Sunday, November 1, 2026
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NATIONAL : कटा प्राइवेट पार्ट और कमरे से बाहर निकलते रसिक, प्रेमानंद के शिष्य का सामने आया चौथा CCTV

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वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के करीब 10 दिन बाद एक और CCTV वीडियो सामने आया है. इसे अब तक का चौथा वीडियो बताया जा रहा है.

वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला अभी भी रहस्य बना हुआ है. घटना के करीब 10 दिन बाद अब इस मामले से जुड़ा एक और वीडियो सामने आया है. इसे अब तक सामने आए वीडियो में चौथा वीडियो बताया जा रहा है. इसमें रसिक दुलारी शरण गैलरी से अपने कमरे की तरफ जाते हुए दिखाई दे रहे हैं.

वीडियो सामने आने के बाद उनकी मौत को लेकर सवाल एक बार फिर गहराने लगे हैं. आखिर ऐसा क्या हुआ कि कमरे में जाने के बाद उनकी मौत हो गई? उन्होंने मौत को गले क्यों लगाया? इन सवालों का जवाब अभी तक साफ नहीं हो सका है.

रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद से मामले से जुड़े वीडियो सामने आते रहे हैं. अब नए वीडियो में उन्हें गैलरी से अपने कमरे की ओर जाते देखा जा सकता है. हालांकि, सिर्फ इस वीडियो से मौत की वजह स्पष्ट नहीं होती. वीडियो में उनके कमरे में जाने के बाद क्या हुआ, यह अभी सामने नहीं आया है.

घटना को 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन मौत की वजह को लेकर स्थिति अब भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. पुलिस की जांच में अब तक क्या तथ्य सामने आए हैं, इसे लेकर भी आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. ऐसे में आश्रम की कार्यप्रणाली को लेकर भी तरह-तरह के सवाल और चर्चाएं हो रही हैं.

घटना के बाद एक के बाद एक नए वीडियो सामने आने से यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर ये CCTV फुटेज इतने दिनों बाद क्यों सामने आ रहे हैं. क्या ये वीडियो पुलिस जांच का हिस्सा हैं या इन्हें अब सार्वजनिक किया जा रहा है? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही साफ हो सकेगा.

फिलहाल रसिक दुलारी शरण की मौत की वजह रहस्य बनी हुई है. नए वीडियो के सामने आने के बाद इस मामले में पुलिस जांच और उसके निष्कर्ष पर लोगों की नजरें टिकी हैं.

BUSINESS : महंगाई बढ़ी, अब कर्ज लेना और चुकाना भी महंगा:RBI की चेतावनी- आगे कीमतें और बढ़ेंगी; इससे फेस्टिव सीजन में खरीदारी कम होने का अंदेशा

महंगाई बढ़ गई है, यह और बढ़ने वाली है, यह तय है। साथ में बैंकों से कर्ज लेना भी महंगा होने वाला है। ये बातें रिजर्व बैंक, यानी RBI की हैं। इसके चलते RBI को फरवरी 2023, यानी करीब 4 साल बाद रेपो रेट बढ़ाना पड़ा है। रेपो रेट 5.25% से बढ़ाकर 5.50% कर दिया है।

अब ये क्यों किया, इसे समझने के लिए सबसे पहले रेपो रेट समझना जरूरी है। रेपो रेट वो ब्याज दर है जिस पर बैंक RBI से कर्ज लेता है। फॉर्मूला ये है कि रिजर्व बैंक महंगा कर्ज बैंको को देगा तो बैंक लोगों को और महंगा कर्ज देंगे। इससे लोग कम कर्ज लेंगे और खर्च भी कम करेंगे। खर्च कम करेंगे तो मांग कम होगी, मांग कम होने से महंगाई काबू में रहेगी।

RBI ने महंगाई का अनुमान भी बढ़ाया है। अब 2026-27 में महंगाई दर 5.2% रहने का अनुमान है, जो पहले 5.0% था। हालांकि, अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर अच्छी खबर है। RBI ने 2026-27 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान 6.7% से बढ़ाकर 7.1% कर दिया है।

RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी यानी MPC की तीन दिन चली बैठक के बाद गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 7 अक्टूबर को नए फैसलों की जानकारी दी। RBI ने अपना रुख भी बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया है।

आसान भाषा में इसका मतलब है कि फिलहाल ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश कम हो गई है। आने वाले समय में RBI दरों को स्थिर रख सकता है या जरूरत पड़ने पर इन्हें और बढ़ा सकता है।

