Monday, April 27, 2026
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NATIONAL : राजस्थान सरकार के दो साल पूरे होने पर कांग्रेस का हमला, CM भजनलाल शर्मा को खुले मंच की चुनौती

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जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा सरकार के दो साल पूरे होने पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सियासी माहौल गर्मा गया है. कांग्रेस पार्टी ने मुख्यमंत्री के दावों पर सीधा पलटवार करते हुए उन्हें ‘झूठ का पुलिंदा’ करार दिया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार की उपलब्धियों को खोखला बताते हुए मुख्यमंत्री और उनकी पूरी टीम को खुले मंच पर बहस की चुनौती दे दी है.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि अगर सरकार के पास वास्तव में दिखाने लायक काम हैं, तो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा या उनके किसी भी कैबिनेट मंत्री को जयपुर के अल्बर्ट हॉल जैसे सार्वजनिक स्थल पर आकर जनता के सामने बहस करनी चाहिए. कांग्रेस इस बहस के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस केवल एकतरफा बयानबाजी तक सीमित रही और मुख्यमंत्री मीडिया के सवालों का सामना किए बिना ही वहां से चले गए.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि दो साल पहले आज ही के दिन राजस्थान में ‘पर्ची का ड्रामा’ हुआ था और अब दो साल बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस का ड्रामा किया गया है. उनके मुताबिक अगर सरकार को अपने काम पर भरोसा होता, तो वह खुलकर सवालों के जवाब देती और अपनी उपलब्धियों पर चर्चा करती.

राजस्थान में चरमरा गई है कानून-व्यवस्था- डोटासरा

डोटासरा ने राज्य की मौजूदा स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि राजस्थान में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की हालत खराब है, बिजली व्यवस्था लड़खड़ा रही है और किसान यूरिया के लिए दर-दर भटक रहे हैं. युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनमें गहरा असंतोष है. इसके अलावा सरकार के भीतर मंत्रियों के बीच आपसी खींचतान भी खुलकर सामने आ रही है.

मौजूदा सरकार के पतन की हो चुकी है शुरुआत- डोटासरा

डोटासरा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार के कामों को गिनाने के बजाय कांग्रेस पर आरोप लगाने पर ज्यादा जोर दिया गया. जिन योजनाओं और कामों की बात की गई, उनमें से एक भी जमीन पर पूरी तरह लागू नहीं हुआ है. कांग्रेस के अनुसार, यह प्रेस कॉन्फ्रेंस उपलब्धियों का नहीं, बल्कि असफलताओं पर पर्दा डालने का प्रयास थी.

गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि मौजूदा सरकार के पतन की शुरुआत हो चुकी है और सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है. उन्होंने साफ कहा कि अगर सरकार ने वास्तव में जनता के लिए काम किया है, तो वह पांच बड़े जनहित के मुद्दों पर खुली बहस की कांग्रेस की चुनौती स्वीकार करें. कांग्रेस पार्टी आगे भी जनता से जुड़े सवालों को उठाती रहेगी और विधानसभा के आगामी सत्र में सरकार को मजबूती से घेरने का काम करेगी.

Natioanl : नींबू, रस्सी के निशान और बंद कमरा…फार्महाउस में तीन लाशें मिलने से मची सनसनी

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छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक फार्महाउस से तीन युवकों के शव मिलने के बाद शहर में सनसनी फैल गई है. स्क्रैप डीलर अशरफ मेमन, डेयरी व्यवसायी सुरेश साहू और नीतीश कुमार की मौत के पीछे तंत्र-मंत्र अनुष्ठान और सुनियोजित हत्या दोनों की आशंका जताई जा रही है. घटना स्थल से संदिग्ध वस्तुएं और चार लोगों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के सही कारण की पुष्टि करेगी.

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बुधवार-गुरुवार की रात एक फार्महाउस के भीतर तीन युवकों के संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए जाने से पूरे शहर में हड़कंप मच गया है. मृतकों में स्क्रैप डीलर अशरफ मेमन, डेयरी व्यवसायी सुरेश साहू और दुर्ग निवासी नीतिश कुमार शामिल हैं. घटना को लेकर तंत्र-मंत्र अनुष्ठान से मौत और सुनियोजित हत्या के दो अलग-अलग संदेह उभरकर सामने आए हैं.

