Saturday, September 26, 2026
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BUSINESS : क्या 1 अप्रैल से और महंगा हो जाएगा LPG सिलेंडर? ईरान-इजरायल वॉर ने बढ़ाई टेंशन

देश में फिलहाल ईंधन या जरूरी सामान की कोई कमी नहीं है. भारत के पास तेल और गैस के पर्याप्त भंडार हैं और अगले 60 दिनों के लिए आपूर्ति पहले ही सुरक्षित कर ली गई है.

ईरान-इजरायल और अमेरिका में युद्ध के चलते देशभर में लॉकडाउन लगने की अफवाहों पर सरकार ने मजबूत और स्पष्ट रुख अपनाया है. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के बारे में अटकलें पूरी तरह से बेबुनियाद हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ऐसे किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है और जनता को घबराने की कोई जरूरत नहीं है.

सरकार की तरफ से यह भी कहा गया है कि मौजूदा वैश्विक हालात के बावजूद देश में ईंधन या जरूरी सामान की कोई कमी नहीं है. मंत्रालय के अनुसार, भारत के पास तेल और गैस के पर्याप्त भंडार हैं और अगले 60 दिनों के लिए आपूर्ति पहले ही सुरक्षित कर ली गई है. इसके अलावा, भारत अब 41 से ज्यादा देशों से कच्चा तेल आयात करता है, जिससे होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी तरह की रुकावट का असर काफी हद तक कम हो गया है. हालांकि, सरकार के इस आश्वासन के बीच भी पैनिक बाइंग के चलते गैस एजेंसियों के सामने लंबी कतारें लगी हुई हैं.

इधर, तेल कंपनियों ने भी अपनी तैयारी बढ़ा दी है. पेट्रोल पंप मालिकों को अब पहले से ज्यादा क्रेडिट मिल रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी हाल में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी न हो. सरकार का कहना है कि भारत पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यातक भी है इसलिए इस समय किसी ‘राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल’ की कोई जरूरत नहीं है. अब सबसे बड़ा सवाल यह आता है कि क्या 1 अप्रैल से LPG सिलेंडर के दाम बढ़ने वाले हैं या कीमतों में कुछ राहत मिलेगी?

मौजूदा स्थिति को देखते हुए राहत की उम्मीद तो बहुत कम है. ईरान-इजरायल युद्ध के कारण कच्चे तेल और गैस की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं. दुनिया के कई देशों में ईंधन की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं इसलिए अगर 1 अप्रैल, 2026 को LPG उपभोक्ताओं को किसी झटके का सामना करना पड़े, तो इसमें कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए.

तेल विपणन कंपनियां (OMCs) हर महीने की पहली तारीख को गैस की कीमतों की समीक्षा करती है. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक तेल संकट के बीच कच्चे तेल और गैस की कीमतों में तेजी बनी हुई है. ऐसे में 1 अप्रैल से दाम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

मार्च 2026 में घरेलू सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये की बढ़ोतरी देखी गई. अब इसकी कीमत 853 के आसपास है. वहीं, मार्च में कमर्शियल सिलेंडर के दाम दिल्ली में 1768.50 रुपये तक पहुंच गए हैं. अगले महीने राहत मिलेगी या कीमतें बढ़ेंगी यह अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा. LPG के साथ-साथ CNG और PNG की कीमतों में भी 1 अप्रैल से बदलाव की संभावना है.

UP : चर्चित IPS कपल केके बिश्नोई और अंशिका वर्मा की कल बाड़मेर में शादी, फैमिली फंक्शन शुरू

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उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात दो चर्चित आईपीएस अधिकारियों की प्रेम कहानी अब शादी में बदलने जा रही है. काफी दिन से चर्चा के बाद अब दोनों शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई और बरेली साउथ की पुलिस अधीक्षक अंशिका वर्मा कल 29 मार्च को जोधपुर में पारंपरिक रीति-रिवाज से सात फेरे लेंगे.

केके बिश्नोई यूपी कैडर के 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नजदीकी माने जाते हैं. वहीं अंशिका वर्मा 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. दोनों की मुलाकात गोरखपुर पोस्टिंग के दौरान हुई थी. शादी की तैयारियां बिश्नोई के पैतृक गांव बाड़मेर के धोरीमना में जोरों पर हैं. यहां 27 मार्च से विवाह रस्में शुरू हो चुकी हैं. घी पिलाने, हल्दी और संगीत कार्यक्रम बड़े उत्साह के साथ आयोजित हो रहे हैं.