फिलहाल ब्याज दरें घटने का रास्ता बंद

RBI ने अपना रुख बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया है। यानी, फिलहाल ब्याज दरों में कटौती का रास्ता पूरी तरह से बंद हो चुका है। आने वाली बैठकों में रिजर्व बैंक या तो दरों को जैसा है वैसा ही रखेगा, या फिर जरूरत पड़ने पर इन्हें और बढ़ा सकता है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का कहना है कि 0.25% की यह बढ़ोतरी तो उम्मीद के मुताबिक ही थी, लेकिन असली बात नीति में हुआ बदलाव है। इससे साफ जाहिर होता है कि रिजर्व बैंक के लिए अब सबसे पहला काम महंगाई पर काबू पाना है।
कोटक महिंद्रा बैंक की चीफ इकोनॉमिस्ट उपासना भारद्वाज का मानना है कि आने वाले समय में ब्याज दरों में 0.25 से 0.50% की और बढ़ोतरी हो सकती है।
डीबीएस बैंक की सीनियर इकोनॉमिस्ट राधिका राव का कहना है कि रिजर्व बैंक का यह कदम दिखाता है कि वह महंगाई के खतरे को वक्त रहते ही पूरी तरह से दबा देना चाहता है, ताकि यह आगे जाकर अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी मुसीबत न बने।

2026-2027 में GDP ग्रोथ 7.1% रहने का अनुमान

रिजर्व बैंक ने देश की आर्थिक विकास दर का अनुमान 6.7% से बढ़ाकर 7.1% कर दिया है। इसमें दूसरी तिमाही (Q2) की ग्रोथ 7.2% और तीसरी तिमाही (Q3) की ग्रोथ 6.9% रहने की उम्मीद है। चौथी तिमाही का अनुमान 6.8% पर बरकरार रखा गया है।

अब 3 सवालों के जवाब से जानिए रेपो रेट से जुड़ी जरूरी बातें

सवाल 1: RBI ने रेपो रेट 0.25% क्यों बढ़ाया?

जवाब: गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, वैश्विक दबाव और खराब मौसम से खाद्य महंगाई का खतरा बढ़ गया है। इसलिए आरबीआई महंगाई पर समय रहते लगाम लगाना और अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनाए रखना चाहता है।

सवाल 2: रेपो रेट बढ़ने से आम लोगों पर क्या असर होगा?

जवाब: लोन लेने वाले 10 में से लगभग 7 ग्राहकों की ब्याज दर रेपो रेट से बंधी है। इसलिए रिजर्व बैंक का फैसला देश के ज्यादातर लोन ग्राहकों पर तुरंत असर डालेगा।

मौजूदा होम, कार और पर्सनल लोन: अगर आपका लोन फ्लोटिंग रेट पर है यानी, रेपो रेट से जुड़ा है तो बैंक आने वाले कुछ ही दिनों में ब्याज दरें बढ़ा देंगे। इससे या तो आपकी EMI बढ़ जाएगी या फिर लोन चुकाने की अवधि लंबी हो जाएगी।
नए लोन लेने वालों के लिए: आने वाले दिनोमें नया होम लोन या कार लोन लेना महंगा पड़ेगा। बैंकों की नई दरें लागू होने के बाद लोन एलिजिबिलिटी भी थोड़ी कम हो सकती है।
सवाल 3: आगे रेपो रेट कब घट सकता है?

जवाब: अगर महंगाई लगातार काबू में रहती है और आर्थिक हालात इसकी इजाजत देते हैं, तो RBI आगे रेपो रेट में कटौती कर सकता है। RBI हर बैठक में महंगाई, आर्थिक विकास और घरेलू-वैश्विक हालात को देखते हुए ब्याज दर पर फैसला करता है।

नॉलेज बॉक्स: आखिर कहां से आया यह ‘रेपो रेट’ का कॉन्सेप्ट?

1917 की बात है, जब पहला विश्व युद्ध चल रहा था। उस वक्त बैंकों पर टैक्स का भारी बोझ आ गया था, जिसकी वजह से उन्हें कर्ज मिलना महंगा और मुश्किल हो रहा था।

इस मुसीबत से निपटने, टैक्स का बोझ कम करने और बैंकों को आसानी से पैसा देने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेड) ने पहली बार ‘रेपो सिस्टम’ की शुरुआत की।

समय के साथ इसमें कई बड़े बदलाव आए:

कौन ले सकता है कर्ज: शुरुआत में यह सुविधा सिर्फ चुनिंदा सदस्य बैंकों के लिए थी। 1950 के दशक में प्राइमरी डीलर्स भी इससे जुड़े और आज बैंक व डीलर्स दोनों इसका इस्तेमाल करते हैं।

कैसे तय होती है ब्याज दर: पहले रेपो रेट फिक्स्ड डिस्काउंट रेट पर तय होता था। बाद में इसे बाजार की दरों से जोड़ा गया और अब अमेरिका की FOMC कमेटी इसे तय करती है।

क्या गिरवी रखा जाता है: शुरुआत में कर्ज के बदले सिर्फ सरकारी और वॉर बॉन्ड्स गिरवी रखे जाते थे। बाद में ट्रेजरी सिक्योरिटीज और 1999 के बाद मॉर्गेज से जुड़े बॉन्ड्स भी स्वीकार किए जाने लगे।

आज का स्टेटस: 1917 से लेकर अब तक रेपो रेट का पूरा ढांचा ही बदल चुका है। आज यह न सिर्फ अमेरिका बल्कि भारत समेत दुनिया भर के देशों के बैंकिंग सिस्टम में पैसों के बहाव (लिक्विडिटी) को कंट्रोल करने का सबसे बड़ा और असरदार हथियार है।

NATIONAL : राहुल गांधी को मिला CJP का साथ, आशुतोष रांका बोले- ‘BJP क्यों…’

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आशुतोष रांका ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों के साथ बैठक करने से क्यों रोका जा रहा है. क्या चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था नहीं है?

