Tuesday, September 29, 2026
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ENTERTAINMENT : रश्मिका मंदाना-विजय देवरकोंडा की शादी आज, सादगी के साथ करेंगे नए सफर की शुरुआत, इस खास थीम पर कर रहे शादी

रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा आज शादी के बंधन में बंध रहे हैं. उनके विवाद में पुराने दौर की सादगी दिखेगी. इसके लिए कपल ने खास थीम चुनी है.विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना आज उदयपुर में शादी के बंधन में बंधने वाले हैं. कपल दो सेरेमनी करेंगे, जिसमें उनके तेलुगु और कोडवा रूट्स का सम्मान किया जाएगा. और लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, सेरेमनी में “प्राइमल” थीम होगी, जो पुराने ज़माने का चार्म दिखाएगी. आइए इस थीम के बारे में जानते हैं ये क्या है.

रश्मिका और विजय ने अपनी शादी के लिए ‘प्राइमल’ थीम चुनी है. जो दशकों पहले शादियों को मनाने के तरीके से इंस्पायर है, जिसमें सिंपल ट्रेडिशन, पुराने रीति-रिवाज और पुराने ज़माने का चार्म खूबसूरती से फिर से बनाया जाएगा. डेकोर एक ऐसे सेलिब्रेशन को हाईलाइट करेगा जो इंटिमेट और ऑथेंटिक दोनों लगेगा.

‘प्राइमल’ का अर्थ है मूल, आदिम या वह जो शुरुआत से जुड़ा हो यानी जड़ों की ओर लौटना. इस थीम में शादी को उसी सादगी और पवित्रता के साथ रचा जाएगा, जैसे दशकों पहले विवाह होते थे, जब दिखावे से ज्यादा महत्व परंपराओं, रीति-रिवाजों और भावनाओं को दिया जाता था. सूत्रों के मुताबिक, यह विवाह उसी विचार पर आधारित होगा “जहां से सृष्टि का निर्माण हुआ” यानी प्रकृति, पंचतत्व और जीवन की मूल ऊर्जा को केंद्र में रखकर रश्मिका और विजय शादी के बंधन में बंधेंगे. सजावट में प्राकृतिक रंग, मिट्टी, लकड़ी, फूलों और पारंपरिक प्रतीकों का इस्तेमाल किया जाएगा. हर रस्म को उसके असली स्वरूप में निभाया जाएगा, ताकि शादी में पुरातन भारतीय संस्कृति की झलक साफ दिखाई दे.

इस प्राइमल थीम के जरिए रश्मिका और विजय अपनी नई जिंदगी की शुरुआत सादगी, आध्यात्मिकता और जड़ों से जुड़ाव के साथ करना चाहते हैं. यह सिर्फ एक शादी नहीं, बल्कि उस मूल भावना का उत्सव होगा, जहां रिश्ते दिखावे से नहीं, बल्कि विश्वास, संस्कार और प्रकृति के साक्षी में जुड़ते हैं.

बता दें कि विजय और रश्मिका की शादी की रस्में 24 फरवरी, 2026 को उदयपुर में शुरू हुईं. संगीत, मेहंदी और हल्दी सेरेमनी में मेहमानों ने खूब एंजॉय किया. प्री वेडिंग की फर्स्ट नाइट गेस्ट को डिनर में जापानी डिशेज सर्व की गई थीं. दोनों ने क्रिकेट और वॉलीबॉल मैच भी खेले. विजय और रश्मिका ने अपने-अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी हल्दी सेरेमनी की झलकियां शेयर की हैं. सेरेमनी उदयपुर के एकाया में ITC होटल्स के मेमेंटोस में हो रही है. शादी के बाद, विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना 4 मार्च, 2026 को हैदराबाद में एक रिसेप्शन होस्ट करने वाले हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह इवेंट ताज कृष्णा में होगा. कपल के इंडस्ट्री से दोस्तों के रिसेप्शन में आने की उम्मीद है, जिससे यह एक स्टार-स्टडेड नाइट बन जाएगी.

वर्क फ्रंट पर, विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना जल्द ही ‘राणाबली’ नाम की फिल्म में साथ काम करेंगे. दूसरी ओर, एक्ट्रेस के पास होमी अदजानिया की ‘कॉकटेल 2’ है जिसमें शाहिद कपूर और कृति सनोन हैं, जो सितंबर में रिलीज़ होने वाली है. इस बीच, विजय की ‘राउडी जनार्दन’ इस साल दिसंबर में सिनेमाघरों में आने वाली है.