शनिवार धोरीमना में बारात सभा होगी और 29 मार्च को बारात धोरीमन्ना से जोधपुर के लिए रवाना होगी जहां विवाह संस्कार संपन्न होगा. 30 मार्च को जोधपुर के लहरिया रिसोर्ट में भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया जाएगा. इस शाही शादी में राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के कई दिग्गज नेता तथा वरिष्ठ अधिकारी शामिल होने वाले हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई वीवीआईपी मेहमानों को आमंत्रित गया है.

केके बिश्नोई बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव के मूल निवासी हैं जबकि अंशिका वर्मा प्रयागराज की रहने वाली हैं. दोनों अधिकारियों की 25 मार्च को संभल में सगाई की रस्म हुई थी. स्थानीय स्तर पर इस जोड़ी की शादी को लेकर काफी उत्साह है और शुभचिंतक उन्हें नई जिंदगी की शुभकामनाएं दे रहे हैं.

INDORE : इंदौर में खड़ी कार में लगी भीषण आग, 4 साल के मासूम की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत

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मध्य प्रदेश के इंदौर से एक बेहद हृदयविदारक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां शनिवार (28 मार्च) को एक खड़ी कार में अचानक भीषण आग लग गई, जिसमें बुरी तरह झुलसकर करीब 4 साल के एक मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई. यह खौफनाक हादसा सिमरोल थाना क्षेत्र के खंडवा रोड स्थित बाबरीवाल ढाबे के पास हुआ.

सिमरोल थाना प्रभारी कुलदीप खत्री के मुताबिक, यह घटना शनिवार सुबह करीब 11 बजे की है. धीरज चौहान नाम के व्यक्ति की डीजे गाड़ी खराब हो गई थी, जिसे सुधारने के लिए उसने मैकेनिक संजय भायडिया को मौके पर बुलाया था. संजय अपनी स्विफ्ट डिजायर कार से वहां पहुंचे और उनके साथ उनका मासूम बेटा चिराग भी था.

संजय ने अपनी कार को डीजे वाहन से कुछ दूरी पर खड़ा कर दिया और कार को चालू हालत में ही छोड़ दिया, ताकि बच्चा अंदर आराम से बैठ सके. इसके बाद संजय अपने साथी मनीष खैर व अन्य लोगों के साथ डीजे वाहन ठीक करने में व्यस्त हो गए.

मासूम चिराग कार के अंदर ही खेल रहा था, तभी अचानक कार में भीषण आग लग गई. पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आग लगने की मुख्य वजह ‘शॉर्ट सर्किट’ मानी जा रही है. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और चंद मिनटों में ही पूरी कार धू-धू कर जलने लगी.

कार से लपटें उठती देख पिता और वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए. राहगीरों और ढाबा संचालक की मदद से तुरंत कार के कांच तोड़कर बच्चे को बाहर निकालने की कोशिश की गई. लोगों ने पानी और अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher) का इस्तेमाल कर आग बुझाने का भारी प्रयास किया, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि उस पर काबू नहीं पाया जा सका. दमकल और पुलिस के मौके पर पहुंचने तक मासूम पूरी तरह आग की चपेट में आ चुका था.

बुरी तरह झुलस चुके बच्चे को तत्काल महू के मध्यभारत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. अस्पताल में ही बच्चे का पोस्टमार्टम किया गया. इस दर्दनाक हादसे से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आग लगने के सटीक कारणों की गहनता से जांच कर रही है.

RAJASTHAN : किसानों के साथ खेतों में काम करने लगे फ्रांस के पर्यटक, फिर राजस्थानी गानों पर किया डांस, दिल छू लेगा अंदाज

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घूमने आए थे, लेकिन दिल खेतों में लग गया! अलवर में फ्रांस से आए पर्यटक अचानक किसानों के साथ खेत में उतर गए. किसी ने फसल कटाई में हाथ बंटाया तो किसी ने थ्रेसर चलाने में मदद की. काम खत्म हुआ तो ट्रैक्टर पर चढ़कर राजस्थानी-हरियाणवी गानों पर ऐसा डांस किया कि पूरा गांव झूम उठा. अब यह अनोखा नजारा सोशल मीडिया पर छाया हुआ है.

