Sunday, September 27, 2026
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Uttar pradesh news : नहीं चलेगी टैक्सी की मनमानी, बुकिंग कैंसिल करने पर जुर्माना, सरकारी नियमों के दायरे में आएंगी

उत्तर प्रदेश सरकार ने ओला-उबर जैसी एप आधारित टैक्सी सेवाओं के लिए नई नियमावली का ड्राफ्ट जारी किया है. अब रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस, चालक प्रशिक्षण और पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा. उत्तर प्रदेश सरकार ने ओला, उबर जैसी एप आधारित टैक्सी सेवाओं को नियमों के दायरे में लाने की तैयारी कर ली है. सरकार ने साफ कर दिया है कि अब बिना पंजीकरण और लाइसेंस के कोई भी एप आधारित टैक्सी सेवा संचालित नहीं हो सकेगी. इसके लिए सरकार ने मोटरयान समूह व वितरण सेवा प्रदाता नियमावली-2026 को मंजूरी दी है.

सरकार का कहना है कि इन नए नियमों का मकसद यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना, टैक्सी सेवाओं को व्यवस्थित करना और चालक व यात्रियों दोनों के हितों की रक्षा करना है. राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली-1998 में संशोधन करते हुए नई नियमावली का ड्राफ्ट अधिसूचित कर दिया है. इस ड्राफ्ट पर आम लोगों, टैक्सी कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं.

सरकार का कहना है कि सभी सुझावों पर विचार करने के बाद नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा. इसके बाद प्रदेश में चलने वाली सभी एप आधारित टैक्सी सेवाओं को इन्हीं नियमों के तहत काम करना होगा. नई व्यवस्था के अनुसार कोई भी टैक्सी सेवा बिना रजिस्ट्रेशन, वाहन फिटनेस और चालक के दस्तावेजों के नहीं चल सकेगी. इसके साथ ही चालक का मेडिकल परीक्षण और पुलिस सत्यापन भी अनिवार्य होगा.

अगर कोई सेवा प्रदाता या चालक इन नियमों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. सरकार का मानना है कि इससे अवैध रूप से चल रही टैक्सी सेवाओं पर रोक लगेगी और यात्रियों को सुरक्षित सफर मिलेगा. नई नियमावली में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए खास प्रावधान किया गया है. अगर कोई चालक बुकिंग स्वीकार करने के बाद बिना वैध कारण के उसे रद्द कर देता है तो उस पर किराए का 10 प्रतिशत या अधिकतम 100 रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा.

साथ ही अगली बुकिंग में यात्री को किराए में रियायत भी दी जाएगी. सरकार का मानना है कि इससे बार-बार बुकिंग रद्द करने की समस्या कम होगी. सरकार ने टैक्सी चालकों के लिए 40 घंटे का प्रशिक्षण कार्यक्रम भी अनिवार्य कर दिया है. इस प्रशिक्षण में एप का सही उपयोग, मोटरयान नियम, सुरक्षित ड्राइविंग, यात्रियों से व्यवहार और सड़क दुर्घटना की स्थिति में आपात सहायता जैसे विषय शामिल होंगे. अगर किसी चालक की रेटिंग पांच प्रतिशत से कम हो जाती है तो उसे हर तीन महीने में फिर से प्रशिक्षण लेना होगा.

नई नीति के अनुसार टैक्सी चालक बनने के लिए कम से कम दो साल का ड्राइविंग अनुभव होना जरूरी होगा. इसके अलावा पिछले तीन वर्षों में किसी भी अपराध में दोषी पाए गए व्यक्ति को चालक बनने की अनुमति नहीं मिलेगी. सभी चालकों का पुलिस द्वारा चरित्र सत्यापन भी कराया जाएगा. सरकार ने चालक और यात्रियों दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई प्रावधान किए हैं. हर चालक के पास कम से कम पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा होना अनिवार्य होगा.

महिलाओं की सुरक्षा के लिए एप में महिला चालक का विकल्प भी दिया जाएगा. यात्रा के दौरान यात्री अपनी लाइव लोकेशन परिवार या परिचितों के साथ साझा कर सकेंगे और सभी वाहनों में ट्रैकिंग सिस्टम सक्रिय रहेगा. यदि चालक तय रास्ते से हटता है तो तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट मिल जाएगा. नई नीति में प्रदूषण को कम करने पर भी खास जोर दिया गया है. एनसीआर क्षेत्र में अब केवल सीएनजी या इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा ही जोड़े जा सकेंगे. चार पहिया हल्के वाणिज्यिक वाहन, हल्के मालवाहक वाहन और दोपहिया श्रेणी में पेट्रोल या डीजल से चलने वाले नए वाहनों को शामिल नहीं किया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे प्रदूषण पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी और साफ-सुथरा परिवहन तंत्र विकसित होगा.

