Thursday, October 1, 2026
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ENTERTAINMENT : ‘अब चमकने का समय है…’, पति शाहिद कपूर की ‘ओ रोमियो’ रिलीज के दिन मीरा राजपूत ने लुटाया प्यार

शाहिद कपूर की फिल्म ‘ओ रोमियो’ आज यानी 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. फिल्म को लेकर दर्शक काफी एक्साइटेड हैं. वहीं मीरा राजपूत ने पोस्ट शेयर कर शाहिद पर प्यार लुटाया है.

शाहिद कपूर, तृप्ति डिमरी और अविनाश तिवारी की रोमांटिक-एक्शन ड्रामा फिल्म ‘ओ रोमियो’ आज यानी 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. फिल्म की कहानी को लेकर पहले विवाद था और मामला कोर्ट तक पहुंच चुका था, लेकिन कहानी को हुसैन उस्तरा से प्रेरित न बताकर कोर्ट ने फिल्म की रिलीज को मंजूरी दी. अब रिलीज के दिन शाहिद कपूर की पत्नी मीरा राजपूत कपूर ने अपने असली रोमियो पर प्यार लुटाया है.

वैलेंटाइन वीक पर रिलीज हो रही फिल्म में लीड रोल शाहिद कपूर निभा रहे हैं, और रिलीज के दिन मीरा कपूर ने अपने पति के लिए शानदार नोट लिखा है और फिल्म के लिए शुभकामनाएं भी दी हैं. अपनी और शाहिद की रोमांटिक फोटोज पोस्ट कर मीरा ने लिखा, ‘मेरे रोमियो, जब वो पूछे, ‘मैं हूं कि हूं नहीं?’, तो याद रखना, तुम हो और वही हो जो मेहनती हो, बेहद टैलेंटेड हो और जिसकी आंखें बिना कुछ कहे सब कह जाती हैं, और जिसका दिल हमेशा सब कुछ ठीक करने की कोशिश करता है क्योंकि जो तुम्हें थामे हुए है, वही प्रकाश है. अब चमकने का समय है. तुम्हें शानदार कहना भी कम होगा. मुझे तुम पर बहुत गर्व है.’

पोस्ट से साफ है कि मीरा को शाहिद और फिल्म दोनों से बहुत सारी उम्मीदें हैं क्योंकि साल 2019 में एक्टर ने फिल्म ‘कबीर सिंह’ से बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था, लेकिन बाद की सभी फिल्में औसत रही थीं. अब ‘ओ रोमियो’ सिनेमाघरों में अनुभव करने के लिए तैयार है. फिल्म की पहले दिन की एडवांस बुकिंग शानदार हुई है और मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो फिल्म 11 फरवरी तक 1.42 करोड़ का कारोबार कर चुकी है.

इंडस्ट्री ट्रैकर सैकनिल्क की रिपोर्ट की मानें तो भारत में होने वाले 3,449 शो में करीब 16,226 टिकट 11 जनवरी तक बिक चुके हैं. फिल्म की एडवांस बुकिंग लगातार हो रही है. सबसे ज्यादा टिकट्स दिल्ली-एनसीआर में बिक रही हैं. माना जा रहा है कि फिल्म पहले दिन बड़ी ओपनिंग कर सकती है. बात अगर फिल्म की करें तो फिल्म एक रोमांटिक और एक्शन से भरपूर कहानी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें शाहिद कपूर बेहद खूंखार अंदाज में नजर आ रहे हैं. फिल्म दर्शकों को ‘कबीर सिंह’ वाली वाइब दे सकती है.

NATIONAL : ‘1 हजार में हवलदार, 10 हजार में इंस्पेक्टर और पूरा थाना लाख में’, REEL बनाकर मथुरा पुलिस की ‘नीलामी’ करने वाला रॉबिन गिरफ्तार

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मथुरा के गोवर्धन में एक युवक को सोशल मीडिया पर रील बनाना भारी पड़ गया. आरोपी ने रील में इंस्पेक्टर, हवलदार और पूरे थाने की बोली लगाकर उसे खरीदने का दावा किया था. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी रॉबिन को दबोच लिया है, जो अब अपनी गलती पर माफी मांग रहा है.मथुरा के थाना गोवर्धन पुलिस ने सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर पुलिस महकमे का मजाक उड़ाने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है. देवसेरस गांव के रहने वाले 20 वर्षीय रॉबिन पुत्र रईस ने एक रील बनाकर पूरे थाने की नीलामी करने और अधिकारियों को खरीदने का विवादित वीडियो डाला था.

पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गांठोली देवसेरस बंबा की पुलिया के पास से पकड़ा. युवक ने वीडियो में हवलदार की कीमत 1,000 और इंस्पेक्टर की 10,000 रुपये लगाते हुए पूरे स्टेशन का सौदा 1 लाख में करने का दुस्साहस किया था.पकड़ा गया युवक रॉबिन जिस देवसेरस गांव का निवासी है, वहां के लोग ऑनलाइन ठगी करने में माहिर माने जाते हैं. करीब एक महीने पहले ही पुलिस ने इसी गांव से ठगी के आरोप में 40 लोगों को गिरफ्तार किया था.

इसी पृष्ठभूमि के बीच रॉबिन ने पुलिस को चुनौती देते हुए वीडियो वायरल किया कि हिंदुस्तान में पैसे की कीमत घट गई होगी, इसलिए वह पुलिस को खरीदने की हैसियत रखता है. इस वीडियो के वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था.सोशल मीडिया पर खुद को ‘सौदागर’ बताने वाला रॉबिन पुलिस की गिरफ्त में आते ही पूरी तरह बदल गया. गिरफ्तारी के बाद सामने आई तस्वीरों में वह अपने किए गए कृत्य पर हाथ जोड़कर माफी मांगता नजर आ रहा है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया है. पुलिस का कहना है कि वर्दी और कानून का मजाक उड़ाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.

BIHAR : बच्ची के शरीर पर इतने दांत गड़ाए कि चली गई कोमा में…4 साल की मासूम से दरिंदगी की कोशिश

समस्तीपुर के जितवारपुर गांव में चार साल की मासूम के साथ दरिंदगी की कोशिश ने पूरे इलाके को दहला दिया है. खेत में खून से लथपथ मिली बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद उसकी स्थिति स्थिर है. ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. मामले में पुलिस जांच जारी है और सख्त धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है.

बिहार के समस्तीपुर से 4 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी की कोशिश का मामला सामने आया है. पीड़ित बच्ची के जिस्म पर कई गहरे निशान मिले हैं. गंभीर हालत में बच्ची को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना को अंजाम देने वाले दरिंदे को ग्रामीणों ने पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया है. पुलिस, पीड़ित बच्ची के मां का फर्द बयान लेकर आगे के कार्रवाई में जुट गई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर डीएसपी ने अस्पताल पहुंचकर पूरी जानकारी ली इसके साथ ही महिला पुलिस पदाधिकारी को कई दिशा निर्देश दिए.

बता दें कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जितवारपुर गांव में एक महिला बच्चों की पढ़ाई के चलते मायके में रह रही थी.प्रतिदिन की तरह पढ़ाई करने के बाद शाम 4 बजे उसकी चार साल की बच्ची घर चली आती थी.उसी तरह गुरुवार को बच्ची पढ़ने के बाद घर आई लेकिन कुछ देर के बाद घर में दिखाई नहीं दी. इसके बाद पीड़ित बच्ची की मां ने खोजबीन शुरू कर दी. करीब 7 बजे शाम में लोग घर के पास खेत की ओर टॉर्च की लाइट में खोजबीन करने लगे तो एक व्यक्ति को भागते हुए देखा इसके बाद खेत में खून से लथपथ हालत में बच्ची वहां बेहोशी मिली.खेत में भाग रहे आरोपी को ग्रामीणों ने धर दबोचा. घायल अवस्था में बच्ची को लेकर एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया.डॉक्टर अरविंद कुमार ने घटना की जानकारी पुलिस को दी इसके बाद मुफस्सिल थाना की पुलिस आरोपी शंकर सदा को ग्रामीणों के सहयोग से पकड़ कर थाने ले गई.वहीं सदर डीएसपी संजय कुमार पांडेय ने निजी अस्पताल पहुंचकर पीड़ित बच्ची की मां से घटना के बारे में पूरी जानकारी ली. इसके बाद महिला पुलिस पदाधिकारी को डीएसपी ने कई दिशा निर्देश दिए.

हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए आरोपी शंकर सदा ने बच्ची के शरीर को दांत से कई जगहों पर काटकर लहू-लुहान कर दिया.जिससे चार साल की मासूम बच्ची कोमा में चली गई थी.लेकिन डॉक्टर अरविंद कुमार ने इलाज कर उसके हालत को स्थिर किया.डॉक्टर ने बताया कि बच्ची के शरीर के कई हिस्सों पर दांत से काटने के निशाना है.बच्ची का होंठ कट गया है.गहरे जख्म की वजह से बच्ची कोमा में चली गई थी.लोग यहां लेकर आए तो हमने इलाज शुरू किया.बच्ची को स्टेबल करने में एक घंटा लगा.इसके बाद बच्ची बातचीत करने लगी.तब हम लोग पुलिस को खबर किए पुलिस आई है और बयान ले रही है.प्राइवेट पार्ट में कहीं इंजरी नहीं है, जो भी है एब्डोमेन के ऊपर है.