घटना तब सामने आई जब रात करीब 10 बजे तीनों को एक निजी अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. अस्पताल की ओर से मिले मेमो के अनुसार जहर दिए जाने की आशंका जताई गई है. सिटी एसपी भूषण एक्का ने बताया कि सिविल लाइन थाना क्षेत्र में शिकायत दर्ज कर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा.

घटना स्थल पर मौजूद चार लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिनमें एक व्यक्ति तांत्रिक और अन्य उसके सहयोगी बताए जा रहे हैं. ये सभी बिलासपुर जिले के निवासी हैं. शुरुआती जानकारी के अनुसार, फार्महाउस में रुपए बढ़ाने, तांत्रिक अनुष्ठान या गड़ा खजाना निकालने जैसा कोई अनुष्ठान चल रहा था. घटनास्थल पर मिले कुछ संकेतों जैसे एक मृतक के मुंह में फंसा नींबू और गले में रस्सी के निशान ने संदेह और गहरा कर दिया है.

मृतक अशरफ मेमन के भाई इमरान मेमन ने बताया कि अशरफ बुधवार शाम करीब 4 बजे अपने परिचित भागवत के साथ खुदरी गांव स्थित फार्महाउस गया था. उसके बुलावे पर उसका बेटा और तीन अन्य लोग भी पीछे-पीछे पहुंचे, लेकिन अशरफ ने उन्हें बाहर रोक दिया था. रात 10 बजे तक जब अंदर से कोई सूचना नहीं मिली तो अशरफ का बेटा कमरे में गया, जहां उसने तीनों को बेहोशी की हालत में फर्श पर पड़े देखा और चार अन्य लोगों को पास बैठा पाया. सभी को अस्पताल ले जाया गया लेकिन तीनों की मौत हो चुकी थी.

National : भुवनेश्वर के बार में लगी भीषण आग… लोगों ने धुआं उठता देखा तो मच गई अफरातफरी

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ओडिशा के भुवनेश्वर में आज सुबह एक बार में भीषण आग लग गई, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई. धुआं उठता देख स्थानीय लोग दहशत में आ गए. दमकल विभाग की कई गाड़ियाँ मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया. गनीमत रही कि कोई आग की चपेट में नहीं आया.

भुवनेश्वर के सत्य विहार इलाके में एक बार में भीषण आग लग गई, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया. आज सुबह के समय इलाके से गुजर रहे लोगों ने जब धुआं देखा तुरंत मौके पर पहुंचे. आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर धुएं और लपटों से घिर गया.

घटना की जानकारी तुरंत लोगों ने पुलिस व फायर ब्रिगेड को दी. सूचना के बाद ओडिशा फायर सर्विसेज की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. फायर ब्रिगेड की टीमों ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया और आग फैलने से रोकने के लिए आसपास की इमारतों को खाली कराया. क्षेत्र की घनी आबादी और बार के पास मौजूद कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को देखते हुए स्थिति चुनौतीपूर्ण थी.

फायर अधिकारी के अनुसार, आग किस वजह से लगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है. अनुमान है कि इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट, रसोईघर में किसी टेक्निकल फॉल्ट या किसी अन्य कारण से आग लगी हो सकती है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है. फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया.दमकलकर्मी लगातार पानी की बौछारों और फोम जेट्स की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटे रहे. नजदीक की बिल्डिंगों को आग से सुरक्षित रखा गया. इलाके में कई दुकानें, दफ्तर और रिहायशी भवन हैं.

राहत की बात यह है कि कोई इस आग की चपेट में नहीं आया. आग लगने के समय बार बंद था और अंदर कोई स्टाफ मौजूद नहीं था. कितना नुकसान हुआ, ये अभी स्पष्ट नहीं है. पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है. बार मालिक को आगे की पूछताछ के लिए तलब किया गया है.