Business : सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, खरीदारी का मौका. जानें आज कितना सस्ता हो गया रेट

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सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. आज यानी 14 मार्च को अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है. सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. आज यानी 14 मार्च को अंतरराष्ट्रीय बाजार (COMEX) में इन बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है.

आंकड़ों की बात करें तो, COMEX पर गोल्ड की कीमत फिसलकर 5,023 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है. वहीं चांदी 80.645 डॉलर प्रति औंस के लेवल पर पहुंची है. पिछले दिनों की तुलना में इनमें गिरावट दर्ज की जा रही है. आइए जानते हैं, आपके शहर में आज इन्हें खरीदने के लिए कितना खर्च करना होगा. दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में 10 ग्राम चांदी आज 2,750 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 27,500 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 2,800 रुपये चल रही है.

आपके शहर में सोने का भाव

दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,59,810 रुपए
22 कैरेट – 1,46,500 रुपए
18 कैरेट – 1,19,890 रुपए

मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,59,660 रुपए
22 कैरेट – 1,46,350 रुपए
18 कैरेट – 1,19,740 रुपए

चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,61,020 रुपए
22 कैरेट – 1,47,600 रुपए
18 कैरेट – 1,24,000 रुपए

कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,59,660 रुपए
22 कैरेट – 1,46,350 रुपए
18 कैरेट – 1,19,740 रुपए

अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,59,710 रुपए
22 कैरेट – 1,46,400 रुपए
18 कैरेट – 1,19,790 रुपए

लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,59,810 रुपए
22 कैरेट – 1,46,500 रुपए
18 कैरेट – 1,19,890 रुपए

पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,59,710 रुपए
22 कैरेट – 1,46,400 रुपए
18 कैरेट – 1,19,790 रुपए

हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,59,660 रुपए
22 कैरेट – 1,46,350 रुपए
18 कैरेट – 1,19,740 रुपए

भारत में सोना सिर्फ निवेश का एक साधन नहीं है, बल्कि यह लोगों की परंपराओं और भावनाओं से भी गहराई से जुड़ा हुआ है. शादी-ब्याह, त्योहार और खास मौकों पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है. कई परिवारों में पीढ़ियों से सोना संभालकर रखने की परंपरा भी रही है. जिसे एक तरह की सुरक्षा और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक सोने को भरोसेमंद संपत्ति के रूप में देखा जाता है. जब भी आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, लोग अक्सर सोने की ओर रुख करते हैं. यही वजह है कि भारत में सोना सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि संस्कृति, विश्वास और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा हुआ माना जाता है.

National : ईरान का ‘कर्रार’ ड्रोन क्या है? जेट इंजन वाला यह हथियार क्यों बना अमेरिका के लिए बड़ा खतरा, जानें

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ईरान का नया कर्रार ड्रोन अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है. जानिए इसकी खासियत. आखिर क्यों इसे माना जा रहा है खतरनाक हथियार? मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान का एक खास ड्रोन चर्चा में है. इस ड्रोन का नाम कर्रार UAV है. यह एक जेट-पावर्ड मल्टी-पर्पस ड्रोन है, जो इंटरसेप्टर, बॉम्बर और सुसाइड ड्रोन तीनों तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है. इसकी तेज गति और मारक क्षमता के कारण इसे खाड़ी क्षेत्र में तैनात अमेरिका के सैन्य ठिकानों के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है.

Army technology की रिपोर्ट के मुताबिक कर्रार ड्रोन को 2010 में पहली बार सार्वजनिक रूप से पेश किया गया था. इसे ईरान के रक्षा उद्योग की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है. यह ईरान का पहला स्वदेशी जेट इंजन वाला ड्रोन है और देश की एंटी-एक्सेस/एरिया डिनायल सैन्य रणनीति का अहम हिस्सा बन चुका है. इसकी गति और संचालन क्षमता इसे पारंपरिक प्रोपेलर वाले ड्रोनों से अलग बनाती है और यह दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम के लिए मुश्किल लक्ष्य बन जाता है.

कर्रार ड्रोन की कई ऐसी तकनीकी खूबियां हैं, जो इसे युद्ध के मैदान में खतरनाक बनाती हैं. इसकी रेंज लगभग 1,000 किलोमीटर बताई जाती है. वन-वे या सुसाइड मिशन में इसकी पहुंच इससे भी ज्यादा हो सकती है. जेट टर्बो इंजन की वजह से यह लगभग 900 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है. यह करीब 250 से 500 किलोग्राम तक हथियार या विस्फोटक ले जा सकता है. इसमें कौसर एंटी-शिप मिसाइल और अजरखश हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल जैसे हथियार लगाए जा सकते हैं. इसे रनवे की जरूरत नहीं होती. इसे रॉकेट बूस्टर के साथ रेल लॉन्चर से उड़ाया जाता है और मिशन पूरा होने के बाद पैराशूट से उतारा जा सकता है.

