Tuesday, September 29, 2026
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NATIOANL : मुंह में कपड़ा ठूंसा, शरीर को जलाया… मां ने दो महीने के बेटे को मार डाला, लगातार रोने से गुस्से में आकर उठाया कदम

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तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां 21 साल की महिला पर अपने दो महीने के बेटे की हत्या का आरोप लगा है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि बच्चे के लगातार रोने से उस पर मानसिक असर पड़ा. पुलिस पोस्टपार्टम स्ट्रेस के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है.हैदराबाद में मंगलवार को हुई सनसनीखेज घटना ने हर किसी को झकझोर दिया. पुलिस के मुताबिक, 21 साल की महिला ने कथित तौर पर अपने दो महीने के बेटे की हत्या कर दी. आरोप है कि बच्चा लगातार रो रहा था, जिससे महिला मानसिक रूप से परेशान हो गई थी.

एजेंसी के अनुसार, घटना का खुलासा तब हुआ, जब बच्चे का पिता सुबह करीब 11 बजे काम से लौटकर घर पहुंचा. उसने देखा कि उसकी पत्नी बच्चे को जला रही थी. जब तक वह कुछ समझ पाता, तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी. यह दृश्य बेहद भयावह था. उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी.पुलिस के अनुसार, बच्चे के मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ मिला और उसके शरीर पर जलने के निशान भी थे. शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि महिला ने बच्चे के लगातार रोने से परेशान होकर यह कदम उठाया. हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है.

मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और महिला से पूछताछ की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि घटना के पीछे की असली वजह जानने के लिए जांच जारी है. यह भी जांच की जा रही है कि कहीं महिला प्रसव के बाद होने वाले मानसिक तनाव (पोस्टपार्टम स्ट्रेस) से तो नहीं जूझ रही थी.अधिकारियों को शक है कि महिला ने तनाव में ऐसा किया, क्योंकि कथित तौर पर बच्चे के जन्म के बाद उसे कोई हेल्प नहीं मिल रही थी. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मध्य प्रदेश के रहने वाले यह कपल कंस्ट्रक्शन साइट पर लेबर क्वार्टर में रह रहे थे.फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे घटना के बारे में और स्पष्ट जानकारी सामने आ सके.

NATIONAL : पेट्रोल पंप पर सिगरेट जलाने से मना किया तो बाइक में ही लगा दी आग……

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रायपुर के एक पेट्रोल पंप पर फ्यूल भरवाते समय एक युवक ने लाइटर से बाइक में आग लगा दी. मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत आग बुझाकर बड़ा हादसा टाल दिया. घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें आग तेजी से फैलती दिख रही है.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. बिरगांव इलाके के एक पेट्रोल पंप पर फ्यूल भरवाते समय बाइक सवार ने कथित तौर पर अपनी ही गाड़ी में आग लगा दी. हालांकि, मौके पर मौजूद पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग को फैलने से पहले ही बुझा दिया.
शुरुआती जानकारी के अनुसार, फ्यूल भरवाते समय एक युवक ने पेट्रोल पंप परिसर के अंदर सिगरेट जलाने की कोशिश की. इस दौरान उसके दोस्त ने इसका विरोध किया और उसे रोकने की कोशिश की. इसी अफरा-तफरी में गाड़ी में आग लग गई.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, धर्मेंद्र क्षत्रिय और इमरान नाम के दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर पेट्रोल पंप पर फ्यूल भरवाने आए थे. जब पेट्रोल पंप कर्मचारी ने बाइक का टैंक खोला तो धर्मेंद्र ने कथित तौर पर एक सिगरेट निकाली और उसे जलाने लगा. ऐसे में इमरान ने उसे रोकने की कोशिश की. तभी धर्मेंद्र ने लाइटर से फ्यूल नोजल पाइप में आग लगा दी.

घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल है. इसमें देखा जा सकता है कि आग तेजी से बाइक के फ्यूल टैंक और पंप मशीन तक फैल गई. आग भड़कने पर दोनों आरोपी और पंप कर्मचारी तुरंत वहां से भागे. लेकिन फिर एक कर्मचारी ने अग्निशमन यंत्र की मदद से आग पर काबू पा लिया.

NATIONAL : कोटद्वार वाले ‘मोहम्मद दीपक’ का Gym जॉइन करेंगे राहुल गांधी…..

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कोटद्वार विवाद के बाद चर्चा में आए जिम ट्रेनर मोहम्मद दीपक से राहुल गांधी ने मुलाकात की और उन्हें न डरने की सलाह दी. दीपक ने बताया कि घटना के बाद उनके जिम की सदस्य संख्या 150 से घटकर 12-15 रह गई है. विवाद दुकान का नाम बदलने को लेकर शुरू हुआ था. पुलिस ने दोनों पक्षों पर FIR दर्ज की है और जांच जारी है. दीपक ने कहा कि वह किसी पार्टी नहीं, बल्कि एक विचारधारा का समर्थन करते हैं.

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को जिम ट्रेनर मोहम्मद दीपक से मुलाकात की. दीपक पिछले महीने उत्तराखंड के कोटद्वार में एक दुकानदार का बचाव करने के बाद चर्चा में आए थे. मुलाकात के बाद दीपक ने बताया कि राहुल गांधी ने उन्हें मिलने के लिए बुलाया और उनके परिवार से भी बात की. दीपक के मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है साथ ही भरोसा दिलाया कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया. दीपक के अनुसार, गांधी ने कहा कि वह कोटद्वार आएंगे और उनके जिम की सदस्यता भी लेंगे.

राहुल गांधी ने एकता का संदेश देते हुए कहा, ‘हर व्यक्ति बराबर है. यही हिंदुस्तानियत है, यही मोहब्बत की दुकान है.’ उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा एकता और साहस का भाव देश के हर युवा में होना चाहिए.दीपक कुमार ने बताया कि पिछले महीने की घटना के बाद उनकी रोजी-रोटी पर बुरा असर पड़ा है. आज तक से बातचीत में उन्होंने कहा कि किराये के कैंपस में चल रहा उनका जिम अचानक ग्राहकों की कमी से जूझ रहा है. पहले जहां रोज सुबह से शाम तक करीब 150 सदस्य ट्रेनिंग लेते थे, अब यह संख्या घटकर केवल 12 से 15 रह गई है.

यह विवाद 26 जनवरी को शुरू हुआ, जब कोटद्वार में अहमद्स बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर के मालिक से कुछ लोगों ने कथित तौर पर दुकान का नाम बदलने को कहा. दुकानदार के इनकार करने पर विवाद बढ़ गया.

पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों से शिकायतें मिलीं और FIR दर्ज की गई. पौड़ी गढ़वाल के एसएसपी सर्वेश पंवार ने बताया कि 31 जनवरी को कुछ बाहरी लोग दीपक कुमार के स्थान पर पहुंचे और सड़क जाम कर दी. उन्होंने कहा कि पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर मामला दर्ज किया है. पंवार ने लोगों से शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी.

दीपक के अनुसार, वह और उनके दोस्त गणतंत्र दिवस मना रहे थे, तभी वे एक मित्र की दुकान पर पहुंचे. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लड़के दुकान के नाम को लेकर दुकानदार से बदसलूकी कर रहे थे. जब उन्होंने उन्हें रोकने की कोशिश की तो लड़कों ने कहा कि उनके धर्म में ‘बाबा’ शब्द सिर्फ सिद्धबली बाबा के लिए इस्तेमाल होता है और दुकान का नाम बदलने की मांग की.

