Monday, April 27, 2026
Home Blog Page 275

ENTERTAINMENT : हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के अधूरे सपने का किया जिक्र, प्रेयर मीट में हुईं इमोशनल

नई दिल्ली में 11 दिसंबर को दिवंगत एक्टर धर्मेंद्र की प्रेयर मीट का आयोजन किया गया. जिसमें उनकी पत्नी हेमा मालिनी के साथ उनकी दोनों बेटियां भी मौजूद थीं. इस दौरान हेमा मालिनी काफी इमोशनल हुईं.

एक्ट्रेस और सांसद हेमा मालिनी ने गुरुवार को दिल्ली में दिवंगत एक्टर धर्मेंद्र की प्रेयर मीट का आयोजन किया. जिसमें पॉलिटिशियन और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोग शामिल हुए. इस प्रेयर मीट के दौरान हेमा मालिनी काफी इमोशनल दिखीं. इस दौरान उन्होंने धर्मेंद्र से जुड़ी कुछ बातें शेयर की.

प्रेयर मीट के दौरान इमोशनल होते हुए हेमा मालिनी ने बताया कि धरम जी का एक सपना अधूरा रह गया. उन्होंने कहा, ‘वक्त के साथ उनकी पर्सनैलिटी का एक छिपा हुआ पहलू सामने आया. जब वो उर्दू की शायरी करने लगे. उनकी सबसे खास बात ये थी कि कोई भी स्थिति हो वो उसके हिसाब से एक शेर सुना देते थे.’

हेमा मालिनी ने आगे कहा, ‘मैंने भी उनसे (धर्मेंद्र) कहा कि आप इतना अच्छा लिखते हैं तो आपको ये किताब के रूप में प्रकाशित करना चाहिए, आपके बहुत चाहने वाले हैं और आपके फैन्स इसे पसंद करेंगे इसलिए आपको ये जरूर करना चाहिए. वो इसे लेकर काफी गंभीर थे और वो इसे करना चाहते थे. इसे लेकर वो प्लान कर रहे थे लेकिन वो काम अधूरा रह गया.’

इस प्रेयर मीट के दौरान हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के साथ अपनी शादी को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा, ‘जिस शख्स के साथ मैंने कई फिल्मों में प्यार का अभिनय किया, वही मेरे लाइफ पार्टनर बन गए. हमारा प्यार सच्चा था, हमारे अंदर किसी भी सिचुएशन का सामना करने की हिम्मत थी. हम दोनों ने शादी की.

हेमा मालिनी ने इमोशनल होते हुए कहा, ‘पूरी दुनिया उनके निधन से दुख में डूबी हुई है लेकिन मेरे लिए ये कभी न उबरने वाला दर्द है. एक साथी के टूटने की कहानी, जो आखिरी तक रही. धरम जी का विशाल व्यक्तित्व है, जिसकी कोई सीमा नहीं. कोई किसी भी वर्ग का हो सबके साथ बहुत प्यार-मोहब्बत और सम्मान के साथ बात करते थे. ऐसे व्यक्ति थे धरम जी.

बॉलीवुड के ही-मैन कहे जाने वाले धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर को हुआ था. लंबे समय से वो बीमार चल रहे थे. उन्होंने अपनी अंतिम सांस 89 साल की उम्र में ली. 8 दिसंबर को वो 90 साल के होने वाले थे.

Vastu Shastra : घर की इन 6 जगहों को ना रखें गंदा, लगता है वास्तु दोष, गरीबी नहीं छोड़ती पीछा

0

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में मौजूद गंदगी, अव्यवस्था और धूल-मिट्टी न केवल देखने में खराब लगती है, बल्कि यह घर की ऊर्जा पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है. इसका सीधा असर घर के वातावरण, स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आर्थिक समृद्धि पर पड़ता है.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, मां लक्ष्मी सदैव उस घर में निवास करती हैं जहां स्वच्छता और सकारात्मक ऊर्जा का वास हो. कहा जाता है कि जिस घर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है, वहां सुख-समृद्धि, शांति और उन्नति बनी रहती है. इसके विपरीत, अगर घर के कुछ स्थान गंदे रहें, तो इससे न सिर्फ नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, बल्कि मानसिक तनाव, कलह और आर्थिक मुश्किलें भी पैदा हो सकती हैं. इसलिए वास्तु शास्त्र में घर की कुछ खास जगहों को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखना बेहद बेहद जरूरी माना गया है. जानते हैं वे 6 महत्वपूर्ण स्थान, जिन्हें गंदा छोड़ देना वास्तु के अनुसार अशुभ माना जाता है

मुख्य दरवाजा सकारात्मक ऊर्जा का मुख्य स्त्रोत भी होता है. यहीं से सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है. अगर यह स्थान गंदा हो, जूते-चप्पलों से भरा हो या अव्यवस्थित हो, तो घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश बढ़ता है.

रसोई घर की सेहत और समृद्धि का केंद्र माना जाता है. यहां गंदगी रहना अग्नि तत्व को कमजोर करता है. इससे आर्थिक बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं. चूल्हा, बर्तन और स्लैब हमेशा साफ रखने की सलाह दी जाती है.