कर्रार ड्रोन कम लागत में ज्यादा मारक क्षमता वाला हथियार है. इसका नया वर्जन मजीद मिसाइल से लैस बताया जाता है, जिससे यह हवा में ही दुश्मन के विमान या ड्रोन को निशाना बना सकता है. इतना ही नहीं, इसकी तेज गति और सुसाइड अटैक मोड इसे कई मामलों में क्रूज मिसाइल जैसा बना देता है. अगर इसे बड़ी संख्या में एक साथ यानी स्वार्म में इस्तेमाल किया जाए तो यह दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को भ्रमित और कमजोर कर सकता है. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों के बीच कर्रार जैसे ड्रोन ईरान की रक्षा रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. यह भविष्य के युद्धों में ऐसे ड्रोन कम लागत में बड़े सैन्य प्रभाव डाल सकते हैं.

Bollywood : काफी सीरियस है अनुराग डोभाल की हालत, मैनेजर ने पोस्ट कर दिया हेल्थ अपडेट, बोले- ‘उनके लिए दुआ करें’

अनुराग डोभाल की हालत अचानक बिगड़ गई है. उनके मैनेजर ने हेल्थ अपडेट देते हुए बताया कि एक्सीडेंट के कारण उनके फेफड़ों को चोट लगी है और उन्हें गंभीर बीमारी हो गई है. यूट्यूबर और बिग बॉस 17 फेम अनुराग डोभाल के हेल्थ को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है. बीते दिन उनके मैनेजर रोहित पांडे ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर बताया था कि उनकी हालत अब ठीक हो रही है और उन्हें आईसीयू से बाहर शिफ्ट कर दिया गया है. जिसके बाद फैंस ने थोड़ी राहत की सांस ली और उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना करने लगे. इसी बीच आज रोहित ने एक और स्टोरी शेयर कर बताया कि उनकी हालत अचानक बिगड़ गई है.

अनुराग के मैनेजर ने एक नई स्टोरी पोस्ट करते हुए बताया कि ‘अनुराग भाई की हालत पहले स्थिर थी, लेकिन अब गंभीर हो गई है. एक्सीडेंट के कारण उनके फेफड़े को बहुत नुकसान हुआ है, जिससे उन्हें गंभीर बीमारी यानी निमोनिया हो गया है. वह फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में हैं. हम आप सभी से अनुरोध करते हैं कि उनके लिए प्रार्थना करें.’ इस पोस्ट के सामने आते ही फैंस के बीच चिंता बढ़ गई और सभी उनके लिए दुआ करने लगे हैं. इसके अलावा बीते दिन उनकी पत्नी ऋतिका ने भी अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर खुद के बारे में बताते हुए लिखा था कि उन्हें पैसे और शोहरत से कोई मतलब नहीं है, उनके लिए धर्म और कर्म ही सबसे जरूरी है.

बता दें, बीते कुछ समय से वो अपने परिवार से परेशान थे, जिसे लेकर उन्होंने एक आखिरी वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया था. उन्होंने अपने परिवार पर आरोप लगाए थे कि इंटरफेथ शादी के बाद उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है. इसके बाद 7 मार्च को उन्होंने इंस्टाग्राम लाइव के समय अपनी SUV चलाते हुए अचानक फैंस के सामने आत्महत्या करने की कोशिश की थी. इस एक्सीडेंट में उन्हें गंभीर चोटें आई और उन्हें मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया गया. इसके अलावा, हाल ही में खबर आई कि अनुराग के पिता ने एक बयान जारी कर उन्हें परिवार से अलग कर दिया है.

World : ईरान-इजरायल जंग के बीच किम जोंग ने भी कर दिया धमाका! उत्तर कोरिया ने दागी मिसाइल, पड़ोसी देशों में हड़कंप

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यह प्रोजेक्टाइल परीक्षण ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच 9 मार्च से 19 मार्च तक वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास चल रहा है. उत्तर कोरिया ने शनिवार को एक संदिग्ध बैलिस्टिक प्रोजेक्टाइल दागकर एक बार फिर क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. यह प्रक्षेपण ऐसे समय हुआ है जब कुछ दिन पहले ही देश के नेता किम जोंग उन ने अपने नए युद्धपोत से क्रूज प्रोजेक्टाइल परीक्षण की निगरानी की थी. इस कदम को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है.

