Friday, April 24, 2026
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DELHI : अब सिग्नेचर ब्रिज पर नहीं होगी चोरी और तोड़फोड़, सशस्त्र गार्ड की तैनाती

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सिग्नेचर ब्रिज पर बढ़ती चोरी और तोड़फोड़ की घटनाओं को देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने सशस्त्र सुरक्षा गार्ड तैनात करने का फैसला लिया है. रात में एक गार्ड को बंदूक के साथ और दिन में दो बिना हथियार गार्ड तैनात होंगे. इसके लिए 1.5 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है. सिग्नेचर ब्रिज आउटर रिंग रोड को वजीराबाद, करावल नगर और भजनपुरा क्षेत्रों से जोड़ता है.

देश की राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में Signature Bridge की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने बड़ा फैसला लिया है. विभाग ने पुल पर चोरी और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के मकसद से सशस्त्र सुरक्षा गार्ड तैनात करने की योजना बनाई है.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि सिग्नेचर ब्रिज पर रात के समय चोरी की घटनाएं अधिक सामने आती हैं. इसे देखते हुए मुख्य रूप से रात की ड्यूटी में एक गार्ड को बंदूक के साथ तैनात किया जाएगा.एक वरिष्ठ पीडब्ल्यूडी अधिकारी ने बताया कि बीते कुछ समय में पुल पर कई बार चोरी की घटनाएं हुई हैं और कुछ मामलों में चोरों ने तैनात गार्डों पर चाकू से हमला भी किया है. इसी वजह से सुरक्षा कर्मियों की सुरक्षा और पुल की निगरानी के लिए सशस्त्र गार्ड की तैनाती का निर्णय लिया गया है.

दिन के समय भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि दिन में बिना हथियार के दो सुरक्षा गार्ड पुल पर तैनात रहेंगे. ये गार्ड आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में काम करेंगे और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे.

दिल्ली का पहला Asymmetrical ब्रिज माने जाने वाला सिग्नेचर ब्रिज साल 2018 में आम जनता के लिए खोला गया था. करीब 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बने इस पुल का निर्माण पर्यटन विभाग द्वारा कराया गया था. हालांकि, बाद में रखरखाव के लिए धन की कमी का हवाला देते हुए पर्यटन विभाग ने इसकी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को सौंप दी.

बीते सालों में सिग्नेचर ब्रिज आत्महत्या की घटनाओं को लेकर भी चर्चा में रहा है. जुलाई 2025 में दिल्ली विश्वविद्यालय के एक छात्र द्वारा यहां आत्महत्या किए जाने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद सुरक्षा और निगरानी को लेकर सवाल उठे थे.पीडब्ल्यूडी ने सुरक्षा गार्डों की तैनाती के लिए वार्षिक रखरखाव मद के तहत 1.5 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है. टेंडर की शर्तों के अनुसार, तैनात किए जाने वाले गार्डों की उम्र 55 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए और उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का ज्ञान होना अनिवार्य होगा.

सिग्नेचर ब्रिज आउटर रिंग रोड को वजीराबाद, करावल नगर और भजनपुरा क्षेत्रों से जोड़ता है. साथ ही यह ग्रैंड ट्रंक रोड, शाहदरा फ्लाईओवर होते हुए गाजियाबाद और आईटीओ की ओर बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करता है.

NATIONAL : 24 घंटे में खुला इंसाफ का ताला… अंजना को हक और हौसले की लड़ाई में मिला सीएम योगी का साथ

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लखनऊ के इंदिरा नगर में मेजर की बेटी अंजना को मुख्यमंत्री से शिकायत करने के बाद 24 घंटे के भीतर उसका मकान वापस दिला दिया गया. मानसिक बीमारी से जूझ रहीं अंजना के घर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा किया गया था. सीएम के आदेश के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और मकान का कब्जा पीड़िता को सौंप दिया.

लखनऊ के इंदिरा नगर का ए-418 नंबर मकान गुरुवार को फिर खुला, लेकिन यह सिर्फ एक घर के ताले खुलने की कहानी नहीं थी. यह उस महिला की वापसी थी, जिसने पिता, भाई-बहन और फिर अपना मानसिक संतुलन खोने के बाद भी अपने हक की उम्मीद नहीं छोड़ी थी. वर्षों बाद अंजना अपने उसी घर में खड़ी थीं, जिसे कुछ समय पहले तक वह हमेशा के लिए खो चुकी मान चुकी थीं.

अंजना के पिता स्वर्गीय बिपिन चंद्र भट्ट भारतीय सेना में मेजर थे. देश की सेवा के दौरान उन्होंने लखनऊ के इंदिरा नगर में ए-418 नंबर का मकान बनवाया था. यही मकान कभी इस परिवार की पहचान हुआ करता था. साल 1994 में मेजर भट्ट का निधन हुआ. उस वक्त परिवार में बेटा और दो बेटियां थीं. समय के साथ हालात बदलते गए. बेटे और एक बेटी की असमय मौत ने परिवार को भीतर से तोड़ दिया. अकेली बचीं अंजना. लगातार आघातों ने उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया और धीरे-धीरे उन्हें सिजोफ्रेनिया जैसी गंभीर बीमारी ने घेर लिया.

