Sunday, November 1, 2026
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NATIONAL : कॉकरोच जनता पार्टी बोली- CEC के हर फैसले की हो जांच, ज्ञानेश कुमार को बताया गद्दार

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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP और लेफ्ट छात्र संगठनों ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जिसमें संगठन ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है.मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और लेफ्ट से जुड़े छात्र संगठन AISF ने मोर्चा खोल दिया है. बुधवार को दिल्ली के प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए और उनके इस्तीफे की मांग दोहराई.

केवल पद से हटाना पर्याप्त नहीं जांच होनी
सौरव दास ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को केवल पद से हटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके खिलाफ जांच होनी चाहिए और दोष साबित होने पर कानूनी कार्रवाई भी की जानी चाहिए.

उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार और उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए फैसलों की जांच के लिए एक स्वतंत्र कमेटी बनाई जाए.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि ज्ञानेश कुमार गद्दार हैं, देशद्रोही हैं. अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि ज्ञानेश कुमार झूठे नंबर वन हैं.
सौरव दास ने दावा किया कि अगर ऐसे लोग सिस्टम में बैठे रहेंगे तो देश की तरक्की कभी नहीं होगी.

10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
CJP ने ऐलान किया है कि 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जाएगा.
सौरव दास ने देशभर के युवाओं और समर्थकों से दिल्ली पहुंचने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर किया जाएगा.

CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने भी 2 अक्टूबर की रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रदर्शन का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो 10 अक्टूबर को देशभर से कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचेंगे.

दीपके ने अपने पोस्ट में कहा था कि अगर पुलिस प्रदर्शनकारियों को किसी जगह रोकती है, तो वहीं से आंदोलन आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने आंदोलन को शांतिपूर्ण रखने और महात्मा गांधी के रास्ते पर चलने की बात कही.

पुलिस पर भी लगाए गंभीर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान CJP और लेफ्ट से जुड़े नेताओं ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए.
सौरव दास ने आरोप लगाया कि पहले हुए प्रदर्शनों के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिसकर्मियों ने बदसलूकी की. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर संगठन चिंतित हैं.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया था.
दास ने दावा किया कि कुछ लोगों को चोटें आईं और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया.

10 अक्टूबर के प्रदर्शन को लेकर CJP ने क्या कहा?
सौरव दास ने कहा कि सरकार को इस बात का डर है कि अगर देश का युवा एकजुट हो गया तो राजनीतिक स्थिति बदल सकती है. उन्होंने युवाओं से 10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने की अपील की.

NATIONAL : राहुल गांधी और प्रियंका पर अब दर्ज हुई पुलिसकर्मियों से मारपीट की FIR, ड्यूटी में बाधा डालने का भी आरोप

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े कांग्रेस सांसद एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत प्रियंका वाड्रा पर गुरुवार को दूसरी एफआईआर दर्ज की गई।पुलिस सूत्रों के हवाले से यह बताया जा रहा है कि उन पर आरोप है कि राजधानी में हो रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों से कथित रूप से मारपीट करते हुए कर्तव्य में बाधा डालने का कृत्य किया है।वहीं, बुधवार को दोनों भाई-बहन पर आकाशवाणी में जबरन घुसकर अराजकता करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था।

क्या है पूरा मामला?
दिल्ली पुलिस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किए गए प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

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पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मामला बुधवार को जनपथ और जंतर-मंतर के आसपास हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान घटी घटनाओं के सिलसिले में दर्ज किया गया है। इस प्रदर्शन में भाग लेने वाले कई अन्य कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।

बुधवार को विपक्षी गठबंधन ‘इंडी’ के नेताओं ने जनपथ स्थित एक दक्षिण भारतीय रेस्टोरेंट में दोपहर के भोजन के बाद जंतर-मंतर की ओर अचानक धरना देने के लिए मार्च निकाला। जब पुलिस ने विपक्षी सांसदों की बसों को रास्ते में ही रोक दिया, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिसकर्मियों तथा प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की देखने को मिली।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा अन्य महिला नेताओं के साथ हाथ में संविधान की कॉपी लेकर सड़क पर ही लेट गईं। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने उन्हें और अन्य नेताओं को सड़क से हटाकर हिरासत में लिया।

कई सांसदों समेत 91 लोग हिरासत में लिए गए
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रदर्शन के दौरान कुल 91 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें कई सांसद और वरिष्ठ विपक्षी नेता शामिल थे। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में यह प्रदर्शन किया जा रहा था। इस दौरान कांग्रेस, टीएमसी, सीपीआई-एम, सीपीआई, आरजेडी और आईयूएमएल समेत कई प्रमुख दलों के सांसद मौजूद थे।

जांच में जुटी दिल्ली पुलिस
पुलिस सूत्रों का कहना है कि वे पूरे घटनाक्रम की वीडियो फुटेज और साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ‘कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका गया था। इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता और बल प्रयोग की घटनाओं की गहनता से समीक्षा की जा रही है।’

विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज करा रहे थे, जबकि पुलिस का कहना है कि उन्होंने बिना आवश्यक अनुमति के सड़क जाम कर सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने का प्रयास किया।

NATIONAL : इंडिया गठबंधन की लंच पॉलिटिक्स: ‘मेरे खिलाफ 45 एफआईआर, लक्ष्य 100 का’; राहुल बोले- हर एफआईआर मेरे लिए मेडल

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मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा आयोजित विपक्षी सांसदों के साथ लंच के बाद राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर फिर प्रदर्शन का एलान किया। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई और अपने खिलाफ दर्ज 45 एफआईआर पर कहा कि उनका लक्ष्य 100 एफआईआर का है।

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली के जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में इंडिया ब्लॉक के सांसदों के साथ लंच किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन जारी रहेगा। खरगे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की ओर से बार-बार गलत फैसले लिए जा रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जरिए भी ऐसा करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे देश में लोकतंत्र प्रभावित हो रहा है और संविधान की भी अनदेखी की जा रही है। खरगे ने कहा कि विपक्ष का मकसद लोगों की आवाज पूरे देश तक पहुंचाना है।