NATIONAL : स्कूलों में सर्दी से पहले बोनस छुट्टियों की घोषणा, इन तीन दिन बच्चों को मिलेगी छुट्टी, जानिए

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स्टूडेंट्स को सर्दियों की छुट्टियों से पहले छुट्टी का बोनस मिलेगा. स्कूल की छुट्टियों की तारीखें बदली गईं, जिससे स्टूडेंट्स को लगातार तीन दिन की छुट्टी मिलेगी. जानिए कब-कब छुट्टी है.स्टूडेंट्स को सर्दियों की छुट्टियों से पहले छुट्टियों का बोनस मिलना तय है. स्कूल की छुट्टियों की तारीखें बदल दी गई हैं, जिससे स्टूडेंट लगातार तीन दिन छुट्टियों का आनंद ले सकेंगे. शिक्षा विभाग ने पहले टीचर सम्मेलन 21 और 22 नवंबर को तय किया था, लेकिन कई स्कूलों में चल रही छमाही परीक्षाओं के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था. सम्मेलन के लिए नई तारीखें अब 19 और 20 दिसंबर के लिए निर्धारित की गई हैं. टीचर इन दो दिनों के दौरान राज्य स्तरीय सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जिसके परिणामस्वरूप नियमित स्कूल कक्षाएं मुअत्तल हो जाएंगी.

बता दें कि राजस्थान के लाखों स्कूली स्टूडेंट्स को अब दो अतिरिक्त दिनों की छुट्टियों का लाभ मिलेगा. हालांकि, ये तारीखें जिला-विशेष हालातों और अकादमिक सेशन के आधार पर थोड़ी अलग हो सकती हैं. टीचर सम्मेलन के कारण, स्टूडेंट्स को 19 और 20 दिसंबर को छुट्टी मिलेगी, जबकि 21 दिसंबर को रविवार की छुट्टी पहले ही तय की गई है. इससे स्टूडेंट्स को सर्दियों की छुट्टियां शुरू होने से पहले लगातार तीन दिन की छुट्टी मिलेगी.

छुट्टियां इस प्रकार होंगी:

19 दिसंबर, 2025 (शुक्रवार) – टीचर सम्मेलन
20 दिसंबर, 2025 (शनिवार) – टीचर सम्मेलन
21 दिसंबर, 2025 (रविवार) – नियमित साप्ताहिक छुट्टी

सर्दियों की छुट्टियों से पहले स्कूलों को जारी हिदायतें

इन तीन दिनों के बाद, स्कूल 22 से 24 दिसंबर तक आमतौर पर दोबारा खुलेंगे. इसके बाद, राज्य 25 दिसंबर, 2025 से 5 जनवरी, 2026 तक सर्दियों की छुट्टियां मनाएगा. इस समय के दौरान सभी सरकारी और निजी स्कूल पूरी तरह बंद रहेंगे.

शिक्षा विभाग ने पहले ही स्कूलों को प्री-बोर्ड परीक्षाओं, अकादमिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के लिए एक पूरा समय-सारणी तैयार करने और सर्दियों की छुट्टियों को अनुकूल बनाने के लिए निर्देश दिए हैं. इसके अलावा, जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों के अनुसार छुट्टियों की तारीखें मौसम और अन्य स्थितियों के आधार पर बदली जा सकती हैं.

GUJARAT : यूट्यूब वीडियो से दिया भरोसा… शेयर मार्केट में चमत्कारी कमाई का झांसा, बुजुर्ग से 2.52 करोड़ ले उड़े ठग

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गुजरात के वलसाड के 60 साल के व्यक्ति को शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर 2.52 करोड़ रुपये की ठगी का शि कार बनाया गया. यूट्यूब वीडियो के लिंक से शुरू हुई बात व्हाट्सऐप ग्रुप तक पहुंची, जहां ठगों ने फर्जी यूके-आईएनडी फास्ट ट्रेडिंग ऐप इंस्टॉल कराकर निवेश करवाया. जिसके बाद करोड़ों रुपये उड़ा लिए गए.