साल 2016 में हालत बिगड़ने पर अंजना को निर्वाण रिहैब सेंटर में भर्ती कराया गया. इलाज शुरू हुआ, लेकिन इसी दौर में उनके जीवन की सबसे बड़ी साजिश रची जा रही थी. जिस घर को उन्होंने कभी सुरक्षित ठिकाना माना था, वही निशाने पर आ गया. जांच में सामने आया कि बलवंत कुमार यादव और मनोज कुमार यादव ने अंजना की बीमारी और अकेलेपन का फायदा उठाया. फर्जी दस्तावेज तैयार कर मकान पर कब्जे की तैयारी की गई. धीरे-धीरे घर पर बाहरी लोगों का आना-जाना बढ़ा और एक दिन मकान पर किसी और का नाम लिखा बोर्ड लग गया. अंजना को जब इसकी जानकारी मिली, तो यह उनके लिए किसी झटके से कम नहीं था. जिस घर से उनका बचपन, परिवार और पहचान जुड़ी थी, वह उनसे छीना जा चुका था वो भी कागजों की चालबाजी से.

रिहैब सेंटर के डॉक्टर संतोष दुबे बताते हैं कि अंजना ने पहले स्थानीय थाने में शिकायत दी. 6 दिसंबर को लिखित प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन कार्रवाई की रफ्तार धीमी रही. अंजना मानसिक बीमारी से जूझ रही थीं, लेकिन हालात की गंभीरता उन्हें पूरी तरह समझ में आ रही थी. डॉक्टरों और शुभचिंतकों ने उनका साथ दिया, पर कब्जाधारियों के हौसले बुलंद थे. अंजना को महसूस होने लगा कि यदि अब भी आवाज नहीं उठाई, तो सब कुछ हमेशा के लिए हाथ से निकल जाएगा.

31 दिसंबर की शाम अंजना मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचीं. उन्हें पूरी बात विस्तार से बताई गई. मुख्यमंत्री कार्यालय से निर्देश मिलने के बाद मामला अचानक गति में आ गया. स्थानीय पुलिस और प्रशासन हरकत में आया. दस्तावेज खंगाले गए, जमीन रिकॉर्ड की जांच हुई और पूरे घटनाक्रम को जोड़कर देखा गया. गुरुवार की सुबह तक तस्वीर साफ हो चुकी थी. जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया और दोपहर से पहले ही अंजना को उनका मकान वापस दिला दिया गया. मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों की निगरानी में ताले खुलवाए गए. जैसे ही अंजना घर के अंदर दाखिल हुईं, उनकी आंखें भर आईं. वे एक-एक कमरे में गईं

घर के बाहर आकर उन्होंने नारियल फोड़ा, दीप जलाया और फूल रखे. अंजना फूट-फूटकर रोने लगीं. पुलिस ने इस मामले में बलवंत कुमार यादव उर्फ बब्लू और मनोज कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया है. एसीपी गाजीपुर अनिंद्य विक्रम सिंह के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना से जुड़े साक्ष्य मिले हैं. फर्जी दस्तावेज और अन्य सामग्री जब्त कर ली गई है. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन शामिल था.

NATIONAL : जंगली भालू का अटैक! जबड़े में आकर भी कैसे बचा शख्स? एयरलिफ्ट कर पहुंचाया गया अस्पताल

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चमोली जिले में भालू के हमले की एक गंभीर घटना सामने आई है. नंदानगर क्षेत्र के एक गांव में भेड़ें चराने गए व्यक्ति पर अचानक भालू ने हमला कर दिया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया. हालत नाजुक होने पर उसे एयरलिफ्ट कर ऋषिकेश स्थित एम्स में भर्ती कराया गया, जहां अब उसकी स्थिति में सुधार बताया जा रहा है.

उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार को भालू के हमले से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया. यह घटना नंदानगर तहसील के खुनाना गांव की है, जहां सुबह के समय भेड़ें चराने गए एक ग्रामीण पर अचानक जंगली भालू ने हमला कर दिया. हमले में व्यक्ति को सिर और हाथों में गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे इलाज के लिए हवाई मार्ग से ऋषिकेश स्थित एम्स भेजा गया.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, खुनाना गांव निवासी 40 साल के केसर सिंह कठैत गुरुवार सुबह करीब 10 बजे गांव के पास एक स्कूल के नजदीक अपनी भेड़ों के झुंड के साथ मौजूद थे. इसी दौरान जंगल की ओर से अचानक एक भालू वहां आ गया और केसर सिंह पर हमला कर दिया. अप्रत्याशित हमले से वह संभल नहीं पाए और भालू ने उन्हें अपनी पकड़ में ले लिया.