लंच के बाद राहुल गांधी ने कहा कि अब विपक्षी सांसद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा, “हम अब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे, जो प्रदर्शन के लिए तय जगह है।” राहुल गांधी ने बताया कि विपक्षी सांसद पहले मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें वहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली। अब वे जंतर-मंतर पर एक साथ बैठकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

विपक्षी सांसदों के साथ लंच के बाद राहुल गांधी ने कहा कि करीब 300 सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें वहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई। अब विपक्षी सांसद तय प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर जाएंगे और वहां एक साथ प्रदर्शन करेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि उनके लिए ज्ञानेश कुमार देश के वैध मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार पर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही होगा। एफआईआर को लेकर उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ पहले से 45 एफआईआर हैं और उनका लक्ष्य 100 एफआईआर का है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज हर एफआईआर उनके लिए एक मेडल है।

खरगे की बुलाई बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी पहुंचे। बैठक जनपथ स्थित सागर रत्ना में रखी गई थी। इसमें इंडिया गठबंधन के दूसरे दलों के सांसदों के भी शामिल होने की जानकारी सामने आई। विपक्षी सांसदों की यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब वे चुनाव आयोग से सीधे मुलाकात कर अपनी शिकायतें रखने की मांग कर रहे हैं। बैठक के बाद कांग्रेस सांसदों ने एक साथ बस से रवाना हुए। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि चाहे हजारों एफआईआर दर्ज कर दी जाएं, वे इससे डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे देश के लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं।

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी एफआईआर को लेकर कहा कि क्या वे इससे डरने वाले हैं? उन्होंने कहा कि वे सिर्फ लंच के लिए आए हैं और लंच करेंगे। हुड्डा ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने की उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि एक एफआईआर दर्ज हुई है, जिसमें उनका नाम भी शामिल है। कांग्रेस सांसद शफी परंबिल ने कहा कि प्रदर्शन जारी रहेगा।

एक दिन पहले क्या हुआ था?
छह अक्तूबर को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और दूसरे विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के दफ्तर की ओर मार्च किया था। विपक्षी दल विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग से सवाल कर रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने मार्च को आकाशवाणी भवन के पास बैरिकेड लगाकर रोक दिया था। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं ने वहीं धरना दिया। कई घंटे चले प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कई विपक्षी नेताओं और सांसदों को हिरासत में लिया।

चुनाव आयोग ने क्या-क्या कहा?
विपक्ष की ओर से सीईसी से मुलाकात की मांग के बीच चुनाव आयोग ने कहा कि छह अक्तूबर को शाम चार बजे तक किसी राजनीतिक दल ने औपचारिक तौर पर मुलाकात के लिए समय नहीं मांगा था। आयोग के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के जरिए उसे करीब 240 विपक्षी सांसदों के चुनाव आयुक्तों से मिलने की जानकारी मिली थी। आयोग ने कहा कि वह सांसदों से मिलने के लिए तैयार था, लेकिन मुलाकात चुनाव आयोग के परिसर में तय प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए थी। विपक्ष की ओर से संसद भवन एनेक्सी में मिलने की मांग की गई थी।

NATIONAL : ज्ञानेश कुमार के लिए भारत रत्न की मांग, जंतर मंतर पर CEC के समर्थन में अग्रवाल समाज का प्रदर्शन

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मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के बीच जंतर-मंतर पर अग्रवाल और वैश्व संगठनों के सदस्यों ने ज्ञानेश कुमार के समर्थन में प्रदर्शन किया। राहुल गांधी, अखिलेश यादव के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अग्रवाल समाज ने ज्ञानेश कुमार के लिए भारत रत्न की मांग भी की।

रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अग्रवाल और वैश्व समाज के संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समर्थन में प्रदर्शन किया। उन्होंने हाथ में तख्तियां लेते हुए विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी भी की। साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मोदी सरकार के समर्थन की बात।

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प्रदर्शन में शामिल लोगों ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। साथ ही ज्ञानेश कुमार के लिए भारत रत्न की मांग की।

SIR को लेकर विपक्ष पर निशाना
जपा नेता जय भगवान गोयल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज की सराहना करते हुए उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की है। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष पर भी निशाना साधा है।

जय भगवान गोयल ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची से बांग्लादेशी और रोहिंग्या लोगों के नाम हटाने की कार्रवाई की, जिसके कारण पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। अब विपक्ष को लगता है कि चुनाव में मिली हार के पीछे चुनाव आयोग और विशेष रूप से ज्ञानेश कुमार की भूमिका हो सकती है।

विपक्ष पर लगाए आरोप
भाजपा नेता गोयल ने कहा कि विपक्षी दलों के नेता चुनाव में हार के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, सपा सांसद अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत विपक्ष के कई नेता चुनावी परिणामों के लिए चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हैं। विपक्ष के पास जनता का समर्थन नहीं है, इसलिए वह चुनाव आयोग को निशाना बना रहा है।

भाजपा नेता ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के अन्य चुनाव आयुक्तों के माध्यम से केंद्र सरकार को पत्र भेजकर ज्ञानेश कुमार के कामकाज को लेकर शिकायत की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त अपनी मनमर्जी से फैसले लेते हैं।

NATIONAL : मोदी 50 मिनट में 19 बार बोले-वी विल डू इट:कहा- भारत के विकसित होने तक न थकूंगा, न रुकूंगा; बतौर PM-CM 25 साल पूरे, रिकॉर्ड बनाया

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‘वी विल डू इट… हम करके दिखाएंगे।’ पीएम मोदी ने बुधवार को अपने सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में इस नारे का 19 बार जिक्र किया। उन्होंने एक घंटे की स्पीच में कहा, ‘जब तक भारत विकसित नहीं होता, तब तक न थकूंगा, न रुकूंगा।’