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने की मांग को लेकर मंगलवार को आकाशवाणी भवन परिसर में अनशन पर बैठ गए. हालांकि, पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ अन्य कांग्रेस नेताओं और समर्थकों को हिरासत में ले लिया. इसके बाद कॉकरोच पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने सरकार और केंद्र की सत्ताधारी पार्टी पर हमला बोला.

आशुतोष रांका ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों के साथ बैठक करने से क्यों रोका जा रहा है. क्या चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था नहीं है? रांका ने आकाशवाणी भवन परिसर में एक पेड़ के नीचे बैठे विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत अन्य नेताओं का वीडियो भी शेयर किया.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा को पुलिस ने करीब आठ घंटे बाद धरना स्थल, आकाशवाणी भवन परिसर से हिरासत में ले लिया. विपक्षी इंडिया गठबंधन के घटक दलों के सांसदों ने दिन में संसद मार्ग से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च निकाला. हालांकि पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोक दिया और कई नेताओं को हिरासत में ले लिया. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी चुनाव आयोग के कार्यालय पहुंचने की कोशिश में आकाशवाणी भवन परिसर में घुस गए और एक पेड़ के नीचे बैठ गए थे.

राहुल गांधी ने कहा, ‘300 सांसदों को यहां रोका गया और उसके बाद, उन्होंने हमें यहां बिठा दिया है. चुनाव आयोग यहां से 50 गज की दूरी पर है. वे हमें वहां जाने नहीं दे रहे हैं. मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या समस्या है. चुनाव आयोग का काम ठीक से चुनाव कराना है. 300 सांसद ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहते हैं और ज्ञानेश कुमार डरे हुए हैं इसलिए मुझे नहीं पता कि देश में क्या हो रहा है. अगर प्रतिनिधि चुनाव आयोग से नहीं मिल सकते तो लोकतंत्र का क्या मतलब है?’

NATIONAL : 12 घंटे में 4 पीसी, 2 मंत्रियों के बयान; राहुल को जवाब देने में भाजपा ने अभूतपूर्व ताकत झोंकी

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग मार्च को रोकने के बाद कई घंटे धरना पर बैठकर ऐसा माहौल बना दिया कि भाजपा को 12 घंटे में चार संवाददाता सम्मेलन के ऊपर दो मंत्रियों से बयान दिलाना पड़ा।

राहुल गांधी को मंगलवार की रात आकाशवाणी भवन से हिरासत में लेकर जाती दिल्ली पुलिस।
सुबह 10.07 बजे संबित पात्रा, दोपहर 1.21 बजे सुधांशु त्रिवेदी, शाम 4.07 बजे प्रदीप भंडारी और रात 9.44 बजे दोबारा सुधांशु त्रिवेदी। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नई दिल्ली मुख्यालय में यह मंगलवार (6 अक्टूबर, 2026) को एक के बाद एक बुलाए गए चार संवाददाता सम्मेलन की सूची है। इनके ऊपर से वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और किरेन रिजिजू के साथ-साथ पूर्व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बयान दिया वो अलग। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग मार्च के दौरान भाजपा ने अभूतपूर्व ताकत झोंककर सुबह से रात तक वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और वोट चोरी के आरोपों पर सरकार और पार्टी का पक्ष रखते हुए राहुल गांधी की नीयत पर अराजकता फैलाने जैसे सवाल उठाए।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद से चुनाव आयोग तक मार्च कर रहे विपक्षी सांसदों को रास्ते में रोक लिया गया था। तब प्रियंका गांधी समेत अन्य नेताओं के साथ राहुल गांधी आकाशवाणी परिसर में ही धरने पर बैठ गए, जहां से उन्हें करीब 9 घंटे बाद हिरासत में लिया गया। राहुल ने ऑल इंडिया रेडियो कैंपस में मीडिया से कहा था- ‘मेरे भारत के साथ जो किया गया, वो देशद्रोह है। चाहे वो नरेंद्र मोदी हो, अमित शाह हो, ज्ञानेश कुमार हो या मोहन भागवत हो- कोई बच कर नहीं भाग पाएगा।’ सुबह 11 बजे शुरू मार्च रोक देने पर जब राहुल ने आकाशवाणी परिसर में ही धरना शुरू कर दिया तो बार-बार बुलाई गई कुल चार प्रेस कॉन्फ्रेंस और तीन बयान से सत्तारूढ़ दल पर दबाव साफ दिखने लगा।

