुरा-द्वारका में मंगला आरती, दिनभर चलेगा पूजन, 75 लाख श्रद्धालु पहुंचने की संभावना; पुरी में भगवान जगन्नाथ देंगे कान्हा को जन्म

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देशभर में आज आस्था, भक्ति और उल्लास के साथ भगवान श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। मथुरा की पावन जन्मभूमि से लेकर गुजरात के द्वारकाधीश मंदिर, दिल्ली के इस्कॉन व बिड़ला मंदिर और जयपुर के गोविंद देव जी मंदिर तक सुबह मंगला आरती के साथ जन्मोत्सव के आयोजनों की शुरुआत हुई। मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है।
ब्रज मंडल में 75 लाख भक्तों के जुटने का अनुमान, काशी से पहुंचे उपहार
भगवान कृष्ण की जन्मस्थली मथुरा-वृंदावन में गुरुवार रात से ही देश-विदेश से श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है:
विशाल जनसैलाब: प्रशासन के अनुसार जन्मोत्सव के पावन अवसर पर समूचे ब्रज मंडल में करीब 75 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिसे देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
काशी विश्वनाथ से आया नजराना: वर्ष 2024 से शुरू हुई परंपरा के तहत श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से विशेष टोली मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंची और लड्डू गोपाल के लिए पारंपरिक उपहार व पूजन सामग्री भेंट की।


जगन्नाथ पुरी: भगवान जगन्नाथ मां यशोदा का रूप धर देंगे कान्हा को जन्म
ओडिशा के जगन्नाथ पुरी में जन्माष्टमी के दिन एक अत्यंत दुर्लभ और अलौकिक परंपरा निभाई जाती है:
5 घंटे बंद रहेंगे कपाट: इस विशेष गुप्त रस्म के संपादन के लिए मुख्य मंदिर के कपाट करीब 5 घंटे तक आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे।
अनूठी परंपरा: इस अनुष्ठान के दौरान भगवान जगन्नाथ स्वयं माता यशोदा का वात्सल्य रूप धारण कर श्रीकृष्ण (कान्हा) को जन्म देने की प्रतीकात्मक धार्मिक रस्म पूरी करते हैं।
नाथद्वारा में 352 साल पुरानी परंपरा: 21 तोपों की सलामी से गूंजा श्रीनाथजी धाम
राजस्थान के राजसमंद स्थित पुष्टिमार्गीय वैष्णव संप्रदाय के प्रमुख तीर्थ श्रीनाथजी मंदिर, नाथद्वारा में जन्मोत्सव की अनूठी परंपरा का निर्वहन किया गया:
तोपों की गर्जना: कृष्ण जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में श्रीनाथजी को 21 तोपों की शाही सलामी दी गई।
सांस्कृतिक विरासत: नाथद्वारा में तोपों की सलामी देकर ठाकुरजी का जन्मोत्सव मनाने की यह गौरवशाली परंपरा पिछले 352 वर्षों से अनवरत चली आ रही है।
देशभर से लाइव रंग: उधमपुर में भव्य शोभायात्रा, सतरंगी रोशनी में नहाए धाम
उधमपुर (जम्मू-कश्मीर): सनातन सभा के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें राधा-कृष्ण के बाल स्वरूप में सजे सैकड़ों नन्हे-मुन्ने बच्चों ने मन मोह लिया। स्थानीय संगठनों द्वारा तैयार की गई हस्तनिर्मित झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
रोशनी से जगमगाए मंदिर: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक बिड़ला मंदिर व इस्कॉन मंदिर, देवभूमि द्वारका के मुख्य द्वारकाधीश मंदिर और बिहार की राजधानी पटना के इस्कॉन मंदिर को आकर्षक सतरंगी लाइटों व फूलों से सजाया गया है। मध्यरात्रि में निशीथ काल के दौरान पंचामृत अभिषेक और महाआरती के साथ जन्मोत्सव का चरम उल्लास मनाया जाएगा।

WORLD : ईरान का दावा: जॉर्डन में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें, बड़ी संख्या में मारे गए अमेरिकी सैनिक

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ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन के अकाबा के पास एक सैन्य ठिकाने पर मौजूद अमेरिकी मरीन के कैंप को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया. ईरानी पक्ष का कहना है कि हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे गए.