उन्होंने कहा, ‘मैं महत्वाकांक्षा नहीं, मिशन के लिए जीता हूं। जिसने मुझे गिराया, उसी ने खड़ा होना सिखाया। जिसने मेरा विरोध किया, उसने लोकतंत्र की शक्ति समझाई।’

उन्होंने कहा कि 25 साल पीछे मुड़कर देखने पर उपलब्धियों से ज्यादा कृतज्ञता का भाव आता है। हर घटना ने कुछ सिखाया और नम्र होना सिखाया। ईश्वर से यही मांगा कि सीखने की इच्छा कभी कम न हो।

‘25 साल में देश कहां पहुंचा, यह देखना जरूरी’

मोदी ने कहा, “हमने इस राष्ट्र में जन्म लिया है, ये एहसास ही अमृत है। इसके सामने सत्ता सुख कुछ नहीं है। पद-प्रतिष्ठा तो कहीं भी मिल सकती है, लेकिन भारत जैसी पुण्यभूमि नहीं मिलेगी। 25 सालों का आकलन इससे नहीं होगा कि मैं कहां पहुंचा, बल्कि इससे होगा कि मेरा देश कहां पहुंचा।

मोदी बोले- ये समय आराम का नहीं है
पीएम ने कहा, “हर चीज में भारत सिरमौर है। टेक्नोलॉजी, खेल, उद्योग में भारत का तिरंगा लहराए। आज पूरे विश्व में भारत के पायलट की चर्चा है। एक दिन वो भी आएगा, जब दुनिया मेड इन इंडिया प्लेन की चर्चा करेगी। ये लक्ष्य तभी पूरे होंगे, जब हम दूरदर्शी नीतियां बनाएं और परिश्रम की पराकाष्ठा करें।”

उन्होंने कहा, ” अब ये समय आराम का नहीं है। ये समय सोच के साथ आगे बढ़ने का है। देश के लिए खुद को खपा देने का है। आज भारत में जितने युवा हैं, वो इतिहास से मिला बहुत बड़ा मौका है, जिसे हमें गंवाना नहीं है।”

मोदी बोले- कई विभीषिकाएं, लेकिन कभी साहस नहीं टूटा
पीएम ने कहा, “हमारे दिल की हर धड़कन में क्या एक ही संकल्प नहीं गूंजना चाहिए कि हमें प्राचीन भारत के गौरव को पुनर्जीवित करना है। कभी भारत विश्व की अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करता था। समय का चक्र बदला, गुलामी का कालखंड आया, भारत को लूटकर तबाह कर दिया गया। जो भारत दुनिया को दिशा दिखाता था, उसके पुस्तकालय जला दिए गए। छोटे-छोटे संकट विकराल होने लगे। अकाल, कई विभीषिकाएं, लेकिन तब भी मां भारती की संतानों का साहस नहीं टूटा।”

मोदी बोले- 2015-25 के दशक में खेती की वृद्धि दर सबसे ज्यादा
पीएम मोदी ने कहा, “आज मेड इन इंडिया फोन का जलवा है। कभी भारत में ब्लैकआउट हेडलाइन बनती थी, आज सोलर पावर के चर्चे होते हैं। आज खेती का उदाहरण भी है। आजादी के बाद खेती के बढ़ने की दर किसी दशक में रही तो 2015-25 के दशक में सबसे ज्यादा रही।”

मोदी बोले- 2014 में देश निराशा में डूबा था, कई चुनौतियां थी

पीएम मोदी ने कहा, “जब गुजरात पहुंचा तो प्रशासनिक व्यवस्था का ज्यादा ज्ञान नहीं था, तब सिर्फ जनशक्ति का भरोसा था। इसी विश्वास को मैंने अपना सामर्थ्य बनाया। मैंने जनता को साथ लेकर निर्णय लिए, नीतियां बनाई और इन्हें लागू किया। यही मंत्र- वी विल डू इट…जब जनता साथ हो तो परिणाम ही आते हैं। गुजरात ने करके दिखाया।”

पीएम मोदी ने कहा, “तब विकराल चुनौतियां मुंह बाए खड़ी थीं। देश का हर नागरिक नया रास्ता खोज रहा था। भारत की इकोनॉमी को लेकर दुनिया कहने लगी थी- इट्स अ गॉन केस। तब कोई ज्योत दिखती नहीं थी। निराशा में डूबे देश को आशा की जरूरत थी।

उन्होंने कहा, “मैंने वही काम किया, जो मुझे आता था। मैंने लोगों के साथ मिलकर काम किया और उनके साथ मिलकर फिर दोहराया- वी विल डू इट। अब तस्वीर बदल गई है।

मोदी बोले- 25 साल में देश कहां पहुंचा, ये अहम
पीएम मोदी ने कहा, “हमने इस राष्ट्र में जन्म लिया है, ये एहसास ही अमृत है। इसके सामने सत्ता सुख कुछ नहीं है। पद-प्रतिष्ठा तो कहीं भी मिल सकता है, लेकिन भारत जैसी पुण्यभूमि नहीं मिलेगी। वो भारत, जिसने अंधकार के युग में भी मानवता को ज्ञान दिया, मूल्यों का प्रकाश दिया, उसकी सेवा का मौका अमूल्य है। 25 सालों का आकलन इससे नहीं होगा कि मैं कहां पहुंचा, बल्कि इससे होगा कि मेरा देश कहां पहुंचा।”

मोदी बोले- कर्म देश के लिए साधना है

पीएम ने कहा, “जीवन का एक ही ध्येय था, देश के लिए निस्वार्थ कर्म। मेरे लिए कर्म ही सबकुछ है। कर्म ही मेरा धर्म है। गीता ने हमें सिखाया है कर्मण्ये वाधिकारस्ते, मैं कर्म को अपना धर्म मानता हूं। हर कर्म पूरी क्षमता से करता रहूं।”

NATIONAL : पीएम बोले- 12 वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में प्रगति की, 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले

