Thursday, April 23, 2026
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ENTERTAINMENT : ‘मां इनति बंगारम’ का पहला पोस्टर आया सामने, सामंथा का दिखा जबरदस्त एक्शन लुक, जानें कब रिलीज होगा ट्रेलर

साउथ स्टार सामंथा की अपकमिंग तेलुगु फिल्म ‘मां इनति बंगारम’ का पहला पोस्टर रिलीज हो गया है. पोस्टर में सामंथा का शानदार एक्शन अवतार देखकर फैंस बेहद फिल्म के लिए बेताब हो गए हैं.साउथ फिल्मों की पॉपुलर एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु जल्द ही अपने फैंस के लिए एक्शन और ड्रामा से भरपूर नई फिल्म लेकर आ रही हैं. उनकी आने वाली तेलुगु फिल्म ‘मां इनति बंगारम’ है. इस फिल्म का सामंथा का पहला लुक मेकर्स ने जारी कर दिया है जिसे देखकर फैंस काफी एक्साइटेड हैं.

सामंथा रुथ प्रभु ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर फिल्म का पहला लुक शेयर किया जो तुरंत वायरल हो गया. इस लुक में सामंथा साड़ी पहने बस में खड़ी नजर आ रही हैं. उनके चेहरे पर गुस्सा साफ दिख रहा है. उनका लुक बिल्कुल एक्शन मोड में नजर आ रहा है. उनके लुक को देख कर लग रहा कि फिल्म में उनका किरदार सिर्फ ग्लैमरस नहीं बल्कि बोल्ड और स्ट्रॉन्ग भी होगा.

फिल्म से सामंथा के पहले लुक के साथ ही उन्होंने ट्रेलर की रिलीज डेट भी फैंस के साथ शेयर की है. फिल्म का ट्रेलर 9 जनवरी 2026 को सुबह 10 बजे रिलीज होगा. इसे देखने के लिए फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. टीजर के साथ ही फिल्म की कहानी और सामंथा के किरदार का अंदाज भी सामने आएगा.

‘मां इनति बंगारम’ के अलावा फैंस सामंथा की अपकमिंग वेब सीरीज ‘रक्त ब्रह्मांड’ का भी बेताबी के साथ इंतजार कर रहे हैं. ये सीरीज भी दर्शकों को थ्रिल, ड्रामा और एक्शन से भरपूर अनुभव देने वाली है.इस तरह सामंथा 2026 में दो बड़े प्रोजेक्ट्स के साथ अपने फैंस को रोमांच और सस्पेंस का भरपूर डोज़ देने वाली हैं. इससे पहले वो ‘सिटाडेल हनी बनी’ और ‘फैमिली मैन 2’ जैसी हिट वेब सीरीज खूब सूर्खियां बटोर चुकी हैं.

NATIONAL : 11 बच्चों के बेरोजगार पिता की कहानी… 1 बेटी को दे दिया गोद, बाकी सभी की उठा रहे जिम्मेदारी

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हरियाणा के फतेहाबाद जिले में 11 बच्चों के बेरोजगार पिता संजय की कहानी चर्चा में है। 10 बेटियों के बाद बेटे के जन्म से परिवार में खुशी है, लेकिन संघर्ष भी कम नहीं। बेरोजगारी के बावजूद संजय ने एक बेटी को गोद देकर बाकी सभी बच्चों की जिम्मेदारी खुद उठाई। बेटियों को बराबरी का सम्मान देकर यह परिवार समाज के लिए मिसाल बना है।

हरियाणा के फतेहाबाद जिले के भूना ब्लॉक स्थित ढाणी भोजराज गांव में इन दिनों एक परिवार की कहानी हर किसी को सोचने पर मजबूर कर रही है. यह कहानी सिर्फ बेटे के जन्म की नहीं है, बल्कि उस पिता के संघर्ष, धैर्य और जिम्मेदारी की है, जो बेरोजगारी और आर्थिक तंगी के बावजूद अपने 11 बच्चों के भविष्य का बोझ अकेले कंधों पर उठाए हुए है. 19 साल बाद घर में बेटे की किलकारी गूंजी तो खुशियों ने दस्तक दी, लेकिन इस खुशी के पीछे संघर्षों की लंबी दास्तान छिपी है.