पीड़ित बच्ची की मां यह बात जानकर सदमे है कि उसकी छोटी सी मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी किसी और ने नहीं बल्कि उसके पड़ोसी ने की है जो खुद दो बच्चों का बाप है. बच्ची की माँ बताती है कि घर के दरवाजे पर लगभग 4:00 बजे के आसपास वह झूला झूल रही थी.इस बीच अचानक से गायब हो गई. इसके बाद हम खोजने लगे तो 7 बज गया.खोजने के बाद वह हमको गेहूं के खेत में मिली. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और इसमें अनुसंधान की बिंदु पर आगे की कार्रवाई की जा रही है. महिला पुलिस पदाधिकारी के द्वारा बयान भी लिया गया है.सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी.

NATIONAL : सौतेले पिता के बाद नाबालिग की मां भी गिरफ्तार, बेटी के रेप में दिया था बराबर का साथ

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कोटद्वार में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में जांच ने नया मोड़ ले लिया है. सौतेले पिता की गिरफ्तारी के बाद अब पीड़िता की मां को भी पुलिस ने आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार किया है. बालिका के बयानों और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मां की भूमिका सामने आई. दोनों आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई जारी है.

उत्तराखंड के कोटद्वार में सामने आए नाबालिग से दुष्कर्म के मामले ने अब और गंभीर रूप ले लिया है. पहले जहां इस प्रकरण में सौतेले पिता की गिरफ्तारी हुई थी, वहीं अब जांच के दौरान पीड़िता की मां की भी संलिप्तता सामने आने पर पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है. इस खुलासे ने पूरे इलाके में चर्चा और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है.

पुलिस के अनुसार 6 फरवरी 2026 को कोटद्वार निवासी एक महिला ने अपनी नाबालिग पुत्री की गुमशुदगी को लेकर कोतवाली में तहरीर दी थी. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की गई. जांच के दौरान 13 वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि हुई. इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बालिका के सौतेले पिता, जिसे यहां कमल (काल्पनिक नाम) कहा गया है, को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया. आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया.

विवेचना आगे बढ़ने पर पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज किए और अन्य साक्ष्य एकत्र किए. इन तथ्यों के आधार पर यह सामने आया कि बालिका की मां भी इस अपराध में कथित रूप से शामिल थी. पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने उसे भी हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया है. सर्किल ऑफिसर निहारिका सेमवाल ने बताया कि मामले में सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है. उन्होंने कहा कि पीड़िता की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना प्राथमिकता है.

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी. मामले ने समाज में पारिवारिक जिम्मेदारियों और बाल सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं और पुलिस सभी तथ्यों की कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी है.

BHAKTI : सती, कामदेव या चिता… किसकी भस्म महादेव ने अपने शरीर पर मली, जानिए तीन कहानियां

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भगवान शिव के शरीर पर भस्म लगाने की परंपरा के पीछे कई दार्शनिक और पौराणिक कारण हैं. यह भस्म उनकी पत्नी सती की चिता की राख से जुड़ा है, जो शिव की भक्ति और विरह का प्रतीक है. भस्म राख और विरक्ति का संकेत है, जो जीवन की क्षणभंगुरता और आत्मा की अनंतता को दर्शाता है.

भगवान शिव अपने शरीर पर भस्म रमाते हैं. यह एक सामान्य बात है जो हम सभी जानते हैं, लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि वह अपने शरीर पर भस्म क्यों मलते हैं और वह कहां से आई है. इस बारे में कई तरह के तर्क और कथाएं हैं. सभी का अपना अलग-अलग दार्शनिक महत्व है.पहला तर्क ये है कि, भगवान शिव ने अपने तन पर जो भस्म रमाई है वह उनकी पत्नी सती की चिता की भस्म थी जो कि अपने पिता द्वारा भगवान शिव के अपमान से आहत हो वहां हो रहे यज्ञ के हवनकुंड में कूद गई थी. भगवान शिव को जब इसका पता चला तो वे बहुत बेचैन हो गये. जलते कुंड से सती के शरीर को निकालकर हर तरफ यूं ही भटकते रहे.

उनके इस शोक से संसार में हाहाकार मच गया. कहते हैं कि तब भगवान विष्णु ने सती के शव के टुकड़े हर जगह गिरा दिया और शिवजी के शरीर पर सिर्फ भस्म लगी रह गई. तब से शिवजी भस्म प्रिय हो गए. भस्म ही उनका शृंगार और पहनावा बन गया. शिव विरह की अग्नि में भस्म को ही उनकी अंतिम निशानी के तौर पर तन पर लगा लिया.