राजस्थान की मिट्टी, मेहनत और मेहमाननवाजी का अनोखा संगम अलवर में देखने को मिला. यहां फ्रांस से पर्यटक घूमने आए थे. वे किसानों के साथ खेत में काम करने उतर गए. पर्यटकों ने किसानों का हाथ बंटाया, फिर देसी गानों पर ट्रैक्टर पर जमकर डांस किया. इस पूरे वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.दरअसल, अलवर के सरिस्का और सिलीसेढ़ झील घूमने आए ये पर्यटक ग्रामीण इलाके के सोदानपूरा गांव के पास सिलीसेढ़ रोड से गुजर रहे थे. तभी उनकी नजर एक खेत में गेहूं की कटाई और मड़ाई के काम पर पड़ी. खेत में किसान चेतराम गुर्जर थ्रेसर मशीन से गेहूं निकालने में जुटे हुए थे. किसानों की मेहनत को करीब से देखने की इच्छा ने इन विदेशी मेहमानों को खेत तक खींच लिया.

पहले तो पर्यटक कुछ देर खड़े होकर काम को समझते रहे, लेकिन जल्द वे खुद भी काम में जुट गए. उन्होंने थ्रेसर मशीन में गेहूं के पूले डालने में किसानों की मदद की. यह नजारा वहां मौजूद ग्रामीणों के लिए बेहद खास था. विदेशी पर्यटकों को खेत में काम करते देख आसपास के लोग भी जमा हो गए और इस खास पल को मोबाइल कैमरों में कैद करने लगे.

स्थानीय लोगों के मुताबिक, इन दिनों मौसम खराब रहने के कारण किसान जल्दी-जल्दी फसल कटाई में जुटे हुए हैं, ताकि नुकसान से बचा जा सके. ऐसे में विदेशी पर्यटकों का यूं मदद के लिए आगे आना किसानों के लिए सुखद अनुभव रहा.काम खत्म होने के बाद माहौल और भी रंगीन हो गया. किसानों और पर्यटकों ने मिलकर ट्रैक्टर पर राजस्थानी और हरियाणवी गाने चलाए और फिर जमकर डांस किया. विदेशी मेहमान भी देसी बीट्स पर झूमते नजर आए. उनकी सादगी और उत्साह ने वहां मौजूद हर किसी का दिल जीत लिया.

ग्रामीण निहाल सिंह ने कहा कि यह मौका गांव के लोगों के लिए अनोखा था. विदेशी मेहमानों का इस तरह खेत में काम करना और स्थानीय संस्कृति में घुल-मिल जाना सभी को अच्छा लगा. हमारी संस्कृति और मेहनत को दुनिया भर में सराहा जा रहा है.इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं और विदेशी पर्यटकों की सादगी व भारतीय संस्कृति के प्रति उनके लगाव की सराहना कर रहे हैं. कई यूजर्स ने इसे ‘रियल इंडिया एक्सपीरियंस’ बताया, जहां मेहमान सिर्फ दर्शक नहीं बल्कि भागीदार बन गए. भाषा, देश और संस्कृति की सीमाएं भले अलग हों, लेकिन इंसानियत और सहयोग की भावना सबको जोड़ देती है.

UP : ‘अस्पताल के ऊपर रूम में रहती थी, डॉक्टर ने तस्वीरें खींच लीं, फिर होटल में…’ संभल में नर्स की आपबीती

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यूपी के संभल में एक नर्स ने आरोप लगाया है कि वह अस्पताल के ऊपर कमरे में रहती थी, जहां एक दिन डॉक्टर ने नशीली दवाएं देकर उसकी तस्वीरें खींच लीं. फिर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया. पीड़िता का कहना है कि इसके बाद उसे अलग-अलग शहरों के होटलों में ले जाकर कई बार शोषण किया गया.

यूपी के संभल में एक प्राइवेट हॉस्पिटल की नर्स ने डॉक्टर पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत में कहा है कि वह अस्पताल के ऊपर बने रूम में रहती थी. यहां डॉक्टर ने उसकी तस्वीरें खींच ली थीं. इसके बाद ब्लैकमेल करने लगा. तीन साल तक अलग-अलग शहरों के होटलों में ले जाकर शोषण किया और गर्भ निरोधक दवाएं भी खिलाईं.

दरअसल, मुरादाबाद के कुंदरकी थाना इलाके की महिला एक प्राइवेट हॉस्पिटल में नर्स थी. 7 नवंबर 2022 को महिला ने नर्स की नौकरी ज्वाइन की थी. वह हॉस्पिटल के ऊपर कमरे में ही रहने लगी थी. 15 दिसंबर 2022 को उसकी अचानक तबीयत खराब हो गई.

आरोप है कि डॉक्टर ने उसे नशीली दवा दे दी, उससे नर्स बेहोश हो गई और डॉक्टर ने उसकी तस्वीरें खींच लीं. अगले दिन उन्हीं तस्वीरों को वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया. नौकरी से निकालने की धमकी दी.