ढाणी भोजराज निवासी संजय और उनकी पत्नी सुनीता की शादी को पूरे 19 साल हो चुके हैं. इन 19 सालों में जिंदगी ने उन्हें बार-बार आजमाया. बेटे की चाह के बीच एक-एक कर 10 बेटियों ने जन्म लिया. समाज के ताने, आर्थिक दबाव और अनिश्चित भविष्य के बावजूद संजय और सुनीता ने कभी बेटियों को बोझ नहीं समझा. आज उनकी 11वीं संतान के रूप में बेटे का जन्म हुआ है, जिसने परिवार को नई उम्मीद दी है.

संजय की जिंदगी आसान नहीं रही. कभी लोक निर्माण विभाग (PWD) में डेली वेज पर काम करने वाले संजय को वर्ष 2018 में नौकरी से हटा दिया गया. इसके बाद उन्होंने मनरेगा के तहत मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण शुरू किया. लेकिन पिछले एक साल से मनरेगा का काम भी ठप पड़ा है. आज की तारीख में संजय बेरोजगार हैं, लेकिन जिम्मेदारियों से कभी पीछे नहीं हटे. संजय कहते हैं, काम हो या न हो, बच्चों की जरूरतें कभी नहीं रुकतीं. पेट भरना, स्कूल भेजना, दवाइयां, कपड़े सब कुछ देखना पड़ता है. बेरोजगारी के बावजूद उन्होंने मेहनत और हिम्मत नहीं छोड़ी. गांव में जो भी छोटा-मोटा काम मिला, उसे करने से पीछे नहीं हटे.

11 बच्चों के पिता होने के बावजूद संजय ने एक अहम फैसला लिया. उन्होंने अपनी एक बेटी को रिश्तेदारी में गोद दे दिया, ताकि उस बच्ची को बेहतर भविष्य मिल सके. इसके बाद बाकी 9 बेटियों और अब नवजात बेटे की पूरी जिम्मेदारी खुद उठाने का फैसला किया. संजय का कहना है कि यह फैसला उन्होंने मजबूरी में नहीं, बल्कि बच्ची के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखकर लिया. मेरे लिए सभी बच्चे बराबर हैं. वह कहते हैं कि हालात देखकर जो सही लगा, वही किया.

संजय और सुनीता की सबसे बड़ी बेटी 18 साल की है और 12वीं कक्षा में पढ़ रही है. बाकी बेटियां भी पढ़ाई कर रही हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद संजय ने कभी बेटियों की शिक्षा से समझौता नहीं किया. गांव के लोग बताते हैं कि आर्थिक तंगी के बावजूद यह परिवार सादगी और आत्मसम्मान के साथ जीता है. संजय कहते हैं, लोग ताने देते थे इतनी बेटियां कैसे पालोगे, बेटा नहीं हुआ तो क्या होगा. लेकिन हमने कभी बेटियों को बोझ नहीं समझा. बेटियां भी किसी से कम नहीं होतीं.

हाल ही में सुनीता ने 11वीं संतान को जन्म दिया. हैरानी की बात यह रही कि 11वीं डिलीवरी भी पूरी तरह नॉर्मल हुई. संजय ने अपनी पत्नी की डिलीवरी घर से करीब 50 किलोमीटर दूर एक प्राइवेट अस्पताल में करवाई, ताकि बेहतर इलाज मिल सके. जन्म के समय नवजात में खून की कमी पाई गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने तुरंत खून चढ़ाया. समय पर इलाज मिलने से बच्चे की हालत में सुधार हुआ. फिलहाल मां और बेटा दोनों स्वस्थ हैं और डॉक्टरों की निगरानी में कुछ दिन अस्पताल में रहने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली. बेटे के जन्म से घर में उत्सव जैसा माहौल है. संजय की मां माया देवी पोते के जन्म से बेहद खुश हैं. उनकी आंखों में खुशी और संतोष साफ झलकता है. वह कहती हैं, भगवान ने वर्षों बाद मेरी मन्नत पूरी कर दी. इतने सालों से बस यही इच्छा थी कि घर में एक पोता हो. संजय के पिता कपूर सिंह का पहले ही निधन हो चुका है. वह लोक निर्माण विभाग में बेलदार के पद पर कार्यरत थे. पिता के निधन के बाद परिवार की सारी जिम्मेदारियां संजय पर आ गईं. बुजुर्ग मां, पत्नी और बच्चों का पूरा दायित्व उन्होंने अकेले संभाला.