भगवान शिव के तन पर भस्म लगाने का एक रहस्य यह भी है कि राख विरक्ति का प्रतीक है. भगवान शिव चूंकि बहुत ही लौकिक देव लगते हैं. कथाओं के माध्यम से उनका रहन-सहन एक आम सन्यासी सा लगता है. एक ऐसे ऋषि सा जो गृहस्थी का पालन करते हुए मोह माया से विरक्त रहते हैं और संदेश देते हैं कि अंत काल सब कुछ राख हो जाना है.

एक रहस्य यह भी है कि भगवान शिव को विनाशक भी माना जाता है. ब्रह्मा जहां सृष्टि की निर्माण करते हैं तो विष्णु पालन-पोषण लेकिन जब सृष्टि में नकारात्मकता बढ़ जाती है तो भगवान शिव विध्वंस कर डालते हैं. विध्वंस यानि की समाप्ति और भस्म इसी अंत इसी विध्वंस की प्रतीक भी है. शिव हमेशा याद दिलाते रहते हैं कि पाप के रास्ते पर चलना छोड़ दें अन्यथा अंत में सब राख ही होगा.शिव का शरीर पर भस्म लपेटने का दार्शनिक अर्थ यही है कि यह शरीर जिस पर हम घमंड करते हैं, जिसकी सुविधा और रक्षा के लिए ना जाने क्या-क्या करते हैं एक दिन इसी इस भस्म के समान हो जाएगा. शरीर क्षणभंगुर है और आत्मा अनंत.

एक तीसरी कथा और तर्क यह है कि शिवजी ने मदन यानी कामदेव को भस्म कर दिया था. यानी जो कामदेव, संसार भर को अपनी काम-वासना की आग में जलाता है, शिव ने उसे ही राख में बदल दिया. वह जितेंद्रिय हैं यदि मनुष्य अपने पेट और रसों की इंद्रियों पर विजय पा ले तो वह इतना शक्तिमान बन सकता है कि अगर वह चाहे तो सारे विश्व को जीत ले. इस तरह शिवजी ने कामदेव को भस्म कर उसकी राख को खुद के शरीर पर लपेट लिया.

शिवजी का हर शृंगार जीवन की प्रेरणा है जो यह बताता है कि जीव को कर्म करने की स्वतंत्रता है अगर वह अपने अंदर की बुराइयों (काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार) पर अपने तीसरे नेत्र का अंकुश रखे तो वह सदैव सुखी रहेगा. यदि वह इन पर अंकुश नहीं रखता तो यही उसका विनाश कर देती है.एक और तर्क यह कहता है कि शिवजी ने उन आत्माओं की पीड़ा को समझा, जिन्हें मुक्ति नहीं मिल सकती थी. जिन्हें कर्म के बंधन में अभी और भटकना था. इसलिए जब चिता जल जाती है और जो राख बचती है. शिव उसे उन आत्माओं की शांति के लिए अपने तन पर मल लेते हैं. शिवजी उनके कर्म के बंधन नहीं काटते, उन्हें कर्मफल से अलग नहीं करते लेकिन उन्हें सही राह दिखाते हैं. उन्हें अपना लेते हैं. अपना लेना ही शिवतत्व है.

ENTERTAINMENT : 10 साल बाद भी फैंस की पहली पसंद हैं ‘सनम रे’ के ये गानें, देंखे लिस्ट

फिल्म ‘सनम रे’ को रिलीज हुए अब 10 साल पूरे हो गये है. ये फिल्म साल 2016 में रिलीज हुई थी और भले ही इसकी कहानी रोमांटिक थी. लेकिन आज लोग इसे इसके म्यूजिक के लिए ज्यादा याद करते हैं.

साल 2016 में आई फिल्म ‘सनम रे’ बर्फ से ढके खूबसूरत लोकेशन्स और पुलकित सम्राट के गहरे इमोशन्स से भरी एक रोमांटिक कहानी थी. लेकिन एक दशक बाद जब पीछे देखते हैं तो फिल्म से ज्यादा उसका म्यूजिक याद आता है. फिल्म को रिलीज हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं फिर भी ‘सनम रे’ का साउंडट्रैक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स इंस्टाग्राम रील्स, वेडिंग प्लेलिस्ट और लेट-नाइट रोमांटिक गानों में अभी भी बराबर मौजूद है. अगर कहा जाए कि फिल्म की सबसे बड़ी ताकत उसके गाने हैं तो गलत नहीं होगा क्योंकि इस म्यूजिक एल्बम में दिल टूटने का दर्द भी है और पहला प्यार का इंतजार भी.