जापान के कोस्ट गार्ड के अनुसार दागा गया संदिग्ध बैलिस्टिक प्रोजेक्टाइल समुद्र में गिर गया. जापान के सार्वजनिक प्रसारक एनएचके ने रक्षा मंत्रालय के एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से बताया कि प्रोजेक्टाइल देश के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर समुद्री क्षेत्र में गिरी. यह प्रोजेक्टाइल परीक्षण ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच 9 मार्च से 19 मार्च तक वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास चल रहा है. उत्तर कोरिया लंबे समय से इन अभ्यासों का विरोध करता रहा है और इन्हें अपने खिलाफ युद्ध की तैयारी करार देता है.

हाल ही में प्योंगयांग ने अमेरिका से उसे परमाणु शक्ति संपन्न देश के रूप में मान्यता देने की मांग की थी. यह मांग पांच साल में पहली बार आयोजित सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की कांग्रेस के दौरान उठाई गई थी, जिसमें देश की सुरक्षा और परमाणु नीति पर भी चर्चा हुई. उत्तर कोरिया ने हाल ही में ईरान पर अमेरिका के हमले की भी कड़ी आलोचना की है. प्योंगयांग ने इस कार्रवाई को अमेरिका का ‘बेशर्म’ कदम बताते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी निंदा की.

Sports : विराट कोहली नहीं ये खिलाड़ी बना RCB का कप्तान, दिनेश कार्तिक ने चुनी ऑल-टाइम प्लेइंग 11

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आरसीबी के बल्लेबाजी कोच दिनेश कार्तिक ने आईपीएल 2026 से पहले अपनी ‘ऑल-टाइम इलेवन’ चुनकर सबको चौंका दिया है. कार्तिक ने विराट नहीं, बल्कि रजत पाटीदार को टीम का कप्तान चुना है.

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के पहले आरसीबी के बल्लेबाजी कोच दिनेश कार्तिक ने अपनी पसंदीदा ‘आरसीबी की ऑल-टाइम इलेवन’ चुना है. कार्तिक की इस टीम में साल 2025 की ऐतिहासिक खिताबी जीत का असर साफ नजर आया, जहां उन्होंने पुराने दिग्गजों की तुलना में मौजूदा चैंपियन खिलाड़ियों को अपनी टीम में जगह दी है. इस टीम का सबसे चौंकाने वाला फैसला कप्तानी को लेकर लिया है. कार्तिक ने अपनी टीम का कप्तान विराट कोहली को नहीं, बल्कि रजत पाटीदार को बनाया है. उन्होंने क्रिकबज पर कहा, ‘विराट कोहली ने कई सीजन तक टीम का नेतृत्व किया और सफल भी रहे, लेकिन रजत पाटीदार मेरे कप्तान होंगे. वे आरसीबी के सबसे सफल कप्तान हैं (खिताब जीतने के नाते) और बतौर बल्लेबाज उन्होंने बहुत कम समय में जो प्रभाव छोड़ा है, वो असाधारण है.’

दिनेश कार्तिक ने बल्लेबाजी में क्रिस गेल और फाफ डु प्लेसिस को बतौर ओपनर चुना है. इसका मतलब है कि आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले विराट कोहली को ओपनिंग स्लॉट से हटाकर नंबर 3 पर रखा है. नंबर 4 पर कप्तान रजत पाटीदार और नंबर 5 पर आरसीबी के लेजेंड एबी डिविलियर्स को जगह दी गई है. कार्तिक ने नंबर-6 पर जितेश शर्मा को बतौर विकेटकीपर चुना है, जिन्होंने आरसीबी के लिए महज एक सीजन खेला है, जबकि नंबर-7 पर ऑलराउंडर क्रुणाल पांड्या को रखा है. क्रुणाल के बारे में कार्तिक ने कहा, ‘अगर आज आरसीबी के पास ट्रॉफी है, तो उसका बड़ा श्रेय फाइनल में क्रुणाल की गेंदबाजी और सीएसके के खिलाफ उनके मैच जिताऊ प्रदर्शन को जाता है.’

दिनेश ने गेंदबाजी में हर्षल पटेल और युजवेंद्र चहल को उनके पुराने रिकॉर्ड्स के आधार पर चुना है. तेज गेंदबाजी में मोहम्मद सिराज को जगह दी गई है, तो नंबर-11 के रूप में जोश हेजलवुड ने टीम में जगह बनाई है, जिन्होंने आईपीएल 2025 की जीत में अहम भूमिका निभाई थी. क्रिस गेल, फाफ डु प्लेसिस, विराट कोहली, रजत पाटीदार (कप्तान), एबी डिविलियर्स, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), क्रुणाल पांड्या, हर्षल पटेल, मोहम्मद सिराज, युजवेंद्र चहल, जोश हेजलवुड.