पूजा का स्थान घर की आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र होता है. यहां गंदगी रहना अत्यंत अशुभ माना जाता है. धूल, जाले या अव्यवस्था सकारात्मक ऊर्जा को बाधित करते हैं और मन में अशांति पैदा कर सकते हैं.

इन जगहों में गंदगी जमना नकारात्मक ऊर्जा का सबसे बड़ा कारण माना जाता है. वास्तु के अनुसार गंदे बाथरूम से स्वास्थ्य समस्याएं और मानसिक तनाव बढ़ सकता है. इसलिए इन्हें रोजाना साफ रखना जरूरी है.

इसे वास्तु में सबसे शुभ दिशा माना गया है. यहां गंदगी, अनावश्यक सामान या अव्यवस्था जमा होने से घर की पूरी सकारात्मक ऊर्जा पर असर पड़ता है. इस दिशा को हमेशा हल्का, साफ और खुला रखना अत्यंत शुभ माना जाता है.

दिनभर की थकान के बाद सुकून देने वाली जगह बेडरूम है, इसलिए इसका साफ-सुथरा होना जरूरी है. बिस्तर ठीक तरह से लगा हो, कपड़े सही जगह रखें और बिस्तर के नीचे कबाड़ बिल्कुल न रखें. अव्यवस्था बेडरूम की शांति और सकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित करती है.

NATIONAL : ‘एक-दो नहीं, हजारों कपल्स के रोमांस वीडियो रिकॉर्ड किए’, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के ATMS मैनेजर रहे आशुतोष सरकार का सनसनीखेज खुलासा

0

सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर कपल के रोमांस का CCTV वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया है. बर्खास्त मैनेजर आशुतोष सरकार ने कबूल किया कि ढाई साल में हजारों कपल वीडियो रिकॉर्ड हुए हैं, लेकिन उसने वायरल नहीं किया. उसके मुताबिक, वीडियो टोल के एक पूर्व कर्मचारी ने ड्राइवर को दिया था, जिससे लीक हुआ.

यूपी के सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर कार में कपल के रोमांस का CCTV से वीडियो बनाने के मामले ने इस समय हड़कंप मचा रखा है. मामले में ‘एंटी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ (ATMS) के मैनेजर आशुतोष सरकार को बर्खास्त कर दिया गया है. इस बीच आशुतोष का कबूलनामे वाला वीडियो सामने आया है जिसमें वो इस पूरे कांड का लाइव कैमरे पर ‘खुलासा’ करता दिख रहा है. उसने बताया कि ‘रोमांस वीडियो’ किसने वायरल किया और इस पूरे कांड के पीछे की असल वजह क्या है…

दरअसल, पुलिस पूछताछ में आरोपी आशुतोष सरकार ने जो कहानी बताई उसे सुनकर लोगों के होश उड़ गए. उसने बताया कि ये कोई पहला मामला नहीं था, कोई एक कपल का वीडियो नहीं बनाया गया, अबतक हजारों कपल्स के प्राइवेट वीडियो बन चुके हैं.

आशुतोष की मानें तो ढाई साल में इस तरह के हजारों मामले (वीडियो सीसीटीवी में रिकॉर्ड) सामने आए, लेकिन उसने एक भी वीडियो वायरल नहीं किया. जो वीडियो वायरल हुआ, उसे टोल पर काम करने वाले एक पूर्व कर्मचारी ने किसी ड्राइवर को दिया था. जिसके चलते प्राइवेट वीडियो लीक हुआ.

इन सबके बीच एंटी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) का काम देखने वाली वेंडर कंपनी ने आशुतोष सरकार के अलावा सिस्टम टेक्नीशियन आशुतोष तिवारी, ट्रैफिक मैनेजर शशांक शेखर और सिस्टम इंजीनियर प्रमोद कुमार को भी नौकरी से निकाल दिया है. चारों के खिलाफ FIR करने के लिए पुलिस को लेटर भी लिखा गया, जिसका संज्ञान लेकर पुलिस ने चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. अन्य एक शशांक शेखर की तलाश पुलिस कर रही है.

आपको बता दें कि 25 अक्टूबर को आजमगढ़ से लखनऊ जा रहे एक कपल का पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर कार में रोमांस करते हुए सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ था. 2 दिसंबर को सीएम योगी, सुल्तानपुर डीएम-एसपी को इसकी लिखित शिकायत हुई. इसमें बताया गया कि आशुतोष सरकार ने एक्सप्रेस-वे पर लगे सीसीटीवी से नवविवाहित जोड़े का वीडियो बनाया और 32 हजार रुपए वसूले. शिकायत में इसी तरह की 3 और घटनाओं का जिक्र किया गया.

इसके बाद ATMS का काम देख रही वेंडर कंपनी सुपर वेव कम्युनिकेशन एंड इंफ्रा सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड (SCIPL) ने बैक डेट में आशुतोष सरकार को टर्मिनेट कर दिया. 9 दिसंबर को पुलिस ने मामले में आशुतोष को गिरफ्तार कर लिया और FIR दर्ज की.