बीजेपी के पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबित पात्रा ने क्या कहा?
भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि देश के अंदर कुछ विपक्षी दल, खास तौर से कांग्रेस एक प्रायोजित प्रयास कर रही है कि किसी तरह सत्ता परिवर्तन करें और राहुल गांधी को सत्तासीन करें। इसके लिए प्रायोजित रूप से लोकतंत्र और भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर प्रहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की बार-बार कोशिश रही है कि कैसे भी राहुल को लॉन्च और री-लॉन्च किया जाए। पात्रा ने आरोप लगाया कि बहुत कोशिशों के बाद जब राहुल लॉन्च नहीं हो पाए, तो कांग्रेस और कुछ सहयोगी दलों ने यह तय किया है कि भले अराजकता के माध्यम से राहुल को लॉन्च करना पड़े, हम लोकतंत्र पर प्रहार करेंगे, मगर हर कीमत पर राहुल को लॉन्च करेंगे।

बीजेपी के दूसरे प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुधांशु त्रिवेदी ने क्या कहा?
भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी पार्टी दफ्तर में दूसरी पीसी करने आए और कहा कि जिन लोगों ने 5.8 करोड़ का राशन खाया, जिन लोगों ने 4.45 करोड़ की मनरेगा मजदूरी खाई, वही लोग डेड और डुप्लीकेट वोटर्स के द्वारा लोकतंत्र को खाने का प्रयास कर रहे हैं। राहुल गांधी के आरोपों पर त्रिवेदी ने कहा- ‘वास्तविकता यह है कि ये (राहुल गांधी) कामचोर हैं, और वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं।’

बीजेपी के तीसरे प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदीप भंडारी ने क्या कहा?
भाजपा के तीसरे राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी शाम में तीसरे संवददाता सम्मेलन में पहुंचे और कहा कि राहुल गांधी ‘झूठ की दुकान’ चला रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल ने जिस तरह फेक AI वीडियो के जरिए झूठा माहौल बनाने और दिल्ली पुलिस को बदनाम करने का प्रयास किया, उसका पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। भंडारी ने राहुल और कांग्रेस से स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा कि इस झूठ के लिए उनकी जवाबदेही बनती है। उन्होंने कहा कि राहुल आज देश में झूठ, भ्रम और अशांति फैलाने की राजनीति कर रहे हैं। राहुल गांधी हर मुद्दे पर झूठे नैरेटिव फैलाने का प्रयास करते हैं।

भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी रात में फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए और पार्टी के कल के चौथे पत्रकार सम्मेलन में राहुल को झूठों के सरताज और राजनीतिक ड्रामे में माहिर बताते हुए कहा कि दिन भर का प्रपंच चुनाव आयोग की प्रेस रिलीज से पूरी तरह बेनकाब हो गया है। त्रिवेदी ने चुनाव आयोग के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें कहा गया कि कांग्रेस या किसी विपक्षी दल से मुलाकात का कोई आग्रह आयोग को नहीं मिला है। आयोग ने यह भी कहा कि जब आयोग निर्धारित प्रक्रिया के तह त मिलने के लिए राजी था तो राहुल तैयार नहीं हुए। सुधांशु त्रिवेदी ने आयोग के बयान का संदर्भ रखते हुए कहा कि राहुल का उद्देश्य चुनाव आयोग से मिलकर अपनी बात रखना नहीं, बल्कि ड्रामा करना था। भाजपा प्रवक्ताओं के अलावा शिवराज सिंह चौहान, किरेन रिजिजू और रविशंकर प्रसाद ने भी अलग से बयान देकर राहुल गांधी पर तीखे हमले बोले।

तब पीएम आवास, अब आकाशवाणी; राहुल गांधी का फिर खूंटा गाड़ प्रदर्शन

राहुल गांधी समेत विपक्ष के नेता चुनाव आयोग और सरकार पर वोट चोरी के आरोप लगाते आ रहे हैं। एसआईआर को लेकर हालिया खुलासों और सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी के बाद विपक्ष ज्ञानेश कुमार पर और हमलावर है। 20 जुलाई 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मार्च के बाद से सरकार विरोधी आंदोलन लगातार जारी हैं। सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बनी कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर आंदोलन ने संसद का मॉनसून सत्र बिगाड़ा था और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और आयोग के कामकाज को लेकर शीतकालीन सत्र भी हंगामेदार रहने के आसार बन रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी ने भी 10 अक्टूबर को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर लौटने का ऐलान कर रखा है।

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ENTERTAINMENT : ‘दृश्यम 3’ की कमाई ₹300 करोड़ पार:मोहनलाल की ओरिजिनल फिल्म का रिकॉर्ड तोड़ा; अजय देवगन के करियर की सबसे हिट फिल्म बनने की ओर

अजय देवगन स्टारर फिल्म ‘दृश्यम 3’ (दृश्यम द कंक्लूजन) का कलेक्शन ₹300 करोड़ पार कर गया है। शुक्रवार को रिलीज हुई इस फिल्म ने अपने रिकॉर्ड तोड़ ओपनिंग वीकेंड के बाद चौथे दिन भी शानदार पकड़ बनाए रखी।

हालांकि सोमवार को कामकाजी दिन होने के कारण फिल्म की कमाई में थोड़ी गिरावट जरूर दर्ज की गई। ‘दृश्यम 3’ अजय देवगन के करियर की सबसे बड़ी हिट बनने की ओर आगे बढ़ रही है।

