Monday, April 6, 2026
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NATIONAL : ‘SIT मौन… मुख्यमंत्री मौन’, पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड पर रोहिणी आचार्य ने उठाए ये सवाल

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NEET Student Death: रोहिणी आचार्य ने कहा कि पुलिसिया जांच की आड़ में रोज एक नई भटकाने, भ्रम पैदा करने वाली थ्योरी सामने रखी जा रही है. गृह मंत्री घिसा-पिटा जवाब देकर औपचारिकता पूरी करते दिख रहे हैं.

पटना में हुई नीट छात्रा की मौत मामले में एसआईटी जांच कर रही है. इस बीच सियासी गलियारे में बयानबाजी भी जारी है. आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य लगातार जांच और कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रही हैं. मंगलवार (20 जनवरी, 2026) को उन्होंने एक बार फिर दिशाहीन जांच और भटकाने की कोशिश का आरोप लगाया.

रोहिणी आचार्य अपने एक्स पोस्ट में लिखती हैं, “बिहार के लोगों में ये आम धारणा कायम हो रही है कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड में अगर किसी ने पुलिसिया जांच से कोई उम्मीद लगा रखी है, तो वो मुगालते में जी रहा है. ऐसी धारणा कायम होने की वाजिब वजहें भी हैं. घटना घटित हुए लगभग एक पखवाड़े का समय होने जा रहा है. उपलब्ध साक्ष्यों व उजागर पोस्टमार्टम रिपोर्ट से लगभग सब कुछ स्पष्ट है, फिर भी पुलिस के द्वारा पुलिसिया जांच की आड़ में रोज एक नई भटकाने, भ्रम पैदा करने वाली थ्योरी सामने रखी जा रही है.”

रोहिणी ने कहा, “हॉस्टल संचालकों, सहज सर्जरी नर्सिंग होम, प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल, प्रभात हॉस्पिटल के डॉक्टर सतीश, चित्रगुप्त नगर थाने की महिला पुलिस अधिकारी, पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक पर किसी भी प्रकार कोई पुख्ता कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है. मुख्य आरोपियों की अब तक नहीं हुई गिरफ्तारी के सवाल पर भी सरकार के द्वारा गठित एसआईटी मौन है. बिहार के माननीय मुख्यमंत्री मौन हैं. गृह मंत्री घिसा-पिटा जवाब देकर औपचारिकता पूरी करते दिख रहे हैं.”

उन्होंने कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि बिहार सरकार व पुलिस जांच की दिशा को लंबा खींच व भटका कर मामले को ठंडा करने की कोशिश के साथ मामले की लीपापोती करने वाले आरोपियों एवं अभियुक्तों को किसी बड़े दबाव की वजह से बचाना चाह रही है.”

सक्रिय पत्रकारिता में अजीत कुमार लगभग 9 वर्षों से कार्यरत हैं. वर्ष 2016 में दैनिक जागरण समाचार-पत्र से इन्होंने ट्रेनी सब-एडिटर के रूप में अपनी पारी की शुरुआत पटना से की. देश के कई बड़े मीडिया संस्थानों में इन्होंने अपनी सेवाएं दी हैं, जिनमें दैनिक जागरण, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर आदि शामिल हैं.

वर्तमान में इनका कार्यक्षेत्र बिहार है और ये एबीपी लाइव में ‘चीफ कॉपी एडिटर’ के पद पर कार्यरत हैं. एबीपी डिजिटल के बिहार सेक्शन को लीड करते हैं. बिहार की खबरों पर इनकी पैनी नजर रहती है चाहे वह राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ी हुई खबरें हों या फिर अपराध या अन्य सामाजिक सरोकार की. खबरों को एंगल देने में और हेडिंग बनाने में महारथ हासिल है.सही समय पर निष्पक्ष रूप से कई समाचार इनके प्रकाशित हो चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज भी शामिल हैं. पत्रकारिता में इन्होंने स्नातक के साथ परास्नातक तक की पढ़ाई की है. इनसे ajeetk@abpnetwork.com पर संपर्क किया जा सकता है.