गुजरात के वलसाड जिले में रहने वाले 60 साल के बुजुर्ग शेयर बाजार में काफी समय से निवेश कर रहे थे. पिछले साल अप्रैल में वे यूट्यूब पर शेयर बाजार से जुड़ा एक वीडियो देख रहे थे. वीडियो के नीचे दिए गए लिंक को खोलते हुए अचानक उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्हाट्सऐप नंबर से संदेश आया कि क्या वे शेयर बाजार में निवेश करना चाहते हैं और किस तरह के शेयर में दिलचस्पी रखते हैं.

ठग लगातार निवेश सलाह देते रहे और बुजुर्ग को शुरुआती दिनों में छोटा मुनाफा भी दिखाया, ताकि उनका भरोसा मजबूत हो. कुछ दिनों बाद नितिन शर्मा नाम का एक शख्स फोन पर आया और बोला कि वह उनका पोर्टफोलियो तैयार कर सकता है और उन्हें और निवेश करना चाहिए. बुजुर्ग उसके झांसे में आ गए और उन्होंने ठगों द्वारा बताए गए UK-IND Fast Trading ऐप को डाउनलोड कर लिया.

ठगों ने कहा कि उनकी “यश्वी कंपनी” SEBI में पंजीकृत है. इसके बाद तेजस कुमार नाम के एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और पूछा कि वे शुरुआत में कितना निवेश करेंगे. बुजुर्ग ने पहले 5 लाख लगाए, फिर 10 लाख और उसके बाद 20 लाख. अप्रैल से मई के बीच कुल 2.52 करोड़ रुपये उनके ऐप के माध्यम से निवेश किए गए.

ठगों ने ऐप पर 33 करोड़ रुपये का फर्जी मुनाफा दिखा दिया, ताकि बुजुर्ग और अधिक निवेश करें. जब उन्होंने मुनाफा निकालने की बात कही तो 66 लाख रुपये ब्रोकरेज फीस मांगी गई. बुजुर्ग ने कहा कि उनके पास इतने पैसे नहीं हैं. इसके बाद ठग फोन नहीं उठा रहे थे और नितिन शर्मा तथा तेजस कुमार लगातार फीस का दबाव बना रहे थे.

परिवार से बात करने पर उन्हें अहसास हुआ कि यह पूरा मामला ठगी है. उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम सेल और हेल्पलाइन से संपर्क किया. इसके बाद गांधीनगर सीआईडी क्राइम साइबर पुलिस स्टेशन में नितिन शर्मा, यश्वी जैन, निकिता जायसवाल, तेजस कुमार जैन और शामिल बैंक अकाउंट होल्डरों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई.

BIHAR : रोहतास में नाबालिग लड़की की हत्या, मर्डर से पहले रेप किया, ट्यूशन से घर लौट रही थी बच्ची

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रोहतास के नासरीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की घटना है. अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. परिजनों ने किसी भी तरह के विवाद से इनकार किया है.

बिहार के रोहतास में एक नाबालिग बच्ची के साथ रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई. घटना बीते गुरुवार (11 दिसंबर, 2025) की देर शाम की है. नासरीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव से सामने आई इस घटना के बाद हड़कंप मच गया है. बच्ची की उम्र 11-12 साल के करीब होगी. बच्ची की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है.

परिजनों ने बताया कि गुरुवार की शाम बच्ची अपने छोटे भाई के साथ घर से ट्यूशन पढ़ने के लिए गई थी, लेकिन पहले छुट्टी होने के कारण छोटा भाई घर आ गया. बच्ची करीब सात बजे घर आ रही थी तो रास्ते में कुछ लोगों ने अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म किया. इसके बाद उसकी हत्या कर दी. परिजनों ने किसी भी तरह के विवाद से इनकार किया है. अब जांच के बाद ही कुछ पता चलेगा.

घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस पहुंची. शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया. फिलहाल इस मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है. जांच शुरू कर दी गई है. बच्ची के गले पर पड़े निशान को देखते हुए आशंका जताई गई है कि गला दबाकर उसे मारा गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद और जानकारी मिल सकेगी.