खुनाना ग्राम पंचायत के प्रधान महावीर सिंह ने बताया कि भालू और केसर सिंह के बीच कुछ देर तक संघर्ष होता रहा. आत्मरक्षा के लिए केसर सिंह के पास मौजूद एक बड़े हंसिए की मदद से उन्होंने किसी तरह खुद को भालू की पकड़ से छुड़ाया. हालांकि, तब तक उन्हें सिर और हाथों में गहरी चोटें लग चुकी थीं और अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था.

घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे और घायल केसर सिंह को प्राथमिक उपचार दिया गया. इसके बाद उन्हें गांव से नंदानगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर कर दिया. राज्य सरकार की मदद से केसर सिंह को एयरलिफ्ट कर एम्स, ऋषिकेश पहुंचाया गया. ग्राम प्रधान के अनुसार, एम्स में भर्ती होने के बाद उनकी हालत में सुधार है और वह खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं. डॉक्टरों की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है.

MP : पेट्रोल पंप पर तेल भरने वाले के लिए शिक्षक पति का कत्ल, आंगनबाड़ी वर्कर की ये कैसी प्रेम कहानी

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मध्यप्रदेश के श्योपुर में पत्नी ने पेट्रोल पंप पर तेल भरने वाले प्रेमी के लिए शिक्षक पति की हत्या कर दी. पत्नी खुद आंगनबाड़ी वर्कर है. बताया जा रहा है वह रोज उसी पेट्रोल पंप से होकर गुजरती थी, जहां उसका प्रेमी काम करता था. पति दोनों के बीच में रोड़ा बन रहा था, इसीलिए दोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी.

मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में एक शिक्षक की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी, जो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता है, ने अपने प्रेमी और उसके एक साथी के साथ मिलकर पति की हत्या की और सबूत मिटाने के इरादे से शव को खाई में फेंक दिया. पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है.

यह मामला कराहल थाना क्षेत्र का है, जहां 27 दिसंबर 2025 को नोनपुरा घाटी में एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी. शुरुआती तौर पर इसे सड़क दुर्घटना माना गया था, लेकिन पुलिस की गहन जांच ने इस कथित हादसे को सुनियोजित हत्या में बदल दिया. 27 दिसंबर को कराहल थाना पुलिस को सूचना मिली कि नोनपुरा घाटी में मोड़ के पास ढलान पर एक व्यक्ति का शव पड़ा है. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान शिक्षक रमाकांत पाठक के रूप में की. शव के पास उनकी मोटरसाइकिल भी गिरी हुई थी, जिससे प्रथम दृष्टया मामला सड़क हादसे का प्रतीत हो रहा था. पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कराया और प्रारंभिक जांच शुरू की. हालांकि घटनास्थल की परिस्थितियां, चोटों का स्वरूप और बाइक की स्थिति को देखते हुए पुलिस को संदेह हुआ कि मामला सामान्य दुर्घटना नहीं है.

थाना प्रभारी यास्मीन खान के नेतृत्व में गठित टीम ने घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण किया. पुलिस को यह समझ में आया कि जिस तरह से शव और बाइक खाई में पड़े थे, वह किसी सामान्य सड़क हादसे से मेल नहीं खा रहा था. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया. मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, लोकेशन हिस्ट्री और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई. जांच आगे बढ़ने पर पुलिस का ध्यान मृतक की पत्नी साधना शर्मा की ओर गया.

पुलिस ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता साधना शर्मा को पूछताछ के लिए बुलाया. प्रारंभ में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्य सामने रखे, तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी. कड़ी पूछताछ के दौरान साधना ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया और हत्या की साजिश का पूरा विवरण पुलिस को बताया.

पुलिस जांच में सामने आया कि साधना शर्मा का मनीष जाटव (24 वर्ष) नाम के युवक से प्रेम प्रसंग था. मनीष एक पेट्रोल पंप पर काम करता था, जो मृतक शिक्षक रमाकांत पाठक के घर के पास स्थित है. साधना रोजाना आंगनबाड़ी केंद्र जाने के लिए उसी रास्ते से गुजरती थी. इसी दौरान करीब डेढ़ साल पहले साधना और मनीष की पहचान हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई. समय के साथ साधना और मनीष के बीच नजदीकियां बढ़ती गईं. इस दौरान रमाकांत पाठक को पत्नी के व्यवहार पर शक होने लगा था. वह इस रिश्ते का विरोध कर रहा था, जिससे साधना और मनीष के बीच तनाव बढ़ने लगा. इसी तनाव के चलते दोनों ने रमाकांत को रास्ते से हटाने की योजना बना ली.