जॉर्डन में US मरीन कैंप को निशाना बनाने का दावा

ईरान के IRGC के मुताबिक, अमेरिकी मरीन कैंप टिटिन पर भारी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं. ईरानी मीडिया संस्था तस्नीम के अनुसार, IRGC ने दावा किया कि हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे गए.

ईरानी दावे के मुताबिक, हमले में कई महत्वपूर्ण सैन्य सुविधाएं और अमेरिकी हमलावर हेलीकॉप्टर भी नष्ट हुए हैं. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.

बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ड्रोन हमले की खबर

ईरानी मीडिया ने यह भी दावा किया है कि ईरान ने बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया है. इस हमले को लेकर भी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है.

इसी बीच अमेरिकी सेना का कहना है कि वह ईरान में उन ठिकानों को निशाना बना रही है, जिन पर शिपिंग को निशाना बनाने की कोशिशों से जुड़े होने का आरोप है. ईरानी मीडिया ने इस दौरान असालुयेह, जिरोफ्ट, बंदर अब्बास, किश द्वीप, कोनारक, चाबहार, जास्क, सिरिक और लावान में धमाकों की खबरें दी हैं.

ईरान के संसद स्पीकर बोले- कूटनीति के जरिए आत्मसमर्पण नहीं

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने मंगलवार को कहा कि ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण है. उन्होंने कहा कि पहले इस रास्ते से हर 24 घंटे में कम से कम 120 जहाज गुजरते थे.

राज्य टेलीविजन के टेलीग्राम चैनल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में गालिबाफ ने कहा कि अगर अब कुछ रातों में दो या तीन जहाज भी होर्मुज से गुजर पा रहे हैं, तो यह भी इस बात का संकेत है कि पूरे जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण है.

उन्होंने आरोप लगाया कि हाइब्रिड युद्ध में दुश्मन का मकसद ईरान के भीतर अशांति और अराजकता पैदा करना है. उन्होंने कहा कि दूसरा प्रयास कूटनीति के जरिए ईरान को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करने का हो सकता है, लेकिन ईरान ऐसा कभी नहीं करेगा.

होर्मुज से जहाजों की आवाजाही को लेकर ओमान से बातचीत

ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से में स्थित ओमान के साथ जहाजों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए एक व्यवस्था पर काम कर रहा है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह योजना अमेरिका को स्वीकार होगी या नहीं. खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शर्त के दोबारा खोलने की जरूरत पर जोर दिया है.

ईरानी सेना ने अमेरिका को भारी नुकसान की चेतावनी दी

ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB पर पढ़े गए एक बयान में ईरानी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ और खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने अमेरिकी हमलों का जवाब देने की चेतावनी दी. बयान में कहा गया कि सिस्तान और बलूचिस्तान तथा होर्मोजगान प्रांतों में अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में ईरानी सशस्त्र बल अमेरिका के खिलाफ करारा और विनाशकारी हमला करेंगे.

ईरानी सेना ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी सेना क्षेत्र में अपनी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई जारी रखती है, तो उसे और अधिक तथा भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.

बयान में यह भी कहा गया कि ईरान पहले ही कई बार स्पष्ट कर चुका है कि वह किसी भी परिस्थिति में ईरानी लोगों के अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा और अमेरिकी दुश्मन पर भारी कीमत थोपेगा.

दावों के बीच बढ़ता सैन्य तनाव

ईरान के अमेरिकी ठिकानों पर हमले के दावे और अमेरिका की ईरान में सैन्य कार्रवाई के बीच क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है. हालांकि, ईरान की ओर से अमेरिकी सैनिकों की मौत और सैन्य ठिकानों को हुए नुकसान से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. ऐसे में दोनों पक्षों के बयानों को दावे के तौर पर ही देखा जा रहा है.