इस पूरे मामले में सिविल सर्जन डॉक्टर मणिराज रंजन ने पुष्टि की है कि नाबालिग बच्ची के साथ रेप हुआ है. उन्होंने बताया कि दुष्कर्म के बाद ही शायद बच्ची की गला दबाकर हत्या की गई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद खुलासा होगा. उन्होंने दुष्कर्म को लेकर समाज में जागरूकता की जरूरत को पर भी जोर दिया. कहा कि ऐसे लोगों को सख्त सजा देकर सामाजिक रूप से बहिष्कार करना चाहिए ताकि ऐसी मानसिकता वाले लोग इस तरह का कदम उठाने से पहले सौ बार सोचें.

NATIONAL : 18 से 20 लोग घर में घुसे, लाठी-डंडों से पीट-पीटकर की हत्या, महिलाएं भी शामिल, इस वजह से हुआ मर्डर

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हरियाणा के रेवाड़ी में जमीन विवाद को लेकर एक एलआईसी एजेंट की लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. करीब 18 से 20 लोग घर में घुसे और हमला किया. महिलाओं की भी भूमिका बताई जा रही है. शव को घसीटकर बाहर फेंक दिया गया. परिजनों ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए शव लेने से इनकार कर दिया है.

हरियाणा के रेवाड़ी में एक जमीन विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया. गांव के एलआईसी एजेंट महेश की लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. यह घटना बुधवार और गुरुवार की रात की है. जानकारी के अनुसार गांव के ही महावीर और उसके परिवार के करीब 18 से 20 लोग महेश के घर में घुस आए. उनके हाथों में लाठी, डंडे और धारदार हथियार थे.

घर में घुसते ही आरोपियों ने महेश पर हमला कर दिया. उसके सिर पर कई बार डंडे मारे गए और हाथ-पैर पर धारदार हथियार से वार किए गए. हमले में कई महिलाएं भी शामिल थीं. वारदात के बाद आरोपियों ने महेश के शव को घसीटकर घर के बाहर फेंक दिया और धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए.

महेश को बचाने की कोशिश में उसके भाई मुख्तयार, भाभी सरोज और चाची धनपति भी बुरी तरह घायल हो गए. सभी घायलों का इलाज सिविल अस्पताल में चल रहा है. बताया जा रहा है कि विवाद डेढ़ किल्ला जमीन को लेकर है, जो 2017 से कोर्ट में विचाराधीन है. महेश ने यह जमीन 2006 में महावीर से खरीदी थी लेकिन कब्जा नहीं मिला.

परिजनों ने आरोप लगाया कि महावीर के परिवार ने एक साल पहले भी हमला किया था लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. इस बार हमले में महेश की मौत हो गई. डीएसपी ने बताया कि 19 लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें बनाई गई हैं. अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के बाद भी परिवार शव लेने को तैयार नहीं है. उनका कहना है कि जब तक आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे.

RAJKOT : विदेश जाने की चाहत में बेटे ने कराई पिता की हत्या, चचेरे भाई को दी थी 1 लाख की सुपारी

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राजकोट में एक बेटे ने इजराइल जाने के लिए पैसों के लालच में अपने पिता की हत्या करवाई. उसने अपने चचेरे भाई को 1 लाख रुपये की सुपारी दी थी. आरोपी पहले दवा से हत्या करवाना चाहता था, लेकिन असफल होने पर कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कराई. मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस ने जांच की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

राजकोट जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक बेटे ने विदेश जाने की लालसा और पैसों के लालच में अपने ही पिता की हत्या करवा दी. इस हत्या को अंजाम देने के लिए उसने अपने चचेरे भाई को एक लाख रुपये की सुपारी दी थी. पुलिस ने मामले की सच्चाई सामने लाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

घटना 9 दिसंबर 2025 की है. राजकोट जिले के उपलेटा तालुका के चारेलिया गांव के बाहरी इलाके में 50 वर्षीय कानाभाई जोग की मौत की सूचना पुलिस को मिली. शुरू में मृतक के भतीजे विरम जोग ने पुलिस को बताया कि उनके चाचा की सड़क दुर्घटना में मौत हुई है. वह राजपरा से धंक गांव जाते समय कथित तौर पर एक्सीडेंट का शिकार हुए थे और खेत में लाते समय दम तोड़ दिया.