NATIONAL : अविमुक्तेश्वरानंद सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर रहे या पर्दे के पीछे कुछ और सच? शंकराचार्य के करीबी का बड़ा दावा

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माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को मौनी अमावस्या स्नान करने से मेला पुलिस और प्रशासन द्वारा कथित तौर पर रोके जाने को लेकर जारी विवाद के बीच मेला प्रशासन ने उन्हें एक नोटिस जारी करके पूछा है कि वह स्वयं को ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य के रूप में कैसे प्रचारित कर रहे हैं.

प्रयागराज मेला प्राधिकरण उपाध्यक्ष की ओर से सोमवार जारी नोटिस में सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन सिविल अपील का भी उल्लेख किया गया है जिसमें न्यायालय ने आदेश दिया था कि जब तक अपील निस्तारित नहीं हो जाती, तब तक कोई भी धर्माचार्य ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य के रूप में पट्टाभिषेकित नहीं हो सकता.

नोटिस में कहा गया है इससे स्पष्ट है कि कोई भी धर्माचार्य ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य के रूप में पट्टाभिषेकित नहीं किया गया है, बावजूद इसके प्रयागराज माघ मेला 2025-26 में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा अपने शिविर में लगाए गए बोर्ड पर स्वयं को ज्योतिषपीठ का शंकराचार्य घोषित व प्रदर्शित किया गया है.नोटिस में कहा गया है कि ‘आपके इस कृत्य/प्रदर्शन से माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना दर्शित हो रही है. इस पत्र की प्राप्ति के 24 घंटे के अंदर स्पष्ट करें कि आपके द्वारा अपने नाम के सम्मुख शंकराचार्य शब्द का प्रयोग कैसे किया जा रहा है.’

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज ने नोटिस मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि ‘सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पूर्व ही महाराज जी (स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद) का ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य के तौर पर पट्टाभिषेक हो चुका था.’योगीराज ने कहा, ‘मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर शंकराचार्य जी अपनी पालकी में बैठकर शांतिपूर्वक अपने अनुयायियों के साथ संगम स्नान करने जा रहे थे. पुलिस ने स्वामी जी को पालकी से उतरकर स्नान घाट जाने को कहा.’

उन्होंने दावा किया कि पालकी से उतरने से मना करने पर पुलिस ने उनके समर्थकों को मारा-पीटा जिसमें करीब 15 समर्थक घायल हुए. उन्होंने कहा कि ‘सभी घायलों की चिकित्सा जांच करायी गई है और स्वामी जी पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएंगे.’योगीराज ने कहा कि जब तक मेला प्रशासन माफी मांग कर ‘स्वामी जी’ को प्रोटोकॉल के हिसाब से स्नान की व्यवस्था नहीं करता, वह अपने शिविर में प्रवेश नहीं करेंगे.

UP : घर के बाहर खेल रही थी 4 साल की मासूम, आवारा कुत्तों ने किया हमला, नोच-नोचकर मार डाला

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देर शाम आठ बजे तक जब बच्ची घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने उसे ढूंढना शुरू किया, थोड़ी देर बाद बच्ची का शव गाँव के तालाब के पास मिला, जहां कुत्ते उसके पैर को नोंच रहे थे.उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में आवारा कुत्तों के झुंड ने 4 साल की बच्ची पर हमला कर उसे नोंच नोंच कर मार डाला. बच्ची अपने घर के बाहर दूसरे बच्चों के साथ खेल रही थी तभी 5 से 6 आवारा कुत्तों ने बच्ची पर हमला कर दिया. इस बीच दूसरे बच्चे भाग गए और फिर कुत्ते उसे खींचकर गांव में तालाब किनारे ले गए और उसे नोंच डाला, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई.

दिल दहला देने वाली ये घटना मुरादाबाद के डिलारी थाना इलाके के काजीपुरा गांव की है. जहां के रहने वाले नौशाद सर्राफ का काम करते हैं. नौशाद के 4 बच्चे हैं, जिसमें एक बेटा और तीन बेटियां हैं. इनमें सबसे छोटी 4 साल की बेटी नुरशद सोमवार शाम को अपने घर के बाहर खेल रही थी. तभी गांव के आवारा कुत्तों का झुंड वहां आ गया.