ENTERTAINMENT : आख‍िरी फ‍िल्म में धर्मेंद्र का डांस सीन, उठने में थी तकलीफ, मगर रात 3 बजे किया शूट, कोरियोग्राफर ने बताया

धर्मेंद्र ने अपनी आखिरी फिल्म इक्कीस में जबरदस्त काम किया है. एक्टर की काफी सराहना हो रही है. अब फिल्म के कोरियोग्राफर ने बताया कि सेट पर एक्टर अपने सीन्स को लेकर कितने उत्साहित रहते थे.

बॉलीवुड की ही-मैन धर्मेंद्र तो अब इस दुनिया में नहीं रहे. मगर अपने किरदारों और फिल्मों के जरिए वो फैंस के दिल में हमेशा जिंदा रहेंगे. धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ 1 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई, जिसने हर किसी को इमोशनल कर दिया. अब फिल्म के कोरियोग्राफर विजय गांगुली ने धर्मेंद्र को लेकर कुछ खास बातें साझा की हैं.

विजय गांगुली ने बताया कि आखिरी फिल्म इक्कीस की शूटिंग के दौरान उम्र की वजह से कमजोरी होने के बावजूद भी धर्मेंद्र अपने डांस स्टेप्स खुद से परफॉर्म करते थे. कोरियोग्राफर विजय गांगुली ने कव्वाली सीक्वेंस की शूटिंग को याद करते हुए कहा- रात के करीब 2.30-3 बजे थे. हमने उनसे (धर्मेंद्र) कहा था कि उन्हें बस थोड़ा सा डांस करना है और वो जो भी अपने हिसाब से करना चाहें कर सकते हैं.

‘लेकिन उन्होंने पूछा कि बाकी सब क्या कर रहे हैं? हमने उन्हें दिखाया कि बाकी दूसरे लड़के एक दूसरे के कंधे पर हाथ रखकर एक पैर से डांस स्टेप कर रहे हैं. तो इसपर उन्होंने पूछा था- मैं यह क्यों नहीं कर सकता? उन्होंने फिर वो स्टेप करने की जिद की. वो बैठे हुए थे, क्योंकि उनके लिए बार-बार उठना थोड़ा मुश्किल था…वो उठे और उन्होंने फिर स्टेप्स किए. आख़िर में हमने उनसे कहा कि वो अब और न करें, क्योंकि अगर हम कई बार रिटेक लेते तो वो फिजिकली काफी थक जाते.

कोरियोग्राफर ने आगे कहा- सच कहूं तो उस समय डांस करना उनके किरदार के लिए ज्यादा जरूरी भी नहीं था, लेकिन पर्सनली उन्हें लगता था कि उन्हें अपना 100% देना है. वो यह भी महसूस कर रहे थे कि किसी को यह नहीं लगना चाहिए कि वो यह नहीं कर सकते, इसलिए उन्होंने यह करके दिखाया. हम सबने उनकी तारीफ में कहा था ‘वाह…शानदार.’

धर्मेंद्र की यही खासियत थी कि वो अपने हर एक किरदार को पूरी सच्चाई से निभाते थे. 89 की उम्र में निधन होने से कुछ वक्त पहले तक वो काम में एक्टिव रहे. दमदार एक्टिंग हो या फिर फिटनेस, उन्होंने हर तरह से फैंस को इंस्पायर किया है. यही वजह है कि उनके निधन से उनके लाखों-करोड़ों फैंस का दिल टूट गया है.