लेकिन पुलिस को शुरुआत से ही कहानी संदिग्ध लगी. घटनास्थल, बयान और परिस्थितियां मेल नहीं खा रही थीं. इसी शक के आधार पर पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की और जल्द ही सच सामने आने लगा.

संदेह बढ़ने पर मृतक काना जोग की 22 वर्षीय बेटी देवी जोग ने अपने चचेरे भाई विरम जोग के खिलाफ भायावदर पुलिस स्टेशन में धारा 103(1), 217(B) और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया. पुलिस पूछताछ में विरम टूट गया और उसने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया.उसने बताया कि यह सब मृतक के बेटे रामदे जोग की योजना थी. हत्या की सुपारी उसी ने दी थी और बदले में 1 लाख रुपये देने की बात कही थी. यहां तक कि उसने यह भी वादा किया था कि वह विरम को जिंदगीभर खाना खिलाएगा.

पुलिस जांच में पता चला कि 25 वर्षीय रामदे जोग को इजराइल नौकरी के लिए जाना था. इसके लिए उसे लगभग 16 लाख रुपये की जरूरत थी. पैसे जुटाने के लिए उसने अपने पिता के नाम पर करीब एक साल पहले एचडीएफसी की बीमा पॉलिसी ली थी, जिससे पिता की मृत्यु पर उसे 60 से 70 लाख रुपये मिल सकते थे. इसी लालच में उसने अपने पिता को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया. फिर उसने अपने चचेरे भाई विरम को हत्या के लिए तैयार किया और पूरी योजना उसे समझाई.

हत्या की योजना के अनुसार, 8 दिसंबर को विरम ने चूहे और कीड़े मारने वाली दवा को ठंडे पेय में मिलाकर कानाभाई को पिलाया. लेकिन कानाभाई को तेज उल्टी हुई और दवा बाहर निकल गई, जिससे वह बच गए. इसके बाद रामदे ने विरम को पिता को कुल्हाड़ी से मारने का आदेश दिया.9 दिसंबर को विरम, कानाभाई को बाइक पर खेत में ले गया, वहां उन्हें शराब पिलाकर एक कमरे में सुला दिया और फिर कुल्हाड़ी से उनके सिर पर वार कर उनकी हत्या कर दी. इसके बाद दोनों ने कहानी गढ़ी कि कानाभाई की मौत सड़क दुर्घटना में हुई.

पुलिस की कड़ी जांच और पूछताछ में पूरी साजिश सामने आ गई. भायावदर पुलिस ने बेटे रामदे जोग और चचेरे भाई विरम जोग दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस अब बीमा पॉलिसी, पैसों के लेन-देन और घटना में शामिल अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है.

NATIOANL : बेटे को परीक्षा दिलाने 800 किलोमीटर कार चलाकर पहुंचे पिता को अब IndiGo कंपनी देगी पैसे

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इंडिगो की फ्लाइट कैंसिल होने से देशभर में हजारों यात्री फंस गए, लेकिन रोहतक के एक पिता ने अपने बेटे की परीक्षा न छूटे, इसके लिए रातभर 800 किलोमीटर कार चलाकर उसे दिल्ली से इंदौर पहुंचाया. अब इंडिगो इस परेशानी के लिए पंघाल परिवार को 10,000 रुपये का मुआवजा और 10,000 रुपये का ट्रैवल वाउचर देगा. उड़ान संकट के दौरान रद्द हुई इंदौर फ्लाइट पर यह मुआवजा कंपनी डीजीसीए नियमों के मुताबिक देगी.

देश की सबसे बड़ी एयरलाइंस कंपनी इंडिगो में फ्लाइट ऑपरेशन क्राइसिस शुरू होने के बाद देश भर में ऐसे हजारों परिवार थे जो एयरपोर्ट पर फंस गए. कोई अपनी बहन की शादी में नहीं पहुंच पाया तो कोई अपनों के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो पाया और किसी की परीक्षा और नौकरी छूट गई. ऐसे में रोहतक के एक पिता ने फ्लाइट कैंसिल होने के बाद अपने बेटे को परीक्षा में शामिल कराने के लिए रात में लगातार 800 किलोमीटर कार चलाई और समय रहते बेटे को दिल्ली से इंदौर पहुंचा दिया.