कुत्तों के इस झुंड को देखकर बच्चे वहां से भाग गए लेकिन बच्ची फंस गई. जिसके बाद कुत्ते उसे खींचकर गाँव में स्थित तालाब के पास ले गए और उस पर बुरी तरह टूट पड़े और उसे नोंच डाला. रात 8 बजे तक जब बेटी घर नहीं लौटी तो परिवार के लोगों ने उसे ढूंढा. इसी बीच पिता भी दुकान बंद करके घर आ गये और बच्ची कों गांव वालो के साथ ढूंढ़ने लगे.

कुछ दूर जब तालाब किनारे पहुंचे तो देखा बच्ची को कुत्ते नोंच रहे थे और उसके पैर को खा रहे थे. हालत देख परिजन और ग्रामीण घबरा गए. जिसके बाद किसी तरह कुत्तों को वहां से भगाया. लेकिन, तब तक बच्ची की दर्दनाक मौत हो चुकी थी, चारों तरफ़ बस खून ही खून पड़ा हुआ था. जिसे देखकर हर किसी का दिल दहल गया.

सूचना मिलते ही थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गयी और शव के पोस्टमार्टम की बात कही लेकिन, परिजनों ने बेटी के शव का पोस्टमार्टम कराने से साफ इंकार कर दिया. परिजनों ने मंगलवार सुबह बच्ची को दफन कर दिया. इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. जिसने भी इसके बारे में सुना वो सिहर गया. ग्रामीणों ने गांव में आवारा कुत्तों को लेकर कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि अब उन्हें अपने बच्चों को लेकर डर सता रहा है. उन्होंने मांग की स्थानीय प्रशासन इसे लेकर कोई सख्त कदम उठाए ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो.

WORLD : लंदन में तिलक लगाने पर 8 साल के हिंदू छात्र के साथ भेदभाव, छोड़ना पड़ा स्कूल

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सामाजिक संगठन INSIGHT UK ने इस मामले को धार्मिक भेदभाव करार दिया है. संस्था का कहना है कि यह घटना ब्रिटेन के समानता अधिनियम 2010 का उल्लंघन है.लंदन के एक प्राथमिक विद्यालय में धार्मिक पहचान को लेकर सामने आए एक गंभीर मामले ने ब्रिटेन में धार्मिक स्वतंत्रता और समावेशिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि एक 8 वर्षीय हिंदू छात्र को उसके धार्मिक चिन्ह ‘तिलक’ के कारण लगातार परेशान किया गया, जिसके चलते उसे आखिरकार स्कूल छोड़ना पड़ा. इस घटना पर ब्रिटिश हिंदू और भारतीय समुदाय में गहरी नाराजगी है.

मामला विकर्स ग्रीन प्राइमरी स्कूल का है, जहां पढ़ने वाला यह छात्र अपने माथे पर हिंदू धार्मिक चिन्ह तिलक लगाकर स्कूल गया था. आरोप है कि स्कूल में इस धार्मिक प्रतीक को लेकर उससे बार-बार सवाल किए गए और उसके साथ आपत्तिजनक व्यवहार किया गया. इससे बच्चा मानसिक रूप से परेशान रहने लगा.एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थिति तब और गंभीर हो गई जब स्कूल के प्रधानाध्यापक ने अवकाश के समय बच्चे पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी. बच्चे ने इस व्यवहार को डराने वाला बताया. इसके अलावा, आरोप है कि उसकी धार्मिक आस्था के कारण उसे स्कूल में जिम्मेदारी से जुड़े पदों से भी वंचित कर दिया गया.

छात्र के माता-पिता ने अन्य हिंदू अभिभावकों के साथ मिलकर स्कूल प्रशासन से बातचीत की और हिंदू रीति-रिवाजों के धार्मिक महत्व को समझाने की कोशिश की. हालांकि, स्कूल ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया. स्कूल प्रशासन का तर्क था कि हिंदू धर्म में तिलक अनिवार्य नहीं है, इसलिए इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती, जबकि मुसलमान छात्रों को हिजाब पहनने की छूट दी जाती है.