दीपक ने बताया कि दुकानदार के इनकार करने पर मामला सांप्रदायिक रूप ले गया. उनका दावा है कि लड़के बजरंग दल से जुड़े थे और दुकानदार मुस्लिम था. उन्होंने कहा, ‘मेरा नाम मोहम्मद दीपक है, इससे आपको क्या दिक्कत है?’ साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि जब विवाद दूसरी तरफ से शुरू हुआ तो उनके खिलाफ केस क्यों दर्ज किया गया.दीपक ने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं करते, बल्कि एक विचारधारा के साथ खड़े हैं. उन्होंने यह भी कहा कि जिम के हर सदस्य के लिए हनुमान एक आदर्श हैं, क्योंकि वे कड़ी मेहनत की प्रेरणा देते हैं.

RAJASTHAN : चोटी पकड़कर बाइक पर बैठाया, फिर गिर गए दोनों…टोंक में सड़क पर पति-पत्नी का हाई वोल्टेज ड्रामा…

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टोंक जिले के देवली कस्बे में एक युवक द्वारा पत्नी के साथ सरेआम बदसलूकी का वीडियो वायरल हुआ है. जहाजपुर चूंगी नाका रोड पर पति पत्नी के बाल खींचकर उसे बाइक पर बैठाने की कोशिश करता दिखा. करीब 15-20 मिनट तक हंगामा चलता रहा. लोगों ने पुलिस बुलाने की चेतावनी दी तो दोनों वहां से चले गए.

राजस्थान के टोंक जिले के देवली कस्बे में पति-पत्नी के बीच सरेराह हुआ विवाद चर्चा का विषय बन गया है. जहाजपुर चूंगी नाका रोड पर एक निजी नर्सिंग होम के सामने हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक युवक अपनी पत्नी के बाल पकड़कर उसे जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला दर्द से कराहते हुए लगातार विरोध कर रही थी, लेकिन युवक उसे खींचता रहा. सड़क पर यह पूरा घटनाक्रम करीब 15 से 20 मिनट तक चलता रहा. इस दौरान वहां लोगों की भीड़ जुट गई, मगर किसी ने भी बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं दिखाई.

स्थिति तब और बिगड़ गई जब युवक बाल पकड़कर महिला को बाइक पर बैठाने का प्रयास कर रहा था. संतुलन बिगड़ने से दोनों बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े. इसके बावजूद युवक का व्यवहार आक्रामक ही बना रहा. राहगीरों के बीच इस घटना को लेकर आक्रोश देखा गया, लेकिन हस्तक्षेप की जगह अधिकतर लोग तमाशबीन बने रहे.बाद में कुछ लोगों ने युवक को पुलिस बुलाने की चेतावनी दी. बताया जाता है कि इसके बाद वह महिला को साथ लेकर वहां से चला गया. घटना में शामिल दंपति कहां के रहने वाले हैं और उनके बीच विवाद की असली वजह क्या थी, यह स्पष्ट नहीं हो सका है. स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर चर्चा तेज है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस द्वारा संज्ञान लेने की संभावना जताई जा रही है. फिलहाल मामले में आधिकारिक पुष्टि या शिकायत की जानकारी सामने नहीं आई है.

MP : 10वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान वॉशरूम में छात्रा ने दिया बच्चे को जन्म, घरवालों को प्रेग्नेंसी की खबर तक नहीं

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धार जिले में 10वीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान एक नाबालिग छात्रा ने स्कूल के वॉशरूम में बच्चे को जन्म दे दिया. इस घटना से परीक्षा केंद्र में हड़कंप मच गया. जच्चा-बच्चा को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. जहां दोनों की हालत स्थिर है. धार ASP पारुल बेलापुरकर ने बताया कि छात्रा एक प्राइवेट स्कूल में बने परीक्षा केंद्र पर पेपर देने पहुंची थी. उसने करीब डेढ़ से दो घंटे तक गणित का पेपर हल किया. अचानक छात्रा ने पेट में तेज दर्द की शिकायत की और वॉशरूम जाने की इजाजत मांगी.