सनम रे (टाइटल ट्रैक): हमेशा साथ निभाने वाला प्यार
फिल्म का ये गीत अब तक रोमांटिक एंथम माना जाता है. दिल को छू लेने वाली धुन और इमोशनल लिरिक्स इसे कपल्स का पसंदीदा डेडिकेशन सॉन्ग बनाती हैं. वेलेंटाइन डे पर प्यार का इजहार करने के लिए लोग आज भी इस गाने को खूब सुनते हैं.

तेरे लिए: वादों और भरोसे की धुन
ये गाना सच्चे और निस्वार्थ प्यार की भावना दिखाता है. सॉफ्ट म्यूजिक और दिल तक पहुंचने वाली आवाज ने इसे शादी और प्रपोजल वीडियोज का अहम हिस्सा बना दिया है.

तुम बिन: जुदाई का एहसास
ये गाना दूरी और अधूरेपन की कहानी बताता है. लोग इसमें अपनी खुद की कहानी देख सकते हैं. यही वजह है कि ये ट्रैक आज भी ब्रेकअप प्लेलिस्ट में अपनी जगह बनाए हुए है.

छोटे छोटे तमाशे: मासूम प्यार की हल्की-फुल्की झलक
हर प्रेम कहानी गंभीर नहीं होती है. कुछ रिश्तों की छोटी-छोटी नोकझोंक और मासूमियत को भी दिखाती है. ‘छोटे छोटे तमाशे’ वही मजेदार पल पकड़ता है.

हुआ है आज पहली बार: पहला प्यार और मासूमियत
पहली बार प्यार में पड़ने का एहसास इस गाने में खूबसूरती से दिखाई देता है. यही वजह है कि ये ट्रैक आज भी युवाओं के बीच काफी पसंद किया जाता है.

गजब का है ये दिन: पुरानी धुन का नया अंदाज
इस गीत ने फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ की क्लासिक धुन को नए अंदाज में पेश किया है. इसमें नॉस्टेल्जिया और आधुनिकता का बेहतरीन मेल देखा जा सकता है.

क्या तुझे अब ये दिल बताए: इमोशनल और जज्बाती
एल्बम के सबसे इमोशनल गानों में से एक ये ट्रैक अनकहे प्यार और उलझे रिश्तों की कहानी बयां करता है.

एक दशक बाद भी ‘सनम रे’ का म्यूजिक ये साबित करता है कि सच्ची भावनाओं से जुड़ी धुनें कभी पुरानी नहीं होती है. समय के साथ ये और भी खास बन जाती हैं.

UP : ‘तुम स्मार्ट हो, पति को छोड़ो…’, शिकायतकर्ता महिला के प्यार में पड़े दारोगा बाबू, दी ये धमकी

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उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जिसने पुलिस पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं. यहां एक दारोगा शिकायतकर्ता महिला के ही प्यार में पड़ गया. जिससे महिला डर गई.

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के एक दारोगा बाबू अपनी इश्कबाजी को लेकर सुर्खियों में हैं. रामनगर थाने में तैनात दारोगा बाबू एक जांच करने के मामले में पीड़ित पक्ष की महिला पर ही दिल हार बैठे. मिली जानकारी के अनुसार दारोगा अखिलेश यादव एक पारिवारिक विवाद की शिकायत की जांच करने एक घर गए थे. आरोप है कि जांच के दौरान ही वे पीड़ित महिला को दिल दे बैठे और उससे प्यार करने लगे. महिला के पति का आरोप है कि दारोगा ने उसकी पत्नी को नौकरी दिलाने का झांसा दिया और अनुपस्थिति में चोरी-छिपे उससे फोन पर बात करने लगा.

जब इस मामले की ऑडियो और कॉल डिटेल वायरल हुई और पति ने विरोध किया तो दारोगा ने उसे डकैती और शराब तस्करी जैसे झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी. पीड़ित पति की शिकायत पर बाराबंकी के एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं. फिलहाल आरोपी दारोगा छुट्टी पर चले गए हैं और उन्होंने इन आरोपों को निराधार बताया है.

दारोगा अखिलेश यादव की करतूतों ने ‘मित्र पुलिस’ कही जाने वाली यूपी पुलिस पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जिस महिला के इश्क में दारोगा जी पड़े हैं, उस पीड़िता का बयान भी सामने आया है. पीड़िता ने दारोगा पर न केवल प्रताड़ना, बल्कि छेड़छाड़ और जबरन गाड़ी में खींचकर ले जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़िता का कहना है कि दारोगा उसे अपने पति को छोड़ने और उसके साथ रहने के लिए दबाव बना रहा था.