पूछताछ में आरोपी पूर्व मैनेजर आशुतोष सरकार ने पुलिस को बताया कि उन लोगों (पूर्व कर्मचारी) ने मुझसे कहा कि तुम हमारी शिकायत क्यों करते हो? कभी कहते हो ड्यूटी में सो जाते हैं, कभी कहते हो देर से आते हैं. इन्हीं सब वजहों से हमें निकाल दिया गया. किसी को एक साल के लिए, तो किसी को 6 महीने के लिए हटाया गया. इसलिए अब हम कहते हैं कि अगर हम नौकरी नहीं करेंगे, तो तुम भी नौकरी नहीं कर पाओगे.

बकौल आशुतोष- ‘हमारे साथ 3 ऐसे लोग हैं, जिनके पास वीडियो एक्सेस रहता है. इनमें से दो ने कहा कि हमने कुछ नहीं किया. लेकिन, शशांक शेखर नाम के एक व्यक्ति ने स्वीकार किया कि उसने एक व्यक्ति को वीडियो दिया था. ढाई साल में ऐसे हजारों मामले आए होंगे, लेकिन आज तक एक भी वीडियो लीक नहीं हुआ. हमने वीडियो लीक नहीं किया. हमारे साथ काम करने वालों ने ही हमारा फायदा उठाया और वीडियो लीक कर दोष हम पर लगा दिया. मैं पहले भी पुलिस को प्रार्थना-पत्र देने वाला था. इसकी जांच होनी चाहिए कि यह काम कौन कर रहा?’

आशुतोष सरकार ने आगे कहा- हम लोग इसी प्रयास में लगे रहे कि वीडियो वायरल न हो, मामला आगे न बढ़े. इसीलिए शिकायत नहीं की. हमारे साथी शशांक शेखर ने ही वीडियो वायरल किया है. उसने खुद बताया कि हां, मैंने वीडियो दूसरे को दिया है. मैंने उससे पूछा कि तुमने ऐसा क्यों किया? अब तो वीडियो वायरल हो रहा है.

इसके बाद आशुतोष ने पुलिस को शशांक शेखर का एक ऑडियो सुनाया जिसमें साफ आवाज में शशांक कहता है कि ‘मैं बिल्कुल श्योर हूं, जिसको मैंने वीडियो दिया, वह इसे किसी और को वायरल नहीं करेगा. मैंने वह वीडियो एक ड्राइवर को दिया था.’

अधिकारिक बयान के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह के निर्देश पर हलियापुर पुलिस ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा पर अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग के आरोप में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में असिस्टेंट मैनेजर आशुतोष सरकार, सिस्टम टेक्निशियन अभिषेक तिवारी और सिस्टम इंजीनियर प्रमोद कुमार पटेल शामिल हैं. ये टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों का दुरुपयोग कर महिलाओं की निगरानी और एक वाहन चालक की निजता का हनन कर रहे थे. तीनों को ₹5000 के साथ गिरफ्तार कर कोर्ट भेजा गया है.

NATIOANL : हाथ में हथकड़ी, पुलिस का घेरा… थाईलैंड में पकड़े गए लूथरा ब्रदर्स की सामने आई पहली तस्वीर

0

भारत के अनुरोध पर थाईलैंड पुलिस ने फुकेट में गोवा नाइटक्लब अग्निकांड के मुख्य आरोपियों लूथरा भाइयों को हिरासत में लिया है. ये दोनों आरोपी घटनास्थल के नाइटक्लब के फाउंडर थे और हादसे के बाद फरार हो गए थे. उनके पासपोर्ट सस्पेंड कर प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आसान बनायी जा रही है.

6 दिसंबर को गोवा के अरपोरा इलाके में स्थित बिर्च बाय रोमियो नाइटक्लब में आग लगने से बड़ा हादसा हो गया था. इस घटना में 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी और कई लोग घायल भी हुए थे. हादसे के बाद क्लब के मालिकों लूथरा ब्रदर्स- सौरभ और गौरव लूथरा मुख्य आरोपी बनाया गया है. अब दोनों थाईलैंड के मशहूर शहर फुकेट में हिरासत में लिए गए हैं. गोवा पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने जाएगी.

आग लगने के ठीक पांच घंटे बाद लूथरा ब्रदर्स इंडिगो की फ्लाइट से दिल्ली से थाईलैंड भाग गए थे. बाद में उनके खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर और इंटरपोल ब्लू नोटिस जारी किया गया था. सूत्रों के मुताबिक, गोवा पुलिस की एक टीम भाइयों को हिरासत में लेने और उन्हें ट्रायल के लिए भारत वापस लाने के लिए थाईलैंड जाएगी.

लूथरा ब्रदर्स को हिरासत में लिए जाने के बाद के एक्सक्लूसिव विजुअल्स, जो इंडिया टुडे को मिले हैं, उनमें फुकेट का वह सेंटर दिखाया गया है, जहां उन्हें भारत डिपोर्ट किए जाने तक रखा गया है.

