Sunday, September 27, 2026
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Technology : गैस सिलेंडर या इंडक्शन? खाना बनाने में किससे आता है कम खर्च, जानकर चौंक जाएंगे!

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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखने लगा है. तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने से कई देशों में ईंधन की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही है.

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखने लगा है. तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने से कई देशों में ईंधन की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही है. भारत में भी इसी कारण एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता और कीमत को लेकर लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है. सरकार का कहना है कि घरेलू एलपीजी की कोई कमी नहीं है लेकिन कई जगहों पर सप्लाई अनियमित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसी वजह से अब कई लोग यह सोचने लगे हैं कि क्या खाना बनाने के लिए इंडक्शन कुकटॉप ज्यादा किफायती विकल्प हो सकता है.

देश के कई शहरों जैसे नोएडा, लखनऊ, दिल्ली और पुणे में एलपीजी एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों की खबरें सामने आई हैं. उपभोक्ताओं का कहना है कि सिलेंडर बुक कराने और समय पर डिलीवरी पाने में मुश्किल हो रही है. इस समस्या का असर केवल घरों तक सीमित नहीं है. कई रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसाय भी गैस सप्लाई में देरी के कारण प्रभावित हो रहे हैं. कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ होटल और रेस्टोरेंट को गैस की कमी के चलते अपने मेन्यू से कुछ व्यंजन हटाने तक की नौबत आ गई है.

सामान्य घरेलू एलपीजी सिलेंडर में करीब 14.2 किलोग्राम गैस होती है और इसकी कीमत लगभग 950 रुपये के आसपास होती है. लेकिन गैस चूल्हे की दक्षता लगभग 55 प्रतिशत मानी जाती है यानी खाना बनाते समय काफी ऊर्जा गर्मी के रूप में व्यर्थ चली जाती है. दूसरी ओर इंडक्शन कुकटॉप बिजली की ऊर्जा का बड़ा हिस्सा सीधे खाना पकाने में इस्तेमाल करता है इसलिए इसे ज्यादा प्रभावी माना जाता है. कई अध्ययनों के अनुसार यदि बिजली का टैरिफ बहुत ज्यादा न हो तो इंडक्शन पर खाना बनाना सस्ता पड़ सकता है.

कुछ आकलनों में यह भी कहा गया है कि एक परिवार हर महीने लगभग 180 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक की बचत कर सकता है. ऊर्जा अर्थशास्त्र से जुड़ी एक रिपोर्ट के मुताबिक बिना सब्सिडी वाले एलपीजी की तुलना में इलेक्ट्रिक स्टोव का इस्तेमाल कई मामलों में कम खर्चीला साबित हो सकता है. हालांकि इंडक्शन कुकटॉप से खर्च कम हो सकता है लेकिन देश के कई हिस्सों में लोग अब भी एलपीजी सिलेंडर को ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं. इसकी एक बड़ी वजह बिजली कटौती है. जब बिजली नहीं होती तब गैस चूल्हा ही काम आता है. इसके अलावा भारतीय खाना पकाने के कई पारंपरिक तरीके जैसे रोटी सेंकना, तड़का लगाना या सीधे आंच पर पकाना गैस चूल्हे पर ज्यादा आसान होता है.

इंडक्शन कुकटॉप इस्तेमाल करने के लिए खास तरह के बर्तन की जरूरत होती है. भारतीय घरों में इस्तेमाल होने वाले कई पारंपरिक बर्तन इंडक्शन के लिए उपयुक्त नहीं होते. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों में रहने वाले लोगों को इंडक्शन अपनाने के लिए नए बर्तन खरीदने पड़ सकते हैं जिससे शुरुआती खर्च बढ़ जाता है. यही वजह है कि लागत कम होने के बावजूद कई परिवार अभी भी एलपीजी सिलेंडर को ही प्राथमिकता देते हैं. इंडक्शन कुकटॉप कुछ परिस्थितियों में सस्ता विकल्प साबित हो सकता है लेकिन बिजली की उपलब्धता, शुरुआती खर्च और खाना बनाने की आदतें भी इस फैसले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.