फिल्म ने सोमवार (चौथे दिन) को भारत में ₹21 करोड़ का नेट कलेक्शन किया, जो कि रविवार की ₹61 करोड़ की कमाई के मुकाबले लगभग 65% की गिरावट दिखाता है।

इस कलेक्शन के साथ भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन ₹197.50 करोड़ और डोमेस्टिक ग्रॉस कलेक्शन ₹237 करोड़ हो गया है। ओवरसीज (विदेशों) से मिली ₹5 करोड़ की कमाई को जोड़कर फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन ₹303 करोड़ तक पहुंच गया है।

‘दृश्यम 3’ ने शुक्रवार को ₹62 करोड़ के साथ शुरुआत की थी, जो अजय देवगन के करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्म बन गई। इसके बाद शनिवार को फिल्म ने ₹53.50 करोड़ और रविवार को ₹61 करोड़ की बंपर कमाई की।

यह 2026 की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग वीकेंड ग्रॉसर फिल्म बनकर उभरी है। इसके साथ ही इसने मोहनलाल की मूल मलयालम फिल्म ‘दृश्यम 3’ के लाइफटाइम वर्ल्डवाइड कलेक्शन (₹237.70 करोड़) को भी पीछे छोड़ दिया है।

अजय देवगन की फिल्म ने मोहनलाल की मूल मलयालम फिल्म ‘दृश्यम 3’ के लाइफटाइम वर्ल्डवाइड कलेक्शन (₹237.70 करोड़) को भी पीछे छोड़ दिया है।
अजय देवगन की फिल्म ने मोहनलाल की मूल मलयालम फिल्म ‘दृश्यम 3’ के लाइफटाइम वर्ल्डवाइड कलेक्शन (₹237.70 करोड़) को भी पीछे छोड़ दिया है।
‘मिर्जापुर: द मूवी’ के रिकॉर्ड के करीब

अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अजय देवगन (विजय सलगांवकर) के साथ तब्बू, श्रिया सरन, रजत कपूर और इशिता दत्ता पुरानी भूमिकाओं में लौटे हैं, जबकि जयदीप अहलावत और प्रकाश राज नए किरदारों में शामिल हुए हैं।

चौथे दिन फिल्म की ओवरऑल हिंदी ऑक्यूपेंसी 24.71% दर्ज की गई। ‘दृश्यम 3’ अब ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के ₹334.68 करोड़ के रिकॉर्ड को पछाड़ने से महज ₹31.68 करोड़ दूर है।

अजय देवगन की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन सकती है दृश्यम 3

ओपनिंग वीकेंड पर हुई कमाई के बाद ये फिल्म अजय देवगन की कई हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्मों का भी रिकॉर्ड तोड़ सकती है। फिलहाल उनकी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म तान्हाजीः द अनसंग वॉरियर है, जिने कुल 361 करोड़ कमाए थे।

फिल्म ‘दृश्यम 3: द कंक्लुजन’ में अजय देवगन एक बार फिर विजय सालगांवकर के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म में उनके साथ तबु, श्रिया सरन, इशिता दत्ता, मृणाल जाधव, रजत कपूर और प्रकाश राज अपनी पुरानी भूमिकाओं में लौट रहे हैं।

इस पार्ट में जयदीप अहलावत की भी एंट्री हुई है। यह फ्रेंचाइजी अपनी सस्पेंस थ्रिलर कहानी के लिए जानी जाती है, जिसके पहले दोनों पार्ट बॉक्स ऑफिस पर सफल रहे थे।

इससे पहले एक्टर अक्षय खन्ना के आखिरी वक्त पर शूटिंग छोड़ने को लेकर यह फिल्म चर्चा में रही थी। ‘दृश्यम 3’ के लेखक और निर्देशक अभिषेक पाठक ने बताया था कि अजय देवगन के साथ अक्षय खन्ना के सीन शूट होने से हफ्ते भर पहले उन्होंने प्रोजेक्ट छोड़ दिया था।

इसके बावजूद मेकर्स ने शूटिंग टालने के बजाय तीन दिन के भीतर स्क्रिप्ट दोबारा लिखी। अक्षय खन्ना के रोल को नए कैरेक्टर में बदलकर जयदीप अहलावत को कास्ट किया गया।

NATIONAL : 1 करोड़ की शादी, 25 लाख का दहेज… सुहागरात पर पति ने रखी घिनौनी शर्त, सदमे में नई दुल्हन, आगरा में गजब कहानी

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आगरा के हरीपर्वत थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता ने अपने पति और ससुराल वालों पर दहेज मांगने, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई है।

आगरा: आगरा के हरीपर्वत थाना क्षेत्र से दहेज उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां की एक नवविवाहिता ने अपने पति और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।

आरोप है कि उसके पिता ने शादी में करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए थे, इसके बावजूद ससुराल पक्ष की दहेज की मांग जारी रही। मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के साथ-साथ मारपीट भी की गई। सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि शादी के अगले ही दिन पति ने उसके सामने एक आपत्तिजनक शर्त रख दी, जिसके बाद से वह लगातार मानसिक तनाव और अवसाद में है। महिला ने पति पर उसका निजी डाटा चोरी करने का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