NATIONAL : टूटी टांग और हाथ में हथकड़ी, नवविवाहिता को गोली मारने वाला आरोपी रोते हुए माफी मांगता दिखा…..

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तरन तारन के पट्टी में नवविवाहिता रूबी मेहरा को गोली मारने के मामले में आरोपी करण नाम के युवक को गिरफ्तार किया गया. अदालत ले जाते समय उसका माफी मांगते हुए वीडियो वायरल हो रहा है. पुलिस जांच में सामने आया है कि पिस्टल दोस्त के पिता की थी. रूबी की हालत अमृतसर के अस्पताल में नाजुक बनी हुई है.

पंजाब के जिला तरन तारन के कस्बा पट्टी में नवविवाहिता रूबी मेहरा को सिर में गोली मारने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने आरोपी युवक करण को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी के बाद जब उसे अदालत में पेशी के लिए ले जाया जा रहा था, उस दौरान की एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. वीडियो में करण माफी मांगता हुआ नजर आ रहा है. बताया जा रहा है कि पुलिस से बचकर भागते समय उसकी टांग टूट गई थी.

एसएसपी सुरिंदर लांबा ने बताया कि जांच में सामने आया है कि करण ने जिस पिस्टल से फायरिंग की, वह उसने अपने एक दोस्त से छीनी थी. यह पिस्टल उसके दोस्त के पिता की बताई जा रही है. पुलिस ने अवैध रूप से हथियार रखने और लापरवाही बरतने के मामले में पिस्टल के मालिक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है.

बता दें, शनिवार को पट्टी के गार्डन कॉलोनी निवासी रूबी मेहरा पर करण ने कई राउंड फायर किए थे. रूबी की दो माह पहले ही शादी हुई थी. बताया जा रहा है कि करण इस शादी से नाराज था और शादी से पहले भी वह रूबी को परेशान करता था.घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था. गंभीर रूप से घायल रूबी को तुरंत अमृतसर के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया. अस्पताल सूत्रों के अनुसार उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

LUCKNOW : लखनऊ में 2000 किलो खराब मिठाइयां कराईं नष्ट, होली से पहले नकली पनीर और रंगीन कचरी भी जब्त

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होली से पहले यूपी के बाराबंकी, आजमगढ़, हापुड़, लखनऊ, अयोध्या, सहारनपुर और राजस्थान के अलवर फूड डिपार्टमेंट ने छापेमारी की. इस दौरान हजारों किलो मिलावटी खोया, पनीर, मिठाइयां, दूध और रंगीन कचरी जब्त की गईं. कई स्थानों पर संदिग्ध खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया, जबकि सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं.

होली और रमजान जैसे बड़े त्योहारों के चलते कई जिलों में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया. उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में हो रही छापेमारी में हजारों किलो मिलावटी और संदिग्ध खाद्य पदार्थ जब्त किए गए हैं, जबकि बड़ी मात्रा में सामान मौके पर ही नष्ट कराया गया. प्रशासन का साफ कहना है कि त्योहारों के दौरान लोगों की सेहत से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा.

बड़ी कार्रवाई यूपी के बाराबंकी में देखने को मिली. यहां खाद्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर करीब 100 किलो पनीर और 200 किलो रंगीन कचरी को जब्त कर नाले में बहा दिया. इसके अलावा करीब 50 हजार रुपये मूल्य का खाद्य पदार्थ नष्ट किया गया. सहायक खाद्य आयुक्त शैलेंद्र सिंह ने कहा कि त्योहारों के दौरान मिलावटखोरी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान लगातार जारी रहेगा.

वहीं आजमगढ़ में भी खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक गोदाम पर छापा मारा. यहां से आगरा से लाए गए करीब 3.35 लाख रुपये मूल्य के मिलावटी खोया, काजू बर्फी, पनीर और अन्य मिठाइयों को जब्त किया गया.सभी संदिग्ध खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर उन्हें नष्ट कराया गया. सहायक आयुक्त सुशील कुमार मिश्र ने लोगों से अपील की कि वे चमकीले और रंगीन खाद्य पदार्थों से बचें और पैक्ड सामान खरीदते समय उसकी एक्सपायरी डेट जरूर जांचें.