Sports : कौन हैं कुलदीप यादव की होने वाली दुल्हन वंशिका चड्ढा? जानें उनकी पढ़ाई से लेकर नौकरी तक सब कुछ

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टीम इंडिया के स्टार स्पिनर कुलदीप यादव 14 मार्च 2026 को मसूरी में वंशिका चड्ढा से शादी करने जा रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया से पढ़ाई कर चुकी वंशिका LIC में काम करती हैं और दोनों बचपन से एक-दूसरे को जानते हैं. भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार स्पिनर कुलदीप यादव इन दिनों अपनी शादी को लेकर सुर्खियों में हैं. कुलदीप 14 मार्च 2026 को उत्तराखंड के खूबसूरत हिल स्टेशन मसूरी में वंशिका चड्ढा के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. शादी से पहले 13 मार्च को हल्दी और मेहंदी की रस्मों के साथ जश्न की शुरुआत हो चुकी है.

वंशिका चड्ढा पेशे से एक प्रोफेशनल हैं और बताया जाता है कि वह जीवन बीमा निगम (LIC) में प्रशासनिक या मैनेजमेंट से जुड़ी जिम्मेदारी निभा रही हैं. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा ऑस्ट्रेलिया के शहर मेलबर्न से पूरी की है. पढ़ाई पूरी करने के बाद वह भारत लौट आईं और अपने करियर पर ध्यान देना शुरू किया.

वंशिका का स्वभाव काफी निजी माना जाता है. वह सोशल मीडिया और पब्लिक इवेंट्स से दूर रहना पसंद करती हैं. यही वजह है कि क्रिकेट फैंस के बीच उनके बारे में ज्यादा जानकारी पहले सामने नहीं आई थी. रिपोर्ट्स के अनुसार वंशिका और कुलदीप यादव बचपन से एक-दूसरे को जानते हैं. दोनों कानपुर के श्याम नगर इलाके में पड़ोसी रहे हैं. धीरे-धीरे उनकी दोस्ती गहरी हुई और बाद में दोनों ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने का फैसला किया. कुलदीप यादव और वंशिका चड्ढा की सगाई 4 जून 2025 को लखनऊ में एक पारंपरिक समारोह के दौरान हुई थी. उस कार्यक्रम में परिवार के करीबी लोग और दोस्त ही शामिल हुए थे.

दोनों की शादी मसूरी के प्रसिद्ध सवॉय होटल में आयोजित की जा रही है. यह होटल अपनी ऐतिहासिक विरासत और खूबसूरत लोकेशन के लिए जाना जाता है. शादी को निजी रखा गया है, लेकिन इसमें क्रिकेट और खेल जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हो सकती हैं. बताया जा रहा है कि भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली समेत कई खिलाड़ी इस समारोह में शामिल हो सकते हैं. इसके अलावा बीसीसीआई के कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी शादी में पहुंच सकते हैं.

मसूरी में शादी के बाद 17 मार्च 2026 को लखनऊ के सेंट्रम होटल में एक भव्य रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा. इस कार्यक्रम में कई राजनीतिक और खेल जगत की बड़ी हस्तियों को आमंत्रित किया गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक योगी आदित्यनाथ को भी इस समारोह के लिए न्योता भेजा गया है.

Business : 31 मार्च से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना लग सकता है पेनल्टी; जानिए डिटेल

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नया वित्त वर्ष 2026-27 शुरू होने से पहले टैक्सपेयर्स के लिए कुछ जरूरी वित्तीय काम पूरे करना अहम हो जाता है. क्योंकि मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 खत्म होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है. नया वित्त वर्ष 2026-27 शुरू होने से पहले टैक्सपेयर्स के लिए कुछ जरूरी वित्तीय काम पूरे करना अहम हो जाता है. क्योंकि मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 खत्म होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है.

ऐसे में 31 मार्च 2026 से पहले कुछ जरूरी कदम उठाकर लोग टैक्स बचा सकते हैं और पेनल्टी से भी बच सकते हैं. आइए जानते हैं, किन कामों को समय रहते निपटा लेना चाहिए, ताकि आगे चलकर परेशानी न हो. अगर किसी कर्मचारी ने साल की शुरुआत में टैक्स बचाने के लिए अलग-अलग निवेश की जानकारी अपने नियोक्ता को दी थी, तो वित्त वर्ष खत्म होने से पहले उनके प्रूफ जमा करना जरूरी होता है.