पुलिस के अनुसार, साधना और मनीष ने करीब डेढ़ महीने पहले हत्या की साजिश रच ली थी. इस योजना में मनीष ने अपने दोस्त सतनाम को भी शामिल किया. योजना के तहत मनीष ने पहले रमाकांत से दोस्ती बढ़ाई. चूंकि रमाकांत अक्सर उसी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने आता था, इसलिए दोनों के बीच बातचीत होने लगी और मनीष ने उसका भरोसा जीत लिया. घटना वाले दिन मनीष और सतनाम ने रमाकांत को बाइक से घूमने चलने का प्रस्ताव दिया. रमाकांत बिना किसी संदेह के उनके साथ निकल गया. तीनों पहले पेट्रोल पंप पहुंचे, जहां रमाकांत की बाइक खड़ी की गई. इसके बाद तीनों एक कार में बैठकर नोनपुरा घाटी की ओर रवाना हुए. घाटी के सुनसान इलाके में पहुंचने के बाद मनीष और सतनाम ने मिलकर रमाकांत की हत्या कर दी.

हत्या के बाद दोनों आरोपी कार से वापस पेट्रोल पंप पहुंचे और रमाकांत की बाइक लेकर दोबारा घाटी पहुंचे. वहां उन्होंने शव और बाइक दोनों को खाई में नीचे फेंक दिया, ताकि यह मामला सड़क दुर्घटना प्रतीत हो. इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. पुलिस जांच में अहम सुराग सीसीटीवी फुटेज से मिला. पेट्रोल पंप और आसपास के इलाकों में लगे कैमरों में रमाकांत, मनीष और सतनाम को एक साथ देखा गया. इसके अलावा घटना के समय कार की आवाजाही भी कैमरों में कैद हुई थी. इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मनीष और सतनाम को हिरासत में लिया.

ENTERTAINMENT : ‘आपका तानसेन बेसुरा है’, यूजर ने किया ट्रोल, तो कपिल शर्मा ने दिया ये जवाब

कॉमेडियन कपिल शर्मा अपने रियलिटी शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ को लेकर चर्चाओं में बने रहते है. बीते एपिसोड में विश्व कप विनर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी और कोच अमोल मजूमदार नजर आए थे.कॉमेडियन और एक्टर कपिल शर्मा हमेशा ही सुर्खियों में रहते हैं. इसके अलावा अक्सर विवादों में भी उनका नाम आ ही जाता है. अब एक बार फिर कॉमेडियन सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स के निशाने पर आ गए. ये मामला भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कोच अमोल मजूमदार और एक्टर शाहरुख खान से जुड़ा हुआ है.

गौरतलब है कि कपिल शर्मा इन दिनों अपनी फिल्म किस किस को प्यार करूं 2 की रिलीज के बाद से अपने रियलिटी शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ के नए सीजन को लेकर चर्चाओं में बने हुए हैं. हाल ही में टेलीकास्ट हुए शो में विश्व कप विनर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी और कोच अमोल मजूमदार नजर आए थे.शो के दौरान कपिल शर्मा ने कोच अमोल मजूमदार की तारीफ करते हुए उनकी तुलना फिल्म ‘चक दे इंडिया’ के शाहरुख खान से कर दी. इस फिल्म में शाहरुख खान ने कोच कबीर खान का किरदार प्ले किया था, जो महिला हॉकी टीम को विश्व विजेता बनाता है.

एपिसोड में कपिल शर्मा, अमोल से पूछते हैं, ‘क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने के बाद बाहर आपको लोग सोशल मीडिया पर ‘चक दे इंडिया’ के शाहरुख खान बोल रहे हैं? आप भी बहुत हैंडसम हैं. क्या आपको शाहरुख जैसा महसूस होता है?’ इस पर कोच अमोल मुस्कुराते हुए जवाब देते हैं, ‘नहीं, ‘चक दे इंडिया’ जैसा नहीं लग रहा.’

एक यूजर ने कपिल के बयान पर आपत्ति जताते हुए पोस्ट किया, ‘कपिल शर्मा को पता होना चाहिए कि असली हीरो मीर रंजन नेगी थे, न कि फिल्मी हीरो कबीर खान. काश अमोल मजूमदार ने इस मसखरे की सच्चाई जान ली होती.’यूजर के इस बयान पर कपिल शर्मा ने जवाब दिया, ‘महोदय मैंने कबीर खान कब कहा? मैंने शाहरुख खान कहा था और वो भी मजाकिया अंदाज में जो आप कभी नहीं समझेंगे क्योंकि आपका तानसेन तो बेसुरा है. खैर नए साल की शुभकामनाएं. खुश रहें और खुशियां फैलाएं.’