दर्ज कराई गई एफआईआर में नर्स का आरोप है कि आरोपी डॉक्टर ब्लैकमेल कर तीन साल तक रेप करता रहा. 2 दिसंबर 2025 को रेप किया और गर्भ निरोधक दवाएं खिला दीं. डॉक्टर वीडियो भी बना लिया था, जिसे वायरल करने की धमकी देता था. पीड़िता का आरोप है कि डॉक्टर उसे नैनीताल, हल्द्वानी, बरेली और रामपुर के होटलों में ले गया और वहां कई बार रेप किया गया.

पीड़िता का कहना है कि उसने अपनी मां को आपबीती सुनाई. मां ने हॉस्पिटल के डॉक्टर और उसके पिता से शिकायत की. इस पर आरोपी डॉक्टर के पिता ने गाली गलौज की.पीड़िता ने एसपी ऑफिस में शिकायत की थी, जिसके बाद संभल सदर कोतवाली पुलिस ने आरोपी डॉक्टर और डॉक्टर के पिता के खिलाफ केस दर्ज किया है. वहीं पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है.

एएसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि संभल के अस्पताल में कार्य करने वाली नर्स ने आरोप लगाया है कि वह हॉस्पिटल में ही बने कमरे में रुकती थी. वहीं घटना को अंजाम दिया गया. तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है. जांच चल रही है, जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

ENTERTAINMENT : ल्यारी के किंग से ‘महाकाली’ के असुर गुरू शुक्राचार्य बने ‘रहमान डकैत’, शूटिंग पूरी! शॉकिंग है ट्रांसफॉर्मेशन

धुरंधर में रहमान डकैत के किरदार से छा चुके अक्षय खन्ना अब फिल्म महाकाली में असुर गुरु शुक्राचार्य के रोल में नजर आएंगे. उनका नया लुक और किरदार फैंस के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. खबर है कि उनकी फिल्म की शूटिंग भी पूरी हो चुकी है.

रणवीर सिंह स्टारर फिल्म धुरंधर में रहमान डकैत के किरदार से वाहवाही लूटने वाले अक्षय खन्ना खूब चर्चा में हैं. फिल्म का दूसरा पार्ट भी धमाल मचा रहा है. पहले पार्ट में रहमान बलोच की हत्या हो जाती है, जिसके बाद दूसरे पार्ट में अक्षय के किरदार का मातम ही दिखाया गया है. ऐसे में फैंस बेहद एक्साइटेड हैं ये जानने के लिए कि अक्षय अब क्या कर रहे हैं. तो बता दें अक्षय अपनी दूसरी फिल्म की तैयारी में जुट गए हैं. इसमें उनका बेहद इंटरेस्टिंग कैरेक्टर है.

रिपोर्ट्स हैं कि अक्षय खन्ना ने फिल्म महाकाली में अपने हिस्से की शूटिंग पूरी कर ली है. इस फिल्म में वे असुर गुरू शुक्राचार्य का किरदार निभा रहे हैं. उनका लुक एक ऋषि जैसा होगा और इस अवतार में उन्हें पहचानना मुश्किल बताया जा रहा है. उनका फर्स्ट लुक जारी किया गया था, जिसमें वो बढ़ी हुई सफेद दाढ़ी और बालों में नजर आ रहे थे. सफेद धोती पहने अक्षय की पहचान मुश्किल ही थी.

फिल्म के मेकर्स पहले ही उनका फर्स्ट लुक पोस्टर जारी कर चुके हैं. बताया जा रहा है कि फिल्म की बाकी शूटिंग के लिए अभी करीब 40 दिन का काम है, जो हैदराबाद में पूरा किया जाएगा. शूटिंग खत्म होने के बाद फिल्म की रिलीज डेट भी घोषित की जा सकती है.अक्षय अक्सर नए-नए किरदार करने के लिए जाने जाते हैं. धुरंधर के रहमान डकैत के बाद शुक्राचार्य का इस किरदार का शिफ्ट उनकी छवि में नया एलिमेंट जोड़ता है.

हाल ही में डायरेक्टर प्रशांत वर्मा ने सेट से अक्षय खन्ना के साथ उन्हें जन्मदिन विश करते हुए एक फोटो शेयर की. उन्होंने लिखा- हैप्पी बर्थडे अक्षय खन्ना सर. आप एक सच्चे कलाकार हैं, जो साबित करते हैं कि असली टैलेंट को शोर की जरूरत नहीं होती. आपकी स्क्रीन प्रेजेंस और दमदार परफॉर्मेंस कमाल की है. आपके साथ काम करना मेरे लिए सम्मान की बात है. हम जो बना रहे हैं, उसे दुनिया को दिखाने का इंतजार है.