पीड़िता ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि एक पारिवारिक विवाद की जांच के बहाने दारोगा अखिलेश यादव ने उसके घर में घुसपैठ की. दारोगा अक्सर उसे फोन कर 10-10 मिनट तक बात करता था और विरोध करने पर केस की जांच का हवाला देता था. महिला का आरोप है कि दारोगा उसे लालच देता था कि तुम बहुत स्मार्ट और पढ़ी-लिखी हो अपने पति को छोड़ दो मैं तुम्हारी अच्छी जगह नौकरी लगवा दूंगा. जब महिला ने मना किया तो वह उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगा.

ASP विकास त्रिपाठी ने बताया कि इस मामले में शिकायत मिली है. सीओ रामनगर जांच कर रही हैं. लेकिन प्रारंभिक जांच में अभी आरोप सिद्ध नहीं हो रहा है. अगर आगे कुछ मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी.

पीड़िता ने एक खौफनाक वाकये का जिक्र करते हुए बताया कि एक बार दारोगा ने उसे रास्ते में रोका और जबरदस्ती खींचकर अपनी गाड़ी में बैठा लिया. गाड़ी के भीतर दारोगा ने उसका हाथ पकड़ा और अश्लील हरकतें करने लगा. पीड़िता के अनुसार जब वह चिल्लाने लगी और आसपास के लोग इकट्ठा होने लगे, तब मैं किसी तरह कार का गेट खोलकर वहां से अपनी इज्जत बचाकर भागी.

इस घटना के बाद भी दारोगा का दुस्साहस कम नहीं हुआ और वह वर्दी की धौंस दिखाकर लगातार उसके घर आता रहा. महिला ने बताया कि दारोगा की नीयत इतनी खराब है कि वह अक्सर घर में पुरुषों की अनुपस्थिति में धमक पड़ता था. एक बार जब घर पर कोई नहीं था तो वह सीधे महिला के कमरे तक चला आया. विरोध करने पर उसने बदतमीजी की लेकिन तभी महिला की छोटी ननद के आ जाने से वह बाहर भाग निकला.

पीड़िता का आरोप है कि वह दो-तीन बार स्थानीय स्तर पर शिकायत कर चुकी है लेकिन रसूखदार दारोगा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई. हालांकि मामला तूल पकड़ने पर अधिकारी ने जांच की बात कही है. दूसरी ओर दारोगा ने पीड़िता के पति को डकैती और शराब तस्करी के झूठे केस में फंसाने की भी धमकी दी है. वहीं पीड़ित परिवार ने अब पुलिस कप्तान अर्पित विजयवर्गीय और मुख्यमंत्री पोर्टल का दरवाजा खटखटाया है.

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Perfect Boiled Egg Method: कितनी देर तक उबालना चाहिए अंडा? जानें परफेक्ट टाइम, जिससे न हो कोई गलती

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अंडा सेहत के फायदेमंद माना जाता है, यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग इसको खाते हैं. लेकिन आपको मालूम है कि अंडे कैसे सही तरीके से उबाले जाते हैं, चलिए बताते हैं.

क्या आपको उबले अंडे पसंद हैं? ज्यादातर लोगों के लिए यह सबसे आसान और झटपट बनने वाला फूड है. लेकिन हैरानी की बात यह है कि बहुत से लोग अंडा सही तरीके से उबाल ही नहीं पाते. कोई उसे ज्यादा उबाल देता है, तो किसी का अंडा अधपका रह जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अंडा उबालने का कोई परफेक्ट तरीका सच में है?. चलिए आपको बताते हैं कि इसके लिए परफेक्ट तरीका क्या है.

देखने में अंडा उबालना बेहद आसान लगता है, लेकिन सही टेक्सचर पाना उतना आसान नहीं होता. अक्सर जर्दी सूखी और चूरा-सी हो जाती है, जबकि एग व्हाइट चिपचिपी रह जाती है. इसकी वजह यह है कि अंडे की जर्दी और सफेदी अलग-अलग तापमान पर पकती हैं और दोनों के बीच सही संतुलन बनाना मुश्किल होता है. लेकिन अब नई रिसर्च ने अंडा उबालने का एक ऐसा तरीका बताया है, जो इस पुरानी समस्या का हल दे सकता है.