आमतौर पर यह काम 31 मार्च से पहले पूरा कर लेना चाहिए. यदि कर्मचारी समय पर निवेश से जुड़े दस्तावेज नहीं देता है, तो कंपनी उसकी सैलरी से ज्यादा टीडीएस काट सकती है. जिससे आर्थिक नुकसान होने की संभावना बन सकती है. जिन टैक्सपेयर्स की कुल टैक्स देनदारी 10,000 रुपये से ज्यादा बनती है, उनके लिए एडवांस टैक्स का भुगतान करना अनिवार्य होता है. इसके लिए अंतिम तारीख 15 मार्च 2026 तय की गई है.

अगर कोई व्यक्ति इस तय समय तक एडवांस टैक्स जमा नहीं करता है, तो बाद में उसे अतिरिक्त ब्याज और पेनल्टी का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए वित्त वर्ष खत्म होने से पहले इस जिम्मेदारी को पूरा करना जरूरी माना जाता है. पुराने टैक्स सिस्टम का विकल्प चुनने वाले लोग कुछ खास बचत योजनाओं में पैसा लगाकर टैक्स में राहत पा सकते हैं. आयकर नियमों के तहत ऐसे निवेशों पर छूट मिलती है, जिनमें पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) जैसी स्कीमें शामिल हैं.

इन योजनाओं में निवेश करने से टैक्स देनदारी कम हो सकती है. वहीं खातों को सक्रिय बनाए रखने के लिए हर साल तय न्यूनतम रकम जमा करना भी जरूरी होता है. वित्त वर्ष खत्म होने से पहले इन सब की जानकारी जरूर ले लेनी चाहिए. हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम भरने पर टैक्सपेयर्स को सेक्शन 80D के तहत छूट का लाभ मिलता है. इस प्रावधान के तहत व्यक्ति अपने और परिवार के लिए भरे गए प्रीमियम पर अधिकतम 25,000 रुपये तक की छूट पा सकता है. वहीं अगर बीमित व्यक्ति की उम्र 60 साल से अधिक है तो यह सीमा 50,000 रुपये तक हो जाती है. इसके अलावा माता-पिता के हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर भी अतिरिक्त छूट मिलती है. जिससे टैक्स में राहत मिलती है.

Bollywood : ‘कुछ लोग वेश्यावृत्ति.’ तनुश्री दत्ता ने खोली बॉलीवुड इंडस्ट्री की पोल, बोलीं-‘ये कहानियां कभी बाहर नहीं आतीं’

तनुश्री दत्ता को उनके बेबाक अंदाज और बयान के लिए जाना जाता है. बेशक काफी सालों से तनुश्री किसी फिल्म में नजर नहीं आई हैं. लेकिन, अक्सर बॉलीवुड की पोल खोलती दिखाई देती हैं. तुनश्री दत्ता ने अपने लेटेस्ट इंटरव्यू में एक बार फिर से बॉलीवुड के काले राज से पर्दा उठाया है. साथ ही ग्लैमरस वर्ल्ड में एंट्री करने वाले लड़के और लड़कियों को आंख बंद कर किसी पर भी भरोसा ना करने के लिए कहा है. उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री में कैसे शोषण किया जाता है और मौके का फायदा उठाया जाता है.

मेरी सहेली पॉडकास्ट में तनुश्री दत्ता ने कहा कि इंडस्ट्री के लोग नए कलाकारों की झूठी तारीफ करते हैं और उन्हें लालच में फंसा लेते हैं. तनुश्री ने बताया,’ जिन्हें आपका फायदा उठाना होगा वो कहेंगे आप हैंडसम हैं, ब्यूटी है, ये सब कहकर चढ़ा देते हैं. प्रतिभा है या नहीं, ये नहीं जानते. सबको कोई न कोई तारीफ देने वाली मिल ही जाता है-आप तो हीरोइन बनोगे, आप तो ये बनोगे.’ तनुश्री ने अपनी बातों को जारी रखते हुए कहा,’चार लोग आपकर आपकी तारीफ कर देंगे और फिर चार लोग आपको बहकाने भी आ जाएंगे. पहले चढ़ाते हैं, फिर बोलते हैं इनसे मिल लो, वहां मिल लो. आपतो बहुत संयम से रहना पड़ता है.’