वहीं इस ट्वीट के बाद कपिल शर्मा को कई लोगों का सपोर्ट मिला. एक यूजर ने लिखा, ‘कपिल भाई, आप खुशियां फैलाते हैं, ऐसे जोकरों को नजरअंदाज़ करें. इससे आपको कोई फायदा नहीं होगा, बस आप फालतू की बहस में फंस जाएंगे.’ इस पर कपिल ने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘मैं जानता हूं, मैं उस समय टॉयलेट में बैठा था. कुछ अलग से समय नहीं निकला मैंने इनको उत्तर देने के लिए. हाहाहा, आपको भी नया साल मुबारक हो सर.’

BHAKTI : कल से शुरू हो रहा है माघ मेला, नोट करें पवित्र स्नान की सभी तारीखें

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माघ मेला केवल एक मेला नहीं, बल्कि आस्था, साधना और सनातन परंपरा का प्रतीक है. पुराणों के अनुसार माघ मास को “देव मास” भी कहा गया है. इस दौरान संगम में किया गया स्नान, गंगा जल के समान पुण्यकारी माना जाता है.

हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है. इस महीने में किया गया स्नान, दान, जप और तप व्यक्ति को विशेष आध्यात्मिक फल मिलता है. इसी कारण उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हर वर्ष माघ माह के दौरान भव्य माघ मेले का आयोजन किया जाता है. त्रिवेणी संगम (जहां गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम होता है) के तट पर लगने वाला यह मेला आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम होता है. माघ मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु, साधु-संत और कल्पवासी संगम में पवित्र स्नान के लिए पहुंचते हैं. धार्मिक मान्यता है कि माघ मास में संगम स्नान करने से अक्षय पुण्य, पापों से मुक्ति और आत्मिक शुद्धि प्राप्त होती है. साल 2026 में माघ मेला 3 जनवरी से आरंभ होकर 15 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा.

हालांकि माघ मास का पूरा समय स्नान दान के लिए शुभ माना जाता है, लेकिन माघ मेले में कुछ विशेष तिथियां ऐसी होती हैं, जिनका धार्मिक महत्व अत्यधिक होता है. इस वर्ष माघ मेले में 6 मुख्य स्नान पर्व पड़ेंगे:

दूसरा मुख्य स्नान: मकर संक्रांति – 14 जनवरी 2026

तीसरा मुख्य स्नान: मौनी अमावस्या – 18 जनवरी 2026

चौथा मुख्य स्नान: बसंत पंचमी – 23 जनवरी 2026

पांचवां मुख्य स्नान: माघी पूर्णिमा – 1 फरवरी 2026

छठा मुख्य स्नान: महाशिवरात्रि – 15 फरवरी 2026

मौनी अमावस्या का विशेष महत्व

माघ मेले का सबसे प्रमुख और पुण्यकारी स्नान मौनी अमावस्या के दिन माना जाता है. इस दिन संगम तट पर श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ देखने को मिलती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मौनी अमावस्या पर मौन रहकर किया गया स्नान पापों का नाश, मानसिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है. वर्ष 2026 में यह शुभ स्नान 18 जनवरी को किया जाएगा.

हिंदू धर्म में स्नान-दान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए ब्रह्म मुहूर्त को सर्वोत्तम समय माना गया है. ब्रह्म मुहूर्त का समय सुबह 4:00 बजे से 5:30 बजे तक रहता है. इस समय संगम में स्नान करने से स्नान का फल कई गुना बढ़ जाता है. श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे इसी समय में पवित्र डुबकी लगाएं.

ENTERTAINMENT : अशनूर कौर ने दिखाया अपना लग्जरी घर, Hi-Tech किचन देख फैंस हुए शॉक्ड, बोले- ‘ये तो तान्या से भी अमीर निकली’

19 साल की अशनूर कौर ने अपने घर का एक ‘हाउस टूर’ वीडियो शेयर किया है. उनके इस घर को देखकर हर कोई दंग है. इसे देख फैंस कह रहे हैं कि वह तान्या मित्तल से भी ज्यादा अमीर निकलीं.

रियलिटी शो ‘बिग बॉस 19’ खत्म होने के बाद भी चर्चे में है. वजह इसके कंटेस्टेंट्स की लग्जरी लाइफ स्टाइल. बता दें कि कि हाल में शो की कंटेस्टेंट्स रहीं तान्या मित्तल ने अपने ग्वालियर वाले घर की झलक दिखाई थी.अब उनके बाद अशनूर कौर ने अपने मुंबई वाले घर का ‘हाउस टूर’ वीडियो शेयर कर सभी को हैरान कर दिया. उनके घर की डेकोरेशन और कीमती सामान देख कर उन्हें तान्या मित्तल से ज्यादा अमीर बता रहे हैं.

बता दें कि हाल ही में 19 साल की अशनूर कौर ने मुंबई में एक आलीशान 3.5 BHK हाई-राइज फ्लैट खरीदी . इसकी कीमत करीब 4 करोड़ रुपये बताई जा रही है. यह एक्ट्रेस का सपनों का घर है, जिसे उन्होंने अपने हाथों से सजाया है. खास बात ये है कि ऐश्वर्या ने अपने घर को अपनी मां के साथ मिलकर खुद डिजाइन किया है .