WORLD : तिब्बत में भीषण बाढ़ से 21 लोगों की मौ’त, 541 लापता; भारत के 49 नागरिक भी शामिल

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नेपाल सीमा के पास तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में पिछले सप्ताह अचानक आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है, जबकि 541 लोग अब भी लापता हैं। चीन के अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ ने तिब्बत में एक आधिकारिक ब्रीफिंग के हवाले से बताया कि 30 अगस्त को जारी आंकड़ों के अनुसार, लापता लोगों में 261 विदेशी नागरिक हैं, जिनमें भारत के 49 और अन्य देशों के 22 नागरिक हैं।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने बुधवार को यहां प्रेसवार्ता में बताया कि नेपाल में करीब 100 चीनी नागरिकों का अब भी पता नहीं चल पाया है।

उन्होंने कहा कि चीन की ओर से नेपाल को दी जा रही आपात राहत सामग्री की दूसरी खेप मंगलवार को काठमांडू पहुंच गई। उन्होंने बताया कि नेपाल के अनुरोध पर चीन ने पांच डीएनए फोरेंसिक विशेषज्ञ भेजे हैं।

गुओ ने कहा कि चीन नेपाल के अनुरोध के आधार पर आपात राहत सामग्री की तीसरी खेप तैयार कर रहा है। उन्होंने बताया कि इसमें बेली ब्रिज, शव रखने वाले रेफ्रिजरेटर, महामारी से बचाव की सामग्री और आपात संचार उपकरण शामिल होंगे।प्रवक्ता ने कहा कि चीन डीएनए विशेषज्ञों का एक दूसरा दल भी भेजेगा। उन्होंने बताया कि नेपाली पक्ष ने तत्काल और अधिक राहत सामग्री भेजने तथा तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के लिए चीन का आभार जताया है।

तिब्बत में ग्लेशियरों के लगातार पीछे हटने और इस संवेदनशील क्षेत्र को प्रभावित करने वाली ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए पड़ोसी देशों के साथ समन्वय तंत्र बनाने को लेकर चीन की रजामंदी के बारे में पूछे जाने पर गुओ ने कहा कि बीजिंग ने काठमांडू के साथ महत्वपूर्ण तस्वीरें, उपग्रह और जलविज्ञान संबंधी आंकड़े साझा किए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘चीनी और नेपाली विशेषज्ञों के आकलन के अनुसार, बढ़ते वैश्विक तापमान के दीर्घकालिक प्रभावों ने ग्लेशियरों को अस्थिर कर दिया है और यह आपदा नेपाल में एक हिमनद के ढहने से शुरू हुई, जिसके परिणामस्वरूप बर्फ और चट्टानों का तेज बहाव हुआ और पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा बह गया।’’

गुओ ने कहा, ‘‘हम राहत प्रयासों में नेपाल को मजबूत समर्थन देते रहेंगे और आपदा रोकथाम एवं न्यूनीकरण के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करेंगे।’’

हिमनदों के पीछे हटने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन पूरी मानवता के सामने मौजूद साझा चुनौती है।

उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी देश ऐसे जोखिमों से अछूता नहीं रह सकता। चीन जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभावों को प्रभावी ढंग से रोकने और कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर आदान-प्रदान और सहयोग करता रहेगा।

NATIONAL : राहुल गांधी के मनुस्मृति वाले बयान पर संतों में नाराजगी, दंडी संन्यासियों ने बहिष्कार का लिया फैसला

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पिछले माह पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में मनुस्मृति को लेकर दिए गए बयान पर धर्माचार्यों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। राहुल गांधी ने कार्यक्रम में कहा था कि ‘महिलाओं को दबाने का माइंडसेट मनुस्मृति से आता है।’ उनके इस बयान को लेकर अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद ने कड़ी आपत्ति जताई है।
अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के संरक्षक और सनातन ज्ञान पीठाधीश्वर जगदगुरु स्वामी महेशाश्रम ने राहुल गांधी के बयान को निंदनीय और अक्षम्य बताया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हिंदुओं को आकर्षित करने के लिए स्वयं को ब्राह्मण बताते हैं, लेकिन हर मौके पर सनातन धर्म, उसकी परंपराओं और ग्रंथों का अपमान करते हैं।

दंडी संन्यासियों ने किया बहिष्कार का निर्णय
जगदगुरु स्वामी महेशाश्रम के अनुसार दंडी संन्यासियों ने आपसी सहमति से राहुल गांधी के बहिष्कार का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपना बयान वापस लेकर क्षमा मांगनी चाहिए। यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनका धार्मिक रूप से बहिष्कार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दंडी संन्यासी राहुल गांधी को किसी भी धार्मिक अनुष्ठान में आमंत्रित नहीं करेंगे। साथ ही यदि राहुल गांधी की ओर से उन्हें किसी कार्यक्रम में बुलाया जाता है तो वे वहां भी शामिल नहीं होंगे।