इसी तरह हापुड़ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के शाहपुर में एक घर में छापा मारकर 13 क्विंटल रंगीन कचरी बरामद की. यह कचरी दिल्ली और एनसीआर में सप्लाई के लिए तैयार की जा रही थी. विभाग ने सभी सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं और लोगों को चेतावनी दी है कि ऐसे सिंथेटिक खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं.

राजधानी लखनऊ में भी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमों ने बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए 2 हजार किलो से अधिक खराब मिठाइयां, दूध और खोया मौके पर ही नष्ट कराया. यह कार्रवाई शहर के अलग-अलग इलाकों में की गई, जहां मिलावटखोरी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं.इसी तरह अयोध्या में भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया. यहां एक होलसेल व्यापारी की दुकान पर छापेमारी कर लाखों रुपये के खाद्य पदार्थ सीज किए गए. टीम ने करीब 2.82 लाख रुपये कीमत के पाम ऑयल के 82 टिन और 61 हजार रुपये का रिफाइंड तेल जब्त किया. सभी सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं.

वहीं सहारनपुर में छापेमारी के दौरान चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां टॉयलेट के पास 2000 लीटर दूध रखा मिला. जंग लगे कंटेनरों में दूध भरा जा रहा था, जो साफ तौर पर खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है. विभाग ने सैंपल लेकर संबंधित लोगों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

इसके अलावा राजस्थान के अलवर में भी मिलावटखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई. यहां 180 किलो नकली और सिंथेटिक पनीर को नष्ट किया गया. अधिकारियों के मुताबिक, यह क्षेत्र नकली मावा और मिठाइयों की सप्लाई के लिए कुख्यात है, जहां से एनसीआर के कई शहरों में मिलावटी सामान भेजा जाता है.

इन लगातार हो रही कार्रवाइयों से साफ है कि त्योहारों के दौरान मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं और मुनाफा कमाने के लिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ करते हैं. ऐसे में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए पूरे राज्य में अभियान तेज कर दिया है.

खाद्य विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध या सस्ते खाद्य पदार्थ से बचें. खासतौर पर रंगीन मिठाइयों, सिंथेटिक पनीर और खुले दूध को खरीदते समय सतर्क रहें. पैक्ड सामान लेते समय उसकी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें. फिलहाल यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा. प्रशासन का कहना है कि जहां भी मिलावटखोरी की शिकायत मिलेगी, वहां तुरंत कार्रवाई की जाएगी.

NATIOANL : घर में पत्नी और 3 बच्चों की लाश, फरार पति… आखिर दिल्ली के इस घर में क्या हुआ था आखिरी पलों में?

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राजधानी दिल्ली में समयपुर बादली इलाके में एक महिला अनीता और उसके तीन नाबालिग बच्चों की कथित तौर पर धारदार हथियार से हत्या कर दी गई. वारदात के बाद आरोपी पति फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है.

खून से रंगी दिवारें, मासूमों की चीखें… दिल्ली के चंदन पार्क में रात के अंधेरे में दर्दनाक कत्लेआम हुआ. रात के करीब नौ बजे थे. दिन भर की थकान के बाद दिल्ली का यह इलाका धीरे-धीरे सोने की तैयारी में था. गलियों में रोशनी कम हो रही थी, दुकानों के शटर गिरने शुरू रहे थे, और घरों में बच्चों को नींद आने लगी थी.

उत्तरी बाहरी दिल्ली के समयपुर बादली इलाके के चंदन पार्क में भी रात का सन्नाटा पसरने लगा था. लेकिन 60 फीट रोड, गली नंबर तीन में बने एक मकान के भीतर उस वक्त जो हो रहा था वो रात के उस अंधेरे को और भी गहरा और भयावह बना रहा था.जब पड़ोस में रहने वाली एक महिला की नज़र उस घर पर पड़ी, तो रात के धुंधलके में भी उसे कुछ असामान्य लगा. दरवाज़े की दरारों से बाहर रिसती गहरी लाल लकीर खून. हिम्मत जुटाकर जब उसने झांका, तो अंदर का मंजर देखकर उसकी चीख गले में ही घुट गई. रात के उस सन्नाटे में कांपते हाथों से उसने फोन उठाया और पुलिस को सूचना दी.

देर नहीं हुई. समयपुर बादली थाने की पुलिस टीम रात के अंधेरे को चीरते हुए मौके पर पहुंची. जब दरवाज़ा खुला, तो सामने था एक ऐसा मंजर जिसे देखकर सख्त से सख्त पुलिस अफसर की भी आंखें फटी की फटी रह गईं. कमरे में अलग-अलग जगहों पर चार शव पड़े थे. खून से लथपथ. निर्जीव. बेआवाज़. रात की खामोशी में वो खून के धब्बे और भी चीख रहे थे.