सामाजिक संगठन INSIGHT UK ने इस मामले को धार्मिक भेदभाव करार दिया है. संस्था का कहना है कि यह घटना ब्रिटेन के समानता अधिनियम 2010 का उल्लंघन है, जो किसी भी व्यक्ति के साथ धर्म के आधार पर भेदभाव को प्रतिबंधित करता है.INSIGHT UK ने स्थानीय शिक्षा प्राधिकरण के सामने भी इस मुद्दे को उठाया है. संगठन का कहना है कि किसी भी बच्चे को उसके धर्म के कारण अलग-थलग या असहज महसूस नहीं कराया जाना चाहिए. संस्था के अनुसार, इस कथित भेदभाव के चलते स्कूल से कम से कम चार हिंदू बच्चों को हटाया गया है.

NATIONAL : औरंगाबाद में मासूम की हत्या कर शव को छुपाया, 12 घंटे बाद आरोपी का कबूलनामा, जानिए क्या कहा

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औरंगाबाद में एक सनकी युवक ने 11 साल के मासूम बच्चे की गला रेतकर हत्या कर दी. इसके बाद शव को बोरे में भरकर मदार नदी की झाड़ी में छुपा दिया. घटना सलैया थाना क्षेत्र के राजा गरडी गांव की है. मृतक की पहचान गांव निवासी मंटू दास के पुत्र सूरज कुमार के रूप में की गई है.

सोमवार (19 जनवरी, 2026) को स्कूल से आने के बाद सूरज घर के बाहर खेल रहा था. इसके बाद वह लापता हो गया. शाम होने के बाद जब वह घर नहीं पहुंचा तो खोजबीन शुरू हुई. पता चला कि सूरज को आखिरी बार गांव के ही रहने वाले उसके चचेरे भाई सोनू के साथ बगीचे की ओर जाते देखा गया था. परिजनों ने सोनू से पूछताछ की तो उसने कुछ नहीं बताया. इसके बाद सलैया थाने को सूचना दी गई.

पुलिस ने सोनू को हिरासत में लिया और थाना लेकर आई. प्रारंभिक पूछताछ में वह लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा. सख्ती बरतने पर करीब 12 घंटे बाद मंगलवार (20 जनवरी, 2026) की अल सुबह 4:30 बजे उसने हत्या की बात कबूल कर ली. आरोपी ने बताया कि पूर्व में जमीन विवाद को लेकर मृतक के परिजनों के साथ उसके परिवार की मारपीट हुई थी. इसी रंजिश को लेकर उसने इस वारदात को अंजाम दिया है.

आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने गांव से करीब 500 मीटर दूर मदार नदी की झाड़ी से एक बोरे में बंद सूरज का शव बरामद किया. बच्चे की गला रेतकर हत्या की गई थी. मंगलवार की सुबह पुलिस ने शव को बरामद करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेजा. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.

थानाध्यक्ष कन्हैया शर्मा ने बताया कि इस घटना में सोनू के अलावा और कौन लोग संलिप्त हैं, इसका पता लगाया जा रहा है. साक्ष्य संकलन के लिए एफएसएल की टीम को बुलाया गया है. पूछताछ के दौरान उसने बताया कि पूर्व में मृतक सूरज के परिजनों ने जमीन विवाद को लेकर उसके परिजनों के साथ मारपीट की थी. इसी रंजिश को लेकर उसने इस घटना को अंजाम दिया है. सोमवार को वह सूरज को पहले बहला-फुसलाकर बगीचे की ओर ले गया. इसके बाद गला रेतकर मार डाला.

ENTERTAINMENT : अक्षय कुमार के सुरक्षा काफिले की गाड़ी का हुआ एक्सीडेंट, ऑटो रिक्शा ड्राइवर की हालत गंभीर, भाई ने मांगा मुआवजा

सोमवार की शाम को मुंबई में अक्षय कुमार की एस्कॉर्ट कार को पीछे से एक ऑटो ने टक्कर मार दी. इस घटना में कार पलट गई और ऑटो ड्राइवर समेत दो लोग घायल हो गए.