वॉशरूम जाने के कुछ देर बाद वहां से नवजात बच्चे के रोने की आवाज आई. वहां मौजूद महिला कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचीं और स्थिति देखकर दंग रह गई. छात्रा ने एक बच्चे को जन्म दिया था.

परीक्षा केंद्र में अफरा-तफरी मच गई. आनन-फानन में 108 एंबुलेंस को बुलाया गया और जच्चा-बच्चा को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया. शुरुआती जांच में पता चला है कि बच्चा 34 हफ्ते (करीब 8 महीने) का है. यानी यह एक प्री-मैच्योर डिलीवरी थी. वर्तमान में मां और बच्चा दोनों की स्थिति पर डॉक्टर नजर रखे हुए हैं.

पुलिस की पूछताछ में इस मामले में कई सनसनीखेज पहलू सामने आए हैं. छात्रा के परिजनों ने बताया कि उसकी सगाई हो चुकी थी और वे 18 साल की होने पर उसकी शादी करने वाले थे. हालांकि, छात्रा ने पुलिस को बताया कि बच्चा उसके मंगेतर का नहीं, बल्कि उसके प्रेमी का है. छात्रा ने बताया कि उसकी मुलाकात प्रेमी से 2024 में एक गरबा कार्यक्रम के दौरान हुई थी, जिसके बाद उनके बीच संबंध बने. वह पिछले दो साल से उसके संपर्क में थी. छात्रा की मां और पिता ने दावा किया है कि उन्हें अपनी बेटी की प्रेग्नेंसी की भनक तक नहीं थी.

पुलिस अधिकारी ने बताया, चूंकि छात्रा नाबालिग है, इसलिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है. पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत जीरो पर FIR दर्ज कर ली है. प्राथमिक जांच के बाद मामले को इंदौर जिले के बेटमा पुलिस को स्थानांतरित किया जा रहा है.

NATIONAL : मधेपुरा में बुजुर्ग दंपति को घर में बंधक बनाकर मचाई 15 लाख की लूट……..

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मधेपुरा जिले के भर्राही थाना क्षेत्र में देर रात हथियारबंद अपराधियों ने एक बुजुर्ग दंपति को बंधक बनाकर करीब 15 लाख रुपये की लूट को अंजाम दिया. बदमाश नकाब पहनकर घर के पीछे से घुसे और नकदी व जेवरात समेटकर फरार हो गए. पुलिस ने मामला दर्ज कर एफएसएल और डीआईयू टीम के साथ जांच शुरू कर दी है.

बिहार के मधेपुरा जिले में अपराधियों के हौसले एक बार फिर बुलंद नजर आए. भर्राही थाना क्षेत्र अंतर्गत महेशुआ पंचायत के ब्रह्मोत्तर वार्ड संख्या 8 में बुधवार अहले सुबह करीब दो बजे बेखौफ हथियारबंद बदमाशों ने एक बुजुर्ग दंपति को बंधक बनाकर लाखों की लूट की वारदात को अंजाम दिया. घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है.पीड़ित गृहस्वामी तेजनारायण गुप्ता ने बताया कि उनका बेटा बाहर रहकर काम करता है, जबकि वे घर के सामने ही किराना दुकान चलाते हैं. रोज की तरह रात में दुकान बंद कर दंपति घर के भीतर सो रहे थे. इसी दौरान करीब छह की संख्या में नकाबपोश अपराधी घर के पीछे की ओर से अंदर घुस आए. सभी के हाथों में हथियार थे.

बदमाशों ने सबसे पहले दंपति को जगाकर हथियार सटा दिए और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी. भयभीत दंपति को एक कमरे में बिठाकर अपराधियों ने पूरे घर की तलाशी ली. अलमारी और बक्सों को खंगालते हुए बदमाश करीब पांच लाख रुपये नकद और लगभग दस लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात समेट ले गए. वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी आराम से फरार हो गए.

