Monday, April 6, 2026
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BUSINESS : पुराने सोने के बदले 30 मिनट में हाथोंहाथ मिलेगा कैश, देश के इस शहर में लगा पहला गोल्ड ATM

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Gold ATM: अगर पुराना सोना बेचकर तुरंत अकाउंट में पैसे चाहते हैं, तो यह ATM आपके लिए काम का साबित हो सकता है. फिनटेक कंपनी गोल्डसिक्का (Goldsikka) ने इस मशीन को लॉन्च किया है.

अपने पास रखा सोना बेचने के लिए अकसर हमें ज्वेलर्स के चक्कर काटने पड़ते हैं. हालांकि, अब आने वाले दिनों में ऐसा नहीं होगा. फिनटेक कंपनी गोल्डसिक्का (Goldsikka) ने देश में पहली बार AI-पावर्ड गोल्ड ATM मशीनें लॉन्च की है. इसे हैदराबाद में इंस्टॉल किया गया है. इसके जरिए अब लोग पुराना सोना बेच सकते हैं और इसका पैसा मिनटों में आपके बैंक अकाउंट में क्रेडिट हो जाएगा. यानी कि अब ग्राहकों को सोने की दुकान पर जाकर इसकी शुद्धता की जांच और मोलभाव के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

सोने के पुराने गहने-सिक्के वगैरह बेचने के लिए हमें दुकानों पर जाना पड़ता है. वहां ज्वेलर्स से प्योरिटी चेक, वैल्यूएशन और कीमत पर बात करने में घंटों इंतजार करना पड़ता था और तब जाकर कैश मिलता है. यह प्रॉसेस थोड़ा लंबा है. लेकिन अब इस एआई-इनेबल्ड (AI-enabled) गोल्ड मेल्टिंग मशीन के जरिए यह काम मिनटों में हो जाएगा. यह नया सिस्टम पूरी तरह से ऑटोमेटिकली काम करता है. आइए जानते हैं इसका स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस?

सबसे पहले मशीन में सोना रखते ही यह तुरंत उसे पिघलाने का काम शुरू कर देती है.
AI टेक्नोलॉजी की मदद से यह आसानी से पता लगा लिया जाता है कि सोना कितना शुद्ध है और इसका वजन कितना है.
इसके बाद सिस्टम लाइव मार्केट रेट के आधार पर कीमत को फटाफट कैलकुलेट कर लेता है.
फाइनल रकम सीधे ग्राहक के बैंक अकाउंट में क्रेडिट कर दी जाती है.

पुराने सोने के बदले 30 मिनट में हाथोंहाथ मिलेगा कैश, देश के इस शहर में लगा पहला गोल्ड ATM

यानी कि इससे साफ है कि इससे कागजी लेनदेन या इंसान की मदद की जरूरत नहीं पड़ती है.

मशीन में आर्टिफिशियल रियलिटी (AR) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है. इसके जरिए कस्टमर्स वर्चुअल ज्वेलरी ट्राई-ऑन कर सकते हैं. यानी कि देख सकते हैं कि कौन सी ज्वेलरी उन पर कैसी लगेगी. इसके अलावा, मशीन से 0.5 ग्राम से लेकर 100 ग्राम तक के सिक्के सीधे खरीदे जा सकते हैं. इसे आप चौबीसों घंटे एक्सेस कर सकते हैं.

मशीन में सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि कोई इसका गलत इस्तेमाल न कर सके. इसके तहत, कस्टमर्स को ट्रांजैक्शन से पहले KYC वेरिफिकेशन पूरा करना होगा. इसके अलावा, सिस्टम क्रिमिनल रिकॉर्ड भी चेक करता है और अगर कोई गतिविधि संदिग्ध पाई गई, तो ट्रांजैक्शन तुरंत ब्लॉक हो जाएगा.

NATIONAL : भरी पंचायत में प्रेमी संग रहने की जिद पर अड़ी पत्नी, पति ने करवा दी शादी, बच्चों ने लिया ये फैसला

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प्रतापगढ़ में एक महिला ने पति के सामने ही पंचायत में प्रेमी से शादी कर ली. पति ने दोनों को रंगे हाथ पकड़कर पुलिस को सौंपा था, लेकिन पंचायत के दौरान दो बच्चों की मां प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी रही. आखिरकार पति की मौजूदगी में ही यह अनोखा विवाह संपन्न हुआ.