सोमवार शाम मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार की एस्कॉर्ट कार एक ऑटो रिक्शा से टकरा गई, जिससे कम से कम दो लोग घायल हो गए. यह भयानक एक्सीडेंट अभिनेता के जुहू स्थित आवास के पास हुआ. हालांकि, दुर्घटना के समय अक्षय कुमार कार में मौजूद नहीं थे.वहीं अब ऑटो ड्राइवर के भाई ने मुआवजे की मांग की है.बताया जा रहा है कि यह घटना तब घटी जब अक्षय कुमार अपनी पत्नी ट्विंकल खन्ना सहित एयरपोर्ट से अपने जुहू स्थित घर की और लौट रहे थे. इसी दौरान ए कार ने ऑटो-रिक्शा ने पीछे से टक्कर मार दी, जिससे रिक्शा पलट गया और अक्षय कुमार के साथ चल रहे वाहन से टकरा गया. टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि एक्टर का सुरक्षा वाहन सड़क पर दाईं ओर पलट गया.

वहीं घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी तुरंत मौके पर पहुंच गई और स्थिति को नियंत्रण में कर लिया. वायरल हो रहे वीडियो में अक्षय की एस्कॉर्ट गाड़ी दो टायर पर पलटी हुई दिख रही है, जबकि ऑटो-रिक्शा के आगे के हिस्से के बुरी तरह परखच्चे उड़े हुए नजर आ रहे हैं. गनीमत ये है कि, किसी को गंभीर चोट नहीं आई है.

दुर्घटना में घायल हुए ऑटो-रिक्शा चालक के भाई मोहम्मद समीर ने बताया, “यह घटना रात करीब 8 से 8:30 बजे के बीच हुई, मेरा भाई रिक्शा चला रहा था, तभी अक्षय कुमार की इनोवा और एक मर्सिडीज उसके पीछे आ रही थीं. मर्सिडीज ने इनोवा को टक्कर मारी, जिसके चलते इनोवा रिक्शा से जा टकराई. नतीजतन, मेरा भाई और एक अन्य यात्री रिक्शा के नीचे दब गए. पूरा रिक्शा क्षतिग्रस्त हो गया और मेरे भाई की हालत बेहद गंभीर है. हमारी बस यही गुजारिश है कि मेरे भाई का उचित इलाज हो और रिक्शा को हुए नुकसान की भरपाई की जाए. हमें और कुछ नहीं चाहिए.”

NATIONAL : होटल में रखने से नाराज हुए शिवसेना शिंदे गुट के पार्षद, पार्टी ने जीत का प्रमाण पत्र अपने कब्जे में लिया

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मुंबई में शिंदे गुट की शिवसेना के नवनिर्वाचित पार्षद 7-स्टार होटल में रखे जाने से नाराज हो गए हैं. पार्टी द्वारा उनके मूल दस्तावेज अपने पास रखने के फैसले के बाद पार्षद अपने-अपने क्षेत्रों के लिए रवाना हो रहे हैं.मुंबई महानगरपालिका में सत्ता गठन को लेकर चल रही सियासी उठापटक के बीच शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के नवनिर्वाचित पार्षदों ने बांद्रा स्थित सात सितारा होटल छोड़ना शुरू कर दिया है. पार्टी ने अपने 29 नवनिर्वाचित पार्षदों के सभी मूल दस्तावेज अपने पास रखने का फैसला किया है, जिसके बाद पार्षद अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के लिए रवाना हो रहे हैं.

पार्टी द्वारा जिन दस्तावेजों को अपने पास रखा गया है, उनमें मतगणना के बाद 16 जनवरी को रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा जारी जीत का प्रमाण पत्र और सभी पार्षदों के आधार कार्ड शामिल हैं. सूत्रों के मुताबिक, 17 जनवरी से होटल में ठहराए गए पार्षद इस व्यवस्था से असहज महसूस कर रहे थे. वे न तो अपनी जीत का जश्न अपने मतदाताओं के साथ मना पा रहे थे और न ही अपने क्षेत्रों में जा पा रहे थे.