सुबह घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग जुट गए. सूचना पर भर्राही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की. पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल और डीआईयू की टीम को भी बुलाया है.मामले को लेकर एएसपी प्रवेंद्र भारती ने बताया कि पीड़ित के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और विभिन्न बिंदुओं पर जांच की जा रही है. आसपास के संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है तथा अपराधियों की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं. पुलिस ने जल्द ही घटना के उद्भेदन का दावा किया है. फिलहाल ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों का माहौल है.

IND vs ZIM : कब कितने बजे से खेला जाएगा भारत जिम्बाब्वे का मैच……

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टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में आज भारत और जिम्बाब्वे की टीमें आमने-सामने होंगी. सेमीफाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए टीम इंडिया को यह मैच हर हाल में जीतना होगा.

आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में आज भारत का मुकाबला जिम्बाब्वे से होने जा रहा है. मौजूदा चैंपियन भारतीय टीम के लिए यह मैच बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि सेमीफाइनल की रेस में बने रहने के लिए अब हर मुकाबला ‘करो या मरो’ जैसा हो चुका है. हाल ही में भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रन की बड़ी हार का सामना करना पड़ा था, जिसने टीम की लगातार जीत की लय तोड़ दी.

अब टीम इंडिया को टूर्नामेंट में वापसी के लिए जिम्बाब्वे के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी. दूसरी ओर जिम्बाब्वे भी अपने पिछले मुकाबले में वेस्टइंडीज से करारी हार झेल चुकी है और वह भी जीत के साथ वापसी करना चाहेगी. ऐसे में दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला काफी निर्णायक साबित हो सकता है.

भारत और जिम्बाब्वे के बीच यह सुपर-8 मुकाबला आज यानी 26 फरवरी को खेला जाएगा. मैच का आयोजन चेन्नई के ऐतिहासिक एम ए चिदंबरम स्टेडियम में होगा. मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 7:00 बजे से शुरू होगा, जबकि टॉस 6:30 बजे किया जाएगा.

अगर आप इस अहम मुकाबले का लाइव आनंद लेना चाहते हैं, तो टीवी पर इसे स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के चैनलों पर देखा जा सकता है. वहीं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मैच की लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी. यहां दर्शक लाइव स्कोर के साथ-साथ मैच की हर अपडेट भी देख सकेंगे.

भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, रिंकू सिंह, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल.

जिम्बाब्वे: सिकंदर रजा (कप्तान), ब्रायन बेनेट, तादिवानाशे मारुमानी (विकेटकीपर), रयान बर्ल, ताशिंगा मुसेकिवा, टोनी मुन्योंगा, डियोन मायर्स, ब्रैड इवांस, ग्रेम क्रेमर, रिचर्ड नगरावा, ब्लेसिंग मुजाराबानी, वेलिंग्टन मसाकाद्ज़ा, बेन करन, क्लाइव मदांडे, टिनोटेंडा मापोसा.

NATIONAL : पिता की हत्या के बाद फोन पर दोस्त से सबसे पहले मांगी थी मदद, भाई-बहन दोनों का इंस्टा अकाउंट लॉक

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लखनऊ के आशियाना इलाके में मानवेंद्र सिंह की हत्या के बाद जांच अब सिर्फ वारदात तक सीमित नहीं है. पुलिस घटना के बाद आरोपी बेटे अक्षत और बेटी कृति की गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है. खासतौर पर दोनों के इंस्टाग्राम अकाउंट अचानक प्राइवेट किए जाने और वारदात के तुरंत बाद अक्षत द्वारा अपने एक दोस्त से संपर्क करने के तथ्य को अहम माना जा रहा है.