अंडे के दो मुख्य हिस्से होते हैं जर्दी और सफेदी. जर्दी करीब 65 डिग्री सेल्सियस पर पकती है, जबकि सफेदी को पकने के लिए लगभग 85 डिग्री सेल्सियस तापमान चाहिए. आमतौर पर जब अंडे को 100 डिग्री सेल्सियस पर उबाला जाता है, तो सफेदी तो ठीक से पक जाती है लेकिन जर्दी सख्त हो जाती है. वहीं, अगर कम तापमान पर पकाया जाए, तो जर्दी नरम रह जाती है और सफेदी अधपकी.

इटली की नेशनल रिसर्च काउंसिल के वैज्ञानिक पेलेग्रिनो मुस्टो की अगुआई में रिसर्च टीम ने पीरियॉडिक कुकिंग नाम का एक नया तरीका बताया है. इस तरीके में अंडे को कुल 32 मिनट तक अलग-अलग तापमान में पकाया जाता है. इस दौरान अंडे को कभी उबलते पानी 100 डिग्री सेल्सियस में रखा जाता है और कभी हल्के गुनगुने पानी करीब 30 डिग्री सेल्सियस में रखा जाता है.

इस प्रक्रिया से जर्दी का तापमान करीब 67 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहता है, जबकि सफेदी अलग-अलग तापमान से गुजरती है. नतीजा यह होता है कि जर्दी क्रीमी और मुलायम रहती है और सफेदी अच्छी तरह पक जाती है न ज्यादा सख्त, न चिपचिपी. रिसर्चर्स ने आधुनिक तकनीकों से अंडे की बनावट, स्वाद और केमिकल स्ट्रक्चर की जांच की और पाया कि यह तरीका पारंपरिक उबालने से बेहतर रिजल्ट देता है.

सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत के लिहाज़ से भी यह तरीका फायदेमंद माना जा रहा है। रिसर्च में पाया गया कि इस तरीके से पकाए गए अंडों में पॉलीफेनॉल्स की मात्रा ज्यादा होती है. पॉलीफेनॉल्स ऐसे माइक्रोन्यूट्रिएंट्स हैं, जिनमें एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं. एक स्टडी के मुताबिक, जिन लोगों की डाइट में पॉलीफेनॉल्स की मात्रा ज्यादा होती है, उनमें हार्ट रोग, कैंसर और न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों का जोखिम कम देखा गया है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं.

लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. अमर उजाला में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद दैनिक जागरण के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं.

ट्रैवल उनका इंटरेस्ट एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं.

ENTERTAINMENT : ‘क्या शॉट था..’ धुरंधर 2 की रिलीज से पहले ‘अनुपमा’ ने देखी फिल्म? रिव्यू देते हुए कही ये बात

रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2’ इन दिनों चर्चा में बनी हुई है. क्योंकि, ये फिल्म 19 मार्च को बॉक्स ऑफिस पर दस्तक देने जा रही है. लेकिन, रिलीज से पहले टीवी की अनुपमा ने इसका पहला रिव्यू दे दिया है.रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना स्टारर धुरंधर 2025 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड तोड़े.इसी बीच अब धुरंधर 2 को लेकर जोरों-शोरों से चर्चा हो रही है और हो भी क्यों ना क्योंकि फिल्म 19 मार्च 2026 को रिलीज जो होने जा रही है.

कुछ दिनों पहले ही मेकर्स ने इस फिल्म के टीजर को रिलीज किया था, जिसे देखने के बाद फैंस की एक्साइटमेंट और भी ज्यादा बढ़ चुकी है. वहीं, अब टीवी की अनुपमा यानी रुपाली गांगुली ने इस फिल्म का पहला रिव्यू भी रिलीज से पहले ही दे दिया है.रुपाली के अनुसार उन्होंने फिल्म के कुछ सीन्स देखे हैं, जो उन्हें काफी पसंद आए हैं.

बता दें रुपाली गांगुली के भाई विजय गांगुली ने ही धुरंधर के गाने शरारत को कोरियोग्राफ किया था. ऐसे में अपने भाई के जरिए ही रुपाली गांगुली को धुरंधर 2 फिल्म की कुछ झलक देखने को मिल गई. रुपाली गांगुली ने इस बात का खुलासा एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में किया है.

एक्ट्रेस ने कहा,’मैंने धुरंधर को थिएटर में दो बार देखा. क्या फिल्म है और मैं दूसरे पार्ट के लिए बेसब्री से इंतजार कर रही हूं. कल ही मैंने इस फिल्म के कुछ हिस्से देख लिए हैं. विजय फिल्म के कुछ पार्ट को एटिड कर रहा था और हम वीडियो कॉल पर थे. तब वो बोल रहा था कि ये शॉट देख,वो शॉट देख.अरे सच में…क्या शॉट थे वो..मैंने कहा था कि रिवाइंड करके एक बार फिर से दिखा दे.हर एक फ्रेम कमाल का लगा मुझे.’