इस फिल्म में एक्ट्रेस भूमि शेट्टी मुख्य भूमिका में हैं. महाकाली प्रशांत वर्मा सिनेमैटिक यूनिवर्स (PVCU) का हिस्सा है. इस फिल्म में पहली बार एक महिला सुपरहीरो को दिखाया जाएगा. बताया जा रहा है कि फिल्म में देवी काली को एक नए और अलग अंदाज में पेश किया जाएगा, जो पारंपरिक सुंदरता के मापदंडों को तोड़ता है. फिल्म का निर्देशन पूजा अपर्णा कोल्लूरु कर रही हैं और इसकी कहानी प्रशांत वर्मा ने लिखी है.

प्रशांत वर्मा सिनेमैटिक यूनिवर्स एक सुपरहीरो फिल्म सीरीज है, जिसकी शुरुआत 2024 में आई फिल्म हनुमान से हुई थी. इसमें तेजा सज्जा ने मुख्य भूमिका निभाई थी. फिल्म की कहानी हनुमंथु नाम के एक लड़के की है, जिसे एक दिव्य रत्न मिलता है और उसे भगवान हनुमान जैसी शक्तियां मिल जाती हैं. लेकिन एक दुश्मन भी उस रत्न की तलाश में होता है, जिससे उसके गांव पर खतरा मंडराता है.

कहानी दिखाती है कि कैसे हनुमंथु अपने लोगों की रक्षा करता है. फिल्म के अंत में एक क्लिफहैंगर रखा गया था, जिससे इसके सीक्वल की भूमिका तैयार होती है. इसके सीक्वल जय हनुमान में भगवान हनुमान मुख्य किरदार में होंगे, जिसे ऋषभ शेट्टी निभाएंगे.

GUJARAT : ‘साहिल’ बनकर ‘अल्ताफ’ का गंदा खेल… नाबालिग को प्रेम जाल में फंसाया, रंगे हाथों पकड़ा गया ‘बहुरूपिया’

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गुजरात की राजधानी गांधीनगर में अल्ताफ लुहार नामक युवक द्वारा पहचान छिपाकर ‘साहिल देसाई’ बनकर एक 17 वर्षीय नाबालिग को प्रेम जाल में फंसाने और शारीरिक शोषण का मामला सामने आया है. इंस्टाग्राम से शुरू हुए इस रिश्ते का खुलासा तब हुआ, जब हिंदू संगठनों ने आरोपी को पीड़िता के घर की छत पर रंगे हाथों पकड़ा. आरोपी के मोबाइल से आपत्तिजनक वीडियो भी मिले हैं. सेक्टर-21 पुलिस ने पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

गुजरात की राजधानी गांधीनगर में अपनी पहचान और धर्म छुपाकर एक हिंदू लड़की को प्रेम के जाल में फंसाने का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. पता चला है कि सेक्टर-26 में रहने वाले अल्ताफ लुहार नाम के एक युवक ने ‘साहिल देसाई’ बनकर सेक्टर-24 की एक नाबालिग लड़की के साथ शारीरिक दुर्व्यवहार किया. यह सिलसिला इंस्टाग्राम पर शुरू हुआ. हिंदू संगठन के अनुसार, अल्ताफ वली खान लुहार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए कक्षा 10 में पढ़ने वाली 17 वर्षीय नाबालिग से संपर्क किया. अल्ताफ ने अपनी असली पहचान छुपाकर अपना नाम ‘साहिल देसाई’ बताया और नाबालिग का विश्वास जीतकर उसे प्रेम के जाल में फंसा लिया.

युवक ने नाबालिग के साथ शारीरिक शोषण किया. युवक ने लड़की की मासूमियत का फायदा उठाया और लगातार उसके साथ शोषण किया. हालांकि, नाबालिग के परिवार को लगभग छह महीने पहले इस बात का पता चला था. उस समय परिवार ने युवक को घर बुलाया और उसे कड़ी फटकार लगाई और नाबालिग से दूर रहने की चेतावनी भी दी. लेकिन अल्ताफ ने अपनी हरकतें नहीं रोकीं.

अब हिंदू संगठनों ने उसे छत पर रंगे हाथों पकड़ा. जब नाबालिग घर पर अकेली थी, अल्ताफ उर्फ साहिल उसके घर पहुंचा. पड़ोसियों को इसकी भनक लगते ही उन्होंने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को सूचना दी. इसके चलते हिंदू संगठन के कार्यकर्ता तुरंत मौके पर पहुंचे. घर की तीसरी मंजिल पर बने अटारी कमरे का दरवाजा खोलने पर अल्ताफ और नाबालिग एक साथ मिले.