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में एक अनोखा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है. दरअसल, यहां दो बच्चों की मां ने पंचायत की मौजूदगी में अपने प्रेमी के साथ विवाह कर लिया, जबकि इस दौरान उसका पति भी मौके पर मौजूद रहा.आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के रमगढ़ा गांव निवासी आशीष तिवारी ने बीते शनिवार की रात अपनी पत्नी पिंकी को उसके प्रेमी अमित शर्मा के साथ आपत्तिजनक स्थिति में रंगे हाथ पकड़ लिया था. इस घटना के बाद आशीष ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी. पुलिस मौके पर पहुंची और प्रेमी अमित शर्मा को थाने ले गई.

इसके बाद गांव में दिनभर पंचायत चलती रही. पंचायत के दौरान पत्नी पिंकी अपने प्रेमी अमित शर्मा के साथ रहने की जिद पर अड़ी रही और पति के साथ जाने से साफ इनकार कर दिया. काफी समझाने-बुझाने के बावजूद वह अपने फैसले पर कायम रही.

बताया गया कि आशीष तिवारी और पिंकी की शादी वर्ष 2016 में हुई थी. दोनों के दो बेटे हैं, जिनमें बड़ा बेटा 7 वर्ष और छोटा बेटा 4 वर्ष का है. इन दोनों बच्चों ने अपनी मां के साथ जाने से इनकार कर दिया और पिता के साथ रहने की इच्छा जताई.पंचायत में सामाजिक सहमति बनने के बाद आशीष तिवारी ने अपनी पत्नी पिंकी की शादी उसके प्रेमी अमित शर्मा के साथ अमरगढ़ स्थित प्राचीन शिव मंदिर में करवा दी. इस दौरान दोनों पक्षों के लोग भी मौजूद रहे. बताया जा रहा है कि अमित शर्मा थाना दिलीपपुर क्षेत्र के मीसिद्धीपुर गांव का निवासी है.

इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. गांव से लेकर आसपास के इलाकों में यह मामला लोगों के बीच चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है. फिलहाल, पिंकी अपने प्रेमी के साथ चली गई है.

SPORTS : दर्शकों ने गौतम गंभीर को देख लगाए ‘हाय-हाय’ के नारे तो विराट कोहली ने बोले अपशब्द? वायरल वीडियो घुमा देगा सिर

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया कि दर्शकों ने गौतम गंभीर को देखकर ‘हाय-हाय’ के नारे लगाए. इस दौरान कोहली का रिएक्शन भी दिलचस्प रहा.भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाल ही में खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज का समापन हुआ. इस सीरीज में न्यूजीलैंड ने 2-1 से ऐतिहासिक जीत दर्ज की. पिछले साल कीवियों ने टीम इंडिया को टेस्ट सीरीज में 3-0 से व्हाइट वॉश किया था. फैंस ने टेस्ट सीरीज के वक्त भी टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर को जिम्मेदार ठहराया था. अब एक बार फिर मेन इन ब्लू का खराब प्रदर्शन देखकर प्रशंसक हेड कोच पर गुस्सा होते दिख रहे हैं.

दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसको लेकर दावा किया जा रहा है कि मैदान पर मौजूद गौतम गंभीर को देखकर स्टैंड्स में मौजूद दर्शकों ने ‘हाय-हाय’ के नारे लगाए. बात सिर्फ गंभीर के खिलाफ नारेबाजी तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें विराट कोहली का बड़ा ही दिलचस्प किरदार नजर आया.