NATIONAL : ‘बच्चों को समझा जाए, उन पर बोझ न डाला जाए…’ मौत से पहले स्टूडेंट ने जो लिखा, वो सोचने पर कर देगा मजबूर

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कर्नाटक के शिमोगा से सोचने पर मजबूर कर देने वाली सनसनीखेज घटना सामने आई है. यहां 21 साल के युवक ने खुदकुशी कर ली. यह कदम उठाने से पहले उसने वॉट्सएप पर एक नोट शेयर किया, जिसमें उसने एजुकेशन सिस्टम, माता-पिता की अपेक्षाओं और बच्चों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को लेकर गंभीर बातें लिखीं.

कर्नाटक में शिमोगा के सोराबा तालुक से बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. यहां 21 साल के युवक ने आत्महत्या कर ली. युवक ने यह कदम उठाने से पहले वॉट्सएप पर एक नोट शेयर किया, जिसमें उसने कन्नड़ फिल्म अभिनेता यश के एक टीवी कार्यक्रम में दिए गए मैसेज का हवाला दिया. इसी के साथ एजुकेशन सिस्टम, पैरेंट्स की अपेक्षाओं और बच्चों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव पर गंभीर सवाल उठाए.

मृतक की पहचान कैसोडी गांव के रहने वाले राकेश के रूप में हुई है. राकेश ग्रेजुएट था और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था. परिजनों के अनुसार, वह पढ़ाई को लेकर लंबे समय से तनाव में था. घटना के बाद गांव और आसपास के इलाके में मातम पसर गया है.

वॉट्सएप पर शेयर किए गए अपने मैसेज में राकेश ने अभिनेता यश की लाइफ जर्नी का हवाला दिया, जिसे एक टीवी शो में दिखाया गया था. उसने लिखा कि पैरेंट्स और टीचर्स को चाहिए कि वे बच्चों की प्रतिभा को समय रहते पहचानें और उन पर अपनी अधूरी महत्वाकांक्षाओं का बोझ न डालें.राकेश ने एजुकेशन सिस्टम में सार्थक सुधार की जरूरत बताते हुए कहा कि बच्चों को सिर्फ पैसे के लिए नहीं, बल्कि उस क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए, जिसमें उनकी रुचि और खुशी हो.

राकेश ने अपने मैसेज में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स खासकर वॉट्सएप के जरिए मिलने वाली तथाकथित मानसिक सलाह को लेकर भी चेतावनी दी और कहा कि मानसिक स्वास्थ्य जैसे गंभीर विषयों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए.उसने समाज से अपील की कि बच्चों को समझा जाए, उनसे संवाद किया जाए और उनके सपनों को सम्मान दिया जाए. राकेश की मौत की सूचना मिलने पर सोराबा पुलिस मौके पर पहुंची और जायजा लिया. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नोट की जांच की जा रही है और परिवार व करीबी लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. पूरे मामले की गहन जांच जारी है.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

NATIONAL : लगातार सांसद संतोष पांडे की हो रही है उपेक्षा आखिर भाजपा का वह कौन सा गुट है जो सांसद को लगातार इग्नोर कर रहे हैं