मृतक महिला की पहचान अनीता के रूप में हुई. एक मां, जिसने शायद उस रात अपने बच्चों को खाना खिलाया होगा, उन्हें सुलाने की कोशिश की होगी और फिर किसी ने उन्हें हमेशा के लिए सुला दिया. उसके साथ उसके तीन मासूम बच्चे भी इस दुनिया को अलविदा कह चुके थे. सबसे बड़ा मात्र 7 साल का, दूसरा 5 साल का, और सबसे छोटा जो अभी ठीक से दुनिया को समझना भी नहीं सीखा था महज 3 साल का. तीनों की गर्दनें रेती हुई थीं. किसी धारदार हथियार से किए गए इस रात के कत्लेआम ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया.

वो 3 साल का बच्चा, जो उस रात शायद मां की गोद में सोने की जिद कर रहा होगा, जो थका हुआ था और नींद में आंखें मींच रहा होगा उसका गला किसी ने रेत दिया. यह हत्या नहीं, यह नरसंहार था. यह दरिंदगी की हर हद को पार कर जाने वाला जुर्म था और यह जुर्म हुआ रात के उस वक्त, जब पूरी दुनिया सो रही थी.

पुलिस ने जब मौके का जायज़ा लिया, तो साफ था कि यह काम अचानक का नहीं था. रात के अंधेरे का फायदा उठाकर यह वारदात अंजाम दी गई थी. वारदात में इस्तेमाल धारदार हथियार की क्रूरता, और चारों की एक ही तरीके से की गई हत्या. यह सब एक सोची-समझी, ठंडे दिल से रची गई साज़िश की गवाही दे रहे थे. क्राइम टीम और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने रात में ही मौके की बारीकी से जांच की, सबूत इकट्ठे किए, और हर कोने को खंगाला.

लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि आरोपी कहां है? शक की सुई घूमती है अनीता के पति की तरफ. जिस घर में उसकी पत्नी और तीन बच्चों के शव पड़े थे, वो खुद उसी रात वहां से फरार हो चुका था. रात के अंधेरे ने उसे भागने में मदद की न कोई निशान, न कोई सुराग, बस खून के धब्बे और मातम में डूबा एक घर. पुलिस ने तुरंत एक टीम गठित कर उसकी तलाश शुरू कर दी. रात भर अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की गई, नाकेबंदी की गई और जानकारों से पूछताछ जारी रही.

अनीता के परिजनों को जब रात के उस अंधेरे में इस दर्दनाक खबर की सूचना मिली, तो मातम छा गया. वो घर जो कभी हंसी-खुशी से गूंजता था, आज सिसकियों से भर गयां एक मां गई, तीन मासूम गए और पीछे छूट गया एक सवाल: क्यों?

चारों शवों को रात में ही पोस्टमार्टम के लिए नज़दीकी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत का सटीक कारण और वारदात की पूरी तस्वीर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद और साफ़ होगी.दिल्ली जो पहले से ही महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवालों के घेरे में है. एक बार फिर इस बर्बर घटना के बाद कठघरे में खड़ी है. चंदन पार्क की वो गली आज रात भी सन्नाटे में डूबी है.

BIHAR : दो युवकों से 2 महिला ने रचाई शादी, फिर 5 लाख लूटकर लुटेरी दुल्हनों संग फरार हुआ गैंग

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बिहार के गोपालगंज से शादी के नाम पर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां राजस्थान के दो युवकों से शादी कराने के बहाने करीब पांच लाख रुपये ऐंठ लिए गए. शादी के तुरंत बाद विदाई के दौरान बदमाशों ने चाकू दिखाकर दूल्हों के साथ मारपीट की और दोनों दुल्हनों को अपने साथ लेकर फरार हो गए. घटना के बाद पीड़ितों ने नगर थाना पहुंचकर पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

राजस्थान के जयपुर (सांगानेर) निवासी अंकित कुमार और सवाई माधोपुर निवासी प्रिंस शादी के इच्छुक थे. उनके घर के पास रहने वाले एक दलाल ने बिहार में शादी कराने का झांसा दिया. आरोप है कि दलाल ने दोनों युवकों से दो-दो लाख रुपये नकद लिए. इसके अलावा शादी के खर्च के नाम पर पचास-पचास हजार रुपये अतिरिक्त वसूल किए गए. इसके बाद सोमवार की सुबह दोनों युवक अपने स्वजन के साथ बस से गोपालगंज पहुंचे.