पुलिस का कहना है कि राइफल से गोली चलाए जाने की पुष्टि तो हुई है, लेकिन हत्या के पीछे की पूरी वजह अभी जांच के दायरे में है. डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और लोकेशन हिस्ट्री के आधार पर घटनाक्रम की सटीक टाइमलाइन तैयार की जा रही है. जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या वारदात के बाद सबूत छिपाने या जांच को भटकाने की कोई कोशिश की गई थी.

हत्या के बाद सबसे पहले जो बदलाव सामने आया, वह था अक्षत और कृति दोनों के इंस्टाग्राम अकाउंट का प्राइवेट हो जाना. घटना के बाद दोनों ने अपने अकाउंट लॉक कर दिए. जांच एजेंसियों को शक है कि यह कदम महज संयोग नहीं हो सकता. डिजिटल एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी गंभीर अपराध के बाद सोशल मीडिया अकाउंट प्राइवेट करना आमतौर पर दो वजहों से होता है या तो व्यक्ति ट्रोलिंग से बचना चाहता है, या फिर वह अपनी डिजिटल गतिविधियों को सीमित कर संभावित जांच से दूरी बनाना चाहता है. पुलिस अब यह खंगाल रही है कि हत्या से पहले और बाद में दोनों के अकाउंट पर क्या गतिविधियां हुईं, किससे बातचीत हुई और क्या कोई संदेश या कॉल रिकॉर्ड जांच में अहम भूमिका निभा सकता है. वहं सूत्रों के अनुसार कृति दो अलग-अलग नामों से सोशल मीडिया पर सक्रिय थी.

सूत्रों का कहना है कि पिता को गोली मारने के बाद अक्षत ने सबसे पहले अपने एक करीबी दोस्त से संपर्क किया. उसने घटना की जानकारी दी और आत्मसमर्पण करने की बात कही. बताया जा रहा है कि बहन कृति के अकेले पड़ जाने के डर का हवाला देकर उसने अपना फैसला बदल लिया. इसी के बाद शव को ठिकाने लगाने की योजना बनी. पुलिस इस पहलू को बेहद गंभीरता से देख रही है क्या यह अचानक लिया गया निर्णय था या पहले से सोचा-समझा कदम

परिचितों के अनुसार 19 फरवरी को जब मानवेंद्र सिंह घर लौटे, तो उन्होंने घर में रखी नकद रकम करीब 50 लाख रुपये से अधिक की गिनती की. बताया जा रहा है कि यह रकम शराब के ठेके के परमिट रिन्यूअल के लिए रखी गई थी, जिसकी अंतिम तिथि 23 फरवरी थी. रकम कम पाई गई तो पिता-पुत्र के बीच तीखी बहस हुई. आरोप है कि बहस के दौरान मानवेंद्र ने अक्षत को थप्पड़ मारे और लाइसेंसी राइफल उसकी ओर तान दी. पुलिस की आधिकारिक पुष्टि है कि हत्या लाइसेंसी राइफल से की गई. लेकिन मोहल्ले और रिश्तेदारों के बीच चर्चा कुछ और है. मृतक के बहनोई एसके भदौरिया का कहना है कि हत्या की जड़ सिर्फ पढ़ाई का दबाव नहीं हो सकता. अक्षत ने शुरुआती पूछताछ में नीट परीक्षा की तैयारी का दबाव बताया, जबकि विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड के मुताबिक वह 2025 सत्र में बीबीए प्रोग्राम में दाखिल था.

जांच में जो सबसे चौंकाने वाला तथ्य सामने आया, वह यह कि हत्या के बाद दोनों भाई-बहन उसी कमरे में सोते रहे, जहां शव के टुकड़े रखे गए थे. यह व्यवहार सामान्य मनोविज्ञान के विपरीत माना जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि अपराध के बाद अपराधी अक्सर घबराहट या बेचैनी में अलग व्यवहार करते हैं, लेकिन यहां बाहरी तौर पर सामान्य दिनचर्या बनाए रखने की कोशिश दिखाई देती है. 20 और 21 फरवरी को कृति ने अपनी 11वीं की परीक्षा दी. वह नियमित रूप से एपीएस स्कूल गई, ताकि किसी को शक न हो. घर के भीतर खून और साजिश का सिलसिला चलता रहा, जबकि बाहर से सब कुछ सामान्य दिखाने का प्रयास होता रहा.