Education : दुबई की यूनिवर्सिटी का बड़ा फैसला, स्प्रिंग ब्रेक के बाद कुछ छात्रों के लिए ऑनलाइन क्लास

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दुबई की मिडिलसेक्स यूनिवर्सिटी ने स्प्रिंग ब्रेक के बाद पढ़ाई को लेकर नई व्यवस्था घोषित की है. 23 मार्च से कैंपस पर कक्षाएं शुरू होंगी, लेकिन जो छात्र वापस नहीं आ पाएंगे उनके लिए 5 अप्रैल तक ऑनलाइन क्लास की सुविधा दी जाएगी.

दुनिया के कई देशों में बदलती परिस्थितियों के बीच शिक्षा व्यवस्था भी लगातार नए तरीके अपना रही है. इसी कड़ी में दुबई की एक यूनिवर्सिटी ने स्प्रिंग ब्रेक के बाद पढ़ाई को लेकर बड़ा फैसला लिया है. यूनिवर्सिटी ने घोषणा की है कि छुट्टियों के बाद कक्षाएं दो तरीके से चलेंगी कैंपस पर भी और ऑनलाइन भी. दुबई की मिडिलसेक्स यूनिवर्सिटी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए यह जानकारी दी. यूनिवर्सिटी ने बताया कि जिन छात्र-छात्राओं के लिए कैंपस लौटना संभव नहीं होगा, वे कुछ समय तक ऑनलाइन क्लास के जरिए पढ़ाई जारी रख सकेंगे.

यूनिवर्सिटी के अनुसार स्प्रिंग ब्रेक खत्म होने के बाद 23 मार्च से कैंपस पर कक्षाएं फिर से शुरू करने की योजना है. यानी जिन छात्र-छात्राओं के लिए यूनिवर्सिटी आना संभव है, वे सीधे कैंपस में पढ़ाई कर सकेंगे. लेकिन जिन छात्रों को किसी कारण से उस समय तक दुबई लौटने में परेशानी हो रही है, उनके लिए ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प भी रखा गया है. यह सुविधा 23 मार्च से 5 अप्रैल तक उपलब्ध रहेगी.

दरअसल शुक्रवार सुबह यूनिवर्सिटी की ओर से एक पोस्ट जारी की गई थी, जिसमें कहा गया था कि 23 मार्च से 5 अप्रैल तक सभी कक्षाएं पूरी तरह ऑनलाइन होंगी. इस घोषणा के बाद कई छात्रों और अभिभावकों के बीच सवाल उठने लगे कि क्या कैंपस पूरी तरह बंद रहेगा. बाद में यूनिवर्सिटी ने एक नया अपडेट जारी कर स्थिति साफ कर दी. नई जानकारी में बताया गया कि कैंपस पर कक्षाएं तय समय से शुरू होंगी, लेकिन जिन छात्रों के लिए आना संभव नहीं होगा, उन्हें ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा दी जाएगी. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों से कहा है कि वे अपनी ऑनलाइन क्लास नियमित रूप से अटेंड करें और समय-समय पर अपने स्टूडेंट ईमेल और यूनिवर्सिटी की वेबसाइट देखते रहें. प्रशासन ने यह भी कहा कि आगे की स्थिति के अनुसार जरूरत पड़ने पर नई जानकारी जारी की जा सकती है.

यूनिवर्सिटी ने अपने बयान में कहा कि छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा और स्वास्थ्य उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. यही कारण है कि पढ़ाई को जारी रखने के साथ-साथ सावधानी बरतने के लिए यह मिश्रित व्यवस्था अपनाई गई है. इस फैसले का मकसद यह है कि पढ़ाई भी प्रभावित न हो और छात्रों को सुरक्षित माहौल भी मिले. सरकार की ओर से पहले ही बताया गया था कि छुट्टियां खत्म होने के बाद 23 मार्च से फिर से पढ़ाई और कार्यालय का काम शुरू हो जाएगा. हालांकि कई संस्थान हालात को देखते हुए अलग-अलग व्यवस्थाएं अपना रहे हैं. कुछ जगहों पर पूरी तरह कैंपस क्लास शुरू होंगी, जबकि कुछ संस्थान ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प भी दे रहे हैं.

दरअसल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में पिछले कुछ समय से चल रहे संकट के कारण शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई है. हालात को देखते हुए सरकार ने पहले ही स्कूलों और यूनिवर्सिटियों की छुट्टियों में बदलाव किया था. सरकार ने 4 मार्च को घोषणा की थी कि स्प्रिंग ब्रेक को पहले शुरू किया जाएगा. पहले यह छुट्टी 16 मार्च से 29 मार्च तक तय थी, लेकिन बाद में इसे बदलकर 9 मार्च से ही लागू कर दिया गया. यह फैसला पूरे देश के सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटियों पर लागू किया गया था.