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पीएम मोदी ने फ्रांस की राजधानी पेरिस में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए भारत में अपनी 12 साल की सरकार की उपलब्धियां गिनवाईं। पीएम ने कहा, फ्रांस में बसे भारतीयों ने दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बनाया है। पीएम मोदी ने कहा कि वे देश के 140 करोड़ लोगों की शुभकामनाएं लेकर आए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को फ्रांस की राजधानी पेरिस में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए शहर की विविधता और भारतीय समुदाय की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि पेरिस रोशनी का शहर है। यह रंगों का शहर है। यहां विचार हैं और नवाचार के लिए प्रेरणा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के विभिन्न राज्यों से आए भारतीय इस शहर को और भी खूबसूरत बनाते हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी पेरिस को नए रंगों से भर देते हैं। पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय की विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां कोई तमिल है, कोई पंजाबी है, कोई गुजराती है, कोई मराठी है और कोई बंगाली है। उन्होंने कहा कि भारत के हर कोने का प्रतिनिधित्व यहां देखने को मिलता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, जब मैं 14 जून को नीस पहुंचा, तो सबसे पहले मैंने ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। आज जब मैं फ्रांस से लौटने की तैयारी कर रहा हूं, तो मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैं ‘भारत कनेक्ट’ कार्यक्रम में आया हूं। जिस तरह से आपने 21वीं सदी के भारत-फ्रांस संबंधों को जोड़ा है, वह हमारी रणनीतिक साझेदारी की एक बड़ी ताकत बन रहा है। मैं आपके लिए 1.4 अरब भारतीय नागरिकों की ओर से शुभकामनाएं लाया हूं। इस गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं आप सभी का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं।

‘नए भारत की कहानी सामाजिक परिवर्तन की कहानी है’
पीएम मोदी ने कहा कि लगातार 12 साल तक चुने हुए प्रधानमंत्री के तौर पर देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। यह भारत के लोकतंत्र की ही ताकत है कि एक चाय बेचने वाले को इस पद तक पहुंचाया है। पिछले 12 साल 140 करोड़ भारतीयों की अद्भुत क्षमता का प्रमाण रहे हैं। इस दौरान भारत की जीडीपी दोगुनी हो गई है। एयरपोर्ट्स की संख्या दोगुनी हो गई है। यूनिवर्सिटीज की संख्या भी दोगुनी हो गई है। हाईवे का निर्माण भी दोगुना हो गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज नए भारत की कहानी केवल आर्थिक प्रगति की कहानी नहीं है और न ही यह वहीं तक सीमित है। यह सामाजिक परिवर्तन की भी कहानी है। पिछले 12 वर्षों में देश के 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने कहा, मैं आपको कुछ और तथ्य बताता हूं, ताकि आप समझ सकें कि भारत किस गति और किस पैमाने पर काम कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में भारत का निर्यात 35 गुना बढ़ा है। एक और तथ्य यह है कि भारत में मोबाइल निर्माण इकाइयों की संख्या 100 गुना बढ़ गई है।

मोदी कहते हैं, अब हर परिवार के पास चाहे वह कितना भी गरीब क्यों न हो, एक बैंक खाता है। वित्तीय समावेशन सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक बदलाव का एक आंदोलन बन गया है। इन बारह वर्षों की उपलब्धियों में एक ऐसी उपलब्धि भी है जिसे आंकड़ों या डेटा में नहीं मापा जा सकता।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विकास यात्रा का सबसे बड़ा उद्देश्य आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है। भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस के संबंधों को मजबूत बनाने में प्रवासी भारतीयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि भारत के अलग-अलग राज्यों से आए लोग फ्रांस में भारत की विविधता और संस्कृति का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। तमिल, पंजाबी, गुजराती, मराठी और बंगाली समेत देश के हर क्षेत्र की झलक यहां दिखाई देती है।

पीएम ने गिनाईं उपलब्धियां
पीएम मोदी ने कहा, आज भारत के लोग अपनी जिंदगी को एक नए स्तर पर ले जाना चाहते हैं और उनका लक्ष्य भारत को भी एक नए स्तर पर ले जाना है। उनमें संकल्प है, उनमें सपने हैं और यही आकांक्षाएं आज भारत की विकास यात्रा की सबसे बड़ी ताकत हैं। मैं आपको भारत की अंतरिक्ष यात्रा का उदाहरण देता हूं। भारत ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान उतारा। दुनिया ने इसे एक बड़ी उपलब्धि माना, लेकिन भारत यहीं नहीं रुका। आज देश गगनयान की तैयारी कर रहा है। आज भारत अपना खुद का अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यही आकांक्षा ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भी दिखाई देती है। सोलर पावर में भारत की उपलब्धियों की दुनिया भर में चर्चा होती है। लेकिन भारत अगली बड़ी छलांग की तैयारी कर रहा है। ग्रीन हाइड्रोजन में बड़े निवेश किए जा रहे हैं। एडवांस्ड न्यूक्लियर एनर्जी पर काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। आपने भारत के फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर रिएक्टर में हुई प्रगति के बारे में भी सुना होगा। यह हमारे वैज्ञानिकों की एक बड़ी उपलब्धि है, जो भारत के न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में क्रांति ला रही है।

मोदी ने कहा, दुनिया देख रही है: भारत सिर्फ भविष्य की तैयारी नहीं कर रहा है। भारत और मैं यह बात पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं, भविष्य को आकार दे रहा है। एक समय था जब देशों के बीच रिश्ते सिर्फ व्यापार से तय होते थे। आज व्यापार के साथ-साथ भरोसा भी उतना ही जरूरी हो गया है। हर देश एक भरोसेमंद सप्लाई चेन चाहता है। हर देश एक स्थिर साझेदारी चाहता है। हर देश ऐसे पार्टनर की तलाश में है जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके। और ऐसे समय में, भारत दुनिया में एक भरोसेमंद पार्टनर के तौर पर उभर रहा है।