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देश की सर्वोच्च सदन यानी कि संसद का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद संतोष पांडे की लगातार उपेक्षा की जा रही है बात करें सांसद संतोष पांडे की तो वह वर्तमान में दूसरी बार राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र का नेतृत्व कर रहे हैं अब बात करते हैं इसे लगातार इग्नोर करने की तो सर्वप्रथम आईजी कार्यालय के उद्घाटन अवसर पर उसका नाम आमंत्रण कार्ड में नहीं डाला गया था काफी हो हल्ला मचाने के बाद आखिरकार संशोधित कर उसका नाम डाला गया दूसरी बार महामहिम उपराष्ट्रपति जी के कार्यक्रम में भी उन्हें हाशिए पर डाला गया उसके नाम और फोटो गायब कर दिए गए और तीसरी और महत्वपूर्ण vb g राम रोजगार गारंटी में जो कि भारतीय जनता पार्टी सभी जिलों में जन जागरण अभियान चला रही है और उसके तारतम्य में लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है इस कार्यक्रम में भी संसद संतोष पांडे की पूरी तरह उपेक्षा किया गया है उसकी फोटो तक नहीं डाली गई और उनकी अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय है कल ही इस कार्यक्रम के तहत राजनांदगांव जिले के प्रभारी मंत्री गजेंद्र यादव ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया लगातार इग्नोर करने से उनके समर्थकों में जमकर आक्रोश है वही देश के सर्वोच्च सदन का दूसरी बार प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद संतोष पांडे की लगातार उपेक्षा की जा रही है भारतीय जनता पार्टी के अंदर खाने सब कुछ सही नहीं चल रहा है कुल मिलकर जमकर गुटबाजी हावी है जो एक दूसरे की सफलता को नहीं पचा पा रहे हैं.


REPORTER : हेमंत वर्मा संवाददाता राजनांदगांव छत्तीसगढ़

NATIONAL : कलेक्टर ने गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह के सफल आयोजन के लिए अधिकारियों की ली बैठक

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राजनांदगांव कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह के सफल आयोजन के लिए सभी जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर ने गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह के आयोजन के संबंध में दिशा-निर्देश देते हुए अधिकारियों को दायित्व सौपे। उन्होंने मुख्य अतिथि आगमन, ध्वजारोहण के कार्यक्रम के साथ ही बैठक व्यवस्था, कार्यक्रम स्थल की साज-सज्जा, पेयजल, स्वल्पाहार, साफ-सफाई, पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन प्रतिबद्धतापूर्वक करेंगे। इस अवसर पर पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम भी होगा। कलेक्टर ने अधिकारियों को गणतंत्र दिवस समारोह में विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों से संबंधित झाँकी तैयार करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

REPORTER : हेमंत वर्मा संवाददाता राजनांदगांव

NATIONAL : 24 घंटे के अंदर नाबलिक बालिका को डोंगरगांव थाना द्वारा बरामद किया गया।नाबालिक बालिका को भगाकर दुष्कर्म करने वाला नाबालिक रायपुर से गिरफ्तार।

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विवरण – मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि, दिनांक 24.1.25 को प्रार्थी थाना डोंगरगांव, जिला राजनांदगांव (छ0ग0) आकर रिपोर्ट दर्ज कराया था कि, उसकी नाबालिक बच्ची को कोई अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसला कर भगा कर ले गया है।बालिका एवं महिलाओ के सुरक्षा के प्रति संवेदनशील पुलिस अधीक्षक महोदय सुश्री अंकिता शर्मा, के द्वारा तत्काल टीम बनाकर नाबालिक को रेस्क्यु एवं वैधानिक कार्यवाही अविलंब करने का निर्देश दिया गया.\


अति पुलिस अधीक्षक महोदय मुकेश ठाकुर व पुलिस अनुविभागीय अधिकारी डोंगरगांव दिलीप सिसोदिया के दिशा-निर्देश में थाना प्रभारी डोंगरगांव निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर द्वारा थाना डोंगरगांव की टीम गठीत कर गुमशुदा को 24 घंटे के भीतर दिनांक 25.1.2025 को दस्तयाब किया गया एवं पीड़िता द्वारा अपने साथ दुष्कर्म होना बताये जाने पर आरोपी का पतासाजी हेतु मुखबिर लगाकर तत्काल टीम रायपुर रवाना किया गया एवं घेराबंदी कर विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार कर बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया।
कार्यवाही में निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, थाना प्रभारी डोंगरगांव, उप निरीक्षक वीरेन्द्र मनहर,, जीतेश साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

RASHIFAL : आज का राशिफल

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मेष**

आज आत्मविश्वास बढ़ेगा और आप अपने काम को नई ऊर्जा के साथ पूरा करेंगे। रुके हुए कार्य गति पकड़ेंगे।