करीब तीन वर्ष पहले मानवेंद्र ने अपने बेटे और बेटी के खातों में लगभग पांच लाख रुपये ट्रांसफर किए थे. इसके बाद अक्षत छह पन्नों का पत्र लिखकर घर से चला गया था. उसने खुद को बिजनेस करने वाला घोषित किया था. उस समय मामला परिवार के भीतर सुलझा लिया गया, लेकिन अब जांच एजेंसियां उस पत्र की सामग्री को फिर से खंगाल रही हैं.

मोहल्ले के लोगों के अनुसार, मानवेंद्र ने हाल के महीनों में घर में सख्ती बढ़ा दी थी. वे अक्सर कहते थे कि तुम लोगों के लिए अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं. उन्होंने दूसरी शादी पर भी विचार किया था और एक मित्र से सलाह ली थी. सूत्रों का दावा है कि यह बात अक्षत को नागवार गुजरती थी. पुलिस इस एंगल को भी नजरअंदाज नहीं कर रही.

तकनीकी जांच में सामने आया है कि 20 फरवरी को अक्षत काकोरी गया था. वहां उसने जानबूझकर फोन ऑन किया, ताकि आखिरी लोकेशन घर की जगह काकोरी दिखे. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह कदम जांच को गुमराह करने के उद्देश्य से उठाया गया हो सकता है. अक्षत की निशानदेही पर नादरगंज के पास नहर किनारे झाड़ियों से शव के कटे हाथ-पैर बरामद हुए. ट्रांसपोर्ट नगर रेलवे ट्रैक के पास कूड़े के ढेर से दो चाकू और दो आरी मिलीं. पुलिस का दावा है कि शव को ठिकाने लगाने के लिए नीला ड्रम और आरी खरीदी गई थी. 24 फरवरी को जब पुलिस अक्षत को घर लेकर आई, तो मोहल्ले में भीड़ जमा हो गई.

BHAKTI : वृंदावन में 28 फरवरी को खेली जाएगी फूल की होली! जानें इस खास होली सेलिब्रेशन के पीछे का कारण?

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ब्रज क्षेत्र में होली की शुरुआत हो चुकी है. 28 फरवरी 2026, शनिवार के दिन फूलों की होली खेली जाएगी. कभी सोचा है कि, आखिर रंगो के अलावा फूलों की होली क्यों हैं इतना खास?

ब्रज क्षेत्र में होली का नाम सुनते ही हर किसी के चेहरे पर मुस्कान दौड़ जाती है, और जब बात बांके बिहारी मंदिर में मनाई जाने वाली फूलों की होली की आती है, तो यह किसी भी परम सुख से कम नहीं है. दरअसल यह पारंपरिक होली केवल रंगों का पर्व नहीं है, बल्कि भक्त और भगवान के बीच के दिव्य प्रेम का प्रतीक है. इस साल वृंदावन में फूलों की होली 28 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी.

आइए जानते हैं वृंदावन में फूलों से होली खेलने के पीछे का क्या खास कारण है जो इसे इतना अनोखा और दुनिया भर में इतना लोकप्रिय बना देता है. बांके बिहारी मंदिर में दिव्य फूलों की होली 28 फरवरी 2026, शनिवार के दिन मनाई जाएगी.