कार्यकर्ताओं ने जब युवक का मोबाइल चेक किया तो उसमें नाबालिग के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो भी मिले, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया. विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने युवक को रंगे हाथों पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया. इस मामले में सेक्टर-21 पुलिस ने पोस्को अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर युवक की गिरफ्तारी किया है.

DELHI : मां का था अवैध संबंध… बेटे ने युवक को चाकू से गोदा, फिर हुआ फरार

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नई दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में शनिवार को एक 22 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे आरोपी की मां और मृतक के बीच कथित संबंध को लेकर विवाद कारण माना जा रहा है.

दिल्ली के अमन विहार में कथित अवैध संबंध के शक में एक बेटे ने अपने मां के पुरुष दोस्त की मां के सामने की चाकू मारकर हत्या कर दी. वारदात शुक्रवार दोपहर दिल्ली के निहाल विहार की है. पुलिस के मुताबिक उन्हें दोपहर के वक़्त एक पीसीआर कॉल मिली, कॉलर ने अपना नाम सुमित बताया और पुलिस से कहा कि उसके भाई की चाकू मारकर हत्या कर दी गई है.

कॉल मिलने के बाद पुलिस की टीम तुरंत मौके पर गई और जांच के दौरान पता लगा कि आरोपी की मां “X”, मृतक अमन के साथ पश्चिम विहार से निहाल विहार की ओर जा रही थीं. इसी दौरान आरोपी रोहित बाइक पर आया और उसने अमन पर चाकू से हमला कर दिया. अमन को बुरी तरह से घायल करने के बाद आरोपी रोहित मौके से फरार हो गया था.

पुलिस के मुताबिक अब तक कि जांच और पूछताछ में उन्हें पता लगा है कि इस क़त्ल की वजह आरोपी (रोहित) की मां और मृतक (अमन) के बीच कथित अवैध संबंध थे. इसके बाद लोकल पुलिस ने क़त्ल की धारा में एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

NATIONAL : प्रेमी संग बेटी ने मिल्कशेक में जहर मिलाकर किया हेड कॉन्स्टेबल पिता का कत्ल, 3 साल बाद खुला राज

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चंद्रपुर में बेटी ने प्रेमी संग मिलकर हेड कॉन्स्टेबल पिता को मिल्कशेक में जहर देकर मार डाला. तीन साल बाद प्रेमी के खुलासे पर मामला सामने आया है. पुलिस ने हत्या, साजिश और सबूत मिटाने की धाराओं में केस दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. कोर्ट ने सभी को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजकर जांच कर रही है.

महाराष्ट्र के चंद्रपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक बेटी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पिता की जहर देकर हत्या कर दी. यह खौफनाक साजिश करीब तीन साल तक दबी रही और आखिरकार प्रेमी के खुलासे के बाद पुलिस ने पूरे मामले की पुष्टि की है. पुलिस के बयान के बाद यह मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है.

पुलिस के अनुसार, भद्रावती निवासी 30 वर्षीय पुलिस कर्मचारी आशिष महेश शेडमाके ने 23 मार्च को रामनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. उसने अपनी प्रेमिका और महिला पुलिस कर्मचारी आर्या जयंत बल्लावार पर अपने पिता, हेड कॉन्स्टेबल जयंत बल्लावार की जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया.

पुलिस जांच में सामने आया कि आशिष और आर्या के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे. इस रिश्ते की जानकारी मिलते ही आर्या के पिता इसका विरोध करने लगे थे और दोनों के बीच अक्सर विवाद व मारपीट होती थी. इसी तनाव ने एक खौफनाक साजिश को जन्म दिया.पुलिस के मुताबिक, हत्या की योजना बनाते हुए आशिष ने जहर की व्यवस्था के लिए अपने रिश्तेदार के नाबालिग बेटे की मदद ली. इसके बाद 22 वर्षीय चैतन्य उर्फ मोंटी सचिन गेडाम से संपर्क किया गया. 24 अप्रैल 2023 को चैतन्य ने कांच की बोतल में जहर उपलब्ध कराया, जिसके बदले उसे 5000 रुपये दिए गए.

अगले दिन यानी 25 अप्रैल 2023 को आर्या ने अपने पिता को मिल्कशेक में जहर मिलाकर पिला दिया. जहर पीने के बाद जयंत बल्लावार ड्यूटी पर पहुंचे, लेकिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.उस समय पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कोई संदिग्ध बात सामने नहीं आई, इसलिए मामला दब गया और पुलिस ने इसे आकस्मिक मृत्यु मानते हुए दर्ज कर लिया था.