वृषभ**

परिवार में शांति और सहयोग रहेगा। आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी तथा किसी छोटी खुशखबरी की संभावना है।

मिथुन**

आपका संवाद कौशल आज आपका सबसे बड़ा सहायक बनेगा। नौकरी और व्यवसाय में नए अवसर मिल सकते हैं।

कर्क**

थोड़ा भावुक महसूस करेंगे, लेकिन दिन फलदायी रहेगा। किसी पुराने काम का परिणाम आज मिल सकता है।

सिंह**

नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी और आप किसी महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

कन्या**

योजनाएँ सफल होंगी और कार्यक्षेत्र में स्थिरता बनी रहेगी। आर्थिक रूप से लाभ या बचत होने के संकेत हैं।

तुला**

रचनात्मक कार्यों में दिल लगेगा। सौंदर्य, कला या डिजाइन से जुड़े लोगों के लिए दिन लाभदायक रहेगा।

वृश्चिक**

शांत रहें और जल्दबाज़ी से बचें। कुछ छोटे निर्णयों में सावधानी बरतें, दिन सामान्य रहेगा।

धनु**

नई सीख और अनुभव का दिन। किसी यात्रा या बातचीत से सकारात्मक परिणाम मिल सकता है।

मकर**

आज आपका अनुशासन रंग लाएगा। वरिष्ठ आपके काम से प्रभावित होंगे और पारिवारिक माहौल भी अच्छा रहेगा।

कुंभ**

तकनीकी और नए विचारों से लाभ मिलेगा। खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए नियंत्रण रखना जरूरी है।

मीन**

रचनात्मकता उच्च रहेगी और मन शांत रहेगा। परिवार में संतोष और काम में सहजता का अनुभव होगा।

GANDHINAGAR : मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल ने गांधीनगर शहर में टाइफाइड बीमारी फैलने के कारण उत्पन्न स्थिति की सर्वग्राही समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की

मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल ने मंगलवार को गांधीनगर में आयोजित उच्च स्तरीय सर्वग्राही समीक्षा बैठक में गांधीनगर शहर में टाइफाइड बीमारी फैलने के कारण उत्पन्न स्थिति में महानगर पालिका तथा राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से मरीजों के उपचार, रोग नियंत्रण तथा निवारण के लिए उठाए जा रहे कदमों को अधिक सघन बनाने के सुझाव दिए।

इस बैठक में गांधीनगर महानगर पालिका आयुक्त ने मुख्यमंत्री को इस बीमारी के नियंत्रण के लिए महानगर पालिका द्वारा स्वास्थ्य विभाग के समन्वय में रहकर हो रहे कामकाज का विवरण देते हुए कहा कि अब केसों में उत्तररोत्तर कमी देखने को मिल रही है। महानगर पालिका द्वारा 85 सर्वे टीमें बनाकर 1 लाख 58 हजार से अधिक लोगों का सर्वेलांस किया गया है। क्लोरीन टैबलेट्स और ओआरएस पैकेट का भी पर्याप्त मात्रा में वितरण किया गया है। लीकेज के रिपेयरिंग कार्य को प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है तथा सभी जल स्रोतों में सुपर क्लोरीनेशन भी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने जलजन्य बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए सघन उपाय के रूप में गांधीनगर सहित राज्य के शहरी क्षेत्रों में पीने के पानी के प्रतिदिन सैंपल लेकर उसकी योग्यता और क्लोरीनेशन की रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद ही जल वितरण व्यवस्था करने के स्पष्ट दिशानिर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने वर्तमान में पाइपलाइन से संबंधित जो कार्य प्रगति पर हैं, उनकी फील्ड विजिट करके गुणवत्ता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को सुझाव दिए। उन्होंने वॉटर टेस्टिंग का दायरा बढ़ाने और लीकेज को तत्काल प्रभाव से रोकने के कदम उठाने की ताकीद की।