इंटरव्यू के दौरान रुपाली ने धुरंधर के सॉन्ग शरारत के बारे में भी बात की. एक्ट्रेस ने कहा कि उन्होंने इस सॉन्ग को एडिटिंग के दौरान ही देख लिया था. लेकिन,उन्हें उम्मीद नहीं थी कि ये गाना इतना बड़ा हिट साबित होगा. रुपाली ने कहा कि वैसे इस गाने को पहले जिसने भी सुना था सबने एक ही बात कही थी कि ये सुपर डुपर हिट होने वाला है.

NATIONAL : डमी ड्राइवर, फर्जी हलफनामा… लैंबॉर्गिनी वाले रइसजादे की करतूत छुपाने की पूरी साजिश डिकोड

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कानपुर के लैंबॉर्गिनी हादसे मामले में पुलिस ने आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है. उसकी गिरफ्तारी गुरुवार की सुबह हुई है. जिसके बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत मांगी.

कानपुर के चर्चित लैंबॉर्गिनी हादसे मामले में पुलिस ने आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने कोर्ट को अवगत कराया कि 8 तारीख को घटना घटित होने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया. इसके अगले दिन, 9 तारीख को एक डमी ड्राइवर को वाहन चालक बताकर फर्जी हलफनामा तैयार किया गया. जिसे बाद में कोर्ट में भी दाखिल कर दिया गया.

पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि घटना के समय गाड़ी शिवम ही चला रहा था. इसके बाद पुलिस टीम नोटिस की तामील कराने उसके पास पहुंची और उसे जांच में शामिल होने के निर्देश दिए गए. लेकिन इसके बावजूद वह खुद को कानून से बचाने के लिए छिपता रहा और तरह-तरह के बहाने बनाता रहा.उसकी गिरफ्तारी 35 बीएनएस का पालन न करने पर हुई है. वहीं आरोपी की देर से गिरफ्तारी को लेकर भी पुलिस का बयान आया है. पुलिस के मुताबिक मामले में लगी धाराएं 7 साल से कम सजा की होने के कारण अभियुक्त को तत्काल गिरफ्तार नहीं किया गया. बल्कि नोटिस तामील कराने के लिए पुलिस टीम उसके पास भेजी गई.

हालांकि, अभियुक्त द्वारा 35-बीएस के नियमों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते पुलिस के पास यह अधिकार सुरक्षित है कि वह 7 साल से कम सजा वाली धाराओं में भी अभियुक्त को गिरफ्तार कर सकती है. पुलिस ने कोर्ट से यह मांग की है कि आरोपी को 14 दिन की न्याय हिरासत में भेजा जाए. कानपुर लैंबॉर्गिनी एक्सीडेंट मामले में शिवम मिश्रा की तरफ से समझौते के लिए शपथ पत्र दाखिल किया गया था. वादी के वकील ने कहा कि गाड़ी ड्राइवर मोहन चला रहा था. जबकि पुलिस जांच में सामने आया कि गाड़ी शिवम मिश्रा ही चल रहा था.

कोर्ट में मोहन लाल का शपथ पत्र भी दिया गया था. जिसमें घटना से जुड़े तथ्यों का जिक्र है. न्यायालय ने सभी पक्षों की दलीलें और सबूतों को सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था.बता दें कि कानपुर में लैंबॉर्गिनी कार दुर्घटना मामले में जितनी चर्चा दुर्घटना की है, उससे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि गाड़ी कौन चला रहा है. क्योंकि वीडियो में शिवम मिश्रा कार से बाउंसर के साथ निकलते हुए देखा गया. साथ ही पुलिस भी कह रही है कि गाड़ी शिवम मिश्रा ही चला रहा था. लेकिन कोर्ट में शिवम मिश्रा के एडवोकेट की तरफ से दावा किया गया था कि गाड़ी ड्राइवर मोहन चल रहा था. यह दावा खुद शिवम मिश्रा के पिता केकेबमिश्रा ने भी किया था.

मोहन को सोमवार को कोर्ट में सरेंडर करना था. आज तक से बातचीत करने के दौरान डमी ड्राइवर मोहन ने बताया कि गाड़ी मैं ही चल रहा था. गाड़ी ठीक करने के लिए मैं दिल्ली से आया था. गाड़ी टेस्ट कर रहा था. बगल की सीट में शिवम मिश्रा बैठे थे. तभी वह मेरे ऊपर गिर गए. मैं कुछ समझ नहीं पाया और गाड़ी का बैलेंस खो गया.

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