गोपालगंज पहुंचने पर बंजारी मोड़ से दलाल का एक सहयोगी दोनों युवकों और उनके परिजनों को जादोपुर रोड स्थित एक मैरेज हॉल में ले गया. वहां पहले से चार-पांच लोग मौजूद थे. भोजन कराने के बाद दो युवतियों को बुलाया गया, जिन्होंने शादी के लिए सहमति जताई. इसके बाद पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाज से शादी संपन्न कराई गई. शादी के बाद वर-वधू ने परिजनों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं.

शादी के बाद दोनों युवक अपनी-अपनी दुल्हन के साथ ऑटो से बस स्टैंड के लिए रवाना हुए, जहां से उन्हें राजस्थान लौटना था. लेकिन जैसे ही ऑटो बंजारी मोड़ के पास पहुंचा, तभी दो अपाची बाइक पर सवार चार युवक वहां पहुंचे और ऑटो को रोक लिया. बदमाशों ने दूल्हों के साथ मारपीट की और उनका सामान छीन लिया. इसी दौरान दोनों दुल्हनें भी बाइक सवार बदमाशों के साथ फरार हो गईं.

पीड़ित दूल्हों ने दुल्हनों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि दोनों दुल्हनें भी इस पूरे घटनाक्रम में शामिल थीं और मौके से फरार हो गईं. घटना के बाद दोनों युवक नगर थाना पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई. पीड़ितों ने दलाल को पकड़कर पुलिस के हवाले भी कर दिया है. नगर थाना पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की छानबीन जारी है.

नगर थानाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. पीड़ित युवकों ने पुलिस से लुटेरी दुल्हन और मैरेज हॉल से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.सूत्रों के अनुसार, गोपालगंज जिले में फर्जी तरीके से दूसरे राज्यों के लोगों को बुलाकर शादी कराने और ठगी करने का रैकेट सक्रिय है. शादी के बाद दुल्हन या तो साथ जाने से इंकार कर देती है या फिर बदमाशों के साथ मिलकर फरार हो जाती है.

करीब एक सप्ताह पहले भी राजस्थान के एक अधेड़ व्यक्ति के साथ इसी तरह का मामला सामने आया था, जहां शादी के बाद किशोरी ने उसके साथ जाने से इंकार कर दिया था. इस घटना के बाद इलाके में हंगामा हुआ था. पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है.

NATIONAL : फलों पर लगाई चूहे मारने की दवा…मलाड में दो फल वाले गिरफ्तार, दुकान सील

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मुंबई के मालाड इलाके में फलों पर चूहे मारने की दवा लगाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. शिकायत मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो विक्रेताओं को हिरासत में लिया और उनकी दुकान सील कर दी. आरोप है कि फलों को चूहों से बचाने के नाम पर जहरीला पदार्थ लगाया जा रहा था. मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.

महाराष्ट्र में मुंबई के उत्तरी उपनगर मालाड में फलों की बिक्री से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि कुछ विक्रेता फलों पर चूहे मारने की दवा लगाकर उन्हें बाजार में बेच रहे थे, जिससे आम लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता था. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दुकान सील कर दी और दो आरोपियों को हिरासत में लिया.

यह मामला तब सामने आया जब स्थानीय नागरिक कुणाल सालुंके ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में कहा गया था कि दो फल विक्रेता फलों को चूहों से बचाने के नाम पर उन पर जहरीला पदार्थ लगा रहे हैं. बताया गया कि यह पूरी घटना कैमरे में भी कैद हुई है, जिसे सबूत के तौर पर पुलिस को सौंपा गया.

मालाड पुलिस स्टेशन की टीम ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मौके पर जांच की. प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे फलों को चूहों से बचाने के लिए उन पर चूहा मारने की दवा लगाते थे. हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह का कृत्य न केवल गैरकानूनी है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक भी है.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज कुमार केसरवानी और बिपिन केसरवानी के रूप में हुई है. दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 125, 274, 275 और 286 के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने उनकी दुकान को सील कर आगे की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों के साथ इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यदि जांच में और तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित विभागों को भी कार्रवाई के लिए सूचित किया जाएगा.