दरअसल, पार्टी ने ‘गट’ यानी समूह गठन को प्राथमिकता देते हुए सभी पार्षदों को एक साथ होटल में रहने का निर्देश दिया था. नगर निगम कानून के तहत गट गठन से पहले पार्षद पार्टी बदल सकते हैं, लेकिन गट बनने के बाद दलबदल पर रोक लग जाती है. इसके बाद केवल एक-तिहाई पार्षदों के अलग होने की स्थिति में ही विभाजन संभव होता है. इसी वजह से शिंदे गुट गट गठन को जल्द से जल्द पूरा करना चाहता था.

हालांकि, अब पार्टी ने गट गठन की प्रक्रिया को फिलहाल टाल दिया है. शिवसेना के महासचिव और पूर्व सांसद राहुल शेवाले दिल्ली रवाना हो रहे हैं, जहां वे वरिष्ठ भाजपा नेताओं से गठबंधन और विभिन्न नगर निगमों में मेयर पद के उम्मीदवारों को लेकर बातचीत करेंगे.शिंदे गुट के पास बीएमसी में 29 पार्षद हैं, जबकि बाकी पार्षद भाजपा के हैं. दोनों दल मिलकर कुल 118 सीटों के साथ बहुमत का आंकड़ा पार कर चुके हैं, जबकि 227 सदस्यीय सदन में जादुई आंकड़ा 114 है. पार्टी का मानना है कि मूल दस्तावेज अपने पास रखने से पार्षदों के दलबदल की आशंका फिलहाल टल गई है, लेकिन इस कदम को लेकर अंदरखाने नाराज़गी भी सामने आ रही है.

ENTERTAINMENT : ‘मां ने बर्बाद की मेरी शादी, गलत तरीके से किया डांस’, बोले ब्रुकलिन, तोड़ा रिश्ता

पूर्व फुटबॉलर डेविड बेकहम के बड़े बेटे ब्रुकलिन बेकहम ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ये ऐलान कर दिया है कि वो उनके साथ अपने रिश्ते-नाते तोड़ रहे हैं. डेविड के बेटे ने उनपर आरोप लगाया कि वो झूठी छवि के लिए उनकी जिंदगी कंट्रोल करते हैं. उनकी पत्नी को बेइज्जत करते हैं. ब्रुकलिन ने दावा किया कि पेरेंट्स की वजह से वो कई सालों से एंग्जायटी में जी रहे थे.

पूर्व दिग्गज फुटबॉलर डेविड बेकहम और फैशन आइकॉन विक्टोरिया बेकहम के परिवार की अनबन अब पब्लिकली सामने चुकी है. कपल के बड़े बेटे और पूर्व मॉडल ब्रुकलिन बेकहम ने अपने पेरेंट्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं. ब्रुकलिन ने दावा किया कि उनके माता-पिता ने उनकी जिंदगी के अहम फैसलों को कंट्रोल करने की कोशिश की, जिससे उनके पत्नी निकोला पेल्ट्ज संग रिश्ते पर बुरा असर पड़ा. उन्होंने ये भी कहा कि उनके पेरेंट्स उनकी पत्नी का अपमान करते है. इसके अलावा भी उन्होंने पारिवारिक कलेश को लेकर कई बड़े खुलासे किए हैं.

ब्रुकलिन बेकहम ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लंबा पोस्ट शेयर कर अपने माता-पिता पर कई बडे़ आरोप लगाए हैं. उन्होंने पेरेंट्स से रिश्ता तोड़ने का ऐलान कर दिया है. ब्रुकलिन ने पोस्ट में बताया कि उनके परिवार के आपसी रिश्तों के कारण उन्हें काफी परेशानियां झेलनी पड़ी हैं. उन्होंने कहा कि पारिवारिक कलेश की वजह से लंबे समय से वो एंग्जायटी और मानसिक तनाव में जी रहे हैं. मगर अब वो सिर्फ शांति, सुकून और अपनी प्राइवेसी चाहते हैं.