Trending : बीमार पत्नी के मेडिकल बिल भरने के लिए डिलीवरी मैन बना 78 साल का बुजुर्ग, वायरल हो गई स्टोरी

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यह बुजुर्ग व्यक्ति अमेरिका के टेनेसी राज्य के मैनचेस्टर शहर में फूड डिलीवरी का काम कर रहे थे. उम्र के इस पड़ाव पर जहां ज्यादातर लोग आराम की जिंदगी बिताना चाहते हैं. आज के समय में सोशल मीडिया पर कई कहानियां वायरल होती हैं, लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो सीधे दिल को छू जाती हैं. हाल ही में अमेरिका से एक ऐसी ही भावुक कहानी सामने आई, जिसने लाखों लोगों को भावुक कर दिया. यह कहानी है 78 साल के एक बुजुर्ग व्यक्ति की, जो अपनी पत्नी के इलाज और घर के खर्चों को पूरा करने के लिए बुढ़ापे में भी मेहनत करने को मजबूर थे.

यह बुजुर्ग व्यक्ति अमेरिका के टेनेसी राज्य के मैनचेस्टर शहर में फूड डिलीवरी का काम कर रहे थे. उम्र के इस पड़ाव पर जहां ज्यादातर लोग आराम की जिंदगी बिताना चाहते हैं, वहीं यह बुजुर्ग हर दिन लोगों के घर-घर जाकर खाना पहुंचा रहे थे. उनकी मेहनत और उनकी पत्नी के लिए किया जा रहा संघर्ष देखकर सोशल मीडिया पर लोगों का दिल पिघल गया.

78 वर्षीय रिचर्ड पुली पहले से रिटायर हो चुके थे. उन्होंने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा काम करके बिताया था और अब वह आराम करना चाहते थे, लेकिन हालात ने उन्हें फिर से काम करने पर मजबूर कर दिया. दरअसल, उनकी पत्नी ब्रेंडा की नौकरी चली गई थी. नौकरी के साथ ही उनकी हेल्थ इंश्योरेंस भी खत्म हो गया. इसके बाद घर का खर्च और दवाइयों का खर्च उठाना दोनों के लिए बहुत मुश्किल हो गया. रिचर्ड ने बताया कि वह काम करना नहीं चाहते थे, लेकिन मजबूरी में उन्हें फिर से काम शुरू करना पड़ा. उन्होंने कहा कि घर के सामान्य खर्चों और मेडिकल बिल भरने के बाद महीने के अंत में उनके पास लगभग कुछ भी नहीं बचता था. इस मुश्किल समय में दोनों पति-पत्नी ने मिलकर समाधान निकाला. वे फूड डिलीवरी ऐप के जरिए ऑर्डर डिलीवर करने लगे. ब्रेंडा कार चलाती थीं और रिचर्ड घरों तक जाकर खाना पहुंचाते थे. दोनों की शादी को 56 साल से ज्यादा हो चुके हैं. इस उम्र में भी दोनों एक-दूसरे का सहारा बने हुए थे. हालांकि बढ़ते मेडिकल खर्च और सीमित आमदनी ने उनकी जिंदगी को काफी कठिन बना दिया था.

इस कहानी का मोड़ तब आया जब एक महिला ब्रिटनी स्मिथ ने रिचर्ड को अपने घर पर खाना डिलीवर करते हुए देखा. उन्होंने अपने घर के बाहर लगे कैमरे में देखा कि एक बुजुर्ग व्यक्ति बहुत धीरे-धीरे और सावधानी से उनके दरवाजे तक आ रहे हैं और उनका स्टारबक्स का ऑर्डर रखकर वापस जा रहे हैं. उनकी उम्र और मेहनत देखकर ब्रिटनी भावुक हो गईं. उन्होंने यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिकटॉक पर शेयर कर दिया और लोगों से इस बुजुर्ग के बारे में जानकारी देने की अपील की. कुछ ही घंटों में यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया, हजारों लोगों ने इस वीडियो को देखा और उस बुजुर्ग व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश शुरू कर दी.