ENTERTAINMENT : एक्ट्रेस डेजी शाह ने दिया सलीम खान का हेल्थ अपडेट, बोलीं- मैं सलमान खान के टच में हूं

दिग्गज स्क्रीनराइटर सलीम खान हॉस्पिटल में एडमिट हैं. अब एक्ट्रेस डेजी शाह ने उनकी हेल्थ को लेकर अपडेट दिया है. उन्होंने बताया कि वो सलमान खान के टच में हैं.दिग्गज स्क्रीनराइटर और सलमान खान के पिता सलीम खान कुछ समय पहले लीलावती हॉस्पिटल में एडमिट हुए थे. उन्हें मिनिमल ब्रेन हेमरेज हुआ था. इसके बाद सलीम खान की सर्जरी हुई थी. अब सलीम खान की हेल्थ को लेकर एक्ट्रेस डेजी शाह ने रिएक्ट किया है.

हाल ही में एक इंटरव्यू में डेजी शाह ने कहा कि वो सलीम खान और उनकी फैमिली से हॉस्पिटल में मिली नहीं हैं. लेकिन वो सलमान खान के लगातार टच में हैं. वो सलीम खान का हेल्थ अपडेट ले रही हैं. डेजी ने कहा, ‘मैं सलीम सर से मिल नहीं पाई हूं. लेकिन मैं सलमान सर से लगातार बातचीत कर रही हूं. सलीम सर अब ठीक हैं. वो स्थिर हैं. सर्जरी अच्छे से हुई. वो ऑब्जर्वेशन में हैं. वो खतरे से बाहर हैं.’

बता दें कि सलीम खान की सर्जरी के बाद हॉस्पिटल ने मेडिकल बुलेटिन जारी किया था. डॉक्टर पारकर ने बताया था कि सलीम खान की एमआईआर, सीटी स्कैन और बल्ड टेस्ट किए गए हैं. उनकी डिजिटल सबट्रैक्शन एंजियोग्राफी की गई है. सलीम खान को सुबह 8 बजे हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था. इसके बाद से पूरी फैमिली हॉस्पिटल में नजर आई. जब सलीम खान की तबीयत की खबर सलमान खान को पता चली थी तो उस वक्त वो शूटिंग कर रहे थे. वो सीधे शूटिंग से हॉस्पिटल पहुंचे थे.

सलीम खान से मिलने के लिए कई सेलेब्स भी पहुंचे. रितेश देशमुख से लेकर शाहरुख खान तक सलीम खान को मिलने हॉस्पिटल पहुंचे. जब सलीम खान हॉस्पिटल पहुंचे थे तब उका बीपी हाई थी. उन्हें मिनिमल ब्रेन हेमरेज था. इसीलिए उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था. अब सलीम खान बेहतर हैं और रिकवर कर रहे हैं.

NATIONAL : चंडीगढ़ सिविल सेक्रेटेरिएट में सनसनी… IAS ऑफिस से जुड़े अधिकारी ने लगाई छलांग, अस्पताल में मौत

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चंडीगढ़ में हरियाणा सिविल सेक्रेटेरिएट से एक अधिकारी द्वारा छलांग लगाने की घटना सामने आई है. गणेश दत्त नाम के इस अधिकारी को गंभीर हालत में सेक्टर 16 जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस मामले की सभी एंगल से जांच कर रही है.हरियाणा सिविल सेक्रेटेरिएट से एक अधिकारी द्वारा कथित तौर पर छलांग लगाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस घटना में अधिकारी की मौत हो गई, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है.

जानकारी के अनुसार, मृतक अधिकारी की पहचान गणेश दत्त के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि वह एक आईएएस अधिकारी के कार्यालय में तैनात थे. घटना उस समय हुई जब उन्होंने हरियाणा सिविल सेक्रेटेरिएट की एक मंजिल से छलांग लगा दी. मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया.गंभीर हालत में गणेश दत्त को सेक्टर 16 जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है.

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अधिकारी ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया. पुलिस आत्महत्या और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है.प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए सहकर्मियों से पूछताछ की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं.

इस दुखद घटना के बाद प्रशासनिक गलियारों में शोक की लहर है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा.