मोदी ने कहा कि, जी7 बैठक के दौरान मैंने भरोसे पर आधारित पार्टनरशिप बनाने की अहमियत पर जोर दिया। मैंने ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों के साथ बराबरी के पार्टनर के तौर पर आगे बढ़ने की बात कही। जी7 समिट में भारत का संदेश यह था: ग्लोबल गवर्नेंस तभी असरदार होगी जब वह सबको साथ लेकर चलने वाली (इनक्लूसिव) होगी। ग्लोबल ग्रोथ तभी टिकाऊ होगी जब उसका फायदा सबको मिलेगा, और ग्लोबल टेक्नोलॉजी इंसानियत के लिए तभी काम की होगी जब उस पर भरोसा किया जा सकेगा।भारत और दुनिया के बीच व्यापारिक रिश्तों में एक नई ऊर्जा है। फ्रांस के साथ भारत का व्यापार लगातार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया के कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। चाहे यूरोपियन यूनियन हो या यूनाइटेड किंगडम, भारत दुनिया के हर देश और हर क्षेत्र के साथ समझौते कर रहा है। अगले महीने भारत और यूके के बीच व्यापार समझौता भी लागू हो जाएगा। यह समझौता भारत के किसानों, मजदूरों और इनोवेटर्स के लिए कई नए मौके लेकर आएगा।

भारत-फ्रांस लॉन्च करेंगे ‘तृष्णा’ सैटेलाइट
पीएम ने कहा, आज दुनिया अनिश्चितता और उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और फ्रांस की साझेदारी भरोसे, स्थिरता और सहयोग का एक मजबूत आधार बन रही है। इस साल हमने भारत-फ्रांस संबंधों को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिया है। नीस में मेरे मित्र राष्ट्रपति मैक्रों और मैंने अपने संबंधों को वैश्विक भलाई की दिशा में एक ताकत बनाने पर चर्चा की। हम रक्षा से लेकर अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा तक, एआई और जरूरी खनिजों से लेकर हाई-स्पीड रेलवे तक, हर क्षेत्र में मिलकर आगे बढ़ेंगे… अब, हम अगले साल मिलकर ‘तृष्णा’ सैटेलाइट लॉन्च करने जा रहे हैं। यह ‘तृष्णा’ सैटेलाइट दुनिया में भोजन और पानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने में योगदान देगा।

NATIONAL : प्रशासनिक जीवन के 25 साल पूरे: प्रधानमंत्री मोदी बोले- जनता का विश्वास मेरी ताकत, ‘वी विल डू इट’ हमारा संकल्प

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गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री तक का सफर तय करते हुए नरेंद्र मोदी ने प्रशासनिक जीवन में 25 साल पूरे किए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों का विश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा है। पीएम मोदी ने अपने सफर के उतार-चढ़ाव को याद करते हुए कहा कि विरोध ने लोकतंत्र, संकटों ने धैर्य और असफलताओं ने फिर खड़े होने की सीख दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रशासनिक जीवन में 25 साल पूरे कर लिए। इस मौके पर दिल्ली के इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां पीएम मोदी ने देशभर के भाजपा कार्यकर्ताओं को वर्चुअली संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि सात अक्तूबर 2001 को जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, तब उन्होंने नहीं सोचा था कि एक दिन सार्वजनिक जीवन में यह पड़ाव भी आएगा।

उन्होंने कहा कि आज सरकार के प्रमुख के तौर पर देश की सेवा करते हुए 25 साल पूरे हो गए हैं। उन्होंने इसे जनता के लगातार मिल रहे आशीर्वाद का परिणाम बताया और भाजपा, एनडीए तथा लोकतंत्र में आस्था रखने वाले लोगों का आभार जताया।

जनता का विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति रही: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने 140 करोड़ भारतवासियों के लिए प्रार्थना की है। उन्होंने कहा कि उनकी प्रार्थना है कि परमात्मा उन्हें इतनी शक्ति दें कि वह देश के लिए और अधिक ऊर्जा के साथ काम कर सकें और दिन-रात देशवासियों समेत सभी लोगों की सेवा कर सकें। पीएम मोदी ने कहा कि आज वह जो कुछ भी हैं, उसमें सबसे बड़ा योगदान जनता जनार्दन का है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जनता जनार्दन उनके लिए ईश्वर का ही स्वरूप है। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों का विश्वास ही उनकी शक्ति रहा है। देश ने उन्हें बहुत कुछ दिया है। इसलिए देश ही उनके लिए सबकुछ है। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों का ही उनके ऊपर सबसे बड़ा हक है।

आज भी खुद को विद्यार्थी मानता हूं- प्रधानमंत्री
पीएम मोदी ने कहा कि 25 साल का जनविश्वास और 25 साल का अनुभव बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि यह पूंजी देश की है और मां भारती की हर संतान इसका अधिकारी है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए कहा कि सीखने की ललक उनके जीवन का हिस्सा बन गई और वह आज भी खुद को एक विद्यार्थी मानते हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने ईश्वर से हमेशा यही मांगा कि सीखने की उनकी इच्छा कभी कम न हो।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि पीछे मुड़कर देखने पर उनके मन में कृतज्ञता का भाव आता है। हर घटना ने उन्हें कुछ न कुछ सिखाया। जिसने उन्हें गिराया, उसने खड़ा होना सिखाया और जिसने विरोध किया, उसने लोकतंत्र की शक्ति समझाई। हर संकट उनके धैर्य की परीक्षा रहा, जबकि हर सफलता ने बड़े लक्ष्यों की ओर बढ़ने का सामर्थ्य दिया।

‘चंद्रयान से कोरोना तक, हर अनुभव ने कुछ सिखाया’
पीएम मोदी ने कहा कि चंद्रयान ने उन्हें असफलता से उठना सिखाया। कोरोना ने सामूहिक चेतना का पाठ पढ़ाया। मीडिया ने उन्हें खट्टे-मीठे अनुभवों से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि हर गांव और हर गरीब ने उन्हें सिखाया कि साधन-संसाधन भले ही सीमित हों, लेकिन सपने बड़े होने चाहिए और हौसले बुलंद होने चाहिए।