अशनूर कौर के घर की सबसे खूबसूरत जगह उसका लिविंग रूम है. यहां एक बड़े गोल्डन टेम्पल का पेंटिंग रखा गया है जो घर में पॉजिटिविटी का माहौल बनाता है. इस कमरे में स्मार्ट लाइट स्विच हैं जिनकी मदद से वह अपने फोन से लाइट्स को कंट्रोल कर सकती हैं.

अगर वह मन करे तो लाइट्स को पिंक या किसी और रंग में बदल सकती हैं. इसके अलावा लिविंग रूम में एक बड़ा गोल्डन ग्लास चैंडलियर और कई आर्ट पीस रखे गए हैं जो घर की खूबसूरती को और बढ़ाते हैं.घर के किचन में अशनूर कौर ने कुछ यूनिक चीजें भी जोड़ी हैं. यहां एक आइस-मेकर फ्रिज है, जिसमें क्यूब्स, फ्लेकी आइस और ठंडा पानी भी मिल सकता है. किचन के फ्रिज पर एक मेमोरी वॉल है जिस पर उन्होंने अपने अब तक के जर्नी के यादगार देशों के मैग्नेट लगाए हैं.

घर में एक ग्लास-डोर वॉक-इन क्लोजेट भी है. इसमें अशनूर कौर के पास महंगे बैग्स, परफ्यूम्स, सनग्लासेस और स्नीकर्स की एक बड़ी कलेक्शन है. उनके बेडरूम की सजावट भी बेहद शानदार है. व्हाइट और गोल्ड के रंगों का इस्तेमाल किया गया है. इस कमरे में एक ट्रांसपेरेंट स्विंग भी है जिसे अशनूर कौर खासतौर पर आराम के लिए इस्तेमाल करती हैं.

इस आलीशान घर में अशनूर कौर के पास एक बैलकनी भी है.जहां से वह समुद्र और सूर्यास्त का दृश्य देख सकती हैं. अशनूर कौर ने इस घर में करीब दो साल से रहना शुरू किया है और उन्होंने बताया कि वह घर में ज्यादातर समय बिताना पसंद करती हैं.

बता दें कि अशनूर कौर ने अपने करियर की शुरुआत 2009 में ‘झांसी की रानी’ जैसे टीवी शो से की थी. इसके बाद उन्होंने कई हिट शो में काम किया. उन्हें हाल ही में ‘बिग बॉस 19’ में देखा गया. इस शो में उन्हें काफी पसंद किया गया.

ENTERTAINMNET : नए साल पर 4 महीने के बेटे के संग झूमकर नाचीं गौहर खान ….

बॉलीवुड से लेकर टीवी इंडस्ट्री तक न्यू ईयर के जश्न में डूबा हुआ है. एक्ट्रेस ने नए साल के मौके पर अपने बेटे की झलक दिखाई है. वीडियो में एक्ट्रेस बेटे के संग डांस करते हुए जेन बीटा को सलाह दे रही हैं.देशभर के लोग न्यू ईयर सेलिब्रेशन में डूबे हुए हैं. वहीं फिल्मी और टीवी सेलेब्स भी पीछे नहीं हैं. इसी बीच गौहर खान ने 2025 का आखिरी दिन परिवार के संग सेलिब्रेट किया. गौहर ने एक फैमिली फंक्शन की तस्वीर शेयर की, जिसमें वो संगीत में दिल खोलकर नाचते हुए दिखाई दे रही हैं.

इंस्टाग्राम स्टोरीज पर गौहर ने परिवार के संग शेयर किया हुआ एक वीडियो रीपोस्ट किया. वीडियो में, एक्ट्रेस एक खूबसूरत सूट पहने हुए मंच पर चढ़ती दिख रही हैं. इतना ही नहीं वो फेमस सॉन्ग गल बन गई की धुन पर थिरक रही हैं. वीडियो पर लिखा था,’सबसे प्यारी गौहर बाजी का डांस.’ गौहर ने इस वीडियो को परिवार कैप्शन और एक लाल दिल वाले इमोजी के संग दोबारा पोस्ट किया.

गौहर का एक और वीडियो सामने आया है जिसमें वो अपने बेटे से बातें करती दिख रही हैं.इतना ही नहीं वीडियो को शेयर करते हुए लिखा,’मम्मी की तरह से जेन बीटा बच्चे को दी जाने वाली एडवाइस.’ गौहर ‘हम हैं नए अंदाज क्यों हो पुराना’ पर बैठे हुए डांस कर रही हैं और फिर बेटे को गोद में ले लेती हैं.