ENTERTAINMENT : ‘दारू बेचने वाले को कहीं नहीं जाना पड़ता लेकिन दूध बेचने वाले को…’, सोनू सूद के वायरल वीडियो ने इंटरनेट पर मचाई हलचल

इन दिनों सोशल मीडिया पर अभिनेता सोनू सूद का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. फिल्मों में अपनी दमदार मौजूदगी के लिए पहचाने जाने वाले सोनू सूद इस बार किसी नई फिल्म या प्रोजेक्ट की वजह से नहीं, बल्कि अपने गहरे और सोचने पर मजबूर कर देने वाले वीडियो से चर्चा में हैं. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह जिंदगी के कुछ ऐसे कड़वे सच सामने रखते नजर आ रहे हैं, जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. उनके शब्द इंसान को खुद के बारे में सोचने पर मजबूर कर देते हैं.

वीडियो में सोनू सूद कहते हैं, ‘कभी सोचा है कि दारू बेचने वाले को कहीं नहीं जाना पड़ता, लेकिन दूध बेचने वाले को घर-घर और गली-गली जाना पड़ता है. हम दूध बेचने वाले से पूछते है कि तूने दूध में पानी तो नहीं मिलाया और दारू में खुद पानी मिलाकर पीते है. नमक की तरह कड़वा बोलने वाला हमेशा आपका दोस्त होता है इसीलिए कभी नमक में कीड़ा नहीं लगता और मिठाई में अक्सर कीड़े लग जाते है. कभी आपने सोचा है कि हम पूरी जिंदगी उस तस्वीर की तारीफ करते है. लेकिन उसका बोझ एक कील उठाती है, जिसे हम हमेशा भूल जाते है. मोमबत्ती जलाकर हम मुर्दों को याद करते है और मोमबत्ती बुझा कर हम जन्मदिन मनाते है. पायल जिसकी कीमत हजारों में होती है, वो पैरों में पहनी जाती है और बिंदी जिसकी कीमत सिर्फ 1 रुपया होती है वो माथे पर सजाई जाती है. ये है वो समय, जहां पर घर में पड़ी कुरान और गीता आपस में कभी नहीं लड़ती और जो लोग उसके लिए लड़ते है उन्होंने कभी उसे पढ़ा ही नहीं. वाह रे इंसान, सुधार जा, अभी भी समय हैं.’

इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. कई यूजर्स ने सोनू सूद की सोच की तारीफ की है और कमेंट सेक्शन में हार्ट और तालियों की इमोजी से उनकी सराहना कर रहे है. इस वीडियो को अबतक 6.2 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है. यह वीडियो सिर्फ कुछ लाइनों का संदेश नहीं, बल्कि खुद सोचने की एक पहल है. सोनू सूद का यह अंदाज एक बार फिर साबित करता है कि वह सिर्फ पर्दे के हीरो नहीं, बल्कि असल जिंदगी में भी लोगों को राह दिखाने की कोशिश करते रहते हैं.

NATIONAL : ‘शीश महल, स्विमिंग पूल और बालिकाएं…’ शंकराचार्य की शिष्या नील मणि ने कहा- सभी आरोप गलत

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वाराणसी में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मठ और उन पर लगे आरोपों के बीच अब शंकराचार्य परंपरा से जुड़ी उनकी पुरानी शिष्या नील मणि शास्त्री सामने आई हैं. उन्होंने मठ की संरचना, यहां की शिक्षा व्यवस्था, बालिकाओं की मौजूदगी और तथाकथित शीश महल व स्विमिंग पूल जैसे दावों पर विस्तार से अपनी बात रखी है.

वाराणसी के केदार घाट स्थित विद्या मठ को लेकर इन दिनों विवाद और आरोपों का दौर जारी है. प्रयागराज के झूंसी थाने में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज FIR में गंभीर आरोप लगाए गए हैं. इन आरोपों के बीच मठ से लंबे समय से जुड़ीं और स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की शिष्या नील मणि शास्त्री से बातचीत की गई, तो उन्होंने एक-एक आरोप पर विस्तार से जवाब दिया.

नील मणि शास्त्री ने बताया कि उनकी दीक्षा वर्ष 1986 में हुई थी, जबकि यह मठ 1996 में बना. यानी वह इस स्थान और परंपरा को उसकी स्थापना से पहले से जानती हैं. उनके अनुसार, वह स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को तब से जानती हैं, जब वे शंकराचार्य भी नहीं बने थे. उनका कहना है कि इस मठ की परंपरा बेहद पुरानी और अनुशासित रही है और यहां की गतिविधियां पूरी तरह पारदर्शी हैं.