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हम सेवक हैं, सेवा हमारा धर्म है: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि वेद से विवेकानंद तक जिस राष्ट्र ने महान विचारों का अनुष्ठान किया है, जिस राष्ट्र का अनुभव हजारों साल का है और जिसने मानव को मानवता का भरोसा दिलाया है, वहां उन्हें कभी नहीं लगा कि वह अकेले हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हम सेवक हैं, सेवा हमारा धर्म है और दीन-दुखियों की सेवा करना हमारा धर्म है।

प्रधानमंत्री बोले- ‘वी विल डू इट’, अब संकल्पों को नई ऊर्जा देने का समय
पीएम मोदी ने कहा कि प्रशासनिक जीवन में उनकी यात्रा के हर पड़ाव पर साथ देने वाले प्रत्येक स्वयंसेवक और कार्यकर्ता को वह आदरपूर्वक नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि आज का दिन सिर्फ पुरानी यादों को ताजा करने का नहीं, बल्कि अपने संकल्पों को नई ऊर्जा देने का है। उन्होंने कहा कि यह उस वादे और इरादे को दोहराने का दिन है कि हम करके रहेंगे। पीएम मोदी ने कहा, ‘वी विल डू इट। वी विल डू इट।’ उन्होंने कहा कि लाल किले से उन्होंने ‘सबका प्रयास’ की बात की थी और भारत को नई बुलंदियों तक पहुंचाने के लिए जरूरी जज्बा एक ही संदेश देता है-हम करके रहेंगे।

पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए नारा लगवाया, ‘विकसित भारत बाय 2047, वी विल डू इट। तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी- वी विल डू इट। आत्मनिर्भर भारत- वी विल डू इट, ओलिंपिक्स का आयोजन- वी विल डू इट, अंतरिक्ष में कदम- वी विल डू इट।’ उन्होंने कहा, ‘ये ऊर्जा, ये आत्मविश्वास अद्भुत है। जहां ये बातें लहू बनकर दौड़ती हैं, उन्हें कोई रोक नहीं सकता।’ पीएम मोदी ने कहा कि 25 वर्षों की इस यात्रा को लोग उपलब्धि मानते हैं।

‘मैं महत्वाकांक्षा नहीं, मिशन के लिए जीने वाला इंसान’
प्रधानमंत्री ने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा, ‘मेरे काम संगठन का काम करने वाले का ही था। मैंने चुनाव लड़ाए थे, लेकिन एक भी चुनाव लड़ा नहीं था। चुनावी राजनीति में चमकने की चाहत होती तो बहुत पहले ही मैदान में उतर सकता था, लेकिन ये मेरा मिजाज नहीं था। मेरा क्या होगा, ये सोचा ही नहीं। बाल्यकाल से जो शिक्षा मिली, मैं एंबीशन नहीं, मिशन के लिए जीने वाला इंसान रहा हूं।’

कर्म देश के लिए साधना है- प्रधानमंत्री मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि जीवन का एक ही ध्येय था, देश के लिए निस्वार्थ कर्म। मेरे लिए कर्म ही सबकुछ है। कर्म ही मेरा धर्म है। गीता ने हमें सिखाया है कर्मण्ये वाधिकारस्ते, मैं कर्म को अपना धर्म मानता हूं। हर कर्म पूरी क्षमता से करता रहूं।’ उन्होंने कहा, ‘गीता ने ये भी है- निरंतर कर्म करो, बिना आसक्ति के कर्म करो, काम रुकना नहीं चाहिए, प्रयास रुकना नहीं चाहिए। इसलिए कर्म जिम्मेदारी नहीं, ये देश के प्रति मेरी साधना है। फल की कोई चिंता नहीं। परिस्थितियां बनीं तो देशवासियों की सेवा का अविरल मौका मिल रहा है।’

’25 साल में मैं कहां पहुंचा नहीं, देश कहां पहुंचा ये अहम’
पीएम मोदी ने कहा कि हमने इस राष्ट्र में जन्म लिया है, ये एहसास ही अमृत है। इसके सामने सत्ता सुख कुछ नहीं है। पद-प्रतिष्ठा तो कहीं भी मिल सकता है, लेकिन भारत जैसी पुण्यभूमि नहीं मिलेगी। वो भारत, जिसने अंधकार के युग में भी मानवता को ज्ञान दिया, मूल्यों का प्रकाश दिया, उसकी सेवा का मौका अमूल्य है। 25 वर्षों का आकलन इससे नहीं होगा कि मैं कहां पहुंचा, बल्कि इससे होगा कि मेरा देश कहां पहुंचा।

2014 में देश निराशा में डूबा था- प्रधानमंत्री
पीएम मोदी ने आगे कहा कि जब गुजरात पहुंचा तो प्रशासनिक व्यवस्था का ज्यादा ज्ञान नहीं था, तब सिर्फ जनशक्ति का भरोसा था। इसी विश्वास को मैंने अपना सामर्थ्य बनाया। मैंने जनता को साथ लेकर निर्णय लिए, नीतियां बनाई और इन्हें लागू किया। यही मंत्र- वी विल डू इट। जब जनता साथ हो तो परिणाम ही आते हैं। गुजरात ने करके दिखाया। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि आज गुजरात जहां पहुंचा, उसका उदाहरण दुनिया देती है। गुजरात में जो मिला, उसने बहुत कुछ सिखाया। जो मैंने सीखा, वो अनुभव आज तक काम आ रहा है। 2014 में मेरे दायित्व का विस्तार हुआ। मेरा दायरा बढ़ा दिया।

NATIONAL : जिम वाले लड़के और पहलवान लठ लेकर चलें जंतर-मंतर; कॉकरोच जनता पार्टी के खिलाफ ऐसी अपीलें