अब रोहतक के पंघाल परिवार को हुई इस दिक्कत के लिए इंडिगो कंपनी की तरफ से उन्हें 10000 हजार रुपये का मुआवजा मिलेगा और 10 हजार रुपये का ट्रैवल वाउचर भी दिया जाएगा जिसे एक साल के अंदर कभी भी टिकट बुकिंग में इस्तेमाल किया जा सकेगा.

दरअसल रोहतक के मायना गांव के युवा निशानेबाज आशीष चौधरी पंघाल इंदौर स्थित प्रतिष्ठित डेली कॉलेज में 12वीं कक्षा के छात्र हैं. वो इन दिनों छुट्टी पर घर आए हुए थे और 8 दिसंबर से उनकी परीक्षा शुरू होनी थी. इससे पहले 6 दिसंबर की शाम को उन्हें इंदौर के कॉलेज में सम्मानित किया जाना था जिसके लिए दिल्ली से इंदौर की फ्लाइट पहले से ही बुक थी. ऐसे में उनके पिता राजनारायण पंघाल उन्हें कार से दिल्ली एयरपोर्ट पर छोड़ने के लिए गए हुए थे.

एयरपोर्ट पर जाकर पता चला कि इंदौर जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट कैंसल कर दी गई है. यह खबर मिलते ही उसके पिता के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई कि आखिर उनका बेटा अब अपनी परीक्षा में कैसे शामिल होगा.

पिता को लगा कि फ्लाइट कैंसिल होने की वजह से अब उनका बेटा आशीष एक ओर जहां अवार्ड समारोह में भाग नहीं ले पाएगा, वहीं 8 दिसंबर से शुरू होने वाली प्री-बोर्ड परीक्षा भी छूटने का डर था. पहले उन्होंने इंदौर जाने वाली सभी ट्रेनों में रिजर्वेशन के लिए खूब कोशिश की लेकिन जब ट्रेन में सीट नहीं मिली तो उन्होंने बेटे को खुद इंदौर पहुंचाने की ठान ली.

दिल्ली से इंदौर की दूरी करीब 800 किलोमीटर है. ऐसे में राजनारायण ने तुरंत फैसला लिया कि अब वो बेटे को खुद कार चलाकर 800 किलोमीटर की दूरी तय कर इंदौर पहुंचाएंगे ताकि वो परीक्षा में शामिल हो सके. उन्होंने रात भर कार ड्राइव की और अगले दिन बेटे को समय पर लेकर इंदौर पहुंच गए. इसके बाद उन्होंने कहा कि इंडिगो की फ्लाइट कैंसिल होने के बाद उन्हें डर था कि कहीं बेटे की परीक्षा न छूट जाए इसलिए उन्होंने ये फैसला लिया.

दरअसल इंडिगो एयरलाइंस कंपनी ने ऐलान किया है कि उड़ान क्राइसिस के दौरान जिन यात्रियों की फ्लाइट कैंसिल हुई है उन्हें कंपनी की तरफ से 10 हजार का मुआवजा और 10 हजार रुपये का ट्रैवल वाउचर दिया जाएगा. चूंकि इंदौर की उड़ान भी एयरलाइंस कंपनी ने रद्द की थी इसलिए डीजीसीए के नियमों के मुताबिक पंघाल परिवार को भी इंडिगो की तरफ मुआवजा मिलेगा.

NATIONAL : राहुल गांधी की बुलाई बैठक में नहीं पहुंचे शशि थरूर, कांग्रेस के चीफ व्हिप बोले- नहीं पता वजह

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शशि थरूर एक बार फिर कांग्रेस की अहम रणनीतिक बैठक से दूर रहकर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं. यह बैठक राहुल गांधी ने बुलाई थी, जिसमें कांग्रेस के करीब सभी लोकसभा सांसद शामिल थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक थरूर ने पहले से अपनी अनुस्थिति के बारे में पार्टी को सूचित किया था, लेकिन कांग्रेस के चीफ व्हीप ने ऐसी किसी जानकारी से इनकार किया.