ब्रुकलिन ने अपने छह पेज के बयान में साफ़ तौर पर कहा है कि उनके माता-पिता ने उनके जीवन को नियंत्रित करने की कोशिश की और उनकी शादी को नुकसान पहुंचाया है. ब्रुकलिन ने कहा- दुर्भाग्य से, मेरे माता-पिता और उनकी टीम लगातार मीडिया में बातें कर रही है. अब मेरे पास खुद के लिए आवाज उठाने अलावा कोई रास्ता नहीं बचा. मैं उन सभी झूठों के बारे में सच बताना चाहता हूं, जो मेरे बारे में छापे गए हैं. मैं अब अपने परिवार के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहता. मुझ पर किसी का कोई कंट्रोल नहीं है. मैं अपनी जिंदगी में पहली बार खुद के लिए स्टैंड ले रहा हूं.

‘हाल ही में मैंने खुद अपनी आंखों से देखा है कि मेरे माता-पिता अपनी झूठी शान और दिखावे को बचाने के लिए मीडिया में अनगिनत झूठ फैलाने की किस हद तक जा सकते हैं. वो अक्सर मासूम लोगों की बलि चढ़ाकर ऐसा करते हैं. लेकिन मेरा मानना है कि सच हमेशा सामने आता है.’ब्रुकलिन ने आरोप लगाया कि उनके माता-पिता ने उनकी शादी को खराब करने की कोशिश की. उन्होंने दावा किया कि उनकी मां विक्टोरिया बेकहम, जो एक फैशन डिजाइनर हैं, उन्होंने आखिरी वक्त पर उनकी पत्नी निकोला की शादी की ड्रेस बनाने से इनकार कर दिया था, जबकि निकोला उनकी बनाई ड्रेस पहनने के लिए बहुत उत्साहित थीं. इस वजह से निकोला को आनन-फानन में दूसरा ऑप्शन ढूंढना पड़ा था. ये उनके लिए काफी दुखद था.

ब्रुकलिन ने पोस्ट में अपनी शादी के दिन की एक दुखद घटना का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि सिंगर मार्क एंथनी ने उन्हें स्टेज पर बुलाया था, ताकि वो पत्नी निकोला के साथ अपना ‘पहला डांस’ कर सकें. लेकिन जब वो वहां पहुंचे, तो निकोला की जगह उनकी मां ने उनके साथ अनुचित तरीके से डांस किया. मां की इस हरकत से उन्हें काफी शर्मिंदगी और अपमानित महसूस हुआ था.

ब्रुकलिन ने ये भी खुलासा किया कि बडे़ होने के दौरान वो “सीवियर एंग्जायटी” से जूझ रहे थे. उन्होंने लिखा कि जब से उन्होंने अपने माता-पिता से दूरी बनाई है, तब से उनकी यह एंग्जायटी पूरी तरह खत्म हो गई है. उन्होंने आगे कहा कि अब वो और निकोला शांति और प्राइवेसी के साथ सुकून से जिंदगी जीना चाहते हैं.

ENTERTAINMENT : सुनील शेट्टी ने ‘बॉर्डर’ से वसूले थे लाखों रुपये, बेटे अहान ने तोड़ा एक्टर का रिकॉर्ड, ‘बॉर्डर 2’ से कमाए इतने करोड़

‘बॉर्डर’ में जहां सुनील शेट्टी ने अहम रोल प्ले किया था तो वहीं इसके सीक्वल में उनके बेटे अहान शेट्टी नजर आएंगे. चलिए जानते हैं इन दोंनों ने इन फिल्मों से कितनी फीस वसूली?

‘बॉर्डर 2’ साल की मच अवेटेड फिल्मों में से एक है. साल 1997 में आई ‘बॉर्डर’ के इस सीक्वल में इस बार सनी देओल के साथ नई स्टार कास्ट नजर आएगी. दिलचस्प बात ये है कि ‘बॉर्डर’ में सुनील शेट्टी ने भैरव सिंह के किरदार में लोगों का दिल जीत लिया था. वहीं अब ‘बॉर्डर 2’ में सुनील शेट्टी नहीं बल्कि उनके बेटे अहान शेट्टी अहम रोल में नजर आएंगे. अहान जहां फिल्म में अपने पिता सुनील शेट्टी की कमी को पूरा करने की कोशिश करेंगे. तो वहीं जानकर हैरानी होगी कि उन्होंने फीस के मामले में पहले ही सुनील शेट्टी को पीछे छोड़ दिया है. चलिए यहां बॉर्डर और बॉर्डर 2 के लिए सुनील शेटटी और अहान शेट्टी की फीस का अंतर जानते हैं.