नील मणि शास्त्री ने साफ शब्दों में कहा कि इस मठ में कभी भी बालिकाएं नहीं पढ़तीं. उन्होंने बताया कि बालिकाओं की शिक्षा के लिए अलग से मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में एक आश्रम है, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं उनके पास है. वहां बच्चियां रहती हैं और पढ़ाई करती हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि वाराणसी स्थित इस मठ का उस व्यवस्था से कोई सीधा संबंध नहीं है.

काशी में स्थित मठ में पढ़ने वाले बच्चों को लेकर भी कई सवाल उठे. इस पर उन्होंने बताया कि यहां केवल वेदपाठी ब्राह्मण बालक ही पढ़ते हैं, जिनका एडमिशन पांचवीं कक्षा के बाद होता है. आमतौर पर 10 से 15 साल की उम्र के बच्चों को यहां प्रवेश दिया जाता है.उन्होंने कहा कि यहां वेदों की पढ़ाई का छह साल का कोर्स होता है और हर छात्र का पूरा रिकॉर्ड रखा जाता है. बिना रजिस्ट्रेशन और दस्तावेज के किसी का भी प्रवेश संभव नहीं है.

आरोपों में जिन दो छात्रों का जिक्र किया गया है, उन पर नील मणि शास्त्री ने कहा कि उन्होंने ऐसे किसी छात्र को कभी मठ में नहीं देखा. उन्होंने यह भी बताया कि मठ में आने-जाने वाले हर व्यक्ति का रिकॉर्ड दर्ज होता है.उनके मुताबिक, जब 300 से ज्यादा छात्रों का पूरा रिकॉर्ड मौजूद है, तो सिर्फ दो छात्रों का कोई रिकॉर्ड न होना ही इस बात का संकेत है कि आरोपों में दम नहीं है.

मठ को लेकर एक और बड़ा दावा किया गया था कि यह पांच मंजिला है, इसमें शीश महल और स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं हैं. इस पर उन्होंने कहा कि जो लोग ऐसे आरोप लगा रहे हैं, वे खुद आकर देख सकते हैं.उन्होंने कहा कि मठ की संरचना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है. साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर कहीं ऊंची इमारत है भी, तो उसमें गलत क्या है- जब तक वहां कोई गलत गतिविधि न हो.

स्विमिंग पूल के आरोप पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई मनोरंजन के लिए बनाया गया पूल नहीं था, बल्कि पूर्व शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के स्वास्थ्य कारणों से एक पानी की टंकी (हौदी) बनाई गई थी, ताकि वह उसमें बैठकर व्यायाम कर सकें. उनके अनुसार, अब उस स्थान का कोई विशेष उपयोग नहीं है और वहां सामान्य सामान रखा हुआ है.

नील मणि शास्त्री ने यह भी कहा कि उन्हें POCSO कानून के बारे में जानकारी ही नहीं थी, जब तक कि यह मामला सामने नहीं आया. उन्होंने कहा कि पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और सच्चाई सामने लानी चाहिए.

उन्होंने पूरे मामले को सिर्फ व्यक्तिगत आरोप नहीं, बल्कि सनातन धर्म और उसकी परंपराओं पर हमला बताया. उनका कहना है कि इस तरह के आरोप न सिर्फ किसी व्यक्ति बल्कि पूरी धार्मिक व्यवस्था को निशाना बनाते हैं.उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि अंततः सत्य की जीत होती है और उन्हें भरोसा है कि जांच में भी सच सामने आएगा.

मठ से जुड़े अन्य स्थानों- जैसे जबलपुर या जोशीमठ को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने कहा कि सभी आश्रम स्वतंत्र रूप से संचालित होते हैं. वहां के छात्र, शिक्षक और व्यवस्थाएं अलग-अलग हैं.उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों का एक आश्रम से दूसरे आश्रम में जाना सामान्य प्रक्रिया नहीं है, और पढ़ाई व्यवस्थित तरीके से अपने-अपने स्थान पर ही होती है.

नील मणि शास्त्री ने कहा कि मठ पूरी तरह खुला है और कोई भी व्यक्ति आकर यहां की व्यवस्था देख सकता है. उन्होंने दावा किया कि यहां कोई भी गतिविधि छिपाकर नहीं की जाती.वाराणसी के इस मठ को लेकर जहां एक तरफ गंभीर आरोप लगे हैं, वहीं दूसरी ओर मठ से जुड़े लोगों का पक्ष भी सामने आ रहा है. नील मणि शास्त्री ने अपने अनुभव और जानकारी के आधार पर इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है.

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