एयरलाइन में कैंसलेशन और देरी की वजह से देश भर में मची अफरा-तफरी के बीच इंडिगो फ्लाइट से उनके भागने से शक पैदा हुआ था. बाद में पुलिस ने खुलासा किया कि भाइयों ने 7 दिसंबर को सुबह 1.17 बजे थाईलैंड के लिए फ्लाइट टिकट बुक किए थे, शायद उस वक्त जब फायर फाइटर और पुलिसकर्मी गोवा में उनके नाइटक्लब में लगी आग को बुझाने और बचाव अभियान चलाने की कोशिश कर रहे थे.

गिरफ्तारी के डर से दोनों भाइयों ने भारत लौटने से मना कर दिया था और प्री-अरेस्ट बेल के लिए दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में अर्जी दी थी. उन्होंने कोर्ट को बताया कि वे अरपोरा क्लब में रोज़ाना का काम नहीं देखते थे और अधिकारियों के बदले की भावना वाले बर्ताव के शिकार थे. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी थाईलैंड यात्रा भागने के लिए नहीं, बल्कि एक प्लान्ड बिज़नेस मीटिंग थी.

गोवा पुलिस की FIR के मुताबिक, बिर्च बाय रोमियो लेन में आग बुझाने के यंत्र, अलार्म, आग बुझाने का सामान और फायर ऑडिट का रिकॉर्ड नहीं था- ये सभी आग से सुरक्षा के बेसिक नियम हैं. इसके अलावा, पुलिस ने कहा कि मालिकों, मैनेजर, पार्टनर, इवेंट ऑर्गनाइज़र और सीनियर स्टाफ ने ‘बिना सही देखभाल और सावधानी बरते’ और ‘पूरी जानकारी’ होने के बावजूद कि इससे एक जानलेवा हादसा हो सकता है, वेन्यू पर आग से जुड़ा एक्ट किया. FIR में यह भी बताया गया कि नाइटक्लब के डेक और ग्राउंड फ्लोर दोनों पर इमरजेंसी एग्जिट नहीं थे, जिसकी वजह से कई मेहमान आग की लपटों में फंस गए.

BUSINESS : सोने-चांदी की कीमत में आई गजब की तेजी, US फेड रिजर्व के रेट का दिख रहा असर; जानें लेटेस्ट रेट

अमेरिकी फेड रिजर्व के ब्याज दरों में कटौती का असर आज सोने की कीमतों में देखने को मिला. 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती ने सोने-चांदी में नया जोश भर दिया है.

ब्याज दरों में कटौती को लेकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले भारत में 10 ग्राम के 24 कैरेट सोने की कीमत 130,000 रुपये और 100 ग्राम की कीमत 13,00,000 रुपये के आसपास बनी हुई थी. जैसे ही फेड रिजर्व ने 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की घोषणा की, वैसे ही सोने-चांदी की कीमतों में आज तेजी देखने को मिली.

MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर 11 दिसंबर को सोने की कीमतों में 0.50 परसेंट की तेजी देखने को मिली. सुबह 10 बजे के करीब MCX फरवरी 2026 एक्सपायरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट 667 रुपये यानी 0.51 परसेंट चढ़कर 130,463 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया.

जबकि MCX मार्च कॉन्ट्रैक्ट वाला सिल्वर 3,334 रुपये यानी कि 1.9 परसेंट उछलकर 192,400 रुपये प्रति किलो पर कारोबार करता नजर आया. फेड रेट कटौती से पहले 24 कैरेट सोने की 10 ग्राम कीमत 1,30,320 रुपये, 22 कैरेट की कीमत 1,19,460 रुपये और 18 कैरेट की कीमत 97,740 रुपये थी. अब ये अपने रिकॉर्ड हाई के करीब हैं.

देश में आज 24 कैरेट सोने की कीमत 13,032 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने की कीमत 11,946 रुपये प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोने (जिसे 999 गोल्ड भी कहा जाता है) की कीमत 9,774 रुपये प्रति ग्राम है. वहीं, 100 ग्राम सोना 24 कैरेट में 13,03,200 रुपये, 22 कैरेट में 11,94,600 रुपये और 18 कैरेट में 97,740 रुपये में मिल रहा है.

वहीं, अगर चांदी की बात करें, तो यह अब 2 लाख रुपये के लेवल को छूने के करीब है. आज 1 किलो चांदी की कीमत 1,99,000 रुपये , जबकि 100 ग्राम और 10 ग्राम चांदी की रेट क्रमशः 19,900 रुपये और 1,990 रुपये है.

अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने दो दिनों तक चली लंबी बैठक के बाद 10 दिसंबर को बेचमार्क ब्याज दरों में कटौती का फैसला लिया. 0.25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती के साथ अब यह 3.50 परसेंट से सीधे 3.75 परसेंटके लेवल पर आ गया है. यह बीते तीन सालों में सबसे निचला स्तर है. हालांकि, फेड रिजर्व ने सख्त रूख के साथ ब्याज दरों में कटौती की. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फेड रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने निकट भविष्य में ब्याज दरों में और कटौती न होने का संकेत दे दिया.