तनुश्री दत्ता ने आगे कहा कि पेरेंट्स अपने बच्चों को कहते हैं कि अजनबियों से सावधान रहें. लेकिन, बड़े होकर वो ऐसा कुछ नहीं करते हैं. एक्ट्रेस ने कहा,’बचपन में पेरेंट्स ने किया सिखाया, अजनबियों के साथ नहीं जाना. अगर कोई चॉकलेट दिखाए तो क्या आप उसके साथ चले जाओगे. यहां चॉकलेट चॉकलेट नहीं होती. यहां अलग तरह का चॉकलेट होता है. लोग आपकी महत्वाकांक्षा, आशाओं और इच्छाओं का इस्तेमाल करते हैं, उनसे खेलते हैं.’

तनुश्री ने कहा,’मैं आज ये सब इसलिए बोल रही हूं क्योंकि अगर मुझे प्लेटफॉर्म मिला है और अगर मैं चार भी जिंदगी बचा लूं, तो वो मेरे लिए बहुत है. बहुत सारे लड़के और लड़कियां यहां आते हैं. उन्हें इस्तेमाल किया जाता है और दुर्व्यवहार होता है और फिर सचमुच वो फेंक दिए जाते हैं.’

तनुश्री ने आगे कहा,’कुछ लोग वेश्यावृत्ति में चले जाते हैं क्योंकि इतना दुर्व्यवहार हो चुका होता है कि लोग उन्हें धंधे में डाल देते हैं. कुछ लोग इतने डैमेज हो जाते हैं कि वो अपने शहर वापस चले जाते हैं.’ एक्ट्रेस ने कहा कि ये कहानियां बाहर नहीं आतीं, क्योंकि इंडस्ट्री केवल सफलता की कहानियों को ही सामने पेश करता है.

Panjab news : LPG संकट के बीच पंजाब में कटे 10 हजार बिजली के कनेक्शन, विभाग ने डिफॉल्टरों से वसूले 249 करोड़

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पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन (PSPCL) ने चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हंस की अगुवाई में डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बकाया बिल वसूली और कनेक्शन काटने की पहल की.

एलपीजी संकट के बीच पंजाब वासियों में इस समय बिजली विभाग की कार्रवाई को लेकर हलचल मची हुई है. पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन (PSPCL) के सेंट्रल जोन के चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हंस की अगुवाई में विभाग ने डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. मार्च महीने के पहले 10 दिनों में ही विभाग ने 1,14,916 उपभोक्ताओं के खिलाफ एक्शन लेते हुए 249.05 करोड़ रुपये की जबरदस्त रिकवरी करके एक नया रिकॉर्ड कायम किया है.

विभाग की कार्रवाई का असर शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में दिखा. शहर की 9 डिवीजनों- सुंदर नगर, सी. एम. सी., सिटी सेंटर, फोकल पॉइंट, जनता नगर, सिटी वेस्ट, अगर-नगर, मॉडल टाउन और एस्टेट डिवीजन—में कड़ी कार्रवाई की गई. इसके अलावा अड्डा दाख़ा, मुल्लांपुर, जगराओं, रायकोट, ललतों, मंडी अहमदगढ़, खन्ना, दोराहा, सरहिंद और अमलोह जैसे सब-अर्बन इलाकों में भी टीम ने डिफॉल्टरों के खिलाफ अभियान चलाया. 1 से 10 मार्च के दौरान लगभग 10,000 डिफॉल्टरों के कनेक्शन काटे गए, जबकि बाकी उपभोक्ताओं से बकाया राशि वसूली गई. कार्रवाई के दौरान देखा गया कि कई उपभोक्ता सिफारिशें या किश्तों में बिल भरने के बहाने बनाकर कार्रवाई को रोकने की कोशिश करते थे.

इस अभियान के पीछे चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हंस का नेतृत्व था, जिसमें ईस्ट सर्कल के डिप्टी चीफ इंजीनियर सुरजीत सिंह और वेस्ट सर्कल के डिप्टी चीफ इंजीनियर कुलविंदर सिंह शामिल थे. उन्होंने एस. डी. ओज़ के माध्यम से लुधियाना जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में आक्रामक तेवर अपनाए. चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हंस ने कहा कि विभाग ने पहले किश्तों की सुविधा भी दी थी. उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि कोई भी परेशानी से बचने के लिए खुद आगे आएं और अपने बकाया बिल जमा करवाएं.

Top news : UP SI EXAM की पहली शिफ्ट का पेपर लीक?