पीड़िता के अनुसार, उसकी शादी 20 अप्रैल 2026 को हुई थी, जिसके लिए 18 से 21 अप्रैल तक JR ग्रैंड रिसोर्ट में डेस्टिनेशन वेडिंग रखी गई थी। आरोप है कि शादी के दौरान ससुराल पक्ष ने 25 लाख रुपये दहेज की मांग की, जो पिता ने दे दिया। शादी के अगले ही दिन पति ने उससे कहा कि उसकी पुरानी प्रेमिका ने उसे धोखा दिया था, इसलिए अब उसकी इच्छा है कि उसकी पत्नी उसके सामने अपने किसी दोस्त के साथ संबंध बनाए। विरोध करने पर भी पति लगातार उस पर इसी बात का दबाव बनाता रहा।

पीड़िता का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसकी ननद ने उसका पासवर्ड डालकर मोबाइल अनलॉक कर लिया और उसमें मौजूद उसका निजी व कंपनी से जुड़ा संवेदनशील डाटा कॉपी कर लिया। इसके बाद युवती अपनी नौकरी ज्वाइन करने के लिए बेंगलुरु चली गई। वहां पति भी पहुंच गया और उसने युवती के मोबाइल और कंपनी के लैपटॉप से निजी चैट, कंपनी की गोपनीय जानकारी और सहकर्मियों से जुड़ा डाटा अपने फोन में ट्रांसफर कर लिया और फिर व्हाट्सएप चैट डिलीट कर दी। आरोप है कि अब पति उसी डाटा के दम पर उसे बदनाम करने की धमकी दे रहा है। पीड़िता ने पुलिस से चोरी हुआ डाटा बरामद कराने और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

NATIONAL : प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने पर विराट ने वायरल दावे का किया खंडन, फलाहारी महाराज ने लगाया था 5 करोड़ लेने का आरोप

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फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा के 5 करोड़ वाले दावे को विराट कोहली के प्रवक्ता ने पूरी तरह झूठा बताया है। विराट के प्रवक्ता ने कहा कि विराट कोहली प्रेमानंद महाराज से अपनी गहरी आस्था और सम्मान के चलते मिलते हैं।

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली और प्रेमानंद महाराज से जुड़ा एक दावा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। दावा किया गया था कि वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने के लिए विराट कोहली को कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये दिए गए थे। अब विराट कोहली की ओर से इस दावे का खंडन किया गया है। उनके प्रवक्ता ने आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें झूठा, बेबुनियाद और तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है।

प्रेमानंद महाराज से मुलाकात पर प्रवक्ता ने दिया बयान
विराट कोहली के प्रवक्ता की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा द्वारा विराट कोहली को लेकर किए गए दावे पूरी तरह गलत और तथ्यों से परे हैं। बयान में स्पष्ट किया गया कि विराट कोहली प्रेमानंद महाराज से केवल अपनी गहरी आस्था और सम्मान के कारण मिलने जाते हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि हम साफ तौर पर कहना चाहते हैं कि फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा ने विराट कोहली के बारे में जो दावे किए हैं, वे पूरी तरह से झूठे, बेबुनियाद और तथ्यों के लिहाज से गलत हैं। बयान में आगे कहा गया कि विराट कोहली, प्रेमानंद महाराज जी के प्रति अपनी गहरी आस्था और सम्मान के कारण ही उनसे मिलने जाते हैं। हम इन दावों का पुरजोर खंडन करते हैं और मीडिया से आग्रह करते हैं कि वे ऐसी बातों को रिपोर्ट करने या आगे बढ़ाने से पहले पूरी सावधानी बरतें, तथ्यों की जांच करें और जिम्मेदारी से रिपोर्टिंग करें।

फलाहारी महाराज ने किया था दावा
दरअसल, सोशल मीडिया पर हाल के दिनों में एक दावा वायरल हुआ, जिसमें कहा गया कि राजस्थान की एक निजी कंपनी ने कथित तौर पर विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज के आश्रम तक लाने के लिए 5 करोड़ रुपये खर्च किए थे। यह दावा फलाहारी महाराज के नाम से मशहूर दिनेश शर्मा ने किया था।

दावे के मुताबिक, जनवरी 2023 में विराट कोहली की प्रेमानंद महाराज से पहली मुलाकात के दौरान एक प्रॉपर्टी बिल्डर लॉबी और राजस्थान की एक निजी कंपनी ने कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये खर्च किए थे। आरोप में यह भी कहा गया कि इसके पीछे उद्देश्य प्रेमानंद महाराज के प्रचार और लोकप्रियता को बढ़ाना था। गौरतलब है कि विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा अक्सर प्रेमानंद महाराज से मिलने वृंदावन जाते रहते हैं। दोनों की महाराज के साथ मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आते रहे हैं।

NATIONAL : ‘इतना मत गिरो कि इंसानियत को शर्म आ जाए’, प्रेमानंद महाराज को लेकर भड़के लकी बिष्‍ट, सेलेब्रेटीज को जमकर सुनाया