परिवार के सदस्यों के बहिष्कार की भी बात
स्वामी महेशाश्रम ने कहा कि राहुल गांधी के साथ उनकी मां, बहन समेत परिवार के सभी सदस्यों का भी बहिष्कार किया जाएगा। उनका कहना है कि राहुल गांधी के कथित कृत्य में परिवार के सदस्य अपरोक्ष रूप से भागीदार हैं और किसी ने उन्हें रोकने का प्रयास नहीं किया।
माघ मेले में होगी बैठक, पारित होगा प्रस्ताव
उन्होंने बताया कि जनवरी 2027 में प्रयागराज में होने वाले माघ मेले के दौरान दंडी संन्यासियों की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में राहुल गांधी के बहिष्कार को लेकर प्रस्ताव पारित किया जाएगा। इसके बाद बहिष्कार की विधिवत घोषणा की जाएगी।
इस बयान के बाद राहुल गांधी की मनुस्मृति संबंधी टिप्पणी को लेकर संत समाज और कांग्रेस नेता के बीच विवाद और बढ़ने के संकेत हैं।

WORLD : ईरान का बड़ा दावा: होर्मुज़ के पास शादी समारोह पर अमेरिकी एयरस्ट्राइक, 5 लोगों की मौत, 50 घायल

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Middle East में चल रहे भीषण युद्ध के बीच एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास ईरान के तटीय इलाके सिरिक में एक शादी समारोह पर हुए अमेरिकी हमले में कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई और 50 अन्य घायल हो गए।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, “इस क्रूरता को उन अत्याचारों की कड़ी से अलग नहीं किया जा सकता जो इससे पहले हुए थे।” उन्होंने मिनाब के एक गर्ल्स स्कूल में हुए उस धमाके जैसी घटनाओं का ज़िक्र किया, जिसमें मौजूदा युद्ध के पहले दिन 160 लोग मारे गए थे।

पेंटागन ने मिनाब हमले पर अभी तक कोई आधिकारिक रिपोर्ट जारी नहीं की है, लेकिन समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला अमेरिका द्वारा पुराने टारगेटिंग डेटा के इस्तेमाल का नतीजा हो सकता है।

सिरिक में शादी समारोह के दौरान हुई यह घातक घटना ऐसे समय में हुई जब हफ़्तों की सबसे बड़ी झड़प के बाद बुधवार को अमेरिका और ईरान फिर से युद्ध की स्थिति में आ गए हैं, और वाशिंगटन ने और भी विनाशकारी हमले करने की धमकी दी है।यह युद्ध में आम नागरिकों के हताहत होने के सबसे अहम मामलों में से एक हो सकता है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसने मंगलवार को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर कई हमले किए, जिनमें एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री संपत्तियां और सुविधाएं, माइन-लेइंग क्षमताएं और कम्युनिकेशन साइट्स शामिल थीं।

NATIONAL : पहाड़ से मैदान तक आफत की बारिश: अगले 4 दिन और बरसेगा पानी, 12 से अधिक राज्यों में अलर्ट; भूस्खलन से रास्ते बंद

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मध्य भारत के ऊपर बने निम्न दबाव के क्षेत्र और उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ से लेकर मैदान तक मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। नदियों में उफान से ज्यादातर इलाके बाढ़ की चपेट में हैं, भूस्खलन होने से 200 से अधिक सड़कें बंद हैं और कई इलाकों से संपर्क कट गया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है और 12 से अधिक राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है।

उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते आदि कैलाश और चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-गुंजी सड़क दो दिन से बंद है इससे व्यास घाटी का संपर्क कटा है। दारमा और चौदास घाटी को जोड़ने वाली धारचूला-तवाघाट बॉर्डर रोड पर भी आठ घंटे यातायात ठप रहा। राज्य में भूस्खलन के चलते 150 से ज्यादा सड़कों पर यातायात बाधित रहा, जिसके चलते लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बुधवार को मूसलाधार बारिश से चार धाम यात्रा मार्ग पर भी दिन भर यातायात बाधित होता रहा। कई लिंक मार्गों के बंद होने से कई गांवों अलग-थलग पड़ गए हैं।