उत्तर प्रदेश में सब इंस्पेक्टर पदों पर सीधी भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा का पेपर लीक होने की खबरें सुर्खियों में बनी हुई है. जिसके बाद इस विवाद पर भर्ती बोर्ड ने सफ़ाई दी है. उत्तर प्रदेश में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा की पहली शिफ्ट का पेपर लीक होने की खबरों से हड़कंप मच गया है. इस मामले में भर्ती बोर्ड की ओर से लखनऊ के हुसैनगंज थाने शिकायत दर्ज कराई गई है. वहीं इस पूरे मामले पर अब उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड का भी जवाब आया है. बोर्ड ने पेपर लीक होने की खबरों को भ्रामक बताया है.

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर पेपर लीक की खबरों का खंडन करते हुए सच्चाई बताई और तमाम बातों को निराधार, ग़लत और झूठा बताया। बोर्ड ने कहा- ‘उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा भर्ती परीक्षा में शुचिता बनाए रखने के लिए तथा पेपर लीक की भ्रामक सूचनाओं, पेपर क्रय -विक्रय, परीक्षा में नकल, साल्वर गैंग अथवा अन्य किसी भी अवांछनीय गतिविधि के संबंध में अनवरत निगरानी रखी जा रही है. प्रकाश में आया कि UP SI EXAM_14 March 2026_Shift-1 के रूप में भ्रामक प्रश्न पत्र विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रसारित किये जा रहे हैं जो पूर्णतः भ्रामक ,झूठे व निराधार हैं. पेपर लीक की निराधार सूचानाओं के प्रति भर्ती बोर्ड विभिन्न एजेंसियों के सहयोग से कठोरतम वैधानिक कदम तत्परता से उठा रहा है.

पुनः बोर्ड चेतावनी देता है कि ऐसे आपराधिक कृत्यों के न सहयोगी बनें ना इनके झांसे में आएं. बोर्ड द्वारा पेपर लीक की भ्रामक सूचनाओं से सम्बन्धित एफआईआर दर्ज कराने की कार्यवाही निरंतर प्रक्रिया में है. परीक्षा की शुचिता बनाए रखने में किसी भी प्रकार का उल्लंघन करने पर सम्बन्धित व्यक्ति के विरूद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी. ‘

बोर्ड ने एक और पोस्ट में कहा कि ‘उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड यह पुष्टि करता है कि यह एक भ्रामक प्रश्नपत्र है जिसे विभिन्न प्लेटफार्मों से वायरल किया जा रहा है. इस प्रकार कोई प्रश्न पत्र आयोजित उपनिरीक्षक परीक्षा से सम्बंधित नहीं है. इसे वायरल करने वाले विभिन्न प्लेटफॉर्म और व्यक्तियों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है. कृपया ऐसे भ्रामक सूचनाओं के झांसे में न आएं.’

बता दें कि यूपी एसआई और समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती 2025 की लिखित परीक्षा आज 14 और 15 मार्च को कराई जा रही है. इससे पहले परीक्षा का प्रश्न पत्र बेचने का झांसा देकर ठगी का मामला आया है. टेलीग्राम पर पेपर देने का मैसेज भी वायरल हो रहा है, जिसके बाद बोर्ड ने इस संबंध में लखनऊ में केस दर्ज कराया है. पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है.

Telangana news : जंग के बीच गैस की किल्लत, इधर LPG फिलिंग सेंटर वाले कर रहे खेल, 40 सिलिंडर जब्त

तेलंगाना के सूर्यापेट में पुलिस ने अवैध LPG गैस फिलिंग सेंटर पर छापा मारकर 40 सिलिंडर और गैस भरने के उपकरण जब्त किए गए हैं. इस बीच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. तेलंगाना के सूर्यापेट जिले में पुलिस ने अवैध LPG गैस फिलिंग सेंटरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की. इस अभियान में पुलिस ने 20 कमर्शियल और 20 डोमेस्टिक सिलिंडर जब्त किए, साथ ही गैस भरने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी अपने कब्जे में ले लिए. इस पूरी कार्रवाई ने जिले में चल रहे एक बड़े अवैध गैस कारोबार का पर्दाफाश किया है.

पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी एक सुनियोजित तरीके से इस धंधे को अंजाम दे रहे थे. वे डोमेस्टिक यानी घरेलू गैस सिलिंडरों से गैस निकालकर उसे कमर्शियल सिलिंडरों में भरते थे. घरेलू उपयोग के लिए सरकार की तरफ से सब्सिडी पर उपलब्ध कराई गई गैस को इस प्रकार कमर्शियल कामों के लिए इस्तेमाल करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह आम जनता के साथ सीधा धोखा भी है. इस अवैध तरीके से भरे गए कमर्शियल सिलिंडरों को बाजार में ऊंची कीमतों पर बेचा जाता था, जिससे आरोपी मोटा मुनाफा कमा रहे थे.