पिता की मौत के बाद दोनों ने शादी कर ली. जांच में सामने आया कि 2022 से दोनों के बीच प्रेम संबंध थे और 2023 में हत्या की गई. अगले एक-दो साल तक दोनों साथ रहे, लेकिन बाद में उनके बीच विवाद बढ़ने लगे.बताया गया कि आर्या पुलिस में होने के कारण आशिष को सम्मान नहीं देती थी और आशिष को पुलिस से बर्खास्त कर दिया गया था. इसके बाद आर्या मायके रहने चली गई. इसी विवाद और गुस्से में आकर आशिष ने पूरे मामले का खुलासा पुलिस के सामने कर दिया.

पुलिस ने यह भी बताया कि आशिष 2024 में पुलिस विभाग में शामिल हुआ था, लेकिन अनुशासनहीनता के कारण उसे बर्खास्त कर दिया गया. वहीं आर्या 2025 में चंद्रपुर पुलिस में भर्ती हुई और ट्रेनिंग पूरी कर कांस्टेबल बनी. दोनों अपने-अपने पिता की मौत के बाद अनुकंपा पर नौकरी में आए थे.रामनगर पुलिस ने इस मामले में आशिष महेश शेडमाके, आर्या जयंत बल्लावार, चैतन्य उर्फ मोंटी सचिन गेडाम और एक नाबालिग के खिलाफ आईपीसी की धारा 120(B), 302, 201 और 34 के तहत मामला दर्ज किया है. सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

न्यायालय ने चारों आरोपियों को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. इस पूरे मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग की भी काफी किरकिरी हो रही है. यह मामला चंद्रपुर जिले में पारिवारिक रिश्तों, प्रेम संबंध और अपराध की भयावह कहानी बनकर सामने आया है.

NATIONAL : रायपुर में ‘अंतरराष्ट्रीय साजिश’ का पर्दाफाश: चीन से आती थी हवाला रकम, अमेरिकियों से 50 करोड़ की ठगी

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रायपुर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ कर तीन अवैध कॉल सेंटरों पर छापा मारकर 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरोह अमेरिका के नागरिकों को लोन और सिबिल स्कोर सुधार के नाम पर निशाना बनाता था. पुलिस ने 67 मोबाइल, 18 लैपटॉप और 28 कंप्यूटर जब्त किए हैं. जांच में खुलासा हुआ कि पिछले दो साल में 50 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई है.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का पुलिस कमिश्नरेट ने पर्दाफाश किया है. इंटेलिजेंस बेस्ड ऑपरेशन के तहत पुलिस ने तीन अवैध कॉल सेंटरों पर एक साथ दबिश देकर 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया. आरोपियों के कब्जे से 67 मोबाइल, 18 लैपटॉप, 28 कंप्यूटर और 3 वाई-फाई राउटर जब्त किए गए हैं. जांच में सामने आया है कि यह गिरोह मुख्य रूप से अमेरिका के नागरिकों को निशाना बनाकर लोन और सिबिल स्कोर सुधार के नाम पर ठगी करता था. पिछले दो वर्षों में आरोपियों ने करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अमेरिकी नागरिकों से ठग ली.

पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क बेहद संगठित और पेशेवर तरीके से संचालित हो रहा था. गिरोह के तार गुजरात और चीन तक जुड़े पाए गए हैं. रायपुर के गंज थाना क्षेत्र के पिथालिया कॉम्प्लेक्स में दो कॉल सेंटर और न्यू राजेंद्र नगर के अंजनी टॉवर में एक कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था. गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों से जुड़े हुए थे और एक तय प्रक्रिया के तहत ठगी को अंजाम देते थे.

पुलिस को 25 मार्च को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद पूरी योजना बनाकर एक साथ तीनों कॉल सेंटरों पर छापेमारी की गई. कार्रवाई में गिरोह का पूरा नेटवर्क ध्वस्त कर दिया गया और बड़ी संख्या में डिजिटल उपकरण जब्त किए गए.

पुलिस जांच में सामने आया कि इस गिरोह की ठगी पांच चरणों में संचालित होती थी. पहले चरण में कॉलिंग ग्रुप सक्रिय रहता था, जो व्हाट्सएप, टेलीग्राम और ईमेल ग्रुप्स के जरिए अमेरिका के उन लोगों का डेटा खरीदता या जुटाता था जिन्होंने बैंक लोन के लिए आवेदन किया होता था. इसके बाद इंटरनेट कॉलिंग ऐप के जरिए विदेशी नंबरों पर कॉल की जाती थी. कर्मचारियों के सामने कंप्यूटर स्क्रीन पर अंग्रेजी में पूरी स्क्रिप्ट लिखी रहती थी, जिससे वे पेशेवर कॉल सेंटर एजेंट की तरह बातचीत करते थे.