फेड के इस कदम को उठाने की वजह खासतौर पर बढ़ी हुई महंगाई को देखते हुए लेबर मार्केट में नरमी को देखते हुए उठाया है. फेड रिजर्व महंगाई को काबू में करने, अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, बाजार में लिक्विडिटी बढ़ाने, इकोनॉमी को मंदी से बचाने के लिए करता है. मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि ब्याज दर कम होने से उधार लेने की लागत कम होगी, जिससे कंपनियों को ज्यादा निवेश का मौका मिलेगा. यह भारत जैसे उभरते बाजारों के लिए भी एक बढ़िया मौका है, जिससे विदेशी निवेश बढ़ने की संभावना है.

NATIONAL : वन्दे मातरम् पर संसद में बहस और सड़क पर सियासत, कांग्रेस MLA आरिफ मसूद बोले- ‘नहीं गा पाऊंगा’

0

भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद एक बार फिर सुर्खियों में हैं. संसद में वन्दे मातरम् को लेकर चल रही चर्चा के बीच उन्होंने साफ कहा है कि वो वन्दे मातरम् नहीं गाएंगे. मसूद इससे पहले भी कई बार यही बात दोहरा चुके हैं.दो दिन पहले लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने उन लोगों की सूची पढ़ी थी जिन्होंने वन्दे मातरम् गाने से मना किया था. इस सूची में आरिफ मसूद का नाम सामने आने के बाद मामला और गरम हो गया. इसके बाद पत्रकारों ने जब उनकी प्रतिक्रिया मांगी तो मसूद ने बिना झिझक अपनी बात रखी.

मसूद ने कहा कि देश में कई गंभीर मुद्दे हैं, लेकिन चर्चा एक गाने को लेकर हो रही है. उन्होंने कहा कि मैं वंदे मातरम् नहीं गा पाऊंगा. देश में इंडिगो की फ्लाइट बंद है, यात्री परेशान हैं, किसान को खाद नहीं मिल रही, बेरोजगारी बढ़ रही है और संसद में वंदे मातरम पर बहस चल रही है. यह चिंता और अफसोस की बात है.

विधायक मसूद ने आगे कहा कि आजादी की लड़ाई में उनके पूर्वजों ने हिस्सा लिया था और तिरंगा हाथ में लेकर संघर्ष किया था. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हैरानी की बात है कि आज वो लोग वन्दे मातरम् की बात कर रहे हैं जो आजादी की लड़ाई में थे ही नहीं. ना उनके मुंह पर वन्दे मातरम् था. हमारे पूर्वज तो गोलियां खा रहे थे, झंडा लिए खड़े थे. इन लोगों को वन्दे मातरम् पर बात करने का अधिकार ही नहीं है.

मसूद के इस बयान के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है. भाजपा नेताओं ने उन पर राष्ट्रगीत का अनादर करने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस का कहना है कि किसी भी नागरिक को अपनी व्यक्तिगत मान्यता के अनुसार निर्णय लेने का अधिकार है.

UP : बंदूक के साथ VIDEO बना रहा था नाबालिग, अचानक दब गया ट्रिगर, सुरक्षा कर्मी की गोली लगने से मौत

0

मुजफ्फरनगर में एक नाबालिग लड़के लाइसेंसी बंदूक से वीडियो शूट करना भारी पड़ा है, बंदूक का ट्रिगर दबने से गोली चल गई जो गार्ड को लगी. गार्ड ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में लाइसेंसी बंदूक के साथ वीडियो बनाना एक नाबालिग को भारी पड़ गया. वीडियो शूट के दौरान ट्रिगर दबते ही गोली चल गई, जिससे सुरक्षा गार्ड की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. सूचना पर पहुंची पुलिस ने बंदूक जब्त कर नाबालिग को अभिरक्षा में ले लिया. वहीं मृतक के परिजनों ने मामले में कार्रवाई की मांग की है.

जानकारी के मुताबिक, मुजफ्फरनगर के नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के जानसठ रोड स्थित द्वारका सिटी में मंगलवार शाम यह घटना उस वक्त हुई, जब निर्माणाधीन मकान में तैनात सुरक्षा गार्ड शुभम की लाइसेंसी बंदूक बिजली ठेकेदार के नाबालिग बेटे के हाथ लग गई. नाबालिग बंदूक के साथ वीडियो बना रहा था इसी दौरान ट्रिगर दबने से गोली चल गई. गोली लगने से 21 वर्षीय गार्ड शुभम गंभीर रूप से घायल हो गया.

वहीं सूचना पर पहुंची पुलिस ने शुभम को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिस ने बंदूक कब्जे में ले ली है और नाबालिग को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. मृतक के परिजनों ने भी हत्या और दुर्घटना दोनों की आशंका जताते हुए पुलिस में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है.

मृतक गार्ड शुभम के मामा राहुल ने बताया कि शुभम वहां काम करता था और बंदूक लॉकर में रखी होती थी. सवाल यह है कि वह बंदूक नाबालिग के हाथ में कैसे आई, उसमें कारतूस कैसे डाला गया, और ट्रिगर कैसे दबा? परिजनों ने बताया कि गोली शुभम की पीठ में करीब 10 मीटर दूरी से लगी है, इसलिए यह भी संभावना है कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या भी हो सकती है. परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.