इस पूरे मामले में जो सबसे चिंताजनक पहलू सामने आया है, वह यह है कि इस तरह की गैर-कानूनी फिलिंग प्रोसेस बेहद खतरनाक होती है. बिना सही तकनीकी उपकरणों और सुरक्षा मानकों के एक सिलिंडर से दूसरे सिलिंडर में गैस भरना कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है. ऐसे अवैध केंद्रों के आसपास रहने वाले लोगों की जान हमेशा खतरे में रहती है. पुलिस ने इस संवेदनशील पहलू को ध्यान में रखते हुए तत्काल कार्रवाई की और इन केंद्रों को बंद कराया.

पुलिस ने इस मामले में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ विधिवत मामला दर्ज कर लिया है. आरोपियों पर एलपीजी नियंत्रण आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के अवैध गैस कारोबार की शिकायतें कुछ समय से मिल रही थीं, जिसके बाद गुप्त सूचना के आधार पर यह छापेमारी की गई. जिला पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि उनके आसपास इस तरह की किसी अवैध गतिविधि की जानकारी हो, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.

National : खर्ग द्वीप दहला! ट्रंप का दावा- ईरान के सभी सैन्य ठिकाने मिटाए

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खारग द्वीप पर जोरदार बमबारी की है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खर्ग द्वीप पर जोरदार बमबारी की है. ट्रंप के मुताबिक इस हमले में द्वीप पर मौजूद सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है. हालांकि उन्होंने फिलहाल वहां मौजूद तेल के ढांचे को निशाना नहीं बनाया है, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी है कि जरूरत पड़ने पर उस पर भी हमला किया जा सकता है.

ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खर्ग द्वीप पर बड़ा हवाई हमला किया है. उन्होंने दावा किया कि इस हमले में द्वीप पर मौजूद हर सैन्य ठिकाना पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है. फारस की खाड़ी में स्थित खर्ग द्वीप को ईरान की तेल अर्थव्यवस्था का दिल माना जाता है. यह द्वीप ईरान के तट से करीब 25 से 30 किलोमीटर दूर है और यहीं से ईरान का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल दुनिया के अलग अलग देशों में भेजा जाता है. अब ट्रंप ने इस हमले का वीडियो भी जारी किया है. ट्रंप ने शुक्रवार देर रात (अमेरिकी समय के अनुसार) अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने मध्य पूर्व के इतिहास की सबसे ताकतवर बमबारी में से एक को अंजाम दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान के “क्राउन ज्वेल” कहे जाने वाले खर्ग द्वीप पर मौजूद सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है.

ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि उन्होंने फिलहाल द्वीप के तेल से जुड़े ढांचे को नष्ट नहीं करने का फैसला किया है. लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान या कोई और देश होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में किसी भी तरह की रुकावट डालता है, तो वह तुरंत अपने फैसले पर दोबारा विचार करेंगे. ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के पास ऐसी कोई ताकत नहीं है जो उस चीज की रक्षा कर सके, जिस पर अमेरिका हमला करना चाहे.

14 दिनों से चल रहे इस युद्ध में पहली बार खर्ग द्वीप को निशाना बनाया गया है. इससे पहले अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों, मिसाइल बेस और परमाणु सुविधाओं पर हमले किए थे, लेकिन इस द्वीप को नहीं छुआ गया था. इसी हफ्ते एक्सियोस की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि ट्रंप प्रशासन इस द्वीप को लेकर सैन्य योजना पर विचार कर रहा है. इसमें खर्ग द्वीप पर कब्जा करने का विकल्प भी शामिल बताया गया था. खर्ग द्वीप पर हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी सेना ने 2500 अतिरिक्त सैनिकों और एक एम्फीबियस असॉल्ट शिप को मध्य पूर्व भेजने का आदेश दिया है. जेपी मॉर्गन की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार खर्ग द्वीप ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यहां सीधे हमला होता है तो ईरान के कच्चे तेल के निर्यात का बड़ा हिस्सा तुरंत रुक सकता है.