जैसे ही कोई व्यक्ति लोन लेने में रुचि दिखाता, उसे अगले चरण में ले जाया जाता था. दूसरे चरण में “डिपॉजिट ग्रुप” पीड़ितों से बैंकिंग जानकारी जैसे अकाउंट डिटेल और ईमेल हासिल करता था. इसके बाद उन्हें बताया जाता कि उनका CIBIL स्कोर खराब है और लोन तुरंत पास नहीं हो सकता. कुछ समय बाद कॉल कर भरोसा दिलाया जाता कि उनकी कंपनी सिबिल स्कोर सुधार सकती है. पीड़ित की पूरी जानकारी व्हाट्सएप ग्रुप में साझा की जाती थी, जिसमें अहमदाबाद में बैठे मास्टरमाइंड और विदेश में मौजूद सदस्य जुड़े रहते थे.

तीसरे चरण में “टेक्निकल ग्रुप” फर्जी क्लोन चेक तैयार करता था. बैंक की प्रक्रिया की कमजोरी का फायदा उठाते हुए छोटी राशि का चेक खाते में दिखाया जाता था. जांच में सामने आया कि यह तकनीकी काम चीन में बैठे नेटवर्क द्वारा किया जाता था, जो ठगी की रकम का करीब 10 प्रतिशत कमीशन लेते थे.

जैसे ही पीड़ित के खाते में रकम दिखाई देती, कॉलिंग ग्रुप दोबारा सक्रिय हो जाता था. पीड़ित को बताया जाता कि उनके खाते में टेस्ट के तौर पर 100 डॉलर जमा किए गए हैं और अब कंपनी का पैसा वापस करना होगा. इसके लिए पीड़ितों से एप्पल, गूगल और अमेजन जैसे गिफ्ट कार्ड खरीदकर कोड साझा करने को कहा जाता था.

इसके बाद “रिडीम ग्रुप” इन गिफ्ट कार्ड्स को अलग-अलग वेबसाइट और चैनलों के माध्यम से तुरंत कैश में बदल देता था. रकम हवाला के जरिए भारत भेजी जाती थी और अंततः अहमदाबाद में बैठे मास्टरमाइंड तक पहुंचती थी. पूरी रकम की जानकारी केवल मास्टरमाइंड और रिडीम ग्रुप को होती थी.

गिरोह पीड़ितों को डराने के लिए “डिजिटल अरेस्ट” का भी इस्तेमाल करता था. फर्जी अरेस्ट वारंट भेजकर तत्काल भुगतान का दबाव बनाया जाता था, जिससे कई लोग मानसिक दबाव में आकर पैसे दे देते थे.

इस मामले में गंज थाना और न्यू राजेंद्र नगर प्रकरण में कुल 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. गंज थाना प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों में अनिल कुमार यादव उर्फ रोहित यादव, सौरभ राजपूत, अभिषेक शर्मा, रोहित शर्मा, सोनू कुमार भारती, राहुल प्रजापति, मयुर खडपे, नितेश गुरूंग, अजय चौधरी, आदित्य कुमार, सागर कायस्थ, निखिल क्षत्रिय, चुन्ना पटेल, मोहम्मद अल्तमस, विष्णु कुशवाह, ऋभ राज, दिनेश लालवानी, अनिकेत दुबे, काजल आचार्यजी, प्रकाश द्विवेदी, दीप सिंह यादव, सत्यम तिवारी, मोहम्मद गुफरान हुसैन, ओम कोढवले, राजेन्द्र सिंह जाला, शाह अमन, राज द्विवेदी, शिवम पांडे, ऋषभ यादव, करन परमार, अमन पांडे, रोहित कुमार चंचल और देवेश द्विवेदी शामिल हैं.

न्यू राजेंद्र नगर प्रकरण में गौरव यादव, अभिषेक राजपूत, अमरेन्द्र राजपूत, गुरप्रीत सिंह, मनीष पाल उर्फ मोनू, प्रताप सिंह, अजय सिंह राजपूत, राकेश राजभर और उत्तम दुबे गिरफ्तार किए गए हैं. पुलिस के अनुसार गिरोह में गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मेघालय, हरियाणा और पंजाब के युवक शामिल थे. तीनों कॉल सेंटरों का संचालन सुपरवाइजर रोहित यादव, गौरव यादव और सौरभ सिंह कर रहे थे.

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