सीओ मंडी राजू कुमार साव ने बताया कि द्वारका सिटी में निर्माण कार्य के दौरान गार्ड शुभम अपने एक साथी के साथ लाइसेंसी हथियार के साथ वीडियो शूट कर रहा था, तभी अचानक फायर हो गया. घायल को बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया.

पुलिस ने मौके की जांच फील्ड यूनिट के साथ मिलकर की और परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है. नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और हथियार को भी कब्जे में ले लिया गया है. आगे की कार्रवाई नई मंडी पुलिस कर रही है.

मुजफ्फरनगर में एक नाबालिग लड़के लाइसेंसी बंदूक से वीडियो शूट करना भारी पड़ा है, बंदूक का ट्रिगर दबने से गोली चल गई जो गार्ड को लगी. गार्ड ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में लाइसेंसी बंदूक के साथ वीडियो बनाना एक नाबालिग को भारी पड़ गया. वीडियो शूट के दौरान ट्रिगर दबते ही गोली चल गई, जिससे सुरक्षा गार्ड की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. सूचना पर पहुंची पुलिस ने बंदूक जब्त कर नाबालिग को अभिरक्षा में ले लिया. वहीं मृतक के परिजनों ने मामले में कार्रवाई की मांग की है.

जानकारी के मुताबिक, मुजफ्फरनगर के नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के जानसठ रोड स्थित द्वारका सिटी में मंगलवार शाम यह घटना उस वक्त हुई, जब निर्माणाधीन मकान में तैनात सुरक्षा गार्ड शुभम की लाइसेंसी बंदूक बिजली ठेकेदार के नाबालिग बेटे के हाथ लग गई. नाबालिग बंदूक के साथ वीडियो बना रहा था इसी दौरान ट्रिगर दबने से गोली चल गई. गोली लगने से 21 वर्षीय गार्ड शुभम गंभीर रूप से घायल हो गया.

वहीं सूचना पर पहुंची पुलिस ने शुभम को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिस ने बंदूक कब्जे में ले ली है और नाबालिग को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. मृतक के परिजनों ने भी हत्या और दुर्घटना दोनों की आशंका जताते हुए पुलिस में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है.

मृतक गार्ड शुभम के मामा राहुल ने बताया कि शुभम वहां काम करता था और बंदूक लॉकर में रखी होती थी. सवाल यह है कि वह बंदूक नाबालिग के हाथ में कैसे आई, उसमें कारतूस कैसे डाला गया, और ट्रिगर कैसे दबा? परिजनों ने बताया कि गोली शुभम की पीठ में करीब 10 मीटर दूरी से लगी है, इसलिए यह भी संभावना है कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या भी हो सकती है. परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.

सीओ मंडी राजू कुमार साव ने बताया कि द्वारका सिटी में निर्माण कार्य के दौरान गार्ड शुभम अपने एक साथी के साथ लाइसेंसी हथियार के साथ वीडियो शूट कर रहा था, तभी अचानक फायर हो गया. घायल को बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया.

पुलिस ने मौके की जांच फील्ड यूनिट के साथ मिलकर की और परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है. नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और हथियार को भी कब्जे में ले लिया गया है. आगे की कार्रवाई नई मंडी पुलिस कर रही है.

मुजफ्फरनगर में एक नाबालिग लड़के लाइसेंसी बंदूक से वीडियो शूट करना भारी पड़ा है, बंदूक का ट्रिगर दबने से गोली चल गई जो गार्ड को लगी. गार्ड ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में लाइसेंसी बंदूक के साथ वीडियो बनाना एक नाबालिग को भारी पड़ गया. वीडियो शूट के दौरान ट्रिगर दबते ही गोली चल गई, जिससे सुरक्षा गार्ड की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. सूचना पर पहुंची पुलिस ने बंदूक जब्त कर नाबालिग को अभिरक्षा में ले लिया. वहीं मृतक के परिजनों ने मामले में कार्रवाई की मांग की है.

जानकारी के मुताबिक, मुजफ्फरनगर के नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के जानसठ रोड स्थित द्वारका सिटी में मंगलवार शाम यह घटना उस वक्त हुई, जब निर्माणाधीन मकान में तैनात सुरक्षा गार्ड शुभम की लाइसेंसी बंदूक बिजली ठेकेदार के नाबालिग बेटे के हाथ लग गई. नाबालिग बंदूक के साथ वीडियो बना रहा था इसी दौरान ट्रिगर दबने से गोली चल गई. गोली लगने से 21 वर्षीय गार्ड शुभम गंभीर रूप से घायल हो गया.

वहीं सूचना पर पहुंची पुलिस ने शुभम को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिस ने बंदूक कब्जे में ले ली है और नाबालिग को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. मृतक के परिजनों ने भी हत्या और दुर्घटना दोनों की आशंका जताते हुए पुलिस में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है.

मृतक गार्ड शुभम के मामा राहुल ने बताया कि शुभम वहां काम करता था और बंदूक लॉकर में रखी होती थी. सवाल यह है कि वह बंदूक नाबालिग के हाथ में कैसे आई, उसमें कारतूस कैसे डाला गया, और ट्रिगर कैसे दबा? परिजनों ने बताया कि गोली शुभम की पीठ में करीब 10 मीटर दूरी से लगी है, इसलिए यह भी संभावना है कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या भी हो सकती है. परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.