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि नारेबाजी के बीच विराट कोहली क्राउड की तरफ मुंह करके कुछ बोलते हैं. देखने में ऐसा ही प्रतीत होता है कि जैसे कोहली ने कुछ अपशब्द कहे हों. हालांकि हम इस बात की पुष्टि नहीं करते हैं कि कोहली ने क्या बोला.बता दें कि यह पहला मौका था कि जब न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ भारतीय सरजमीं पर खेलते हुए वनडे सीरीज में जीत दर्ज की थी. सीरीज के पहले मुकाबले में टीम इंडिया ने 4 विकेट से जीत हासिल कर बढ़त बनाई थी, लेकिन इसके बाद न्यूजीलैंड ने बाकी दोनों मैचों में जीत हासिल करते हुए सीरीज पर अपना नाम लिखवा लिया.

सीरीज में विराट का बल्ला जमकर चला. वह सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में दूसरे पायदना पर रहे. कोहली ने 3 मैचों की 3 पारियों में बैटिंग करते हुए 80 की औसत से 240 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 1 शतक और 1 अर्धशतक निकला.

NATIONAL : अंदर चल रहे थे फेरे, बाहर हो गई किडनैपिंग…, बहन की शादी से भाई को उठा ले गए बदमाश

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फरीदाबाद में शादी समारोह के दौरान सनसनीखेज घटना सामने आई. चावला कॉलोनी स्थित गुरुद्वारे के बाहर दुल्हन के 21 वर्षीय भाई को कुछ लोगों ने जबरन फॉर्च्यूनर गाड़ी में डालकर अगवा कर लिया. घटना के वक्त गुरुद्वारे के अंदर शादी के फेरे चल रहे थे. पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन अब तक युवक का कोई सुराग नहीं मिला है.

हरियाणा में फरीदाबाद की चावला कॉलोनी स्थित गुरुद्वारे के बाहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शादी समारोह के दौरान दुल्हन के भाई को कुछ लोग जबरन उठाकर फॉर्च्यूनर गाड़ी में डालकर फरार हो गए. घटना के वक्त गुरुद्वारे के अंदर शादी के फेरे चल रहे थे. परिवार ने इसे अपहरण की वारदात बताया है, जबकि स्थानीय पुलिस मामले की जांच की बात कह रही है.

परिजन प्रवीण ने बताया कि आज उनकी भतीजी की शादी थी. दोपहर करीब 3 बजे गुरुद्वारे के अंदर फेरे चल रहे थे और परिवार के सभी सदस्य वहीं मौजूद थे. इसी दौरान 21 साल के यश को एक जानकार यह कहकर बाहर बुलाकर ले गया कि कुछ लोग उससे मिलने आए हैं.

जैसे ही यश गुरुद्वारे के बाहर पहुंचा, वहां मौजूद 4 से 5 लोगों ने उसे गर्दन से पकड़ लिया और जबरन एक फॉर्च्यूनर कार में बैठाकर मौके से फरार हो गए.

परिवार के अनुसार, आरोपी दो कारों में सवार होकर आए थे. इनमें से एक फॉर्च्यूनर कार में यश को अगवा कर ले जाया गया. परिजनों का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि युवक को कौन लोग और किस मकसद से उठाकर ले गए हैं.घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. शहर थाना प्रभारी शमशेर ने बताया कि युवक को लेकर जाने की सूचना मिली है और मामले की जांच की जा रही है. हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. फिलहाल युवक का कोई सुराग नहीं लग पाया है और परिवार गहरे सदमे में है.

MP : क्रिकेट ग्राउंड में सरकारी क्लर्क की बल्ले से पीटकर हत्या, पत्नी के कहने पर गए थे बीच-बचाव करने

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बैतूल में पदस्थ मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के कर्मचारी मोहित गोहे की जान सिर्फ इसलिए चली गई क्योंकि वे दो गुटों के बीच हो रहे पथराव और झगड़े को रोकने की कोशिश कर रहे थे.मध्य प्रदेश के बैतूल में क्रिकेट खेलने के विवाद में बीच बचाव करने गए युवक की क्रिकेट के बल्ले से पिटाई के कारण मौत हो गई. पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी. मृतक हाउसिंग बोर्ड में क्लर्क के पद पर पदस्थ था.

बैतूल के गंज थाना के कत्तलढाना इलाके मेंक्रिकेट खेलने के दौरान हुए विवाद ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं. बच्चों के क्रिकेट खेल के दौरान बड़े ग्राउंड में दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद पथराव शुरू हो गया. इसी दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे 27 वर्षीय मोहित गोहे पर बेरहमी से हमला कर दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई.