अनंतनाग : गाड़ी पर गिरा पत्थर, एक पर्यटक की मौत
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में भारी बारिश से सहार खड्ड में बाढ़ आ गई और आसपास के दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क कट गया। कठुआ में 101.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। अनंतनाग जिले में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में एक इनोवा गाड़ी के आने से ओडिशा के एक पर्यटक की मौत हो गई।हरियाणा में भारी बारिश
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा के अंबाला, रोहतक, फरीदाबाद, पलवल, कुरुक्षेत्र, कैथल व जींद के कुछ एरिया में बारिश हुई। वहीं, यमुनानगर में हथिनीकुंड बैराज के पास लापता हुए नाहन की पैराट्रूप यूनिट के दो कमांडो में से एक कमांडों का शव देर शाम बरामद कर लिया है। दूसरे का अभी तक सुराग नहीं लगा। सर्च टीम दो हेलिकॉप्टरों की मदद से लगातार तलाश में जुटी है। 
बिहार में नदियां उफनाई
बिहार और नेपाल में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण राज्य की प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रशासन ने पूरे राज्य में अलर्ट जारी किया है। रोहतास जिले के इंद्रपुरी में सोन बैराज के सभी 69 फाटक खोल दिए गए हैं, जिससे भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है।

WORLD : ईरान पर हमलों के बाद ट्रंप का ऐलानः ‘अब समझौते में कोई दिलचस्पी नहीं, होर्मुज पर अमेरिका का फुल कंट्रोल’

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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और जंग खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है बल्कि ये और गहरा होते जा रहा है. अमेरिका ने एक बार फिर मंगलवार को ईरान पर हमला किया है. जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया ऐप ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में दावा किया है कि जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz – होर्मुज जलमार्ग) पर अब लगभग पूरी तरह अमेरिका का कब्जा हो चुका है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पाबंदियों और हमलों के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बर्बाद हो रही है.

ट्रंप ने उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि वह तेहरान को बातचीत की मेज पर वापस लाने के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें ईरान को किसी समझौते के लिए मजबूर करने में कोई दिलचस्पी नहीं है.

किसी समझौते में दिलचस्पी नहीं
ट्रंप ने कहा, ”मैं ईरान को बातचीत की मेज पर लाने के लिए मजबूर नहीं कर रहा हूं, जैसा कि अगर वे कोई ऐसा समझौता करते हैं जो उनके लिए बेकार है, तो मुझे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने आगे कहा कि उन्हें मौजूदा हालात ज्यादा पसंद हैं, जिसमें उनके शब्दों में होरमुज़ जलडमरूमध्य पर लगभग पूरा नियंत्रण है और ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ढह रही है. वे बस वही कर रहे हैं जो होना ही है. ईरान के लोग कब उठ खड़े होंगे और लड़ेंगे?”

फरवरी में टकराव शुरू होने के बाद से, ट्रंप ने कई बार दावा किया है कि अमेरिका ने होर्मुज पर नियंत्रण कर लिया है. हालांकि, तेहरान ने वॉशिंगटन के दावों को खारिज कर दिया है और कहा है कि यह रणनीतिक जलमार्ग ईरान के नियंत्रण में ही है.

ईरान ने किया पलटवार

अमेरिका ने मंगलवार को ईरान पर हमला किया था. जिसका ईरान ने पलटवार किया है. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन के अकाबा के पास एक सैन्य ठिकाने पर मौजूद अमेरिकी मरीन के कैंप को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया. इस हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे गए.

NATIONAL : पीएम मोदी-पेजेशकियन की मुलाकात पर अमेरिका की नजर? रुबियो बोले- भारत-ईरान नहीं कर रहे व्यापार वार्ता

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अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बुधवार को कहा कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच किसी व्यापार समझौते को लेकर बातचीत हो रही है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश ईरान की सरकार से बातचीत करते हैं। रूबियो ने यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से इतर हुई मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में की। यह सवाल फॉक्स न्यूज रेडियो के ‘द ब्रायन किल्मीड शो’ में उनसे पूछा गया था।