सीओ मंडी राजू कुमार साव ने बताया कि द्वारका सिटी में निर्माण कार्य के दौरान गार्ड शुभम अपने एक साथी के साथ लाइसेंसी हथियार के साथ वीडियो शूट कर रहा था, तभी अचानक फायर हो गया. घायल को बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया.

पुलिस ने मौके की जांच फील्ड यूनिट के साथ मिलकर की और परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है. नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और हथियार को भी कब्जे में ले लिया गया है. आगे की कार्रवाई नई मंडी पुलिस कर रही है.

NATIONAL : बेटी को स्कूल छोड़कर आ रहे पिता की गर्दन में फंसा चाइनीज मांझा, दर्दनाक मौत

0

जौनपुर में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां 40 वर्षीय संदीप तिवारी अपनी बेटी को स्कूल छोड़कर लौट रहे थे तभी शास्त्री पुल पर चाइनीज़ मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए. मांझा उनकी गर्दन में फंसने से गहरा कट लगा और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में गुरुवार की सुबह हुआ एक हादसा पूरे शहर को दुख और आक्रोश से भर गया. प्रतिबंधित चाइनीज मांझे ने एक बार फिर एक परिवार की खुशियां छीन लीं. कोतवाली थाना क्षेत्र के उमरपुर हरिबंधनपुर निवासी 40 वर्षीय संदीप तिवारी अपनी बेटी मन्नत को रोज की तरह सेंट पैट्रिक स्कूल छोड़कर बाइक से घर लौट रहे थे. लेकिन शास्त्री पुल पर पहुंचते ही उनकी जिंदगी एक ही झटके में खत्म हो गई.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुल पार करते समय अचानक एक चाइनीज मांझा संदीप की गर्दन पर आकर लिपट गया. मांझा इतना धारदार था कि संदीप उसे हटाने का प्रयास करते ही गहरे घाव से लहूलुहान हो गए. नियंत्रण खोने पर संदीप बाइक से गिर पड़े और पास मौजूद लोग उनकी ओर भागे. स्थानीय लोगों ने तुरंत एंबुलेंस बुलाई और संदीप को जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने कुछ घंटों बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.

संदीप के निधन की खबर घर पहुंचते ही कोहराम मच गया. परिजन हादसे पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं. संदीप पेशे से प्राइवेट शिक्षक थे और परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे. उनके अचानक चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

लेकिन बाजारों में इसकी बिक्री अब भी धड़ल्ले से जारी है. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि सिर्फ कागजी कार्रवाई कर अभियान चलाना किसी की जान बचाने के लिए पर्याप्त नहीं है. शास्त्री पुल और मुख्य बाजारों के पास अक्सर मांझे की डोर उड़ती रहती है, लेकिन निगरानी बेहद कमजोर है.

परिजनों और स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि प्रशासन न केवल चाइनीज मांझे की बिक्री पर सख्त रोक लगाए, बल्कि इसके व्यापार में शामिल दुकानदारों पर भी कड़ी कार्रवाई करे. वे चाहते हैं कि इस हादसे की व्यापक जांच हो और शहर में मांझा उड़ाने पर सख्त नियम लागू किए जाएं, ताकि दोबारा कोई परिवार ऐसी त्रासदी का शिकार न बने.

NATIONAL : नोएडा में घर के सामने खेल रही 5 साल की बच्ची को कार ने मारी टक्कर, इलाज के दौरान हुई मौत

0

नोएडा में घर के बाहर खेल रही पांच वर्षीय बच्ची को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी. गंभीर चोटों के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई और पुलिस ने चालक की तलाश शुरू कर दी है.

नोएडा के सेक्टर 44 में तेज रफ्तार एक कार की चपेट में आई पांच वर्षीय बच्ची की दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि बच्ची की मां की शिकायत पर सेक्टर 39 थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और कार चालक फिलहाल फरार है. पुलिस के मुताबिक, यह घटना सोमवार को उस समय हुई, जब बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी कि तभी एक कार ने उसे टक्कर मार दी.

एक अधिकारी ने बताया, “बच्ची को पहले नोएडा के जिला अस्पताल ले जाया गया और बाद में दिल्ली के एक अस्पताल स्थानांतरित कर दिया गया. ” पुलिस ने बताया कि बच्ची ने मंगलवार रात दम तोड़ दिया था.