प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब मोहल्ले के बड़े ग्राउंड में बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे. खेल के दौरान विवाद बढ़ा और पथराव होने लगा. छोटे ग्राउंड में खेल रहे बच्चों को खतरा देख मोहित की पत्नी ने उन्हें समझाने जाने को कहा. मोहित वहां पहुंचे और हालात शांत कराने की कोशिश की, तभी दो युवक उनके साथ मारपीट करने लगे. जब मोहित ने विरोध किया तो आरोपियों ने उन पर बैट और डंडों से हमला कर दिया. हमले में मोहित के सिर में गंभीर चोटें आईं और अत्यधिक रक्तस्राव हुआ.

घटना के बाद परिजन घायल मोहित को तत्काल निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए भोपाल रेफर किया गया. भोपाल में इलाज के दौरान मोहित ने दम तोड़ दिया. मोहित की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. दो साल पहले ही उनकी शादी हुई थी. उनकी पत्नी प्रीति का रो-रोकर बुरा हाल है, जो खुद को इस बात के लिए कोस रही हैं कि उन्होंने ही अपने पति को बीच-बचाव के लिए भेजा था. मोहित अपने पीछे एक मासूम बेटा और बूढ़े माता-पिता छोड़ गए हैं.

घटना को लेकर बैतूल एसपी वीरेंद्र जैन का कहना है कि झगड़े में शामिल दीपक धुर्वे और पुनीत कहारे नाम के युवक आपस में भिड़े थे. मोहित बीच-बचाव करने गए तो उन पर बैट और डंडों से हमला कर दिया गया. दीपक पहले भी हत्या के प्रयास का आरोपी रह चुका है, जबकि पुनीत पर भी कई अपराध दर्ज हैं. दोनों आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं.

NATIONAL : 38 साल की महिला ने 9 बेटियों के बाद जन्मा बेटा, इंतजार में छोटी बेटियों के नाम रखे थे काफी और माफी

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10 बेटियों के बाद बेटे के जन्म ने हरियाणा के जींद में खुशी की लहर दौड़ा दी है. यहां उचाना कलां निवासी सुरेंद्र के परिवार में शादी के 24 साल और 9 बेटियों के बाद बेटे का जन्म हुआ है. परिवार ने उसका नाम दिलखुश रखा है.कुछ दिन पहले हरियाणा के जींद में 10 बेटियों के बाद बेटे के जन्म की खबर सामने आई थी और अब एक बार फिर ऐसा ही मामला जिले के उचाना कलां से आया है. यह खबर सिर्फ एक परिवार की खुशी नहीं, बल्कि उस सोच को भी उजागर करती है, जहां आज भी बेटे के जन्म को त्योहार और बेटियों को बेटे का इंतजार समझा जाता है

उचाना कलां निवासी सुरेंद्र के परिवार में शादी के 24 साल और 9 बेटियों के बाद बेटे का जन्म हुआ है. जैसे ही नागरिक अस्पताल में बेटे के जन्म की सूचना मिली, परिवार और रिश्तेदारों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. अस्पताल परिसर में मिठाइयां बांटी गईं और जश्न मनाया गया.सुरेंद्र की पत्नी रीतू ने 9 बेटियों के बाद 10वें बच्चे के रूप में बेटे को जन्म दिया. परिजनों का कहना है कि सभी भगवान से दुआ कर रहे थे कि इस बार बेटा हो, ताकि बेटियों को भाई मिल सके. यही नहीं, परिवार के दूसरे भाई की भी तीन बेटियां हैं, ऐसे में कुल 12 बहनों को एक भाई मिला है. दो लड़कियों की शादी बीते साल नवंबर में हुई थी. सबसे छोटी बेटी की उम्र 3 साल की है. सबसे बड़ी बेटी की उम्र 21 साल की है. बेटियों के नाम कल्पना, आरती, भारती, खुशी, मानसू, रजनी, रजीव, काफी, माफी हैं.