ये कोई पहला मौका नहीं था जब गौहर ने अचानक से परफॉर्मेंस देकर हर किसी को चौंका दिया. इससे पहले बेटे के जन्म के एक महीने बाद ही एक्ट्रेस ने करण औजला के सॉन्ग फॉर ए रीजन पर जमकर डांस किया था. वो वीडियो भी खूब वायरल हुआ था. मालूम हो गौहर खान और जैद दरबार ने इंस्टाग्राम पर अपने दूसरे बच्चे के जन्म की खुशखबरी शेयर की थी.हो एक्ट्रेस के दूसरे बेटे का जन्म 1 सितंबर 2025 को हुआ था. इससे पहले 2023 में एक्ट्रेस ने अपने बड़े बेटे जेहान का स्वागत किया था. गौहर ने 2020 में जैद संग शादी की थी. इन दिनों बेशक गौहर किसी प्रोजेक्ट में नजर नहीं आ रही हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर खासा एक्टिव रहती हैं.

NATIONAL : पटना जंक्शन पर कारोबारी से 22 लाख से ज्यादा की लूट, पुलिस की वर्दी में आए 2 आरोपी गिरफ्तार

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पटना जंक्शन पर सोना कारोबारी से 22.50 लाख की लूट को अंजाम दिया गया. आरोपी बदमाश पुलिस की वर्दी में आए थे. पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर लूट कांड का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस घटना ने स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. यह घटना सोमवार (29 दिसंबर) रात की है. घटना के बाद पीड़ित कारोबारी धीरज कुमार ने इस संबंध में जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के बाद रेल पुलिस ने दोनों बदमाशों को पकड़ लिया है. दोनों के पास से 19 लाख कैश भी बरामद हुआ है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों का नाम दीपक झा और राजा कुमार हैं.

पूछताछ में खुलासा हुआ है कि दोनों पटना जंक्शन पर ही पानी का कारोबार करते थे. उसी की आड़ में छिनतई और धोखाधड़ी जैसे अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने लगे. कारोबारी धीरज कुमार द्वारा जीआरपी थाने में दी गई शिकायत में बताया कि उन्होंने अपने साले दीपक कुमार को वैशाली से पटना के बाकरगंज स्थित राज टंच के मालिक संतोष देवकर के पास चांदी के गहने देने भेजा था.

गहने सौंपने के बाद दीपक एक बैग में 22.50 लाख रुपये लेकर पटना जंक्शन लौट रहा था. इसी दौरान पुलिस की वर्दी में एक व्यक्ति दीपक के पास पहुंचा और शाम होने का हवाला देते हुए बैग की जांच के नाम पर उसे जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से प्लेटफॉर्म नंबर-6 तक ले गया.

इसके बाद बदमाश उसे प्लेटफॉर्म नंबर-7 पर खड़ी ट्रेन की एक खाली बोगी में ले गए. वहां पहले से एक अन्य आरोपी मौजूद था. बदमाशों ने दीपक को डरा-धमकाकर बैग की तलाशी ली और उसमें रखे 22.50 लाख रुपये निकालकर फरार हो गए.

रेल एसपी इनामुल हक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजा और दीपक झा के रूप में हुई है. दीपक झा खुसरूपुर का रहने वाला है, जबकि राजा करबिगहिया इलाके का निवासी है. दोनों पिछले तीन महीनों से पटना जंक्शन पर पानी बेचने का काम कर रहे थे और करबिगहिया इलाके में किराए के कमरे में रह रहे थे.

घटना की रात पीड़ित के पास बैग देखकर आरोपियों को शक हुआ कि वह शराब ले जा रहा है. इसी बहाने दोनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए पीड़ित को बरगलाया और प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन की बोगी में ले गए. वहां डरा-धमकाकर बैग से रुपये निकाल लिए.

आरोपी पुलिस की खाकी जैकेट पहने हुए थे और मोबाइल में जीआरपी थानेदार के नाम से नंबर सेव कर रखा था, जिससे पीड़ित को डराया गया. पुलिस ने राजा के पास से 9 लाख और दीपक के पास से 10 लाख रुपये बरामद किए हैं. शेष रकम की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है. रकम ज्यादा होने के कारण इनकम टैक्स विभाग को भी सूचना दे दी गई है, जो अपने स्तर से जांच कर रहा है.

BUSINESS : LPG-PNG से लेकर यूपीआई तक… आज से हो गए ये पांच बड़े बदलाव, आपकी जेब के ऊपर डालेंगे सीधा असर

बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट से जुड़े नियमों में भी बदलाव लागू हो गए हैं. 1 जनवरी 2026 से यूपीआई और अन्य डिजिटल लेनदेन के नियम पहले से ज्यादा सख्त कर दिए गए हैं, ताकि ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम लगाई जा सके.नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई अहम नियमों में बदलाव हो गए हैं, जिनका सीधा असर जेब पर पड़ने वाला है. इन बदलावों में एलपीजी गैस की कीमतों से लेकर कारों के दाम, बैंकिंग नियम, यूपीआई, सिम वेरिफिकेशन और सरकारी योजनाएं तक शामिल हैं. जहां एक ओर नया साल नई उम्मीदें लेकर आया है, वहीं दूसरी ओर कुछ फैसलों से खर्च भी बढ़ गया है.