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मथुरा: मशहूर संत प्रेमानंद महाराज वैसे तो लगातार चर्चा में बने रहते हैं पर पिछले कुछ दिनों से उनका श्रीहित राधा केलिकुंज आश्रम विवादों के साए में है। 25 सितंबर को प्रेमानंद महाराज के एक शिष्‍य ने चौथे मंजिल से कूदकर आत्‍महत्‍या कर ली थी। इसके अलावा आश्रम में रहने वाले एक बालक के गायब होने का दावा कर परिजनों ने धरना-प्रदर्शन किया। दिनेश फलाहारी महाराज ने आश्रम में गुटबाजी और बिल्‍डर लॉबी के घुसने से जुड़े आरोप लगाकर माहौल और गरमा दिया है। इस बीच, पूर्व रॉ एजेंट लकी बिष्‍ट ने प्रेमानंद महाराज के बचाव में एक वीडियो जारी किया है। उन्‍होंने संत के आश्रम में आने वाले सेलेब्रेटीज पर भी निशाना साधा है।

वीडियो में लकी बिष्‍ट ने कहा- देश के लोगों से निवेदन है कि इतना नीचे मत गिर जाओ कि इंसानियत को शर्म आ जाए। उन लोगों को छोड़ दो जिनका जीवन सिर्फ समाज के भलाई के लिए है। राजनीति करने के लिए देश में बहुत लोग हैं। उन पर राजनीति कीजिए। आप एक संत पर इतने गंदे आरोप लगा रहे हैं। आप इतना नीचे गिर गए हैं कि एक संत जो मृत्‍यु के स्‍टेज पर हैं, उनको भी नहीं छोड़ रहे हैं।

‘सेलेब्रेटीज के मुंह से आवाज तक नहीं निकल रही’

लकी बिष्‍ट ने आगे कहा- आप उनके ऊपर दोष लगा रहे हो कि कुछ लोग गायब हुए हैं। क्‍या प्रेमानंद महाराज ने लोगों को गायब किया है क्‍या। जो सेलेब्रेटीज प्रेमानंद महाराज के आश्रम में आशीर्वाद लेने जाते थे, आज उनके मुंह से आवाज तक नहीं निकल रही है। उनको लग रहा होगा कि हम अगर इस कंट्रोवर्सी में फंसेंगे तो लोग क्‍या सोचेंगे। आप किसी संत को पूजते हो पर जब उन पर कोई सवाल उठाता है तो आप बात तक नहीं करते।

प्रेमानंद के आश्रम छोड़ने का दावा

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अपने आश्रम की गुटबाजी से परेशान होकर प्रेमानंद महाराज केलिकुंज आश्रम से करीब 20 किमी दूर बेलवन आश्रम चले गए हैं।

दो साल से लापता बेटे की तलाश में वृंदावन पहुंचा दंपती

दूसरी ओर, अपने लापता बेटे प्रिंस की तलाश में मेरठ से एक परिवार वृंदावन पहुंचा है। दंपती ने प्रेमानंद महाराज के आश्रम के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्‍होंने अपने साथ मारपीट करने का आरोप भी लगाया है। दंपती का कहना है कि वे दो साल से बेटे को तलाश रहे हैं। उनका दावा है कि प्रिंस 2024 में परिवार के साथ्‍ज्ञ केलिकुंज में एकांतिक वार्ता में शामिल होने आया था। वार्ता खत्‍म होने के बाद परिवार के सदस्‍य बाहर चले गए पर‍ प्रिंस नहीं निकला। काफी देर तक इंतजार करने के बाद उसकी तलाश शुरू की गई।

NATIONAL : बंगाल की नंदीग्राम-रेजिनगर विधानसभा सीटों के लिए 6 अक्टूबर को वोटिंग, आयोग ने घोषित किया शेड्यूल

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केंद्रीय चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की दो खाली विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव की तिथियों का ऐलान कर दिया है। नंदीग्राम और रेजिनगर सीटों के लिए 6 अक्तूबर को वोट डाले जाएंगे। नंदीग्राम सीट बीजेपी ने जीती थी जबकि रेजिनगर सीट हुमायूं कबीर की पार्टी ने कब्जाई थी। फाल्टा को छोड़ दें तो बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद ये पहले उपचुनाव हैं।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा की दो खाली सीटों में लिए चुनाव आयोग ने उपचुनाव का ऐलान कर दिया है। राज्य की नंदीग्राम और रेजिनगर सीटों के लिए 6 अक्तूबर को वोट डाले जाएंगे। दोनों सीटों के नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। नंदीग्राम सीट पश्चिम बंगाल में मौजूदा सीएम शुभेंदु अधिकारी के सीट खाली करने के कारण होगा, जब रेजिनगर सीट टीएमसी से निष्कासित नेता हुमायूं कबीर ने खाली थी। दोनों ही नेता दो-दो सीटों से चुनाव जीते थे।