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एक तरफ जहां कॉकरोच जनता पार्टी जंतर-मंतर पर लोगों से जुटने की अपील कर रही है तो दूसरी तरफ उनके खिलाफ भी जुटान की कोशिशें हो रही हैं। एक इंफ्लुएंशर के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें वह पहलवानों और जिम जाने वाले लड़कों को लाठी लेकर जुटने को कह रहा है।

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान कर चुकी है। अधिक से अधिक लोगों के पहुंचने की अपील की जा रही है। इस बीच, कुछ ऐसे लोग भी सक्रिय हो गए हैं, जो सीजेपी को पसंद नहीं करते। कुछ तो जंतर-मंतर पर जाकर उन्हें पीटने और हमले की भी अपील कर रहे हैं। एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंशर का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जो दिल्ली, यूपी, हरियाणा के पहलवानों और जिम जाने वाले लड़कों से लाठी लेकर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचने की अपील कर रहा है।

कॉकरोच जनता पार्टी को खदेड़ने की अपील कर रहा शख्स कुमुद राव ऊर्फ रिंकू यादव है। वह हरियाणा का रहने वाला है। जिम और फिटनेस के वीडियो बनाने वाले कुमुद का इंस्टाग्राम पर रिंकू पहलवान नाम से अकाउंट है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर रिंकू को करीब साढ़े चार लाख लोग फॉलो करते हैं। पिछले कुछ दिनों से वह अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर वीडियो डालकर लोगों से लाठी लेकर जंतर-मंतर पहुंचने की अपील कर रहा है।

वह पहलवानों और जिम जाने वाले लड़कों से लाठी लेकर जंतर-मंतर जाने की अपील करते हुए कहता है कि यह भगत सिंह बनने का मौका है। एक वीडियो में वह हाथ में डंडा लिए गाड़ी की सीट पर बैठकर कहता है, ‘यूपी, हरियाण और दिल्ली के जितने भी पहलवान हैं, जिम जाने वाले तगड़े बालक हैं। देश बचाने का टाइम आ गया, देशभक्ति का। यही समय है जब आप भगत सिंह बन सकते हो, बार-बार मौके नहीं मिलते हैं। ये कॉकरोच देश का माहौल खराब कर रहे हैं। पहले इन्होंने पेपर लीक का बहाना बनाकर दिल्ली में आंदोलन किया, आतंक मचाने की कोशिश की, संसद में घुसने की कोशिश की, लेकिन नाकामयाब रहे। अब इनको वोट चोरी का बहाना मिल गया, जोकि गलत अफवाह फैलाई जा रही है। इसलिए सरकार को नीचा दिखाने के लिए और देश में आतंक फैलाने के लिए ये इकट्ठा हो रहे हैं।’

आगे वह कहता है कि बीजेपी का सपोर्टर नहीं है। रिंकू ने कहा, ‘अगर वोट चोरी से बंगाल में शांति हो सकती है तो पूरे देश में हो सकती है। जो अशांति फैलाते हैं उनके वोटों की हमें जरूरत भी नहीं है। 10 अक्टूबर को सारे के सारे मेरे साथ जंतर मंतर पहुंच जाना लठ लेके, इस बार इनको खदेड़ना है। मैं बीजेपी का सपोर्टर नहीं हूं। अगर ये अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल का समर्थन नहीं लेते तो मैं भी इनके साथ खड़ा होता। इन्होंने नसीरुद्दीन शाह और प्रकाश राज का सहारा लिया ये सारे देशद्रोही हैं। 10 अक्टूबर को पहुंच जाना लठ के साथ’

रिंकू ने एक और वीडियो में कहा, ’50 बालक 6-6 फुट के मेरे साथ खड़े हो गए ना, सिर्फ 50 तेल निकाल दूंगा कॉकरोचों का। एक को भी नहीं छोड़ूंगा। पुलिस की जरूरत नहीं है। 50 गीदड़ मिलकर भी एक शेर का शिकार नहीं कर सकते हैं। देशद्रोहियों आतंक मचाओगे देश के अंदर।’ एक अन्य वीडियो में वह कहता है कि 10 अक्टूबर को वह जंतर-मंतर जरूर जाएगा और लाठी लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के सदस्यों को भगाएगा। वह अपने साथ अन्य लोगों के जुटने की भी अपील कर रहा है।

दिल्ली पुलिस के लिए बढ़ी चुनौती
इन वीडियोज को बड़ी संख्या में लोग शेयर कर रहे हैं। कॉमेंट सेक्शन में कई लोग जंतर-मंतर जाकर कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध की बात भी कर रहे हैं। ऐसे में दिल्ली पुलिस के लिए चुनौती बढ़ने वाली है। एक तरफ जहां बिना अनुमति बड़ी संख्या में सीजेपी समेत अन्य छात्र संगठनों से जुड़े लोग जुटने वाले हैं तो दूसरी तरफ इनके विरोध में भी जुटान की अपीलें हो रही हैं।

ICC Ranking: श्रेयस अय्यर बने टी20 के नए सुपरस्टार, करियर की बेस्ट रैंकिंग में मारी एंट्री, विराट कोहली को हो गया बड़ा नुकसान

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श्रेयस अय्यर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 मैच में शतक जड़कर टीम को धमाकेदार जीत दिलाई. इस जीत के साथ ही अय्यर ने आईसीसी रैंकिंग में लंबी छलांग लगा ली है. आईसीसी टी20 रैंकिंग के टॉप-10 में अब भारत के चार बल्लेबाज आ गए हैं.

आईसीसी (ICC) की ताजा जारी रैंकिंग में भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गजों के लिए दो बिल्कुल अलग तस्वीरें सामने आई हैं. वेस्टइंडीज के खिलाफ लखनऊ में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में तूफानी शतक जड़ने वाले भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर को जबरदस्त फायदा हुआ है.जबकि दूसरी तरफ वनडे में गोल्डन डक का शिकार होने वाले पूर्व कप्तान विराट कोहली को नुकसान उठाना पड़ा है. वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के अंतिम वनडे मुकाबले में विराट कोहली खाता भी नहीं खोल सके थे.