जेपी दत्ता निर्देशित ‘बॉर्डर’ में सुनील शेट्टी का किरदार आज भी लोगों के जेहन में बसा हुआ है. फिल्म में भैरव सिंह के किरदार में नजर आए सुनील शेट्टी की परफॉर्मेंस की काफी तारीफ हुई थी. वहीं फीस की बात करें तो एक्टर ने ‘बॉर्डर’ से लाखों में फीस वसूली थी.

‘बॉर्डर 2’ में अहान शेट्टी लेफ्टिनेंट कैडर जोसेफ पियूस एल्फर्ड नोरोने के किरदार में दिखेंगे. वहीं अहान शेट्टी की ‘बॉर्डर 2’ से फीस की बात करें तो मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने इस फिल्म से 3 से 4 करोड़ रुपये बतौर फीस वसूले हैं. ऐसे में उन्होंने फीस के मामले में अपने पिता सुनील शेट्टी का रिकॉर्ड तोड़ दिया है.

बता दें कि ‘बॉर्डर 2’ गणतंत्र दिवस वीक के मौके पर यानी 23 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक दे रही है. फिल्म में अहान शेट्टी के अलावा सनी देओल, दिलजीत दोसांझ, वरुण धवन, मोना सिंह, सोनम बाजवा समेत कई कलाकारों ने अहम रोल प्ले किया है. इस फिल्म का हाल ही में ट्रेलर रिलीज हुआ था जिसे काफी पसंद किया गया है. वहीं फिल्म के गाने पहले ही लोगों के दिलों में उतर गए हैं. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि ‘बॉर्डर 2’ बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच सकती है.

NATIONAL : ‘पैसा दो और प्रैक्टिकल के नंबर बढ़वाओ…’, बगहा में छात्रों से अवैध उगाही करते टीचर ……….

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बगहा से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक वीडियो सामने आया है, जिसने मैट्रिक और इंटर की प्रैक्टिकल परीक्षा में अवैध उगाही के आरोपों को हवा दे दी है. वायरल वीडियो में एक सरकारी विद्यालय के प्रधान शिक्षक पर छात्रों से नंबर बढ़ाने के बदले पैसे लेने का आरोप है. मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और जांच के आदेश दिए गए हैं.

बिहार में बगहा में शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है. बगहा से सामने आए एक वायरल वीडियो ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगा दिए हैं. आरोप है कि मैट्रिक और इंटर परीक्षा के प्रैक्टिकल में अधिक अंक दिलाने के नाम पर छात्रों से अवैध उगाही की जा रही है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया है.

मिली जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो बगहा-एक प्रखंड के रायबारी महुअवा पंचायत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय रायबारी महुअवा से जुड़ा बताया जा रहा है. वीडियो में विद्यालय के प्रधान शिक्षक अमित कुमार पर छात्रों से प्रैक्टिकल परीक्षा में नंबर बढ़ाने के एवज में रुपये लेने का आरोप लगाया गया है. वीडियो में कथित तौर पर छात्रों से खुलेआम नजराना लिए जाने के दृश्य दिखाई दे रहे हैं, जिसे शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र के लिए बेहद शर्मनाक माना जा रहा है.

वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह छात्रों के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है और पूरी शिक्षा व्यवस्था की साख को गहरी चोट पहुंचाता है.

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बगहा-एक प्रखंड के शिक्षा पदाधिकारी पूरण कुमार शर्मा ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है. उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

वहीं, स्थानीय समाजसेवियों और अभिभावकों ने भी प्रशासन से निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की है. उनका कहना है कि छात्रों से किसी भी तरह की अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. यह मामला न सिर्फ बगहा बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र के लिए एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है, जहां शिक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया.

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