सबसे पहले एलपीजी सिलेंडर की बात करें तो 1 जनवरी 2026 से 19 किलो वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 111 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी गई है. दिल्ली में यह सिलेंडर अब 1580.50 रुपये से बढ़कर 1691.50 रुपये का हो गया है. कोलकाता में इसकी कीमत 1684 रुपये से बढ़कर 1795 रुपये, चेन्नई में 1739.50 रुपये से बढ़कर 1849.50 रुपये और मुंबई में 1531.50 रुपये से बढ़कर 1642.50 रुपये हो गई है. इससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों की लागत बढ़ने की संभावना है.

नए साल की शुरुआत पर इन्द्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने अपने उपभोक्ताओं को राहत दी है. कंपनी ने घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की कीमतों में प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर 70 पैसे तक की कटौती करने का ऐलान किया है. इस कटौती के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पीएनजी की नई कीमत घटकर 47.89 रुपये प्रति एससीएम हो गई है.

इस फैसले से खास तौर पर शहरी घरों को फायदा मिलेगा, जहां बड़ी संख्या में लोग खाना पकाने के लिए पीएनजी का इस्तेमाल करते हैं. बढ़ती महंगाई के बीच गैस की कीमतों में आई यह कमी घरेलू बजट पर बोझ कम करने में मददगार साबित हो सकती है और उपभोक्ताओं के लिए नए साल की एक सकारात्मक शुरुआत मानी जा रही है.

नए साल के साथ ही कार खरीदना भी महंगा हो गया है. 1 जनवरी 2026 से कई ऑटो कंपनियों ने अपने वाहनों की कीमतों में इजाफा कर दिया है. बीएमडब्ल्यू, रेनॉल्ट और निसान ने अपनी गाड़ियों के दाम 3,000 रुपये से लेकर तीन प्रतिशत तक बढ़ाने का ऐलान किया है. वहीं होंडा और टाटा मोटर्स ने भी कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं, जिससे 2026 मॉडल की कारें पिछले साल के मुकाबले ज्यादा महंगी पड़ सकती हैं.

बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट से जुड़े नियमों में भी बदलाव लागू हो गए हैं. 1 जनवरी 2026 से यूपीआई और अन्य डिजिटल लेनदेन के नियम पहले से ज्यादा सख्त कर दिए गए हैं, ताकि ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम लगाई जा सके. इसके साथ ही सिम कार्ड के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी कड़ी कर दी गई है. राहत की बात यह है कि एचडीएफसी बैंक, एसबीआई और पीएनबी समेत कई बैंकों ने लोन की ब्याज दरों में कटौती की घोषणा की है, जो नए साल से प्रभावी हो गई है.

इसके अलावा पीएम किसान सम्मान निधि योजना में भी कुछ अहम बदलाव किए गए हैं. उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में अब योजना का लाभ लेने के लिए यूनिक किसान आईडी अनिवार्य कर दी गई है. साथ ही, यदि जंगली जानवरों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचता है और 72 घंटे के भीतर उसकी रिपोर्ट दर्ज कराई जाती है, तो अब उस नुकसान की भरपाई भी योजना के तहत की जा सकेगी.

आठवें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारियों के लिए नया साल अहम साबित हुआ है. सातवें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया था, जिसके बाद 1 जनवरी 2026 से आठवां वेतन आयोग औपचारिक रूप से लागू हो चुका है. लंबे समय से इसका इंतजार किया जा रहा था, क्योंकि इससे वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी की उम्मीद जुड़ी हुई है.

हालांकि जानकारों के मुताबिक, फिलहाल इसका असर सिर्फ कागजी प्रक्रिया तक सीमित रहेगा. यानी कर्मचारियों की बढ़ी हुई सैलरी और भत्तों का रिकॉर्ड तो तैयार किया जाएगा, लेकिन वास्तविक रूप से बढ़ा हुआ वेतन और एरियर मिलने में अभी कुछ समय लग सकता है. सरकार की ओर से नई वेतन संरचना, फिटमेंट फैक्टर और भत्तों को लेकर अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद ही इसका लाभ सीधे कर्मचारियों और पेंशनधारियों को मिल पाएगा. ऐसे में फिलहाल सभी को थोड़े और इंतजार के लिए तैयार रहना होगा.

कुल मिलाकर, 1 जनवरी 2026 से लागू हुए ये बदलाव जहां कुछ मामलों में राहत लेकर आए हैं, वहीं कई मोर्चों पर आम आदमी का खर्च बढ़ने वाला है. ऐसे में नए साल की शुरुआत के साथ इन नियमों को समझना और उसी हिसाब से वित्तीय योजना बनाना बेहद जरूरी हो गया है.

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