इस बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से तथा स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री राजीव टोपनो, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री संजीव कुमार, जल आपूर्ति एवं शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव, मुख्यमंत्री के अपर प्रधान सचिव श्री डॉ. विक्रांत पांडे, शहरी क्षेत्र की स्वास्थ्य कमिश्नर डॉ. रतनकंवर गढवीचारण, गांधीनगर महानगर पालिका आयुक्त, जिला कलेक्टर, जिला विकास अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित रहे।

NATIONAL : गौवंश एवं मूक प्राणियों की सेवा क्षेत्र में संस्कारधानी के युवाओं और संस्थाओं का अनुकरणीय योगदान, समाज के लिए बने रहे प्रेरणा स्रोत

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वर्तमान समय में जहाँ स्वार्थ और भौतिकता लोगो पर हावी होती जा रही है, वहीं शहर के जागरूक युवा एवं सेवा भाव से प्रेरित संस्थाएँ निस्वार्थ भाव से गौ-माता एव मूक प्राणियों की सेवा में निरंतर सक्रिय हैं।

इन युवाओं एवं संस्थाओं द्वारा अपने स्वयं के व्यय एव समाज से धन जुटा कर बेसहारा, बीमार एवं घायल गौ-वंश,श्वानों की देखभाल, नियमित चारा-पानी की व्यवस्था, ठंड एवं गर्मी से बचाव हेतु आवश्यक प्रबंध, समय-समय पर पशु चिकित्सकों की सहायता से उपचार एवं टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में घायल गौ-वंश को तत्काल उपचार उपलब्ध कराना भी इनका सराहनीय प्रयास है।

यही कुछ संस्थाएं एव संगठन जैसे विश्वहिंदू परिषद बजरंगदल गौरक्षा टीम सुनील सेन, राहुल मिश्रा, प्रणय मुल्लेवार,गौरव शर्मा,प्रिंस हथिबेड, सागर यादव, ईशान पित्रोवद,करण तंवर,भावेश निर्मलकर मोहित यादव,सन्मय श्रीवास्तव एवं साथीगण
वैसे ही संस्था गौ करुणा समिति जिसमे जैनम बैद, कोणार्क अग्रवाल, डॉ चुरेंद्र चंद्रवंशी, शिवा वाधवानी आदि,
और टीम स्वास्तिक जनसमर्पण समिति जिसके रेडियम बेल्ट एव गौ कोटने वितरण किए गए सदस्य अंशुल कसार, सत्यम मिश्रा,रिभय यादव दिव्यांश साहू, यश साहू,विनय राजपूत,गोपेंद्र साहू,सोहन साहू आदि। वैसे ही श्वानों (कुत्तों) के क्षेत्र में उत्तम कार्य शिवानी तिवारी, हर्ष ठाकुर,नगमा अंसारी,पीयूष कश्यप आदि प्रमुख रूप से समाज में अपनी सेवाए दे रहे है,
गौ-सेवा से जुड़े युवा न केवल स्वयं श्रमदान कर रहे हैं, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी इस पुण्य कार्य से जोड़ने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं। जन-जागरूकता अभियानों के माध्यम से वे गौ-संरक्षण, गौ-संवर्धन और भारतीय संस्कृति में गौ-माता के महत्व को जन-जन तक पहुँचा रहे हैं।

इन संस्थाओं का उद्देश्य केवल सेवा तक सीमित न होकर समाज में करुणा, संवेदना और जिम्मेदारी की भावना को सशक्त करना है।
चारा संग्रह अभियान,आर्थिक सहयोग, गौशालाओं के विकास एवं संरक्षण हेतु आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
गौ-सेवा से जुड़े कार्यकर्ताओं का कहना है कि गौ-माता की सेवा केवल धार्मिक कर्तव्य नहीं, बल्कि सामाजिक और मानवीय दायित्व भी है। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे इस सेवा कार्य में अपनी सहभागिता निभाएँ और यथासंभव सहयोग प्रदान करें।
निस्संदेह, शहर के युवाओं और संस्थाओं द्वारा किया जा रहा यह गौ-सेवा कार्य समाज को एक सकारात्मक दिशा देने वाला है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

हेमंत वर्मा संवाददाता राजनांदगांव

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