वृंदावन में फूलों की होली का उत्सव द्वापर युग से चलता आ रहा है, जब भगवान कृष्ण राधा रानी और प्रिय गोपियों के साथ फूलों का इस्तेमाल करके होली खेला करते थे. आज भी जब बांके बिहारी मंदिर में भक्तों पर फूल बरसाए जाते हैं, तो ऐसा लगता है मानो खुद भगवान कृष्ण उनपर अपना प्यार बरसा रहे हैं.
पुष्प होली मानने का खास कारण यह है कि, इसे पवित्र और पुण्यकारी माना जाता है. गुलाल या रसायनों के बजाए गुलाब, गेंदा और चमेली के फूलों का उपयोग रिश्तों की कोमलता को सुंगधित करने के साथ ताजगी से भर देता है. मान्यताओं के मुताबिक, इन फूलों की सुंगध और स्पर्श भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी को काफी प्रिय है.

ब्रज क्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी का फूलों से श्रृंगार करना बेहद ही खास अनुष्ठान है. इसलिए ब्रज में फूलों से होली खेलने की खास परंपरा रही है. फूलों की होली के पवित्र मौके पर भक्त और गोसई जी ठाकुर श्री बांके बिहारी लाल के साथ मनमोहक होली खेलते हैं और भक्ति में लीन रहते हैं.

SHIMLA : हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, यूथ कांग्रेस के 3 कार्यकर्ताओं को ले गई साथ

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शिमला और दिल्ली पुलिस के बीच 3 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. इस बीच अब दिल्ली पुलिस तीनों को लेकर रवाना हुई है.हिमाचल की राजधानी शिमला में रात भर चले ड्रामे के बाद दिल्ली पुलिस तीनों युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को लेकर दिल्ली रवाना हो गई है. हिमाचल पुलिस ने तीन बार दिल्ली पुलिस का रास्ता रोका था. आखिरकार अब पुलिस पूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तड़के रवाना हुई है.

दरअसल हिमाचल प्रदेश पुलिस ने दिल्ली पुलिस की टीम को उस समय रोक लिया, जब वह आरोपियों को राष्ट्रीय राजधानी ले जा रही थी. हिमाचल प्रदेश पुलिस के सूत्रों के अनुसार दिल्ली की टीम ने शिमला में स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बिना कार्रवाई की. आरोपी कथित तौर पर हिमाचल प्रदेश के निवासी नहीं हैं.दिल्ली पुलिस गिरफ्तार किए गए 3 आरोपी IYC(इंडियन यूथ कांग्रेस) कार्यकर्ताओं सौरव, अरबाज और सिद्धार्थ को मेडिकल जांच के लिए अंबाला सिविल अस्पताल ले आई. तीनों आरोपियों को IYC (इंडियन यूथ कांग्रेस) AI समिट विरोध मामले में दिल्ली पुलिस ने शिमला से गिरफ्तार किया है.

बता दें कि बिना बताए की गई कार्रवाई पर शिमला पुलिस में गुस्सा फूट गया. जिसको लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया. इस पर कार्रवाई करते हुए हिमाचल पुलिस ने तीन वाहनों को रोक लिया जिसमें आरोपी और दिल्ली पुलिस के कर्मी सवार थे.

अधिकारियों ने बताया कि सौरभ, सिद्धार्थ और अरबाज को दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल के एक होटल से पकड़ा. उन्हें एक स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किया गया, जिसने उनकी ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर ली ताकि पुलिस उन्हें आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली ला सके. हालांकि, आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद घटनाक्रम ने नाटकीय मोड़ ले लिया.

सूत्रों के अनुसार दो वाहनों को शिमला में रोका गया, जबकि तीसरे वाहन को सोलन जिले के धर्मपुर के पास रोका गया. इस दौरान पुलिसकर्मियों समेत करीब 20 लोगों को हिरासत में लिया गया. भारत मंडपम में 20 फरवरी को शर्टलेस विरोध प्रदर्शन ने सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल पैदा किए. इस घटना के बाद पुलिस ने पहले भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत दंगा करने और वैमनस्य फैलाने सहित विभिन्न आरोप लगाए थे.

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