परिवार की महिलाएं और रिश्तेदार इसे ईश्वर की कृपा बता रहे हैं. बुआ ने बेटे का नाम ‘दिलखुश’ रखने की घोषणा करते हुए कहा कि ‘भगवान ने सबका दिल खुश कर दिया.’ नागरिक अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार 38 वर्षीय रीतू की डिलिवरी सामान्य रही और मां-बेटा दोनों स्वस्थ हैं. डॉक्टरों ने बताया कि पहले 9 डिलिवरी हो चुकी होने के कारण महिला को विशेष निगरानी में रखा गया था.

हालांकि यह खुशी भरा माहौल एक सवाल भी छोड़ जाता है- क्या आज भी समाज में बेटी का जन्म स्वीकार्य नहीं है? जहां एक ओर सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर बेटे की चाह में एक महिला को 10 बार मां बनना पड़ रहा है. महिला की 10 की 10 डिलीवरी नॉर्मल थीं. यह खबर साफ दिखाती है कि आधुनिक दौर में भी बेटा-बेटी के बीच फर्क करने वाली मानसिकता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है.

PUNJAB : पेट्रोल पंप पर पिस्टल दिखाकर कार लूटने की कोशिश, कर्मचारियों की सतर्कता से टली वारदात

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पंजाब में एक पेट्रोल पंप पर पिस्टल दिखाकर कार लूटने की कोशिश का मामला सामने आया है. बताया जाता है पेट्रोल पंप के कर्मचारियों को देखकर कार मालिक ने शोर मचा दिया. जिससे बदमाश भाग गए.

पंजाब के डेराबस्सी स्थित एवरग्रीन पेट्रोल पंप पर सोमवार तड़के करीब 5 बजे पिस्टल दिखाकर कार लूटने की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है. जहां एक्टिवा पर सवार तीन लुटेरों ने पेट्रोल भरवाने आए एक कार चालक को निशाना बनाया, लेकिन पेट्रोल पंप कर्मचारियों की सतर्कता के चलते वारदात टल गई. पूरी घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है.

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह कार चालक पेट्रोल भरवाने के लिए एवरग्रीन पेट्रोल पंप पर रुका था. उसी दौरान उसके पीछे एक्टिवा पर सवार तीन युवक भी पहुंचे और तेल भरवाने लगे. कार में तेल भरवाने के बाद जैसे ही चालक गाड़ी में बैठने लगा, तभी दो युवक उसके पास पहुंचे और पिस्टल दिखाकर कार की चाबी छीनने का प्रयास किया.

कार चालक ने स्थिति भांपते ही शोर मचा दिया. शोर सुनते ही पेट्रोल पंप पर मौजूद करीब पांच कर्मचारी तुरंत एकजुट होकर मौके पर पहुंच गए. कर्मचारियों को अपनी ओर आते देख लुटेरे घबरा गए और वारदात को अंजाम दिए बिना ही एक्टिवा पर सवार होकर डेराबस्सी की ओर फरार हो गए. इसी दौरान अंदर सो रहे अन्य कर्मचारी भी जाग गए, जिससे लुटेरों को भागने पर मजबूर होना पड़ा.

पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने बताया कि लुटेरों ने अपने चेहरे ढक रखे थे और उनमें से एक के हाथ में पिस्टल थी. लुटेरों की एक्टिवा की नंबर प्लेट पर मिट्टी लगी हुई थी, ताकि पहचान न हो सके. बताया गया कि कार चालक ने टंकी फुल करवाई थी, जबकि लुटेरों ने एक्टिवा में मात्र 100 रुपये का पेट्रोल डलवाया था. घटना की जानकारी पेट्रोल पंप मालिकों ने तुरंत पुलिस को दी. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर आरोपियों की पहचान और तलाश शुरू कर दी है.

RAJASTHAN : कोटा में रीट परीक्षा देकर लौट रही छात्रा का चाइनीज मांझे से कटा गला, स्कूटी से गिरी

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राजस्थान के कोटा में मकर संक्रांति के बाद भी चाइनीज मांझे का कहर जारी है. रविवार को शिक्षक भर्ती परीक्षा देने लौट रही सवाई माधोपुर निवासी जया चौधरी स्कूटी पर बोरखेड़ा पुलिया से गुजरते समय मांझे में उलझ गई. गले, आंख और उंगली में गंभीर चोटें आईं और स्कूटी अनियंत्रित होकर गिर गई. आसपास से गुजर रहे डॉक्टर ने मदद की. जया की आंख में पांच टांके लगे. इससे पहले भी मांझे से बच्चे और कई लोग घायल हो चुके हैं, लेकिन इसके इस्तेमाल पर रोक नहीं लग पाई है.