जल्द ही सोशल मीडिया यूजर्स ने पता लगा लिया कि वीडियो में दिख रहे बुजुर्ग का नाम रिचर्ड पुली है, इसके बाद लोगों को उनके जीवन की असली कहानी भी पता चली. जब लोगों को पता चला कि वह अपनी पत्नी के मेडिकल खर्च और घर के बिल भरने के लिए इस उम्र में काम कर रहे हैं, तो इंटरनेट पर सहानुभूति की लहर दौड़ गई. ब्रिटनी स्मिथ ने तय किया कि वह रिचर्ड और उनकी पत्नी की मदद करेंगी. उन्होंने उनके लिए एक ऑनलाइन फंड रेजिंग अभियान शुरू किया ताकि यह बुजुर्ग दंपति बिना आर्थिक चिंता के आराम से अपनी रिटायरमेंट की जिंदगी जी सकें. लोगों ने इस अभियान का जबरदस्त समर्थन किया. कुछ ही दिनों में हजारों लोगों ने इसमें दान देना शुरू कर दिया. देखते ही देखते यह रकम लाखों डॉलर तक पहुंच गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक लोगों ने मिलकर लगभग 5 लाख डॉलर (करीब 4 करोड़ रुपये) से ज्यादा की मदद जुटा दी.

बाद में ब्रिटनी स्मिथ रिचर्ड और उनकी पत्नी से एक स्थानीय रेस्टोरेंट में मिलीं और उन्हें यह फंड रेजिंग पेज दिखाया. जब दंपति को पता चला कि अजनबी लोग उनकी मदद के लिए इतनी बड़ी रकम दान कर रहे हैं, तो वे बेहद भावुक हो गए. रिचर्ड ने कहा कि उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा कि इतने लोग उनकी मदद करना चाहते हैं, जबकि वे उन्हें जानते तक नहीं हैं. उन्होंने कहा कि यह इंसानियत और दयालुता की सबसे बड़ी मिसाल है.

Life style : चाय-कॉफी से नहीं मिटेगी शरीर की प्यास, डिहाइड्रेशन से बचने के लिए अपनाएं ये आदतें

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जल है तो कल है यह कहावत हमने काफी सुना है. चलिए आपको बताते हैं कि क्या चाय- कॉफी शरीर में इसकी जरूरत को पूरा कर सकते हैं या नहीं और कौन सी चीज इसका विकल्प है. पानी शरीर के लिए सबसे जरूरी पोषक तत्वों में से एक है, लेकिन अक्सर लोग इसकी अहमियत को नजरअंदाज कर देते हैं. सही मात्रा में पानी पीना पाचन को बेहतर बनाने, शरीर में पोषक तत्वों को पहुंचाने, शरीर का तापमान संतुलित रखने और शरीर से गंदे पदार्थों को बाहर निकालने के लिए बेहद जरूरी होता है. पानी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखने में भी मदद करता है. इसके अलावा यह जोड़ों को चिकनाई देता है, जिससे शरीर की गतिविधियां आसानी से हो पाती हैं.

TOI की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमन पुरी बताते हैं कि पर्याप्त मात्रा में पानी पीना अच्छी सेहत के लिए बहुत जरूरी है. आमतौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति को दिनभर में करीब 2 से 3 लीटर यानी लगभग 8 गिलास पानी पीने की सलाह दी जाती है. हालांकि हर व्यक्ति के लिए पानी की जरूरत अलग हो सकती है. यह उम्र, जेंडर, शारीरिक गतिविधि, मौसम और स्वास्थ्य की स्थिति जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है.

कई लोग यह मान लेते हैं कि चाय, कॉफी या जूस पीने से भी शरीर में पानी की कमी पूरी हो जाती है. हालांकि ऐसा पूरी तरह सही नहीं है. चाय और कॉफी में कैफीन की मात्रा ज्यादा होती है, जो शरीर में डिहाइड्रेशन को बढ़ा सकती है. वहीं पैकेट वाले जूस या मीठे पेय पदार्थों में ज्यादा शुगर और कैलोरी होती है, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है. इसी तरह कार्बोनेटेड ड्रिंक्स में भी कैफीन और शुगर की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर को सही तरीके से हाइड्रेट करने के बजाय उल्टा असर डाल सकती है.

अगर किसी को सादा पानी पीना पसंद नहीं है, तो उसे थोड़ा स्वाद देकर भी पिया जा सकता है. इन्फ्यूज्ड वाटर यानी स्वाद वाले पानी का विकल्प काफी अच्छा माना जाता है. इसमें नींबू, पुदीना, अदरक, दालचीनी, सौंफ या हल्दी जैसी चीजें डालकर पानी को ज्यादा ताजगी भरा बनाया जा सकता है. इससे न सिर्फ पानी का स्वाद बेहतर होता है, बल्कि शरीर को एंटीऑक्सीडेंट्स का फायदा भी मिलता है.

इसके अलावा फलों और सब्जियों से बने हल्के फ्लेवर वाले पेय भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकते हैं. संतरा, बेरी, सेब, खीरा, चुकंदर और गाजर जैसी चीजों को पानी में डालकर पीना एक अच्छा विकल्प हो सकता है. इससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी मिलते हैं और मेटाबॉलिज्म को भी बढ़ावा मिलता है. कुछ फल और सब्जियां ऐसी भी होती हैं जिनमें पानी की मात्रा ज्यादा होती है. तरबूज, खरबूजा, संतरा, स्ट्रॉबेरी, टमाटर, लेट्यूस और सेलरी जैसे फूड्स शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं. इसलिए इन्हें भी डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है.