कार्यक्रम के दौरान प्रस्तोता ब्रायन किल्मीड ने कहा कि पीएम मोदी और पेजेशकियन की मुलाकात में ऐसा लगा कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते की तैयारी हो रही है। इसके जवाब में रूबियो ने कहा, ”खैर, मुझे नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच कोई व्यापार समझौता है। जाहिर तौर पर, सभी देश अपनी-अपनी विदेश नीति तय करते हैं और दुनिया के कई देश ईरान की सरकार से बातचीत करते हैं।’
‘ईरान की मदद करने वाले देशों पर अमेरिका क्या करेगा कार्रवाई?
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, ”मेरा मतलब है कि हम भी ईरान की सरकार के कुछ लोगों के साथ मिले हैं। कुछ चर्चाओं के संदर्भ में हमारी उनसे बातचीत और संपर्क हुआ है।” रूबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी देश को ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद नहीं करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ”किसी भी देश को ऐसे तंत्र बनाने में उनकी मदद नहीं करनी चाहिए, जिनके जरिए वे राजस्व जुटा सकें और फिर उसका इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने के साथ परमाणु हथियार बनाने की कोशिश में कर सकें। और अगर देश ऐसा करने का फैसला करते हैं, तो हमें उन पर भी प्रतिबंध लगाना पड़ेगा।”पीएम मोदी से पेजेशकियन ने क्यों की मुलाकात?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अगस्त को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से इतर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ बैठक की थी। ईरान की अर्द्ध सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी रिश्तों की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया और दोनों देशों के लिए अहम क्षेत्रों में ईरान और भारत के बीच आपसी सहयोग को मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया गया।

पश्चिम एशिया संकट के बीच दोनों शीर्ष नेताओं में संवाद कायम रहा है। जून में, पीएम मोदी और पेजेशकियन के बीच फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें ईरानी राष्ट्रपति ने भारतीय पीएम को पश्चिम एशिया में हो रही घटनाओं और आगे की राह के बारे में जानकारी दी थी। बातचीत के दौरान, पीएम मोदी ने संघर्ष खत्म करने के लिए बनी सहमति का स्वागत किया था और स्थायी शांति और स्थिरता के लिए लगातार कोशिशों की जरूरत को दोहराया।

NATIONAL : MP में किसानों की बल्ले-बल्ले, अब दिन में 10 घंटे मिलेगी बिजली; हुआ बड़ा ऐलान

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ग्वालियर में बलराम जयंती महोत्सव में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने किसानों के लिए कई बड़े ऐलान किए. सरकार खेत से लेकर खातों तक और बीज से लेकर बाजार तक हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है. किसान सिर्फ खेती पर ध्यान दें, उनके कर्ज की चिंता सरकार करेगी. उन्होंने किसानों के पसीने को मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था का ‘फ्यूल’ बताया. इसके अलावा कहा कि सरकार अब किसानों को दिन के समय में लगातार 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराएगी.
सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने बिजली व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए रात में जागना न पड़े, इसलिए सरकार अब दिन में ही 10 घंटे बिजली सप्लाई करेगी. कांग्रेस के दौर में बिजली हमेशा गुल रहती थी और फसल के समय किसानों को पानी तक नसीब नहीं होता था. 55 सालों के शासन में प्रदेश में 5000 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता था.


साल 2003 के बाद से प्रदेश की स्थिति बदली है और आज बिजली उत्पादन बढ़कर 31,000 मेगावाट तक पहुंच चुका है. आने वाले ढाई सालों में राज्य में सिंचित भूमि का रकबा बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने चार अहम कार्यों का किया शुभारंभ
इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसान कल्याण से जुड़े चार अहम कार्यों का शुभारंभ भी किया. मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक से ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल का शुभारंभ किया. इस पोर्टल से किसान अब घर बैठे आवेदन कर सकेंगे. इस अवसर पर शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर लोन योजना के सरलीकरण का भी शुभारंभ हुआ. इसके तहत खरीफ और रबी कृषि लोन की अलग-अलग अदायगी की बाध्यता समाप्त किया गया है. वहीं किसानों को अपनी सुविधा के अनुसार 12 महीने में लोन चुकाने की सुविधा दी गई हैइसी तरह किसान कृषक कवच योजना का भी शुभारंभ किया. इस योजना में ऐसे किसानों को भी ऋण और शासकीय योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया है, जिनके खातों की जांच लंबित होने से वे अब तक शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित थे. गांवों में सहकारिता गतिविधियों को मजबूत करने के लिए 200 नई पैक्स संस्थाओं के कार्यालयों का भी शुभारंभ किया.
प्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने की कही बात
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हम प्रदेश को देश की मिल्क कैपिटल बनाएंगे. प्रदेश के हर ब्लॉक में एक वृंदावन ग्राम विकसित किया जा रहा है और चारा अनुदान 20 से बढ़ाकर 40 रुपए किया गया है..

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