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अध्यक्षता में शुक्रवार को कांग्रेस सांसदों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. संसद भवन की ऐनेक्सी एक्सटेंशन बिल्डिंग में आयोजित इस बैठक में संसद के शेष शीतकालीन सत्र के लिए रणनीति, विपक्ष की एकजुटता और सरकार को घेरने के मुद्दों पर चर्चा हुई. इस बैठक में कांग्रेस के करीब सभी लोकसभा सांसद मौजूद रहे, लेकिन केरल की तिरुवनंतपुरम सीट से पार्टी के सांसद शशि थरूर की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बन गई.

रिपोर्ट्स के अनुसार, शशि थरूर ने अपनी अनुपस्थिति की जानकारी पहले ही पार्टी को दे दी थी. हालांकि, पार्टी के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) ने कहा कि उन्हें थरूर के मीटिंग में ​नहीं आने का कारण नहीं पता, जिसके बाद अटकलें और तेज हो गईं. इस बयान ने अटकलों को हवा दी कि क्या यह केवल टाइमिंग का मामला था, या इसके पीछे कोई राजनीतिक खटास या रणनीतिक असहमति छिपी है. कांग्रेस सूत्रों का थरूर की गैरमौजूदगी पर कहना है कि यह सिर्फ ‘पूर्व निर्धारित कार्यक्रम’ का मामला हो सकता है.

शशि थरूर कांग्रेस के भीतर अपने स्वतंत्र विचारों और स्पष्ट राजनीतिक रुख के लिए जाने जाते हैं. वह अक्सर पार्टी लाइन से अलग जाकर भी अपनी राय रखते हैं, जिसे लेकर उन्हें कांग्रेस के एक हिस्से से समर्थन भी मिलता है और आलोचना भी. ऐसे में उनकी अनुपस्थिति को लेकर स्वाभाविक रूप से कई अटकलें सामने आने लगी हैं. चूंकि बैठक राहुल गांधी की अगुवाई में हुई, इसलिए थरूर का इसमें शामिल नहीं होना बड़ा मुद्दा बन गया है. बता दें कि वह संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से एक दिन पहले, यानी 1 दिसंबर को सोनिया गांधी द्वारा बुलाई गई रणनीतिक बैठक में भी शामिल नहीं हुए थे.

शशि थरूर के दफ्तर ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा था कि वह तिरुवनंतपुरम में अपनी बीमार मां का ध्यान रख रहे हैं और स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी में व्यस्त हैं, इसलिए मीटिंग में नहीं पहुंच सके थे. इसके कुछ दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा ‘सैम पित्रोदा विवाद’ और SIR (मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण) मुद्दे पर बुलाई गई बैठक से भी शशि थरूर ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर दूरी बनाई थी. हैरानी की बात यह थी कि ठीक एक दिन पहले वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में मौजूद थे और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनकी खुलकर तारीफ की थी. थरूर के इस पोस्ट ने कांग्रेस खेमे में खासी नाराजगी पैदा की थी.

शशि थरूर का मोदी सरकार के प्रति बार-बार नरम रुख और पार्टी लाइन से अलग बयानबाजी पहले से ही कांग्रेस के लिए असहजता का कारण बनी हुई है. हाल के महीनों में उन्होंने कई मौकों पर मोदी सरकार की विदेश नीति, अर्थव्यवस्था और कुछ विधेयकों की तारीफ की है, जिसे कांग्रेस पार्टी ‘उनका निजी मत’ बताती रही है. राहुल गांधी ने शुक्रवार की बैठक में कांग्रेस पार्टी के सभी सांसदों से सदन में आक्रामक और मुद्दा आधारित रणनीति पर एकजुट रहने की अपील की. कांग्रेस नेतृत्व ने जोर दिया कि सरकार की नीतियों, आर्थिक मुद्दों, महंगाई, बेरोजगारी और संस्थानों की स्वतंत्रता जैसे प्रमुख विषयों पर पार्टी को आवाज उठानी है.

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