Bollywood : अनिल कपूर ने क्यों ठुकराया ‘धुरंधर 2’ का ऑफर? ‘सूबेदार’ एक्टर ने खुद बताई चौंकाने वाली वजह, बोले- ‘ये मेरा नुकसान है.’

रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ को लेकर एक्साइटमेंट पीक पर है. वहीं खबरें हैं कि इस फिल्म के लिए अनिल कपूर को भी एक रोल ऑफर किया गया था लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया था. ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ इस समय भारत की सबसे चर्चित फ़िल्मों में से एक बन चुकी है. आदित्य धर निर्देशित और रणवीर सिंह स्टारर इस सीक्वस फ़िल्म में इसकी ओरिजिनल स्टार कास्ट अपने पुराने किरदारों में नज़र आएगी, साथ ही कुछ नए चेहरे भी देखने को मिलेंगे. वहीं रूमर्स है कि अनिल कपूर भी धुरंधर 2 में नजर आएंगे. ‘सूबेदार’ एक्टर ने खुद इन अफवाहों का सच बताया है.

बता दें कि इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में एक बातचीत के दौरान, अनिल कपूर ने आदित्य धर के ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ में गेस्ट अपीयरेंस के ऑफर पर बात की. उन्होंने कहा, “वह (आदित्य धर) ‘धुरंधर 2’ के लिए मेरे पास आए थे. वह चाहते थे कि मैं फिल्म में एक छोटा सा कैमियो करूं.” एक्टर ने आगे बताया कि उन्हें यह ऑफर ठुकराना पड़ा क्योंकि उन्हीं तारीखों पर उनकी किसी दूसरी फिल्म के लिए पहले से ही कमिटमेंट्स थे.

अनिल कपूर ने कहा, “मैं आज जो कुछ भी हूं, अपनी प्रोफेशनलिज़्म और अपनी कमिटमेंट की वजह से हूं. यह बहुत ज़रूरी है. सिर्फ टैलेंट आपको वह नहीं बना सकता जो आप हैं. इसलिए, वे दिन किसी दूसरे फिल्ममेकर के लिए बुक थे. मैंने कहा, ‘आदित्य, मुझे यह कैमियो करना बहुत पसंद आता, लेकिन इन दिनों मैं पहले से ही कमिटेड हूं.” अनिल ने इसे अपना ‘नुकसान’ बताया और डिटेल में ये भी बताया कि यह सही फैसला क्यों था. उन्होंने कहा, “वह अब फिल्म रिलीज़ कर रहे हैं. यह एक शानदार फिल्म है, और यह मेरा नुकसान है, लेकिन कोई बात नहीं. कम से कम मेरे मन में यह बात तो है कि ऐसा उनके साथ भी हो सकता है. हो सकता है कोई दूसरा फिल्ममेकर हो जिसने उस समय कोई बड़ी ब्लॉकबस्टर दी हो, और मैंने आदित्य को कमिटमेंट दे दी हो, और मैं जाकर वह फिल्म कर लूं, और उनकी तारीखें कैंसिल कर दूं. यह पूरी तरह से अनप्रोफेशनल होगा, इसलिए उन्होंने मुझे ऑफर दिया था, और उम्मीद है कि हम साथ काम करेंगे.”

इस बीच, धुरंधर 2: द रिवेंज को लेकर लोगों की एक्साइटमेंट लगातार बढ़ रही है. यह सीक्वल पहली किस्त की जबरदस्त सफलता के बाद आ रहा है. बता दें कि पहले पार्ट ने कथित तौर पर दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर 1350 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की थी. धुरंधर 2 में रणवीर सिंह के अलावा संजय दत्त, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन जैसे सितारे अपने किरदारों को दोहराते हुए नजर आएंगे.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ़िल्म का रनटाइम लगभग 3 घंटे 55 मिनट होगा. इसी के साथ ये हाल के सालों में रिलीज़ हुई सबसे लंबी मेनस्ट्रीम हिंदी फ़िल्मों में से एक बन गई है. सिनेमाघरों में पहले से ही ज़बरदस्त एडवांस बुकिंग की खबरें आ रही हैं, ऐसे में फ़िल्म के मेकर्स को उम्मीद है कि यह सीक्वल अपनी पिछली फ़िल्म की बॉक्स ऑफिस सफलता की बराबरी करेगा या उसे भी पीछे छोड़ देगा. बता दें कि धुरंधर 2 इस 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है.

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