लखनऊ में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 मैच में कप्तान श्रेयस अय्यर ने रनों की आंधी ला दी थी. इस मैच में अय्यर ने महज 43 गेंदों पर 10 चौकों और 6 छक्कों की मदद से नाबाद 102 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका पहला शतक रहा.

इस शानदार प्रदर्शन के दम पर श्रेयस अय्यर 18 स्थान की छलांग लगाकर सीधे करियर के सर्वश्रेष्ठ सातवें नंबर पर पहुंच गए हैं. इसके साथ ही टी20 रैंकिंग के टॉप-10 बल्लेबाजों में अब भारत के चार खिलाड़ी शामिल हैं, जिसमें ईशान किशन पहले, अभिषेक शर्मा दूसरे, तिलक वर्मा दसवें और अब श्रेयस अय्यर सातवें स्थान पर हैं.

आईसीसी मेंस वनडे बैटिंग रैंकिंग में विराट कोहली को नीचे खिसकना पड़ा है. वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के अंतिम मुकाबले में कोहली गोल्डन डक का शिकार हो गए थे, जिसके चलते उनके रेटिंग अंक 796 से घटकर 781 रह गए.

इस गिरावट के कारण विराट कोहली दूसरे स्थान से फिसलकर तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं, जबकि न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल बिना मैच खेले दूसरे स्थान पर आ गए हैं. वहीं, भारत के वनडे कप्तान शुभमन गिल गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 223 रनों की शानदार दोहरी शतकीय पारी के दम पर 841 अंकों के साथ शीर्ष पर अपनी स्थिति और मजबूत कर चुके हैं.

ENTERTAINMENT : कियारा आडवाणी दूसरी बार प्रेग्‍नेंट, सिद्धार्थ मल्‍होत्रा के घर गूंजेगी किलकारी, बेटी सरायाह संग दी खुशखबरी

क‍ियारा आडवाणी दूसरी बार मां बनने वाली हैं। 35 साल की एक्‍ट्रेस ने बुधवार को पत‍ि स‍िद्धार्थ मल्‍होत्रा के साथ अपनी दूसरी प्रेग्‍नेंसी की घोषणा की है। कपल की पहले से एक बेटी है, जो बीते साल जुलाई 2025 में पैदा हुई है।

कियारा आडवाणी दूसरी बार मां बनने वाली हैं। जी हां, एक्‍ट्रेस और उनके एक्टर पति सिद्धार्थ मल्होत्रा ने बुधवार को खुशखबरी दी है कि वे अपने परिवार को बढ़ाने के लिए फिर से तैयार हैं। यानी कियारा आडवाणी दूसरी बार प्रेग्‍नेंट हैं। बीते साल जुलाई 2025 में कपल की बेटी का जन्‍म हुआ है, वहीं अब वह अपने दूसरे बच्चे का इंतजार कर रहे हैं। इंस्‍टाग्राम पर जैसे ही यह खुशखबरी सामने आई है, फैंस और सेलेब्‍स की बधाइयों का तांता लग गया है। कियारा और सिद्धार्थ ने गुड न्‍यूज शेयर करते हुए एक प्यारी सी तस्वीर पोस्ट की, जिसने लोगों का दिल जीत लिया।

बुधवार सुबह कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्‍होत्रा ने एक साझा पोस्‍ट में प्यारी सी फोटो शेयर की। इसमें उनकी बेटी सरायाह एक छोटे से सफेद मोज़े को पकड़े हुए दिख रही है। जबकि सिद्धार्थ और कियारा उसके छोटे हाथ को सहारा दे रहे हैं। फोटो के साथ कैप्‍शन में लिखा है, ‘एक बार फिर सबसे बड़े तोहफे से नवाजा गया है। हमारा दिल प्यार और शुक्रगुजारी से भरा हुआ है।’

बीते दिनों यश के साथ ‘टॉक्‍स‍िक’ में नजन आई कियारा आडवाणी ने एक पॉडकास्ट पर मदरहुड पर बात की थी। राज शमानी से बातचीत में कियारा ने बताया कि मां बनने के बाद उनकी जिंदगी बदल गई है। 35 साल की एक्‍ट्रेस ने कहा, ‘मां बनने से पहले मैं जैसी थी, उसकी तुलना में अब खुद को पूरी तरह से अलग इंसान महसूस करती हूं।’ फिल्‍म सेट यानी काम पर वापस लौटने के बारे में एक अन्‍य बातचीत में कियारा ने कहा कि वह मां बनने के बाद खुद को ‘एक शेरनी’ जैसा मानती हैं।

कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा ​​की लव स्टोरी
सिद्धार्थ मल्‍होत्रा और कियारा आडवाणी में दोस्‍ती तो पहले से थी, लेकिन नजदीकियां फिल्‍म ‘शेरशाह’ की शूटिंग के दौरान बढ़ीं। हालांकि, दोनों ने अपने रोमांस को अध‍िकतर मौकों पर प्राइवेट ही रखा। फिर 7 फरवरी, 2023 को जैसलमेर के सूर्यगढ़ पैलेस में एक बेहद निजी समारोह में दोनों ने सात फेरे लिए।

करण जौहर ने किया था कियारा-सिद्धार्थ के अफेयर का खुलासा
कियारा और सिद्धार्थ के अफेयर की अटकलें 2020 से ही चल रही थीं। लेकिन उस समय दोनों में से किसी ने भी इस पर सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा। साल 2022 में करण जौहर ने ‘कॉफी विद करण’ में कियारा को सिद्धार्थ की गर्लफ्रेंड कहकर उनके रोमांस की पुष्टि कर दी थी। दोनों साल 2021 की फिल्म ‘शेरशाह’ के सेट पर मिले थे। इस वॉर ड्रामा फिल्‍म में सिद्धार्थ ने परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा की भूमिका निभाई थी। जबकि कियारा ने उनकी गर्लफ्रेंड डिंपल चीमा का किरदार निभाया था।

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