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “बच्ची की मां ने चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है और उसे गिरफ्तार करने के लिए तलाश जारी है. ” मां रुखसार ने पुलिस को बताया कि कार की रफ्तार तेज थी, जिससे उसकी बेटी को गंभीर चोटें आईं. उसने बताया, “हमने पहले उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया और फिर उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

उसे सिर में गंभीर चोटें आई थीं. ”रुखसार ने पुलिस को यह भी बताया कि कार चालक बच्ची को टक्कर मारने के बाद भाग गया. बच्ची की मां ने दावा किया, “हमने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर भी पुलिस के साथ साझा कर दिया है. ”

NATIONAL : नासिक में महिला के 12 बच्चे… आरोप- कुछ को बेच दिया, मां ने कहा- रिश्तेदारों के पास परवरिश के लिए भेजा

0

महाराष्ट्र में नासिक से बेहद हैरान कर देने वाली कहानी सामने आई है. यहां एक महिला पर अपने बच्चों को पैसों के लिए बेचने का आरोप लगा है. सोशल एक्टिविस्ट के आरोप के बाद हड़कंप मच गया. महिला के 12 बच्चे हैं. उसके तीन बच्चे अलग-अलग घरों में मिले हैं. पुलिस और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने बड़ी जांच शुरू कर दी है.

महाराष्ट्र में नासिक के त्र्यंबकेश्वर से बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक आदिवासी महिला पर अपने ही बच्चों को पैसों के लिए बेच देने का गंभीर आरोप लगा है. यह दावा सामाजिक कार्यकर्ता भगवान माधे ने किया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आ गया. जांच की गई तो पता चला कि महिला के 12 बच्चे हैं. पुलिस ने महिला, उसके पति और सभी बच्चों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है.

सोशल एक्टिविस्ट भगवान माधे ने आरोप लगाते हुए कहा कि बर्द्याची वाडी में रहने वाली 45 वर्षीय महिला के कुल 14 बच्चे थे. आर्थिक तंगी इतनी ज्यादा थी कि उसने कथित तौर पर अपने 4 से 6 बच्चों को पैसों के लिए बेच दिया. मामला तब सामने आया, जब महिला ने अपने 14वें बच्चे को जन्म देने के बाद अस्पताल में चेकअप तक नहीं कराया. सोशल वर्कर्स को पता चला तो टीम ने सुरक्षित डिलीवरी कराई, लेकिन दो महीने बाद उन्हें संदेह हुआ कि महिला ने नवजात को 10,000 रुपये लेकर किसी व्यक्ति को दे दिया है.

अक्टूबर 2025 में डिलीवरी के बाद बच्चे का वजन कम था, इसलिए एक आशा वर्कर परिवार से मिलने पहुंची. वहां महिला ने कहा कि उसका बच्चा है ही नहीं, वह उसे दे चुकी है. इस पर आशा वर्कर ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी. मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और विस्तृत जांच शुरू की.

जांच में सामने आया कि महिला के 12 बच्चे हैं, जिनमें से एक की मौत हो चुकी है. वहीं तीन बच्चों को अलग-अलग परिवारों को दे दिया गया था. पुलिस इन बच्चों और उन्हें रखने वाले परिवारों को पुलिस स्टेशन लेकर गई, जिसके बाद सभी बच्चों और माता-पिता को नासिक महिला एवं बाल कल्याण विभाग के चिल्ड्रन होम भेज दिया गया.

हालांकि महिला ने बच्चों को बेचे जाने की बात से इनकार किया है. उसका कहना है कि गरीबी के कारण वह बच्चों की परवरिश नहीं कर पा रही थी, उसके पास दूध तक नहीं था, इसलिए उसने बच्चों को केवल रिश्तेदारों के पास देखभाल के लिए भेजा, पैसे नहीं लिए.

एसपी बालासाहेब पाटिल ने कहा कि मामले की जांच चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सौंप दी गई है और एक-एक सूचना की जांच की जा रही है. पुलिस द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान घर में चार बच्चे मौजूद पाए गए.

जानकारी में पता चला कि महिला के कुल 12 बच्चे हैं, जिनमें 7 लड़के और 5 लड़कियां शामिल हैं. दो लड़कियां शादीशुदा हैं. परिवार के पास 12 एकड़ जमीन भी है, लेकिन वह पूरी तरह पथरीली और बंजर है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब बनी हुई है. महिला ने 2014 में परिवार नियोजन की सर्जरी भी कराई थी, लेकिन वह सफल नहीं हुई. आशा वर्कर ने 2025 में जन्म से पहले महिला का रजिस्ट्रेशन भी किया था.

जांच के दौरान दस्तावेजों में गड़बड़ियों का शक भी गहरा गया. छह साल की बच्ची को वावी हर्ष गांव के एक दंपत्ति के नाम से स्कूल में दाखिला मिला, और आधार कार्ड के लिए जारी किए गए सर्टिफिकेट में पिता के नाम की जगह बंगारे का नाम लिखा गया. एक्टिविस्ट भगवान माधे ने का आरोप है कि आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य कर्मियों की मिलीभगत से दस्तावेजों में बदलाव किया गया.

महिला के भाई, जिसके पास दो महीने का बच्चा मिला, उन्होंने कहा कि यह बच्चा बेचा नहीं गया है, बल्कि सिर्फ रिश्तेदारी को देखभाल के लिए दिया गया है. आधार कार्ड न होने के कारण दस्तावेज पूरे नहीं किए गए थे. अब पूरा मामला इस बात पर टिका है कि क्या बच्चों को बेचा गया है या सिर्फ देखभाल के लिए दिया गया था. यह चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की जांच रिपोर्ट के बाद ही साफ होगा. रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

- Advertisement -