जानें पूरा शेड्यूल: कब क्या होगा
चुनाव आयोग के मुताबिक दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के छोड़ने के बाद खाली हुई थी। उन्होंने कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट बरकरार रखने के लिए नंदीग्राम सीट से इस्तीफा दिया था। चुनाव आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक उपचुनाव के लिए गजट नोटिफिकेशन 9 सितंबर को जारी किया जाएगा। उम्मीदवार 16 सितंबर तक अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 17 सितंबर को होगी, जबकि उम्मीदवारी वापस लेने की आखिरी तारीख 19 सितंबर तय की गई है। इसके बाद 6 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा।

नौ अक्टूबर को आए रिजल्ट
9 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी। चुनाव आयोग ने पूरी चुनाव प्रक्रिया 11 अक्टूबर तक पूरी करने का लक्ष्य रखा है। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं। आयोग के मुताबिक नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख तक मतदाता सूची को लगातार अपडेट करने की प्रक्रिया जारी रहेगी। इसके लिए निर्धारित नियमों और कटऑफ के मुताबिक प्राप्त आवेदनों पर विचार किया जाएगा।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (2026):
नंदीग्राम सीट से बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार पवित्र कर को 9,665 वोटों से हराया था। अगर इस सीट से ममता बनर्जी उतरतीं हैं तो मुकाबला बेहद कड़ा हो सकता है। 2021 के चुनावों में वह यहां से लड़ी थीं तब शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें हरा दिया था।
मुर्शिदाबाद जिले की रेजिनगर सीट पर आम जनता उन्नयन पार्टी के हुमायूं कबीर ने जीत हासिल की है। उन्होंने बीजेपी के बापन घोष को 58,876 वोटों के बड़े अंतर से हराया है। इस सीट पर अब देखना है कि टीएमसी और हुमायूं कबीर की पार्टी किसे उतारती है।

NATIONAL : क्या ममता ने बहाना किया था, पैर फ्रैक्चर था ही नहीं? मेडिकल रिकॉर्ड लीक होने से मचा बवाल, पूर्व CM ने अस्पताल को भेजा नोटिस

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पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मेडिकल रिकॉर्ड लीक होने से बंगाल में सियासी बवाल मच गया है। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान ममता के पैर में कोई फ्रैक्चर या हड्डी खिसकने की चोट नहीं थी। अब इन गोपनीय मेडिकल दस्तावेजों के लीक होने पर ममता के

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मेडिकल रिकॉर्ड लीक होने के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व सीएम के निजी मेडिकल रिकॉर्ड और इलाज से जुड़े गोपनीय दस्तावेज बिना अनुमति सार्वजनिक करने के आरोप में कानूनी कार्रवाई की गई है। ममता बनर्जी के वकील ने इस मामले में SSKM अस्पताल प्रबंधन और राज्य स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारियों को सीधा कानूनी नोटिस भेजा है।

नोटिस में कहा गया है कि बिना किसी अनुमति के पूर्व मुख्यमंत्री के इलाज से जुड़ी संवेदनशील जानकारी और मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है, जो मेडिकल गोपनीयता कानून और डॉक्टरों की पेशेवर आचार संहिता का घोर उल्लंघन है।

‘2021 चुनाव में ममता बनर्जी ने पैर टूटने का किया था नाटक’
हाल ही में राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मेडिकल दस्तावेज दिखाकर आरोप लगाया था कि मार्च 2021 में विधानसभा चुनाव के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पैर में कोई फ्रैक्चर नहीं हुआ था। इसी का विरोध करते हुए ममता बनर्जी ने कानूनी नोटिस भेजा है

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 2021 के नंदीग्राम चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी को पैर में लगी चोट से जुड़ी मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया है कि अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक उनके पैर में कोई फ्रैक्चर या हड्डी खिसकने (डिसलोकेशन) का सबूत नहीं था। सीएम ने कहा कि इसकी जांच की जाएगी।

TMC ने क्या कहा?
टीएमसी ने शुभेंदु अधिकारी के इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, रुचिहीन और उपचुनावों को प्रभावित करने की कोशिश बताया है।

क्या है पूरा मामला?
दरअसल, तीन बार मुख्यमंत्री रहीं ममता बनर्जी को 10 मार्च, 2021 को नंदीग्राम के बिरुलिया इलाके के रेयापारा में चुनाव प्रचार के दौरान बाएं पैर में चोट लग गई थी। शुरू में, उन्होंने दावा किया था कि कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें धक्का दिया था, जिससे वह अपनी कार के खुले दरवाजे से टकरा गईं और उनके बाएं पैर में चोट लग गई। बाद में, उन्होंने एक वीडियो जारी किया और कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान भारी भीड़ ने उन्हें धक्का दिया था। उन्हें SSKM अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पता चला कि उनके बाएं टखने और पैर की हड्डी और लिगामेंट में गंभीर चोटें आई हैं।

घटना के बाद बाद ममता बनर्जी को व्हीलचेयर पर चुनाव प्रचार करते देखा गया। इसके बाद, TMC ने 2021 के विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत हासिल की और 210 से ज़्यादा सीटें जीतीं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सिर्फ़ 77 सीटों पर जीत पाई।

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