राजस्थान के कोटा में मकर संक्रांति के बाद भी चाइनीज मांझे का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. रविवार को बोरखेड़ा पुलिया पर शिक्षक भर्ती परीक्षा देकर लौट रही एक छात्रा चाइनीज मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई. अचानक गले में मांझा उलझने से छात्रा के गले, आंख और हाथ की उंगली में गहरे कट लग गए. हादसे में स्कूटी अनियंत्रित होकर गिर गई, जिससे छात्रा के साथ मौजूद युवती भी चोटिल हो गई.

घायल छात्रा की पहचान सवाई माधोपुर निवासी जया चौधरी के रूप में हुई है. जया ने बताया कि वह रीट परीक्षा देने के लिए कोटा के बोरखेड़ा क्षेत्र में अपनी मौसी के यहां आई थी. रविवार को बसंत विहार स्थित परीक्षा केंद्र से परीक्षा देकर वह मौसी की बेटी प्रिया के साथ स्कूटी से लौट रही थी. इसी दौरान बोरखेड़ा पुलिया पर उड़ती पतंग का चाइनीज मांझा अचानक उसके गले में लिपट गया.

मांझा हटाने की कोशिश में जया की उंगली कट गई और आंख में भी गंभीर चोट आई. संतुलन बिगड़ने से स्कूटी गिर गई, जिससे दोनों युवतियां सड़क पर गिर पड़ीं. संयोग से उसी समय वहां से गुजर रहे एक डॉक्टर ने तुरंत मदद की और घायल छात्रा को एमबीएस अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में जया की आंख में पांच टांके लगाए गए हैं, जबकि गले और शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आई हैं. फिलहाल उसका इलाज जारी है.

गौरतलब है कि चाइनीज मांझा पहले भी जानलेवा साबित हो चुका है. 14 जनवरी को इसी मांझे से एक 5 साल के बच्चे के गले में गंभीर चोट आई थी, जिसकी 15 जनवरी को मौत हो गई थी. इसके अलावा शहर में अब तक कई लोग घायल हो चुके हैं, वहीं पशु-पक्षियों के घायल होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं. बावजूद इसके, चाइनीज मांझे की बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पाई है, जिससे हर दिन राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों की जान जोखिम में बनी हुई है.

NATIONAL : ‘मुझसे एक गलती हो गई…’, पत्नी का कुबूलनामा, कांस्टेबल पति ने रिकॉर्ड कर पुलिस को सौंपा; प्रेमी संग देख लेने पर छत से फेंक दिया था बेटा

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ग्वालियर में अपने 5 साल के बेटे को छत से फेंककर मारने वाली मां ज्योति राठौर को उम्रकैद की सजा हुई है. पुलिस कांस्टेबल पति ने पत्नी का जुर्म रिकॉर्ड कर उसे सलाखों के पीछे पहुंचाया.

ग्वालियर में एक अदालत ने 5 साल के बच्चे की हत्या के मामले में मां को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है. हालांकि सबूतों के अभाव में बच्चे की मां के प्रेमी को दोषमुक्त कर दिया गया है. बच्चे ने अपनी मां को प्रेमी के साथ देख लिया था. इस बात के उजागर होने के डर से मां ने बच्चे को छत से नीचे फेंक दिया था. मासूम की इलाज के दौरान मौत हो गई थी. पुलिस ने इस घटना का खुलासा महज 15 दिन में कर दिया था. लेकिन शुरुआती जांच में यह मामला सामान्य हादसा लग रहा था.