दरअसल ईरान का करीब 90 प्रतिशत तेल इसी द्वीप से जहाजों में भरकर दूसरे देशों को भेजा जाता है. ऐसे में अगर यहां मौजूद ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया गया तो ईरान की तेल से होने वाली बड़ी कमाई एक झटके में रुक सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर खर्ग द्वीप पर मौजूद ईरानी तेल सुविधाओं को निशाना बनाया गया तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं. इसके जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य या खाड़ी देशों में ऊर्जा से जुड़े ठिकानों पर बड़े हमले हो सकते हैं. एक दिन पहले ही ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी थी कि अगर उसके ऊर्जा ढांचे पर जरा सा भी हमला हुआ तो वह पूरे क्षेत्र में तेल और गैस के ढांचों को आग के हवाले कर सकता है.

Bhakti news : महाकाल के दर्शन 14 मार्च 2026 : शनिवार की सुबह करें महाकाल आरती के दिव्य दर्शन! जानें उज्जैन ज्योतिर्लिंग का महत्व?

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ब्रह्मांड के मालिक महाकाल के दर्शन मात्र से सब सही होने लगता है. उनका दर्शन किसी आध्यात्मिक अनुभव से कम नहीं है. देखिए आज 14 मार्च की उनकी आरती जो मन को शांति से भर देगा. मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग है, जहां हर रोज होने वाली आरती का खास आध्यात्मिक महत्व है. 14 मार्च 2026 शनिवार का दिन महाकाल की दिव्य आरती के दर्शन श्रद्धालु घर बैठे लाइव प्रसारण के जरिए देख सकते हैं.

शनिवार का दिन भगवान शिव की उपासना और शनि देव की पूजा के लिए काफी शुभ माना जाता है, जिस वजह इस दिन महाकाल आरती का महत्व और अधिक बढ़ जाता है. श्रद्धालु भगवान महाकाल की आरती का लाइव प्रसारण मंदिर के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर देख सकते हैं. रोजाना सुबह होने वाली सुप्रसिद्ध भस्म आरती से लेकर शाम की आरती तक का लुफ्त उठा सकते हैं.

लाइव प्रसारण के जरिए से भक्त अपने घर से ही बाबा महाकाल की पूजा-अर्चना और आरती में भावनात्मक रूप से शामिल हो सकते हैं. उज्जैन के महाकाल मंदिर में होने वाली आरती का खास महत्व होता है. सबसे पहले भगवान शिव का अभिषेक किया जाता है, इसके बाद मंदिर के पुजारी मंत्रोच्चार और वैदिक विधि से उनकी आरती की जाती है. आरती के दौरान मंदिर परिसर में गूंजने वाले शंख, घंटा और डमरू की ध्वनि वातावरण को शुद्ध और पवित्र कर देती है.

शनिवार के दिन भगवान शिव की पूजा करने से बाधा दूर होने के साथ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है. इसलिए जो श्रद्धालु उज्जैन नहीं पहुंच पाते हैं, वे महाकाल की लाइव आरती में शामिल होकर भी इसका लाभ ले सकते हैं. महाकाल की आरती का यह लाइव दर्शन श्रद्धालुओं को भगवान शिव के प्रति आत्मिक जुड़ाव का अनुभव कराता है, जहां वे अपनी श्रद्धा और आस्था के जरिए बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं.

बाबा महाकाल आरती
जय महाकाल जय महाकाल,
जय महाकाल जय महाकाल।

जय शिव ओंकारा, ओम जय शिव ओंकारा,
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, अर्द्धांगी धारा।

एकानन चतुरानन पंचानन राजे,
हंसासन गरुड़ासन वृषवाहन साजे।

दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे,
तीनों रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे।

अक्षमाला वनमाला मुंडमाला धारी,
चंदन मृगमद सोहे भाले शशिधारी।

श्वेतांबर पीतांबर बाघंबर अंगे,
सनकादिक ब्रह्मादिक भूतादिक संगे।

कर में त्रिशूल चक्र खड्ग परशु धारी,
जगकर्ता जगभर्ता जगपालनकारी।

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका,
प्रणवाक्षर के मध्ये ये तीनों एका।

लक्ष्मी व सावित्री पार्वती संगा,
पार्वती अर्द्धांगी शिवलहरी गंगा।

ENTERTAINMENT : मोनालिसा को झोपड़ी से निकालकर स्टार बनाया, बोले डायरेक्टर, चढ़ा 9 करोड़ का कर्ज

मोनालिसा और फरमान खान के शादी करने पर डायरेक्टर सनोज मिश्रा का बयान सामने आया है. उन्होंने साफ कहा कि वो मोनालिसा को अपनी फिल्म मे लेकर पछता रहे हैं. उनकी फिल्म इस इंटरफेथ मैरिज के बाद अधर में लटक गई है.