दअरसल, घटना 28 अप्रैल 2023 थाटीपुर थाना इलाके की है. जहां ज्योति राठौर पड़ोस में रहने वाले अपने प्रेमी के साथ छत पर मौजूद थी. इसी दौरान उसका बच्चा छत पर आ गया था और उसने मां को प्रेमी की बांहों में देख लिया था.बेटा यह बात पति को न बता दे, इसलिए ज्योति और प्रेमी ने बच्चे को दो मंजिल नीचे फेंक दिया था. बच्चा सड़क पर तड़पता रहा. जब उसे अस्पताल ले जाया गया तो मां बच्चे को देखने नहीं पहुंची.

दो मंजिल से गिरने के कारण बच्चे के सिर में गंभीर चोटें आई थीं. उसका एक दिन जयारोग्य अस्पताल में इलाज भी चला. लेकिन अगले दिन 29 अप्रैल को उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई. घर के लोग और बच्चे के पिता पुलिस कांस्टेबल ध्यान सिंह ने भी यही मानकर चल रहे थे कि असावधानी के चलते उनके बेटे का पैर फिसल जाने के कारण वह नीचे गिर गया होगा.

लेकिन 15 दिन बाद मां को पछतावा हुआ और उसने अपने पति ध्यान सिंह से कहा, ”मुझसे बड़ी गलती हो गई है…” इस बयान से पति को शक हुआ. उसने पत्नी को भरोसे में लेकर पूरी बात पूछी और ज्योति टूट गई और उसने पूरी घटना पति को बता दी. कॉन्स्टेबल पति ने बातचीत की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली और घर में लगे CCTV कैमरों के फुटेज भी निकलवाए.

पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद पति सभी साक्ष्यों के साथ थाटीपुर थाना पहुंचाकर पत्नी की शिकायत की. जिसके आधार पर पुलिस ने ज्योति राठौर और उसके प्रेमी के खिलाफ मामला दर्ज किया था और जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश किया गया था. मामले की सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक विजय शर्मा ने पुलिस की ओर से पैरवी की और अदालत ने मां को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जबकि पर्याप्त साक्ष्य न होने के कारण प्रेमी को दोषमुक्त कर दिया गया.

NATIONAL : लड़कियों ने रातों रात खाली किया हॉस्टल…, पटना में एक छात्रा की संदिग्ध मौत से सनसनी

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पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की रहस्यमयी मौत के बाद हॉस्टल खाली होने लगा है. अन्य छात्राओं के परिजन अपनी बेटियों का सामान लेकर उन्हें घर ले गए. परिजनों ने कहा कि अब वे बेटियों को पटना में हॉस्टल में रखकर पढ़ाई नहीं करवाएंगे.

बिहार के पटना में नीट (NEET) की तैयारी कर रही एक छात्रा की रहस्यमयी मौत के बाद शम्भू गर्ल्स हॉस्टल को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. इस घटना के बाद हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं और उनके परिजनों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है. बीती शाम बड़ी संख्या में छात्राओं के परिजन शम्भू गर्ल्स हॉस्टल पहुंचे और अपनी-अपनी बेटियों का सामान समेटकर उन्हें वहां से ले गए. इसके बाद यह हॉस्टल लगभग पूरी तरह खाली हो गया है.

परिजनों का कहना है कि इस घटना ने उनके भरोसे को पूरी तरह तोड़ दिया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब वे अपनी बेटियों को पटना जैसे बड़े शहर में हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने के लिए नहीं भेजेंगे. उनका कहना है कि आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अब बेटियां घर पर रहकर ही करेंगी.जब परिजनों से शम्भू गर्ल्स हॉस्टल की स्थिति के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने हॉस्टल की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर आरोप लगाए. परिजनों ने कहा कि यह हॉस्टल काफी खराब स्थिति में था.

परिजनों ने सरकार के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ नारे पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि जब बेटियां सुरक्षित नहीं हैं तो वे उन्हें बाहर भेजकर पढ़ाई कैसे करवा सकते हैं. एक अभिभावक ने कहा, ‘सरकार कहती है बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, लेकिन मौजूदा हालात में हम अपनी बेटियों को बाहर कैसे भेजें? अब हम अपनी बेटियों को घर पर ही रखेंगे और पटना किसी भी हाल में नहीं भेजेंगे.’

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