महाकुंभ गर्ल मोनालिसा की इंटरफेथ मैरिज पर बवाल खत्म नहीं हो रहा है. डायरेक्टर सनोज मिश्रा की मूवी ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ से वो एक्टिंग डेब्यू कर रही थीं. लेकिन फिल्म रिलीज से पहले जिस तरह मोनालिसा ने मुस्लिम बॉयफ्रेंड संग शादी की, उससे सनोज हिल गए हैं. उनके मुताबिक, उनकी फिल्म को रोकने की ये सोची समझी साजिश है.

न्यूज 18 संग इंटरव्यू में सनोज मिश्रा का दर्द छलका है. वो कहते हैं- मोनालिसा लव जिहाद का शिकार इसलिए हुई है क्योंकि वो महाकुंभ से आई थी. एक संगठन है PFI, जो हमारे यहां काम कर रहा है, वो ऐसी चीजों के लिए फंडिंग करते हैं. उनका काम है छोटे शहर की लड़कियां जो हिंदू धर्म में आगे बढ़ती हैं, ये लोग उनके पीछे पड़ जाते हैं. फरमान भी PFI से जुड़ा हुआ है. अगर जांच होगी तो ये बात सामने आ जाएगी. दिक्कत ये है कि मोनालिसा और उसका परिवार मासूम है. वो भोले भाले लोग हैं. वो समझ ही नहीं पाए कि उके साथ क्या हो रहा है. 5-6 महीनों में जो चीजें बदली, उसमें ये हुआ कि मोनालिसा को मुझसे अलग किया गया. परिवार को मुझसे दूर रखा गया, ताकि वो अपने काम को अच्छे से अंजाम दे पाएं. मुझसे चीजें छिपाई जाती थीं. मुझे नहीं पता था कि वो केरल या कहां जा रहे हैं.

सनोज ने बताया कि उनकी फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ धर्मांतरण पर ही आधारित है. इसलिए उन्हें टारगेट किया जा रहा है. वो कहते हैं- मैं इस फिल्म के लिए जेल गया. अपमानित हुआ. साढ़े 9 करोड़ का मुझ पर कर्ज है. जिसका मैं ब्याज भर रहा हूं. मेरी 2 साल की तपस्या धूमिल हो गई. मेरी फिल्म कंप्लीट हो गई है. बस एक गाना शूट होने को बाकी है. लेकिन अब मैं मोनालिसा संग कभी काम नहीं करना चाहूंगा. मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा गलत फैसला मोनालिसा को फिल्म में लेना था. मैंने उसे बेटी कहता था. इस पर अब मुझे शर्म आ रही है. वो अनपढ़ है. जंगल में रहने वाली लड़की है. उसे बहकाना दुनिया में सबसे आसान है. मोनालिसा को देखकर अब बाकी लड़कियां भी ऐसे ही किसी मुस्लिम के साथ शादी करेंगी. सनोज ने बताया कि उन्हें नहीं पता अब उनकी मूवी कब आएगी. सब खत्म हो गया है. उन्हें नहीं लगता उनकी मूवी को कोई डिस्ट्रीब्यूटर मिलेगा. जानबूझकर रिलीज से पहले ये इंटरफेथ मैरिज की गई.

सनोज ने बताया कि उन्होंने अभी तक मोनालिसा की ट्रेनिंग, उसे इंदौर से ग्लैमर की दुनिया में लाने, फिल्म बनाने, उसे ग्रूम करने में कुल साढ़े 9 करोड़ खर्च किए है. मोनालिसा काम को लेकर कभी इतनी सीरियस नहीं थी. उससे काम कराने में काफी मशक्कत हुई थी. वो बस हंसती रहती थी. मैं उसे लेकर फंस गया था. ऐसे मंझधार में फंस गया था, कुछ कर नहीं सकता था. मेरा उसके साथ कोई स्वार्थ नहीं था. मैंने तो बस पैसे खर्च करता था.

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